भोजपुरी बीएफ एक्स

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कुछ देर बाद मेरी मम्मी ने बिस्तर पर लेट कर अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैलाया और मेरे ससुर जी चाटने को बोली. मीना भी मूड में थी तो उसने झट से अपना ब्लाउज और ब्रा भी निकाल दिया.

लंड उसकी गांड में अन्दर गया तो उसने दांत भींच लिए, आंखें बंद कर लीं. तब मीना ने मुझसे पूछा- भाभी, तुमने रात में मस्ती की या नहीं?मैंने कहा- बिना मस्ती के तेरे भैया सोने देते हैं क्या मुझे? यह तो रोज का काम है. मैंने कहा- क्या मुस्कुराहट है आपकी साली साहिबा!कविता बोली- फ्लर्ट करना बंद करो यार!और हम दोनों चाय पीने लगे।चाय पीने के बाद मैं फ्रेश होकर आराम करने लगा और सो गया, शाम को कविता ने मुझे जगाया तो मैंने देखा उसके हाथ में दो कप चाय के थे.

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फिर मैंने भाभी से घोड़ी बनने के लिए कहा तो उन्होंने तुरंत पलट कर अपनी गांड मेरी तरफ कर दी.

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चचा जान मेरी गरदन को दोनों तरफ से बेतहाशा चाट रहे थे, जिससे चचा जान की लार से मेरी गरदन पूरी गीली हो चुकी थी. गांव में इतने दिनों बीच में मैंने कई बार फोन पर किशोर से बात की थी. खाना खाने और बाकी समय उनके सर मुझसे ज्यादा ही बातें कर रहे थे और किसी ना किसी बहाने से मेरे करीब ही रहते थे.

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दोस्तो, मैं बेबू आपके लिए अपनी पहली हिंदी सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ. फिर मैंने उसकी ब्रा निकाल दी और देखा कि उसके निप्पल फूल गए थे और निप्पल के साइड में उसके पूरे रोंगटे खड़े हुए थे. क्योंकि न केवल उसके नाम से, बल्कि उसकी बड़ी सी गांड और बड़े बड़े मम्मे भी उसके पंजाबन होने की गवाही दे रहे थे और बाक़ी उसकी बोलने के टोन से भी पता चल रहा था.

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इतने में अचानक से बाथरूम का दरवाजा खुला और भाभी की ननद अन्दर आ गई और अन्दर आते ही हम दोनों को नंगा देख कर बोली- ये सब क्या चल रहा है… भाभी तुम तो एक नम्बर की चुड़क्कड़ निकली. अन्नू भाभी मेरा लंड चूसने लगीं और कुछ मिनट तक लंड चूसने के बाद मैं अपना लंड अन्नू भाभी की चूत पर ले गया और भाभी की चूत टटोलने लगा. कुछ देर बाद मैंने कविता को बेड पे लिटा दिया और उसके ऊपर झुक कर उसके होंठों पर किस करने लगा.

पायल भाभी बुरी तरह से काँप रही थीं और खुद को मुझसे छुड़ाने की कोशिश कर रही थीं, पर वो इतना थक चुकी थी कि बस चिल्लाने और रोने के अलावा कुछ नहीं कर पा रही थीं. मेरे पास दो कमरे थे, मकान मालिक तब बाहर गए थे, कोई फर्नीचर नहीं था, मैंने चटाई बिछाई, उस पर एक कम्बल बिछाया और बैठ गए. फिर मैंने अपनी एक उंगली पे थूक लगाया और उसकी बुर में घुसाने लगा, बुर एकदम टाइट थी और मेरी उंगली जैसे किसी गर्म जगह में जा रही हो, उसके मुंह से जैसे चीख निकलने वाली थी लेकिन उसने कण्ट्रोल किया हुआ था।मैंने फिर अपने लंड पे थोड़ा थूक लगा कर लंड का सुपारा उसकी बुर के छेद पे लगाया और उसके होंठों पे अपना होंठ कस के दबाया और एक धक्का दिया, लण्ड फिसल कर बाहर आ गया और वो मचल गयी.

फिर मैं तैयार होकर पार्टी में चली गई उसमें बड़े बड़े लोग आए थे, नेता थे ऑफिसर थे, बिजनेसमैन थे. एक दिन विवेक ने मुझ से पूछा- कहीं चलना है?तो मैंने पूछा- कहाँ चलेंगे?तो उसने कहा- सरप्राइज़ है मैडम तुम्हारे लिए!मैंने कहा- ठीक है… बोलो कब चलना है?तो विवेक ने अगले दिन के लिए बोला- मॉर्निंग में 10 बजे तुम रेडी रहना मेरी जान. पहले उसका टॉप उतारा, उसने नीचे ब्लैक ब्रा पहनी हुई थी, मैंने वो भी उतार दी.

मेरे सपने कुछ ज़्यादा बड़े थे, मैंने उनको पूरा करने के लिए अपनी पढ़ाई में एक साल का अंतराल दिया. ऐसे ही अब हमारे बीच प्यार की शुरूआत हो गई थी मगर उस किस के बाद दोबारा मौका नहीं मिला.

थोड़ी देर बाद उनका लड़का पीछे जाकर दोस्तो में दारू पीने लगा और वहीं मस्त हो गया.

मेरी मॉम पढ़ी लिखी हैं तो उन्होंने डैड की जॉब की जगह अप्लाई कर दिया. सेक्सी फिल्में गुजरातीपिंकी को लेकर लड़की ने अपने बगल में बैठाया और पूछा- क्या क्या किया इन्होंने तुम्हारे साथ?पिंकी बोली- कुछ नहीं. सभी हीरोइन की सेक्सी मूवीलेकिन मम्मी इस तरह से किसी से पैसे लेकर अपने जिस्म को बेचना धंधा करना कहलाता है. प्लीज़मैंने सोचा अभी तो साला टोपा ही अन्दर गया है, अभी तो 5 इंच बाकी पड़ा है, ऐसे कैसे छोड़ दूँ.

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हम बाहर निकले, पर उसे धूप बहुत लग रही थी… तो उसने कहा- यार बहुत तेज धूप है, गरमी लग रही है, ठीक नहीं लग रहा. मैं उनके बदन को अच्छी तरह निहार रहा था, मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. उन्होंने कहा- अब और कितनी गीली करोगे मेरी चूत तो पहले ही रसीली हुई पड़ी है.

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थोड़ी देर में वो अपनी गांड हिलाने लगी तो मैंने भी धक्के मारना चालू किए. फिर अंदर आकर मैंने देखा कि वो बैठी ही थी तो मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और किस करने लगा. फिर कुछ देर के बाद हम चलने लगे तो विक्की मुझे अपने घर ले गया और मुझे कॉफ़ी लाकर दी, जो उसने मेरे ऊपर गिरा दी.

अब आप लोग समझ सकते है कि मुझ पर क्या खुमार छाया था, कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये गलत है या सही है और इससे आगे क्या प्रभाव पड़ेगा.

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प्रिय दोस्तो, मैं प्रदीप यादव (बदला हुआ नाम) अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है, हो सकता है कि मैं एक अच्छा लेखक नहीं हूँ पर मैं अपनी सच्ची कहानी सभी को बताना चाहूंगा कि अपनी ही बहन को कैसे पटाते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है अगर दोनों की रजामन्दी है तो!बहन के साथ सेक्स करने में बहुत फायदे होते हैं. मैंने गौर से देखा कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई थी और पसीना आने के कारण उनके ब्लाउज गीला हो गया था और उनके मम्मे साफ़ दिखाई दे रहे थे।जब मैं उनके कमरे में गया. [emailprotected]मेरी नोनवेज कहानी के अगले भाग में आप पढ़ेंगे मेरी भानजी की कुंवारी जवानी की कहानी!कहानी का अगला भाग :मेरी जवान भानजी ने कुंवारी बुर का तोहफा दिया.

ठन्डे पानी की वजह से जलन तो कम हो गई थी, लेकिन माया को ये पता था कि वो साड़ी ऊपर नहीं बांध पाएगी. और इस तरह सेमुझे चोदना पड़ा दोस्त की चुदक्कड़ बीवी को!आज भी जब मौका मिलता है, तो हम दोनों हचक कर चुत चुदाई करते हैं.

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इधर मेरे लंड का हाल ख़राब हो रहा था, वो तना हुआ था, बुर चूसते चूसते वो अचानक से अपनी दोनों टांगों के बीच मेरा सर दबाने लगी और बुर को मेरे सर में धंसाने लगी और बिस्तर पे अकड़ने लगी. उसने मुस्कुरा कर कहा- हेल्लो जी, क्या देख रहे हो?मैंने कहा- कुछ नहीं. दरवाजा खोला तो मोना मेरे सामने सती सावित्री बन कर साड़ी पहन कर खड़ी थी.

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विवेक धीरे धीरे पीछे से मेरी चुत में धक्के लगा रहा था और आगे से रवि अपना लंड मेरे मुँह में पेल रहा था. उनकी बेटियों का नाम भी उसने सुन लिया उनके मम्मी पापा के मुख से कौमुदी और कल्याणी था. यही मिश्रण उसकी चूत से निकला, जिसे देख कर वो डर गई तो कभी वो मेरे लंड को देखे तो कभी अपनी चूत को… तो कभी बैड की उस चादर को जिस पर खून का एक लाल घेरा बन गया था.

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बातें करते करते मैं लंड को अन्दर की तरफ करता रहा और मेरा लंड उस तंग चूत में अपना रास्ता बनाता रहा. फिर मेरे बहुर ज़ोर देने पर उसने मुझे कहा कि कल कॉलेज के पास वाले कैफे में मिलते हैं.

पिंकी और रेखा को भी जब पता चला कि कल शाम तक हम तीनों अकेले हैं तो वो दोनों भी खुश हो गईं.

मैं मायूस सा हुआ, पर कहते हैं ना कि अपना हाथ जगन्नाथ, तो बस मुठ मार मार कर टाइम काटा. दोस्तो, ये थी मेरी चुदाई की पोर्न कहानी, आपको कैसी लगी, प्लीज़ मेल कीजिएगा. हमारे घर अ कर वो सबसे पहले दुपट्टा उतार कर टांग देती, फिर अपना स्वेटर उतार कर रख देती और काम पर लग जाती.

उस रूम में पहुँचते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया।मैं डर गया कि यह क्या हुआ क्योंकि तब तक मैं लड़कियों से दूर भागता था।वो मेरे पास आई और मेरे कान में बोली- प्यार से देखो… यही है वो लड़का जो मुझे परेशान करता है।मैं- कौन है वो? कहाँ है?उसने कहा- मेरी आँखों में देखो, खुद पता चल जाएगा. फिर मैंने अपना लंड हाथ में लिया और उस पर थोड़ा तेल लगाया क्योंकि मैं भी पहली बार चोदने जा रहा था और खुशबू भी पहली बार चुद रही थी. लंड झड़ने के बाद मैं लेट गया और पूनम मेरे ऊपर आकर मेरे सीने को चूमने लगी.

मैंने कहा- क्या हुआ वर्षा रानी मुझसे नाराज हो?वो मुँह फुलाए बैठी थी, आँखें फाड़ कर मुझे और घूरने लगी.

भोजपुरी बीएफ एक्स: मेरी मम्मी राधिका ने लंड चूसते चूसते ही पोजीशन बदली और ब्रायन की टी-शर्ट को भी खींच कर उतार दिया. अदिति बेटा, अपने पैर खोल दे और ऊपर कर ले!” मैंने धक्के लगाने का प्रयास करते हुए कहा.

जब वो मजे में किस करने लगी, तब उसके होंठों को और हाथों को कसके पकड़ा और लंड पूरा बाहर निकाल कर, फिर पूरा अन्दर ठोक दिया और रफ्तार से झटके पर झटका मारता रहा. पर अखबारों में घटनाएं पढ़ कर तथा कुछ और जानकारी होने पर मुझे भी यकीन हो गया कि वाकयी ये सब सच है. वो वॉशरूम में जाने लगी तो मैं भी पीछे वॉशरूम में घुस गया वो सूसू करने लगी मैंने पीछे से उसकी चुत पर हाथ रखा, जिससे उसको सूसू नहीं हुआ.

मैंने इस बात पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया क्योंकि अभी भी मेरी आँखों के सामने अपनी बहन के मम्मे दिखाई दे रहे थे.

वो लगभग मेरी बांहों में थी, हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे, धीरे से मैंने ही उसके होठों पर हल्का सा किस किया और छोड़ दिया तो उसने भी एक हल्का किस कर के छोड़ दिया. रेखा आंखें फाड़े पिंकी को इतने मोटे लंड से गांड मरवाते देख रही थी और मन ही मन उसकी हिम्मत की दाद भी दे रही थी. रूचि ने पहले तो मेरे लंड के सुपारे को जीभ से चाटा, होंठों से किस किया और फिर धीरे धीरे पूरा लंड मुंह में लिया.