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कि कराहट से मेरा मुँह खुल गया है…तभी राजा मेरे ऊपर आया और मेरे होंठो को उसने अपने मुँह में भर लिया, काटने-खसोटने लगा…तभी पहलवान झड़ने लगा और उसने सारा रास मेरी गाण्ड में ही छोड़ दिया…उसका लण्ड छोटा होकर मेरी गाण्ड से बाहर आ गया. बीएफ में सेक्सी चाहिएथोड़ी देर में उनका शरीर ऐंठने लगा और मुझको भी लगा कि मेरा माल निकलने वाला है, मैंने अपना लंड उनकी चूत से जैसे ही निकाला, उनकी पिचकारी छूट गई, वो झड़ चुकी थी, मैंने अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया, फिर दो तीन झटकों के बाद मेरा सारा माल उनके मुँह में निकल गया.

मेरी चूत उसके गरम गरम पानी से भीग गई और मेरा आनंद दो गुना हो गया था और मैं सोच रही थी की ये पाँच दस धक्के और मार दे तो मैं भी झड़ जाऊँ. सेक्स ब्लू बीएफ हिंदी मेंवे मेरा सर पकड कर अपनी चूचियों में गाड़ने लगी और अह्ह्ह ओह्ह्ह उईईई सीईईईए की आवाजें निकालने लगी.

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क्या तो… तू भी… ऐसे ही…?”हाँ पापा… मेरे मन में भी तो इच्छा होती है ना!”देखो तुम भी दुखी, मैं भी दुखी…” मैंने उसके मन की बात समझ ली… उसे भी चुदाई चाहिये थी… पर किससे चुदाती… बदनाम हो जाती… कहीं???… कहीं इसे मुझसे चुदना तो नहीं है… नहीं… नहीं… मैं तो इसका बाप की तरह हूँ… छी:… पर मन के किसी कोने में एक हूक उठ रही थी कि इसे चुदना ही है.मैं और उछल उछल कर अपनी चूत में उसका लण्ड घुसवाने लगी… फिर मेरा लावा छुट गया और मैं बेहाल होकर उसके सामने लेटी रही.

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मैंने अपने बाएँ हाथ की तरफ उसे लिटा लिया और उसके गाउन की डोरी खोल कर उसके गुम्बदों को बाहर निकाल लिया. औरत के बीएफ पिक्चर मैं अकेली ही सोती हूँ।’‘प्लीज़! थोड़ी देर बैठो तो सही!’मैंने कुछ नहीं कहा और सोफे पर बैठ गई।वो जल्दी से कोल्डड्रिंक ले आया और मुझे देते हुए बोला- यह कोल्डड्रिंक ही पी लो फिर चली जाना।मैंने वो ड्रिंक ले लिया। वो मेरे पास बैठ गया और हम इधर उधर की बातें करने लगे।बातों ही बातों में वो मेरी तारीफ करने लगा।वो बोला- कोमल.

मेरी समझ में भी आ गया कि हवस की आग हमेशा आँखें और दिमाग खुले रख आस-पास का मुआयना करने के बाद ही शान्त करने में अकलमन्दी होती है.

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अन्दर घुसते ही दीपाली के मुँह से- आह ! मार डाला ! आवाज आई।लेकिन मुझे पता था यह तो होगा ही ! इसलिए मैंने अपनी स्पीड कायम रखी. मैंने आयशा के रूम का दरवाजा बजाया, आयशा ने उठकर दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि वो नाईटी में है, मैं अंदर घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया क्योंकि आयशा को देखने के बाद अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा था. औरऽऽ और ऽऽ जैसी आवाजें निकाल रही थी। मैंने और जोर लगाया और पूरा लंड अन्दर डाल दिया, वो चीखी लेकिन उन्होंने मुझे नहीं रोका। मैंने अब अंदर-बाहर, अंदर-बाहर करना शुरू किया।मैंने उन्हें 20-25 मिनट चोदा, मेरा वीर्य निकल आया और भाभी का भी.

मोना से दुगने आकार के स्तन थे उनके! वो मुँह से आहा आहा उऽऽहू की आवाजें निकाल रही थी. ?पर पर क्या ? उसने कहा- अगर कोई परेशानी है तो बाकी भी उतार देती हूँ।यह बोलते ही उसने अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी। क्या चूची थी उसकी. उसकी थकान दूर करने के लिए पुरुष उसके हाथ, कंधे, बाजू, सिर इत्यादि दबाने के बहाने उसको छू सकता है। इससे शुरू-शुरू की झिझक तोड़ने में सहायता मिलेगी और लड़की को साहस भी मिलेगा। इन दो बातों को ध्यान में रखते हुए कुछ इस तरह से बातचीत शुरू की जा सकती है :-मानो लड़की का नाम मीना है,वाह मीना ! मैं बहुत खुशनसीब हूँ …….

वो कहने लगी- आज मेरे शरीर के तीनों गड्ढे भर दो !इतना कहकर वो नीचे झुकी और मेरे लंड को चूसने लगी………. मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है?तो बोली- भैया, अब दर्द कम है!मैंने कहा- फिर मारूँ तेरी चूत तेजी से?तो बोली- पहले मुझ पर रहम नहीं किया! अब पूछ रहे हो?तो मैंने कहा- अच्छा, अब तुझे कोई दर्द नहीं है गश्ती साली?तो बोली- नहीं भैया! और अब बातें मत करो और चोदो अपनी रांड बहन को! ठोको आज अपनी बहन की चूत!मैंने झटकों की रफ़्तार तेज कर दी और अपनी बहन की चूत बजाने लगा. उनकी सिसकियाँ अब तेज़ होती जा रही थी!! उनकी आआआ आआआह्ह ह्ह्ह आआआ अह्ह्ह सुनकर मुझे एक अलग सी ताक़त मिल रही थी!!मेरे हाथ उनके पूरे बदन पर चल रहे थे.

वो बिल्कुल पागल सी होती जा रही थी।मैं उसकी चूचियों को चूसता हुआ एक हाथ से चूची दबा भी रहा था और जब भी मैं उसके चेहरे को देखता तो उसकी आँखे बंद थी और बस वो आहें भर रही थी!!!!!!!!!!!!!!!!फिर जब मैंने उसके पेट को चाटते हुए उसकी सलवार का नाड़ा खोला तो उसने कोई विरोध नहीं किया. मेरा लंड बहुत शरारती था और बार बार भड़क रहा था … यह देख कर दीदी भी मुस्कुराने लगी….

‘हाय मनु जी… स्स्स्स… हाय अब करो न… प्लीज़… हाय मनु… अब आ जाओ न ऊपर…!! हाय लंड दे दो… मनु… मैं तो मर गई!!’मैं भी अब गरमा चुका था… मैंने अपना लंड उसको दिया उसने अधखुली आँखों से मेरे लंड को निहारा और शर्म-हया भूलकर उसके मुहँ से अपना मुँह मिला दिया, उसके होंठ मेरे लंड के छेद को रगड़ रहे थे.

‘अरे ये तो नचुरल है, मर्द और औरत का तो मेल है… फिर तुम क्या करती हो?’‘अरे चुप रहो ना!’ वो शरमाती जा रही थी.

यह कह कर मैं वहाँ से चल दिया, दीदी भी मेरे पीछे आने लगी, शायद श्यामलाल ने दीदी की छुट्टी कर दी थी. ?मैंने जवाब में बास्केट बाल लेकर उछाली और गोल कर दिया…!!! दूर से वेदांत यह सब देख रहा था. अभी तो हमने अच्छे से बातें भी नहीं की!‘अब तो मैंने तुम्हें अपना फोन नम्बर दे दिया है, रात को जब जी चाहे फोन कर लेना.

बलवंत_सीडी: अभीक्या कर रहे होबलवंत_सीडी: फिर से बतानाबलवंत_सीडी: नम्बरबज़!!!!अनामिका : मैं जा रही हूंबलवंत_सीडी: नम्बर बता दोबज़!!!!बलवंत_सीडी: हेलोअनामिका : *************बलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंअनामिका : मैं बस नहाने जा रही हूंअनामिका : १० मिनट बाद करोबलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंबलवंत_सीडी: हेलोबज़!!!!0357. करीब 10 मिनट तक मैं आंटी की चूत को चूसता रहा, फिर आंटी बोली- हट जाओ, मैं झरने वाली हूँ. मैं उसके रस का एक एक कतरा चाट चाट कर पी गई और मुझे लगा कि जैसे किसी डिनर पार्टी के बाद मैंने कोई मिठाई खाई हो.

मैंने चाँदनी को कहा- रानी, मैंने कितनी चूत और लड़की चोदी हैं पर जो मजा तुमसे मिला है वो किसी में नहीं था.

मैं मस्ती में आगे पीछे होकर एक हाथ से बैंगन गाण्ड में अन्दर बाहर कर रही थी और दूसरे हाथ से लण्ड हिला रही थी. कि अचानक फिर वो ही सवाल मेरे कानो में गूंजने लगा…क्या तुम कभी अपनी मम्मी-डैडी से दूर हुई हो. अब मेरे सामने दिक्कत यह थी कि इसे उतारूँ कैसे!मेरे दिमाग में एक विचार आया, मैंने कैंची ली और उसकी ब्रा को काट दिया.

मैं समझ गई कि आज फिर से मेरी चूत का बाजा बजने वाला है लेकिन बाजा यह मुकेश बजाएगा, यह बात मेरे गले नहीं उतर रही थी. हम दोनों एक दूसरी की हमराज़ हैं मुझे सब पता रहता है कि आजकल उसका कितने लड़कों से चक्कर है किस किस से चुदवाती है और उसको मेरा सब कुछ पता रहता है. बहुत खूबसूरत बन कर आई हो साली साहिबा?”हाँ, जब जीजा का दिल आ गया है तो मेरा भी कुछ फ़र्ज़ है!”यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं.

मैंने तो एक बार नजरें घुमा ली थी पर फिर उन्हें यह सब करते देखने इच्छा मन में बलवती हो उठी थी.

गया…क्या?’दीपू ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया और मुझे चोद रहे राजू के कान में आ कर कुछ बोला और कूपे से बाहर निकल गया. फिर जैसे जैसे नग्नता मेरे लिए आम हुई तो मुझे मर्द और औरत के तालुक़ात के बारे में मुकमिल आगाही होने लगी। मर्द का लंड पहली बार जब देखा तो यक़ीन करें कि मेरे जिस्म के बाल खड़े हो गये और मेरा जिस्म एक दम गर्म हो गया। सांसें जैसे धुंआ छोड़ने लगीं और धड़कनें बेक़ाबू होने लगीं.

औरत के बीएफ पिक्चर फिर रीटा अपना स्कूल बैच को बहादुर के हाथ थमा कर चूच्चे को आगे बढ़ाती हुई बोली- जरा यह भी लगा दो. कोई है जो इनके हुस्न को अपने सीने से लगा कर और इनका मद भरा रस अपने गर्म होंठों से लगा कर पीना चाहता हो.

औरत के बीएफ पिक्चर उसका गोरा बदन गुलाबी तौलिये से ढका हुआ था… उस तौलिये से उसकी चूची की गोलाइयाँ साफ़ नज़र आ रही थी…. पहले तो मैं नीचे दबी हुई इसका आनन्द उठाने लगी फिर खूब दब चुकी तो देखा कि उसका वीर्य निकल चुका था.

हम दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए गहरी साँस लेते हुए लेटे हुए थे। उसका नरम और गदराया बदन मेरी बांहों में था। मैं उसे हल्के-हल्के चूम भी रहा था। उसके सख्त उरोज मेरे सीने में दबे हुए थे।मेरी बीवी को इस तरह सीने से लगाने पर उसकी चूचियाँ मेरे सीने में दब कर चपटी हो जाती है.

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मैं एक दोस्त से विश्वासघात करने का दोषी था…कुछ साल बाद एक अच्छा रिश्ता देखके कशिश के घरवालों ने उसकी शादी कर दी…उसके पति का तबादला हो के वो लोग अब हमारे शहर में ही रह रहे हैं. खाना डायनिंग टेबल पर लगाने के बाद मैं बेटे को उठाने गई… उसका चेहरा लाल हो रहा था… उसकी आँखें भी सूजी हुई थी… घबरा कर मैंने उसको उठाया और देवर को बताया. 20 मिनट तक गाण्ड मारने के बाद मैं रुका और मैंने ज्योति को सीधा कर दिया और उसके बाद हम काफी देर तक बिस्तर पर लेटे रहे.

जो नंबर उसने दिए थे मैंने उन लड़कियों को भी फ़ोन किया और उनको भी सेक्स का मजा दिया. ”मैंने उसे नंगी ही लिपटा लिया…कोमल बेटी… शुक्रिया… तूने मेरे मन को समझा… मेरी आग बुझा दी. फिर मैंने धीरे से उसकी पेंटी उतार दी और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपना मुँह रखा वो सिसकारियाँ लेने लगी और रुकने के लिए बोलने लगी.

मैंने मैसेज पढ़ा… लिखा था,”मुझे माफ़ कर दो ! आज मैंने पूरा दिन तुमसे बात नहीं की… मैंने जानबूझ कर ऐसा किया, मैं तुम्हें तुम्हारे जन्मदिन पर एक तोहफा देना चाहता था.

”सच…तो पहले क्यों नहीं बताया…”शरम और धरम के मारे… आज तो बस सब कुछ अपने आप ही हो गया और मैं आपसे चुद बैठी. फिर आयशा और ज्योति दोनों ही कमरे से चले गए और करीब 8 बजे आयशा स्कूल के लिए निकल गई और ज्योति अपने कमरे में थी. फिर दोनों ने बीयर पी, पहली बार पीने से मुझे नशा हो गया, मैं बेशर्म बन गई और खुद ही अपनी ब्रा पेंटी उतार दी.

मेरी ऊँगली गीली थी …अरी मधु बचपन में तो यह गीली नहीं हुआ करती …सुनील अब हम बच्चे नहीं रहे … उसने कहा. मैंने कहा- आज मेरी प्यारी बहना औरत बन गई है! आज से तू मेरी रंडी है, मेरा जब दिल करेगा, मैं तुझे चोदूँगा मेरी रांड! आःह्ह! क्या मजा आ राहा है बहन को चोद कर!मुझे नहीं पता कि मैं क्या-क्या बोल रहा था, पर मैंने झटकों की रफ्तार थोड़ी कम कर दी. बीच बीच में मैं उसके होंठ अपने चूचों और अपने गालों पर महसूस करती…बीच बीच में वो मुझे प्रेम भरे चुम्बन देता… धीरे धीरे उसके धक्के तेज़ होने लगे … चूत में मुझे खिंचाव महसूस होने लगा… खुद ब खुद मैं उसके धक्कों से ताल से ताल मिला कर… उसका ज्यादा से ज्यादा लण्ड अपने भीतर लेने की कोशिश करने लगी… मेरी कोमल काया, उसके पसीने से भरे बलिष्ठ शरीर के नीचे दबी हुई कसमसा रही थी.

फिर मैंने उसको उसकी कमर से खींचा अपनी तरफ! वो मेरी आँखों में झांकने लगी और मैं उसके आँखों में. तो वो बोली- वो तो ठीक है! पर मेरी चूची आप क्यूँ चुसोगे? वो तो छोटे बच्चे चूसते हैं और मैं आपका ये ‘लंड’ क्यूँ चूसूंगी?तो मैं बोला- करके तो देखो कितना मजा आता है.

तब चित्रा ने स्थिति को संभालते हुए कहा- मैंने कहा था! हम आगे से ऐसा कुछ दोबारा नहीं करेंगे. रेशम सी मुलायम चूत तन्दूर सी गरम और दहक रही थी और पहली चुदाई के पानी से अभी भी पच्च पच्च गीली थी. क्या हुआ ?मेरा तो निकालने वाला है ?मुझे तो अभी समय लगेगा !कितना ?अभी तो ५-६ मिनट लगेंगे क्यों ?मैं भी तुम्हारे साथ ही झडना चाहती हूँक्या तुम्हारा पति नहीं है घर पर ?वो हुआ ना हुआ एक बराबर है !वो कैसे ?साले का उठता ही नहीं ?फिर तुम कैसे काम चलाती हो ?तुम्हारे जैसे चिकने लौंडों को याद करके काम चला लेती हूँ अईई ….

‘ रोहित… मत मार मुझे… बहन चोद… कुत्ते… अपनी माँ को मारना घर जा कर उसकी गांड की छिताई करना मैं गलियाँदेती हुई घोड़ी बन गई। उसने मेरे चूतड की दोनों फांकों को चीरते हुए… अपने लंड की सुपारी गांड के छेद में टिका दी…‘ले कुतिया… अब तेरी गांड की माँ चोद दूंगा.

तभी मुझे माँ ने कहा- तेरी दीदी पेट से है और अब उसकी तारीख भी नज़दीक आती जा रही है, उधर समधन जी की घुटनों की तकलीफ बढ़ रही है, बेचारी अकेली क्या-क्या करेगी, तू ऐसा कर कि जितने दिन फ्री है, दीदी के घर चली जा!मैं पहले भी कभी-कभी वहाँ रुक लेती थी लेकिन अब मैं उस स्टेज में थी जहाँ अब मुझे जाना थोड़ा अजीब सा लगता था. ?उसने कहा- खेल कपड़ों अदला बदली का है।मैंने कहा- इसमें ऐसी क्या बात है? ठीक है, मैं तैयार हूँ।वो मुझे अपनी मम्मी के कमरे में ले गया। वहाँ मैंने अपने कपड़े उतरने शुरू किये. कॉलेज में ज्यादातर लड़कियाँ अपनी स्कूटर या कार से आती जाती थीं, मैं और तीन चार अन्य लड़कियाँ ही सिटी बस से कॉलेज आती जाती थीं.

हेल्लो दोस्तो, पहले तो अन्तर्वासना को मेरी कहानी अन्तर्वासना में प्रकशित करने के लिए धन्यवाद और आप सभी दोस्तों को प्यार जिन्होंने मुझे मेल किया. तभी मैंनेजर उठा और कपड़े पहनने लगा मुझे लगा कि शायद दीदी का चुदाई कार्यक्रम खत्म हो गया.

छोटा भाई यानि देवर जी जिसे हम बॉबी कहते थे उसका काम अपनी जमीन जायदाद की देखरेख करना था. दोपहर को चार बजे नींद खुली तो मैं दैनिक क्रिया से निपट कर नहा धोकर बैठक में आ गया. थोड़ी देर में उसने मेरा पैर पकड़ कर अपने पास खींच लिया और अपने सीने पर दबा दबा कर रगड़ने लगी.

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झांक कर देखा तो मौसी सिर्फ चोली पहने हुई थी, नीचे बिलकुल नंगी टिन के संदूक के ऊपर जांघें फैलाए बैठी थी … वो बार बार एक लकड़ी के डंडे को अपनी योनि में अन्दर-बाहर कर रही थी … वो उस डण्डे को बार बार पास रखे तेल भरे डिब्बे में डुबो रही थी …मैं : मौसी, यह क्या कर रही है ?मौसी बिलकुल पसीने पसीने थी….

पिंकी- हाय मनुजी! मैं क्या करती? साली ने बाथरूम में मेरी चूचियाँ दबा दी तो मैं गर्म हो गई, आप तो समझदार हो!मैंने कहा- पिंकी जी, आपका ज्यादा समय नहीं लूँगा!और मैंने उसके हाथ पकड़ कर हथेली चूम ली, उसके होठों से सिसकारी निकल गई. कभी कभी सब घर वालों और राजू के साथ टेलीवीज़न पर पिक्चर देखते तो रीटा राजू की गोद में टैडीबियर लेकर बैठ जाती और टैडीबियर के नीचे रीटा के हाथ राजू के लण्ड को खूब सहलाती और राजू रीटा की चूत रगड़ता रहता. पकौड़े की तरह फूले फांकों के बीच दो-ढाई इंच की दरार थी जो पानी के लहरों के साथ हिलकर अजीब सा रोमांच पैदा कर रही थी। मैंने नितम्बों को पकड़कर अपनी जीभ की नोक बनाकर धीरे से उस दरार में फिराया… उसके नितम्बों में एक कम्पन सी हुई और टांगें और चौड़ी हो गई जैसे निमंत्रण दे रही हों।मैंने जीभ अंदर गुसेड़ा और भग्नासा को कुरेदने लगा… वो चूतड़ों को आगे-पीछे करने लगी.

रात ज्यादा होने के कारण मैंने अनिल को रात वहीं पर रुकने के लिए कहा तो वो मान गया और मैं और अनिल योगी के कमरे में आकर सो गए. मेरी मॉम, मेरे डैड से अलग रहती हैं… पहले हम साथ साथ रहते थे… फिर पता नहीं क्यों… मेरे मम्मी पापा अलग हो गए…तीन साल तक केस चला. सेक्स भोजपुरी बीएफ’मेरे इस तरह नाराज होने से वो लोग डर गए और मुझे मनाते हुए राजू ने कहा ‘ नहीं मैडम ऐसा नहीं है अगर आप नहीं चाहोगी तो कुछ भी नहीं करेंगे.

जब अंकल राणा मेरी गाण्ड में अपना लण्ड पेलने के लिए धक्का मारते तो सामने खड़े अंकल राठौड़ का लण्ड मेरे मुँह के अन्दर तक घुस जाता।मेरी आह आह की आवाजें कमरे में गूंजने लगी. फिर उसका कांपता हुआ हाथ मेरे मम्मे की तरफ बढ़ा और एक ऊँगली से उसने आईसक्रीम उठाई और फिर मेरे मुँह में डाल दी। मैंने उसकी ऊँगली अपने दांतों के नीचे दबा ली और अपनी जुबान से चाटने लगी।उसने खींच कर अपनी ऊँगली बाहर निकल ली तो मैंने कहा- क्यों देवर जी दर्द तो नहीं हुआ.

विपिन अपने कमरे में नाश्ता कर रहा था… और कह रहा था- भाभी, जाने कैसे कैसे सपने आते हैं… बस मजा आ जाता है!’मेरी नजरें झुक सी गई, कहीं वो सोने का बहाना तो नहीं कर रहा था. वहाँ एक नीग्रो एक गोरी लड़की के चूचे बेरहमी से खा रहा था और उसकी गाण्ड में लण्ड घुसाने की कोशिश कर रहा था. या चाकू खरबूजे पर कटता तो खरबूजा ही है ना…उसी तरह फटती तो चूत ही है ना…”मैंने उसे गाली दी.

फिर एक मिनट के बाद वो बोली- क्या हुआ रा…जा? यह तो बस शुरुआत है!अब तक मैं भी अपने होश में वापस आ चुका था. दरवाजे की कुन्डी बन्दकर देवर से बोली- तुमने अपनी माँ का दूध पिया तो करके दिखाओ?देवर बेड पर लेटा था, वो उठकर बैठ गया और मेरी तरफ़ हैरानी से देखने लगा. मेरी चूत इतनी गीली है कि किसी बुड्ढे का लण्ड भी फुफकारने लगे…”अच्छा मेरी जान ?”कह कर वो पलंग पर लेट गया…मैं उछल कर उसके ऊपर टागें खोल कर बैठने लगी। 5-6 मिनट की कोशिश के बाद उसका लण्ड धीरे से मेरी चूत में घुस गया… मेरी आँखें काम-सुख से बंद होने लगी.

बस सबसे पहले तो उसके मोटे मोटे मोमों को दबाने लगा फिर एक एक को मुँह में ले कर बारी बारी से चूसने लगा.

अमित के मन एक ज़माने से ही चाह थी क़ि काश उसे नीना की चूत मिल जाती तो उसकी जिन्दगी संवर जाती. पर यदि इसे ठीक ढंग से गर्म किया जाये तो यह 8-10 लड़कियों का मज़ा एक ही बार में दे सकती है… इसलिए मैं इसकी चूत, गाण्ड सिलने का आदेश वापिस लेता हूँ और लड़की पर छोड़ता हूँ कि वो मेरी सबसे प्यारी रखैल बनना चाहती है या गली मोहल्ले में नंगी घूमने वाली रंडी? या फिर किसी टुच्चे की रखैल बन कर अपनी जवानी बर्बाद करना चाहती है और नौकरानी बने रहना चाहती है सारी ज़िन्दगी.

15 मिनट बाद मैं झड़ गया तो दोनों लड़ने लगी कि मेरे मुँह में पानी डालो… मैंने पहले मीनाक्षी के मुँह में लंड डाल कर पानी डाला … भाभी अब भी उत्तेजित थी, बोली- रोहित यार चोदो ना …मैं बोला- पाँच मिनट रुको. एक रात शालू को चोदते समय मैंने शालू से कहा- मुझे अमिता की चूत मारनी है!तो वो नाराज हो गई और बोली- उस रण्डी की चूत क्या मेरी से ज्यादा अच्छी है?मैंने कहा- नहीं यार! चल उसे नंगी तो दिखवा दे!तो वो बोली- नहीं!मैं बोला- मैं तेरा पति नहीं हूँ, न ही हो सकता हूँ, यह तू भी जानती है. आगे की कहानी पढ़ने के लिए अन्तर्वासना3 डॉट कॉम हर रोज देखते रहें!मुझे सभी के मेल का इंतज़ार रहेगा![emailprotected][emailprotected].

हम तीनों अब बिस्तर पर आराम से अधलेटे पड़े थे, गौरी कह रही थी- अंकल, प्लीज, जब आप फ़्री हों तो आ जाया कीजिये… हम दोनों आपका इन्तज़ार करेंगी. और आज मैंने सोच लिया था कि आज में बाल खोल कर स्कूल जाऊँगी…कपडे पहन तैयार होने के बाद जब खुद को मैं आईने में देखने लगी तो कुछ कमी लग रही थी. मैंने उसके टोपे की चमड़ी को नीचे किया तो उसका गुलाबी सुपारा ऐसे चमकने लगा जैसे कोई मशरूम हो !मैंने झट से उसका सुपारा अपने मुँह में भर लिया, मैं उकड़ू बैठ गई और ज़ोर ज़ोर से उसके लण्ड को चूसने लगी।वो तो आ.

औरत के बीएफ पिक्चर उधर शायद राजू भी चूत चूस चूस कर थक गया था इसलिए वो भी उठ कर खड़ा हो गया और मेरे मुंह के पास लंड ला कर बोला ‘प्लीज़ जान मेरा भी तो चूसो. मैं उसे चोदता रहा !आप सब यकीन नहीं मानेंगे- उस बार मैंने उसे पूरे 50 मिनट तक चोदा जो कि मेरे लिए भी आश्चर्यजनक था कि इतनी देर चुदाई करने पर भी मैं झड़ा नहीं।यह उस गोली का ही असर लग रहा था!जब बहुत देर हो गई तो फिर से मैंने उसे अपने नीचे लिटा लिया और जोर से चोदने लगा और वो तो बस आःह्ह्ह….

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दीदी का बॉस श्यामलाल और कंपनी का मैंनेजर अब्दुल दोनों मेरी बहन को बड़ी बेदर्दी से चोद रहे थे और मैं कुछ नहीं कर पा रहा था. पर उत्तर नहीं मिल रहे थे …क्या वो जैसा मुझे दिख रहा था वैसा ही था… या फिर वो सर्फ मेरे साथ ही ऐसा था. मेरा तोता उड़ने वाला ई …”कोई गल नई मेरे मिट्ठू… मेरी फूलकुमारी भी तुम्हारे अमृत के लिए तरस रही है ! अंदर ही उस रस की फुहार छोड़ दे.

जब कालू खाना लेने आया तब उसे यह नहीं मालूम था कि मैं अन्दर अकेली उसका उन्ताजार कर रही हूँ। मैं चाहती थी कि वो आये और आज मुझे औरत बनने का सुख दे।मेरे मन में आज कुछ अजीब सी उथल पुथल चल रही थी।कालू जैसे ही घर के दरवाजे पर पहुंचा, उसने हमेशा की तरह मेरी कलाई पकड़ ली।मैंने अपने दूसरे हाथ से उसकी बांह पकड़ कर उसको अन्दर खींच लिया और कहा- आ भी जा मेरे कालू…. कमरे में पहुँच कर मुझे अपने ऊपर अफ़सोस हो रहा था क्योंकि भाभी की हाँ के बावजूद मैं उन्हें चोद नहीं पाया. बीएफ डॉग्समैं उस बुक-स्टाल पर चला गया और कुछ किताबें खरीदी और अपने घर के लिए टैक्सी लेकर निकल पड़ा.

??मैं : गाली मत दे मेरे सामने…उसने जो किया उसका जवाब भी मैंने उसे दे दिया…वेदांत : क्या जवाब दिया तूने वो मैंने भी देखा.

मैं अपनी गाण्ड मसलने लगी, मुझ से रहा नहीं गया तो मैंने अपनी दोनों ऊँगलियाँ अपनी गाण्ड में डाल ली और अन्दर-बाहर करने लगी…आ आआ आआआ क्या बताऊँ क्या लग रहा था!फिर मैंने अपनी दोनों ऊँगलियाँ निकाल ली और एक बैंगन को नीची रखा और उस पर बैठ कर आधे से ज्यादा बैंगन अनदर ले लिया- आआआ आआआ जैसे तन बदन में आग लग गई!मैं मस्ती में ऊपर-नीचे होने लगी फिर मेरा हाथ अपने लण्ड पर चला गया. बहादुर ने हाथ थोड़ा ऊपर सरका दिया- बेबी, अब कुछ आराम आया?रीटा सरसराते स्वर में बोली- नहीं, थोड़ा सा और ऊपर करिये तो बताती हूँ.

ओह… ब… भरजाई जी… एक मिनट… ओह… करता ही रह गया !कहानी अगले भागों में जारी रहेगी।आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना)[emailprotected][emailprotected]2053. वो भी फिर से मस्ती में आने लगी और कहने लगी- बहुत मजा आ रहा है और जोर से चूस… काट कर खा जा बस!मैंने उसके कहने के साथ ही उसके निप्प्ल को हल्के से काट लिया. ‘दीदी सच कहो… आप को अच्छा नहीं लगा क्या…?’‘भैया… अब चुप रहो ना… ‘ फिर धीरे से शरमाते हुए बोली…’चोद दो ना मुझे…हाय रे!’‘आप गाली भी… हाय मर जाऊँ… देख तो अब मैं तेरी चूत को कैसी चोदता हूँ!’‘ऊईईई… विनोद… चोद दे मेरे भैया… मेरी प्यास बुझा दे…’ उतावली सी होती हुई वो बोली.

भाभी के साथ एक बार सेक्स करने के बाद मैंने बहुत कोशिश की मगर भाभी के साथ सेक्स करने का मौका ही नहीं मिला इसलिए मैं अगले शनिवार का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा लेकिन भाभी किसी काम से बुधवार को ही अपने मायके चली गई, मैं भी अपना मन मसोस कर रह गया और कुछ नहीं कर पाया.

उसके पूछने पर मैंने भी बताया कि मेरे पति सेक्स के मामले में हर तरह से सक्षम हैं… पूरी तरह सन्तुष्ट करते हैं लेकिन देवर की तरह चूत चाट कर, घोड़ी बनाकर अलग अलग तरह से नहीं करते हैं. 15 मिनट तक लण्ड चुसवाने के बाद मैंने उसके मुँह से अपना लण्ड निकाला और उसकी चूत के कोने पर रख दिया और एक जोर का झटका मारा. उसके गुलाबी होंठ हमेशा जैसे किसी सवेरे गुलाब की पंखुडियां सुबह की ओस में भीगी सी नजर आती थी.

चाचा चाची के बीएफमर्द के खुरदरे हाथों के स्पर्श मात्र से ही रीटा की चूत फड़फड़ा उठी और झट से पनीया गई. ब्रा और पेंटी में मदमस्त नीना की इस अदा पर अमित का लंड कुछ ऐसे जोर मारने लगा, जैसे हरी घास देखकर सांड फुफकारने लगता है.

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मैंने उसे शांत रहने का इशारा किया, फिर मैंने फ्लश चला दिया ताकि बाहर वाले को लगे कि अंदर कोई है. अगले ही पल वो मेरे नीचे वाला होंठ चूस रहा था और मैं उसके ऊपर वाले होंठ को चूसने लगी. फिर मैंने ढेर सारा तेल अपने लंड पर लगाया और उसकी चूत में उंगली से अन्दर तक लगाया और फिर से कोशिश की ….

‘ऐसे मत देखो देवर जी! आपने देखो ये क्या कर दिया?’मेरे निर्वस्त्र शरीर के अंगो को वासनामयी दृष्टि से निहारता हुआ बोला- भाभी, आप इतनी सुन्दर है, यह तो होना ही था!’ उसकी नजरें अभी भी मेरी चूत पर ही टिकी हुई थी. एक चुम्बन ने क्या कर दिया… या फिर शायद यह यौवन ही था जिसने यह सब करा दिया…मैं उसकी ओर थोड़ी टेढ़ी होकर लेट गई. उसके मुँह से हल्की-हल्की आह आह निकाल रही थी।झांटें बनाने के बाद चूत एकदम से चमक गई तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया और उसकी चूत का चूमने और चूसने लगा।उसको मज़ा आने लगा और वो आहें भरने लगी तो उसकी आहें सुनकर मेरा जोश बढ़ने लगा तो मैं उसे और जोर जोर से उसकी चूत को चूसने लगा और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत मैं डाल दी तो उसकी हालत ख़राब होने लगी.

बिखरे उलझे बाल, आँखों का फैला काज़ल और मेकअप, गीली चूत, रिसती गाण्ड, चुसे हुऐ चुच्चे और सूजे होंट तो देखते ही बनते थे. दोपहर को चार बजे नींद खुली तो मैं दैनिक क्रिया से निपट कर नहा धोकर बैठक में आ गया. जो भी देखे, मुँह में पानी आ जाये… साड़ी पहनती हैं तो क़यामत ढाती हैं…मैंने दुबारा कॉल किया, बोला- मीनू भाभी, आज तुम्हें वो ख़ुशी दूँगा जो तुम ज़िन्दगी भर भूल नहीं पाओगी.

अब मैं उसको कैसे समझाती कि उस वक्त तो मजा आ रहा था… मेरे मुँह से अपने आप आवाज निकल रही थी और इस वक्त एक तो ना चाहते हुये मजबूरी में बेटे से चुदवाने की ग्लानि और पतले से लण्ड से कैसे मज़े की आवाज निकल सकती है. कम से कम दस इंच था या शायद उससे भी बड़ा…मैं अभी उस काले नाग को देख ही रही थी कि उसने मेरे सर को पकड़ा और अपने लौड़े के साथ मेरे मुँह को लगाते हुए बोला… जानेमन अब और मत तड़पाओ… इसे अपने होंठो में भर लो और निकाल दो अपनी सारी हसरतें…मैंने भी उसके काले लौड़े को अपने मुँह में ले लिया… मेरे मुंह में वो पूरा आ पाना तो नामुमकिन था फिर भी मैं उसको अपने मुँह में भरने की कोशिश में थी.

वो कहानी बाद में!फिर तो मैं बहुत दिनों तक आंटी की गाण्ड और चूत मारता रहा!तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी मोना आंटी आप लोगों को?मुझे मेल जरूर करिएगा.

मैंने धीरे से ज्योति के कमरे का दरवाजा खोल दिया, अंदर का नजारा देख कर मेरे अन्तर्वासना जागृत हो गई क्योंकि ज्योति अपने बिस्तर पर सिर्फ ब्रा-पेंटी में सो रही थी जिसे देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया मगर मैंने अपने ऊपर काबू करते हुए वहाँ से चल दिया और योगी के कमरे में आकर सो गया. हिंदी बीएफ सेक्सी एचडी सेक्सीप्रेषक : कुलभूषण सिंगलाअन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार !मैं तीस साल का हूँ और पंजाब में रहता हूँ। जैसे कि पंजाबी होते हैं अच्छे स्मार्ट, वैसा ही हूँ मैं ! अच्छे खाते-पीते घर का हूँ और मेरा कद 5’7″ और मेरे लंड का आकार 7″ और मोटाई 2. देहाती बीएफ फिल्म हिंदी मेंकि तभी दो सिपाही आए और मेरे जिस्म से मेरे हाथों को अलग कर अलग अलग दिशा में थाम लिया।मैं नंगी खड़ी जमीन में गड़े जा रही थी!सब मंत्री खड़े होकर मुझ पर थूकने लगे और ठहाके लगा कर हंसने लगे. आप लोग सोच रहे होंगे कि यह क्या बेवकूफी है ? चूत और लंड दोनों हैं फिर भी नहीं डाला.

जैसे ही मनीषा ने मुझे देखा तो उसने अपना एक हाथ अपने वक्ष और दूसरा हाथ अपनी चूत पर रख लिया.

वो मेरा इशारा समझ गई और कहा- तुम किसकी बात कर रहे हो?तो मैंने कहा- तुम मेरी गर्ल-फ़्रेन्ड बन सकती हो?मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ. आज हम दूर हो गए और कई लड़कियाँ मेरे बिस्तर पर आ चुकी हैं पर मोना और उसकी दीदी के साथ गुजरे सेक्स के वो पल और उन बहनों के नंगे जिस्म मुझको बहुत याद आते हैं. सोनम हमारे कॉलेज की मिस फ्रेशर भी रह चुकी थी, उसमें आत्मविशवास तो कूट-कूट कर भरा था और देखने में भी बहुत सुन्दर थी.

फिर वो बोली- अगर हम दोनों ही इतने सेक्सी हैं तो क्या हम वो काम नहीं कर सकते जो ये लोग कर रहे हैं?और यह कह कर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए. अब मैंने सोचा कि चुदाई तो होनी ही होनी है! तो फिर मज़े से ही क्यों नहीं करवाऊँ! मैंने मुकेश से कहा- मेरे हाथ खोल दो! तुम जैसा कहोगे, मैं वैसा ही करूँगी!मुकेश ने मेरी आँखों में देखा, शायद उसने मेरी आँखों के वासना के डोरे पढ़ लिए और उसने मेरे हाथ खोल दिए. अह्ह्ह अहपीयू : अह सर ! दर्द हो रहा है…सर : होता है… शुरू शुरू में… पहले करवाया है क्या?पीयू : अहह बहुत पहले गाँव में अंकल ने मारी थी…निशा : सर धीरे धीरे करो… उसे दर्द हो रहा है… क्या मुझे भी होगा?सर : क्या तुमने पहले कभी नहीं मरवाई?निशा : नहीं सर … पर आज मन बहुत है प्रैक्टिकल का…निशा और पीयू दोनों एक जैसी थी किसी से भी चुदने को तैयार ! गाँव से शहर पढ़ने आई थी.

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शायद ज्योति ने उससे पहले कभी गाण्ड नहीं मरवाई थी, मगर मैंने उसकी एक भी ना सुनी और उसके दोनों चूतड़ों के बीच में अपना लण्ड घुसाने लगा. किस तरह औरत की प्यास उसके जिस्म की भूख मर्द अपने लंबे मोटे लंड से बुझाते हैं!यह देख-देख कर मेरा कच्चा दिमाग बुरी तरह से अपसेट हो गया. एक दूसरे से बंधे…एक दूसरे में खो जाने के लिए… उस एक गर्म चुम्बन से बहार की ठंडक भी गर्मी में बदल गई थी…फिर धीमे से हम दोनों जब अलग हुए.

‘हाय रेएए में तो गईईईई!’ यह कह रीटा राजू को अपनी गोरी गोरी टांगों और बाहों में दबोच कर राजू से बुरी तरह से चिपक गई और जंगली बिल्ली की तरह राजू के कन्धे में दाँत गड़ा दिये और भूखी चूत की दीवारों को लण्ड पर पूरे जोर से कस दीं.

‘मजा आया हरामी… गांड चाट कर… ‘ मैंने उसका मुंह सीधा करके महिमा की गांड में घुसा दिया । उसे चाटना ही पड़ा.

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वो तो पागलों की तरह हाथों से मेरे शरीर पर नाखून मारने लगी और मेरे अंडरवीयर में हाथ डाल के मेरे लंड को दबाने लगी.

फिर मैं दो गिलास में कोल्ड ड्रिंक लेकर आया, उसे एक गिलास दिया तो वो बोली- ऐसे नहीं! कोल्ड ड्रिंक अपने मुँह में लो और मुझे पिलाओ!मैंने मना किया तो वो बोली- वैसे ही पिलानी है तो पिलाओ, नहीं तो मैं जा रही हूँ!मैंने हाँ कही और कोल्ड ड्रिंक अपने मुँह में भर ली. ‘भाभी, एक बात कहूँ, बुरा मत मानना और ना भी मत कहना!’‘क्…क्… कहो, पर दूर तो हटो!’‘भाभी आज चुदवा लो, प्लीज, मना मत करो, देखो मेरा लौड़ा कितना उतावला हो रहा है!’‘आ… आ… ये क्या बदतमीजी है भैया… हट जाओ!’ तभी मुझे गोमती नजर आ गई. चूत की मल्लिकाओ और लण्डों के पुजारीआज तुम्हारा भोंसड़ा फाड़ने की बारी है हमारीजहाँपनाह के दरबार मेंचूत सजी भयानक काले लण्ड के इन्तजार में…सर्दियों का दौर था, चारों तरफ हमारे लण्ड का शोर था.

सनी सनी लियोन की बीएफ तो वो बोली- ठीक है!और मैं एक पक्के खिलाड़ी की तरह उसको जकड़ कर उसके होंठ चूसने लगा ताकि उसकी चीख मेरे मुँह में दब के रह जाए और उसकी गाण्ड के छेद में उंगली करते हुए उसको और ज़्यादा गरम किया. रोहित क्या तुमने पहले भी सेक्स किया है ?रोहित : हाँ ! इसलिए जानता हूँ कि पहली बार कैसे करते हैं !लंड अन्दर जा चुका था, मै मदहोश हो गई थी ! रोहित की मज़बूत बाहों में मैं सिकुड़ गई थी ! मैं निढाल हो गई थी !उसने जैसे मेरे अन्दर अपना गरम लावा छोड़ा, मैं तड़प गई !अन्दर बहुत सुकून मिल रहा था.

माँ ने कहा- तुम क्या ढूंढ रहे हो? मैं कुछ मदद करूँ तुम्हारी?मैंने कहा- कुछ नहीं माँ, एक सीडी थी मूवी की. और लंड को गांड से निकाला और एक ही धक्के में चूत के अन्दर डाल दिया फ़िर वैसे ही चूत से बाहर निकला और गांड में एक धक्के में अन्दर पूरा लंड डाल दिया. जोर जोर से चोद मुझे…बहुत दिन से इस चूत को फड़वाना चाहती थी पर कोई तेरे जैसा लण्ड मिल ही नहीं रहा था.

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अगले दिन मैं दिए पते पर पहुँच गया!दरवाजा खुला, आज आकांक्षा कल से ज्यादा स्मार्ट लग रही थी!उसने मुझे चाय के लिए पूछा, मैंने मना कर दिया. मैंने योगी को हटाया और चित्रा को घोड़ी बनने के लिए कहा और अपना लंड उसकी गांड पर रख कर रगड़ने लगा. भगवान् ने मुझे उसकी दोस्ती से नवाज़ा … मैं इतने में ही खुश थी… सुखी थी…बाद में उसे एक लड़की पसंद भी आई थी.

ओह्ह उसकी गांड भी एकदम गुलाबी थी और चूतडों के बहुत अन्दर की तरफ़ यानि गहराई में थी। एकदम नाज़ुक सी गुलाबी गांड! मैं गांड का शौकीन नहीं हूँ. फिर मैंने चित्रा को अपनी बाहों में समेटा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और जीभ से उसकी चूत चाटने लगा वो तो जैसे पागल हो उठी.

उसकी पैंट में कैद उसका लौड़ा उछलने लगा।दोनों कुछ देर तक एक दूसरे के आगोश में चूमते रहे, फिर राहुल ने कपड़ों के ऊपर से ही निखिल के उंगली करनी शुरू कर दी।पैंट उतार…!” राहुल ने हवस भरी आवाज़ में कहा। यह कहानी आप अन्तर्वासना.

चोदू राजू रीटा की तँग चूत के चूस्से को सह नहीं पाया और वह भी रीटा के साथ झड़ने लगा. अब हम दोनों एकदम नंगे थे, मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगाया और अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा. तभी अचानक मैंने देखा कि अनीता दीदी ने नेहा की टी-शर्ट के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और उसकी चूचियों को पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी.

‘पी ले मोहिनी बाई मेरा लण्ड! ऐसी मस्त जवानी फिर कहाँ मिलेगी!’तभी मेरी नजर गोमती पर गई. फिर मैंने अपना मोबाइल निकाला और दीदी की उसके बॉस और कंपनी के मैंनेजर के साथ फोटो खींच लिए. मेरी मार अब…तभी दीदी ने मुझसे वादा लिया- वादा कर कि मेरी शादी के बाद भी मुझे चोदा करेगा !मैंने मान लिया ! तब से तीन साल तक मैं दीदी को चोदता रहा, दीदी गोलियाँ खाने लगी थी।एक दिन घर में कोई नहीं था तो हम दोनों साथ नहाये। तभी दीदी ने कहा- मेरी गांड पर साबुन लगा दे….

जितना सहलाती उतना ही विपिन का मोटा लण्ड मेरी चूत में घुसता सा लगता और मेरे मुख से एक सिसकारी सी निकल जाती.

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फिर उसने कहा- जांघों के बीच में खुजली सी हो रही है॥मैंने कहा- रुको, खुजली के लिए लकड़ी आ रही है.

। उसने मुझे फिर बाहों में भर लिया और मेरे ऊपर आ गया। मुझे हैरानी थी कि वो तो फिर तैयार हो गया था। ओह. मम्मी प्लीज… एक बार चाचा की तरह करने दो ना… सिर्फ़ एक बार!”कर तो लिया था तूने शादी वाली रात… बस अब नहीं…” मैंने कहा. मन्ने तो आप कोई जादूगर लगे हो… फिर से कहो तो…”आपका जिस्म जैसे तराशा हुआ है… कोई कलाकर की कृति हो, ईश्वर ने तुम्हें लाखो में एक बनाया है!”हाय छैलू! इक दाण फ़ेर कहो, म्हारे सीने में गुदगुदी होवै है.