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मेरा रूम-मेट लाइट बंद करके 11 बजे सो गया, लेकिन मेरी आंखों में नींद नहीं थी. सचिन सेक्सीशीना ने एक ही सांस में यह सब कह डाला और हम दोनों भी कुछ ना बोल सकें.

आगे की गंदी कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने रचना को अपने और दोस्तों से भी चुदवा दिया था. औरतों की चूतअब आगे की भाई बहन की सेक्स स्टोरी:मुझे अब चूत चुदवाने से ज्यादा मजा गांड मरवाने में आने लगा.

लेकिन मैंने उसे विश्वास दिलाया कि यदि मैं तुम्हें किसी और के साथ देख लूं तो लाजमी है कि मुझे गुस्सा आयेगा.सेक्सी बीएफ आज की: फिर वो घूँट गटकते हुए बोली- आअहह … मैं तो आज बहुत थक गई हूँ यार … आज मैंने बहुत काम किया है.

इस पर मुकेश ने दुखी होकर कहा- दोस्त प्रॉब्लम मेरे में ही है, मेरा पेनिस पूरी तरह शिथिल हो गया है, इसलिए वो खड़ा ही नहीं हो सकता.मैंने उसकी गर्म गुलाबी चूत को करीब 15 मिनट तक अलग अलग तरीकों से चोदा.

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’ भरते हुए एकदम से अपनी चूत को मेरे मुँह से लगा दिया … और मेरे सर को अपने हाथों में पकड़ कर अपनी चुत को दबाने लगी.वो रोने लगी और बोली- आप नहीं चाहते कि मैं खुश रहूँ? जब से आपके सम्पर्क में आई हूँ, तब से खुल कर जीने लगी हूँ, खुल कर खाने पीने लगी हूँ, मेरे दिमाग में आत्महत्या जैसे ख्याल नहीं आते.

चूत की फांकें थोड़ी सी खुली हुई थीं और उनका छेद भी थोड़ा थोड़ा फैला सा दिख रहा था. सेक्सी बीएफ आज की इधर कुछ सस्ती रंडी चाहने वालों ने मुझे जी भरके चोदा और मेरी बुर को भोसड़ी में तब्दील कर दिया.

आगे की हिंदी एडल्ट स्टोरी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने उसकी गांड की सील तोड़ी और उसके मुँह में लंड दिया.

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फिर मुझे याद आया कि ये तो वही लड़की है, जिसकी फोटो मुझे शादी के लिए आई थी. उनकी नौकरी की बात हमने कर ली है, आप सिर्फ उनको साथ में लेकर आ जाना और हमारे पास छोड़ देना!हालांकि मैं भी उनके जीजा और दीदी को अच्छी तरह से जानता हूँ, कई बार उनसे मिल भी चुका था. पात्र बदल जाते हैं, काल बदल जाते हैं, परिदृश्य बदल जाता है, लेकिन सार वही रहता है.

फिर एक दिन अपनी तरकीब के अनुसार मैंने उस आदमी की गर्दन में अपना नाखून चुभो दिया. मैंने रूम में म्यूजिक बजाकर, आलिया को अपने साथ डांस करने के लिए कहा. भाभी ने शालू से पूछा- इतना क्यों चिल्ला रही थी?वो रोते हुए भाभी से कहने लगी- ये अपना औजार मेरे छेद में घुसा रहे थे … इसलिए मुझे बहुत दर्द हो रहा था.

चूंकि हमें 1500-1500 रुपये की पेमेंट मिल गई थी और हमें घर जाने को बोल दिया गया था. इसी के साथ वो भी नीचे से मेरा लंड अपने मुँह में भर भर कर मेरे टट्टों को सहला रही थीं. करीब 5 मिनट बाद उसके लंड से कुछ बाहर निकला, जो मुझसे गटका नहीं गया.

शबनम के चूत से लगातार पानी निकल रहा था और जिससे अंकित का लंड और आसानी से अन्दर बाहर हो रहा था. खैर उसके बाद हमने सिंगर को स्टेज पर छोड़ा और अपना आगे का काम करने लगे.

दीदी बोलीं- ब्लाइंड सेक्स? ये क्या होता है?मैंने कहा- ब्लाइंड सेक्स मतलब हम दोनों एक दूसरे की आंखों पर पट्टी बाँध कर सेक्स का मज़ा लेंगे.

पराये मर्द का लंड उसकी चूत में जाने के बाद पूजा के कामुक चेहरे को देखते हुए हस्तमैथुन करने का मन है.

मुकुल राय- फिर मेरी तरफ देखो ना!परीशा- नहीं पापा … मुझे शर्म आती है. मैं उस स्पोर्ट ब्रा के ऊपर से ही उसके मम्मों को चूमने लगा और चूसने लगा. उसके बाद मैं अकेला हो गया हूँ और उन दिनों को याद करके बस खुश रहने का प्रयास करता हूँ.

मैंने भी कपड़े पहन लिए थे मैंने भी जाते हुए उसकी चुचियों को मसला और नीचे हॉल में आकर बैठ गया. शाम को उन्होंने मुझे रुकने का कह दिया क्योंकि एक कस्टमर के साथ मीटिंग थी. घर आकर मैंने प्रीति मेम को आवाज़ दी, तो वो बोलीं- फूल कमरे में रख दो और नहा कर तैयार हो जाओ.

फिर उसने मेरी चुत पर लंड सैट किया और इतना तेज झटका मारा कि मैं दर्द के मारे बेहोश हो गयी.

शबनम ने अंकित के हाथों को अपने हाथ में लेकर अपनी टांगों के बीच में रख दिया. अंशु बोली- उपिन्दर, अब बातें मत कर, पेल हमारी औरत को!शैली बोली- हाँ जीजा जी, मारिये दीदी की, मज़ा आ रहा है. वो ऐसे चिहुंक गयी, जैसे इस आनन्द में शायद सांसें लेना ही भूल गयी हो.

धीमे-धीमे समय बीत रहा था, करीबन दस बजे मुझे भूख लगने लगी थी, लेकिन मैं अपने प्लान में कोई समझौता नहीं करने वाला था. भाबी के हाथ भी मेरी कमर पर चलने लगे और उन्होंने अपना चेहरा मेरे सीने पर टिका दिया. तुझे कैसे चोदूं, तू तो पूरी आग है एकदम!उसके बाद मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिये और उसके सामने पूरी नंगी हो गई.

महेश दरवाज़ा बंद करने के बाद सीधा बेड पर जाकर बैठ गया। वह सिर्फ धोती में था।ज्योति उस वक्त सोने वाली थी इसलिए उसने नाइटी पहन रखी थी जो बहुत छोटी थी और ज्योति की टांगों को ढक नहीं पा रही थी।वाह बेटी, आज तो तुम बहुत सेक्सी लग रही हो.

रवि ने कहा- आपको कैसे पता कि मैं शादी के लायक हो गया हूं? मैंने तो अभी कुछ देखा ही नहीं है आप मुझे कुछ सिखाओ. वो बोली- मुझे उसका लंड दिलवाओ … वरना मैं मायके चली जाऊंगी और असलियत सबको बता कर तलाक ले लूंगी.

सेक्सी बीएफ आज की ” महेश ने अपनी उंगली को थोड़ा दबाव देकर अपनी बहू की गांड में डालते हुए कहा।उईई निकालिये पिता जी, मुझे नहीं पता कुछ … मुझे वहां नहीं करवाना. अब मैंने भाभी को बोला- भाभी, आप मेरे लंड को प्यार नहीं करोगी?उन्होंने मुझसे कहा- मैंने कभी ऐसा नहीं किया.

सेक्सी बीएफ आज की बबली- आअहह … एम्म मज़ा आ गया … इतने दिनों बाद पी रही हूँ … और वो भी आज तेरे साथ अकेले में. उसने डरते हुए मुंह खोल दिया और सुपारा चाट के मुंह में भर लिया और कोई आधे मिनट तक चूसती रही.

”मैंने जैसे ही उषा को फोन लगाया, तो रितिका ने मेरे हाथ से मोबाइल खींच लिया.

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” कहकर भैया हंस पड़े।भाभी तो बेचारी शर्मा ही गई।हाय … मेरे राजा भैया! पीछे से भी ठोक दे साली को ताकि दो दिन ठीक से चल ही ना पाए. ऐसा करने के पीछे क्या वजह है?जवाब में उसने बताया कि वो पहले इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं था कि हम दोनों पति-पत्नी कहीं उसका चोरी से वीडियो तो नहीं बना रहे हैं. मैंने उसके नाजुक अंगों को सहलाना शुरू किया तो वह भी वासना में डूबने लगी।मुझे लगा कि वह सेक्स करने से पहले मुझे कमरे में जल रही लाइट बंद करने को कहेगी क्योंकि उसी कमरे में हमारे बगल में रवि लेटा हुआ था जो सेक्स के वक्त मेरी पत्नी को एकदम नंगी देख सकता था।मगर मेरी पत्नी ने मुझे लाइट बंद करने को नहीं कहा।मैंने रोशनी में ही उसे प्यार करना जारी रखा.

अंकित ने अपने लंड को शबनम की चूत के अन्दर हिलाते हुए धक्के मारने चालू रखे. उसके बाद क्या क्या हुआ, सब लिखूँगा तब तक मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा. मैंने कहा- ठीक है गर्लफ्रेंड नहीं, तो न सही … मेरे साथ घूम-फिर तो सकती हो … कभी कभी कॉफी लंच के लिए तो चल सकती हो … वैसे तुम्हारे पास भी कहां ब्वॉयफ्रेंड है.

जिस जगह पर उसकी गांड टिकी हुई थी वहां से पूरा बिस्तर गीला हो गया था.

मेरे भाई नीचे देर तक टीवी देखते थे तो वो कई बार वहीं पर इन्वर्टर के सहारे चल रहे पंखे में ही सो जाते थे. आह क्या मस्त फिगर था उनका … पहली बार में लंड ने हिचकोले लेने शुरू कर दिए थे और पहला मौका मिलते ही मैंने उनके घर के बाथरूम में ही जाकर भाबी की मदमस्त देह को याद करके मुठ मार ली. खैर थोड़ी देर में संजय पानी लेकर आया और बोला- आप आराम से बैठिये, इसे अपना ही घर समझें.

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में मानसिक तनाव के चलते इस तरह की सेक्स समस्याओं से महिलाएं और पुरूष दोनों ही ग्रसित हो रहे हैं. हालांकि, मैं मिलने के लिए उत्सुकता दिखाकर इस मौके को बर्बाद नहीं करना चाहता था, इसलिए मैं थोड़ा सब्र से काम ले रहा था. मैं अगले दिन अपनी ड्यूटी पर पहुंचा और उस कमरे में मैंने अपने तीनों मोबाइल अलग अलग ऐंगल में कैमरा मोड पर लगा दिए.

मेरी उछलती चूचियों को देख कर गजन ने मेरे मुंह में अपना लंड दे दिया. मैंने उससे कहा- रशीद तुमने चार रोज पहले भी सलमा को नशे में कली से फूल बना दिया था … पर शर्माओ मत, मुझे तुम बहुत पसंद हो.

मेरे मुँह से और जोर से आवाज निकलने लगी थी- आह और जोर से चोद माँ के लौड़े … आह पूरा पेल दे. भाभी जी की चूत पर बिल्कुल भी बाल नहीं थे … एकदम चिकना मैदान था मानो आज दिन में ही भाभी जी ने अपनी चूत की झांटें साफ़ की हों. तभी मैंने झटके से उसकी टी-शर्ट उतार दी और देखा कि उसके चूचे अभी छोटे-छोटे थे और उसके पिंक कलर के निप्पल खड़े हो गए थे.

मैं लंड साफ़ करके फिर से आलिया के पास आ गया और एसी फुल करके आलिया के पास लेट गया.

उसके एक सप्ताह बाद जब मेरी पत्नी रीना मेरे पास सोने के लिए आई तो मैंने उससे अहमदाबाद में अपने भाई के साथ चुदाई का किस्सा जानना चाहा. इसी के साथ वो भी नीचे से मेरा लंड अपने मुँह में भर भर कर मेरे टट्टों को सहला रही थीं. जैसे ही मैंने गेट खोला, तुरंत पीछे से आवाज आई- अरे विनय तुम कब आये?विनय और मैं पीछे मुड़े.

दीदी को यह वाला स्टाइल कुछ अलग लगा, तो उन्होंने झट से हां करके अपना सिर हिला दिया. सासू माँ के इन तीन महीने की गैरमौजूदगी में हम दोनों ने बहुत चुदाई की.

उसके बाद उसने बोला- क्या तुम मेरा लंड अपने मुंह में नहीं लेना चाहोगी?मैं बोली- नहीं, मुझे लंड मुंह में लेना पसंद नहीं है. आज मैं तुम्हारी होने के लिए तैयार हूं … आ जाओ हम दोनों इन सबसे कहीं दूर भाग चलते हैं. मैं उसे तेज तेज झटके मारते हुए चोदने लगा और साथ साथ में किसी और मर्द से चोदने के लिए उत्तेजित करने लगा.

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सीमान्त- आह साली … लंड चूस माँ की लौड़ी … आज तो तेरी गांड को पूरा फाड़ दूंगा … साली तुझे बाजारू रंडी बना दूंगा … अह्ह्ह अह्ह्ह मेरी जान और जोर से लंड चूस अह्ह्ह …मुझे उसकी उत्तेजना देख कर पता नहीं क्या हुआ, मैं उसका एक गोटा पूरा मुँह में लेकर चूसने लगी, इससे वो और भी ज्यादा पागल हो गया.

इसलिए मोहन भैया ने जरा सा ही धक्का दिया और उनका लंड मेरी चूत में अन्दर तक घुसता चला गया. मेरा नाम विनय है, मैं नौकरी करता हूं और मेरी शादी को काफी साल हो चुकी है। मेरी पत्नी का नाम नीलम है।मैं उस समय की बात बता रहा हूं जब मेरी शादी को केवल 7-8 महीने का वक्त हुआ था। मेरी पोस्टिंग देहात के इलाके में थी जो एक छोटा कस्बा था वहां पर मकान मिलने की बहुत बड़ी समस्या थी. सेक्स सीन देने की खुशी रचना के चेहरे पर झलक रही थी, लेकिन वो झूठे मुँह ही बोल रही थी- भाई आप रुक जाते, तो मेरा फोटो शूट देख लेते.

कमलेश बोला- साली के चूचे तो देख … कितने टाइट हैं … शायद अभी तक किसी ने दबाए ही नहीं हैं. उसके लिए मैं सबके सामने छुट्टी के समय निकल जाती थी और फिर सबके जाने के बाद फिर से केबिन में आकर बॉस से चुद लेती थी. सेक्सी ब्लू फिल्म्समैंने उनके होंठों से गिलास लगा दिया उन्होंने गिलास से एल लम्बा घूँट भरा और मेरे होंठों से अपने होंठों को लगते हुए मुझे शराब पिला दी.

मैं गीली ही उसकी छाती से चिपक कर अपने मम्मों को उसके बदन से रगड़ने लगी. मतलब पूरी बॉडी की वेक्सिंग, पेडीक्योर, मेनीक्योर, फेशियल … पता नहीं क्या क्या!पार्लर से निकली तो सामने ही सेलून में घुस गयी और बालों को नया लुक दे आई.

आप बस मुझे 2 मिनट के लिए रोकना मत!अपना एक हाथ मैंने चाची के पैर को टच करते हुए उनकी साड़ी में दे दिया और उनकी जांघ सहलाते हुए चूत तक ले गया. लेकिन आंटी की चुदाई के चक्कर में रेशमा चाची को हम दोनों ने भुला दिया था. ये पहली बार था, जब उसके बारे में मुझे बुरा ख्याल आया कि इसके रसीले और हॉट से होंठों को चूस डालूँ.

मैं आगे बढ़ गया और उसे अपनी मजबूत फौलाद जैसी बांहों में कस कर जकड़ लिया. मैंने उसके लंड को हाथ में पकड़ा और फिर उसको मुंह में लेते हुए चूसने लगी. मगर हर महीने उनको कुछ ना कुछ पैसे ज़रूर भेजती रहती क्योंकि वो एक आस लगा कर रखते हैं कि जैसे ही महीना बीतेगा, उन्हें घर के खर्चे के लिए पैसे मिल जाएगें.

हओ”अच्छा गौरी! सवा ग्यारह हो गए हैं अब बाकी कल पढ़ेंगे। आज जो पढ़ाया उसे दिन में अच्छे से याद कर लेना।”ओके सल … गुड नाईट.

सौरभ ने दोपहर का खाना होटल से मंगाया।मालविका ने मूवी जाने का प्लान बना लिया, हम चारों मूवी गए।हम लोग कार में मूवी जा रहे थे, सौरभ और सोनाली कार की आगे सीट पे बैठे हुए थे। मैं और मालविका कार की पिछले सीट पे बैठ गए. एक दिन शाम के समय अमायरा और उसकी मम्मी मेरे यहाँ दीवाली पर मेरी मम्मी से मिलने आए.

वह उसके धड़कते हुए लंड को महसूस कर सकती थी क्योंकि यह उसके पेट में धक्के मार रहा था. उसके बाद हम दोनों बाथरूम में जाकर साथ में नहाये और एक दूसरे को साफ करते हुए चूमा-चाटी भी की. उसके ऊपर से आप मुझे सरप्राइज़ और देना चाहते हैं! आखिर कौन है वहा जोड़ा… प्लीज बताइए न!मैं- श्लोक इस याराना में मैंने सभी चरित्रों के लिए सरप्राइज़ रखा है और उनमें तुम भी शामिल हो.

रचना ने बड़ी स्टाइल से सिगरेट अपने होंठों में दबाई और लाइटर से सिगरेट सुलगा कर रोनित की तरफ झुक कर उसके लंड पर धुंआ छोड़ दिया. शबनम का पूरा शरीर खुशी में कांप रहा था और यह चुम्बन अधिक से अधिक उत्तेजित होता जा रहा था. उसके घर वाले भी खेत चले जाते थे, उस वक्त वो भी घर में अकेली होती थी.

सेक्सी बीएफ आज की मौसम सुबह से ही बारिश का बन रहा था और दोपहर होते होते, बादलों ने पूरे आसमान को ढक लिया. कुछ सोच कर मैंने डिल्डो पर थोड़ा सा तेल भी लगा लिया ताकि अगर मैं इसे अपनी चूत में घुसाऊँगी तो कम तकलीफ के साथ घुस जाए.

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ये नवरात्रि की बात है, हमारे मोहल्ले में नवरात्रि में गरबे का आयोजन हो रहा था तो सभी लोग सज धजकर आ रहे थे. आ जाओ न मेरे पास!यह कहते हुए उसने अपना लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और उसकी मुठ मारने लगा. मैंने इमेज भेज दिया तो उसने कहा- ठीक है, आप पूरा क्लीन होकर आइएगा … और कोई जोर जबरदस्ती नहीं, आराम आराम से करना है.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने ही हिम्मत करके शीना से कहा- कम से कम दरवाजा खोलते वक्त आवाज तो किया करो. मेरी इस बात पर उसने एक ही बार में मेरे हाथ से अपना पैग ख़त्म कर लिया. भोजपुरी देसी ब्लू फिल्मआलिया मुस्कराते हुए बोली- वैसे तू कब से मुझे अपनी गलफ्रेंड बनाने के बारे में सोच रहा था?मैं- जब एक बार आपको बिना कपड़ों के सिर्फ ब्रा और पेन्टी में देखा था, तब से मेरा नजरिया बदल गया था.

लेकिन मैं ये नहीं समझ पा रहा था कि क्या वे दोनों खुली छत पर ही चुदाई का मजा लेंगे, या नीचे चले जाएंगे.

जल्दी ही अगली कहानी में मैं लेकर आऊंगी कि कैसे जीजा जी ने मुझे एक दोस्त के फ्लैट में ले जाकर मुझे पूरी रंडी बना दिया. लगभग 15 मिनट डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद उसे नीचे लिटा कर उसके पैर अपने कंधे पर रखकर मैं घचाघच पेलने लगा उसको और वो चुदाई का मजा लेने लगी.

आख़िर में मैंने उसे अपने ऊपर बैठाया और नीचे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. मैं राना आज एक बार फिर लाया हूँ आपके लिए सच्ची कहानी … यह कहानी मेरी और मेरी माशूका स्मृति की है. वो चूतखोर बिल्कुल बेशर्म होकर मेरे जिस्म को ताड़ता था क्योंकि उसको मेरे और देवेन्द्र के रिश्ते के बारे में भी अच्छी तरह मालूम था.

खुद भी पूरा मजा ले रहे थे और मुझे भी उतना ही मजा दे रहे थे।कहानी जारी है.

आज जो मैं आपसे कहानी मैं बताने जा रहा हूँ! वो कहानी है पूजा और अमित की. अब मैं कल सुबह अपने पति के आते ही उसे अपनी पूरी की पूरी खुली चूत दिखलाऊँगी कि कैसे मैं बेरहमी से चुदी. उसने मुझसे पूछा- अम्मी जान, क्या ढूंढ रही हो?मैं उसकी बात दरकिनार करती हुई तेजी से कमरे की तरफ जाने लगी, तो रशीद बोल पड़ा- अम्मी वो पुड़िया में क्या था?मैंने कहा- मुझे नहीं पता कि कौन सी पुड़िया?बहरहाल रशीद समझ चुका था कि आज शाम को अम्मी ने अपनी बुर साफ की हैं.

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उसकी निगाहें हमेशा ही मेरे जिस्म को नापते हुए मुझे ऊपर से नीचे तक टटोल लिया करती थीं. ‘आअहह बबलीइ … आअहह … ऊऊहह हमम्म्म … साली कितना मजा दे रही है …’‘उउफ्फ़ … आआहह आऐईईई जानू. हम दोनों काफी मजा ले रहे थे, इस अवस्था में उसने अपना पानी छोड़ दिया क्योंकि वह मेरी चूत चाट रहा था … तो मुझे भी बहुत मजा आ रहा था.

तो यह लो।”जड़ तक मेरे लिंग को अपनी योनि में घुसा के उसने हल्के-हल्के आगे पीछे किया, दांये-बायें घुमाया और फिर सिस्कारते हुए ऊपर हो गयी।आज जितना कुछ फिल्मों में देख कर तड़पी हूँ. आंटी की चीख इतनी तेज थी कि क्या बोलूँ … यूं समझो कि कोई औरत बच्चे को जन्म देने के वक़्त चीखती है … वैसी चीख निकली थी. धीरे धीरे मोहिनी और मेरी बीवी को सेक्स और वोड्का का नशा चढ़ने लगा था.

दस मिनट बाद पूरा मजा करके हम अलग हुए तो मैं शर्माने का नाटक करने लगी. मैंने आज उसके मम्मों का कई बार दर्शन किया और उसी के घर बाथरूम में जाकर उसी के नाम की मुठ मार ली. फिर अचानक गांव में मेरे चाचा की तबीयत खराब हो गई और मेरे मम्मी पापा को गांव जाना पड़ा.

होटल में जाकर हमने लंच किया और फिर एक कमरा बुक कर लिया और हम रेस्ट करने लगे. फिर विकी ने मुझे पलटने के लिए कहा और गजन ने सामने से मेरी चूत में लंड को डाल दिया.

मैंने अब बेख़ौफ़ होकर मौसी को जोर जोर चोदना चालू किया और कुछ ही मिनट में अपना सारा वीर्य मौसी की चूत में निकाल कर उनके ऊपर लेट गया.

ऐसे ही एक दिन मैं अपनी मॉम को याद करता हुआ लंड हिला रहा था और नेट सर्फ कर रहा था. ससुर बहू का सेक्सी वीडियो हिंदी मेंमैंने उनसे कहा- मैं अंतर्वासना पर कहानी लिखती हूं और मुझे वहां से बहुत सारे ई-मेल आते हैं जिनमें बहुत सारे लोग मुझे चोदने के लिए कहते हैं. देसी बीपी मूवीमैंने कहा- यार मराना है ही, फिर नखरे उठा पटक क्यों? लंड गांड में पिला है ही।वह बोला- नहीं, और लोग जब मारते हैं तो गांड हिलाता हूं नखरे करता हूं तो उन्हें मजा आता है। वे जल्दी झड़ जाते हैं. बैगनी कलर का लहंगा उनके गोरे बदन पर बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था.

क्योंकि जो काम उसने आज किया, वो तो मैं कई दिनों से इंतज़ार कर रही थी कि वो करे और गाड़ी आगे बढ़ने लगे.

अरे तुझे कुछ हो गया तो?”होने दो … अंकल अब मेरी शादी होने वाली है; कुछ हो गया तो मैं अपने होने वाले को बुला भेजूंगी और सो जाऊँगी उसके साथ. उसके बाद थोड़ी देर बाद उसने आकर मुझसे पूछा- तुम्हें आज कोई और काम है?मैं- ऐसा खास काम तो कोई नहीं है. वे समझ तो गए पर मुस्कुरा कर रह गए।बाहर यूरिनल में पेशाब करके लंड धोकर आए व सो गए.

जब मैं उसे चोद रहा था तो उसकी गांड का छेद देखा, गांड थोड़ी खुली हुई थी तो मुझे लगा कि ये जरूर गांड मरवाती होगी, इसकी गांड में लंड डाल दूँ. मैं- इतनी फिक्र करती हो मेरी खुशी की?परवीन- तू बाकी के सब मर्दों जैसा नहीं है … मैंने तुझे गांड मारने बुलाया, लेकिन तूने मुझे पहले खुशी देकर खुश किया, फिर मेरी गांड मारी. रात को ही सबसे उपयुक्त समय हो सकता था लेकिन रात में अनीता का यानि कि हमारा नन्हा मुन्ना उसको हिलने नहीं देता था.

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एकदम चिकनी और बिल्कुल मक्खन की तरह।पूरा मजा आ रहा था उसके चिकने बदन को चूसने में. ” महेश ने अपनी बहू को समझाते हुए कहा।अपने ससुर की बात सुनकर नीलम शर्म के मारे कुछ नहीं बोल सकी।बेटी अब मुझे चलना चाहिए, काफी देर हो गई है. लगातार धक्के मारने की वजह से मेरी कमर में अकड़न सी महसूस होने लगी थी.

तभी मुझे भाभी ने रोकते हुए कहा- यहां हॉल में नहीं … आओ बेडरूम में चलते हैं.

मुझे लगा था कि शायद तू मुझसे बदला लेने के लिए अपने दोस्तों को सब कुछ बता रहा है.

आये दिन उसको ताने मारता रहता है और उसको एकदम मना किया हुआ है किसी से भी बात करने को!और बोलता है अगर कोई बात न होती तो वो इतना सब अपनी तरफ से बना कर नहीं बतायेगा. अब तुम कहां हो?मैंने कहा- सॉरी भाभी लेकिन मैं आपको नहीं मिल सकूँगा. सेक्स फिल्में सेक्सीउसने बोला- सॉरी, गलती से ये मैसेज आपको आ गए, मैं किसी और को भेज रही थी.

तभी मैंने अपने एक उंगली को उसकी गांड के छेद पर रख कर थोड़ा दबाव बनाया, तो उसने खुद अपनी गांड को खींच कर और थोड़ा खोल दिया. मैंने उनके पति को समझाया कि अपने बीवी बच्चों को देखो, शराब पीने से तुम्हारा नौकरी छूट गई. पूरी तरह से पैंटी को निकालने से पहले अंकित अपने चेहरे को नीचे ले गया और एक लम्बी सांस ली.

मैं घर आते ही अपने कमरे में एकदम नंगी होकर अपनी चूत से खेल रही थी कि तभी शिवानी का फोन आ गया. मैं अपने दोनों हाथों से उन दोनों के मम्मों को उनके कुर्तों के ऊपर से ही सहला रहा था.

मुझे लगता है कि वो कला मेरे अंदर है इसलिए मैं लड़कियों को जल्दी ही पटाने में कामयाब भी हो जाता हूं.

’मैं जरीना की दोनों टांगों को ऊपर करके उसे टेबल पर लिटा कर खप्पा खप गच्चा गच्च चोदे जा रहा था. मैंने रचना को रोनित से मिलवाया- रचना, ये रोनित मेरा दोस्त है और रचना मेरी गर्लफ्रेंड है. मैं दुर्ग के पास के एक गांव से हूँ … लेकिन अभी मैं शहर में रह रहा हूँ.

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फिर मैंने लाईट को बंद कर दिया और अब मैं उसको बेड पर लेकर खुद भी उसके पास लेट गया. मैंने देखा कि ये सुनकर उनके चेहरे पर एकदम से खुशी छा गयी थी और मेरे अन्दर भी थोड़ी सी हलचल मचने लगी थी. हाय दोस्तो, मैं जैस्मिन … अभी तक मैंने दो सेक्स स्टोरी लिख कर आप सभी के साथ स्टोरी शेयर की थीं, जिसमें आप लोगों का जो प्यार मुझे मिला है, उसके लिए मैं शुक्रगुजार हूँ.

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उस पैकेट में एक सात इंच लंबा और ढाई इंच मोटा डिल्डो था और साथ में कई चुदाई की फोटो भी थीं. बिस्तर पर जिस अंदाज से वो बिना कपड़ों के लेटी हुई थी उसको देख कर ऐसा लग रहा कि मेरे सामने काम की देवी लेटी हुई है. अगले दिन रचना मुझसे बोली- भैया, मैं मॉडलिंग करना चाहती हूँ … आप तो दिल्ली रहते हो, वहां तो बहुत स्कोप है.

जहां उनके काटने के वजह मुझे खून आ रहा था, वहां आंटी चूसने लगीं और बोलने लगी- तूने तो दीदी को भी चोदा है ना?मैं- आपको कैसे पता?हिना- अगर मैं घर आती हूँ, तो दीदी कहीं नहीं जाती हैं. कुछ देर उसे दर्द हुआ, पर मैं लगातार चिकनाई डालता रहा, जिससे उसे गांड मराने में मजा आने लगा.

मैंने उनके कुर्ते को ऊपर उठा कर उनकी गर्दन से निकालते हुए साइड में फेंक दिया.

उसके साथ पंद्रह मिनट की जोरदार चुदाई के बाद जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने पूछा- आंटी कहां निकालूं?आंटी ने कहा- अन्दर ही छोड़ दे … मैं महसूस करना चाहती हूँ. एक सप्ताह बाद मैं जब ऑफिस में था, मुझे संजना का मेसेज आया- आज रात का खाना मेरे घर पे खाओगे. मैंने प्रीति की ढलकी हुई ओढ़नी को पूरी तरह से हटा दिया और चोली की डोरियों की खींच कर तोड़ ही डाला.

उसके अंदर की पतिव्रता स्त्री ने अब हवस भरी कामुक स्त्री का रूप ले लिया था. फिर कुछ देर रुक कर बोली- देख पूनम तू मेरी मान, अपनी नौकरी से जो पैसे तुझे मिलते हैं, उसे अपने लिए जोड़ना शुरू कर दे. अंदर जाते ही मैंने गेट को बंद कर लिया तो प्रियंका ने अपना स्कार्फ खोल दिया और बोली- बोलो क्या बात करनी है?मैं बोला- बात करके क्या करेंगे यार … कुछ और करते हैं.

मनोज अक्सर दीपा से कहता कि अब जब वो सुनील से मिलेंगे तो सुनील का लंड वो दीपा को जरूर दिखायेगा.

सेक्सी बीएफ आज की: फिर धीरे धीरे उन्होंने अपनी पूरी साड़ी उतार दी और अब वह पेटीकोट और ब्लाउज में थीं. सोनी अपनी फुद्दी और मेरे लंड पर लगा खून देखकर बिल्कुल भी नहीं घबराई.

खाना खाते वक़्त वो बोली- आज मुझे तुम्हारी चुदाई ने एकदम संतुष्ट कर दिया है. फिर मैंने अपनी जीभ को उसके कान की बालियों तक पहुंचा कर लौ को हल्के से कुरेदने लगा. थोड़ा डियो और सेंट लगाया और उस दिन की मीटिंग के लिए खरीदे हुए नए कपड़े पहने.

आप लोगों के उसी प्यार से प्रेरित होकर मैं आज फिर आप लोगों के लिए अपनी अगली कहानी लेकर आई हूं.

सन 2016 में इंजीनियरिंग खत्म करने के बाद मुझे अगस्त 2017 को अंबरनाथ MIDC में स्थित एक कंपनी में नौकरी मिली. एक दिन मैंने उसे मिलने के लिए बुलाया और वो मान भी गयी। मैंने उसके साथ दिल्ली के कनॉट प्लेस में लंच किया और थोड़ी बातें की और फिर हम पास के पार्क में चले गए. रात को मैंने दोबारा से फोन किया तो वो उसने फोन पर बात की और मैंने उससे मिलने के लिए कहा.