बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ

छवि स्रोत,सेक्स कामसूत्र

तस्वीर का शीर्षक ,

सीमा की चूत: बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ, दूसरे दिन मेरी दीदी वापस आ गई और दीदी ने मुझे कुछ दिन उन्हीं के साथ वहीं पर रुकने के लिए कह दिया.

एक्स एक्स एक्स फोटो एचडी

ये सेक्स स्टोरी मेरी अपनी छोटी बहन आतिशा के साथ किए गए सेक्स की है. सेक्सी फिल्म गंदी फिल्ममैं धीरे-धीरे उसके बच्चे से सम्पर्क बढ़ाने लगा, पर वो न जाने क्यों मुझसे डरता था.

फिर उसके बगल में लेट कर उसको चूमना शुरू कर दिया और उसको टॉप निकालने के लिए बोला. एक्स एक्स एक्स एक्स ब्लू वीडियोजी में तो आ रहा था कि तबियत से झाड़-झपड़ करूँ इसकी … लेकिन मेहमान थी, सो तहज़ीब का तकाज़ा था इसलिये चुप ही रहा मैं.

मेरी सहेली मेरे घर आती हैं तो हम सब लोग एक दूसरे से खूब बात करते हैं और हँसी मजाक भी खूब होता है.बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ: मैं दयनीय हालत में आए हुए अपने लंड के बारे में सोचता रहा, जो कुछ देर पहले तक इतना जोश में था कि चूत भी उसको कस कर जकड़े हुए थी.

तीन बजे स्कूल की छुट्टी हुई तो मैं सीधे स्टाफ रूम में मैडम से कापियों वाला बंडल ले आया और उसको अपने साथ घर ले गया.अब मैं मौसी को डॉगी स्टाइल में चोदना चाहता था, पर वहां जगह कम होने की वजह से वो पोजीशन ट्राय करना मुश्किल था.

ತ್ರಿಬಲ್ ಎಕ್ಸ್ ಎಕ್ಸ್ ವಿಡಿಯೋ ಎಚ್ ಡಿ - बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ

वो भी मान गए और बोले- बहू वैसे वो तो मान जाएगा, पर मैं उससे कैसे बोलूं?वनिता बोली- बाबूजी वो जब घर आए, तो आप बस बाहर चले जाना, आगे का काम मैं सम्भाल लूंगी.जब से मैंने अपनी माँ के चूचों को पहली बार देखा था उसके बाद से ही मैं उसके चूचों को दबाने और चूसने के लिए बेताब हो उठा था.

नहीं रानी सोया नहीं बस थोड़ा सुस्ता रहा था … हो सकता है हल्की सी झपकी लग भी गयी हो. बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ एक हाथ उसकी चूची की सेवा कर रहा था, तो दूसरा हाथ उसकी चूत की सेवा कर रहा था.

नैना ने अपनी चाबी से दरवाज़ा धीरे से खोला और मुझे इशारा करके खुद दबे पांव अन्दर चली गई.

बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ?

दोस्तों आपकी मेरी पिछली कहानीमौसेरी बहन की कुँवारी चूतकी सराहना से प्रेरित हो कर मैं फिर हाज़िर हूं एक और मदमस्त आपबीती ले कर. आंटी ने सिगरेट का कश लेते हुए बताया कि उसके हंसबेंड 2 साल में एक बार घर आते हैं, वो भी सिर्फ 7 दिन के लिए आते हैं. एक दिन मैं एक खाली पीरियड में लाइब्रेरी में पढ़ाई करने का नाटक करते हुए ऊँघता हुआटाइम पास कर रहा था, तो स्कूल का सबसे सीनियर चपरासी रामजी लाल मुझे ढूंढता हुआ आया- राजे … तुम्हें बाली मैडम ने बुलाया है … स्टाफ रूम में … चलो फटाफट!रामजी लाल को सब लोग ताऊ कहा करते थे.

हम दोनों लोग ये सब कपड़ों के ऊपर से ही कर रहे थे क्योंकि बस में हम नंगे हो कर ये सब नहीं कर सकते थे. इसमें भारतीय नारी की सेक्सी नाभि दिखने से उनके लंड खड़े हो जाते हैं. इस वजह से उसकी आवाज़ ही निकलनी बंद हो गई और वो अपना सिर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी.

कई बार भाभी की चूत चोदने के बाद उसने अपनी सहेलियों से भी मेरा परिचय करवाया. क्या माल लग रही थी! मैं सारा नज़ारा साफ़ साफ़ देख रहा था। उसने पहले तो अपनी चूत को पेंटी के ऊपर से खुजलाया. मेरे भाई को अभी भी नहीं पता है कि उसका दोस्त उसकीबहन की चूतमार रहा है.

उसके बाद मैंने उसको करवट के बल लेटा लिया और खुद भी उसके साथ लेट कर उसकी टांग को उठवा दिया. इस पर भाभी ने हल्की सी स्माइल दे दी और मुझे नॉटी नज़रों से देखने लगी.

तभी मैंने उसकी टाँगें उठा कर अपने कंधे पर रखी और उसकी चुत पे लंड टिका कर जोर का धक्का चुत पे मारा.

अगर आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आई, तो प्लीज कमेंट करके मेरा उत्साह बढ़ाएं, जिससे मैं कहानी का दूसरा भाग लिख सकूं.

उसके कोमल हाथों में जाकर बात मेरे लौड़े के काबू से बाहर हो गयी और मैंने उसकी सलवार को खोलकर नीचे गिरा दिया, घुटनों के बल मैं मनमीता की टांगों के बीच में बैठ गया. मेरे चूतड़ (नितंब) थोड़े उभरे हुए है, जिन्हें जींस में मटकता देखकर लड़कों की सिसकारियां निकल जाती हैं. कुछ देर चूसने के बाद मेरा जोश पूरा भर गया और उसने मेरे लंड को सही वक्त पर बाहर निकाल दिया नहीं तो मैं उसके मुंह में ही झड़ जाता.

मेरा मन इसे हाथ में पकड़ कर देखने को कह रहा है … क्या मैं देख लूँ?मैंने कहा- भाभी, आप ये क्या कह रही हो. मैंने रेड नाइटी पहन रखी थी और दरवाजा खोल लिया। मेरी नाइटी वेस्टर्न स्टाइल थी, वो देखता ही रह गया. फिर वाइन खत्म होने के बाद उसने डाइनिंग टेबल पर आ कर पहले से आर्डर से मंगाया हुआ खाना सर्व किया.

उस लड़के ने मेरी बहन की चूत में लंड फंसा रखा था और वो उसकी चुदाई करने में लगा हुआ था.

मैंने कहा- अगर तुम भी मेरे बारे में कुछ ऐसा सोचती हो तो मैं खुद को बहुत लकी मानूंगा. मेरा आनंद बढ़ रहा था तो मैं मजे में कामुक सिसकारियाँ ले रही थी जो काफी तेज हो गई थी. अब मैंने पीछे से उसके दोनों मम्मों को अपने हाथों से पकड़ लिया और जोर जोर से दबाने लगा.

उसके बाद बच्चों के आने का टाइम भी होने वाला था और जीजा जी का भी मूड खराब हो गया था. उसने मेरी चूत पर थूक लगाया, और अपना लंड मेरी गीली हो चुकी चूत के दरवाजे पर रखा और धक्का लगाया. उस पर लाल रंग की चादर बिछी थी और पूरे रूम में एक मादक गंध फैल रही थी जिससे माहौल पूरा सेक्सी हो रहा था.

इसलिए मैं अचानक से हॉल में पहुंच गई और उसका लंड उसके हाथ में देख लिया मैंने.

फिर भी मौसी ने 2-3 बार अपनी कमर आगे पीछे करके मुझे आगे बढ़ने का संकेत दे दिया. उसने मुस्कुरा के सर हां में हिला कर मुझे जवाब दिया और लंड के सुपारे पर अपनी जीभ फिरा दी.

बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ उन्होंने अपने पैरों से मेरी जांघों को दबा लिया और दोनों हाथ को मेरी पीठ पे ले जाकर मुझे अपने सीने से चिपका लिया. मैं दिशा के करीब होकर उसके मम्मे मसलने लगा, जिससे दिशा भी कुनमुनाती हुई उठ गई.

बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ इसको वापस से लड़की बनाने में मेरा भी हाथ है।महेश क्या बड़बड़ा रहा था मुझे इसकी खबर नहीं थी. अगर वो ये कहती कि वो हमारे परिवार के साथ शॉपिंग नहीं करना चाहती तो उसे भी शायद ये डर सता रहा होगा कि अगर उसने ऐसा कहा तो मैं कहीं ये न समझ लूं कि वो हमारे परिवार के साथ सहज नहीं है।अपनी बातों में मैंने काजल को अच्छी तरह उलझा लिया था। जिसका मुझे अंदर ही अंदर गर्व हो रहा था।कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.

तो राजेन्द्र जी ने मेरा हाथ पकड़ते हुए कहा- मुझे वो दूध नहीं पीना, तुम अपना दूध पिलाओ मेरी रानी.

साउथ हीरोइन के बीएफ सेक्सी

सुमन मेरी चूत में उंगली करती थी और मैं सुमन की चूत में उंगली करती थी. लेकिन अभी भी हम दोनों का मन नहीं भरा था, वो मेरे निप्पलों से खेल रही थी, जबकि मैं उसकी टांग़ को अपने ऊपर करके उसकी गांड में उंगली डाल निकाल रहा था. अब मैं केवल चड्डी में थी क्योंकि उस ड्रेस के साथ ब्रा नहीं पहनी थी.

इस सेक्सी कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैंने अपनी दीदी को आइक्रीम खिलाने के बहाने उसको नंगी कर दिया. ऐसा मैंने चार पांच बार किया, पर उन्होंने मुझसे न ही कुछ कहा और न ही वे मेरे आगे से हटीं. मैं उससे रोज नहीं मिलती थी और वो रोज मेरे घर भी नहीं आता था भैया से मिलने के लिए, क्योंकि अगर वो रोज मेरे घर भैया से मिलने के लिए आता तो भैया को हमारे ऊपर शक हो जाता.

झाग बन जाने के बाद मैं चाची की चूत की झांटों को ट्विन ब्लेड वाले रेजर से साफ करने लगा.

मगर जैसे ही पायलों की आवाज मेरे कानों तक पहुंची मैं तपाक से उठ कर बैठ गया।दिन में तो मैंने मन बना लिया था कि रात को अगर आवाज आई तो गौशाला में देखने जरूर जाऊंगा लेकिन जब रात 12 बजे वही आवाज आई तो मेरी सिट्टी-पिट्टी गुम होने लगी. उसके बाद दिलिया के सफ़ेद बड़े-बड़े खरबूजे देख कर मेरी तो जुबान रुक गई। जैसे ही फूल हटे दिलिया के आधे नंगे स्तन को देख कर मस्त होने लगा, मेरा लंड टाइट हो गया. निहारिका की सलवार मेरे छूटने से गीली हो गई थी, तो जब निहारिका ने सलवार उतारी, तो उसके चूतड़ों के दर्शन मुझे कई महीनों बाद हुए थे.

मैंने आंटी की साड़ी का पल्लू खींच दिया और आंटी का ब्लाउज दिखने लगा जिसमें उसके चूचे भरे हुए थे. आह-आह … सुमन के मुंह से कामुक सिसकारियाँ अब बाहर आकर बाथरूम में गूंजने लगी थी. ”रात की बेड की बात तो मैं समझ सकती हूँ … मगर ये बाथरूम में डिल्डो कहां से आया?”हहहहहा …” करके सरला हंस पड़ी.

फिर मैंने अपनी पैन्ट खोली और लंड निकाल कर उनके पेट के पास लगा दिया. मैंने एक बार फिर एक और जोर का झटका मारा, जिससे मेरा लंड उनकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ जड़ तक घुस गया.

करीब बीस मिनट की दमदार चुदाई के बाद अनुषी ने मुझे पूरे जोर से जकड़ लिया और वो उम्म्ह… अहह… हय… याह… करने लगी. )मैं सोचने लगी कि मूसल सा लंड मेरी गांड में घुसेड़ने के बाद मादरचोद कह रहे हैं कि खेल अभी शुरू नहीं किया है … तो क्या मेरी गांड के आर पार लंड निकल जाएगा, तब गेम शुरू हुआ कहलाएगा. एक दो मिनट मैं अपने हाथों से अंकल जी से लड़ती रही और अपनी सलवार बचाती रही पर उन्होंने जैसे तैसे करके सलवार मेरे नीचे से खिसका ली और फिर वो मेरी चिकनी टांगों से फिसलती हुई निकल गई.

मैंने एकदम से उनसे दूर जाना चाहा, पर उन्होंने मुझे कमर से पकड़ लिया.

मैंने उससे पूछा- डू यू वांट मोर? (और चाहिए?)उसने नशीली आंखों से हां में सर हिलाया. मैंने अपनी जिंदगी को इतना इंजॉय किया जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. उसे आधा अपनी चूत में डाल लिया और आधे में साबुन लगाकर मेरे गांड में पेल दिया.

बुआ ने सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार को नीचे सरका कर अपनी कच्छी को भी नीचे कर लिया. पति- क्या बात है तुम्हें मेरी बहुत याद आ रही है?नम्रता- मैं कहां तुम्हें याद कर रही हूं, अगर मेरे जिस्म में चूत नाम की चीज नहीं होती, जिसे तुम्हारे लंड की जरूरत महसूस होती रहती है, तो मैं तुम्हें हरगिज याद नहीं करती.

मैंने पूछा- क्या खाना हो गया?सरला जी- हां, तुम्हारा?मैंने जबाव दिया- हां!हम दोनों बात करने लगे और करीब 11 बज़े मेरे बेडरूम में ही सरला सो गई. बाहर आने के बाद भाभी शालू को समझाने लगीं- देखो शालू, अगर तुम ऐसे ही चिल्लाओगी, तो काम कैसे बनेगा. नयी जगह होने के कारण और उच्च शिक्षा के कारण व्यस्त रहता था, तो मैंने बाहर भी कोई लड़की को नहीं पटाया था.

चोदा चोदी बीएफ साड़ी वाला

मैंने भाभी के चूचों को जोर से दबाना शुरू कर दिया और जल्दी ही भाभी गर्म हो गई.

उसने दरवाजा खोला तो मेरी नजर सीधी उसके चूचों की दरार पर जाकर ही अटक गई. काफी देर अन्दर बाहर करने के बाद मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला, कॉण्डोम चढ़ाया और फिर से चूत के अन्दर खिसका दिया और धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा. यह कहानी तब की है, जब मैं अपने एक दोस्त के साथ बाहर एग्जाम देने गया हुआ था.

मेरी मंगेतर का नाम रीना है जो सगाई से पहली मेरी ऑफिस असिस्टेंट हुआ करती थी. मुझे अपनी चूची चुसवाने में बड़ा मजा आ रहा था मैं खुद अपने हाथ से अपना दूध पकड़ कर उसको पिला रही थी. चुदाईवीडियोफिर कुछ मिनट बाद उसे भी मजा आने लगा था और वो अपनी गांड उठाते हुए मेरे लंड से कुश्ती लड़ने लगी थी.

उन्होंने मेरे सर को दबाया और फिर आगे बढ़ती गयी मेरे फिर हाथों से होते हुए सीने को सहलाने लगी. थोड़ी देर में मेरे लण्ड ने पिचकारी छोड़ दी, आंटी की चूत मेरे वीर्य से भर गई लेकिन मैंने चुदाई जारी रखी, धकाधक पेल रहा था.

अब मैं ज्यादा समय न लेते हुए जल्दी से स्टोरी पर आता हूं।पहले मैं अपने बारे में आप सभी को बता दूं कि मेरा रंग गेहुंआ है और मेरी हाइट 5 फीट 11 इंच है. यहां तक की वे रोज रात को नंगी सोती हैं और एक नकली लंड से अपनी चुत की प्यास बुझाती हैं. मैंने आंटी के आंसू पौंछे और कहा- आप टेंशन नहीं लो, जब भी अकेलापन लगे, तो मुझे याद कर लिया करो.

भैया के रूम पर जाकर कुछ देर पढ़ाई की और शाम के 4 बजे का वक्त हो गया. यदि हां तो कहानी पर कमेंट करके अपना प्यार दें और मेल के जरिये भी आप मुझे मैसेज कर सकते हैं. गाड़ी में सीट न होने की वजह से मैंने चान्स मारने के लिए मौके का फायदा उठाने के बारे में सोचा.

मैंने कहा कि आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है क्या?वो बोली- मेरी शादी हो गयी है … ब्वॉयफ्रेंड की क्या जरूरत होगी मुझे?मैंने कहा- ठीक है … शादी से पहले तो होगा ना कोई?वो बोली- हां एक था, लेकिन अब सम्पर्क में नहीं है.

आआहह … मैं आधी नंगी मेरे भाई के सामने बेड पर लेटी हूँ, ये सोचकर ही मैं बहुत गर्म होने लगी थी. गज़ब! वसुन्धरा के चेहरे पर तो हवाईयां उड़ रहीं थीं और जाने क्यों उसकी पेशानी पसीने से तर-ब-तर थी, नज़रें सहमी हुई हिरणी के मानिंद इधर-उधर भटक रही थी, कार की सीट के परले सिरे पर सिमट कर बैठी वसुन्धरा ने गोद में रखे हुऐ अटैची-केस का हैंडल दोनों हाथों से कस कर थाम रखा था.

इस बीच नम्रता अपने आपको हिलडुल कर एडजस्ट करते हुए बातें करती जा रही थी. जिसमें पहले कुछ रोमांटिक गाने, फिर नग्न नृत्य और उसके बाद सनी लियॉन के सम्भोग दृश्य. मैंने उससे गांड चोदने की इजाजत मांगते हुए पूछा तो बोली- सब कुछ तुम्हारा है जान …अभी उसकी चूत का दर्द खत्म नहीं हुआ था लेकिन मेरे लण्ड की किस्मत बड़ी तेज थी.

जल्द ही वो अपना शरीर मेरे शरीर से रगड़ने लगी थीं, जिससे मैं कंट्रोल से बाहर हो गया. अब मैं अहमदाबाद मैं सिर्फ उसे याद कर पाता हूं और उसेक साथ फोन सेक्स ही कर पाता हूं. फिर हम दोनों अलग हुए … पीठ के बल लेट कर हम दोनों कमरे की छत की तरफ़ देखकर बुरी तरह से हांफ़ रहे थे.

बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ हम दोनों एक-दूसरे के सामने खड़े होकर मूतने लगे और उसके बाद आकर बिस्तर पर लेट गए. मैंने उससे खुल कर कहा- जब मैं तुम्हारे पास हूँ, तो तुमको किसी और से चुदने की क्या जरूरत है.

सेक्सी फिल्में बीएफ सेक्स

मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए उसे मना कर दिया और उठ कर सीधी बैठ गयी. इस बारे में मैंने मनीषा से भी कोई जिक्र नहीं किया कि जागृति भी मेरे लंड के नीचे से चुद कर निकल चुकी है. इसलिये पहले के जैसे तो नहीं मगर फिर भी मोनी मुझसे अब जरूरत होने पर बात करने लगी थी। हालाँकि मोनी को देख कर मेरी कामनायें अब भी जोर मारती रहती थीं और ये बात शायद मोनी भी अब अच्छे से जान गयी थी मगर शर्म के‌ कारण वो मुझे कुछ कह नहीं पाती थी।ऐसे ही एक दिन शाम‌ के समय मोनी खाना बना रही थी और मैं टीवी देख रहा था.

अब मैं हर दिन अपने कपड़े छोटे और टाइट ही पहनने लगी थी और बाथरूम में जानबूझ कर अपनी यूज़ की हुई पैंटी छोड़ देती थी. इससे पहले कि वो कुछ कहता या सफाई देता मैंने उसके लंड को पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया. सेक्सी ब्लू फिल्म पिक्चरमौसी के लेटने की वजह से उनकी कमर भी थोड़ी पीछे की ओर सरक गयी, जिस वजह से मेरे लंड और उनकी चूत के बीच में मेज़ का किनारा आने लगा.

मेरे मन में वासना सी उठने लगी और मैं वहीं पर खड़ी होकर उनकी उड़ती हुई लुंगी के नीचे अंडरवियर को देखने लगी.

साथ ही मैं चुपके से उनके सामने देखती, तो वो हमेशा ही मेरे चूचों और गांड को ही देखते रहते. मैंने भाभी से नजर बचाते हुए पैंट को सीधा किया लेकिन उसने मेरी पैन्ट को फूला हुआ देख लिया था.

लेकिन अभी भी हम दोनों का मन नहीं भरा था, वो मेरे निप्पलों से खेल रही थी, जबकि मैं उसकी टांग़ को अपने ऊपर करके उसकी गांड में उंगली डाल निकाल रहा था. चूसओ मेरी चुत …मैं नीचे झुक कर उसकी चुत चाटने लगा उसकी चुत बहुत पानी छोड़ रही थी. वो मस्त होने लगी और उसने अपने हाथ फैला दिए और अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया.

मैं मम्मी के पास गई और बोली- मम्मी अंकल आए हैं … वे नीना को इंग्लिश समझा रहे हैं, क्या मैं भी चली जाऊं?भला इस काम के लिए मम्मी मुझे क्यों मना करतीं.

आंटी बोलीं- क्या हुआ?मैंने कहा- पहले अंकल को तो खुश कर दो … तब तक मेरा लंड ऐसे ही चूसो. आस पास की सभी लड़कियां तो लड़कियां, औरतों पर भी नज़र लगाए रखता था लेकिन किसी से इश्क़ विश्क़ की पहल करने से डरता था. पिताजी जिस दफ्तर में नौकरी करते थे उसी विभाग की पूरी कालोनी बसी थी जिसमें फोर्थ क्लास के क्वार्टर में हम सब रहते थे.

ब्लू फिल्म हिंदी ऑडियोमगर दो दिन बाद ही चाचा को अचानक इमरजेंसी में एक मीटिंग के लिए जाना पड़ गया. कुछ कुछ नर्म, कुछ कुछ कठोर … मैंने अपने दोनों हाथों से हल्का सा दबा कर दोनों निप्पलों की सख्ती को जांचा.

लड़की की बीएफ चुदाई वीडियो

अक्सर बड़े लंड से बेहतर छोटे लंड ही होते हैं। चुदाई में ओरल, फॉर प्ले जितना ज्यादा होगा उतना आनन्द आयेगा। अत: जो है उसमें ही आनंद प्राप्ति की इच्छाशक्ति बढाएं और सेक्स का आनन्द लें। बड़ा लंड नाइजरिया, अफ्रीकन, वेस्टइंडीज की तरफ के लोगों का होता है लेकिन वहाँ की लड़कियाँ उनके साथ सेक्स करने में सन्तुष्ट नहीं होती हैं। कभी गूगल पर जरूर पढ़ना उनके आर्टिकल्स, आपको हकीकत खुद ही पता लग जायेगी. मैं अपनी गांड को आगे की तरफ धकेलते हुए जैसे आंटी के हाथ को ही चोदने लगा. तब तक मैंने भी अपने आपको पूरी तरह से इस लेस्बियन सेक्स के लिए रेडी कर लिया था.

वो बोली- क्यूं, तुझे ऐसा क्यों लगता है?मैं- आपके ब्लाउज के साइज को देख कर लग रहा है. वैसे इंटरनेट पर आजकल ऑनलाइन डिल्डो या वाइब्रेटर मंगवा कर भी आप योनि को सन्तुष्ट कर सकती हैं. 5 इंच मोटे लंड का मालिक हूँ, लेकिन मैं अपने इसी नॉर्मल लंड से काफी महिलाओं की जरूरत पूरी कर चुका हूँ.

न करने का तो सवाल ही नहीं था लेकिन पाठकगण! मैं झूठ नहीं बोलूंगा कि हाँ करने के कई कारणों में से एक उम्मीद … चाहे बेजा ही थी, लेकिन वो यह थी कि शायद मेरी शिमला-फेरी के दौरान किसी रोज़ मेरी वसुन्धरा से मुलाकात हो जाए. [emailprotected]मैं जल्दी ही अपनी नई कहानी ले कर आपके सामने उपस्थित होऊँगी कि कैसे मेरे भाई ने मेरी गांड मारी और मेरी बाकि की चुदाई की कहानियां भी लिखूंगी. जब तक मेरा पूरा वीर्य काजल के गले के नीचे नहीं उतर गया, तब तक मैंने अपना बेकाबू लंड काजल के मुँह से बाहर नहीं निकाला.

तो गुस्ताखी की पेशगी माफ़ी की गर्ज़ के साथ अर्ज़ है कि इस फ्रंट पर इस से ज्यादा सुधार की कोई गुंजाईश … अभी तो नज़र नहीं आती. अपनी चूत चुसाई के मस्त आनन्द से भाबी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी थीं.

उसकी हालत देख कर मैं समझ गया था कि उसका पति शायद उसकी ऐसी चुदाई नहीं करता होगा.

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मेरे छोटे भाई विक्रम ने मेरी बीवी रीना को नंगी बेड पर बंधे हुए देखा और वह अपने लंड को पैंट के ऊपर से मसलने लगा. एक्स एक्स एक्स एक्स हिंदी पिक्चरआंटी बेड के बीचोबीच बिल्कुल नंगी लेटी हुई थीं, टांगें फैली हुई थीं और चूतड़ के नीचे तकिया रखा होने के कारण आंटी की चूत साफ दिखाई दे रही थी. বিএফ ব্লু ফিল্ম ভিডিওहमारे घर के पीछे आम का बहुत बड़ा पेड़ लगा है, जिस पर बहुत आम आते थे. बाहरवीं कक्षा के पेपर नज़दीक थे, तो पापा ने मुझे घर रहकर पढ़ने के लिए कहा.

जब बाथरूम से मैं सिर्फ एक टॉवल में बाहर आई, तो देखा कि दोनों सिर्फ अंडरवियर में हैं और टॉवल से अपना बदन पौंछ रहे थे.

फिर मैंने अपने गर्म होंठ उसकी चूत पर रख दिये तो सुमन की जोर से आह … निकल गई. ”मैंने कटोरा पलट के थोड़ी रबड़ी दायीं चूची के ऊपर और थोड़ी बायीं चूची पर टपका दी. मेरी पिछली कहानी में आपने पढ़ा था कि मैं अपने मामा के घर गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए गया हुआ था जहां मैंने मामा की सबसे बड़ी लड़की मनीषा को चोद दिया.

जब तक लंड में ताकत थी, तब तक वो अन्दर तना हुआ था, पर बाद में ढीला होकर बाहर आ गया. वो बोल रही थी- प्लीज़, अब मेरे अन्दर अपना डाल के मुझे चोद दो … और मत तड़पाओ. साथ ही मैं उतने ही नज़ारे में खुद को रोक ना सका और बाथरूम की ओर चल दिया.

शादीशुदा वाला सेक्सी बीएफ

आअहह जैसे ही उसने मेरी गांड को छुआ, तो मुझे पता चल गया कि ये तो मेरे भाई अर्पित का लंड था. दीदी जीजाजी की चुदाई की कामुक आवाजें सुनकर वैसे मैं भी गर्म होना शुरू हो गई थी. अंकल जी ने मेरी हालत समझ प्यार से मेरे सिर पर हाथ फेरा और मेरा गाल चूम के मुझे अन्दर लिवा ले गए और ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठा दिया और मेरी बगल में बैठ कर यूं ही हल्की फुल्की बातें करने लगे.

हर औरत को पहली पहली बार दर्द तो होता ही है और उसे उस दर्द को बर्दाश्त करना पड़ता है.

हर तरफ कैंडल लाइट्स थी। यह सरप्राइज था जो मैंने अपनी बहन के लिए प्लान किया था। मैं उसके पीछे से उसके पास गया। मैंने हाथ उसकी कमर पर रखा। वो थोड़ी कसमसाई क्योंकि गर्म तो वो पहले से ही थी।मेरा स्पर्श उसे रोमांचित कर रहा था। मैंने बड़े ही प्यार से उसके जिस्म पर हाथ फेरा और फेरते हुए हाथ ऊपर ले जा रहा था। मेरे हाथ उसके बोबे तक पहुंचे.

वैसे तो उसकी उम्र अभी 18 की ही हुई थी लेकिन उसके चूचों का उभार बड़ी ही जल्दी खिलने लग गया. उसने दो-तीन बार अपने लंड से चूत को रगड़ा और फिर सुमिना की गांड को पकड़ कर एक जोर के धक्के के साथ पीछे से सुमिना की चूत में लंड को पेल दिया. সেক্সি ব্লু ফিল্ম ভিডিওरितेश जीजू भी पूरी मस्ती में अपनी गांड को आगे-पीछे करते हुए मानसी को लंड चुसवा रहे थे.

काजल का भाई कुणाल! उसका 7 इंच का लम्बा लंड उसकी जांघों के बीच में तन कर दायें-बायें झूलता हुआ उसकी जांघों से टकरा रहा था. मैं धीरे धीरे अपने लंड को चुत के अन्दर बाहर करते हुए अनुषी की आंखों में देखने लगा. मैंने दरवाजा खोला, तो उसने पूछा- मम्मी पापा कहां गए?मैंने कहा- उनको कुछ काम आ गया था, तो वो बाहर गए हैं और शायद आने में भी देरी भी हो सकती है.

अनुषी का फिर फोन आया मगर मैंने नहीं उठाया क्योंकि उसने मेरा मूड खराब कर दिया था. मैंने फट से गिलास नीचे रखा और उसके करीब होते हुए उसके कंधे को सहलाते हुए बोला- मैं सच में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ अदिति.

थूक से लंड को गीला करके मैंने फिर से लंड को एक ही बार में पूरा घुसा दिया.

लण्ड का टोपा या सुपारा चमड़ी से ढका हुआ गेंद की तरह जुड़ा हुआ लग रहा था जो मेरे मन में दहशत सी पैदा कर रहा था. बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद में आगे की पढ़ाई करने के लिए बड़े शहर आ गया और अनामिका, सोनिया ने बगल के शहर के कॉलेज में एडमिशन ले लिया. अपनी चूत चुसाई के मस्त आनन्द से भाबी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी थीं.

ભાભી દેવર કિ ચૂદાઇ मेरी सोशल नेटवर्किंग साइट के अकाउंट पर एक कोरबा की आंटी थी जिनसे मैं कभी-कभी बात करता था. ऐसा लग रहा था कि फरवरी की सर्दी में फूल की कोई कली खिलने के लिए बस सूरज की किरणों की गर्माहट मिलने का इंतजार कर रही है.

नीचे से अंडरवियर न पहना होने के कारण मेरी निक्कर मेरे वीर्य से गीली हो गयी. अब मेरे दिल में हवस की जगह प्यार उमड़ रहा था। मैंने उसकी आंखों पर किस किया और अपने लण्ड के टोपे को उसकी चूत पर लगाया और उसकी आंखों में आँखें डाल कर देखने लगा. आपको एक बात बता दूं कि मुझे गालियां देते हुए सेक्स करने में बहुत मज़ा आता है.

सेक्सी बीएफ भाई और बहन की

”रात की बेड की बात तो मैं समझ सकती हूँ … मगर ये बाथरूम में डिल्डो कहां से आया?”हहहहहा …” करके सरला हंस पड़ी. इधर एक बात ध्यान देने योग्य थी कि उसे असहनीय पीड़ा हुई लेकिन उसने मुझे रुकने को नहीं कहा. उसके बाद हमने यह सब बहुत बार किया लेकिन चुत में उंगली उसने दुबारा नहीं करने दी.

दीपिका! आज तूने खुश कर दिया है मुझे! तू कमाल की है! साली छिनाल! तेरे बाप ने तेरी माँ को बड़े प्यार से चोदा होगा जो तेरी जैसी बिजली पैदा हुई. नम्रता- चलो नहा धोकर कुछ खाना बनाती हूं, उसके बाद थोड़ा आराम भी करेंगे.

वैसे तो मैं नींद में था मगर फिर भी मैंने अब अपनी आँखे खोलकर देखा तो घबराकर मैंने तुरन्त ही अपना हाथ वहाँ से हटा लिया, क्योंकि मेरा हाथ मोनी के उरोजों पर था और मैं उससे बिल्कुल चिपका हुआ था।मोनी तो अपनी जगह पर ही सो रही थी.

फिर उसने कहा- आशना अपना मुँह नहीं खोलोगी?उसके यह कहने पर मैंने अपना मुँह खोल दिया. हम घर वापस आ गये और मेरे फ्लैट पर ताला देख कर अदिति पूछ बैठी कि बाकी सब लोग कहां गये हुये हैं. कुछ देर तक चुदाई करने के बाद मैंने माँ को घोड़ी बना दिया और पीछे उसकी चूत में लंड को पेल दिया.

पर मैं उसे बर्बाद नहीं होने देना चाहती थी, तो मैंने हाथ बीच में लगा लिया और धीरे धीरे पूरा माल गटक गयी. मैं किसी का मोटा लंड अपनी चूत में डलवाकर अपनी चूत चुदवाना चाहती थी. नींद में ही मैंने उसकी तरफ करवट ली तो मेरा लण्ड उसको जांघ से छूने लगा.

क्या तुम राजी हो?)मैंने हां तो कर दिया, पर समझ रही थी कि सच में यह थोड़ा ही सम्भव हो सकेगा.

बीएफ ब्लू पिक्चर व्हिडिओ: वह किसका लंड था और मैंने उस लंड को कैसे तैयार किया वो सब मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगी. मैं उसकी गांड की छेद में उंगली डाल डाल के मज़ा लेने लगा और उसको भी मज़ा देने लगा.

पहली बार मैंने मौसी के सामने लंड और चूत जैसे शब्दों का प्रयोग किया और इस वजह से मौसी मुझे बड़े ही आश्चर्य से देखते हुए बोलीं- क्या क्या बोल रहा है तू … और कहां से सीखा ये सब?मैं- इसमें सीखने का क्या है मौसी, दुनिया में तो सिर्फ दो ही जाति के इंसान होते हैं … औरत और मर्द. मैंने मन ही मन सोचा कि सुमित, आंटी की गांड पर हाथ तो लगा दे … एक बार शुरूआत तो करके देख, उसके बाद फिर देखा जायेगा जो होगा. पांच मिनट की जोशीली चुदाई के बाद वह मेरी चुत में झड़ने लगा, तो मैं लगभग बेहोश सी हो गयी थी.

उसकी चूचियों को पीते हुए मैं उसके होंठों को भी चूसना चाहता था मगर अगले ही पल मेरा ध्यान उसकी चूत की तरफ चला गया और मैंने एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत पर रख दिया.

शाम करीब साढ़े-सात बजे मैं, वसुन्धरा के पापा के साथ उनके घर चला गया. फिर अगर उसने मेरी बहन की चूत चोद ली तो मैं इसे गलत कैसे ठहरा सकता हूं. इतने में मारव आया और उसने भी मेरी गांड में लंड लगाने की कोशिश की, पर मैंने मना कर दिया.