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अब हमें जब भी सेक्स की इच्छा होती है, तो सही मौका देखकर सेक्स कर लेते हैं. तब तक यह सो जाता है। आप ही बताओ हम क्या करें?मैडम ने कहा- आप लोग कहाँ रहते हो?मम्मी- हम लोग पास में ही रहते हैं स्कूल के!मैडम- फिर तो इसे मैं ही पढ़ा दूंगी. मेरा प्रस्ताव है, मेरे लिए एक नया बेडरूम बना दो, खर्चा मैं दे दूंगा.

इससे बुआ की फिर से आवाज निकल गई ‘ऊईईई ऊईईई राज प्लीज़ साले धीरे चोद भोसड़ी के … मैं मर जाऊंगी …’लेकिन अब मैं कहां मानने वाला था, मैंने अपने धक्कों की रफ़्तार और बढ़ा दी. मैं यह मानता हूँ कि ये अच्छा भी है क्योंकि घर में ही सब आसानी से हो जाता है और प्रॉब्लम भी नहीं होती है. मैंने उनसे पूछा- क्या हुआ डैड?मेरे डैड बोले- बेटा मेरे एक दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है और वो हॉस्पिटल में एडमिट है.

कुछ पल लंड को चूत पर रगड़ने के बाद मैंने उसे कमर से पकड़ा और एक झटका लगा दिया. वो जैसे ही मेरे सोफे के नीचे जमे कचरे को निकालने के लिए झुकीं तो कसम से ऐसा लगा जैसे मैं आम के पेड़ पर बैठा हूँ और ताज़े रसीले आम मेरे सामने लटक रहे हैं. इसी क्रिया से वो दोनों मदहोश होकर ऐसे स्वर में अपनी कामुकता से आहा आआह की आवाजों से वातावरण को मस्त करते हैं.

गरिमा और उसके ब्वॉयफ्रेंड को एक दूसरे से मुहब्बत करते देख कर निशा तपने लगी थी. मैंने लंड चूत से निकाला और उसकी गांड के छल्ले को फैलाते हुए लंड के सुपारे को बेखौफ फंसा दिया.

आप लोग कहानियां पढ़कर मुझे बहुत मेल करते हैं, मेरी कहानियों में क्या कमी है और क्या अच्छाई है, वो सब बताते हैं.

थोड़ी नानुकुर के बाद वो घुटनों पर बैठ गई और लंड का टोपा थोड़ा सा अपने होठों में लिया.

ये कह कर मैं एक पल के लिए रुका और इस आशंका से माधुरी की आवाज सुनने की प्रतीक्षा करने लगा कि वो अब चिल्लाई तब चिल्लाई. ये सुनकर आंटी थोड़ी परेशान सी हो गईं और बोलीं- तेरे अंकल भी अब अपने ऑफिस पहुंच गए होंगे और अब शाम‌ को ही मुझे वापस लेने आ पाएंगे. अभी करीब 4 साल से बाहर रह कर मैं पढ़ाई कर रहा हूँ और घर से दूर ही रहता हूँ.

चुदाई के बाद हम दोनों अलग हो गए और एक दूसरे की ‌तरफ देख कर मुस्कराने लगे. उन्होंने अपने औजार की तरफ इशारा करते हुए कहा- इसको सुसु नहीं लण्ड कहते हैं. उसने मुझे सैनेटाइजर दिया और पूछा कि वॅक्सिनेशन हुआ है आपका?मैंने हां कहा.

मेरा लंड उसकी चूत को चीरते हुए अन्दर तक जा रहा था और मेरे लंड पर चूत का कसाव बढ़ता जा रहा था.

अब मेरा जब भी मन करता है, आंटी को या दीदी को चोद कर शांत हो जाता हूँ. वह हंसी और बोली- अब समझ गए कि दर्द कैसे होता है?मैंने अपना चेहरा उसकी गर्दन के पास किया और एक बार उसे काटा. जवान लड़कों के लिए जन्मदिन पर सबसे अच्छा तोहफा क्या दिया जा सकता है?उत्तर है: चुलबुली लड़कियाँ … जो उनकी हर कल्पना को हर लालसा को पूरा करने को आतुर हों!इस सप्ताहांत पर सविता के पड़ोसी जुड़वां लड़कों तरुण और वरुण का जन्मदिन है.

मैं- क्या भरोसा, बाद में मौका मिलता या नहीं, तो मैंने सोचा पहला मजा भरपूर वाला होना चाहिए. मेरा मन तो किया कि उसी समय कमर के साथ खेलने लग जाऊं, लेकिन अभी तो समय किसी और खेल का था. दोस्तो, आपको मेरी फर्स्ट चूत की पहली चुदाई अच्छी लगी हो मेल जरूर कीजिएगा.

बापू काकी के सर के बाल पकड़ कर उसके मुँह में लंड दबादब पेले जा रहा था.

मैं वापस गया और पेटीकोट लेकर मॉम को देने के लिए बाथरूम के बाहर रख आया. उन्होंने अपनी सलवार से ही मेरा हाथ साफ किया पर थोड़ा सा चूत का पानी हाथ पर रह गया था.

देहाती बीएफ हिंदी देहाती बीएफ रास्ते में मोबाइल की सैटिंग के बारे में वो मुझसे कुछ पूछने लगी और मैं उसे बताने लगा. तभी मैंने उसकी टांगों को और झुकाकर सैट किया और चूचियों को जकड़ कर पूरी ताकत से लंड को अन्दर पेल दिया.

देहाती बीएफ हिंदी देहाती बीएफ कहानी के पहले भागचचेरी बुआ के साथ सेक्स की शुरुआतमें अब तक आपने पढ़ा था कि बुआ मेरे लिए खाना बना रही थी और मैं टीवी देख रहा था. मैं मॉम के मुँह से अपना नाम सुनकर उनकी चूत की बहुत बुरी तरह पिटाई कर रहा था.

रवि, हॉस्टल में हम लोग जो यौन आनन्द लेते थे, तुम्हें वो याद है?मैं- जब मेरा बीवी से यौन सम्बन्ध ख़त्म हो गया था, मैं वो कल्पना करके कि तुम मेरी गांड मार रहे हो, अपनी गांड में मोटी मोमबत्ती डालकर मुठ मार लेता था.

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गांड में लंड पेलने की तैयारी और लंड पेल कर गांड कैसे मारना है, वो सब लिखा था. उन्होंने मेरी गुच्छी के बाल अपने मुंह में भर कर गीले कर दिए और फिर उन गीले बालों को हाथ से किनारे कर के मेरी गुच्छी चाटने लगे. जीजा साली आज अपनी चुदाई को रस्म पूरी करने के लिए बिल्कुल अकेले रह गए थे और एकदम निडर होकर एक दूसरे में समा जाने को आतुर भी.

बुआ कमर उठा उठा कर चुदाई का मज़ा लेने लगीं और मैं झटके पर झटके लगाने लगा. चाचाजी के साथ जैसे कमरे में घुसा तो पाया कि शबाना और भाभी जी एक केक को काटने की तैयारी कर रही थीं. अभी करीब छह महीने पहले मेरा ट्रांसफर दूर दराज एक छोटे कस्बे में हुआ था.

मैं- जी, बहुत ज्यादा, मेरी उसी फ्रेंड के साथ एक्सपीरियंस शेयर भी करता हूं.

हालांकि मुझे लगता है कि लंड के साइज़ से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है. उसकी दोनों टांगों को खोलकर बीच में लुपलुप करता गांड का छेद बर्फ के हमले का शिकार होने लगा. तभी अचानक से मुझे पीछे एक आवाज सुनाई दी- मामा जी, आपने तो बहुत देर कर दी, मैं यहां खड़ी खड़ी एकदम थक गई हूं.

इससे पहले कि मैं कुछ कहती, सलीम बीच में ही बोल पड़े- हां सलमा बेगम, आज तुम्हारे हाथों के जाम ही पिएंगे और तुम्हारे शौहर बनकर तुम्हारे साथ सुहागरात मनाएंगे. मैंने भी मुस्कुराते हुए कहा- लो, मैंने तो आपका नाम भी नहीं पूछा था. उस समय अन्दर से मेरी पूरी फ़ट रही थी मगर खोपड़ी पर सेक्स का भूत भी सवार था.

मेरी मॉम भी सारे दिन नाइट में पहनने वाली मैक्सी पहनती थीं और बहन पजामा और टी-शर्ट पहनती थी. अगले तीन चार दिन में मेरे घाव काफी भर गए लेकिन फिर भी चलने में पैर दुखते थे और हगने पर तो मानो अंदर तक जलन होने लगती थी.

मुझे कमेंट्स करके बताएं कि आपको ये Xxx स्टेप मॉम सेक्स कहानी कैसी लगी. तभी आंटी ने एकदम से मुझे उनके‌ दूध देखते हुए देखा और उन्होंने ये भी देखा कि बिना‌ ब्रा के उनके निप्पल ऊपर से ही दिख रहे हैं. भाभी चुदाई के लिए बेचैन हुआ पड़ी थी तो उन्होंने देर ना लगाते हुए मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत की दरार में रगड़ने लगी.

बुआ की गांड में लंड घुसा तो उनकी ‘ऊईई … मर गई … आंह बचाओ कोई इस राक्षस से … आंह बचाओ …’ आवाज निकल गई और वो दर्द से कराहने लगीं.

डिलीवरी के 6 महीने बाद उसने होटल में मुझसे अपनी कुंवारी गांड मरवाई. तभी शेखर बोला- शबनम, तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या?मैं बोली- नहीं तो. हम दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूसने लगे और मेरा हाथ चाची की चूत में था और चाची के हाथों में मेरा लंड खेल रहा था.

वो- ये तम्बू लिए घूम रहे हो और बोल रहे हो सब ठीक है?मुझे थोड़ा अजीब लगा और मैं अपना लंड छुपा कर एडजस्ट करने लगा मगर वो फिर भी तिरछी नजरों से देखे जा रही थी. मैं आज उसे छोड़ना नहीं चाहता था क्योंकि उसका मूड कभी भी बदल सकता था और वो चली जा सकती थी.

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मुझे लगा की शायद वो मुझसे कुछ पूछने आयी हो कि तुम अब हर रोज मुझे घूरने क्यों लगे हो?मैंने झट से अपने सर को नीचे किया और यूं ही टहलने का ड्रामा करने लगा.

मैंने पूछा- ये सब तुमने कहां से सीखा?उसने कहा- ब्लूफिल्म देख देख कर सीख गई हूँ. कुछ दस मिनट तक शॉट मारने के बाद मैं झड़ने को हो गया और लंड बुर से निकाल कर उसके पेट के ऊपर ही अपना वीर्य गिरा दिया. मैं अपनी मौसी के घर आई थी और मौसी गोबर के लिए आई, तो मैं भी उनके साथ आ गई.

उसका हाथ मेरे हाथ से लगा भर ही था, उतने में ही मेरा लंड एक बार फिर से सुधा को सलामी देने लगा. मैंने उसके हाथों को अपने हाथों में लिए और उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर जोर से उसकी बुर में अपने लंड के धक्के मारना शुरू कर दिए. बंगाली भाभी का सेक्सी वीडियोये सब देखकर मीनू बहुत खुश हो रही थी क्योंकि वो अपनी ननद को लंड चूसना सिखा चुकी थी.

मुझे कुछ गन्दा सा लग रहा था फिर भी वासना में मैं शेखर के लंड को चूसने लगी. उसने मेरी गर्दन पर चूमा और फिर मेरे गले से नीचे होते हुए मेरी चूचियों के बीच में खाली जगह पर चूम लिया.

मैंने पूछा- ये चुदाई क्या होती है?हिजड़ा हँसते हुए एक आँख दबा कर बोला- वही जो तुम्हारे अब्बू ने तुम्हारी अम्मी की थी जिससे तुम पैदा हुई. ऐसे ही एक दिन हम दोनों शाम को साथ बैठकर शराब पी रहे थे और बात चल पड़ी सेक्स की. वैसे तो मैंने चुदाई की शुरूआत उससे भी पहले कर दी थी और मेरी पहली चुदाई मेरे रिश्ते में ही हुई थी.

तुम्हारी लेगिंग्स में से तुम्हारी जांघें और उसमें कमर से फंसी हुई पैंटी का आकार ऊपर से देख कर ऐसा लगा कि बस तुम्हें वहीं पटक कर चोद दूँ. जिससे मुझे अपनी चूत का भोसड़ा बनवाना है, वो तो साला बस मुझे देख कर ही मुठ मार लेता है. चाची गिरने से बचने के लिए मुझे पकड़ने लगीं और उनका हाथ एकदम से मेरे मोटे लंबे टाईट खड़े लंड पर आ लगा.

मैंने अपने एक दोस्त से मम्मी की बात भी करवा दी ताकि उनको पूरा भरोसा हो जाए.

मैं चीख उठी- उई मम्मी … मर गई! आह मंजू … मुझे बचा लो इस दानव से!मगर मंजू अपने मुँह से मेरी चूची चूसे जा रही थी. बाद में कुमकुम मेरे दोस्तों के सामने टेबल पर बैठ गई और बोलने लगी कि निकालो अपना हथियार और पेल दो मुझे.

अब जीजू ने अपने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू किया तो मुझे नहीं मजा आने लगा. उसके बड़े-बड़े चूचे यार … इतने बड़े चूचे तो मैंने अपनी जिंदगी में किसी के नहीं देखे होंगे. हम लोग जब भी गर्मी की छुट्टियों में गांव जाते थे, तब मेरा रचना से मिलना होता ही था और हम दोस्तों की तरह रहते थे.

उनको देखते ही मेरे दिमाग में दो दिन पुरानी यादें ताजा हो गईं जब उन्होंने मुझे बुरी तरह रगड़ रगड़ कर चोदा था और मेरे भीतर छुपे जिन्न को मार डाला था. मैंने उससे कहा- जान अपनी पत्नी की चूत नहीं पियोगे?इतना सुनते ही उसने मेरे पैर ऊपर उठा कर चौड़ा दिए और मेरी चूत पीने लगा. वो बोली- तुम्हें बात क्या करनी थी?मैं- कुछ ख़ास नहीं, बस तुम्हारी याद आ रही थी.

देहाती बीएफ हिंदी देहाती बीएफ दोस्तो, मैं प्रियंका परिहार आप सभी का फ्री सेक्स स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत करती हूँ. डिंपी- अरे तुम तो अलग ही दुनिया में रहते हो और तुम्हारी तो पहले ही गर्लफ्रेंड है, फिर क्या फायदा?मैं- फायदा देना मेरा काम है, आप तो बस फायदा लो.

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मैंने भाभी की फुद्दी के होंठों को खोला और अपनी जीभ को चूत के अन्दर डाल दिया. अब दीदी ब्रा में खड़ी थी और उनकी ब्रा पिंक कलर की थी और दीदी के जिस्म के कलर से ऐसे मैच कर रही थी कि ऐसा लगता था मानो कुछ पहना ही ना हो. बीवी ने भी साथ दिया, पर बीवी को गांड में लंड लेने से बहुत दर्द हुआ, बीवी को बवासीर नहीं है.

लग जा काम पर!अब मेरे सामने दिक्कत ये थी कि बात करूं तो कैसे करूं?उतने में खबर आई कि शाम को हार्दिक की गर्लफ्रेंड की बड़ी दीदी की शादी थी. उसने आंखों की पुतलियां हिला कर हामी भरी और उसी समय मैंने अपने लंड को छूट दे दी. भोजपुरी सॉन्ग सेक्सीदूसरे घूँट की दारू को मैंने बुआ के मुँह से मुँह लगा कर उन्हें पिला दी.

वाह क्या मजा था, चाची के गुलाबी होंठों की छुअन से मेरे अन्दर करंट दौड़ने लगा था.

तो मैडम ने मम्मी की कमर में हाथ डाला और उन्हें अपने साथ मेरे सामने वाली बेंच पर बैठा दिया।क्यूंकि बेंच एक ही जने के लिए थी और मैडम के मोटे होने के कारण मम्मी आधी मैडम की गोद में थी।अब मैडम का एक हाथ मम्मी की कमर में था और वे मम्मी से बातें कर रही थी।तब मैडम ने उनका एक हाथ मम्मी साड़ी में डाल दिया और उनकी पेट पर फिराने लगी. तो मैंने देसी गर्लफ्रेंड की चूत पे थूका और लन्ड को चूत के छेद पर फिट करके अचानक एक झटका मारा.

उसके बाद से ये सेक्स विद ब्यूटीफुल गर्लफ्रेंड का सफर शुरू होकर 2018 तक चला, जिसमें कोई आसन, कोई जगह घर में नहीं रही, जहां हमने सेक्स ना किया हो. थोड़ी देर में एक मोटी सी उंगली घुसी, ऐसा लगा कि ये वाली रोहित की थी. मैं अपनी किस्मत को दोष देने लगा और वहीं बैठे बैठे मैं अपना टिफ़िन खोल कर खाने लगा.

मैंने पूछा- इतना रंगीन आदमी है कौन?वो बोला- तेरी कमसिन गांड की पूरी दुनिया दीवानी है, यह भी उनमें से कुछ दोस्त हैं.

अपनी मम्मी की चूची चूसते चूसते मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में धकेला तो धीरे धीरे पूरा लंड मम्मी की चूत में समा गया. अब चूँकि आंटी को मालूम चल गया था कि मेरी वापसी का समय शाम का हो गया है तो आंटी मेरी सीट बुक करके रखती थीं. मेरी गांड एकदम सीलपैक है, मुझे बहुत दर्द होगा प्लीज़ धीरे धीरे करना.

मायजिओ को चोदाअब मैंने माधुरी के गले को चूमना शुरू किया और ऐसे करते करते मैं उसकी कान की लौ को चूमता, दांतों से चबा कर खींच लेता. इससे पहले आप सभी ने मेरी कहानीचलती बस में भाभी के साथ सेक्स का मजाको जरूर पढ़ा होगा, जिसमें मैंने बताया था कि कैसे गांव की एक गोरी माल भाभी को मैंने बस में गर्म करके उसका पानी निकाला और उसने भी अपने मुलायम हाथों से मेरे लंड को सहला कर मेरा पानी अपने चिकने शरीर पर निकाला था.

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मैं- अगर तुम्हारी मर्जी हो तो आगे चलें?उसने मेरे चेहरे को नजर भरके देखा और मेरी आंखों में एकटक देखती रही. ऐसा हुआ कि मेरी जिंदगी में एक नया मर्द आया और हम दोनों ने चुदाई का भरपूर आनन्द लिया. कुछ समय बाद उसका कंपकपाना बंद हो गया और मैं मजे से चूत को उंगली से चोदने लगा.

मेरी नाक की नोक जैसे ही माधुरी की गीली पैंटी पर आई, उसके मुँह से ‘आहा मर गई …’ की मादक सिसकारी निकली. थोड़ी देर बाद वो बेलन का हैंडल उनकी चूत के अन्दर चला गया और उसी के साथ मां की सांसें तेज हो गईं. ज्यादातर लोगों की निगाहें मेरी उठी हुई गांड और तने हुए मम्मों पर ही टिकी रहती हैं.

फिर उसने मेरे सपाट पेट पर हाथ फिराया और उसका हाथ मेरी पैन्ट पर पहुंच गया. यह मेरी पहली Xxx वर्जिन मेड सेक्स कहानी है, इसमें इसके पात्रों के नाम बदले हुए हैं बाकी सब सच है. बिना समय गंवाए मैंने शबाना की दोनों टांगों को फैलाया और होंठ चूत पर रखकर चाटने लगा.

मेरे हर थप्पड़ पर मोहित के मुँह से चीख निकल रही थी क्यूंकि मैं थप्पड़ बहुत जोर जोर से मार रही थी. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैंने उनकी पैंटी खींची तो चूत जंगल में फंसी थी.

वो भी मेरे मुँह में जीभ डालकर अपनी चूत से निकले रस का स्वाद लेने लगीं.

ज्यादातर लोगों की निगाहें मेरी उठी हुई गांड और तने हुए मम्मों पर ही टिकी रहती हैं. साड़ी वाली आंटी की चुदाईमैं नीचे से साक्षी की गांड में अपना फंसा हुआ लंड ढीला होता देख रहा था. लेडिस कुर्ते की डिजाइनकुछ देर बाद मैंने लंड को गांड से बाहर निकाल लिया और चाची को बेड पर ही कुतिया बना कर उनके पीछे से लंड गांड में डाल दिया. मेरा बदन बिस्तर पर उछलने लगा, मेरे निम्बू कड़क होकर तम्बू की तरह आसमान की तरफ तन गए और मेरी गुच्छी किसी कटी मुर्गी की तरह फड़फड़ाने लगी.

एक दिन मेरी यह तमन्ना कैसे पूरी हुई?नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अमित है और मेरी उम्र 21 साल की है.

मैंने अपने भैया के शर्मीले स्वभाव को समझते हुए उससे लिपकिस के लिए कहा था. मेरी निगाह पड़ी तो मैंने देखा कि उसने अपनी साड़ी को घुटनों तक उठा लिया है और बैठकर पौंछा लगा रही है. ऐसे ही माधुरी और मेरे चूमा चाटी का सिलसिला करीब दस मिनट तक चलता रहा.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि आयेशा अमन के साथ हंसती हुई आ रही थी. तापोश- मुझे मालूम है तुम्हारे गेस्ट हाउस में तुम्हारे शिक्षक आकर रहते हैं. जाते वक़्त भी मेरी नजरें उसके बदन पर ही थीं क्योंकि आज पहली बार मैंने उसे साड़ी में देखा था.

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उसने बैग को खोला तो वो उसके अन्दर देख कर अचम्भित हो गयी क्योंकि मैं उसमें बियर और वोडका की बोतल लाया था. भैया का लंड अब कड़क होने लगा था और मुझे मेरी जांघों और बुर के आसपास महसूस होने लगा था. आपको?भाभी बोली- धीरे कर … दर्द हो रहा है साले!मैंने भाभी की चूत में उंगली करनी शुरू कर दी इससे भाभी को मजा आने लगा और वे दर्द भूल गयी.

चूंकि सलीम का लंड पतला था, जो आसानी से मेरे छेद के अन्दर प्रवेश कर गया.

मैंने सोचा था कि घर जाने के बाद दोस्तों के साथ घूमने जाऊंगा लेकिन हुआ उल्टा, मैं लॉकडाउन के कारण घर में ही फंस कर रह गया.

ये सोचते ही मेरे लंड महाराज अब नेकर फाड़ कर कुछ और फाड़ने को बेताब हो रहे थे. लड़कियां भी पूरे मज़े लेने के मूड में थी इसलिए कोई भी विरोध नहीं कर रही थी. नंगा पिक्चरअब मैंने उसकी 32 की कमर पकड़ के ज़ोर से लंड अन्दर बाहर किया, उसकी चीख़ की तीव्रता अब बढ़ गयी थी.

फचाक फचाक करके ना जाने कितनी पिचकारियां उसके लंड से निकलीं और मेरी चूत को उसने वीर्य का तालाब बना दिया. मैंने अपना हाथ वापस उसके मम्मों पर ले गया और इस बार मैंने अपना हाथ सीधे उसके ब्लाउज के अन्दर डाल दिया. मैं उसके पास गया और उससे बोला- क्या मैं आपकी कुछ मदद करूं?उसने हां कहा और इस तरह से मेरी उससे बात शुरू हुई.

फिर वो हिसाब समझाने लगी तो मैंने वो कोल्ड ड्रिंक वाला गिलास उसको पकड़ा दिया. जैसे ही वो मुझे रंग लगाने के लिए मेरे पास आया तो उसकी खुशबू से मैं उसकी तरफ आकर्षित हो गयी.

जब भी चाची नीचे खाना बना रही होतीं, तो मैं ऊपर जाता और उनकी पैंटी और ब्रा उठाकर बाथरूम में आ जाता था और लंड से लगाकर मुठ मार लेता था और मजा ले लेता.

मैंने उनसे पूछा- तो क्या फिर आप सेक्स भी नहीं करती?उन्होंने मुझे बताया- हां … 6 महीने में एक या दो बार ये आते हैं, तभी हो पाता है. एक ही पल में पेटिकोट नीचे गिर गया और अंजलि की गोरी गोरी मुलायम टांगों को नंगी कर दिया।अब अंजलि सिर्फ औऱ सिर्फ ब्लैक कलर की पेंटी में रह गई।मेरा हाथ अंजलि की पैंटी के ऊपर गया तो मुझे कुछ गीलापन सा लगा. क्योंकि चुदाई के नशे में मैं तो ये भूल ही गया था कि बीवी की भतीजी भी घर में है और हम कमरे का दरवाजा बंद किए बिना ही चोदा चोदी में मस्त हो गए थे.

प्रियंका चोपड़ा xxx वीडियो तो वो मेरे लिए भैया का लोअर तथा टी-शर्ट ले आयीं और मुझे देती हुई बोलीं- इन्हीं कपड़ों में भीगेगा क्या? चल, कपड़े बदल ले. आपको?भाभी बोली- धीरे कर … दर्द हो रहा है साले!मैंने भाभी की चूत में उंगली करनी शुरू कर दी इससे भाभी को मजा आने लगा और वे दर्द भूल गयी.

अचानक से उसे याद आया कि शहर से उसके दोस्त कमलेश और प्रमोद आए हैं, जिनकी इच्छा गांव घूमने की थी. तब उनके दोस्त जिनका नाम हारून था, उसने मेरी तरफ देख कर हंसते हुए कहा- भाभी जी, अगर आपको ऐतराज न हो, तो आज हम आपके हाथ का बना पैग ही लगांएगे. तू जा, मैं कपड़े बदलकर बाहर ही रख दूंगी और तेरे कमरे‌ में बैठी हूं.

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मैंने मन में सोचा कि ये जब इतना खुल कर बता रही है तो शायद यही सही मौका है, जिससे इसे पाया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने आवाज नहीं निकाली और मैं चूत में उंगली डाल कर अन्दर बाहर करता रहा. झगड़े की बात की खबर उसके पति को लग गयी थी और उस गांव वाले लड़के ने माधुरी को थप्पड़ मारा था.

‘आहहह …’मेरा पानी भी एक पिचकारी मारते हुए लंड उसकी चूत में झड़ने लगा. चाची किसी रंडी की तरह आह आह करके हंस हंस कर अपने भतीजे से अपनी गांड चुदाई का मज़ा ले रही थीं.

करीब पन्द्रह मिनट की चुदाई में मेरी चूत से काम रस निकलने लगा लेकिन उसका लंड उसी तरह खड़ा था.

तो मैंने उन्हें रोका और कहा- जाने से पहले एक बार तो चोद लो सर! आपसे बहुत समय बाद मिली हूं अपनी छात्रा की बर्थडे इच्छा तो पूरी कर दो।सर मान गए और फिर जाने से पहले राजेश सर और अनमोल ने वापस एक बार मेरी चुदाई की।और सर ने मुझे वापस ट्यूशन आने की बात कही।फिर वो दोनों चले गए।अब मैं, आसिफ़, असलम और अक्षय बचे हुए थे. अचानक से उसका हाथ मेरे लंड से टकरा गया और उसने हाथ बाहर निकाल लिया क्योंकि मैंने चड्डी नहीं पहनी हुई थी. मैंने चाची की एक नहीं सुनी और अपना पूरा का पूरा लंड उनकी चूत के अन्दर तक डाल दिया.

लेकिन तू चिंता मत कर, कुछ दिन में तेरी चूत ठीक हो जाएगी और तेरे शौहर को पता भी नहीं चलेगा कि तू चुदी चुदाई है. मैंने अपने दोनों हाथों से पहले माधुरी की बड़ी गांड को सहलाया, फिर उसकी चूत को किस करके गांड पर एक थप्पड़ मारा. फिर सीधा मैं शाम को ऑफिस में रिपोर्टिंग करने जैसे ऑफिस के बाहर अपनी बाइक से उतरा.

फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया जिससे उसके छोटे छोटे बूब्स बाहर आ गए.

देहाती बीएफ हिंदी देहाती बीएफ: मैं भी भैया के मुँह में अपने हाथ से अपनी चूची पकड़ पकड़ कर दे रही थी. मैंने मॉम की चूत से अपनी दोनों उंगलियां निकालीं और देखा कि मेरी दोनों उंगलियां मॉम की चूत के पानी से पूरी तरह गीली हो चुकी थीं.

मैं भी उसकी ये बात सुन कर अब हर रोज आते ही कोई न कोई बहाना करके ऑफिस के बाहर जानबूझ कर घूमता रहता था. रानी भी मस्ती से ‘आआ … उम्म्म्म … और चोद साले … आह जल्दी करो …’ की आवाज़ कर रही थी. मैंने अपने होंठों को उसके होंठों पर जमा दिया और अब मैं कोमल की गर्म सांसों को अपनी सांसों से महसूस कर पा रहा था.

अब उन दोनों ने मुझे कमरे में ले जाकर बेड के किनारे से कुतिया बनने का कहा.

थोड़ी देर बाद मैंने दो उंगलियां डाल दीं और उंगली को आगे पीछे करते हुए चूत को चोदना चालू कर दिया. फिर जिनेलिया ने मुझसे पूछा- रईस, आप सिर्फ देखते ही हो या ऐसा कुछ किया भी है?मैंने कहा- अपनी जीएफ के साथ कुछ बार किया है. मेरी नुकीली जीभ कोमल की मादक चूत की जितनी गहराई तक जा सकती थी, मैं उतने अन्दर तक जीभ को पेल रहा था.