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‘ओह, गोमती बाई जी, ऐसे ना करो, ऐसे तो यह और भड़क जायेगा!’‘तो भड़कने दो भैया, हम जो हैं ना!’गोमती खिलखिला कर हंस पड़ी, मुझे भी हंसी आ गई. हेलो दोस्तो, आपको श्रेया का नमस्कार… फिर से आपके सामने पेश है एक लण्ड कठोरी फ़ुद्दी पिपासु कहानी!यह कथा है मेरी सहेली जूली की ….

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मम्मी ने अंकल से कहा- डार्लिंग, जल्दी से इसे मेरे हवाले कर दो!और अंकल मम्मी की टांगों को फैला कर उनके ऊपर चढ़ गए.

किचन में मक्खन लगा कर, डायनिंग टेबल पर टमेटो केचअप लगा कर, गैराज में कार के बोनट पर ग्रीस लगा कर, शावर के नीचे और टब बाथ में तेल लगा कर, छत पर रात को चान्दनी के नीचे थूक लगा कर, लैदर के सोफे पर जूतों की पालिश लगा कर, घास पर झाड़ियों के पीछे क्रीम से और ना जाने कहाँ कहाँ भौंसड़ी की रीटा चुदती रहती थी. पहली बार आयशा को देख कर मेरे दिल में कुछ अजीब सा हुआ क्योंकि जिस आयशा को मैं अब तक बच्ची समझता था उसका शरीर भी अपनी उम्र के हिसाब से बड़ा था. सुनील- अच्छा बाबा, जैसे तुम ठीक समझो … कम से कम मेरे फ्लॅट में जाने में तो तुमको कोई दिक्कत नहीं है … या वहाँ के लिए भी कोई बहाना सोच कर रखा हुआ है?सोनिया- तुम्हारा फ्लॅट!सुनील- हाँ मेरा फ्लॅट, अब ज्यादा आना-कानी मत करो … चुपचाप चलो अगर नहीं डरती इन चीज़ों से तो ! और अगर डरती हो तो तुम यहीं रहो … पर काम के सिलसिले में जिंदगी में किसी भी तरह की आगे कोई मेरे से मदद की उम्मीद मत करना.

मैंने कहा- तनवी, मुझे तुम्हारे कोमल-कोमल गाल, कोमल-कोमल होंठ, बड़ी-बड़ी आँखें जो हल्का सा काज़ल लगने के बाद इतनी कातिलाना हो जाती है कि किसी का भी खून हो जाए. पर तू भी वादा कर… मुझसे बात करनी बंद नहीं करेगा…!?उसने मेरे चोट वाले हाथ पे हाथ रख दिया और मैंने भी उसके दूसरे पर दूसरा हाथ रख दिया. नहीं…………मैंने आज तक किसी से नहीं किया है………तू घबरा मत ! तुझे कुछ नहीं होगा और मजा भी आयेगा।सच सच……….

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मेरी मस्त साली शिखा 19 साल की है पर चूची 34, कमर 30 और गांड 36 तो कुल मिलाकर चोदने के लिये मस्त चूत थी.

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मैंने देखा कि विपिन की अंडरवीयर वाशिंग मशीन में पड़ी हुई थी, उसके कमरे में झांक कर देखा तो वो शायद सो गया था.

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कुछ ही देर में मैं झड़ने वाला था, मैंने उससे पूछा- अपना अमृत कहाँ गिराऊँ ?उसने झटपट मुझसे कहा- मेरे मोम्मों पर गिराओ !ऐसा कहकर वो लेट गई और मैंने उसके ऊपर चढ़कर चूचियों के बीच अपना सारा माल डाल दिया…. तो बोली- फिर बच्चा हो जाता होगा?तो मैंने समझाया- हम लोग जो कर रहे हैं जैसे तुम मेरे लंड को दबा रही हो, या अगर इसको चूसोगी और मैं तुम्हारी चूची चूसूंगा या होंठ को चूमूंगा और चुसूंगा तो बच्चा नहीं होगा. उसने कहा ‘मैडम आप गेट बंद कर लीजिये मैं कुछ देर में आता हूँ तब आपका टिकेट चेक कर लूँगा.

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खाना डायनिंग टेबल पर लगाने के बाद मैं बेटे को उठाने गई… उसका चेहरा लाल हो रहा था… उसकी आँखें भी सूजी हुई थी… घबरा कर मैंने उसको उठाया और देवर को बताया.

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सुबह सुबह मम्मी ने बहादुर को रीटा के कमरे में रीटा का स्कूल बैग तैयार करने के लिये भेज दिया. मेरे बेटे का पेट भर चुका था इसलिए उसने चूची को छोड़ दिया था और सो गया था, लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी. मैं अगले दिन सुबह 8 बजे छत पर जाने वाला था पर कोहरा होने के कारण मैं 9-30 पर छत पर गया…अपनी नहीं रक्षिता की.

मैंने देखा तो गौरी भी अपने कपड़े उतार कर अपनी चूचियाँ मल रही थी, एक अंगुली अपनी चूत में डाल रखी थी और आहें भर रही थी. !!!मैं अपनी ही धुन में अपने कमरे में चली गई, शाम को पापा मेरे घुटने वाली चोट पर डॉक्टर से पट्टी करवा लाए.

वाओ ! आह !अब मेरा लन्ड थोड़ा शान्त हुआ।तो कैसा लगा?उम्मीद है अच्छा लगेगारिपलाई मी सूनतुम भी मुझे इतने लम्बे और सेक्सी पत्र लिखा करोतुम्हारा ताकतवर चोदूराहुल0355. मैं मुकेश से बार बार विनती करती रही- चोद चोद मादरचोद! एक बार तो चूत को पानी पिला एक बार तो इसकी अग्नि ठंडी कर!लेकिन वो तो जैसे मेरी पूरी परीक्षा लेना चाहता था, उसने अपने लौड़े का पानी चूत में छोड़े बगैर ही बाहर निकाल लिया. मैंने पूछा- तुमने पहले भी देखा है क्या?तो उसने कहा- हाँ, मेरे स्कूल में मेरा एक बॉयफ़्रेंड है, उसी का देखा है….

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बहादुर के दाँत रीटा की चूच्चे में धंसे तो मदहोश रीटा को लगा जैसे वह बिना चुदे ही झड़ जायेगी. भाभी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया मगर उन्होंने इस बात पर कोई नाराज़गी भी नहीं दिखाई. आयशा का आकार 32 के करीब था, कुंवारी चूत का क्या मजा होता है यह तो हम सभी जानते हैं जिस कारण से मैं भी काफी रोमांचित था.

ज्योति बहुत जोर से चिल्ला उठी शायद अनिल का लण्ड मुझसे छोटा था इसलिए ज्योति को ज्यादा दर्द हुआ. हमने एक दिन तय किया पहली बार मिलने का और साथ में मूवी देखने जाने का।फिर दिए हुए समय पर हम मिले और मूवी देखने गए.

मेरा जिस्म जलता रहता कितना ही ठंडा पानी क्यों ना हो, मेरा जिस्म आग बरसाता रहता और आख़िर पानी भी हार मान लेता और मैं जलती-सुलगती अपना टूटता हुआ जिस्म लपेटे बाहर आ जाती, दुनिया-जहाँ की हसरतें मचल रही होतीं मेरे सीने में, लेकिन क्या कर सकती थी. । कितनी ही पिचकारियाँ मेरे लंड ने दनादन छोड़ दी। सुधा तो जैसे निहाल ही हो गई उस अमृत को पी कर। उसका व्रत टूट गया था। उसने एक चटखारा लेकर कहा वह मजा आ गया मेरे लन्दोईजी !”आपका व्रत तो टूट गया पर मेरा कैसे टूटेगा ?”नहीं. मैं तुरंत कुत्ते वाली अवस्था में आ गई, गाण्ड थोड़ी ऊपर की और तेल की बोतल का मुँह अपनी गाण्ड में लगाया और बोतल उलट दी.

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उसने बिना दरवाजा खोले आई-होल से देखा तो मेरे बॉस बाहर खड़े थे… वो समझ गया की ये भी यहाँ रूबी को पेलने आए हैं… फ़िर उसने आकर मुझ से कहा- तेरे बॉस हैं…फ़िर आगे कैसे मेरे बॉस ने मुझे चोदा और राहुल ने कैसे उनका साथ दिया… कैसे मेरा अगली तरक्की हुई अगले महीने में और राहुल ने कैसे मेरी बुर का सौदा कर के तरक्की ली पढ़िये अगले हिस्से में…आपकी रूबीमुझे लिखें[emailprotected]0439. मैं सोच रही रही थी कि यदि मैं देवर जी से चुदा भी लूँ तो किसी को क्या पता चलेगा? साला टुन्न हो कर चोद भी देगा तो उसे क्या याद रहेगा. जैसा कि मैंने पहले ही बताया था मनीषा देखने में बहुत ही सुन्दर है और बहुत आधुनिक भी है क्योंकि उसका बचपन अमेरिका में अपने चाचा के यहाँ बीता है.

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इसको पहले मुँह में लेगी या इससे पहले तेरी सील तोड़ूँ?मोना कुछ भी नहीं बोली और उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया…यह देख अब्बास को बहुत गुस्सा आया और उसने झुक कर मोना के दोनों मम्मों पर अपनी जीभ रगड़ी… इस हमले से मोना के मुँह से मादक कराहें निकलनी शुरू हुई… मोना ने बोला- नहीं… ऐसा … मत…कर !मोना बेचारी तो कुछ बोल भी नहीं पा रही थी …. मैं स्वाद ले लेकर चुसाई कर रही थी और मेरे मुंह से बहुत सेक्सी आवाजें निकल रहीं थीं.

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आंटी मेरा एक हाथ पकड़ कर अपनी चूत पर लगाने लगी, मेरी उंगली पकड़ कर अपनी चूत में घुसाने लगी. चूँकि भैया के आने का समय हो गया था इसलिए कुछ देर अपना लण्ड चुसवाने के बाद मैं वापिस अपने कमरे में लौट आया. मैं कुछ कहता इससे पहले चित्रा ने कहा- मैं तुमसे प्यार करती हूँ!और यह कह कर उसने मुझे गले लगा लिया.

एक बार रात को मैं बाथरूम जाने के लिए उठी तो देखा मम्मी पापा के कमरे की लाईट जल जल रही थी, उत्सुकता से खिड़की की झिर्री से देखा कि मम्मी नंगी लेटी हुई हैं और पापा अपने लंड पर कंडोम चढ़ा रहे थे.

सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी और मेरी चिकनी गीली चूत, गोल-मोल गांड, मम्मो की तरफ से टाँगें चौड़ी करते हुए नमस्कार!गुरुजी आप सच में बहुत महान हो जो ऐसी वेबसाइट शुरु की है जिस पर सर्फिंग कर कोई भी इंसान बोर नहीं होता, लोग अपने बिस्तर की कहानियाँ सबके सामने लाते हैं, जिन्हें पढ़ कर औरतों की चूतें गीली होती हैं, मर्दों के लंड हिल-हिल कर सलामियाँ देने लगते होंगे. मैं तड़प उठी…मैंने अपने हाथ से एक लण्ड छोड़ राजा के हाथ पर हाथ रख दिया और जोर-जोर से भींचने लगी.

मैं भी पूरी गति से चोद रहा था और वो जोर जोर से चिल्ला रही थी- और जोर से! और जोर से! ऐसे ही! मुझे जीभर कर चोदो मेरे राजा. अब सुनीता का रंग बदला-बदला सा लग रहा था। मैं चुप रहा और उन्हें देखता रहा!चाय पीने के बाद सुनीता ने ब्लू फिल्म लगा दी और आकर बिस्तर पर बैठ गई, करीब 15-20 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे के बदन को रह-रह कर नोचते रहे।मैंने हाथों से उनकी चूचियाँ जोर से दबाई तो उनकी आवाज निकली- आआह्ह्ह धीईरे!यह सुन कर मैं समझ गया कि सुनीता चुदवाना तो बहुत चाहती है… लेकिन बड़े आराम से! किसी भी प्रकार की कोई जल्दबाजी नहीं. पूरा लंड अन्दर करने के बाद मैं उसकी चूची चूसने लगा और कुछ देर बिना लंड में कोई हरक़त किये पड़ा रहा.

मैंने कहा- कुतिया साली! ले अपने भाई को लौड़ा अपनी चूत में! मैं भी झड़ने वाला हूँ रांड!मैं उसकी आहें सुनते ही झड़ गया. सॉरी कोमल… आगे से ध्यान रखूंगा!”नहीं पापा… यही तो गाण्ड मराने का मजा है… दर्द और चुदाई… न तो फिर क्या गाण्ड मराई…” उसकी हंसी ने महौल फिर से वासनामय बना दिया. आप यकीन नहीं करेंगे पर उस वक़्त मैं किसी सेक्सी लड़की से कम नहीं लग रही थी…मुझे वो रात अब तक याद है!अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो मैं अपनी पहली सेक्स की कहानी भी लिखूंगी वरना शायद नहीं…बाय लव यू आल…by[emailprotected]कहानी का अगला भाग :मैं किसी सेक्सी लड़की से कम नहीं-2.

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मैंने मालिक को आवाज़ लगाई तो परदे के पीछे कुछ हड़बड़ाने जैसी आवाजें आई और थोड़ी ही देर में दुकानदार लुंगी पहने आया. नेहा ने भी वैसी ही फुर्ती दिखाई और अनीता दीदी के पेंटी को हाथों से निकालने के लिए खींच दिया. मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है?तो बोली- भैया, अब दर्द कम है!मैंने कहा- फिर मारूँ तेरी चूत तेजी से?तो बोली- पहले मुझ पर रहम नहीं किया! अब पूछ रहे हो?तो मैंने कहा- अच्छा, अब तुझे कोई दर्द नहीं है गश्ती साली?तो बोली- नहीं भैया! और अब बातें मत करो और चोदो अपनी रांड बहन को! ठोको आज अपनी बहन की चूत!मैंने झटकों की रफ़्तार तेज कर दी और अपनी बहन की चूत बजाने लगा.

तब तक मेरी गाण्ड में जैसे आग लग चुकी थी, फिर मुझ से रहा नहीं गया तो मैंने तेल लगा कर एक उंगली गाण्ड में घुसा दी, बहुत दर्द हुआ पर कुछ देर में बहुत मजा आने लगा. फिर माँ मेरे पास आई और मुस्कुराते हुये कहा- इतना परेशान मत हो, मिल जायेगी! चल सब सामान वापस रख दे अभी!इतना बोल वो वहाँ से चली गई और अपने काम में लग गई. हिंदी पिक्चर बीएफ सेक्स वीडियोओफ़ सच्ची, बहुत गरम चूत है! उफ़ कितनी चिकनी है छोटी सी चूत! सच्ची बहुत तरसी हूँ इस प्यारी चूत के लिये मैं! दे दो न प्लीज अलीशा ये हसीन छोटी सी चूत मुझे!हाय कामिनी! मैं जल रही हूँ! प्लीज! आह! मैं क्या करूँ!मेरा पूरा जिस्म सुलग रहा था और मैंने कामिनी के नरम-गरम चूतड़ खूब दबाए और जब एकदम से उसकी चूत पर हाथ रखा तो वो तड़प उठी- ऊ.

और मेरी चूत चाटने लगा उसकी ये अदा मुझे बहुत पसंद आई क्यूँकि मेरे बॉस ने अपना लण्ड मुझसे बहुत बार चुसवाया था मगर मेरी चूत चाटने से मना करते थे.

इधर जीजू ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगे, उनका एक हाथ मेरे बोबों को मसल ही रहा था और दूसरा हाथ मेरी गांड को सहला रहा था. बहादुर थूक सटकता, रीटा की शर्ट में हाथ डाल कर बैच लगाने लगा तो रीटा प्यार से बोली- ठहरो बहादुर, ऐसे नहीं!फिर रीटा ने लाहपरवाही से अपनी शर्ट के अगले तीन बटन खोल दिये और बोली- अब लगाओ, बड़ी आसनी से लगेगा.

उसने कहा- घर में कोई लेडी है?मैंने मना किया, तभी चित्रा आई और बोली- रुको मुझे खरीदनी है!मगर उसको पसंद नहीं आई और उसने मुझे शाम को उसके साथ मार्केट चलने को कहा तो मैंने हाँ कर दी. मैं सोनम के और करीब गया और उसे कस कर बाहों में जकड़ लिया क्योंकि हम दोनों ही एक-दूसरे से शादी के लिए राजी थे तो सोनम ने इसका कोई भी विरोध नहीं किया. और जोर से !मैंने भी मामी को कहा- लो मेरी प्यारी मामी ! यह जोर का झटका और लो और लो आआआआआ.

मुझे ज़न्नत का मिलना चालू हो गया था लेकिन अभी तक उन दोनों ने अपने कपड़े नहीं उतारे थे इसलिए मैं अभी तक अपने असली हीरो के दर्शन नहीं कर पायी थी.

देर से ही सही … इतनी ज्यादा सेक्स में मजबूर होने के बाद ही सही पर अंत यही था कि उसने अब्बास से अपनी आज की दुर्दशा और अपनी ननद के दैहिक शोषण का बदला ले ही लिया था।अपनी हालत पर थोड़ा बहुत काबू पाते हुए मोना किसी तरह अपने कमरे तक जाने के लिए टॉर्चररूम के गुप्त रास्ते से निकली … उसकी हालत वाकयी में काफ़ी बुरी लग रही थी. क्या ?’‘अपनी मलाई मेरे कपड़ो में भी डाल दी। तुम भी एक नंबर के लोल हो। कभी उस मैना को ऐसे नहीं चुसवाया ?’‘ओह… सॉरी !’आगे की कहानी के लिए भाग-२ की प्रतीक्षा करें !. जैसे तैसे मैं सिपाहियो के सहारे खड़ी हुई।हवा में कामरस की खुशबू मुझे और चुदने को मजबूर कर रही थी…सभी मर्द मुझ पर हंस रहे थे, मेरी बेबसी का मजाक बना रहे थे, राजा ठहाके लगा रहा था…कि तभी मुझ पर जोर से पानी फेंका गया.

बीएफ चूत में लौड़ाउसने चित्रा को बाहों में लेकर उसे बिस्तर पर लिटा दिया तो चित्रा बोली- अभी मैं थक गई हूँ!मगर योगी ने उसकी एक नहीं सुनी और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया तो वो दर्द के मारे चिल्ला उठी. मेरी मैना, मेरी नीरू रानी, मेरी बुलबुल आज तुमने मुझे स्वर्ग का मज़ा दे दिया है। हाई ….

लावण्या लंदन से लाएंगे

तभी मैं कुछ समझती उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरा चेहरा थाम लिया और मेरे लबों की ओर झुक गये. मैंने उस लड़की को कई बार कालोनी में शाम को घूमते देखा था और कई बार उसको याद करके मुठ भी मारी थी. मुझे काफी मजा आ रहा था, मैं लगातार चोदता रहा… थोड़ी देर में मैं भी झड़ गया। उसने मेरा पानी अपने मुँह में पी लिया। फिर मैंने उसकी गांड भी मारी। हमने काफी मजा किया…पर उसकी भाभी ने हमें पकड़ लिया और फिर मैंने उसे भी लंड का स्वाद चखाया…उसकी भाभी की चुदाई अगली कहानी में…मुझे मेल करना मत भूलना…[emailprotected][emailprotected]1443.

आज तो मैं तेरा वो हाल करूँगा कि तू आगे से किसी को चांटा मारने से पहले सौ बार सोचेगी. जोकि उनके गोरे बदन के ऊपर और भी खूबसूरत लग रही थी।मैंने उनकी छाती पर हाथ फेरना शुरू किया और उनकी कड़क चूचियों को दबाने लगा. वो अपनी गाण्ड उठाने लगी और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी। मैं उसकी चूत चूसता रहा और थोड़ी देर मैं उसकी चूत ने अपना कामरस छोड़ दिया।मेरा पूरा चेहरा उसके काम रस से गीला हो गया।फिर हम दोनों कमरे में आ गए.

”जी मैम… मुझे जरूरत तो है…पर आपका घर का पता नहीं मालूम है…”रोहित तुम कहाँ रहते हो?…” उसने अपने घर का पता बताया. क्या तो… तू भी… ऐसे ही…?”हाँ पापा… मेरे मन में भी तो इच्छा होती है ना!”देखो तुम भी दुखी, मैं भी दुखी…” मैंने उसके मन की बात समझ ली… उसे भी चुदाई चाहिये थी… पर किससे चुदाती… बदनाम हो जाती… कहीं???… कहीं इसे मुझसे चुदना तो नहीं है… नहीं… नहीं… मैं तो इसका बाप की तरह हूँ… छी:… पर मन के किसी कोने में एक हूक उठ रही थी कि इसे चुदना ही है. आह्ह्ह की आवाज आने लगी जिसे सुनकर मैं बेकाबू हो गया और फिर मैंने अपने शेषनाग को बिल में प्रवेश कराया तो आवाज आई….

आगे क्या हुआ ???क्या उस दिन मैं पूरी तरह से औरत बन पाई?इसके बाद क्या हुआ जानने के लिए इंतज़ार करें अगले भाग का !!आपकी राय का इंतज़ार है !. ?” उसने शरमा कर अपनी नज़रें झुका लीं!मैं जानता था कि रश्मि तो अभी बिलकुल कोरी है। मैंने पूछा प्लीज बताओ न?”वो शरमाते हुए बोली,”किया तो नहीं पर………!”पर क्या……….

मेरे मुँह से गन्दी बात मत कहलवाओ!’मैंने कहा- यह गन्दी बात है? तुम जब तक नहीं कहोगी मैं कुछ नहीं करूँगा.

मेरा दिल-दिमाग एक दूसरे से संतुलन ही नहीं बना पा रहा था।तभी पलक बोली- चल यार, भूख लग रही है, खाना खाते हैं।और तब मैंने ध्यान दिया कि उसकी आँखें गीली हो चुकी थी।हम दोनों वहाँ से उठे, मैंने अपनी चप्पल हाथों में ही ले ली और और खाना खाने के लिए चल दिए।कहानी अभी बाकी है।. एक सेक्सी पिक्चर बीएफफिर धीरे से झुक कर अपनी जीभ को तिकोना बना कर मेरी गाण्ड के छिद्र को चाट लिया, फिर जीभ से मेरे छेद पर गुदगुदी करती रही. बापू की बीएफमैं रुक गया तो वो बोली- क्या हुआ?मैंने कहा- दर्द हो रहा है!वो बोली- पहली बार तो थोड़ा दर्द होगा ही! दुबारा कोशिश करो!मैंने हिम्मत करके दुबारा लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक जोरदार धक्का लगाया. मतलब सेक्सजूली- कह सकती हो कि मैं बहक गई थी पर इस तरह से कोई करता है क्या?मैं- पर तू तो तीनों से सेक्स करनी की सोच रही थी, फिर कैसे करती?जूली- पता नहीं था यार कि सेक्स इतना दुखदायी है!मैं- सेक्स कितना सुखदायी है कोई मुझसे भी तो पूछे!!!.

बताओ ना ?इस आसन में औरत बेड के एक किनारे पर अपने पंजे थोड़े से बाहर निकल कर घुटनों के बल बैठ जाती है, अगर औरत थोडी मोटी है और ज्यादा चुद्दक्कड़ है या उसकी चूत कुछ बड़ी या ढीली है तो गोद में एक तकिया रखकर घुटनों में सर लग कर अपने नितम्ब कुछ ऊँचे कर लेती है.

!वो मेर बात सुन कर मुस्कुराने लगी तो मेरा हौसला बढ़ गया। मैंने हाथ बढ़ा कर उसके कंधे पर हाथ रख दिया. मैं मोना के दोनों मोमे दबाने लगा पागलो की तरह, कभी एक तो कभी दोनों मोम्मे दबाने लगा. मैं तो तुम्हें बहुत शरीफ समझती थी!’भाभी के ऐसा कहने से मुझे बहुत शरम महसूस हुई और भाभी नहाने चली गई.

मम्मी बार बार उसके लण्ड को ऊपर से ही दबाती जा रही थी और उनके कसे अण्डरवीयर को नीचे सरकाने की कोशिश कर रही थी. वो बिस्तर पर इधर उधर होने लगी और उसका शरीर अकड़ने लगा, वो झटके खाने लगी और आहें भरते हुए झड़ने लगी. मुझे पीछे से पकड़ कर अपनी कमर कुत्ते की तरह से हिलाने लगा जैसे कि मुझे वो चोद रहा हो… मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया.

सईया अरब गइले ना

मैंने उनके लण्ड को हाथों में लेकर सीधा मुँह में डाल लिया। अब उनका लण्ड मेरे गले तक पहुँच रहा था. यह बात सुनकर ज्योति घबरा गई, मगर अनिल काफी शातिर खिलाड़ी था, उसने देर ना करते हुए ज्योति का सूट उतार फेंका और ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध मसलने लगा. आंटी बिलकुल नंगी थी और उनका फिगर मेरी बीवी जैसा ही था, बिल्कुल सुडौल ! लग ही नहीं रहा था कि 38 साल की हैं और एक बेटे की माँ हैं !मैंने जैसे ही नल खोला, उन्होंने मेरे ऊपर पानी डाल दिया और मैं पूरा भीग गया।मैंने आंटी से कहा- ऐसे मैं कैसे नीचे जाऊँ?तो वो कहने लगी- तुम भी यहीं नहा कर अपना रंग छुड़ा लो….

फिर अगले दिन उसके आने से पहले मैंने घर को अच्छे से साफ़ किया, रूम फ्रेशनर का स्प्रे किया !बाज़ार से जाकर उसके लिये ज़ेर्बेरा के फुल और उनके बीच में एक लाल गुलाब वाला गुलदस्ता लाकर फ्रिज में रख दिया। एक बात मैं आप सभी को बताना चाहूँगा कि लड़कियों को ब्लू फिल्मों से ज्यादा एक तन्हाई वाला रोमांटिक माहौल, फूल और हल्का-हल्का संगीत ज्यादा उत्तेजित करता है.

। क्या बताऊँ दोस्तो, उनकी नर्म-नर्म उँगलियाँ ऐसा जादू कर रहीं थी कि मुझे वैसी अनुभूति तब तक कभी भी किसी भी लड़की या औरत से नहीं मिली थी। जब तक मैंने उनके बदन को पौंछ कर सुखाया तब तक वो फिर से पूरी तरह से जोश में आ चुकीं थी….

कि कराहट से मेरा मुँह खुल गया है…तभी राजा मेरे ऊपर आया और मेरे होंठो को उसने अपने मुँह में भर लिया, काटने-खसोटने लगा…तभी पहलवान झड़ने लगा और उसने सारा रास मेरी गाण्ड में ही छोड़ दिया…उसका लण्ड छोटा होकर मेरी गाण्ड से बाहर आ गया. मामी क्या इस छेद को कभी किसी ने छेड़ा है?”नहीं नयन, ये तो मेरी चूत को हो नहीं चाटते! तो इसको क्या चाटेंगे!”मामी, मैं इसको चूसूंगा भी और बजाऊँगा भी!”मामी अब जरा मेरा लंड गीला तो करो!”मामी ने वापस मेरा लंड मुँह में लिया और चूसना चालू किया. एक्स एक्स एक्स जानवर वाली बीएफअचानक उसका हाथ मेरी पेंटी में घुसता चला गया… मेरी सिरहन सर से पैर तक दौड़ गई लेकिन अब तक मैं बेबस हो चुकी थी…उसकी ऊँगली मेरी चूत की खांप में चलने लगी, मेरे शरीर में चींटियाँ ही चींटियाँ चलने लगी, मेरे हाथ उसके खोपड़ी के पीछे से मेरे बोबों पे दबाने लगे… मेरे मुँह से अनर्गल शब्द निकल रहे थे… आं… ऊँ हाँ… और जाने क्या क्या…मैं मिंमियाई सी कुनमुनाने लगी, मेरी चूत से पानी निकलने लगा.

सुनील अपने अपार्टमेंट में गाड़ी पार्क करता है और गाड़ी से सुनील और सोनिया दोनों बाहर निकलते हैं … गाड़ी लॉक करके सीधा सातवीं मंज़िल के लिए लिफ़्ट में जाते हैं … और वहाँ सुनील अपने घर को खोलता है और सोनिया के साथ अंदर दाखिल होता है।सोनिया के चेहरे पर हालांकि अभी भी चिंता साफ नज़र आ रही होती है. मैंने भी उनकी हंसी में साथ दिया और पूछा- तो फिर आप ही बताओ कि क्या व्यवस्था की जाए. चाचा का उपहार-1तभी चाचा ने दरवाज़ा खटखटाया तो चाची एकदम मुझसे अलग होकर खड़ी हो गई।चाचा आकर हमारे पास बैठ गया और बोला- बेटा राज… हमारे माल पर ही हाथ साफ़ करने का इरादा है क्या…? यह मत भूलो बेटा कि यह तुम्हारी चाची है.

प्लीज तू कर दे ना… तू मेरा प्यारा सा अच्छा सा इकलौता दोस्त नहीं है…? है ना…? तो करदे ना प्लीज …. अब मेरी चूत की बारी थी, मैंने सोचा कि मुकेश थक गया होगा, मैं उसके लिए दूध लाती हूँ.

मेरा लंड अब पूरी तरह तना हुआ उसके चुत के छोटे से छेद से घुसने को बेसब्र हो रहा था.

बहुत खूबसूरत बन कर आई हो साली साहिबा?”हाँ, जब जीजा का दिल आ गया है तो मेरा भी कुछ फ़र्ज़ है!”यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं. मैंने ध्यान दिया तो पता लगा कि मेरी बहन के कमरे से उसकी और किसी और लड़की की आवाज़ आ रही थी. मैंने बोला- ऐसे नहीं ! इसको मुँह में लेकर लॉलीपोप की तरह चूसो, तब इसको अच्छा लगेगा.

बीएफ पिक्चर वीडियो अंग्रेजी हाय क्या नज़ारा था!पीले रंग की साड़ी और उस पर अधखुला ब्लाऊज! उस ब्लाऊज से निकला हुआ पिंकी का कोमल दूधिया स्तन!माया ने दोनों हाथ से उसके स्तन को थाम रखा था और अपने पतले होठों से निप्पल चूस रही थी. काफ़ी देर की उठा पटकी के बाद आखिरकार मैं थक गई थी, मुझ में बचाव करने की हिम्मत नहीं रही और मुझे चित्त कर वो मेरे ऊपर मेरी टांगों के बीच में आ गया.

मुझे संगीता ने कभी नहीं कहा कि वो इतना मजा लेती है!’उसके चेहरे पर आश्चर्य झलक रहा था।मैंने कहा ‘रानी. यह कह कर मैं वहाँ से चल दिया, दीदी भी मेरे पीछे आने लगी, शायद श्यामलाल ने दीदी की छुट्टी कर दी थी. बहादुर के दाँत रीटा की चूच्चे में धंसे तो मदहोश रीटा को लगा जैसे वह बिना चुदे ही झड़ जायेगी.

दिसावर की खबर आज की क्या है

पहली बार आयशा को देख कर मेरे दिल में कुछ अजीब सा हुआ क्योंकि जिस आयशा को मैं अब तक बच्ची समझता था उसका शरीर भी अपनी उम्र के हिसाब से बड़ा था. आप ही सोचिये कोई बीस साल की कुंवारी लड़की जो 4-5 इंच का लंड अपनी बुर में लेने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो, उसे आठ इंच लम्बा अच्छा खासा मोटा लंड दिख जाए तो वो घबरायेगी या नहीं?मुझे ख्यालों में खोया देखकर अमित बोले- क्या हुआ जान?मैं कुछ नहीं कह सकी, मैंने कहा कुछ नहीं. और दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़कर उसके अग्रभाग को नेहा के हल्के से खुले हुए योनिद्वार पे लगा दिया…इस बार जैसे ही वो अपनी कमर को पीछे खींचकर आगे लाई… लंड का सुपाड़ा पट्ट से अंदर चला गया.

पुराने वाले टीटी जिसका नाम मुझे अभी तक पता नहीं था उसने अपने साथी से मुझे मिलवाया ‘मैडम ये है मेरा दोस्त वी राजू. मेरे माँ-बाप तो जान से मार देते मुझे और वो खुद भी कहाँ किसी को मुंह दिखाने के क़ाबिल रहते.

‘मस्त लम्बा है साला!’ कहते हुए उन्होंने मेरे लण्ड को ऊपर से नीचे तक हाथों से मल दिया.

मैंने तुरन्त भांप लिया कि दीदी की शंकित नजरें हमारा एक्स-रे कर रही थी… पर मुझे उससे क्या… चुद तो मैं चुकी थी… मैं भी तो आधी घर वाली हूँ ना… भले ही वो जलती रहे. फिर मैं अपने कमरे से एक पतला वाला बैंगन उठा लाई और बाहर जहाँ मेरी पड़ोसियों की बाइक खड़ी थी, वहाँ चली गई. मैंने उसको अन्दर बुला कर दवाजा बंद कर लिया, उसको अपनी बाहों में ले लिया और चूमने लगा पर वो अपने को मुझसे दूर करके बिस्तर पर बैठ गई.

” कनिका के मुंह से निकला ओह … बाहर निकालो मैं मर जाउंगी !”अरे मेरी बहना रानी ! बस अब जो होना था हो गया है। अब दर्द नहीं बस मजा ही मजा आएगा। तुम डरो नहीं ये दर्द तो बस 2-3 मिनट का और है उसके बाद तो बस जन्नत का ही मजा है !”ओह. आंटी ने कहा- सागर अब रहा नहीं जा रहा है, तुम मुझे चोद दो!मैंने कहा- ठीक है आंटी!आंटी की दोनों टांगों को मैंने अपने कंधों पर रखा और लंड को उसकी चूत पर रखा और एक धक्का मारा. नयन, आऽऽऽऽ आआआऽऽऽ बहुत दर्द हो रहा है नयन…!”अब लंड आधा अन्दर जा चुका था और मामी अब गांड आगे खींचने लगी थी.

एक दूसरे को साफ करते वक़्त मैंने उसे कई बार चूमा भी जिससे मेरा लंड फिर खड़ा हो गया, मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और वो उसे दस मिनट तक चूसती रही.

हिंदी एचडी बीएफ बीएफ: फिर मैंने मजे से उसके साथ चुदाई की…उसे पहली बार गांड चुदाने में बड़ा मजा आया …हमने उस दिन तीन बार चुदाई की।मैं साढ़े बारह पर उसके घर से निकल गया क्योकि उसका बेटा आने वाला था. कहकर अन्दर डाला !अहह अह्ह्ह बस और अन्दर नहीं !बेबी, अभी तो सिर्फ टोपा गया है … लम्बी लम्बी सांसे लो.

मैं अपनी पैंटी और ब्रा भी हटाई, मेरी फुद्दी और कांख के बाल देख वो नाराज़ हो गया !उसने तुरंत अपने बार्बर से शेव करवाया … और दो लोग अच्छे से मुझे मालिश कर रहे थे …. मेरी पहले की कहानियों के लिए कई लोगों ने मुझको मेल करके प्रोत्साहित किया, उसके लिए मैं आपका धन्यवाद देता हूँ. उसने शायद पूरा खड़ा और चोदने को तैयार लंड पहली बार देखा तो उसका मुँह खुला और आँख फटी रह गई…मैं मौका देख कर खिड़की के पास जा कर मुठ मारने लगा और लौड़े को उसको हर तरफ से दिखाने लगा और जल्दी ही मैं झड़ गया और मेरा वीर्य सीधे पिचकारी मारता हुआ उसके घुटने में जा लगा…वो मेरे चेहरे और लंड को मिले सुकून से मुस्कुरा दी तो मैंने उसको बोला- अंदर आ जाओ.

यानि चूत पूजा ! मैं एकदम से बोल पड़ा।ठीक है ! यह कह कर आंटी सामने वाले सोफ़े पर टांगें फैला कर बैठ गई।अब उनकी बुर के अंदर का गुलाबी और गीला हिस्सा भी दिख रहा था।मैं पूजा की थाली लेकर आया, सबसे पहले सिन्दूर से आंटी की बुर का तिलक किया, फिर फूल चढ़ाए उनकी चूत पर, उसके बाद मैंने एक लोटा जल चढ़ाया।अंत में दो अगरबत्ती जला कर बुर में खोंस दी और फिर हाथ जोड़ करबुर देवी की जय ! चूत देवी की जय !कहने लगा.

मुझे चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए मैंने उनकी बातों पर दयाँ नहीं दिया और ट्रेन के हिलने की गति के साथ ही हिल हिल कर लंड लेने लगी. ‘भाभी को ऊपर ले ले, मुझे भी तो गाण्ड मारना है!’उसका दोस्त नीचे लेट गया और मुझे उसके ऊपर लेट कर चूत में लण्ड घुसाने को कहा. ?मैडम ! आपको बुरा न लगे तो मेरा हाथ पकड़ लीजिए, मुझे तैरना आता है। आपको डूबने नहीं दूँगा। आप बैग को एक हाथ से ऊपर उठाइए तथा दूसरा हाथ मुझे थमा दीजिए।थैंक्यू !उसने अपना हाथ मुझे पकड़ाते हुए आभार व्यक्त किया। हम दोनों अन्य लोगों के पीछे-पीछे संभल कर चल पड़े।अगर बुरा न लगे तो क्या मैं आपका नाम जान सकता हूँ?”मेरा नाम रंजीता है। घर वाले मुझे.