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प्लीज़ चुम्बन ना करें।रणजीत भी स्थिति को समझ गया- ठीक है, लो मैं भी नहीं पियूँगा।सीमा खुश हो गई।अब दोनों खाना खाने लगे। सीमा ने एक कौर रणजीत को खिलाया और रणजीत ने उसी कौर को उसे खिलाया।ऐसे चलते-चलते दोनों की चुदाई का दौर शुरू हो गया।रणजीत ने उसके तौलिया को खींच कर दूर फेंक दिया और खुद भी एकदम नंगा हो गया।एक हाथ से अपने लंड को सहलाते हुए वो सीमा की तरफ बढ़ा।‘कम ऑन डार्लिंग. ससुराल बहू की बीएफमैं कहाँ मानने वाला था, हाथ में आया अंगूर ऐसे ही बिना खाए जाने दूँ !!धीरे धीरे मैं उसके उरोजों पर हाथ लगाने लगा, बाद में कभी चूतड़ तो कभी उसके स्तन दोनों पर हाथ फेरने लगा.

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मेरा लंड एकदम सख्त हो चुका था, मैंने तुरंत उसकी चूत पर लंड लगाया और लंड को चूत में जाने दिया और लंड धीरे धीरे अंदर समां गया.एक्स एक्स एक्स इंडियन बीएफ फिल्म: मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ, हेमंत मुझे नई नई साड़ियाँ देने लगा, सजने संवरने के साधन परफ़्यूम, कभी जेवर भी, आदि, कभी होटल में ले जाकर खाना खिलाना, कभी घुमाने ले जाना.

फिर मैं बेड से नीचे आकर खड़ा हो गया और दोनों की टांगें फ़ैला कर अम्बिका की चूत में लंड डाला और झटके मारने लगा। मुझे परेशानी हो रही थी फिर भी मजे के चक्कर में सब भूल गया, थोड़ी देर अन्दर बाहर कर मैंने अम्बिका की चूत से लंड निकाला और रोशनी की चूत में डाल दिया और उसकी चुदाई करने लगा.वैसे आप का लंड बड़ा शानदार है, चाचीजी तो मरती होंगी आप पर !’ मैंने कहा। लैला चाची के मोटे मांसल बदन को याद करके मेरा और उछलने लगा।‘हाँ इमरान… तेरी चाची भी माल है… पर तेरी ये बहू तो एकदम तीखी कटारी है.

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उस वक़्त हम दोनों के पास मोबाइल नहीं था इसलिए हम बस पत्र लिख कर काम चलाते थे, अपने हर दिन की बातें शेयर करते थे, मिलने के लिए तड़फते थे, पर क्या करें, ज़माने को देख कर भी चलना पड़ता है, कहीं किसी को पता लग जाये तो हम दोनों कहीं के ना रहें.मेरी ओर से सकारात्मक प्रत्युत्तर पाकर उसकी हिम्मत बढ़ी और चूत की आग के आगे मुझे अपनी मर्यादा इज्जत का ख्याल न आया, पति थाने में, बेटी बीमार, सब भूल कर मैं एक गैर मर्द से चुदने को तत्पर हो उठी.

आप धीरे-धीरे डालिएगा!’मैंने कहा- चिंता मत करो सुनन्दा! मुझे भी तुम्हारी चिंता है!कह कर उसकी गांड पर थोड़ी क्रीम लगाई अपने लंड पर कण्डोम लगा लिया और गांड पर रखकर एक झटका मारा, आधा लंड घुस गया।सुनन्दा की चीख निकल गई और वो रोने लगी- मालिक निकाल लो…! मालिक बहुत दर्द है. एक्स एक्स एक्स इंडियन बीएफ फिल्म कहाँ निकालूँ?मैंने कहा- मेरी गाण्ड में ही छोड़ दो।तो वो जोर-जोर से धक्के मारते-मारते मेरी गाण्ड के अन्दर ही झड़ गया।फिर मैं उठी और जय के लण्ड को रूमाल से साफ किया फिर अपनी चूत पोंछी। जय के वीर्य से रूमाल पूरा भीग गया था।वो बोला- तुम थोड़ा आराम कर लो। उसके बाद चूत मारूँगा.

’‘अब 6 महीने तक इस खूबसूरत चूत की प्यास कैसे बुझाओगी?’‘आपके इस मोटे लंड के सपने ले कर ही रातें गुजारूँगी।’‘मेरी जान, तुम्हें चुदवाने में सचमुच बहुत मज़ा आता है?’‘हाँ.

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जैसी आवाज़ आती।खूब अच्छे से मैं उसे लौड़ा गांड के अन्दर महसूस करवा रहा था।यह सिलसिला काफी देर तक चला। फिर मैंने कहा- शिखा रानी शिखा रानी… अब मैं तेरी चूत और गांड दोनों मारूंगा… क्या कहती है. और साथ ही साथ आंटी को खुश भी किया और उनकी रसीली गांड को और भी रसीली बना दिया।आंटी भी अब और ज्यादा मस्त लगने लगी हैं।. वही मेरी गुरु है। तब मैं 12 वींक्लास में था। फिर मैं और भी कई भाभियों और बहनों को चोदा फिर तो ऐसा हो गया कि चूतें खुद ही मेरे पास चल कर आती थीं औरमेरे लंड के नीचे सोती थीं और मेरी भी ये आदत हो गई।सीमा- तुम्हारी पत्नी कुछ नहीं कहती?रणजीत- नहीं.

चूत पूरी भीगी हुई थी।उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, लगता था कि उसने आजकल में ही शेव किया हो, चूत पूरी पावरोटी की तरह फूली हुई थी।फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने के लिए बोला।उसने मेरा लंड चूसना शुरु कर दिया। थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत को चूसना शुरु कर दिया।वो चिल्लाने लगी- आह्हह्हह. जब मेरी कहानी ‘जीजा मेरे पीछे पड़ा’ आई तो एक रोहित नाम के लड़के ने मुझे मेल किया और फिर तो जैसे उसकी मेल की लाइन लग गई. !मैंने कहा- मुझे भी मजा आ रहा है।उस दिन मैंने आंटी को खूब बजाया और अगले दिन जब अंकल आए तो अंकल ने आंटी से पूछा- तुम लंगड़ा कर क्यूँ चल रही हो?तो आंटी ने कहा- कल ठोकर लग कर गिर गई थी!और मुझे देखकर हँसने लगीं।इसके बाद हमें जब भी मौका मिलता, हम खूब सेक्स करते आंटी की गांड की चुदाई कैसे की.

मैं मतलब की बात हो भूल ही गई … हाँ … वो किसी चिकने लौंडे का फ़ोन नंबर और आई डी भी जरुर देना … अब मुझ से देरी सहन नहीं हो रही है। मुझे इन नौसिखिए और चिकने लौंडों का रस निचोड़ना बहुत अच्छा लगता है।”ठीक है मेरी मैना बाय…. उसे बहुत अच्छा लग रहा था, वो मेरे सर को पकड़ कर जोर से अपने वक्ष पर दबाने लगी। अब मैं धीरे धीरे नीचे आने लगा, पर भाभी ने एकदम से करवट बदल ली और भाभी मेरे ऊपर चढ़ गई, मुझे चूमने लगी।हम दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे. मैं पलट कर उसके ऊपर आ गया और उसकी दोनों टांगों के बीच अपनी एक टाँग डाल दी और उसके लबों को चूमने लगा।मेरे लंड ने अपना रास्ता खोज लिया.

? अभी की नहीं ! कर के दिखाऊँ?मैंने संजय से कहा- चलो चलते हैं यहाँ से ! लोग सुन रहे हैं।सो हम दोनों कॉरिडोर से निकलने लगे फिल्म चल रही था सो सब अन्दर ही बैठे थे, तभी अचानक से तीनों हमारे पीछे आ गए।उनमें से एक ने मुझे गोदी में उठा लिया. ।मैंने उसकी चूत में अपना सारा का सारा माल उढ़ेल दिया।माल छोड़ने के बाद 5 मिनट तक मैं उसके ऊपर ही लेटा।फिर उसने कहा- चलो.

मैंने खींच कर उसे हटा दिया।मैं थोड़ा पीछे खिसका और दीवार का सहारा लेकर बैठ गया और उसे अपनी तरफ़ खींच लिया।मैं उसे बांहों में इस कदर पकड़े बैठा था कि उसकी कमर के ऊपर का हिस्सा मेरी गोद में रहे और बाकी का बिस्तर पर।मेरा एक हाथ उसकी कमर पर लिपटा था और एक उसके सर को सहारा देकर अपनी ओर बनाए रखा था।उसने अपने बाँहें मेरी गर्दन से लिपटा रखी थीं और हम चुम्बन में मग्न थे।जब भी मैं उसके होंठों को अकेला छोड़ता.

उसके कामरस में इतना उबाल था कि मैं भी पिंघल गया और पूरी तेज़ी के साथ चोदते हुए उसकी चूत में ही झड़ने लगा.

! क्या हमने तुझे इसी लिए इतने प्यार से पाल-पोस कर बड़ा किया था कि तू शादी के पहले ही अपने आपको चुदवाए।’ रामदीन ने गुस्से से कहा और मेरी स्कर्ट खींच कर उतार दी।अब मैं ब्रा और पैन्टी में उसके सामने अधनंगी खड़ी थी और मेरी नज़रें नीचे झुकी हुई थीं। तभी फोन की घन्टी बज उठी।रामदीन के चहरे पर कुछ हैरानी के भाव आए और बड़बड़ाया- किसका फोन हो सकता है?‘मम्मी का होगा. रात को बॉस फिर आ गए और उनके आते ही हम तीनों कमरे में पहुँच गए और कल वाला सेशन फिर चालू हो गया रात भर हम दोनों दीदी को मन लगा कर चोदते रहे. 10 पर हम घर से निकले, रिक्शा किया और हम दोनों गेस्ट-हाउस पहुँच गए।मैंने गीता से कमरा नम्बर पूछा।तो गीता बोली- तू बस देखती जा।हम अन्दर गए, दूसरी मंज़िल पर 201 नम्बर का कमरा था। गीता ने दरवाजे की घन्टी बजाई।अनिल ने दरवाजा खोला, खोलते ही अनिल चहका- वाह.

कैसे आना हुआ !” मैंने सिर्फ बनियान और छोटी सी फ्रेंची पहनी हुई थी।वह मेरे चिकने जिस्म का मुआयना करने लगा।मैंने कहा- हाँ. !उसने ‘हाँ’ कर दी।मैंने कहा- मैं तुम्हें बिना कंडोम के चोदना चाहता हूँ।उसने कहा- ठीक है, पर कुछ प्राब्लम हुआ तो. छोड़ मुझे, मैं तेरी भाभी हूँ… मुझे नहीं मालिश करवानी।’लेकिन भाभी ने हटने की कोई कोशिश नहीं की। मैंने थोड़ा सा दबाव डाल कर आधा इंच लंड और भाभी की चूत में सरका दिया।‘अई…ऊई तेरे लवड़े ने मेरी कच्छी तो फाड़ ही दी, अब मेरी चूत भी फाड़ डालेगा।’ मेरे मोटे लवड़े ने भाभी की चूत के छेद को बुरी तरह फैला दिया था।‘भाभी आप तो कुँवारी नहीं हैं.

भाभी ने कहा- आदिल 18 साल का हो गया है पर इसने लड़की का मजा नहीं लिया अभी तक! तो आज हम तीनों के नाम की पर्चियाँ डलते हैं, जिसकी परची आदिल उठाएगा, उसी पर आदिल अपना कुंवारापन न्यौछावर करेगा.

!और फिर एक सीडी निकाल कर टीवी चला दिया, पहले थोड़ी देर जो देखा तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि क्या ये सच है।मेरे सामने ब्लू-फिल्म लगी थी। मैंने तब उनसे पूछा- क्या ये सच में हो रहा है. बना लो मुझे अपनी!रीना सीधी लेट गई, बाबा की आँखों में चमक आ गई थी, वो उस पर टूट पड़े और उसके मम्मे दबाने लगे, निप्पल चूसने लगे।रीना- आ. अब तुझे और इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।ऐसा कहकर उसने मेरी दोनों टाँगें उठा कर अपने कंधे पर रखी और अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत पर रगड़ने लगा।लंड को अपनी चूत पर पाकर मैं तड़प उठी और भैया से गाली देती हुई बोली- बहन के लण्ड.

चिकनी पारो चुच्चे पटवाती हुई अपनी जांघों में बहादुर के खडे लण्ड को रगड़ती और बहादुर के खम्बे से लम्बे लण्ड को हसरत भरी निगाहों से देख बोली- सीऽऽऽ! तुम्हारा बादशाह तो बहुत शरारती है, जरा जल्दी आना मेरे राजाऽऽऽ! तुम्हारे बादशाह ने तो मेरी बेगम का दिल मोह लिया है. अब आएगा असली मज़ा, जब तेरी चूत में रफ्तार से लौड़ा अन्दर-बाहर करूँगा।इतना बोल कर पापा ने रफ्तार बढ़ा दी, और दे झटके पे झटके मुझे चोदने लगे। मुझे भी दर्द के साथ मज़ा आने लगा। एक मीठा सा दर्द होने लगा, अब मैं भी पापा का साथ देने लगी और नीचे से गाण्ड उठा-उठा कर चुदने लगी।रानी- आहह चोदो. मेरे चूसने से अमर अब बेकाबू से हो गए थे और मैं तो पहले से काफी गर्म थी, सो मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.

मेरा टॉप फट गया, तो मैं हॉस्टल कैसे जाऊँगी, लोग मेरी छातियों को ही देखते रहेंगे… सो प्लीज़छोड़िए, मुझे अब मैं चलती हूँ।रणजीत- अरे यार इस लंड पर तो थोड़ा तरस खा.

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दोस्तो, मेरा नाम राज है, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ तो सोचा क्यों न अपनी भी कहानी आपको बताऊँ…बात आज से एक साल पहले की है, मेरी नौकरी एक प्राइवेट कंपनी में लगी, मुझे टीम लीडर की पोस्ट मिली थी। यूँ तो मैं लड़कियों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता था मगर वहाँ एक लड़की जॉब पर नई नई लगी थी नाम था अर्चना, काफी सुन्दर थी, मोटे मोटे चूचे, मस्त गांड, देखने में बिलकुल केटरीना कैफ.

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आख़िर मेरी प्यास तो…आआ… यही बुझाता है।’भैया ने सारी रात जम कर भाभी की चुदाई की… सवेरे भाभी की आँखें सारी रात ना सोने के कारण लाल थीं।भैया सुबह 6 महीने के लिए मुंबई चले गए। मैं बहुत खुश था, मुझे पूरा विश्वास था कि इन 6 महीनों में तो मैं भाभी को अवश्य ही चोद पाऊँगा।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]https://www. आआअ…ह्ह्ह्ह… वो साली ही क्या जिसने अपने जीजा से मज़े ना लूटे हों!सुन कर मुझे उसके हिम्मत पर ख़ुशी हुई और आराम से उसके अंग अंग को देखते हुए चोदने लगा. आप भी सुन्दर हो।’‘लेकिन रत्ना रानी वो तुम्हारे जितनी सुंदर और सेक्सी नहीं है।’‘अच्छा सुरेश जी मैं क्या इतनी सेक्सी हूँ?’‘और नहीं तो क्या रत्ना… जब से तुमको आज ससुर जी से चुदवाते हुए देखा है, तब से ही तुम्हें रंडी बना कर चोदने का मन हो रहा है।’मैं चुप थी।‘अच्छा तो आ जाओ ना.

फिर मैं उसकी छत की तरफ को चल पड़ा और जहाँ उस दिन मेरा मामा खड़ा हुआ बातें चोद रहा था, वहीं जाकर खड़ा हो गया. मेरा भी दिल कर रहा था कि अब रोहित ने मुझे पूरी नंगी कर दिया है तो में भी रोहित को अपने हाथो से नंगा करूँ. आप लोगों को तो पता ही होगा कि छुप कर सेक्स करने से घबराहट के कारण गला कुछ सूख सा जाता है और आवाज़ दबी-दबी सी निकलती है.

साली गाली देती है मादरचोद ले आ उह उह…!तेज झटकों की बौछार आरोही की चूत और गाण्ड पर होने लगी। वो बर्दाश्त ना कर पाई और झड़ गई। वो दोनों भी झड़ गए थे। अब सुकून में आ गए थे।इधर राहुल इन लोगों की चुदाई देख कर बहुत ज़्यादा उत्तेज़ित हो गया था। उसने लौड़े पर थूक लगाया और जूही की गाण्ड में ठोक दिया। जूही को दर्द हुआ तो उसकी आँख खुल गई। तब तक राहुल झटके मारने लगा था।जूही- आ आ.

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जैसा बोल रही हूँ वैसा जल्दी से कर।मैं- ठीक है पर मैं तेरे सामने नहीं उतारूँगी तू अपनी आँखें बन्द कर।निशा- अच्छा बाबा. मुझको?तो मैंने डरते-डरते कहा- आपको मुझे एक चुम्मी देनी पड़ेगी…वो बोली- क्या??मैंने कहा- आपने ही कहा था कि दोस्ती में मना नहीं करते।उसने कहा कि वो ऐसा नहीं कर सकती।तो मैं उसके कम्बल से पैर निकाल कर बैठ गया और बोला- देख ली आपकी दोस्ती।तो वो बोली- कोई आ गया तो?मैंने कहा- सब सो रहे हैं. इसीलिए प्लीज़ मैं पब्लिक प्लेस में जाने से डर रही हूँ।उसका इतना कहना था कि मेरा लंड जबलपुर के दूरदर्शन टॉवर की तरह खड़ा हो गया।बाइक में बैठे हुए अन्दर दर्द सा महसूस होने लगा। मेरा गर्म और तना हुआ लंड जैसे चाह रहा हो कि पैन्ट को फाड़ते हुए बाहर निकल जाए, आजादी की सांस ले और चूत में घुसकर अपना सारा पसीना चूत में बहा दे।मैंने तपाक से कहा- सुनो मेरा एक दोस्त अमित.

?’ मैंने कहा।नेहा- मैं माहवारी के दर्द का बहाना बना कर अपने घर आ जाऊँगी और फिर चुदाई करेंगे।अब हम लोग इतना खुल गए थे कि चुदाई जैसे शब्द का प्रयोग कर सकें।मैं- ठीक है. मैं मरी जा रही हूँ!मैंने कहा- भाभी पहले चूस तो लो!मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था, वो देख कर कहने लगी- बहुत मोटा है, पूरा मुँह में नहीं जाएगा!मैंने उसके मुँह के आगे अपना टोपा लगाया और वो धीरे-धीरे चूसने लगी।पहली बार किसी लड़की ने मेरा लंड चूसा… बहुत मज़ा आ रहा था। थोड़ी देर चूसने के बाद वो कहने लगी- विक्की, अब मत तड़फाओ चोद दो मेरी चूत.

मैंने उसे गोद में लिया, हेमंत के घर पर ताला लगाया और अपने कमरे की ओर जाने लगी कि तभी रमेश का एक आवारा दोस्त आया, और बोला- भाभी, रमेश को पुलिस पकड़ कर ले गई है. मौसी का घर पास में ही है, कोई देख लेगा।और वो मौसी के यहाँ और मैं अपने घर! आगे क्या हुआ फिर कभी लिखूँगा।आप मेरी कहानी पर अपनी राय जरूर लिखना।[emailprotected]. फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरु किया, वो मेरे लंड को गपागप चूस रही थी और मेरे मुँह से कामुक आवाज़ें निकल रही थीं… आअह्ह्ह ओह्ह्हा आह्ह और चूस मेरी जान मेरे लंड को पूरा मुँह में ले.

मैंने झट से कहा- नहीं पापाजी, मुझे तो बिल्कुल भूख नहीं है, मेरा पेट तो आप की मलाई और सजा के आनन्द से भर गया है.

ठीक हो जाएगा।और वो चली गई। मगर मुझे पता था वो आएगी और मुझे अपने दस साल का अनुभव जो कुछ मैंने देखा था. या तू बदल गई है!उन्होंने मेरा घूँघट खुद ही हटा दिया।मैंने शरम से आँखें नीची कर लीं और बोली- अब्बू मैं आपका लंच लगा देती हूँ. मुझे छोड़ दो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है।मैं जानता था कि अगर इसे छोड़ा तो फ़िर इस डर की वजह से कभी नहीं चुदवाएगी तो मैंने धीरे-धीरे 7-8 शॉट लगाए, तो उसका विरोध कुछ कम हुआ, बोली- मार डालोगे क्या?अब वो हल्की मुस्कुराहट के साथ कमर भी हिलाने लगी।बस.

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मैंने देर ना करते हुए अपने कपड़े भी उतार दिए और 69 की पोजिशन में आ गया और उसकी पेंटी को उतार दिया और उसकी गुलाबी चूत पर अपने होंठों को रख दिया और उसकी चूत का रसपान करने लगा.

ऐसे आपके साथ अकेले घर में आना ठीक नहीं !वो बोली- क्यों? क्या मैं आपका देह शोषण कर दूँगी?मैंने कहा- लेकिन. आगे तो देखो… कितना मजा आने वाला है।अब मुझे उसकी आँखों में वासनामय उत्तेजना दिखने लगी थी।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]आप मुझसे फेसबुक पर भी जुड़ सकते हैं।http://www. मैं नहीं करूँगा मुझे घिन आती है, उल्टी हो जाएगी!तो वो बोली- जैसी तुम्हारी मर्जी, पर कुछ करो तो सही!फिर मैंने उसके दोनों मम्मों को दबाना शुरू किया, चूसना शुरु किया तो वो बुरी तरह तड़पने लगी और कहने लगी- जोर से दबाओ गिरि, चूस.

अब मेरा नम्बर ले लो और कभी भी जरूरत हो तो आप मुझे फ़ोन कर लेना।फिर हमने एक-दूसरे का नम्बर ले लिया। घर जाते ही आंटी का फ़ोन आ गया कि घर पहुँच गए?तो मैंने कहा- हाँ…जी।फिर हमारी रोज़ फ़ोन पर भी बात होने लगी थी।मुझे उन्होंने बताया कि उनके पति किसी कंपनी में बहुत अच्छी पोस्ट पर हैं और वो अकेली होने के कारण ही जॉब करती हैं।बुधवार को आंटी का कॉल आया- मौसम बारिश का है. मेरे निप्पल को!उसने खुद ही अपनी सलवार का नाड़ा खोला और एक हाथ मेरा अपनी पैंटी के अन्दर डाल दिया। मैंने जब चूत को छुआ तो पूरी गीली थी और इतनी गर्म कि जैसे आग उगल रही हो।घुँघराले बालों के गुच्छे के बीच, लाल सा हिस्सा. मियां खलीफा एक्स एक्स एक्स बीएफमेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-1मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-3दीदी बोली- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं है.

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पर उसका कोई प्रेमी न होने की वजह से वो ये सब नहीं कर पाती।अब वो मुझसे भी पूछ रही थी कि क्या मैंने कभी सेक्स किया है?मैंने भी उसे ‘ना’ कर दिया। उस दिन तो हम ज्यादा कुछ बात नहीं कर पाए, पर इतना तो पक्का था कि अब वो भी मचलने लगी थी।इसी बीच चार-पाँच दिन बीत गए फ़िर एक दिन उसका मुझे फ़ोन आया।वो आज कुछ उदास लग रही थी, तो मैंने उससे पूछा।मैं- क्या हुआ. आलोकअन्तर्वासना के सभी पाठकों को आलोक का नमस्कार एवं अभिनन्दन। आप सभी के ढेरों ईमेल आए कि मेरी अगली कहानी कब आ रही है, तो मित्रों नई कहानी प्रस्तुत है।यह मार्च की बात है मैं नेट पर देर तक रहता हूँ इसमें एक मुझको मेरी याहू आईडी पर एक सीधा सा मैसेज आया- मुझे आपसे मिलना है. !रेहान उसकी हालत समझ जाता है और उसे लेटा कर दोनों पैर कंधे पर रख लेता है।रेहान- जान बस एक बार और दर्द सह लो अबकी बार चूत को पूरा लूज कर दूँगा, उसके बाद मज़े ही मज़े हैं।जूही- आ…हह.

मेरी सारी क्रीम उसकी चूत में चली गई… उस भी मज़ा आ गया।वो बोली- आज पूरी रात मुझे चोद।मैंने पूरी रात उसे 5 बार चोदा और सुबह 11 बजे अपने घर चला गया।उसके बाद तो रोज़ ही मैं उसे चोदने लगा. ’‘अरे मादरचोद… आजकल सील बन्द लड़कियाँ तो बड़ी दुर्लभ बात हो गई है।निभा को साथ में चोदा जाए??’ मैं मुआयना लेते हुए पूछा।सुनील तो खिल पड़ा।‘देखो, वैसे तो मैं मिल-बाँट कर खाने वाला आदमी नहीं हूँ, पर तुमने इसकी सील पहले ही तोड़ दी है, इसलिए अब वो नियम इस पर लागू नहीं है।’तीनों ने चाय पी।‘सुन निभा… आज तुम्हें रंडी बनाएंगे. ना…’मैंने चूत ढीली छोड़ दी…उसने अब मेल इंजन की तरह अपना लंड पेलना शुरू कर दिया।मुझे भी अब तेज गुदगुदी उठने लगी- हाय.

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भाभी हमारे बगल में लेटी हुई थी और हमें देखकर अपनी चूत को मसल रही थी और मैं भाभी के चूचों को दबोच रहा था. यह सोच कर कि मुझे इतने लोग इस हालत में देख रहे हैं जिनमें दो लड़के भी हैं, मैं उत्तेजित होने लगी, मुझे अन्दर ही अन्दर इस खेल में मजा आने लगा था.

विनायक ने मुझे तरसाने के लिए अपना सुपारा मेरी चूत के चारों तरफ गोल गोल रगड़ना शुरू कर दिया। मैंने बेचैन होकर अपनी चूत को ऊपर की तरफ झटका दिया, ठीक उसी पल में विनायक ने अपना लोड़ा मेरी चूत के छेद की तरफ करके धक्का मारा. ला दिखा मुझे भी कैसी स्टोरी है ये !दोनों कहानी पढ़ने में मग्न हो गईं और दोनों ही गर्म हो गईं मगर राधा ने आकर उनकी मस्ती करने को मिट्टी में मिला दिया।उन दोनों के दिल में था कि आज नंगी होकर मस्ती करेंगे, पर ऐसा कुछ ना हो पाया।दूसरे दिन राधा वापस विमला से मिली और कुछ जरूरी बातें उनसे पूछी।राधा- मगर जवान लड़की को इस तरह अकेले वहाँ छोड़ देना ठीक नहीं लगता. मोनिका ने रीटा की चूत में उंगली करते करते रीटा के कड़े निप्पल पर कपड़े सुखाने बाली चुटकियाँ लगा दी, तो रीटा की खुशी के मारे सुरीली किलकारियाँ निकल गई.

फिर मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा, फिर गर्दन को मजबूती से जकड़ लिया एक हाथ से लण्ड का सुपारा बुर के मुहाने पर रखकर थोड़ा जोर लगाया, करीब दो इंच लण्ड अन्दर चला गया था. वो बोली- यह कहाँ ले आये?मैंने कहा- नीलू, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।तो वो बोली- वो तो तुम घर पर भी कर सकते थे, यहाँ क्यों लाये हो?मैंने कहा- नहीं, यह बात मैं यहीं करना चाहता हूँ।तो वो बोली- हाँ, बोलो?मैंने डरते डरते उससे अपने प्यार का इज़हार कर दिया. !कमरे के अन्दर ‘ऊह…आह’ की आवाजें निकल रही थीं। मेरा तो बदन ऐसे तप रहा था, जैसे बुखार आ गया हो। मेरे लन्ड में तो जैसे गुदगुदी हो रही थी, मैं बता नहीं सकता, उस वक़्त मुझे क्या महसूस हो रहा था.

एक्स एक्स एक्स इंडियन बीएफ फिल्म !कह कर मैं घर आ गई। देर रात तक मैं सो नहीं पाई, उसी के ख़यालों में थी। पति देव खर्राटे लेते सोते रहे।सुबह पति के ऑफिस जाते ही मैं सबसे पहले अमित के घर पहुँची, जाते ही मैंने उससे पूछा- बेबी, बुखार अब कितना है?‘ओह. फिर बगल वाले लड़के ने हाथ बढ़ाते हुए मुझसे कहा- मेरा नाम आकाश है, और आपका?मैंने उत्तर में अपना नाम बताया ‘निशांत’उसने फिर पूछा- नए लगते हो इस शहर में? कहीं और के हो क्या.

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कुछ तो बोलो!फिर मैंने उनको सारी कहानी बता दी।वो बोलीं- तुमने ये सब कब और कैसे किया?मैंने कहा- दो महीने पहले. !फिर क्या था फिर मैंने जोर-जोर से झटके मारने शुरू किए और दस मिनट में मामी की गांड में झड़ गया और हम दोनों फिर एक- दूसरे से चिपक कर सो गए।दोस्तो, मेरी कहानी आपको कैसी लगी मुझे जरूर बताएँ।[emailprotected]. पार्टी कोई ज्यदा बड़ी नहीं थी इसलिए वहाँ पर सिर्फ कॉलेज के हमारे कुछ साथी ही थे, पिंकी, स्वाति, सोनम, मोनिका, मोनिका का भाई अंकुर जो हमारे साथ ही कॉलेज में है, सोनिया का भाई दीपक, मनीषा और प्रिया.

अभी तैयारी कर रही हूँ। बहुत काम है, अभी बात नहीं कर पाऊँगी।अताउल्ला- तो चलो, अब्बू जी से ही बात करा दो।मैंने कहा- ठीक है. !’उसका तना हुआ लण्ड मेरी गांड पर चुभ रहा था। वो मुझे उकसा रहा था। मैं उसकी बाँहों से निकलना चाह रहा था, पर उसकी मजबूत बाँहों से नहीं छूट सका और घूम कर सीधा हो गया। उसने मेरे मम्मे दबाने शुरू कर दिए।‘क्या इरादा है. बीएफ सेक्सी चोदने वाला वीडियो मेंवहाँ मैंने पूजा को देखा तो मेरा चेहरा खिल उठा और हम खाना खाते-खाते एक दूसरे को दूर से ही प्यासी निगाहों से देख रहे थे और मुस्करा रहे थे.

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शायद मेरा प्यार नहीं मिला इसलिए…!उसने तब कहा- तो अभी दे दो…!मैंने कहा- आज नहीं, मेरे पति आते ही होंगे।तब उसने घड़ी की तरफ देखा 9. !पर वो कहाँ मानने वाले थे? किसी गोली की तरह पहले ही झटके में उनका आधा लण्ड अन्दर जा चुका था, और फिर पूरा समा गया। वो किसी कुत्ते की तरह अपनी कमर जोर से हिलाते हुए मुझे चोद रहे थे।पसीने से तर हो चुके मनोज ने कहा- बस अब मैं झड़ जाऊँगा. उसकी बीवी मायके में, मेरा पति शराबी, कभी घर आता, कभी नहीं, दोनों को खुली छूट मिल गई, मैं दिल ही दिल में हेमंत को चाहने लगी.

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लेकिन पिछले 6 माह से चुदाई नहीं की है इसीलिए मैं तुम्हारे साथ यहाँ आई हूँ ताकि अपनी प्यास बुझा सकूँ, पर तुमने कोई शुरुआत ही नहीं की 5 दिनों से।मैं अपने आप को कोसने लगा कि मैंने 5 दिन बर्बाद कर दिए।हम लोग फिर से गरम हो चुके थे, तब तक तो मैंने वक्त जाया ना करते हुए उसके टाँगें चौड़ी कीं और पूछा- किस तरह से चुदना पसंद करेगी?तो बोली- जैसे तुम्हें चोदना है.

घर में कोई नहीं है।फिर हम चले गए, शाम को मैं रमा के घर पहुँच गया।मैंने देखा तो वहाँ निशा खड़ी थी, मैं उसके पास गया, मैंने पूछा- निशा क्या तुमको मेरा लेटर मिला?तो वो मुझे कहने लगी- पागल. हिंदी पिक्चर बीएफ हिंदी बीएफप्लीज बहुत दर्द हो रहा है।मैं कुछ देर हल्के-हल्के झटके देता रहा उसकी चूत से खून निकलने लगा, मगर उसने नहीं देखा।फिर जब वो पूरे जोश में आ गई तो मैंने एक तगड़ा झटका और दिया और पूरा 6′ का मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो फिर से चिल्लाई।मगर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चिल्लाने नहीं दिया।कुछ देर तक उसको चूमने और चूसने के बाद वो और गरम हो गई। उसके मुँह से आवाज़ निकली- और घुसाओ. सूअर वाला बीएफ!मैंने भी तेजी से चोदना चालू कर दिया और दस मिनट बाद उनका शरीर अकड़ने लगा और वह झड़ गईं।मैंने भाभी से पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?तो उन्होंने कहा- मेरी चूत में ही झड़ जा. आप यहाँ क्या कर रहे हैं?और अपने हाथों से अपने तन को ढकने लगी।ससुर जी- बहू अब शरमा मत… देख मैं कैमरा भी लाया हूँ.

बहादुर ने जाते जाते कमरे में झाँक कर देखा तो तमन्ना और अलका आपस चिपटी हुई सीऽऽ सीऽऽ कर एक दूसरे को बुरी तरह से चूम चाट रहीं थी.

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मैं काफ़ी देर तक उसे देख़ता रहा, मेरा ध्यान तब टूटा जब उसने मुझे चाय लेने को कहा, तब जाकर मुझे होश आया कि वहाँ सभी बैठे हुए थे.

वहाँ तुम भी अपने ऑफिस फोन कर देना और मैं भी कर दूँगी, फिर बारिश कम होने पर हम ऑफिस चलेंगे।मैंने भी यही ठीक समझा और उनको बाइक पर बिठा कर उनके घर चल दिया।वहाँ तक आंटी मुझ से चिपकी रहीं शायद ठण्ड के कारण. मैंने उसे चूम कर ‘आई लव यू माय वाइफ’ कहा तो उसने भी ‘आई लव यू टू माय हसबंड’ कहा और उसके बाद में उसे उसके घर छोड़ने निकाल पड़ा. बीएफ भारतउसके 3 बच्चे थे।करीब 15 मिनट बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। फिर मैं 69 की अवस्था में लेट गया।अब वो मेरा लन्ड चूसने लगी थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था बहुत मजा आ रहा था।फिर मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा, तो उसने गान्ड मरवाने से मना कर दिया।फिर मैंने कहा- मैं आराम से धीरे-धीरे तुम्हारी गान्ड मारूँगा।तो वो मान गई, फिर क्या था… मैंने अपना लन्ड उसकी गान्ड पर रखा थोड़ा थूक लगाया और पेल दिया.

इस बीच मैं भी कविता की जींस और पेंटी गांड से नीचे ले आया था और मेरे साथ उसका भी पानी निकल गया, वो भी लम्बी लम्बी साँसें ले रही थी. लेकिन आज तुम्हें जन्नत की सैर कराऊँगा, तुम्हें इतना मजा कभी नहीं मिला होगा, जितना आज रात को मिलने वाला है. वो तो चिल्ला पडी- अरे मार डालोगे क्या??मैंने उनके चूतड़ सहलाये और आगे हाथ बढ़ा कर उनकी चूचियाँ दोनों बगलों से दबाने लगा… करीब 3-4 मिनट में भाभी फ़िर पानी छोड़ने लगी.

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अब तुम कुछ मत कहो तुमने मुझे खूब तड़पाया है।सच में दोस्तों ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा लंड अभी टूट जाएगा.

मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-2मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-4यह सुन कर मैं मन ही मन खुश होते हुए बोला- एक बार मुझे भी अपनी जवानी का नशा चखा दो. जो मेरे लिए किसी श्राप की तरह लगने लगे।मेरा कराहना और तेज़ हो गया और अब मेरे मुँह से निकलने लगा- धीरे करो. मैं दीदी की पहेलियों को समझ रहा था और मुझे पता था कि दीदी आज खुश क्यों है, रात उसकी मस्त चुदाई जो हुई है.

हिंदी बीएफ भेजो सेक्सी जब तक मैं कुछ खा लेता हूँ। आप मेरा नम्बर रख लो, जब आपका काम हो जाए, तो कॉल कर देना, मैं आ जाऊँगा !नम्बर देते हुए मैं घर की ओर निकल गया।तभी मेरे सर का फोन आ गया, उनसे बातें करते हुए दस मिनट कब हो गए, मुझे पता ही नहीं चला।तभी गीता जी का फोन आ गया- प्रेम जी, आप आ जाइए. हाँ लगभग चीकू या अमरुद जितने तो होंगे !’‘ठीक ही तो हैं !’‘नहीं सर, वो सुहाना है ना? उसके तो बहुत बड़े हैं !’‘कौन सुहाना?’‘वो मेरे साथ पढ़ती है !’‘हम्म.

इससे मेरी हालत बहुत खराब होने लगी, मैंने कहा- पापाजी, अब और मत चिढ़ाओ और इसे जो सजा देनी है वह जल्दी से दे दीजिए. !”उस दिन शाम 5 बजे जब मैं कॉलेज से लौटा तो देखा कि आंटी की बेटी अमृता अपने छत पर से मुझे देख रही थी, वो काफ़ी देर तक मेरे रूम तरफ़ मुझे देखती रही थी।अगले दिन सुबह जब वो कॉलेज जा रही थी तो मुझे देखकर प्यारी सी मुस्कान दी. आप सभी के लिए आज मैं कुछ रोचक जानकारी लेकर आया हूँ, पढ़ें और जानें कि सुहागरात में क्या और कैसे करना चाहिए.

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मैंने वैसे ही उसे छूते रहने दिया, थोड़ी देर बाद उसने उसी पंजे से मेरा पंजे को धीरे से दबाया, मानो मुझसे इजाजत मांगी हो. मगर मैं सलोनी को इतना प्यार करता था कि मुझे उसकी बहुत चिंता हो रही थी…मैंने ऋज़ू को भी साथ ले लिया कि चलो आज इसको वहीँ सलोनी के सामने ही चोदूँगा. मैं इधर-उधर देखने लगा, मुझे यहाँ पार्टी जैसा कोई माहौल नहीं लग रहा था और मैं मन ही मन सोच कर खुश हो रहा था कि जो मैं घर से सोच कर चला था आज वो ही होने वाला है.

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मुझसे नहीं होगा।मैं- डार्लिंग ऐसे ना करो, एक बार कोशिश तो करो, क्यूँ हनीमून खराब कर रही हो।मेघा- हनीमून… क्या मतलब?मैं- हाँ.

मैं सुबह जब बिना ब्रा के झाड़ू लगाती हूँ, तू मुझे देखने के लिए खड़ा होता है।मेरी तो यह सुन कर गाण्ड फट गई।बोली- देखने हैं मेरे चूचे?मैं तो अवाक रह गया और इतने में मैं कुछ समझ पाता, उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने चूचों पर रख दिया।ओए होए. सोनिया के जाने के बाद अगले छह माह तक मैं बिल्कुल अकेला ही रहा और अपना हाथ जगन्नाथ के सहारे अपनी इच्छाएँ एवं ज़रूरतें पूरी करता था. दोनों मेरे लंड को मुँह में बारी बारी से ले लेकर चूसने लगी, कुछ देर में मैंने कहा- रुको !और मैं अपना लंड हाथ में ले मुठ मारने लगा और थोड़ी देर में मैंने अपना सारा पानी दोनों के चेहरे पर गिरा दिया और बेड पर जाकर लेट गया.

मैं समझ गया कि अब पूजा झड़ने वाली है, मैंने भी अपनी गति को बढ़ाया और तेज़ी से धक्के देकर पूजा की चूत को चोदने लगा. वो सब तो फिर भी ठीक पर उस सपनों की रानी के गरमागरम कोमल हाथों में अपना लण्ड दे दिया… और फिर उन्ही हाथों में वीर्य विसर्जन…इतना सब देखने के बाद जब मैंने फिर से उनकी इच्छा सलोनी की नंगी चूत के चुम्मे की सुनी… और वो उसकी साड़ी को ऊपर करने लगे. उनकी पैन्टी चूत के रस से गीली हो गई थी।मैं उनकी चूत पैन्टी के ऊपर से ही चाटने लगा। फिर एक झटके मे मैंने पैन्टी उतार दी।भाभी की मस्त क्लीन-शेव कुँवारी गुलाबी चूत देखकर मैं दंग रह गया।उनकी चूत को निहारने लगा तो भाभी ने पूछा- क्या देख रहा है?तो मैंने कहा- आप की चूत तो बिल्कुल कुँवारी है।‘इसीलिए तो तुम्हारे पास आई हूँ.

बहुत मजा आया।फिर हमें जब भी मौका मिलता, चुदाई करते थे।आपके ईमेल का बेसब्री से इन्तजार रहेगा।[emailprotected].

एक्स एक्स एक्स इंडियन बीएफ फिल्म: !मैंने कहा- तुम्हारी इच्छा जरूर पूरी की जाएगी बालिके…!वो थोड़ा हँसी और कहा- मैं तो बस ऐसे ही कह रही थी, सच कहूँ तो आज तुमने मुझे बहुत खुश कर दिया है।मैंने कहा- सच में स्नेह, तुम जैसे लड़की मैंने अपने जिंदगी में आज तक नहीं देखी। सच में आई रियली लव यू. उम्म’ मैं सिर्फ़ चुदाई के दर्द को बयान कर रही थी।ऐसा बड़ा लंड अपनी चूत में कोहराम मचा रहा था, मेरे आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, मैं मस्त हो कर अब उसका साथ दे रही थी। करीब 5-6 मिनट ऐसा चलता रहा।फिर ‘आआअहह.

मैंने पूछा- तुम्हारी गाण्ड को अच्छा लग रहा है या नहीं?वो बोला- आज तक इतना मजा कभी नहीं आया!मैंने कहा- गाण्ड मैं कुछ और डालूँ?वो बोला- क्या?मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी स्कर्ट के ऊपर से उसको अपना लंड पकड़ा दिया. मैंने उन्हें पकड़ के पोजिशन में लिया, और लंड के ऊपर चूत को सेट किया और कहा- बैठो…उन्होंने कोशिश की- आआह! नहीं होगा. अब पूजा को भी मजा आने लगा तो उसने अपनी टांगे उठाकर मेरी कमर पर लपेट लीं और अपनी कमर हिला-हिलाकर अपने आनन्द का सिगनल देने लगी.

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