सिसकी बीएफ

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बहूरानी की ब्रा के हुक को मैंने ऐसे ही थोड़ा सा दबा दिया तो मेरी मंशा जान कर बहूरानी का जिस्म सिहर उठा. मीना जी दो गिलासों में ड्रिंक बनाकर लाईं और फिर पहले की तरह बैठ गईं. करीब पौने घंटे तक उनको पीटने के बाद दीदी ने उन्हें खोल दिया और अपने बूट से तीनों को लंड पर लातें मारने लगीं.

एक हाथ से उसके बालों को जकड़े दांत पीसता हुआ ओमार लड़की को नॉनस्टॉप चुसाई के लिए कहता जा रहा था. सुरेंदर मुझे सन्डे की शाम को चाय पर बुलाते और तब भाभी से भी कुछ बात हो जाती थी. उस दिन मैंने अपनी भाभी को 4 बार चोदा और इसी तरह 7 दिन तक लगातार चोदा.

दोस्तो नमस्कार, मेरा नाम प्रकाश है। मैं उत्तराखण्ड का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र अभी 28 साल है। मेरा लंड 6.

स्कूल की छुट्टी हुई और मैं घर गया तो अपनी मोबाइल की तलाश करने लगा तो माँ ने पूछा- क्या कर रहे हो?तो मैं बोला- अपना मोबाइल ढूँढ रहा हूँ…तो उन्होंने बोला- वो मेरे रूम में है, ले लो!तो मैंने मां के कमरे में जाकर मोबाइल लिया और सोचा कि वीडियो डिलीट कर दूँ लेकिन मोबाइल में वीडियो तो थी ही नहीं. अवी- मिनी आज पहली बार मुझसे मिल रही हो, बहुत सिंपल बन कर आई हो क्या बात है.

मेरे फ्रेंड्स इतने ज्यादा हैं कि कोई ना कोई फोन या मैसेज करता ही रहता है. इस बार मैं अपने घर आया तो पता लगा कि विशाल की अभी नई नई उसकी शादी हुई थी और वो अभी यहीं है तो इसलिए मैं उसके घर पर उसे बधाई देने चला गया. इधर घर में जब अकेली होती तो पेटीकोट और ब्लाउज में ही बनी रहती या फिर कभी कभी गाउन के अन्दर कुछ भी नहीं पहनती थी.

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मेरे कूल्हों पर चट-चट मारने लगे और चूत में उंगली डाल कर अंदर बाहर करने लगे. यह कहते कहते उसने मुझे जोर से पकड़ लिया और उसकी चूत ने खूब सारा पानी छोड़ दिया, जो उसकी पूरी पेंटी को पूरा गीला कर चुका था. मैं शब्दों से बयान नहीं कर सकती, मैं बहुत खुश थी कि बहुत दिनों बाद आज एक मर्द मेरी चुदाई करने वाला है.

इधर सिराज मेरे गांड को मालिश कर रहा था अब उसकी तीनों उंगलियाँ मेरे पिछवाड़े में भूकंप मचा रही थी. फिर वो मेरे पास बैठ गया और मेरे पैरों को हाथ से पकड़ कर सॉरी बोलने लगा. बीएफ पिक्चर हिंदी में डाउनलोडमगर मैंने भी अब देर ना करते हुए दोनों हाथों से सलवार के ऊपरी‌ किनारों को पकड़ कर जोर से नीचे खींच दिया.

अचानक दीदी ने करवट ली और उनका हाथ मेरे लंड पर आ गया, मेरी तो जान ही निकल गई, लगा कि जैसे जन्नत मिल गई.

डॉक्टर अच्छी थी, उसने नेहा की तकलीफ समझी और मदद के लिए तैयार हो गई।लेकिन डॉक्टर ने बातों बातों में नेहा के घर का पता और फोन नम्बर पूछ लिया. मेरे नेबरहुड में एक बन्दा रहता था, उसका नाम था करण जिससे मैं हमेशा अपनी चुत गांड की सेवा करवाती हूँ… और वो करता भी है खुशी खुशी! तो मैंने सोचा कि आज उसके ही घर जाकर अपनी खुजली दूर करूंगी.

फ़िर शनिवार को शाम में वो अपने समय से जल्दी ही आ गई और अपना काम करने लगी. मैं शांत रही क्योंकि वो किस करने को कह रहा था, तो मैंने कोई जवाब नहीं दिया. मैंने जबसे सेक्स के बारे में जाना है, तब से मुझे इन भाभी को चोदने की इच्छा थी, पर सैटिंग ही नहीं बन पा रही थी.

कुछ देर के बाद हम दोनों झड़ गए और चाचा ने अपना माल मेरी चूत में नहीं गिराया, लंड बाहर निकाल लिया.

मैं कुछ देर रुक गया।थोड़ी देर में उसने अपने कूल्हे हिलाने शुरू कर दिए तो मैं समझ गया कि अब दर्द कम हो रहा है। बस फिर मैं अपने लण्ड को हिलाने लगा। उसकी चूत में मेरा लण्ड टकराने लगा। वो हिल-हिल कर लण्ड का स्वाद लेने लगी। मैं धक्के मारने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी। करीब 5 मिनट के बाद दोनों एक साथ झड़ गए. मैंने नेट से प्यासी भाभी की मूवी डाउनलोड की और मम्मी पापा के गांव जाने का इन्तजार करने लगा. अब उसने कामिनी की चूत में उंगली डाल कर उसकी घुंडी उमेठना चालू कर दी और स्पीड तेज कर दी.

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मैंने अपनी पैन्ट फिर से खोल दी और उसको अपने चूतड़ दिखाते बोला- लेट जाऊं?वह मुस्कराते हुए बोला- तेरी तो अभी चिनमिना रही होगी. वो बोलीं- नहीं नहीं… किसी को अगर पता चला तो क्या सोचेगा?मैंने कहा- यहां हमारे दो सिवाए कोई नहीं है और आपको लगता है कि मैं किसी को बताऊँगा?इस पर मीना ने अपनी निगाहें नचाकर कहा- मैं कैसे भरोसा करूं?मैंने कहा- आप बेझिझक भरोसा कर सकती हैं और बात तो सिर्फ सर दर्द की ही है, उसमें क्या गलत है?तब मीना जी ने कहा- तो फिर ठीक है. तभी उन्होंने मेरे बालों को पकड़ा और अपनी जांघों के बीच अपनी चूत के यहाँ जोर से दबाने लगी.

उसके बाद बहुत प्यार से उसको फँसाना, तब आएगी दिव्या रानी हमारे लंड के नीचे. करीब दस मिनट के बाद दीदी की गांड में ही मेरा पानी निकल गया और हम दोनों उसी तरह एक दूसरे से लिपट कर सो गए. यह सुन कर मैं खुश हो गया और रोशनी के गाल पर एक जोरदार पप्पी लेकर उसे आई लव यू कहा.

विवेक ने उसकी टांगें फैला कर अपने लंड को उसकी खुली चुत में घुसा दिया और झटके पे झटका देने लगा. मैं तो मन ही मन खुश हो रही थी, मैंने कहा- बेटा, ये तुम्हारे ही हैं। तुम इनके साथ कुछ भी कर सकते हो!वो मुझे नंगी ही अपनी गोद में उठा कर बेडरूम में ले गया और मुझे बेड पर लेटा दिया, वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर दिया उसने!मुझे बहुत मजा आ रहा था. व्हात्सप्प पर चाचा अब मेरी फिगर की भी तारीफ करने लगे थे, वो मुझे बोलते थे कि तुम्हारी चाची भी अपने आपको बहुत मेन्टेन रखती है लेकिन तुम्हारी बात कुछ और है.

सबसे पहले शैलेष ने हाथ बढ़ाया और कहा- आप काफी अच्छी लग रही हैं, मेरा नाम शैलेष है और आपका?मैंने भी हाथ बढ़ा दिया और हाथ मिलाते हुए कहा- थैंक्यू. किड अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर मेरी जीवनसंगिनी की गांड में धकेलना शुरू हो गया.

फिर चाची बोलीं- बेशरम अंडरवियर कहां है?ये कहते हुए चाची मुस्कुरा दीं.

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मैंने फिर उसे आई लव यू बोला, तो उसने मेरे होंठों को चूमा और हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे. अतः बहूरानी को अपनी आगोश में लेकर उनकी दोनों चूचियाँ अपनी मुट्ठी में भर के उस नवयौवना के होंठों का रस चूसने लगा. मेरा मन तो किया कि बाथरूम में घुस कर अभी चोद दूं, पर मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था.

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मैं समझ गया कि दीदी ने ब्रा और पैन्टी में लगे मेरे मुठ को देख लिया है.

कोई दस मिनट तक होंठ चूसने के बाद वो हांफने लगीं और ज़ोर से साँसें लेने लगीं, जिससे उनके चूचे ज़ोर से ऊपर नीचे होने लगे. उसने बोला- तू मेरा थूक पी जाएगा?मैंने उसके सामने अपना मुँह खोल दिया. इसके बाद मैं अपनी बाइक को स्टार्ट करके जाने लगा, तो पीछे से मीनू ने आवाज लगाई- रुको.

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मैं पूरी जान लगा कर झटके मारने लगा और अपने वीर्य से मधु की चूत भर दी।मधु कुछ देर वैसे ही घोड़ी बनी आँखें बन्द किए पड़ी रही। मैं उसके साइड में लेटकर उसके प्यारे चेहरे को देखने लगा। थोड़ी देर बाद मधु ने आँखें खोलीं. उसी रात गांव में चोर आ गये, बड़ा हल्ला गुल्ला हुआ और दीक्षा अकेली थी तो वो डर गई.

ये सुन कर मीना खूब हंसने लगीं और बोली- अरे इस ब्यूटीपार्लर में 3 घंटा फँसी रही और ऊपर से मुफ़्त में ये सरदर्द मिला.

उसने मुझे ‘बाय’ बोला और कार से उतर गई और अपना नंबर भी दे दिया।यह शहर मेरे लिए नया है और मुझे रास्ते भी ज्यादा नहीं पता है, मैंने उससे पूछा- रात के इस वक्त कहीं कोई खाने का होटल या रेस्टोरेंट खुला मिल सकता है क्या?मैं डांस करते-करते इतना थक गया था कि भूख लग आई थी। उसने मुझे 3-4 बार ‘आई होप’ रेस्टोरेंट का रास्ता समझाया. एक दिन दीदी के रूम का एसी खराब हो गया, जिसकी वजह से उन्हें मेरे कमरे में सोने की वजह मिल गई. मैं ये सब देख कर अनदेखा कर रहा था लेकिन कल्याणी तो मुझे गर्म करने में लगी हुई थी.

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मैं उसकी नाभि को चूमते हुए धीरे से अपने हाथ को उसके चूचों पर रखा और दबाने लगा.

सिसकी बीएफ: मैं भी शांत हुई ही थी कि तभी वो मेरी खुली पीठ पर अपना हाथ फेरने लगा और मेरे कंधे पर अपने होंठ लगाने लगा. मेरी एडल्ट स्टोरी के पहले भागगांडू बेटे की सेक्सी माँ को चोदा-1में आपने पढ़ा कि मेरे पड़ोसी परिवार का जवान लड़का गांडू निकला और मैंने उसकी गांड मारी.

अब मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि इस ड्रेस में मैं उसके सामने कैसे जाऊं और पता नहीं उसका कहां जाने का विचार हो. मैंने पहली बार दीदी को सोचकर मुठ मारी और सारा मुठ उनकी ब्रा और पैन्टी पे गिरा कर सोने चला गया. हमने दस मिनट तक चूमा चाटी की होगी, मैंने उनकी जीभ को अपने मुख में लेकर चूसा और उन्हें भी अपनी जीभ चुसवाई.

वो खाने के बारे में, मेरी जॉब के बारे में बातें कर रही थीं, मैं कब अमेरिका आया, या कभी घूमने के लिए इंडिया गया कि नहीं, मेरी पसंद नापसंद वगैरह की बातें कर रही थीं.

आह्ह…मैंने भी स्पीड बढ़ा दी, अब मैं भी पूरे मजे में था और बोल रहा था- आह. मैं नहा कर बाहर आया तो सिर्फ़ टॉवल लपेटी हुई थी और नीचे कुछ भी नहीं पहना था. अब जवानी के बादल रीना पर मंडराने लगे और अबकी बार इतना अधिक बरसे कि जैसे रीना की चुत से बरसाती नाला निकल रहा हो.