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मैंने उनको एक दूसरे से गुंथते छोड़ कर कमरे से बाहर निकल कर बाहर से दरवाजा लॉक कर दिया. मेरे सास ससुर और चाचाजी का बेटा बीच की सीट पर बैठे और सबसे पीछे की सीट पर मैं और इरफान हमारी बेटी को लेकर बैठ गए. वो धीरे से मुझे चुम्बन करने लगी और अपने होंठों को मेरे होंठों के साथ सटा कर उसने एक लम्बा चुम्बन किया.

जबसे मेरी गर्लफ्रेंड की शादी हो गई थी … तब से मेरे लंड को चूसने वाली भी कोई नहीं बची थी. उसकी 34 इंच की उठी हुई गठीली चूचियां और उनके ऊपर काले-काले चूचक हल्का स्लोप लिए हुए पेट में गहरी नाभि, आज साली लाल पैंटी में गजब सुंदर लग रही थी. अब मैंने नीचे से उसकी टीशर्ट में हाथ डाला और ब्रा के ऊपर से चूचियों को सहलाने लगा.

फिर मुझे शक लगने लगा कि शायद मेरा दोस्त जुनैद अच्छे से चोद नहीं पाता है.

शीतल बड़ी जबर्दस्त चुदक्कड़ निकली, उस ने मेरे लंड को मानो निचोड़ लिया था. उसी वक्त शिवानी बोल पड़ी- यार तुमने इतने मजे लिए हैं, आज भी बीच में आ रही हो, राज को करने दो.

शहर के बीएफ मेरी जान मैंने तुम्हें जो चाहिये था वो तो दिया, पर अब मुझे कब शांत करोगी!मैं अपने आपको छुड़ाने की नाकाम कोशिश कर रही थी. पर अंजना रुकी नहीं, उसे अपने हाथ में एक हैवी लन्ड महसूस हो रहा था- तुम मेरे मम्मों से खेलो, मैं तुम्हारे लन्ड से!इतना कह कर उसने अपने गर्म गर्म होंठ राहुल के होंठों पे रख दिए और चूसने लग गई.

शहर के बीएफ थोड़ा सा रमेश के लंड के साथ खेलने के बाद उसने अपने रसीले खूसूरत होंठ उसपे लगा दिए और उसको चूसना शुरू कर दिया. अगले दिन मेरा ऑफ था, मैंने उसे मैसेज किया और उसका मोबाइल नंबर ले लिया.

हस्त मैथुन के दौरान समीर लड़कियों की तरह आह उहू कर रहा था, जिससे मुझे भी लंड रगड़ने में मजा आ रहा था.

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मैंने अपनी मामी के बारे में सुना हुआ था कि उन्होंने शादी से पहले बहुत मजे लिए हैं और शायद अभी भी उसी राह पर हैं. होटल में पहुँच कर मैंने एक रूम बुक किया और चाभी लेकर हम अपने रूम में जाने लगे. वैसे तो समाज की नज़रों में इन भाई बहनों के बीच में ये बिल्कुल ही नाजायज रिश्ते स्थापित हो चुके थे, पर इन तीनों भाई बहनों के लिए ये तो एकदम पवित्र प्रेम था.

मैं- फिर कब मिलोगी?आयशा- जल्दी ही, तुमने जो आग लगा दी है, उसे बुझाने तो तुम्हारे ही पास आना पड़ेगा. अब और कितना इन्तजार करना पड़ेगा, वो साली सुमन दिन पर दिन क़यामत बनती जा रही है. ये पहली बार था, जब मैं शीशे के सामने खड़े होकर अपनी सगी बेटी को पेल रहा था.

राहुल- अभी लो, वो किचन में है, बात करवाता हूँ।लता- हेलो राजेश जी, नमस्ते।मैं- नमस्ते लता जी कैसी हो, क्या इरादा है आज रात का?लता हंसती हुई- घर आओ, तब बताऊँगी भी और दिखाऊँगी भी इरादा, पर ये निश्चित है आज रात तुम सो नहीं पाओगे, पूरा निचोड़ दूँगी.

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फिर मैं एकदम से खुश हो गया कि आज मुझे चूचियों से सीधे दूध पीने को मिलेगा और दूसरी बात कि आयशा शादीशुदा है तो फिर कंडोम की भी जरूरत नहीं, क्योंकि मैंने आज तक अपनी गर्ल फ्रेंड्स को कंडोम के साथ ही चोदा था, हाँ पर उनकी गांड मैं बिना कंडोम के ही मारता था. शिवानी ने मेरी पैंट और अंडरवियर को नीचे जमीन तक खींच कर निकाल दिया.

कल मेरे जाने के बाद बिल्ली आई थी और तेरी लुंगी तेरे लंड से हटी हुई थी, तब वो उसे चाट रही थी. मैंने थोड़ा इंतजार किया, जब पानी गिरने की आवाज आई तो मैं बैठे-बैठे पंजों पर सरकते हुए दीवार की ओट से देखने लगा. जब दरवाजा खोला तो सामने एक लड़का और लड़की खड़े थे, जो दिखने में बहुत अच्छे घर के लग रहे थे.

रमेश सोफे पर लेटा हुआ था, काजल झुक कर उसका लंड चूस रही थी और सुरेश काजल के नीच लेट कर उसकी चूत के साथ खेलने लगा.

उसने भी अपने पैर फैला दिए जिस से चूत का चाटना और गांड में उंगली का खेल और मस्ती से होने लगा. उस टाइम जो खुद से बड़ी उम्र की लड़कियों और औरतों को चोदने का चस्का लगा, वो आज भी है. गुलशन जी ने खाना लगाया और सुमन को नींबू काट कर चूसने को दिया, जिससे उसका नशा थोड़ा कम हो और एक गिलास में नींबू पानी भी बना के उसको पिला दिया, जिससे उसकी हिचकी बंद हो गई.

मैं नींद में था तो उस वक़्त उस बात का मतलब नहीं समझा और मैंने अपने हाथों को मामी के शर्ट में डालने की कोशिश शुरू कर दी. मेरा चेहरा लाल पड़ने लगा पर पर मैं कुछ नहीं बोल पाई, मेरी हालत तेजी से खराब होने लगी.

मैंने उस वक्त तो सिर्फ उसके गाल पर हाथ ही फ़ेर कर अपना काम चला लिया. वह मुझे बांहों में दबोच कर कपड़ों के ऊपर से ही तेज तेज झटके मार रहा था. मेरी कहानी के पहले भागमेरी जयपुर वाली मौसी की ज़बरदस्त चुदाई-1में आपने पढ़ा कि मैं जयपुर घूमने के लिए अपनी मौसी के घर आया.

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मैं अन्दर ही अन्दर खुश हो गया और वापस मेरा लंड एक बार फिर से तन गया.

और मैं उन्हें बेड के करीब ले गया और उन्हें बेड पर लिटा कर उनके ऊपर चढ़ गया. जिस वजह से वो मुझ से सब बातें शेयर करती थी। मैं उस के बॉयफ्रेंड को भी जानता था तथा उस से कई बार मिला भी था। कनिका ने मुझे उस के बारे में कई बातें बताई थीं कि वो कैसे उस के नजदीक आने की कोशिश करता रहता था. बहू रानी बड़ी सजधज कर टिपटॉप होकर आयी थी; मुझे भी कुछ यूं लग रहा था जैसे मैं फिर से अट्ठाईस साल का जवान हो गया हूँ और साथ में मेरी गर्लफ्रेंड चल रही है जिसे रात में जी भर के चोदना है.

माया का मुँह भर गया और उस्मान का मुठ उसके मुँह से निकल के बाहर आने लगा. जब भाभी को मैंने बताया कि मेरा लण्ड लेडी डॉक्टर ने 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा कर दिया था तो भाभी बोली- मैं नहीं मानती, मुझे दिखाओ।मैंने भाभी से कहा- पहले आप अपनी चूत दिखाओ?तो वे कहने लगी- नहीं, मैं फीता लाती हूँ और तुम्हारा नाप कर देखती हूँ।भाभी दराज से फीता निकाल लाई और बोली निकालो. पार्क सेक्स बीएफमैंने कहा- ठीक है नहीं जाता हूँ लेकिन तुम्हें क्या हो गया? कुछ बोल क्यों नहीं रही हो?वैसे मुझे तो पता था कि बेचारी कैसे बोलती कि उसके चूत में खुजली हो रही है जिसे वो मिटावाना चाहती थी.

टीना- तुझे ये सब कैसे पता लगा?फ्लॉरा- अरे, वो इंस्पेक्टर अंकल मेरे पापा के बहुत करीबी दोस्त हैं, वो हमारे घर आए थे, तो पापा को उन्होंने बताया और मैंने सुन लिया. यह कहानी मेरी और रीना की है, यह मेरी पहली कहानी है, यह घटना बिल्कुल सच है.

फिर उसको सोफे पर बिठा कर चूत पर किस करना शुरू कर दिया, तो वो एकदम से सिहर उठी और मेरे सिर को अपने चूत में दबाने की कोशिश करने लगी. देखो मिरर में कैसे मैंने अपनी बेटी की मोटी ताज़ी गांड को पकड़ा हुआ है… और मेरा लंड अपनी जानू बेटी की टाइट चूत मैं कैसा मस्त लग रहा है. लेकिन माया ब्रा पेंटी पहन कर ही ऑफिस आई उसने सोचा था कि जल्दी से केबिन में आकर ब्रा पेंटी उतार लेगी.

उसके बहुत ज्यादा फ़ोर्स करने पर मैंने बस इतना बोला कि जा उससे बात कर, जिससे गार्डन में कर रही थी. जीभ को मैं धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करने लगा और अपने हाथों से उसकी गांड मसलने लगा. मैंने कहा- यार चूची चूसने की प्यास कभी बुझ सकती है क्या?फिर मैं अपना एक हाथ उसकी जींस के ऊपर से ही उसकी चूत पर ले गया और दबा दबा कर सहलाने लगा.

दर्द के मारे मेरे मुँह जोर की चीख निकली और मेरी आँखों में आंसू आ गए.

कुछ देर बाद उन का दर्द कम होने लगा और मैं और तेज से धक्के देने लगा. फिर मैंने रसोई में जाकर पानी पीया और वापिस आ कर सो गया।सुबह मैं 5 बजे जब उठा तो मेरी आँखों के सामने वही रात वाला दृश्य नजर आ रहा था। अब मैं अपनी बहन के कपड़े ठीक करने लगा.

मैं जब स्कूल जाती हूँ तब सब लड़के और अंकल वगैरह मेरी प्यारी सी गांड को ऐसे घूरते हैं कि जैसे अभी लंड डाल देंगे. इसी तरह मैंने और चाचाजी ने 7 दिन की टूर में 2 रात चुदाई करते हुए साथ बिताए और घर आकर भी हम दो महीने से जब भी मौका मिलता है. मैं अपनी जीभ को धीरे धीरे नीचे लाते हुए उसकी गहरी नाभि को नापने लगा.

तीसरा अपना 8 इंच का लंड लड़की के मुँह में पूरा अन्दर उसके गले तक डाल निकाल रहा था. भैया के घर एक काम वाली सांवली सी लड़की आती थी जिसका नाम चन्दा था।एक रोज भैया कहने लगे- राज, इसे पकड़ कर चोद दे।वह बाथरूम में कपड़े धो रही थी। परंतु भाभी ने एक दम मना कर दिया और वह इस बात से नाराज भी हो गई. उसने लंड का टोपा मेरी गांड पर फिर से सैट किया और जोर से धक्का दे मारा.

शहर के बीएफ वो बोला- तुम्हें ये चोट कैसे लगी दीदी?मैंने कहा- बाथरूम में साबुन पे फिसल गई और नल के पे जा गिरी, नलका मेरी टांगों के बीच में चिर कर अन्दर तक जा लगा. ऐसी ही बातों के चलते दोनों में तनाव बढ़ता गया और दोनों अन्ततः अलग हो गए.

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फिर उसको सोफे पर बिठा कर चूत पर किस करना शुरू कर दिया, तो वो एकदम से सिहर उठी और मेरे सिर को अपने चूत में दबाने की कोशिश करने लगी. नेहा का तो हाल ही बुरा था और वो सिसकारियां ले रही थी और एक जवान लड़की होने का सबूत दे रही थी. मोहन लाल की पत्नी यानि की इन बच्चों की माँ का देहांत हुए लगभग 7 साल हो चुके थे.

मैंने सोचा कि वो साला तो बाहर चुदाई करके मजे करता फिर रहा है, मैं भी क्यों ना मजे करूं. जैसा मैंने शीर्षक दिया है ‘नग्न दिखाने की चाहत’ आजकल यह फेंटसी सब से ज्यादा चल रही है. इंग्लिश में बीएफ भेजेंमुझे ठंडा पड़ता देख मेरे मामा के हाथ ने फिर से मेरे हाथों को पकड़ा और वापस लाकर मामी के पेट पर रख दिया.

उसका पूरा 6 इंच का लंड अपनी चूत में अन्दर लेने लगी मुझे जहाँ पर जलन हो रही थी मैं लंड से खुजली सी मिटवानी लगी.

कुछ देर धक्के मारने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और मैं उसके ऊपर ही लेट गया. वो जानबूझ कर ऐसे बैठी कि उसके मम्मों की झलक गुलशन जी को दिखती रहे और वो उनको सिड्यूस कर सके.

मौसी ने हाथ जोड़ कर कहा- नहीं बेटा मुझ पर दया करो, मैंने आज तक कभी गांड नहीं मरवाई है और तुम्हारा लंड भी बहुत लम्बा है. मुझे तो ऐसा लगा जैसे रेगिस्तान में प्यास से मरने वाले को झरना दिखा हो. समीर मेरे लंड की मालिश करने लगा, जिससे हम दोनों की सांसें गर्म होने लगीं.

फ्लॉरा- क्या हुआ… बता ना अपनी कहानी और तुझे तो बड़े आदमी के साथ करने का एक्सपीरियेन्स है, तो तू खुद क्यों नहीं सुमन के पापा के साथ चुदाई करवा लेती?टीना- नहीं यार.

अपनी इच्छा पूरी करने के लिए मैं कपड़े हटा कर मामी की चुत में मुँह लगा कर इस कदर से बुरी तरह चूसने चाटने लगा कि बस दो मिनट में ही मामी का लावा भलभला कर निकल गया. जोशना ने मुझे खींच के अपने सामने खड़ा कर लिया और खुद सोफा पे बैठ गई. चूँकि मैं उसकी दोस्त का दोस्त था इसलिए भी वो मेरा लिहाज कर काफी सलीके से पेश आती थी और मैं तो उसको अपने लंडजाल में फँसाना चाहता था इसलिए कुछ ज्यादा ही शराफत से पेश आता था.

बीएफ हिंदी सेक्सी ब्लू वीडियोदीदी मेरे ऊपर आकर मुझे चूमने लगीं और फिर मेरे मुरझाए हुए लंड को दोबारा से चूसने लगीं. फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपना पैर हिलाया तो मेरा पैर अंजलि के पैरों से टच हो गया, लेकिन उसने कुछ नहीं बोला.

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कल तो तू लुल्ली बोल रही थी और अब बड़े आराम से लंड बोल रही है, इसका मतलब तुझे पहले से पता था इसको लंड कहते हैं क्यों?नीतू ने शर्माते हुए कहा- हाँ दीदी, मगर सच्ची मैंने बस सुना था और एक-दो बार दूर से देखा भी था. उसने थाली चारपाई पर रखी और हुक्के को हटाकर साइड में रखा स्टूल उठाकर दोनों चारपाई के बीच में रख दिया. मैंने उम्मीद नहीं की थी कि मेरी जिंदगी का पहला सेक्स अनुभव इतना शानदार होगा.

महेश ने अपने लंड को पहले चूत पे रगड़ा, मेरी चूत तो पानी पानी हो रही थी अब उसमें बहुत ज़्यादा खुजली मची हुई थी. उसका नाम ख़ुशी था, वो बला की खूबसूरत हसीन और एकदम मस्त फिगर की मालकिन थी. फिर मैंने शीशे के सामने ही रेखा को एक मेज से सहारा देकर खड़ा कर दिया और अपना घुटने के बल नीचे बैठ गया.

सुमन तो इतनी ज़्यादा उत्तेजित थी कि वो सब भूल गई कि उसके पापा कैसे उसका फायदा उठा रहे हैं. वो हमारी एक गंदी बातों वाली जंगली वल्गर और हिन्दी में मस्त यादगार चुदाई थी. लेकिन मैं उसके चेहरे को चूसते हुए नीचे से धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड की ठोकर मारता रहा.

बात करते हुए वो मेरे करीब आ गईं और बोलीं कि तुम बहुत गहरी नींद में सोते हो तुम्हें अंडरवियर पहन कर सोना चाहिये. उसने मुझसे भी फ्रेश होने को कहा और मैं भी बाथरूम से फ्रेश हो कर बैठ गया.

चुदाई खत्म होने के बाद मैंने उनसे कहा- अब हमें चलना चाहिए, हमारे मम्मी पापा हमें ढूँढ रहे होंगे.

लो दोस्तो सुमन ने तो मना कर दिया अब ये चुदेगी या नहीं इसका जबाव अगले पार्ट में मिलेगा ओके. बीएफ एचडी सेक्सी वीडियो बीएफ एचडीइस जवानी में मज़ा नहीं करेंगे तो क्या बुढ़ापे में जाकर मज़ा करेंगे. दिल्ली की बीएफ सेक्सी फिल्मकसम से, मेरी हवस इतनी बढ़ी कि मैंने दोनों लंड एक साथ मुँह में लिए! भले मेरा मुँह दोनों लंड एक साथ लेने जितना बड़ा नहीं था मगर उत्तेजनावश मैं उन्हें खा जाने की कोशिश करती रही. उस दिन पापा घर पर ही थे, वे काम पर नहीं गए थे क्योंकि चाचा 15-20 दिनों के लिए बाहर गए थे.

परन्तु बिना समय गवाएं मैं अर्चना की जींस को उसकी टांगों से उतारने में कामयाब भी हो गया और वह जल बिन मछली की तरह तड़पती रही.

इसके बाद मैंने भी गौर किया तो पाया कि अर्चना अक्सर मुझे लगातार देखती रहती थी. अगले सन्डे मैंने उसे फोन किया और घूमने चलने को बोला, वो तैयार हो गई, मैंने उसे इन्डिया गेट पर बुलाया और तय वक्त पर मैं भी वहां पहुँच गया और हम मिल गए. पर मैंने भी हार न मानी और बुर के अन्दर तक जीभ घुमा घुमाकर अर्चना की बुर को चूसता रहा.

जब वो अपना पूरा लंड घुसाते हुए मेरी चुदाई करेगा तब मेरा क्या हाल होगा. मैंनेभाभी की ब्राके ऊपर से ही भाभी का एक दूध चूसना शुरू किया और उनकी साड़ी भी मैंने हटा दी थी. उसने अपनी ब्रा अपनी बांहों से उतार कर रख दी और मुझसे बोली- यार हुक खोल कर पैन्ट उतार… मुझे तेरा लंड देखना है.

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कुछ देर बाद मैंने अपनी बहन की पैन्टी के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत को मसलने लगा. मैंने न चाहते हुए भी अपना मुँह उसकी चूत पर रखा, अपनी जीभ निकाली और बाहर से ही उसकी चूत की दीवारों को रगड़ने लगा और साफ़ करने लगा. अभी पिछले साल दिसम्बर में मैं एक दिन कुछ खरीदारी करने के लिए अमीनाबाद गया था.

[emailprotected]कहानी का अगला भाग :चाचा ने दोस्तों से मिल कर भतीजी को चोदा-2.

नीता जब बाथरूम से टावल लपेट कर बाहर आई तो पप्पू को देख कर शर्मा गई पर फिर हल्की मुस्कुराहट दे कर अपने कमरे के पास गई.

मेरा हाथ में उसकी मांसल शरीर और उसकी मस्त चूचियों को सहलाए जा रहा था. लगभग आधे घंटे बाद लंड अनचाहे ही चूत में अन्दर बाहर होने लगा, उधर चूत भी प्रत्युत्तर देने लगी, हमारे होंठ एक दूसरे से लड़ने लगे. बीएफ भूत वालीपापा- सॉरी बेटा, तुम्हारी चुत बहुत टाइट थी तो धीरे से लंड जा नहीं रहा था इसलिए मैंने ज़ोर से पेल दिया, मगर अब तू टेंशन मत ले, अब तू कहेगी तभी मैं हिलूँगा.

मामी की चुदाई की यह आप बीती मेरे जीवन की एक ऐसी घटना है, जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता हूँ. बोल लंड चूसना चाहेगी क्या?नीतू- नहीं दीदी मुझे सुनकर ही घिन आती है. तो मैंने उसे छोड़ दिया और वो बाहर वाले कमरे में चली गई। उसके पीछे पीछे मैं भी बाहर चला गया। मैं उस के पास बैठ गया और उस से बात करने लगा। पर वो मेरी किसी भी बात का कोई जवाब नहीं दे रही थी। लगा रहा था कि वो मुझसे काफी नाराज है.

फ्रीज़ तो उसके पीछे ही था, फिर भी मैं गया और फ्रीज़ से सब्जी निकाली और उसके पीछे खड़ा रहके सिर्फ़ हाथ उसके आगे किया, तो मेरा हाथ उसके मम्मों से छू गया. पर एक दिन जब बच्चों की परीक्षा चल रही थी तो मैं उसके पास पेपर लेने गया.

सबके सब मेरी बात पे हँसने लगे तब सुदेश आगे आया और मेरा हाथ पकड़ कर खड़ा हो गया.

हम दोनों ने एक वेटर को पास बुलाया और गटागट दो ड्रिंक्स अपने अंदर डाल लिए. अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज पढ़ने वाले मेरे बहुत से मित्र मुझे चोदने की इच्छा प्रकट कर चुके हैं मगर मेरे प्यारे दोस्तो, अब सब से चुदना संभव भी नहीं… अगर आप सच में सेक्स का ज्यादा आनन्द लेना चाहते हैं तो घर पर ही सेक्स कीजिये… जैसे भाभी, चाची, बहन और मम्मी…इन सब में मम्मी या बहन को चोदने में सबसे ज्यादा मजा आता है. मैं पहली बार बेवफा तब बनी जब करवाचौथ की रात अपने प्यारे देवर संग गर्म की.

जानवर की बीएफ पिक्चर मैंने सू सू कर ली तो वो उसने भी अपनी सलवार और पैंटी एक साथ नीचे कर दी और कमोड पे बैठ कर सू सू करने लगी. काजल- भैया?सुरेश- हाँ बहना?काजल- ये जो नीचे खड़ा है, क्या मैं उसको देख सकती हूँ प्लीज?सुरेश- हाँ, पर धीरे-धीरे खोलना और आवाज़ नहीं आनी चाहिए.

फ्लॉरा- अच्छा जीजाजी, ये बात है आपको तो अपनी दो साली नज़र आ रही हैं तो आप क्यों शरमाओगे. मुझे सोता देख, मामी प्यार से मेरे सिर पर हाथ फेरती फेरती मेरे बगल में सोने का उपक्रम करने लगीं. सामने वाले एक कमरे का दरवाज़ा ढला हुआ था और एक का पूरा खुला हुआ था.

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फिर आज हम यहाँ कैसे करेंगे और तुमने ऐसा क्या प्लान बनाया है मुझे भी तो बताओ?पूजा- मामू मुझे तो कल ही पता चल गया था कि आज सब जाने वाले हैं. दोस्तो, आप अपने सुझाव भी अवश्य देना ताकि अगली स्टोरी और अच्छे से लिख सकूं. वो चुदासी सी कह रही थी- और अन्दर ज़ुबान डालो और जोर से चाटो यार, सारा रस चाट लो आज.

उंगली से वो दाना दबा कर सिसकरियाँ भरती और दूसरे हाथ से मम्मे मसलती हुई आँखें बंद करके मस्ती कर रही थी. भाभी जब अपनी सुहागरात की बात बता रही थी तो मेरा लण्ड मेरे लोअर में टाइट होने लगा था। भाभी ने ये बात नोटिस कर ली थी।भाभी ने मुझसे पूछा- सच सच बताओ तुमने कभी किसी के साथ सेक्स किया है या नहीं?वे कहने लगी- मुझे पता है, तुम उस दिन कुछ छिपा रहे थे.

अब तो मैं अपनी बहन की चुदाई के सपने को किसी ना किसी तरह पूरा करने की कोशिश करने लगा.

मेम ने चित्त लेटते हुए चुत खोल दी और बोली- ले आ जा मादरचोद चाट ले मेरी चुत का रस…मैं मेम की चूत में उंगली डालने लगा, फिर जीभ डालने लगा. प्रेशर से पानी चूत में भर गया और उंगली से साफ की, फिर नलका पर लगी सब मलाई बाहर निकाल दी. नहीं लगा सकता ना अंदाज़ तू? तो सुन दोनों अभी-अभी 20 साल की हो गई हैं.

और हाँ वो वहां फ्लॉरा के घर पर ग्रुप सेक्स अब तीन जगह एक साथ आप कैसे देख पाओगे, यही सोच रहे हो ना. वो आकर मेरे सामने वाली चारपाई पर बैठ गया, मुझसे बोला- हुक्का पीएगा?मैंने कहा- नहीं, मैं तो तुमसे मिलने आया था. देख तो सही मेरे मम्मे देख कर तेरा लंड कैसा फुँफकार रहा है… मानो मम्मे देखे ही ना हो… तू मेरे सैंडलों के तलवे चाटने की बात तो कर रहा है… साले… सोच ले… मैं भी बहुत कुत्ती औरत हूँ… सच में चटवाऊँगी अपने सैंडलों के तलवे… फिर मत कहना.

तेरी जैसी गर्म औरत आज तक मेरे लौड़े ने नहीं देखी… इसलिए मेरा लंड ऐसे फुँफकार रहा है.

शहर के बीएफ: थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि भाभी मेरे बगल में अपने बिस्तर पर सोई हैं. वैसे तो सर्दी का महीना था, फिर भी मैंने दोनों से प्रकाश कुल्फी खाने के लिए कहा, क्योंकि सर्दी में कुल्फी या आइसक्रीम खाने का मजा ही कुछ और है.

अब वो अपने पापा से ठीक से बात कर रही थी- पापा लाइट बंद कर दो ना ऐसे हम दोनों को नींद कैसे आएगी?पापा- अरे अभी से सोने की बात कर रही है. मैं बचपन से ही योग करता आ रहा हूँ तो ध्यान लगाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं थी. दीदी हंसने लगीं तो मैं दीदी के पास गया और दीदी की पैन्टी उतारने लगा.

एक बार मेरे कजिन ब्रदर और सिस्टर छुट्टी के दिनों में हमारे घर आए हुए थे.

तो मैंने भी अपना लंड आगे करके उसके होंठों से छुआ दिया और उसने बड़े प्यार से मेरे लंड पे किस कर लिया और धीरे धीरे मेरे लंड को चूसने लगी. मैं बहुत डर गया था। सर से ले कर पांव तक काँप रहा था।आंटी मुझे कमरे में ले गईं और नीचे बैठा कर पूछने लगीं- बोल. मैंने मॉम से पूछा- कुछ भी का क्या मतलब?मॉम ने कहा- तू अभी बच्चा है, तू नहीं समझेगा.