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मैं भी दीदी की गांड के स्वाद को चखते हुए अपने होंठों पर जीभ फिराई और बेडरूम में जाने लगा. शेयर चैट हिन्दी videoएक बार फ़िल्म सिटी का एक बड़ा एक्टर और डायरेक्टर एक फाइव स्टार होटल में अपनी फ़िल्म के प्रोमोशन के लिए आए थे.

मैंने उससे बोला- आज स्कूटी लेकर तू आशीष के साथ चली जा, मेरी कुछ तबीयत ठीक नहीं है. हिंदी सेक्सी मूवी एचडी फुलदीदी भी मस्ती से अपनी चूत चुदवा रही थीं और हल्की हल्की आवाज भी निकाल रही थीं.

यह सेक्स कहानी मेरी जिंदगी की पहली कहानी है, इसलिए होने वाली गलतियों के लिए आरम्भ में ही माफ़ी मांगता हूँ.बीएफ हॉट हिंदी: वो बोली- ये कहां का रॉकेट है अरमान!मैंने बोला- ख़ास तुम्हारे लिए ये रॉकेट आया है, जो तुम्हें एक नई दुनिया की सैर कराएगा.

मैंने उसकी चुत के मुहाने पर जैसे ही अपना लंड टिकाया, वैसे ही उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया.खैर … मैंने दो दिन बाद से निशा को पढ़ाना शुरू कर दिया और किसी न किसी बहाने से अब रूपा भाभी को मुझे बुलाने का मौका भी मिलने लगा.

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जब ज़्यादा चुदने का मन होता, तो आशीष मुझे होटल में ले जाकर मेरी घंटों तक लेता.ट्रेन की बढ़ती रफ्तार के साथ मेरे लंड ने उस भाभी के नाम की पिचकारी छोड़ दी.

ऑफिस जाने से पहले श्रेया ने हम दोनों को किस किया और हम ऑफिस के लिए निकल गए. बीएफ हॉट हिंदी मैंने उससे हाय कहते हुए अपना परिचय दिया- मैं दिशा हूँ … अभी मेरे डैड घर पर नहीं हैं.

फिर अचानक से उन्होंने ज़ोर से अपना सिर मेरे कंधे पर रखते हुए और अपने मम्मे मेरी पीठ पर गड़ा दिए.

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मैंने दीदी की गांड मारी तो दीदी बोलीं- थोड़ी देर के लिए चुत में भी लंड चलाओ न … मजा रहा है. तभी उन्होंने झटका मारा और धकेलते धकेलते पूरा लण्ड मेरी गांड में ठोक दिया. वो सीधे मेरे रूम में आया और कहा- यार, बहुत मस्त माल है … कहां से बुलाया.

जूनियर गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरे ऑफिस में एक नयी लड़की आयी, उसकी नयी शादी हुई थी. उनके मुँह से इतना सुन कर मैंने घर पर फ़ोन करके बोल दिया कि आज रात मैं अपने दोस्त के यहां रुक रहा हूँ. उसने मुझे कमर से कस लिया तो मैं उसका सिर पकड़ कर अपने होंठों से लगा कर चूसने लगी.

उसने मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसना चालू कर दिया और थोड़ी देर में ही पानी निकाल दिया. तीन साल में पहली बार मैं और शरद एक दूसरे से इतने लंबे समय के लिए अलग रहे थे. उन्होंने भी अपनी गांड से पैंटी नीचे सरकाई और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया और अपनी चूत को मेरे होंठों पर रगड़ने लगीं.

मैंने पूछा- और चूत का क्या करती हो?वो बोली- चूत में उंगली करने की कोशिश करती हूँ पर बहुत जल्दी आग लग जाती है और बिना मर्द की संगत के मुझे बहुत बेचैनी होने लगती है. मेरी आवाज से ऐसा लग रहा था मानो वो मेरा कोई चिरपरिचित हो और मैं उसके लिए सीट रोक रही हूं.

इसी प्रकार किस करते हुए ही मैं धीरे से एक हाथ से उसकी जींस के ऊपर से ही लंड सहलाने लगी.

मैंने तुरन्त सोच लिया कि लोहा गर्म है और चोट कर ही देना चाहिए क्योंकि अगर मैं ऐसा नहीं करता हूँ, तो जरूर ये किसी और से चुदवा लेगी.

जहां पहले छोटा सा छेद भी नजर नहीं आ रहा था, अब वहां पर आराम से उसकी चूत का छेद बड़ा सा दिख रहा था. उसने सरिता भाभी से पूछा- क्या हुआ भाभी, आप इतनी घबराई हुई क्यों हो?सरिता भाभी ने अपने चूचे उसकी छाती से रगड़ते हुए कहा- किचन में चूहा है, मुझे बड़ा डर लग रहा है. पिछले भागपति की गैरमौजूदगी में मेरी अन्तर्वासनामें आपने पढ़ा था कि मैं राजीव सर के साथ व्हिस्की पी रही थी और अचानक से कुछ ऐसा होता चला गया कि राजीव सर ने मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया.

वो मादक स्वर में बोली- रियांश अब सहा नहीं जाता, प्लीज प्लीज लंड चुत में डाल दो. मेरे इतना बोलते ही सुशी जी ने भी सहमति में सर हिला दिया कि आप बात तो ठीक कर रहे हो. इस चुदाई में हमें खुद ही नहीं पता चला कि हम कहां हैं, क्या कर रहे हैं.

अब वो मेरे बच्चे को भी पैदा करने वाली है, ऐसा इसलिए हुआ कि उसका पति बंगलोर में जॉब करता है और महीने में सिर्फ़ 2 दिन के लिए आता है.

वो मेरी चुचियों को अपने मुँह में रख कर चूसते हुए बोला- अब मुझे तुम्हारी गांड भी मारनी है. ये क्या कर रहे हो चचा?”कुछ नहीं कर रहा!” इतना कहते कहते मैंने उसे बाँहों में जकड़ लिया और बुर्के के ऊपर से ही चूमने लगा. उसने- तुम साड़ी ही पहनती हो या कभी जींस टॉप या मिडी स्कर्ट भी पहना है!मैं- जी, सिर्फ साड़ी ही पहनती हूँ.

अपने काम के सिलसिले में हम दोनों ही काफी व्यस्त रहते, पर हर वीकेंड पर एक दूसरे के साथ अच्छा समय बीतता था. तुम कहो तो मैं तुम्हारी मालिश कर दूँ?ये बात सुनकर मुझे ये बात मालूम हो गया कि जेठ जी मुझे पसंद करते हैं. मैंने सुपारा फंसा कर तेज झटका मार दिया और मैडम की घुटी हुई चीख निकल गई.

अब उसके दोनों मम्मे एकदम अकड़ गए थे, तो उनका प्यार पाने का समय आ गया था.

तभी सलमा बोली- अच्छा… मतलब अलीज़ा इतनी अच्छी लगती है कि तुमने शताब्दी एक्सप्रेस दौड़ा दी. जिसके जवाब में मेरी बीवी ने उसको अपने नंगे मम्मों की फोटो भेजी हुई थी.

बीएफ हॉट हिंदी सांडे का तेल लगाने से लण्ड जल्दी डिस्चार्ज नहीं होता और बुर को चिकना भी कर देता है. आप सभी को मेरी सेक्स कहानीमेरी अन्तर्वासना- कुछ अधूरी कुछ पूरीबहुत पसंद आयी.

बीएफ हॉट हिंदी अब आंटी बोलने लगीं- योगी बहुत हो गया … अब तू अपने इस विशाल लंड को मेरी चूत में डाल दो. फिर मैंने उससे पूछा तो उन्होंने बताया- मैं वकालत करती हूँ और इंदौर अपने अंकल के घर जा रही हूँ.

तौबा क्या तूफान मचा दिया था मेरे अन्दर … और उस तूफान में मेरा लौड़ा उफान पर आ गया था, साला पैंट फाड़ कर बाहर आने को बेताब था.

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एक दिन की बात है, मैं मैडम के कमरे में उनसे पढ़ रहा था और हमारी बातें भी चल रही थीं. मैं मोबाइल में टाइम पास करने लगा और ये भूल गया कि मेरी बीवी माल की तरह सजकर आई है … तो मेरा दोस्त भी इसका मजा लेगा और मेरी बीवी पक्के में उसको लाइन देना शुरू कर देगी. दीदी- वीरू क्यों ना हम दोनों 69 की पोजीशन में चुसाई करें!मैं ‘हां दीदी …’ बोलकर दीदी की पूरी चूत और गांड में ठंडा केक लगाने लगा.

विजय ने भाभी के हाथ से नाश्ता लिया और कहा- भाभी आप जाओ, मैं ये नाश्ता कुछ देर बाद कर लूंगा. तो मैंने उन्हें टहोका- हां फिर!भाभी- फिर वो सब होने लगा जो आज तक चल रहा था. मैं एकदम से सिहर उठी और अगले ही पल उसने मुझे जीभ से चोदना चालू कर दिया.

फिर हम दोनों अन्दर गए, तो डॉक्टर ने मुझे पूरी तरह जकड़ लिया और मेरी साड़ी को जल्दी जल्दी पूरी तरह मेरे बदन से खींचकर नीचे गिरा दिया.

आप सभी से निवेदन है कि मेरी सेक्स कहानी पर आप अपनी राय मेल से भेजें और मुझे कोई वेश्या न समझें. ये सब कैसे हुआ?दोस्तो, मैं अंकित एक बार फिर से अपनी सेक्स कहानी में आपका स्वागत करता हूँ. करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरे लंड से मेरा कामरस निकलने वाला था.

रास्ते में मुझे शरारत सूझी तो मैंने लंबा और सुनसान रास्ता ले लिया और जानबूझ कर ब्रेक ले-लेकर बाइक चलाने लगा. उसने उसी दिन मुझे मैसेज किया- हाय जया, क्या कर रही हो!मैंने उसकी डीपी देखी और समझ गई कि ये रोहन है. उसी दिन मैंने टॉयलेट करते समय अपना पूरा लंड उसकी तरफ करके ही पेशाब की.

वो अपनी मस्ती में बोला- आह सोनिये … मैंने सही जगह लंड पेला है … आज मेरा लंड बहुत कड़क है, इसे तेरी गांड की सैर करनी थी. बकरियों की देखभाल जुम्मन के अब्बा रमजान चचा करते थे और जुम्मन शाहगंज में साइकिल मरम्मत की दुकान चलाता था.

अब वो मेरे सिर को अपनी दोनों टांगों के बीच जकड़ रही थीं और उनकी चुत से रस की धार बहने लगी थी. शबाना और उसकी पड़ोसनें उसे गांव के एक डॉक्टर के पास ले गईं जहाँ उसे तुरन्त होश आ गया. मैम की गर्म सांसें उस मौसम में ब्लोअर का काम करने लगी थीं … या यूँ कह लो कि गर्म पानी या चाय से निकलती भाप का काम कर रही थीं.

उन दिनों गर्मी का टाइम था और अर्शिया अपने साथ कुछ भी कपड़े भी नहीं लाई थी.

हाउस मेड सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं घर में अकेला था और अपनी गर्लफ्रेंड को बुलाने की सोच रहा था. मैं- तुझे कैसे पता?निशा- पता है, तभी तो तेरी बांहों में हूँ गंडमरे. अब मैं निशा से अलग होकर उसकी टांगों की तरफ आ गया और उसकी गोरी सी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया.

एक बार फ़िल्म सिटी का एक बड़ा एक्टर और डायरेक्टर एक फाइव स्टार होटल में अपनी फ़िल्म के प्रोमोशन के लिए आए थे. आप लोगों ने मेरी पिछली सेक्स कहानीचुदाई से ज्यादा मजा चूत लंड चूसने में आयापढ़ी और बहुत सारे ईमेल के माध्यम से प्यार दिया, उसके लिए मैं आप सबका आभारी हूं.

मैं उसे बहुत पसंद करता था और उसके साथ सोना चाहता था और उसे चोदना चाहता था. कुछ देर बाद मैंने लंड गांड से निकाल लिया और सरोज को घोड़ी बना कर गांड चोदना शुरू कर दिया. अश्मि की चूत पर मेरे लंड की अश्मि हो रही थी और वो चुदाई के आनंद में जैसे भीगती जा रही थी.

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मैंने देखा कि मॉम की आंखें बंद हो गई हैं और मध्यम सुर में सिसकारी ले रही थी.

मैंने उसके होंठों को अपने होठों से चिपका दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा. इन शब्दों का मेरे मन पर या यूं कह दूँ कि मेरी वासना पर गहरा आघात लगा. पहले मैं आप सभी को मेरी फैमिली और अपनी चुदककड़ बहन से परिचित करवा देता हूं.

मैं उनकी कामुक भरी नजरों को समझ गया था पर मैं अपनी तरफ से कोई पहल नहीं करना चाहता था. मुझे रात को नींद नहीं आती थी और मैं रोज़ उसके और गमन के बारे में सोचता रहता था. एक्ससी एक्ससी एक्ससीमेरे लौड़े से एक के बाद एक पिचकारी निकलती रहीं … और मौसी मेरे लंड को मुठियाती रहीं.

मेरा नाम राज शर्मा है और आपको मकानमालकिन की बड़ी बेटी सरोज की चुदाई की कहानी लिख कर सुना रहा था. अब वो सिर्फ उस छिद्र में जोर जोर से अपनी उंगली अन्दर बाहर कर रहा था.

इस वक्त स्पीड इतनी तेज थी कि मेरा लौड़ा बेलगाम हो गया था और गांड में सटासट सटासट अन्दर बाहर होने लगा था. मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह चूत चोदने मिलेगी इतनी जल्दी!अब मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोलकर उसके गोल गोल गेंदों जैसे बूब्स को आजाद किया और हाथों से मसलना चालू किया. उसकी गीली चूत में लंड सट्ट सटा सट जाने लगा और वो अपनी चूत से मेरे लौड़े को चोदने लगी.

ये साईट न केवल आप सबके लिए मनोरंजन का साधन है बल्कि अपनी आपबीती को बिंदास सभी को बताने का एक माकूल पटल है. वो अपनी प्लानिंग के अनुसार दिल्ली आ गए और उन्होंने एक होटल में रूम बुक कर लिया. रात के 12 बज चुके थे … मैंने वापस होटल जाना ठीक समझा और कैब बुक कर ली.

वो कुछ ही दिनों में उसको उसके नाम से भी बुलाने लगी और अब हम तीनों साथ आने जाने भी लगे.

मेरी इस बात से वो खुश हो गई और उसने मुझे गले से लगा कर ‘थैंक्यू भैया …’ बोला और अपना काम करने चली गई. कुछ ही देर में नाज ढीली पड़ गई तो मैंने उसे गोद में उठा लिया और पहली मंजिल पर बने अपने हरम में ले आया.

मेरी पिछली कहानी थी:भाभी की चूत को उसके मायके में जाकर चोदामैं अभी 26 साल का हूँ, दिखने में एकदम सेक्सी हॉट और हैंडसम हूँ. उस बस में लगभग सारे ही 30+ दिख रहे थे और मैं ही उसका हम उम्र जैसा था. नन्दिनी की बातें सुनकर साफ था कि वो अपने ब्वॉयफ्रेंड से बहुत प्यार करती है.

फिर मॉम ने कहा- चुदाई शुरू करें?मैंने कहा- घर में करने का मेरा मन नहीं है, कहीं बाहर जाकर करें … जैसे किसी होटल में?मॉम ने कहा- ठीक है … तो फिर हम गोवा चलते हैं. अब आगे भाभी के साथ माउथ सेक्स:दूसरे दिन करीब रात के दस बजे में उनके घर पहुंच गया. दोस्तो, उम्मीद है कि आपको निशा विराट की डॉक्टर Xxx कहानी पसंद आई होगी.

बीएफ हॉट हिंदी उनकी नाइटी में मुझे उनका जिस्म बड़ा ही कामुक दिखता था, तो अब मैं उनके हिलते हुए मम्मों को देखने लगा था. भाभी अपनी एक बैग लेकर वाशरूम में गयी और मैं उनके आने का इंतजार करने लगा.

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पांच मिनट तक तो मुझे कुछ समझ में नहीं आया कि क्या करूं और क्या न करूं. मेरा लंड शीना भाभी की चूत की गहराई में उतरकर उसकी चूत को रगड़ रगड़ कर चोदना चाह रहा था. करीबी दोस्त होने के कारण मैं उसके साथ उसके कमरे में चला गया और बीवी बाकी औरतों में बैठ गयी.

जब हम दोनों मैम के घर पहुंचे, उस वक़्त भी हल्की हल्की बारिश हो रही थी. मेरी इस हरकत से उसकी आंखें उबल पड़ीं और वो जोर से चिल्ला उठी- उई मां मर गई आह आह मेरी फट गई … आह अमित बाहर निकाल लो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है. कैटरीना कैफ का घर कहां हैआशीष मुझे सहारा देने के लिए आगे आया और उसने मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे पकड़ लिया.

मैंने पूछा- यह क्या कर रहे हो आप?वो बोले- तेरे मालिक की खिदमत की तैयारी की तैयारी.

पर मेरे काम पर जाने के बाद शायद उसने अपनी चुत चुदायी करवा ली होगी … और मुझे पता नहीं लगने दिया होगा. मैंने पीछे से लौड़ा चूत में पेला और एक बार में ही पूरा लंड चूत में ठोक दिया.

अर्शिया के बोबों से खेलने का और उनको चूसने का मेरा एक सपना तो पूरा हो गया था. जेठ जी दुबारा से मुझे अपना लंड चूसने के कहे और मैं उनका लंड चूसने लगी और इस तरह से उनके लंड से पानी निकल गया. मैंने उसे धीरे से बाथरूम के फर्श पर लिटाया और 69 की पोजीशन में आकर उसकी चूत का रस पीने लगा.

अब मुझे और मेरे लंड को उसकी जवानी और गोरे चिकने बदन का रसपान करने करना था.

फिर उसने बड़े आराम से अपना एक हाथ मेरी पैंटी के अन्दर डाल दिया और दूसरे हाथ से ब्रा के ऊपर से ही मेरी चूची को मस्ती मसलता रहा. अब जब भी जीजा जी के बाहर चले जाने से दीदी अकेली हो जाती हैं, तो वो मुझे बुला लेती हैं. उसने मेरे 8 इंच के लण्ड को महसूस कर लिया था जल्दी से!वह सॉरी कहकर सीधी खड़ी हो गई, कहने लगी- सॉरी, ये गलती से हाथ रखा गया.

जवानी मुझको पागल कर गई रेमैंने उसकी पैंटी नीचे सरका दिया और देखा कि शिवानी की बुर एकदम चिकनी थी, जैसे आज सुबह ही उसने अपनी बुर की सफाई की हो. मैंने उसकी पीठ को थोड़ा तेज सहलाना शुरू किया और अगले ही पल अपने होंठों को खोलकर मैंने उसके होंठ चूसना शुरू कर दिए.

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मैंने जैसे ही बेडरूम का दरवाजा खोला तो रूम को देखकर मैं दंग रह गई क्योंकि रूम पूरी तरह से फूलों से सजा था. उसने तेज़ी से अपना लंड रंगोली की चूत से निकालकर अपना वीर्य उसकी नाभि के पास गिरा दिया औऱ बगल में लेट गया. वो हंस कर बोली- अब पैंट में अन्दर घुस जाएगा … छोटा हो गया है ना!फिर लंड बैठा, तो उसने अन्दर घुसा दिया और जाकर अपना मुँह धो आई.

इस बार मैंने उसे उल्टा करके घोड़ी बनाया और बाथरूम में रखी तेल की शीशी से बहुत सारा तेल उसकी गांड पर टपका कर गांड एकदम चिकनी कर दी. मेरी यह चाची चुदाई स्टोरी आज से 6 साल पहले की है जब मैं पहली बार फौज में भर्ती होने के बाद अपने गांव में पहली छुट्टी काटने गया था. दूसरी ओर सोढ़ी, रोशन की गांड मारते मारते ही उसके बोबों को अपने पहाड़ी जैसे हाथों से कभी दबोचता, तो कभी एक एक करके दोनों बोबे चूसता.

मैं समझ चुका था कि ये लंड की भूखी है और इसे एक जवान मोटे लंड की तलाश है. लेकिन मैंने नोटिस किया कि निशा ने अपने हाथ को मुझसे छुड़ाने की कोशिश नहीं की. अमिता से रहा नहीं गया, उसने खुद अपने हाथ से कंडोम निकाल के अलग कर दिया.

फिर एक दिन हम साथ में कॉलेज आये, उस दिन सुबह से ही मेरा पढ़ने का मन नहीं था. मैं अपने एक हाथ से मौसी की चुचियां दबा रहा था और मौसी अपने एक हाथ से मेरा लंड सहला रही थीं.

मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह चूत चोदने मिलेगी इतनी जल्दी!अब मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोलकर उसके गोल गोल गेंदों जैसे बूब्स को आजाद किया और हाथों से मसलना चालू किया.

तू अभी बहुत ही कमसिन और कच्ची कली है … मुझे तुझको प्यार करने में करीब एक सप्ताह लग जाएगा. भूतिया लड़कीअब आगे कॉलेज रोमांस की कहानी:मैंने भी रिप्लाई किया कि मैंने ऐसा मैसेज भेज दिया … आपको आपको बुरा तो नहीं लगा?तो मैम ने हंसते हुए पूछा- कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या तुम्हारी?मैंने भी मौके का फायदा उठाते हुए लिखा- नहीं मैम … मैं इतना लकी कहां!उन्होंने कहा- अरे इतने हैंडसम तो हो … कोई भी आसानी से पट जाएगी. सेक्सी फिल्म हिंदी देखने वालीउसका पति उससे उम्र में 20 साल बड़ा है और एक थका हुआ अधेड़ उम्र का आदमी है. वो घर से बाहर गया और उसने देखा कि ऊपर वाले कमरे की एक विंडो बाहर खुलती है.

हाय दोस्तो, मैं आपकी अंजलि, कैसे हो आप सब … उम्मीद है कि सब ठीक होगे.

विक्की ने ये सुनकर अपना लंड दीदी की चूत में डाला और उन्हें दबादब पेलने लगा. मैंने अपना पूरा हाथ लिंग मुख पर फिराया और तौलिए जैसे उसके लिंग रस को पैंट के ऊपर से हाथ पर पौंछने लगी. धक्कों से चूत का पानी रिसना शुरू हो गया और चुदाई में चिकनाई का मजा मिलने लगा.

मैंने पूछा- आप के आंसू क्यूं निकाल रहे हैं?मॉम ने बताया कि उन्होंने पहले कभी इतना मोटा और बड़ा लौड़ा नहीं लिया. मैं उसे रोकने की कोशिश भी नहीं कर रही थी क्योंकि मैं पूरी तरह गर्म हो चुकी थी. तभी वो बोली- आप नाश्ता कर लो … और जो कल हुआ था, उसके बारे में मैं किसी को कुछ पता नहीं चलेगा.

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वो मुझे अंदर रूम में ले गए और बोले- लेट जाओ!मैंने साड़ी पहन रखी थी. कहाँ निकालूँ अपना माल?उसने कहा- राज, तुम मेरे अंदर ही निकालो!मैंने तेज़ी से अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया और झटके में लंड ने वीर्य छोड़ दिया और खुशबू की चूत मेरे वीर्य से भर गई. इस तरह से मुझे कुछ थकावट सी होने लगी थी तो मैंने उसको फिर से बिस्तर पर लिटा दिया और दोनों पैरों को फैला कर हवा में उठा कर चुत चोदने लगा.

लेकिन ये भी सच है यदि आप किसी को शिद्दत से चाहो … तो जर्रा जर्रा उसे आप से मिलाने की साजिश में लग जाता है.

इसके बाद हम दोनों ने उसी होटल में रुक कर करीबन 10 दिन तक लगातार चुदाई की.

मेरी निगाहें बदस्तूर किसी कार्तिकेय जैसे लौंडे की तरफ लगी रहती थीं. इस सबकी जानकारी सलमा को भी थी क्योंकि मैं सलमा के बिना अलीज़ा से नहीं मिलता था. शिक्षक पिक्चरसेक्स कहानी के अगले भाग में निशा की चुदाई को लेकर विस्तार से लिखूंगा.

वे दोनों थक गए थे और अभी भी रोशन बिना कपड़े पहने सोढ़ी के लंड पर ही बैठी थी. आंटी ने मेरे गाल पर एक जोर का तमाचा मारा और बोलीं- मादरचोद, मैं तीन महीने से तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ. मैंने झटपट अपने कपड़े उतार दिए और अपना लम्बा मोटा लंड मैडम के सामने लहरा दिया.

मैंने उनके इस छुआ-छाई का कोई विरोध नहीं किया तो जेठ जी की हिम्मत बढ़ गई और अब तो वो मेरा हाथ भी पकड़ने लगे थे. मुझे इसका अहसास तब हुआ जब उसने मेरी चूत में अपनी दो उंगलियां घुसेड़ दीं और जोर जोर से चुत में उंगली करने लगा.

मैं भी नीचे से बराबर झटके लगाने लगा, उसकी चूचियां दबाने लगा और उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा.

कुछ देर बाद श्रुति ने लंड जज्ब कर लिया और चुत चुदाई का मजा लेने लगी. अब आगे जवान मोसी की चुदाई कहानी:मैं अब अपना हाथ बिंदास उनके बूब्स पर ले गया और ब्लाउज़ के ऊपर से उनके मम्मों को दबाने लगा. मैंने कहा- ओके अब आप लंड मत चूसो, मैं आपके मुँह की थोड़ी सी चुदाई कर देता हूँ.

नंगा होना तब मैं उसके कान में बोला- अब हम क्या करें, आप तो पहुंचने वाले हो?शिखा- जितना बन सके, कर लेते हैं, वैसे भी ये हमारी आखिरी मुलाक़ात ही तो होने वाली है. अपने लण्ड पर सांडे का तेल मलकर मैं शब्बो की टाँगों के बीच आ गया और उसकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं.

उसने सरिता भाभी से पूछा- क्या हुआ भाभी, आप इतनी घबराई हुई क्यों हो?सरिता भाभी ने अपने चूचे उसकी छाती से रगड़ते हुए कहा- किचन में चूहा है, मुझे बड़ा डर लग रहा है. उसने तुरन्त ही पीछे से हाथ आगे किये और दीदी की चूचियां पकड़ कर दबाने लगा. मैं- अंकल नहीं तेरा मादरचोद … साली कुतिया तू गाली देकर ही मुझे पुकार मेरी सेक्सी डार्लिंग, मेरी रंडी साली.

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उसने मुझे बताया तो मैंने उससे जल्दी से ब्लूफिल्म शुरू करने के लिए कही. उनके मुँह से इतना सुन कर मैंने घर पर फ़ोन करके बोल दिया कि आज रात मैं अपने दोस्त के यहां रुक रहा हूँ. मैंने अपना पूरा हाथ लिंग मुख पर फिराया और तौलिए जैसे उसके लिंग रस को पैंट के ऊपर से हाथ पर पौंछने लगी.

दो साल पहले ही शरद ने मुझे मेरे जन्मदिन पर एक अच्छी कार भी गिफ्ट की है और उसे चलाने के लिए मैंने एक ड्राइवर भी रखा है. मां फिर से चिल्लाने लगीं पर अंकल जोर जोर से मां की चूत में लंड पेलते रहे.

वो शर्म से कुछ नहीं कह पा रही थी क्योंकि मैं उसके पति की बुराई जो कर रहा था.

नीचे मैंने एक बहुत टाइट जींस पहनी, जिसमें पीछे से मेरी गांड एकदम गुब्बारा लग रही थी. घर आते ही मैंने बीवी से कहा- ये तुम्हारा सारा सामान है … मेरा मार्केट में कुछ काम रह गया है, मैं अभी निपटा कर आता हूँ. तभी मैंने अपना एक हाथ उसकी चूची पर रख दिया और चूची पकड़ कर दबाने लगा.

मैंने उसे मेरा मोबाइल लाने को कहा, वो नंगी ही बाहर गई और बाथरूम में मोबाइल ले आई. उस दिन सुबह के 11:30 बज रहे थे और हाउस क्लीनिंग की घंटी बजाने से हम दोनों की नींद खुली. उसके बाद एक बार फिर वो पैन्टी को सूंघ रहा था और बाद उस पैन्टी से अपनी गांड साफ करने लगा और फिर सूंघने लगा।अब जाकर मेरी नजर उसके लंड पर पड़ी।वो बड़ा और हैवी था।फिरमैंने देखा कि वो मेरी पैन्टी को वो किसी कुत्ते की तरह चाट रहा था।छी: … क्या कर रहा है … पैन्टी चाट रहा है।एक बार फिर वो पैन्टी और ब्रा को उलट-पलट कर बड़े ध्यान से देखने लगा.

अब उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और अपने हाथों से मेरी टांगें चौड़ी कर फैला दीं.

बीएफ हॉट हिंदी: सच में दोस्तो, मुझे अंकल जी से चुदने में बहुत मज़ा आने लगा था, इसलिए मैंने आज तक किसी लड़के को अपना बॉयफ्रेंड नहीं बनाया. मैंने देर न करते हुए भाभी की चुत पर मुँह लगा दिया और चुत को चाटने लगा.

उसके होंठों को चूसते हुए मैंने अपना एक हाथ उसके बोबे पर रख दिया और बेरहमी से उसके बोबे को दबाने लगा. अब हम दोनों एक दूसरे की प्यास को बुझाना चाहते थे पर कोई मौका नहीं मिल पा रहा था. मैंने केवल साड़ी पहनी उसके साथ ब्लाउज न पहन कर, सिर्फ लाल रंग की ब्रा पहन ली.

चूचियां और चूत चटवाने से शबाना मस्त हो गई तो उसने मेरी लुंगी खोलकर मेरा लण्ड पकड़ लिया और खाल आगे पीछे करने लगी.

कुछ पल बाद मैंने अपनी पैंट का ज़िप खोल दिया और उसके कान में बोला कि मैंने दरवाज़ा खोल दिया है, अन्दर आ जाओ. मैंने अपना मुँह थोड़ा सा ऊपर कर लिया था और अब उसके बोबे मेरे होंठों से कुछ मात्र एक इंच की दूरी पर ही थे. मैंने भी उसकी चूत को बहुत समय तक चूसा जब तक कि मेरा मन नहीं भर गया.