सेक्सी बीएफ 2003

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जब बहादुर अन्दर आया तो ताज़ी ताज़ी नहाई रीटा ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठी अपने बालों को संवार रही थी. अमिताभ बच्चन की सेक्सी फिल्मइस बारे में और अपने बारे में ज्यादा बात ना करते हुए मैं अपनी कहानी को आगे बढ़ाता हूँ.

उसने अपनी एक टांग मेरी कमर पर डाल दी और आंखे बन्द किये हुये बोली- सखि रे, सारा कस बल निकाल दिया. हरियाणा की सपना चौधरी का सेक्सी वीडियोऐ… यो काई करो… मन्ने तो गुदगुदी होवै!” वो शरमा कर उठ गई और अपना मुख हाथों से ढांप लिया.

तभी मैंने अमिता को खड़ा किया और घोड़ी बना कर पीछे से उसकी चूत मारने लगा और शालू भी अब लण्ड मांगने लगी.सेक्सी बीएफ 2003: उसके बात सुनते ही मेरी खुशी ये सोचकर दोगुनी हो गई चलो आज बहुत दिनों बाद एक साथ दो लंड मिलने वाले हैं.

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मैं तो उसके मुंह से ऐसी रंडी वाली भाषा सुनकर दंग रह गया। साली पूरी रंडी ही बन चुकी थी। बड़े बेफिक्र होकर पैंट से सिगरेट निकाली और जला कर कश लेने लगी। उसके सामने धुंआ फेंका और उसके शर्ट को पकड़ा।सुनीता- चलता है क्या? नहीं तो भाग यहाँ से.ऊपर वाली पैंट उतारो…कविता झट से बोल गई तो पिंकी शरमा गई।अरे, क्या शरमाना ! सुहास तो अपना दोस्त है….

कल से तुम्हें भी काम करने को मिलेगा। जीजू, इसे अन्दर ले चलो। सारा काम अपने आप सीख लेगी ! बहुत होशियार है यह।मैं उसे अन्दर ले आया। वहाँ जाहिदा, नीला, रानी सुनीता धंधे के लिए तैयार होकर खड़ी थी. सेक्सी बीएफ 2003 ”मैंने कहा,”पारुल जान, मैं जा रहा हूँ !”तभी उन्होंने कहा,” चल तुझे दिखाती हूँ कि छोटा छिद्र क्या होता है।”और उतर कर घोड़ी बन गई।बाप रे ! मैंने गौर से देखा, इतनी बड़ी गांड….

उसने कहा ‘मैडम आप गेट बंद कर लीजिये मैं कुछ देर में आता हूँ तब आपका टिकेट चेक कर लूँगा.

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उसने मेरे गुलाबी होंठों को चूम लिया, एक हाथ मेरी कुर्ती में डाल मेरे मम्मे दबा दिए. असल में मेरे दोनों हाथो में बर्फ के टुकड़े थे जो मैंने उसके स्तनों के ऊपर रख दिए थे जिससे उसकी सिसकियाँ निकलने लगी थी।उसने मेरे लंड को पजामे में से खींच कर बाहर निकाल दिया और जोर जोर से आगे पीछे करने लगी। गर्मी इतनी ज्यादा थी कि उस वक़्त दो मिनट में ही सारी बर्फ पिघल गई। फिर उसने वो बनियान उतार दी और मुझे धक्का देकर पलंग पर गिरा दिया और मेरा पजामा खींच कर उतार दिया, अपनी जींस भी उतार दी. मैंने पहले ही बताया था कि मुझे सेक्सी किताबें, खासकर मस्त राम की किताबों का बहुत शौक है.

फिर थोड़ी देर रुक कर चुदाई शुरू कर दी…सबसे पहले उन सब में सबसे सेक्सी रांड श्रुति की चुदाई की. मैंने फिर एक जोरदार झटका मारा और अपना 7 इंच का लौड़ा अपनी प्यारी बहन की चूत में डाल दिया. आगे मेरी ज़िंदगी में कैसे-कैसे मोड़ आए यह मैं अगली कहानी में बताऊँगा और आप मुझे मेल करके बताइये आपको यहाँ तक की मेरी कहानी कैसी लगी.

”मैं गुस्से से पागल हो गई और वहीं दरवाजे के सामने खड़े हो कर बोली- तू कौन सा शरीफों वाला काम कर रही है……. इससे मैं भी और जोश में आ गया और मैंने भी उनकी टी-शर्ट और जीन्स निकाल दी और पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत रगड़ने लगा जिससे वो झड़ गई और उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया. थोड़ी देर में दरवाजा खुला तो मैंने देखा कि एक बहुत ही सुंदर लड़की ने दरवाजा खोला है.

इतने में मोबाइल की घंटी बजती है, मैंने मोबाइल की स्क्रीन देखी पर नंबर की जगह केवल ********** आ रहे हैं. अंकल, भचीड़ लगाओ ना… मेरी मां को चोद दो ना!’‘अच्छी तरह से देख ले गौरी! अपनी मां को चुदते हुये, है ना मस्त चूत तेरी मां की!’मैंने राधा को चोदना आरम्भ कर दिया था.

पर मैंने भी फूल हाथ से नहीं छोड़ा…जब मेरे इस कारनामे पर भी उसका ध्यान नहीं गया तो मैंने उन्हीं रक्त भरे हाथों से उसके सामने फूल कर दिया…यह काम कर गया…उसकी नज़र फूल से पहले मेरी हथेली पर गई…उसने झट से मेरे हाथ से फूल छुडा कर फेंक दिया… मेरे हाथ थाम कर हथेली को अपने हाथ पर रख दूसरे हाथ से कांटा निकालने लगा.

दूधिया बदन , सुराहीदार गर्दन, बड़ी बड़ी आँखें, खुले हुए बाल और गोरे गोरे जिस्म पर काली ब्रा जिसमे उनके 36 साइज़ के दो बड़े बड़े उरोज ऐसे लग रहे थे जैसे किसी ने दो सफेद कबूतरों को जबरदस्त कैद कर दिया हो.

थोड़ी देर में मुझे मजा आने लगा, मेरा दर्द कम हो गया और मैं धीरे धीरे अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा. अब मेरे लिप्स तुम्हारी जाँघो पर हैं… बहुत सुंदर हो तुम मेरी जान… मुझे आज इस पूरी सुंदरता को भोगने दो. वे मेरा सर पकड कर अपनी चूचियों में गाड़ने लगी और अह्ह्ह ओह्ह्ह उईईई सीईईईए की आवाजें निकालने लगी.

फिर आंटी ने कहा- तुम लेट जाओ!आंटी मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और लंड के ऊपर बैठ कर ऊपर-नीचे होने लगी. कुल मिलाकर वो पूरी सेक्स की देवी लग रही थीं…हे भगवान् मैंने आज से पहले उनके बारे में कभी भी नहीं सोचा था. मैं समझ गई थी कि वो क्या कहना चाहता है।उसने अपना हाथ बढ़ाया और मेरे हाथ पर रख दिया और बोला- भाभी अब काफी सर्दी लग रही है, अब क्या करूँ?उसका हाथ पड़ते ही मैं शरमा गई और बोली- क क.

चिकने बदन पर राजा फिसल गया!राजा- इस लड़की ने जितना दर्द सहना था, सह चुकी … और ऐसा नहीं कि इसने सिर्फ दर्द सहा… इसने सिपाहियों के हाथों से मसले जाने पर आहें भी भरी.

… फ़िर मेरे पास और कोई चारा नहीं था सिवाय उसकी बात मानने के, मैं ने चुप चाप सर हिला कर हाँ कह दी… उसने कहा- वाह मेरी बहना ! आज तो मजा आ जाएगा… आज तक बस ब्रा और पैंटी ही मिली थी मुझे तुम्हारी आज तो पूरी की पूरी रूबी मेरे सामने खड़ी है… फ़िर उसने मुझे उसका पायजामा नीचे करने को कहा, मैंने वैसा ही किया. ’‘छीः मैं गाण्ड नहीं मारता… भोसड़ी की आई है बड़ी गाण्ड मराने वाली!’‘गाण्डू है मेरा देवर, भाभी की इतनी सी इच्छा पूरी नहीं कर सकता?’‘मां की लौड़ी, मुझे कह रही है, भेन दी फ़ुद्दी, गाण्ड फ़ट के हाथ में आ जायेगी!’‘ओह्हो, बड़ी डींगे मार रहे हो, और भड़वे, गाण्ड नहीं चोदी जा रही है?’वो गुर्रा कर और उछल कर मेरी पीठ पर सवार हो गया. हाय मैं फरजान 39 बड़ोदा से!यह मेरे सेक्स एक्सपेरिएंस की असली कहानी है जो मैंने अपनी पड़ोसन भाभी के साथ किया था.

मेरी गति तेज़ होती जा रही थी और माँ की सिसकियाँ भी!अब माँ ने मुझे अपनी बाहों में कस कर जकड़ लिया पर मेरी चोदने के रफ्तार बढ़ती ही गई और कुछ ही समय में मैं झड़ गया और उनके ऊपर ही लेट गया. सुनील स्वभाव से बड़ा ही चंचल है और थोड़ा मजाकिया किस्म का बंदा है पर उसको अब तक सोनिया के साथ कुछ भी करने का कोई मौका नहीं मिला है … हालांकि कभी-कभी मौका देखकर उसने सोनिया के अंगों पर हाथ ज़रूर फेरा है पर बहुत अनजान बनते हुए और ऐसे मौके पर सोनिया हमेशा ही घबरा सी जाती थी और कोई ना कोई बहाना करके वहाँ से निकल जाया करती थी. आज की मेरी कहानी भी ऐसी ही एक शादीशुदा औरत की है जिसे चुदवाने की तो बड़ी इच्छा होती है लेकिन वो कभी किसी से भी बात नहीं कह सकी ….

दोनों का पानी निकल गया, मेरा पूरा पानी उसकी चूत में समां गया और उसके पानी से मेरा पूरा लण्ड भीग गया।5 मिनट तक हम आँखें बंद करके एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे, उसके बाद अलग हुए और हमने दो बार और चुदाई की।आगे आपको बताऊँगा कि कैसे कॉलेज के बाथरूम में मैंने रंजना को चोदा।2194.

अब ये आ गये- क्यों जानू? कैसा लगा मेरे भाई के साथ सेक्स?मैंने कहा- मजा आ गया! पर अब तुम्हारा छोटा पड़ेगा!मैंने ऐसे ही मजाक में कहा था. एक बार रात को मैं बाथरूम जाने के लिए उठी तो देखा मम्मी पापा के कमरे की लाईट जल जल रही थी, उत्सुकता से खिड़की की झिर्री से देखा कि मम्मी नंगी लेटी हुई हैं और पापा अपने लंड पर कंडोम चढ़ा रहे थे.

सेक्सी बीएफ 2003 शह पाकर बीच-बीच में मैं अपने घुटने उसकी चूत पे रगड़ देता। पहली बार में तो वो चिहुंक उठी पर ऐसा दिखाया जैसे कुछ हुआ ही ना हो. ‘ऐ गाण्ड में अंगुली करने का बहुत शौक है ना तुम्हें… लण्ड से चोद क्यों नहीं देता है रे?’‘आप थोड़ा सा और जोश में आ जाओ तो फिर गाण्ड भी चोदेंगे और चूत भी चोद डालेंगे!’ विनोद उत्तेजित हो चुका था.

सेक्सी बीएफ 2003 लगातार निकल रहा था।उन्होंने मुझे थोड़ा रुकने को कहा। मैं रुक गया और उनके स्तनों को मुँह में भर लिया और चुभलाने लगा। दूसरे हाथ से मैं उनके दूसरे स्तन को मसल रहा था। थोड़ी देर में वो अपने चूतडों को ऊपर की ओर उछालने लगी और बोली- धक्के मार !मैंने अपना लण्ड खींच कर बाहर किया और एक जोरदार धक्का मारा।उई माँ…… मार डाला रे…. अब तो मैं बेसुध हो गई, मेरे मुँह से अपने आप स्वर निकलने लगे- हाय जीजू! इसे मत चूसो! अरे मादरचोद, मेरी जान निकल रही है! ओ गांडू, ओ भोसड़ी के!लेकिन जीजू ने एक नहीं सुनी, उन्होंने तो पूरी चूत की एसी चुसाई की कि कई बार ऐसा लगा कि मेरी चूत से पानी ही पानी निकल रहा है.

पापा मार दो गाण्ड… जरा जोर से मारना… मेरी गाण्ड भी बहुत प्यासी है…अह्ह्ह्ह्ह”मैंने लण्ड खींच के निकाला और दबा कर अन्दर तक घुसा डाला… कोमल ने अपने होंठ भींच लिये… उसे दर्द हुआ था…हाय राम… मर गई… जरा नरमाई से ना…”ना अब यह जोश में आ गया है… मत रोको इसे… मरवा लो ठीक से अब!”दूसरा झटका और तेज था.

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इसी बीच मैं अपने मम्मे कभी उसकी बाजू पर लगाती और कभी उसकी पीठ पर… और कभी उसके सर से लगाती…जब वो नहीं माना तो मैंने उसे बिस्तर पर गिरा दिया और…बाकी की कहानी अगले भाग में !आपकी भाभी कोमल प्रीत[emailprotected]. ”झंडे बोला,”क्यों, क्या अभी भी कोई कसर बाक़ी है जिसे पूरी करना है…। सारा काम तो कर डाला। देखो, मुँह में तुम्हारे घुसेड़ दिया, पिछले छेद में तुम्हारे घुसेड़ दिया। योनि तुम्हारी फाड़ डाली, अब कौन सी जगह है खाली, मैं जहाँ करूंगा…”दुल्हन झंडे का हाथ पकड़ कर अपनी योनि पर ले गई और बोली,”तुम यहाँ करोगे, हाँ, हाँ ! तुम यहाँ करोगे…. पापा मार दो गाण्ड… जरा जोर से मारना… मेरी गाण्ड भी बहुत प्यासी है…अह्ह्ह्ह्ह”मैंने लण्ड खींच के निकाला और दबा कर अन्दर तक घुसा डाला… कोमल ने अपने होंठ भींच लिये… उसे दर्द हुआ था…हाय राम… मर गई… जरा नरमाई से ना…”ना अब यह जोश में आ गया है… मत रोको इसे… मरवा लो ठीक से अब!”दूसरा झटका और तेज था.

इस तरह रीटा और राजू का चौदम चुदाई का सिलसिला जारी रहा और रीटा को तो सही मायनों में चुदाई की लत लग गई थी. मेरी समझ में भी आ गया कि हवस की आग हमेशा आँखें और दिमाग खुले रख आस-पास का मुआयना करने के बाद ही शान्त करने में अकलमन्दी होती है. मुझे देख कर वो बोली- क्यों मनुजी? लड़कियों के बाथरूम में क्या चेक कर रहे थे?मैं बोला- यही कि कोई गड़बड़ तो नहीं हो रही, आजकल के बच्चे सूनेपन का फायदा उठा लेते हैं ना!पिंकी- हाय… सूनेपन का फायदा तो टीचर भी उठा सकते हैं.

मैं ???”अबे क्या मैं मैं बकरी की तरह मिमिया रहा है साफ़ बोल ना ?”मेरा मतलब था क्या कभी गांड भी मरवाई है ?”ओह्हो ….

मैंने अपनी पकड़ ज्यादा कर दी तो उसके दोनों स्तन मेरे सीने से दब कर चिपक गए। डांस करते करते ही मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया. बहादुर ने हाथ ओर ऊपर सरका दिया- अब?मस्ती में रीटा स्कर्ट उलटती बोली- नहीं, जरा सा और ऊपर करिये तो बताती हूँ!बहादुर एक हाथ से अपना लौड़ा रगड़ने लगा और दूसरे हाथ से हाथ रीटा की मक्खन सी गुदगुदी गाण्ड को मसलने लगा- अब कुछ आराम आया?बेहया रीटा टांगों को चौड़ाती बुदबुदाती सी बोली- नहीं, जरा बीच में करिये तो बताती हूँ. जब वो नहा रही थी…” वो शर्माता भी जा रहा था और मैंने देखा कि उसका मुंह लाल हो रहा था.

मुझे वो बार बार बुला कर पीने के कहता था- भाभी, भैया तो हैं नहीं, चुपके से एक पेग मार लो!’ मस्ती में वो मुझे कहता ही रहा. उसकी पीठ पर हाथ फ़ेर कर उसे उत्तेजित करने का प्रयत्न करता था। उसके जिस्म की कंपकंपाहट मुझे भी महसूस होती थी। पर उसने कभी भी इसका विरोध नहीं किया। एक बार सर्वांग आसन कराते समय मैंने उसके चूतड़ों को भी सहलाया और दबाया भी। उसके चूत का गीलापन भी मुझे दिखाई दे जाता था…. वे मेरा सर पकड कर अपनी चूचियों में गाड़ने लगी और अह्ह्ह ओह्ह्ह उईईई सीईईईए की आवाजें निकालने लगी.

फिर मैंने अपने होंठो से उसके पेट को चूमा और नीचे चूत तक चूसता रहा और पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूसने लगा. मैं उस बुक-स्टाल पर चला गया और कुछ किताबें खरीदी और अपने घर के लिए टैक्सी लेकर निकल पड़ा.

शन्नो बहुत ही सेक्सी है, उसकी चूची और गांड बहुत बड़ी है, एकदम बाहर की तरफ निकली हुई!जब वो चलती है तो उसके कूल्हे ऊपर नीचे हिलते रहते हैं. फिर उसके साथ सेक्स बहुत बार हुआ और वो मेरे जीवन से मस्त जुड़ गई और उसने अपना जिस्म मेरे सिवा आज तक किसी और को नहीं दिया. आह स्स्स्स गुलुप गुलुप म्मम्मम्म म्मम्मम्मम म्म्म्मम्मअब तक मेरी चूत भी एक दम गीली हो गई थी और एजेंट पीछे से मुँह घुसा के मेरी चूत का रस चाट रहा था। फिर वो उठा और उसने अपने लंड का सुपारा मेरी गांड के छेद पर टिका दिया। मैं एक दम से चीख उठी- नहीं नहीं ! मेरी गांड मत मारना, बहुत दर्द होगा ! नहीं ….

वो बहुत ही सुन्दर लड़की थी, उसकी उम्र होगी करीब बीस साल, कद लगभग साढ़े पाँच फ़ीट, लम्बे बाल, तीखी आँखें, गुलाबी होंठ, और उसके चूचों का तो कहना ही क्या, तराशे हुए थे, 36 के होंगे.

तो दिमाग इस ओर गया ही नहीं कि वह अपनी चूत का स्वाद बदलने के चक्कर में भी हो सकती है. मैंने कहा- अरे! यह क्या कर रहे हैं आप दोनों?अरे कुछ नहीं भाभी! थोड़ा सा देख रहा था!ये भी बोले- बेचारे को हाथ लगा लेने दो! क्या फर्क पड़ता है तुम्हें?मनोज हाथ लगाने के बहाने दबाने लगा. मैंने जल्दी से निकर और टीशर्ट पहनी और दरवाजे पर आकर कहा- कौन है?बाहर से आवाज़ आई- बेबी, मैं मुकेश! आपका टिफिन ऑटो में रह गया था, वो देने आया हूँ.

चूँकि मेरा लंड अभी भी खड़ा था, उसके हाथ अचानक मेरे लंड पर पड़ गए, वो मेरा लंड सहलाने लगी. आंटी ने कहा- हैरी, जोर से चूस मेरे चुच्चों को! निकाल दे सारा दूध इनमें से! बहुत दिनों से किसी ने नहीं पिया इन्हें!मैं भी जोश में आ गया, मैं मोना के स्तनों को जोर-जोर से चूसने लगा.

थोड़ी देर रुक कर मैंने दुबारा एक जोर का धक्का दिया और मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत में उतर गया. मेरा बाइक चलाना नामुमकिन सा हो गया था तो मैंने बाइक एक तरफ खड़ी कर दी और एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए. उसकी प्यारी सी चूत मेरे हाथों में आते ही रस से भर गई और मैं खुद को उसकी जांघों के बीच घुसने से नहीं रोक पाया.

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मैंने शालू से कहा- तेरी तो मैं गाण्ड मारूँगा!वो कहने लगी- कुछ तो मार मेरा भी!फिर मैंने शालू की गाण्ड पर थूक लगा कर लण्ड अंदर कर दिया और शालू बोलने लगी- बहनचोद! मेरी गाण्ड फाड़ डाली! आह ओ ओ ओ ओह निकाल बहार मादरचोद!तब अमिता बोली- साली रखैल! अब पता चला कैसा दर्द होता है?अमिता मेरे लण्ड और शालू की गाण्ड को चाटने लगी.

कम से कम मैंने अपना सब उसे सौंपा, जिससे मैं प्रेम करती हूँ और जो मुझ से प्रेम करता है. उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे से चिपक कर लेटे रहे और लगभग 15 मिनट के बाद अलग हुए।फिर वो बोली- अब जाना होगा वरना मम्मी को शक हो जाएगा।फिर उसने मेरे सामने ही अपने कपड़े पहने, लाल रंग की चड्डी, लाल रंग की ब्रा, ब्लू जींस, और सफ़ेद टी शर्ट।मुझसे बोली- तुम भी पहनो ना. ”मेरा लौड़ा तो चिकना हो ही रखा था, मैंने जैसे ही लगाया, मुझे लगने लगा कि आज मेरा लौड़ा छिल जायेगा क्योंकि ६-७ इंच का बड़ा लौड़ा भी छिद्र तक नहीं पहुँच रहा था, बस इतनी मोटी दरार में ही फँस गया ……और पारुल जान ने सिर्फ 2-3 धक्के ही मारने के लिए गांड आगे पीछे की थी कि मेरी पिचकारी छुट गई……और पूरा माल गांड से बाहर बहने लगा।चाची ने फिर मुझसे वादा लिया,” बेटा, मुझे हमेशा चोदोगे न….

‘आप सो जाईये अब… बहुत हो गया!’‘अरे मेरी चिकनी भाभी, मेरा लण्ड तो देख, यह देख… तेरे साथ, तुझे नीचे दबा कर सो जाऊँ मेरी जान!’वो बेशर्म सा होकर, अपनी सुध-बुध खोकर अपना पजामा नीचे सरका कर लण्ड को अपने हाथ में ले कर हिलाने लगा. प्रेषक : मनो प्रकाशयह मेरी पहली कहानी है, मेरा नाम रणजीत है, मैं 30 साल का हूँ और सीतापुर उ. एक्स एक्स एक्स सेक्सी पिक्चर एचडी मेंबस आँखें बंद किये मैं इन्तज़ार कर रही थी कि कब उसका प्यारा लण्ड मेरी गाण्ड का उद्धार कर दे.

बड़े ही बेमाने दिल से मैं स्कूल से आने के बाद सोने चली गई, मम्मी ने बाहर जाकर जन्मदिन मनाने के लिए भी कहा. कपड़े उतारते ही मेरा तो हाल-बेहाल हो गया… चोट कहीं दिख नहीं रही थी और खून था कि बहे जा रहा था, बहे जा रहा था… टोयलेट पेपर से जहाँ तक हो सका साफ़ करती रही…पर टोयलेट पेपर भी ख़त्म हो गया… इतने में कुछ बड़ी क्लास की लड़कियाँ वहाँ आईं.

मनीषा ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और मेरे बिस्तर पर आकर बैठ गई और हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे. लेकिन एक काम तो कर सकते हैं?मैंने पूछा- हाँ…बोलिए…क्या काम?ज़ाहिरा ने सुझाव दिया- ऐसा करते हैं. थोड़ी देर में उसने मेरा पैर पकड़ कर अपने पास खींच लिया और अपने सीने पर दबा दबा कर रगड़ने लगी.

मैंने उनकी टांगों पर हाथ फेरना शुरु कर दिया और धीरे धीरे उनकी स्कर्ट के अन्दर हाथ डालना शुरु कर दिया. मैंने कहा- क्या?आंटी बोली- तुम्हारे अंकल तो महीने-महीने में आते हैं, क्या तुम मेरे साथ ऐसा हर रोज करोगे?तो मैंने कहा- क्यों नहीं मेरी जान! अब तुम मेरी हो. मैंने उसे उठाया और अपने कमरे में ले जाकर ब्रा लंड पर रख कर चित्रा के नाम की मुठ मारने लगा.

लगातार आधा घन्टा देवर ने मुझे इसी पोज में चोदा… इतना जबरदस्त मजा आने के बाद भी मैं झड़ी नहीं.

उफ़ मुझे निगलना पड़ा!मैं नंगी जोजो के पैरों में गिर गई … अब मुझे वापस पहुँचा दो …लड़के- इसे सेव करता हूँ वाट दा फ़क के नाम से … और दरवाज़ा खोल हमें भी मौका दे!मैं रोने लगी … जोजो को दया आ गई … जोजो- बस तीन लोगों के साथ ओरल कर ले. मैंने इस पर ध्यान ना देते हुए एक और जोर का झटका दिया जिससे मेरा तीन चोथाई लंड उसकी चूत में समा गया.

न सिर्फ़ थामे हुए था बल्कि हौले-हौले सहला भी रहा था…मेरा लंड इस कदर अकड़ चुका था कि लगता था अभी पैंट फाड़ के निकल पड़ेगा। नेहा मुझे इतने जोर से भींचे हुए थी कि उसकी फूली हुई चूत मेरे लंड के उभार को महसूस कर रही थी… और वो अपने चूतड़ धीरे-धीरे मेरे उभरे लंड पे रगड़ रही थी। मैंने उसका चेहरा अपनी गर्दन से हटाया. उसकी तेज होती साँसों की गूंज… होंटों के किनारे पर रबर-सी लचीली स्तन की कली की छुअन…. ऐसा करने पर निधि पहले तो कसमसाई , फ़िर बोली सर आप ये क्या कर रहे हैं, प्लीज़ मुझे जाने दीजिए.

रागिनी के कुछ समझने के पहले मैंने उसकी पतली कमर को पूरी ताकत से जकड़ कर एक धक्का लगा दिया. कितने दिनों के बाद मिली तू!दोनों सहेलियाँ एक दूसरे से बात करती रही और मैं रागिनी को देख रहा था. मेरी मस्त साली शिखा 19 साल की है पर चूची 34, कमर 30 और गांड 36 तो कुल मिलाकर चोदने के लिये मस्त चूत थी.

सेक्सी बीएफ 2003 और पहली बार तब मुझे लगा कि उसके अंतर्मन में भी भावनाएँ हैं जिन्हें प्रेम कहते हैं…हालाँकि उसकी पसंद कुछ ख़ास तो नहीं थी. मुझे भी मजा आने लगा था तो मैंने अपनी जीभ को और अन्दर तक डाल कर उसकी चूत को टटोलने लगा.

स ***** विडियो

ए (म्यूजिक) कर रही हूँ, कॉलेज के कार्यक्रमों में मेरी प्रस्तुति होती ही होती है पर मैं एक बहुत गरीब घर की लड़की थी, पिता का साया नहीं था, जब मैं आठ साल की थी, तब वो काम के लिए आबूधाबी गए लेकिन वापस नहीं आये। शुरु के दस महीनों के बाद ना कोई फ़ोन आता, ना चिट्ठी, ना पैसा।हम तीन बहनें थी, हमारा भाई नहीं है, मेरा नंबर दूसरा है, बड़ी दीदी ने बी. इसके विपरीत गौरी बेशर्मी से मेरे सामने खड़ी हो कर अपनी चूत खोल कर अपनी दो अंगुलियों को चूत में डाल कर अन्दर-बाहर कर रही थी. शैली बड़ी जोर से चिल्लाई!मैंने कहा- कुतिया! आज तू जितना मर्जी चिल्ला ले! तेरी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है आज!फिर मैंने एक जोरदार झटका मारा और 5 इंच लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया.

भले मुझसे नहीं किसी और से सही… जब रश्मि ने उसके सामने अपना वक्ष- प्रदर्शन किया क्या उसका मन नहीं किया उन्हें छूने का. वो उसे बच्चे की तरह पीने लगा …आह्ह अहह ! मेरी सिसकियाँ निकलने लगी …उसने मेरी पैंटी में ऊँगली डाली !आह सर ! बस भी करो … !क्यूँ अखिल को तो नहीं रोकती …? बता दूँ क्या घर पे ?मैं डर गई और वहीं गार्डन में लेट गई, शाम हो रही थी घर पर कोई नहीं था. हरियाणा मूवी सेक्सीमैं तो तुम्हें बहुत शरीफ समझती थी!’भाभी के ऐसा कहने से मुझे बहुत शरम महसूस हुई और भाभी नहाने चली गई.

”जी मैम… मुझे जरूरत तो है…पर आपका घर का पता नहीं मालूम है…”रोहित तुम कहाँ रहते हो?…” उसने अपने घर का पता बताया.

आज मैं आपको वो दास्तान सुनाने जा रही हूँ जो अपने अंदर और कई दास्तां छुपाए हुए है। मैंने अपनी ज़िंदगी में जो कुछ किया, जो पाया, जो खोया सब आपके सामने रखूंगी। यह मत समझिएगा कि यह कोई गमगीन दास्तान है. भाभी के साथ एक बार सेक्स करने के बाद मैंने बहुत कोशिश की मगर भाभी के साथ सेक्स करने का मौका ही नहीं मिला इसलिए मैं अगले शनिवार का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा लेकिन भाभी किसी काम से बुधवार को ही अपने मायके चली गई, मैं भी अपना मन मसोस कर रह गया और कुछ नहीं कर पाया.

मैं और गोमती रात को लेटे हुये दिन की घटना के ख्यालों में खोये हुये बातें कर रहे थे. ”ठन्डे को दुल्हन का इस तरह तड़पना बड़ा अच्छा लगा। वह और जोरों से ऊँगली अन्दर-बाहर करने लगा। दुल्हन पर तो जैसे नशा सा छाने लगा था। उसकी आँखें मुंद गई और वह अपनी कमर व नितम्बों को जोरों से उछालने लगी।ठन्डे ने पूछा,” सच बताओ, मज़ा आ रहा है या नहीं?”दुल्हन ने अपनी दोनों बाँहें ठन्डे के गले में डाल दीं और अपना मुँह उसके सीने में छुपा लिया,” छोड़ो कोई देख लेगा तो…. उन लोगों ने बताया कि पापा की शूगर थोड़ी बढ़ी हुई है इसलिए हमें थोड़े दिन रुकना पड़ेगा, उसके बाद ही उनकी सर्जरी की जायेगी.

आज हम दूर हो गए और कई लड़कियाँ मेरे बिस्तर पर आ चुकी हैं पर मोना और उसकी दीदी के साथ गुजरे सेक्स के वो पल और उन बहनों के नंगे जिस्म मुझको बहुत याद आते हैं.

उसने मुझे सीधा किया और अपने दोनों होठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें बेदर्दी से चूसने लगा. शब्द अधूरे ही रह गए क्योंकि तब तक मोना ने एक कराटे का वार अब्बास के मुँह पर किया, अब्बास दूर जा कर गिरा और वो उठता इससे पहले ही मोना ने अपने पैरों से पीटने की बरसात लगा दी…।अब्बास संभल भी नहीं पा रहा था कि मोना उसको पीट-पीट के लाल कर रही थी…. मैंने घर पर फोन करके बता दिया कि मैं एक और महीने तक जयपुर रुकूँगा और भाभी उसके बाद नौकरी छोड़ देंगी और हमेशा घर पर ही रहेंगी.

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’आलोक बीयर गिलास में डालते हुए पूछने लगा,’नताशा जी, आपके पति कहाँ हैं?’‘अपने काम पर!’उसने मुझे गौर से देखते हुए कहा…’आपकी हँसी बहुत ही सेक्सी और कातिलाना है!’मैंने कहा,’अच्छा??’‘कसम से! नताशा जी… आप किसी फिल्म एक्ट्रेस से कम नहीं हैं. धक्के लगाना जारी था, मैं साथ साथ उसके बोबे भी चूसता जा रहा था और वो मेरी गर्दन को दोनों हाथों से अपनी छाती पर दबाती हुई बडबडा रही थी- आ. !”मैं दर्द के मारे कसमसाने लगी थी पर वो मेरी कमर पकड़े रहा और 2-3 धक्के और लगा दिए।मैं तो बिलबिलाती ही रह गई !आधा लण्ड अंदर चला गया था। उसने मुझे कस कर पकड़े रखा।ओह… जस्सी बहुत दर्द हो रहा है.

कुछ देर मैं हल्की सी नींद में था, तभी मुझे लगा कि मेरे बगल में कोई है जिसका पैर मेरे पैर से लग रहा था. फिर मैं उसके निप्पल पर जीभ फेरने लगा, चूसने का जो आनन्द मुझे मिल रहा था, वो शायद जिंदगी में कभी नहीं मिला था. घर में मैं अपनी मोटर साईकल से सब्जी उतार कर अन्दर रखने गया तो वो मेरे पीछे पीछे चली आई और मेरी पीठ से चिपक गई.

उधर राज अंकल बाजी की बड़ी बड़ी चूचियों को जोर जोर से मसल रहे थे और बाजी जोर जोर से सिसक रही थी- ऊह्ह्ह,आह्ह्ह्ह,ओऊ बहुत मजा आ रहा है! और जोर जोर से मसल के पूरा दूध पी जा!राज पागलों की तरह बाजी की चूची को मसलने लगा और चूची को मुँह में लेकर पीने लगा. और उन पर भूरे रंग के चूचुक !मैंने उन्हें निचोड़ दिया और एक तरह से मैं उसके मम्मों को खाने की कोशिश करने लगा. कभी तो चाची अपनी अंगुली मेरी गाण्ड में चलाती तो कभी जीभ को उसमे घुसाने का यत्न करती.

मैं नाइटी तो उतार दूँ ?”मैंने अपनी नाइटी निकाल फैंकी। वह तो पहले से ही नंग-धड़ंग था, उसने झट से मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो मेरे मम्मों को चूसने लगा और अपना एक हाथ मेरी लाडो पर फिराने लगा। मैं अभी उसका लण्ड अपनी लाडो में लेने के मूड में नहीं थी।आप हैरान हो रहे हैं ना ?ओह. दोस्तो, आपने अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर मेरी पिछली कहानीपापा के साथ समलैंगिक सम्बन्धमें पढ़ा कि कैसे मैंने अपने पापा को उत्तेजित किया। अब आगे की कहानी पढ़िए.

मगर मेरी मर्दानगी के आगे कहाँ टिक पाती, मैंने फिर से उसके पलंग पर पटक दिया और उसके लहंगे को ऊपर कर, उसकी चड्डी उतार फेंकी.

धोखेबाज !”क्यों उस बेचारी ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है ?”अरे आप उसे बेचारी कहते हैं आप नहीं जानते उसने निःशब्द में अमित अन्कल से पहले तो प्यार का नाटक किया और बाद में छोड़ कर चली गई ! च !!! च…. सेक्सी वीडियो मॉम एंड सनफिर आंटी ने कहा- बस कर हैरी! आ अब चोद इसे! चोद चोद कर सारा पानी निकाल दे! बहुत तंग करती है रे ये! क्या करूँ!आंटी ने अपने पैर ऊपर उठा लिए और मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी चूत में डाल लिया, मेरा लण्ड आसानी से आंटी की चूत में चला गया. सेक्सी पिक्चर चाहिए देखने के लिएआज तुम भी इसका मजा लो!’उसने जल्दी से मेरे लंड को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और वो उसके सुपारे से घूँघट खोल कर उसे ऊपर नीचे करने लगी। सुपारा भी बहुत फूल गया था और उसके मुँह से लार टपक रही थी। रागिनी मेरे लंड को बहुत आहिस्ता आहिस्ता सहला रही थी. सोनम से अलग होने के बाद मैं अकेला-अकेला सा रहने लगा, मेरा किसी भी और काम में मन नहीं लगता था.

चित्रा पहली बार गांड मरवा रही थी इसलिए मैंने पहले उसकी गांड पर क्रीम की मालिश की और फिर उसकी गांड में हल्का सा धक्का दिया तो वो चिल्लाने की कोशिश करने लगी मगर योगी का लंड उसके मुंह में था इसलिए वो चिल्ला भी नहीं सकी.

पहले तो मैं नीचे दबी हुई इसका आनन्द उठाने लगी फिर खूब दब चुकी तो देखा कि उसका वीर्य निकल चुका था. इतनी प्यारी चूत मैंने आज तक नहीं देखी थी। मैंने अब तक 8-10 कुंवारी चूतों की सील भी तोड़ी है और शादीशुदा की तो गिनती ही मुझे याद नहीं. वैसे तो मैं कई सालों से अपने आपको को ऐसा मानता था पर यह बात मेरे इन्जीनियरिंग के पहले साल की है जब मेरा दाखिला बंगलौर में हो गया तो मेरे पापा ने मुझे जयपुर से बंगलौर भेज दिया.

मुझे उतना काफी था, जीजू ने वहीं बैठे बैठे ही मुझे उठा लिया बाँहों में और आलीशान बेडरूम में ले गए. बहादुर अपनी अंगुलियों से रीटा की बुंड टटोलता बोला- अब कुछ आराम आया क्या?मस्ती में रीटा सिर को हाँ में हिलाती बोली- हूमऽऽऽ जरा थोड़ा और अन्दर और जोर से करिये तो बताती हूँ, सीऽऽऽ!रीटा के मुँह से अनजाने में बहुत जोर से आनन्द भरी सिसकारी फूट पड़ी जैसे किसी ने गर्म गर्म तवे पर ठण्डा पानी छिड़क दिया हो. मम्मी ने अंडरवियर के ऊपर से अंकल का लवड़ा पकड़ लिया और कहा- डार्लिंग, आज इसे मेरे नाम कर दो!तो अंकल ने कहा- आज यह सिर्फ तुम्हारा है…और यह कहते ही अंकल ने मम्मी का लहँगा भी उतार दिया.

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कहानी का शीर्षक हैयह कहानी कुछ लम्बी होने साथ साथ, मनुष्य के द्वंद्व, भावनाओ, कर्मों और निर्णयों को आज़माती है. मेरा जोश पूरे यौवन में आ गया था ……………फिर से वो झड़ गई पर मुझमें अभी भी जोश बचा था……… आप लोग सोच रहे होंगे कि अब तक जोश क्यों बचा कर रखा था ?अब मैंने यह जोश उसकी गाण्ड मारने में लगाया ……. एक बात पूछूं ?”बोलो ?”फिर वो तुमने चीका को थप्पड़ क्यों मारा था ?”मैं एक भारतीय नारी हूँ कुछ तो भारतीयों जैसा करना पड़ेगा ना इस लिए ? वो सब चीका और डाइरेक्टर का प्रायोजित ड्रामा था यार !”कैसे ?”तुम भी अक्ल के दुश्मन ही हो… अरे बाबा उस शिल्पा को इऽच लो, साली हरामजादी रांड उस फिरंगी (गेर) के साथ एक चुम्मा देकर कितना फेमस हो गई थी ? और.

मैंने अपने बाएँ हाथ की तरफ उसे लिटा लिया और उसके गाउन की डोरी खोल कर उसके गुम्बदों को बाहर निकाल लिया.

मुझे अपने कानो पर विश्वास नहीं हो रहा था पर वो सच में मेरे सामने थी और मुझसे मिलने की बात कर रही थी.

मैंने पूछा- मुझे शर्म लग रही है?वो बोली- नहीं, वो बात नहीं!मैंने तुरंत अपनी टी-शर्ट उतारी और पैंट भी…मैं अब मैं अंडरवीयर में था, वो मेरी तरफ नहीं देख रही थी. मैंने देखा कि रानी वैसे ही बेदम नंगी पड़ी थी और बिस्तर पर थोडा सा खून लगा था… मैं समझ गया यह खून उसकी कोरी गांड की चुदाई के कारण लगा है।मैं उठा और रानी का एक चुम्मा लिया…मेरा लंड इतनी चुदाई कर के एकदम झन झन कर रहा था. वीडियो को एक सेक्सी वीडियो!! इतनी मादक, तीखी, खट्टी, कोरी पुस्सी की महक मेरे तन मन को अन्दर तक भिगो गई। मैंने उस पर अपनी जीभ लगा दी।आईला….

मैं थोड़ा हैरान हुई!उसने कहा- सेक्स में यह सब करना पड़ता है! तेरा पति भी करवाया करेगा!मुझे उसका चूसना अच्छा लगने लगा. फ़िर जीजू ने मुझसे कहा- रानी, अगर मजा लेने हैं तो थोड़ा बेशर्म तुझे भी बनना होगा, अब तू मेरे कपड़े उतार और मेरा लंड अपने मुँह में ले!मैंने वैसा ही किया. मैंने पूछा- कैसे?देवर ने याद दिलाई कि बाथरूम के साइड वाले गेस्ट रूम में जाकर कर सकते हैं.

अब मेरा लंड चूत के अन्दर-बाहर होने लगा।मेरा लौड़ा पूरा गर्म हो गया था, मुझे ज़िन्दगी का असली आनंद मिलने लगा था ……. फिर उसने मेरी जींस उतारी और बोली- अब यह मस्त लंड आज़ाद होगा…और उसने मेरा अन्डरवीयर उतारा और मेरे फड़फड़ाते साढ़े सात इंच के लंड को निकाला और मुँह में ले लिया और उसे मजे से चूसने लगी।मुझे बड़ा मजा आ रहा था…15 मिनट बाद मेरा पानी निकला और वो चूसने लगी… मुझे काफी मजा आया.

मैंने फिर अपने घर पर फोन मिलाया और बोल दिया कि मैं 3-4 दिन तक योगी के घर पर रहूँगा.

हमने एक दिन तय किया पहली बार मिलने का और साथ में मूवी देखने जाने का।फिर दिए हुए समय पर हम मिले और मूवी देखने गए. तो वो बोली- नहीं आउंगी तो मैं समय पर ही ! क्योंकि कालेज से जल्दी वापस नहीं आ पाउंगी और फिर घर आकर एकदम से टयूशन तो नहीं आ सकती ना ! मम्मी का हाथ भी बटाना होता है ना थोड़ा घर के कामों में. अपनी बीवी के जिस्म को चूम-चाट रहे हैं। कौन नहीं करता यह सब? हम क्या अनोखा काम कर रहे हैं.

काजल सेक्सी वीडियोस वो शरमा गई और उसके गाल हल्के-हल्के लाल से हो गए।वो अंदर आ गई और मैंने गेट बंद कर दिया, अंदर आकर उसको पीछे से पकड़ लिया, अपने हाथ उसकी कमर में डाल दिए और उसके बदन की खुशबू लेने लगा। उसके बदन की खुशबू इतनी मस्त थी कि किसी को भी दीवाना बना दे. मैं दुकान में पहुँचा, दो कोल्ड ड्रिंक मंगाए और पिंकी को लेकर अन्दर के कमरे में चला गया.

!और मैं खिलखिला कर हंसने लगी…वेदांत : बड़ी हंसी आ रही? अभी बताएँगे ना जब अंकल आंटी तब पता लगेगा…!!! चल अब. ”सच, आपका बदन कैसा चिकना है… हाथ लगाने का जी करता है!”उसकी बड़ी बड़ी आँखें मेरी तरफ़ उठ गई. आखिर लण्ड और उंगलियों में कुछ तो फर्क होगा, तभी तो सब औरतें लण्ड की दीवानी होती हैं… वरना उँगलियाँ तो औरतों के पास भी हैं…!!!मैंने उसे कहा- तुम लेट जाओ.

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वो बोली- अब मेरी बेटी स्कूल से आने वाली है इसलिए फिर कभी!हम उठ गये और अपने कपड़े पहनने लगे तो वो बोली- मजा आ गया! मेरा पति तो बस 20-25 धक्कों में ही झड़ जाता है. पकौड़े की तरह फूले फांकों के बीच दो-ढाई इंच की दरार थी जो पानी के लहरों के साथ हिलकर अजीब सा रोमांच पैदा कर रही थी। मैंने नितम्बों को पकड़कर अपनी जीभ की नोक बनाकर धीरे से उस दरार में फिराया… उसके नितम्बों में एक कम्पन सी हुई और टांगें और चौड़ी हो गई जैसे निमंत्रण दे रही हों।मैंने जीभ अंदर गुसेड़ा और भग्नासा को कुरेदने लगा… वो चूतड़ों को आगे-पीछे करने लगी. राहुल अंकल ने कहा- तेरी चूत से बहुत पानी निकला!हाँ मेरे राजा! बहुत दिनों से पानी नहीं निकला था! इसलिए आज बहुत पानी निकला! तू भी चाट ना मेरी बुर का पानी!इतना सुनते ही राहुल अंकल भी अपनी जुबान से बाजी की बुर का पानी चाटने लगे.

चलो थोड़ा उधर सरको, मैं भी आता हूँ! मजा दोगुना हो जायेगा!और दोनों ने मिल कर मेरे सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगे हो गए. मैं उन्हें और कोई बात बनाने का मौका नहीं देना चाहती थी…पहले दिन शाम को जब स्कूल से घर पहुँची तो मम्मी ने बताया- वो लड़का है न, वो तो रोया ही नहीं… सब रो रहे थे.

अबकी बार पूरा लंड अन्दर सील तोड़ता हुआ अन्दर घुस गया था … इस बार रीना … ऊऊऊ … ऊईई फट गई मेरी चूत! कह कर चिल्ला उठी!उसकी चूत से खून निकल रहा था मगर मैंने परवाह नहीं की और लगातार ठोकता रहा अपना मूसल उसकी चूत में!थोड़ी देर में उसे मजा आने लगा और वो भी चूत उठा उठा कर चुदवाने लगी.

मैंने भी देर न करते हुए दीदी के होंठो पर अपने होंठ रख दिये और हम दोनों पंद्रह मिनट तक एक-दूसरे को चूमते रहे. उसने ऊपर आते ही मेरी टाँगें खोल लीं और बीच में बैठ अपना लौड़ा मेरी सील बंद चूत पर रखते हुए झटका मारा. उनकी चूत से पानी निकल रहा था, मैंने अपनी जीभ से चूत को साफ़ किया और जीभ से चोदने लगा.

‘आराम से बैठ कर देख मैं क्या करती हूँ!’यह कह कर भाभी ने मेरे तने हुये लण्ड को जोर से मुठ मारना चालू कर दिया. दरवाजे की कुन्डी बन्दकर देवर से बोली- तुमने अपनी माँ का दूध पिया तो करके दिखाओ?देवर बेड पर लेटा था, वो उठकर बैठ गया और मेरी तरफ़ हैरानी से देखने लगा. ! उसने शिश्न को थोड़ा बाहर खींचा था।मैंने सोचा वह हमदर्दी में ऐसा कर रहा है, इसलिए ढीली पड़ी थी। मगर तभी एक बेहद जोर का धक्का लगा और मेरी आँखों के आगे तारे नाच गए। वह मुझे फाड़ते हुए मुझमें दाखिल हो गया। मैं खुद को भींच भी नहीं पाई थी कि उसे रोक सकूँ।मेरी साँस रुक गई। मैं बिलबिला उठी। आ ऽऽऽ ह ….

सुबह सुबह मम्मी ने बहादुर को रीटा के कमरे में रीटा का स्कूल बैग तैयार करने के लिये भेज दिया.

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उसकी सफ़ेद निकर ढीली सी नीचे खिसकी हुई थी, और उसके चूतड़ों के ऊपर की दरार नजर आ रही थी. उसकी आँखें बयां कर रही थी कि वो बहुत तृप्त हो गई है।मैंने उसकी प्यार से चुम्मी ली और फिर हम दोनों अपने कपड़े खोजने लगे. ऊपर का सुपाड़ा तो ढका हुआ था लेकिन उसके आगे के आधा इंच भाग के ऊपर मांस नहीं था और उनका मूत्र और रस निकलने का छिद्र बिल्कुल साफ नज़र आ रहा था.

तब अचानक जीजू उठे और उन्होंने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और अपने होंठ मेरे होंठों से मिला दिए और उन्हें बेरहमी से चूसने लगे.

‘छैला, बस ये मस्त मुस्टण्डा मन्ने एक दाण… बस एक बार…’मैं कुछ कहता उसके पहले वो उछल कर मेरे ऊपर चढ़ गई. मैंने दोनों जाँघों को हाथ में पकड़ कर कमर पर चूमना शुरू किया और धीरे धीरे उनकी कमीज़ को भी उतार दिया!अब एक ऐसा नज़ारा मेरे सामने था जिसके लिए मैंने हजारों मन्नत की थी. मैंने अपना दाहिना हाथ अपनी चूत पर फेरते हुए कहा- मुनिया रानी ( चूत का यह नाम कॉलेज की लड़कियों ने रखा था) कल तुझे लंड की प्राप्ति होने वाली है! तैयार हो जा!मैं सुबह थोड़ा जल्दी उठी, अपनी चूत के आस पास के अनचाहे बालों (झांटों) को साफ़ किया, अच्छे से नहा धोकर तैयार हुई, सुन्दर सा सूट पहना और मम्मी से ‘कॉलेज जा रही हूँ’ कहकर घर से निकल पड़ी.