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इस साल कुम्भ मेले के दौरान मेरी विधवा सलहज शान्ति ने पहले से टिकट बुक करवा रखा था, जिसके बारे में मुझे बाद में पता चला.जल्दी से तैयार होकर उसके घर पहुंच गया लेकिन घर जाकर देखा तो पता चला उसके घर पर बाहर तो ताला लगा हुआ था.

मैं उनसे चिपटी हुई थी तो मेरा बदन उनके साथ ही उठ रहा था बार बार और फिर मैंने महसूस किया कि उनका लण्ड फूल कर और मोटा और कठोर हो गया है. चाची भतीजे का बीएफ वीडियो मुझे लगता है कि चाची को जो भी देख लेगा तो पक्के में एक बार में ही उसका दीवाना हो जाएगा.

मैं कुछ देर तक उसे देखता ही रहा और उसके बाहर आने के बाद मैं जल्दी से नहाने घुस गया.

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क्या चुचे थे गोल गोल … बड़े बड़े …मैं एक को मुँह में दबा कर चूसने लगा. उसके मुख से धीमी सी आवाज निकली- ईईस्स …मैंने उसके कान के पीछे वाले भाग पे लगे पसीने की बूंदों पर जीभ को फिरा दिया. मैं ‘ऊह्ह आआह्हह …’ करते हुए नीचे से चूतड़ों को उछाल उछाल कर ‘हाय अंकल आह …’ कर रही थी.

उसने पूछ लिया- तुम्हारे कितने बॉयफ्रेंड हैं?मैं- कितने से क्या मतलब है तुम्हारा? एक ही तो होता है और फिलहाल मैं अभी सिंगल ही हूं. उसकी कमर के कर्व्स भी उसकी टाईट फिट कमीज में से अच्छी तरह से दिख रहे थे. अजय ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और फिर दोनों ही गांड चुदाई का मजा लेने लगे.

मैंने देखा कि वहाँ पर और कोई नहीं है, सिर्फ मैडम हैं जो एक जालीदार नाईटी में खड़ी हैं. मैंने कहा- भाभी प्रोटेक्शन नहीं है, आप प्रेगनेंट हो गयी तो?वो बोलीं- होने दो … उसी के लिए तो सोयी हूँ तुम्हारे नीचे. मैं भी कहां पीछे रहने वाला था, चढ़ाई कर चुका था, सो मैं भी अपने जिस्म को आगे की तरफ दबाव दे रहा था और मेरा लौड़ा उसकी गांड चीरते हुए अन्दर घुसता चला जा रहा था.

इतनी कम उम्र में इतनी फैल गई है तेरी चूत … मगर मेरी रांड तू ये नहीं जानती कि मेरा लौड़ा इन उंगलियों से दस गुना ज्यादा बड़ा है. मैं जिस दिन अपनी मौसी के घर आया, उसी दिन शाम को मेरी बहन भी वहां आ गई.

उसके कूल्हे और उसकी गांड मुझे इतनी मस्त लगे, जैसे उन्होंने मुझे मदहोश कर दिया हो.

अपना एक भी कपड़ा नहीं उतारा?तो मैंने भाभी की तरफ इशारा किया कि ये तो आपका काम है.

अंकल की नजर उसकी सूजी हुई चूत पर पड़ी और अंकल हंसने लगे और मेरी मां को एक किस करके बोले- हाय, आज तो मेरे बेटे को गिफ्ट लेकर दूंगा. हालांकि उनकी काली झांटों के कारण चूत तो ठीक से नहीं दिखी लेकिन नजारा बड़ा गर्म था. फिर पांच-सात मिनट के बाद सर्विस ब्वॉय कॉफी लेकर आ गया और उसने तीन कॉफी के कप ट्रे के साथ ही हमारे सामने रख दिया.

चुत की खुजली शांत बैठने नहीं दे रही थी और स्त्री शर्म पहल करने नहीं दे रही थी. वो इस बात से बिल्कुल ही बेखबर थीं। मैंने देखा कि भाभी किचन में काम कर रही थी. मैंने उसे जबाब देते हुए कहा- मैं भी तेरे को बहन मानता था, पर क्या करूँ यह लंड है कि मानता ही नहीं.

अब मेरे दिमाग में एक प्लान चल रहा था कि मैं कल ही मधु को चोद दूंगा और अगले दस दिन तक मधु को रगड़ रगड़ के चोदता रहूंगा.

नैना ने भी इंजीनियरिंग की थी तो हम दोनों बराबरी वाले थे, दोनों में खूब कॉम्पिटिशन होता था. मैं उसको काफी दिनों तक रुकवा रही थी क्योंकि मैं अकेली बाहर जा नहीं सकती. जब वीर्य के बाहर निकलने या अंदर ही रखने पर मेरा कोई वश न रहा तो मैंने वीर्य के आवेग को अपने मन में उठ रहे आनंद के हवाले कर दिया.

अम्मी अंकल के सीने पर किस करने लगीं और उनकी घुंडियों को काटने लगीं. इस चूत का भोसड़ा बना दे आज… आह्ह … बहुत प्यासी है ये चूत तेरे लंड की।इस तरह पंद्रह मिनट तक मैंने सोनल भाभी की चूत को जमकर चोदा और वो दो बार झड़ गई. मेरी छाती पर बैठ कर फिर खुद आगे की तरफ सरक गयी जिससे उसकी चूत मेरे मुँह पर आ गई। चूत को मेरे मुंह पर लगाने के बाद सुचिता ने जोर-जोर से अपनी चूत को मेरे मुँह पर रगड़ना शुरू कर दिया.

मैंने उनसे उनकी इस कहानी में सब कुछ बिंदास बताने को कहा, तो वो भी खुलती चली गईं.

रश्मि- लेकिन इसके बाद अगर तुम्हें राज के लंड की आदत लग गयी, तो मेरा क्या होगा?उसकी इस बात पर सब हँसने लगे. उसके कामरस की बहुत ही मोहक गंध मुझे पागल किये जा रही थी।फिर मैं धीरे धीरे उसकी पैंटी उतार रहा था और चूमता भी जा रहा था.

चाची भतीजे का बीएफ वीडियो मैंने भाभी को थैंक्स लिखके भेजा, तो उन्होंने ख़ुशी भरा मैसेज भेजकर उस मिले आनन्द के लिए थैंक्स बोला. मैंने आंटी को घोड़ी बनाया और पीछे से मैंने लण्ड उसकी चूत में डाल दिया.

चाची भतीजे का बीएफ वीडियो दौड़ते दौड़ते मंजिल करीब आ गई और लण्ड ने पिचकारी छोड़ दी लेकिन मैं ट्रेन रोकना नहीं चाहता था. लो ये लंड ठण्डा पड़ गया है, इसे चूस कर गर्म करो … इसे अपने मुँह में ले के चूसो.

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मैंने कहा- अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा है, पहले एक बार चुदाई कर लेते हैं, फिर खाना खाएंगे. वो बोली- बताओ न क्या कुछ है?मैंने कहा- यार कल मेरा जन्मदिन है और मैं ये तुम्हारे साथ सेलिब्रेट करना चाहता हूँ. जी! मुझे पता है लेकिन अपना आबाद होना या फना होना … ये तो खुद के इख्तियार में ही है और सपने देखने पर तो कोई पाबंदी नहीं.

उस दिन के बाद से तो मुझे रात दिन भाभी की सफेद कच्छी में छिपी हुई चूत की याद सताने लगी. मैं उसकी चुत को जांघों से लेकर उसके पेड़ू तक किस करता रहा और वो टेढ़ी होती बार बार!अब वो चुत के अंदर जीभ के जाते ही तेज़ सिसकारी लेती- ससीईई ईईईई अहह हहाह हहह!काफी समय हो गया था ये सब करते करते … तो मैं उठा और उसकी ब्रा का हुक खोल दिया, उसके बूब्स उछल कर ऊपर आ गये. एक दिन जीतू मेरे घर आया और मेरी मम्मी किचन में काम कर रही थी तो जीतू मुझे मेरे बेडरूम में ले गया और मुझे किस करने लगा.

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उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम सोनू (बदला हुआ) बताया। धीरे-धीरे मैंने उससे उसके बारे में पूछा तो पता लगा कि वो भी मेरे कोचिंग सेंटर में ऑटो कैड सीखने जा रही है।मैंने उसे अपना परिचय दिया और बताया कि मैं भी वहीं से कोचिंग ले रहा हूं।मगर मेरे मन एक सवाल चल रहा था कि मैंने उसको कभी पहले अपने कोचिंग सेंटर में नहीं देखा था. मगर मैंने प्रयास जारी रखा और धीरे-धीरे करके उसकी चूत में लंड को अंदर तक प्रवेश कराता रहा. मैंने पूछा- अच्छा, अब कब मेरे लण्ड की सवारी करोगी? कल फिर आऊं क्या?भाभी बोली- ना बाबा ना … अब तो एक हफ्ते तक मैं किसी से भी नहीं चुदवाऊंगी। मेरा अब मन नहीं है।मैंने कहा- अच्छा जब भी मैं गांव आऊंगा तो मुझे अपनी चूत चोदने का मौका तो दोगी न?वो बोली- हां क्यों नही … अगर मौका मिला तो जरूर दूंगी। चलो अब जाओ यहां से, मैं बहुत थक गई हूं.

वापिस मैंने उसकी साड़ी उठाई और लंड को एक धक्के में चुत के अंदर डाल दिया. अब भोला मेरे पीछे की तरफ मेरी कमर को मोड़ कर पीछे से लंड मेरी चूत में घुसाने लगा. लेकिन उसकी बुर से खून निकलने लगा और वो रोने लगी तो मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया.

पूरा लंड पेलने के बाद अंकल ने अम्मी की चूची मुँह में दबाई और लंड के धक्के लगाना शुरू कर दिए. लगभग 11 बजे कॉलबेल बजी, मैंने दरवाजा खोला तो मेरी जानेमन, गुले गुलजार बेबी खड़ी थी.

ब्रश करते-करते वो सहसा मेरी तरफ घूमी और बोली- अरे हां तुम जब हग लेना तो मुझे बता देना, मैं तुम्हारी गांड साफ कर दूंगी. मुझे लिखना नहीं आता है, इसलिए थोड़ा ऊपर नीचे हो जाए, तो मुझे मेल करके जरूर से बताना कि मेरी गलती कहां हुई है. मैंने उसके हाथ से क्रीम की शीशी लेकर लण्ड पर क्रीम चुपड़ी, डॉली को कमर से पकड़कर उठाया और अपने लण्ड पर बैठा दिया.

खाना बन गया था, नेहा ने मुझे आवाज़ लगायी लेकिन मैं हैडफोन लगा कर फिल्म देख रहा था तो सुनाई नहीं दिया.

उसने अपने ब्लाउज के ऊपर के दो बटन खोल रखे थे, जिससे मुझे उसके मम्मे पूरे पूरे के पूरे साफ़ दिखने लगे थे. मैं रोज कभी चूत में खीरा या बैंगन डाल कर खुद को शांत करती, पर लंड की कमी खलती रहती. फिर वो सीधा हो गया और उसने खुद का शॉर्ट नीचे किया और लंड बाहर निकाला.

नैना ने भी इंजीनियरिंग की थी तो हम दोनों बराबरी वाले थे, दोनों में खूब कॉम्पिटिशन होता था. मैं उसके कमरे में जब सफाई करने गई तो वो अपने लैपटॉप में कुछ देख रहा था.

वो मेरे करीब आई और उसने अपने मुँह में भरा हुआ घूँट मेरे होंठों से लगा दिया. लेकिन लड़कियां फिर भी अपनी भावनाओं को छिपा जाती थीं लेकिन लड़कों की गांड से उठते धुंए की गंध मुझे साफ-साफ महसूस हो जाती थी. फिर मुझे नींद आने लगी तो मैंने भाभी से पूछा- भाभी, हमें कहां पर सोना है?भाभी बोली- हम दोनों एक बिस्तर पर सो जायेंगी और संजीव तथा तेरे भैया दूसरे बिस्तर पर सो जायेंगे.

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अब आगे की कहानी का मजा लें!पढ़ाई खत्म हो गयी … उपिंदर कहीं और चला गया … धीरे धीरे उन सब बातों की यादें धूसर हो गयी।मैं नौकरी करने लगा, फिर से अजय बन गया। फिर कोई उपिंदर जैसा नहीं मिला।घर वालों ने मेरे लिए लड़की देखनी शुरू कर दी। शादी करने में मेरी कुछ खास रूचि तो नहीं थी पर सोचा ठीक है जो हो रहा है.

भाभी- बुरा तो नहीं लगा, लेकिन तुम अभी छोटे हो, यही सोच कर मैं कल चली गयी थी. हिरेन के लंड को देख कर मैंने उसको छूने की सोची लेकिन साथ ही यह भी सोच रही थी कि अभी यह 18 का ही हुआ है. मैं पीठ के बल लेट गया और उसको अपने ऊपर लिटा लिया और उसकी चूची चूसने लगा.

मेरी चूची जल्दी ही गोल आकार लेने लगी और सारे बदन पर कुछ अजीब सा नशा रहने लगा. चूस लो इसे भाभी।मेरे कहते ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह में भर लिया और तेजी के साथ उसको चूसने लगी. सेक्सी पोर्न विडीओमौसी ने कहा- हां बेटा बता?मानसी बोली- मौसा से तलाक लेने के बाद आपको अकेलापन तो महसूस होता होगा न?मौसी बोली- होता तो है लेकिन उन्होंने मेरी बात मानी भी तो नहीं.

अंकल ने मेरी शर्ट ऊपर सरका दी और मेरे स्तनों को ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगे. आप सबको यह कहानी पसंद आई हो तो कमेंट करके बताना और मुझे मेल भी करना.

मैंने दीवार को ध्यान से देखा तो सामने वाली दीवार पर हिरेन के लंड से छूटी वीर्य की पिचकारी लगी हुई थी. जिन लोगों ने पिछले भाग को नहीं पढ़ा, पहले वो पढ़ लें और कहानी को पढ़कर लंड हिलाएं, चुत चोदें. वो बोली- क्या करते हो?मैंने कहा- अभी किया कहां है?उसने मेरी तरफ देख कर कहा- कुछ करना भी नहीं.

मैंने बिस्तर पर से उठ कर तनाव के कारण कड़कड़ाते हुए अपने लिंग को अपने अंडरवियर के अंदर हाथ डाल कर अंदर ही अंदर अपने पेट के साथ-साथ ऊपर नाभि की तरफ सेट किया. दो-तीन चक्कर लगाने के बाद नम्रता बैठ गयी और फिर मुझे छत का चक्कर लगाने को बोली. मुझे तैयार होने में आधा घन्टा लगेगा … ओके रखती हूँ, मुझे तैयार होना है.

उस काम की देवी के पास से ऐसी खुशबू आ रही थी कि बस मैं उसके वश में होता जा रहा था.

बस इतना कहते ही मैंने टी-शर्ट और पेन्ट निकाल दी और अंडरवियर में आ गया. जिससे भैया मुझ पर बुरी तरह से गुस्सा हो गये और गुस्से में वे मेरे पीछे भाग रहे थे और मैं आगे आगे … इसी भागदौड़ में मैं फिसल कर गिर पडा और मेरे पैर की हड्डी ही टूट गयी जिसकी वजह से मुझे अब दो तीन‌ महीने बिस्तर पर ही रहना पड़ा.

अब मैं अपने बेटे से बोली- आज तुम मेरी चुदाई ऐसे करो जैसे मेरे साथ जबरदस्ती की जा रही हो!वो भी पूरे मूड में आ गया और एकदम किसी गुंडे जैसे रोल में आकर गुस्से में मुझे गोद में उठा कर मेरे साथ गुंडे जैसा बिहेव करने लगा. अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरी पिछली कहानीसिनेमा हॉल में मस्ती गोदाम में चुदाईआपने पढ़ी और खूब ईमेल भी किये।यह कहानी काल्पनिक है, मनोरंजन मात्र के लिए लिखी गयी है।मेरा नाम विक्रम है, जयपुर में रहता हूँ. एक दिन में क्लास में जल्दी आ कर बैठी थी, तो मेरी उससे हाय हैलो हुई, वो मेरे पास बैठ गया.

वो अब दोनों उंगलियों को धीरे धीरे मेरी गांड में अन्दर बाहर करने लगा. मगर ऐसा नहीं कि मैंने कुंवारी लड़कियां नहीं चोदी थीं … मगर शादीशुदा औरतों के मुकाबले बहुत कम बार मुझको सील तोड़ने का मौका मिला था. मैंने पूछा- नम्रता डर तो नहीं लग रहा है?नम्रता बोली- जानू, सुहागरात की फीलिंग आ रही है, जब मेरे पति मेरी चूत को चोदने के लिये मुझे तैयार कर रहे थे और मेरा दिल बहुत तेज-तेज धड़क रहा था और …तभी फक से सुपारा अन्दर चला गया और नम्रता के गले से चीख बाहर आ गई.

चाची भतीजे का बीएफ वीडियो मैंने उसके निप्पलों को अपनी एक उंगली और अंगूठे के बीच में दबा कर मसला तो वो उसके मुंह सिसकारी निकल गई. अजय को भी ऋतु के बर्ताव से शायद ये अंदाजा हो गया था कि मेरी बीवी को हाइ-फाई लाइफ पसंद है.

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मस्त मोटे मोटे 36 साइज के बोबे, पीले रंग के ब्लाउज से आधे बाहर झांक रहे थे. फिर एक हाथ से मेरे दूध को जोर जोर से मसलने लगा, मेरी तो जान निकलने लगी थी, उसका किस करना मुझे बहुत गन्दा लग रहा था. हर वक़्त सोते रहते हो, हटो यहां से!मैं हट गया, जाकर कमरे में चला गया, तब उसने अपनी पैंटी डाली और उसको अपनी स्कर्ट से ढक दिया.

पतली कमर और उसके नीचे फैलते हुए चौड़े व भारी नितम्ब।यह नजारा देख कर एक बार फिर से मेरी दिल की धड़कन बढ़ गई थी। इस बार मैंने हिम्मत करके भाभी से पूछ ही लिया- भाभी, आज मेरा एग्जाम है और आप को तो जैसे कोई चिंता ही नहीं थी मेरी. मैं अक्सर डिक्शनरी में योनि, लिंग, सम्भोग, स्तन, शब्दों के पर्यायवाची खोजती जिनसे मुझे एक सुखद अनुभूति मिलती. इंडियन ब्लोजॉबलो ये लंड ठण्डा पड़ गया है, इसे चूस कर गर्म करो … इसे अपने मुँह में ले के चूसो.

उसने उठ कर दरवाजा हल्का सा बंद कर दिया ताकि हमारी सेक्स की आवाजें बाहर न जा सकें और हमें सर्दी भी कम लगे.

अब मैं अपने बेटे से बोली- आज तुम मेरी चुदाई ऐसे करो जैसे मेरे साथ जबरदस्ती की जा रही हो!वो भी पूरे मूड में आ गया और एकदम किसी गुंडे जैसे रोल में आकर गुस्से में मुझे गोद में उठा कर मेरे साथ गुंडे जैसा बिहेव करने लगा. वो हड़बड़ा गई और बोली- चाचू वाट द फ़क … आप कर क्या रहे हो?मैंने तुरंत जवाब दिया- वही, जो तू कर थी.

वो बोली- क्या हुआ … रुक क्यों गए?मैंने ना में सिर हिलाया और अपनी तरफ खींच के उससे फिर से प्यार से किस करने लगा. उनकी मैक्सी का गला इतना बड़ा होता था कि अगर भाबी कभी झुकी हुई दिख जाती थीं, तो मुझे उनकी दोनों चुचियां बाहर आती हुई दिखने लगती थीं. फिर उस रात जब वो मुझे पढ़ाने के लिए आई तो मैंने देखा कि उन्होंने एक सेक्सी सी नाइटी पहन रखी थी.

उसके मुंह में जाते ही मुझे ऐसा लगा जैसे किसी गर्म खोपचे में मेरा लण्ड घुस गया हो।मेरा लण्ड पहली बार कोई चूस रहा था.

फिर ऋतु ने खुद ही अजय से पूछा- सर, आपको मेरे अंदर कौन सी चीज़ सबसे ज्यादा पसंद आई जो आप मेरे दीवाने हो गये हो?अजय बोला- वैसे तो तुम पूरी की पूरी ही मस्त हो लेकिन तुम्हारी गांड इतनी जबरदस्त लगी मुझे कि मैं इस पर लट्टू हो गया हूँ, मैंने आज तक किसी महिला की ऐसी गांड नहीं देखी है जैसी तुम्हारी है. मैंने एक बार मंजे हुए तरीके से नम्रता की गांड का अवलोकन किया और सेन्टर लेकर कई बार लंड को गांड में रगड़ता और बाहर कर लेता. मन कर रहा था कि बस यहीं इसको चूस लूं। लेकिन मैंने किसी तरह अपने आप को संभाला।काफी रात हो गयी थी.

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मैंने नींद आने से पहले ही उसको आगाह करते हुए कहा- शान्ति अगर नींद में मेरे हाथ-पैर तुमसे टकरा जायें तो नाराज मत होना. मेरे कूल्हे ज्यादा बड़े होने की वजह से निहारिका के कूल्हे बिल्कुल उभर आए थे. मैंने उसी स्थिति में लौड़ा उसकी चुत में फिट किया और धक्के लगाना शुरू कर दिया.

एक दिन की बात है, उसकी तबियत ठीक नहीं थी, उस दिन वो बाहर अकेली बैठी थी. मेरे लौड़े ने उछल-उछल कर पानी छोड़ दिया था जो कच्छे पर भी लगा हुआ दिखाई दे रहा था. इतने मैं आगे से सनी जी भी आ गए और बोले- तुम्हारे पास पूरी रात है … बताओ क्या क्या करते तुम?मुझे विश्वास नहीं हुआ, वो दो इतने सुन्दर और बॉडी वाले लड़के मुझसे चिपके हुए थे.

थोड़ा मुँह चुदाई के बाद, उसको पहले वाली पोजिशन में किया और चूत और गांड एक साथ बारी बारी से लंड पेल कर चोदने लगा. अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैं उसको नीचे देखने गया तो दोनों बहनें आपस में बात कर रही थी. एक दिन मेरी पत्नी ने बताया कि तीन लोगों का परिवार है, भाभी, उनका बेटा और बहू.

अब राहुल उसको लेकर पूल की दीवार के सहारे सहारे चलने लगा और अब उसका हाथ रीमा के मम्मे टकरा भी जाते थे तो उसे कोई संकोच न था. वो बाथरूम में जाती, तो मैं छत से बाथरूम में उसको पूरी नंगी देखता था.

लेकिन जब मैंने तुम्हें देखा तो मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा, मुझे लगा हो सकता है ये मेरा वहम हो.

वो फिर से बोल पड़ी- मास्टर प्लीज फ़क मी … (कृपया मुझे चोद दे मेरे मालिक)हम्म. ब्लू फिल्म देसी इंडियनलेकिन मैं सोच रहा था कि शायद तुम्हारा मन इनसे चुदने का नहीं हो इसलिए मैंने मना किया था मगर तुमने तो सारी हद पार कर दी. सेक्स बाजार सेक्सबस अगले पल ही उसका पूरा जिस्म ढीला हो गया और कसे हुए पैर अलग हो गए. जिस कारण नताशा वहां और रुकने की इच्छा जाहिर कर रही थी, मैं उसकी बात मान गई हूँ.

वो अंदर लाल रंग की ब्रा और पेंटी में संगमरमर की मूरत के समान चमक रही थी।मैं ऊपरवाले से मन ही मन कह रहा था कि मैं इस रात के लिए हमेशा तेरा गुलाम रहूँगा।उसके वक्ष बिल्कुल सुडौल, गोल आकार के, सपाट पेट, गोल और गहरी नाभि.

लग रहा था कि एक-दूसरे में समा जाएंगे। वो मेरे होंठों को ऐसे पी रही थी जैसे कि खा ही जाएगी. ज्योति बोली- तो आज तोड़ भी दो सारी दीवार … और हो जाओ दो जिस्म एक जान. फिर मैंने उसके मोबाइल में गैलरी में जाकर उसकी पिक चैक करने लगा, तो वहाँ उन दोनों की कुछ न्यूड फोटो पड़े थे.

जैसे जैसे बटन खुल रहे थे, वैसे वैसे मेरी किस्मत के ताले खुल रहे थे. और अभी तो बीयर पीनी है … तो तुम कहीं नहीं जा रहे।मैं कुछ समझ नहीं पाया. जो भी खर्चा होगा, मैं मैं दे दूंगी।शायद वह भी मेरी इस द्विअर्थी बात का मतलब समझ चुका था।मैं वापस से अपने बालों को सुखाने लगी और अचानक से वो अंदर आया और बोला- अरे मैडम! आप तो बहुत गीली हो चुकी हो।मैंने कहा- हां, वो तो है.

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मैं उन्हें अपनी जवानी को निहारने का मौका देने लगी थी और मैं भी चुपके से उनके सीने को और लुंगी के आगे वाली जगह को निहारती रहती थी. अब स्थिति ये थी कि दीक्षा की गर्दन तथा कानों को अपने होंठों से चूस रहा था. बीच बीच में शुभम जी लंड निकाल देते, जिससे गांड का छेद खुला का खुला रह जाता.

मैंने अपने कपड़े निकाले और एक एक करके चाची के सारे कपड़े निकाल दिए.

अम्मी बोलीं- परवेज जी, हमारा ये रिश्ता किसी को पता नहीं चलना चाहिए.

इससे पहले मैं पीछे देखता, उससे पहले बंटी जी ने मुझे पीछे खींचते हुए चिपका लिया और बोले- अब बोलो क्या करते आप?मेरा पूरा बदन पीछे उनसे सटा हुआ था. माथे पे सफ़ेद रंग की छोटी से बिंदी उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रही थी. इंडियन गर्ल फर्स्ट टाइम सेक्समोनिषा इस तरह से लंड चूस रही थी, जैसे मानो लंड चुसाई में वो बहुत एक्सपर्ट हो.

मैंने सोफा को ठीक किया कि किसी को लगे नहीं कि सोफा पर कुछ किया हो, सोफे पर से चुदाई के पानी को साफ़ किया. इसलिये हम दोनों को एक ही सीट पर बैठना था।हम दोनों ट्रेन में जाकर बैठ गये. उसने राहुल को जोर से बेड पर धक्का दिया और उसके बगल में लेट कर उसकी आँखों में आँखें डाल कर उसे कभी देखती कभी चूमती.

खैर मेरी ये इच्छा भी उदयपुर में आकर पूरी हुई।मैं एक साल पहले यहां पढ़ाई करने आया था और एक रूम लेकर रहने लग गया। मैं जिस रूम में रहता था वहीं पास में एक कपल भी रह रहा था. कभी उसके बालों को चूस लेता तो कभी उसकी चूत की फांकों को दांतों से पकड़ कर खींच लेता.

वो बोली- बताओ न क्या कुछ है?मैंने कहा- यार कल मेरा जन्मदिन है और मैं ये तुम्हारे साथ सेलिब्रेट करना चाहता हूँ.

कभी कभी मेरी वो मेरी चूची को दबा देते थे, तो मेरी हल्की सी चीख निकल जाती थी. सबसे पहले मैंने तौलिया हटाया, अपने नंगे बदन पर परफ्यूम लगाया और गुलाबी रंग की ब्रा और पेंटी पहनी, फिर गुलाबी रंग का पेटीकोट और ब्लाउज़, फिर मैंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी. आज तक सिर्फ पॉर्न मूवी में देखा था, पर अब उस पल को महसूस कर रही थी.

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मैंने नेट से भोपाल के बाहर ग्रीन व्यू रिसॉर्ट में 3 दिनों के लिए एक सुइट बुक कर दिया. फिर जब सब हो गया, तो उन्होंने मेरी छाती पे किस की और नीचे को किस करती हुई फिर से लंड तक पहुँच गईं. फिर थोड़ी देर में वो फिर से ऊपर आ गया और अपने हिसाब से थोड़ी स्पीड बढ़ा दी.

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ज्योति बोली- मगर अब तुम्हें ये सब करने की जरूरत नहीं।जब मैं उसकी बात समझ नहीं पाया तो वह कहने लगी- तुमने दिन में जो सुना था वह सब सच है. ताऊ जी ने डिब्बे से तेल निकाल कर कोमल की गांड में डाल दिया और कोमल की जांघ पर चढ़ कर बैठ गए. मैं- और चाची … बच्चे कहां हैं और चाचा कहाँ हैं?चाची- छुट्टियां हैं ना, बच्चे अपने मामा के घर गए हैं … और तुम्हारे चाचा अपने काम से निकले हुए हैं.

उसने मेरे लंड पर हाथ फेरा तो मैंने उसकी जींस के बटन खोल कर उसे भी उतार दिया. अब ऐसे ही कुछ दिन बीत गए, कभी कभी उससे व्हाट्सैप पर थोड़ी बहुत बात हो जाती.

दोस्तो, मैं क्या बताऊं, उस समय मैं इतना जान गया था कि पारुल भाभी ने मुझे ख़ुश कर दिया है.

कभी बाहर घूमने चले जाते तो कभी साथ में आइसक्रीम खाने के लिए निकल जाते थे. अब मैं उसकी चूचियों पर पूरी पकड़ बना कर उसके चूचियों को मसलने लगा था और वो भी पागल हुए जा रही थी. अभी तक आपने पढ़ा:अब आगे:दोनों को बातें करते देख सीमा चिल्लाई- राहुल, क्या रीमा को ही सिखाओगे … मुझे नहीं?राहुल तैर कर सीमा के पास आया.

पेशाब की तेज़ और गर्म धार छूट गई, पेशाब के साथ साथ बॉस का वीर्य भी बाहर आ रहा था, गर्म गर्म पेशाब मेरी जांघों से होता हुआ नीचे गिर रहा था. दोस्तो, मेरी यह कहानी आपको कैसी लगी इसके बारे में मुझे मेल करके जरूर बताना. मैंने पूरी ताकत से भाभी की चूत में दो धक्के लगाए और मेरा वीर्य उछल कर बाहर आने लगा.

जैसे ही वो घर आयी तो मैंने तुरंत उसको चलने के लिए कहा क्योंकि मूवी का टाइम होने ही वाला था.

चाची भतीजे का बीएफ वीडियो: तब उस आदमी को और हिम्मत मिली और वह मेरी मां की कमर पकड़कर उसकी गांड पर लंड रगड़े जा रहा था। मेरी मां भी अब उसका साथ देने लगी. फिर उसने अपनी कार से मेरी कार को टोचन किया और धीरे-धीरे करके मेरी गाड़ी को अपने गैरेज लेकर आ गया.

हम एक दूसरे में इतने खो गए थे कि एक दूसरे का साथ छोड़ ही नहीं रहे थे. अब मैंने उसके पूरे मम्मे को मसलते हुए मुँह से तेज तेज चूसना शुरू किया. जिससे मेरा वीर्य भाभी के हाथ पे ही छूटा और कुछ बूंदें नीचे गिर गईं.

मैंने दीदी से कहा- क्या आपको प्यास नहीं बुझानी?दीदी मेरा इशारा समझ गयी.

लेकिन मैंने अपनी चुदाई की स्पीड कम नहीं की, जिससे अब आंटी तड़प उठीं, वे बोलीं- रुक जा मादरचोद … थोड़ा सांस तो लेने दे … क्या मेरी जान ले लेगा इस भोसड़ी के चक्कर में. सीमा ने राहुल का बरमूडा नीचे खींच दिया और उसका लंड मुंह में ले लिया. लेकिन आज पता चला कि मेरी बीवी के पास चुदवाने के लिए चूत के अलावा एक और छेद भी है.