नवरा बायकोचे बीएफ

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বয়েজ সেক্স ভিডিও: नवरा बायकोचे बीएफ, वो मुझे प्यार करते हुए कहने लगी- अब जब तक अंकल आंटी नहीं आते, हम रोज सेक्स करेंगे.

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मैंने उससे पूछा- क्या आपके यहां बॉडी मसाज हो जाता है?उसने कहा- जी हां, हमारे यहां बॉडी मसाज सेक्शन भी है. अश्लील बातेंलेकिन वह और भी कुछ चाहती थी, अब वह धीरे-धीरे फिर से मेरे लंड के नीचे आ गई और मेरी पैंट की चेन खोल दी और उन्होंने मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और किसी भूखे से नहीं की तरह लंड चूसने लगी.

मैं पूरी मदहोशी में डूबी हुई थी, मुझमें हवस का मानो पागलपन सवार था. हिंदी सेक्सी फिल्मों का वीडियोवह मेरे हट्टे कट्टे और भरे बदन के सामने एक छोटी बकरी की तरह लग रही थी.

मैं तो उसे ही देख रहा था, इतने में मुस्कान ने पूछा- बुक्स किस तरफ मिल रही हैं?मैंने मुस्कान को उंगली के इशारे से बताया कि बुक्स वहां मिल रही हैं, पर उससे बात करते टाइम मैंने उसके हाथ में एक रिसीप्ट थी, जिससे बुक्स लेते हैं.नवरा बायकोचे बीएफ: मैंने उसे पूछा- बॉडी मसाज जेंट्स करते हैं या लेडीज करती हैं?तो उसने बताया कि दोनों ही करते हैं.

मेरा रंग फेयर है, अच्छी हाइट है और लंड का साइज़ भी 6 इंच से ज्यादा है, जो किसी भी चूत को पागल बना दे.मेरे नीचे लेटते ही वो मेरे ऊपर चढ़ गयी, मेरे लंड को अपनी चूत पर सैट करके नीचे होने लगी और मेरा पूरा लंड उसकी चूत निगल गयी, फिर वो उछल उछल कर चुदने लगी.

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फिर मैंने सोचा कि फिलहाल तो भाभी की नंगी चुत की खाज मिटाने में ही भलाई है.हमारे पास टाइम कम होता है, इन्हीं दस सालों में जितना कमा लें, कमा लें, फिर कमाई कम हो जाती है। मैं रुका हूं, यहां मकान बनवा रहा हूं, बगलोर में फ्लेट है, कुछ इनवेस्टमेंट बस। आप चाहेगे तो आप को खुश कर दूंगा। आप अब भी बहुत नमकीन हैं, माशूक हैं, विश्वास करें, परेशान न हों, टेन्शन न लें।वह मुस्कुरा रहा था।उसने हल्के से मेरा हाथ दबाया, बोला- सर मैं कल आऊंगा, चलते हैं।वह चला गया.

मैं अपनी पढ़ाई के चक्कर में दिल्ली चला गया और वहीं से पढ़ाई करने लगा और धीरे धीरे मेरी दोस्ती यहाँ के लोकल लड़कों से हो गयी. नवरा बायकोचे बीएफ तभी उसने एक झटके में अपनी ब्रा निकाल कर बोला कि ले चूस इसे भैन के लौड़े… और ऐसा चूस कि पूरे लाल हो जाने चाहिए.

अंकल बैंक में जॉब करते थे, आंटी हाउस वाइफ थीं और दोनों बेटियां अभी पढ़ती थीं.

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फिर जब मैं कॉलेज जाने लगा तो मुझे एक लड़की पसंद आई, मैंने सोचा कि अब इसे अपना साथी बनाया जाए. मैं जब भी उसके कमरे में सफाई करने जाती, तो वो जान बूझ कर मेरे सामने ही अपने सारे कपड़े उतार देता था और सिर्फ एक चड्डी में आ जाता था. तब चाचा बोले- नहीं कोई गलती नहीं हुई, तू इतना डर क्यों रही है वन्द्या? यह उम्र इसीलिए होती है, सब इस उम्र में करते हैं.

मैंने चाहा था कि वे दोनों मेरी मारें पर मैं इस तरह जोर से कभी कह नहीं पाया और मेरे ही सामने एक दूसरे की मार रहे थे, मेरी गांड बुरी तरह कुलबुला रही थी मराने को मचल रही थी।जो मैं देवेश से न कह पाया, वो सुमेर ने कह दिया और गांड मरवा ली, एक लम्बे मोटे लंड का मजा ले लिया. नमस्कार दोस्तो, मैं राहुल एक बार फिर से अपनी नई कहानी लेकर आया हूँ. फिर मैं ऊपर जाकर टीवी देखने लगा, पता नहीं मुझे नींद कब लग गई और मैं उसी बेड पे लेट गया.

वो मेरी मस्त गांड देख के बहक रहा था और उसका असर उसके लोअर पे दिखाई दे रहा था क्योंकि उसका लंड कड़क हो कर विकराल रूप ले रहा था. मैंने अपना लंड उसकी गांड में सैट किया उसने भी गांड मटका कर लंड को छेद पर फिट करवा लिया. फिर वो बोली कि शादी में क्या होता है? मैंने कहा कि कई रस्में होती हैं.

लेटने की पोजीशन कुछ इस तरह से थी कि पहले एक लड़की, फिर भैया का एक दोस्त, फिर मैं, मेरे बाजू में वो लड़की, जिसे मैंने पसंद किया था, फिर उसकी साइड में एक और लड़की और सबसे लास्ट में वही भैया, जो मुझे लेकर गए थे. डैड और उनके दोस्त थोड़ी देर बाद ड्रिंक्स और अपनी बातों में बिज़ी हो गये.

मैं भी अपनी गर्दन पीछे करके उनके गोरे गोरे मस्त चिकने गालों पर किस करने लगा.

उसके बाद हम जो प्रोजेक्ट बना रहे थे उसको एक तरफ छोड़ कर एक दूसरे के गले लग कर एक दूसरे को किस करने लगे.

मैंने महसूस किया कि उसने भी अपनी गांड मेरे लंड पर उठा कर पूरी सैट कर कर दी. अपने कॉमेंट मुझे भेजें, कोई भाभी या लड़की लिखेगी तो और अच्छा लगेगा. जबकि हमारी कॉलोनी की जितनी भी औरतें हैं, सब किटी पार्टी और कहीं इधर उधर जाती हैं, लेकिन मेरी मां को कहीं भी जाना पसंद नहीं है.

कुछ देर बाद अंकित ने मुझे फिर से पोजिशन बदलने को कहा और मुझे घोड़ी बनने को कहा. उन्होंने अब मुझसे बोला- मेरी बीवी 25 साल पहले मर गई थी, तब से आज मैंने पहली बार किसी औरत को छुआ है. मुझे दुकान से कुछ ज्यादा सामान लेना नहीं था, इसीलिए मैंने अपना सामान लिया और वापस आने लगा.

ठंडे पानी से मेरे निप्पल खड़े हो चुके थे जो पारदर्शी समीज में साफ दिखाई दे रहे थे।मेरी सहेली सपना मुझे घूरने लगी, मुझे उसकी आंखों में हवस नज़र आने लगी। हालांकि मैं अपने चाचा, उनके ड्राइवर और अपने कुछ टीचर्स और क्लासमेट्स से स्कूली दिनों में ही कई बार चुदवा चुकी थी लेकिन किसी लड़की के प्रति मैंने तब तक कुछ सोचा नहीं था। मुझे किसी लड़की के साथ कोई लेस्बियन सेक्स का तजुर्बा नहीं था.

मेरी चीख सुनकर अब तक वो भी बाथरूम तक आ गए थे और बाथरूम के बाहर खड़े होकर मुझे देखने लगे. वो मादक आवाजें निकालने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मैंने शावर खोल दिया और धकापेल चुदाई शुरू हो गई. हमने एक दूसरे को कभी देखा नहीं था ना ही रियल में और ना ही फ़ोटो में फिर भी हम एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे.

उन लड़कियों की माँ तो सुंदर थी ही, आंटी की दोनों बेटियां सोनी और मोनी भी गजब की माल थीं. पाठकों को याद दिला दूँ कि यह वही रितेश है जिसकी बेटी रीना रानी है, जिसकी चूत का उद्घाटन मैंने ही किया था. कहां निकालूँ?”मैं कुछ भी बोलने के मूड में नहीं थी, मैं सिर्फ आंखें बंद कर के आनन्द ले रही थी.

दूसरे दिन हमारी और निक्की की फोन पे बात चल रही थी और हमेशा की तरह पम्मी अन्दर से सुन रही थी.

अब समझा कि खुल कर बताऊं?मैंने लंड सहला कर पूछा- खुल कर कहने से झिझक खत्म हो जाती है चाची. मैंने अपना लंड एकदम टाइट किया और थोड़ा तेल लगा दिया और उसकी गांड पे भी लगा दिया और धीरे से अन्दर डाला तो उसकी चिल्लाने की आवाज़ आने लगी.

नवरा बायकोचे बीएफ उसको कुछ नहीं आता था, तो सर ने उसको मेरे साथ रख दिया ताकि मैं उसको कुछ बता सकूं. बाकी फिर कभी फ़ुर्सत में लिखूंगी कि आगे मेरी और राहुल को कितनी बार चुदाई की कोशिश हुई या चुदाई हो भी पाई या नहीं हो सकी.

नवरा बायकोचे बीएफ मैंने देर ना करते हुए अपना 8 इंच का लंड एक ही बार में पूरा पेल दिया. प्रभु ने पीछे से आकर उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया और दनादन चोदने लगा.

पीछे से श्लोक ने आकर उसकी चूत में उसका लिंग डाल दिया और जोरदार झटके देने लगा। अब सीमा अपनी चूत में लिंग खाते हुए मेरे लिंग को चूस रही थी, श्लोक के जोरदार झटके मुझे सीमा के मुंह के जरिए अपने लिंग पर महसूस हो रहे थे।थोड़ी देर बाद श्लोक बाथटब पर बैठ गया, सीमा ने उसका लिंग अपने मुंह में ले लिया तथा घोड़ी बनी हुई सीमा की गांड में मैंने अपना लंड पेल कर उसकी गांड की चुदाई की.

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भैया को आने दो, तुम्हें जेल में ना करवाया तो कहना, तुम्हें ज़रा भी शर्म नहीं आई, अपनी छोटी बहन से गंदा काम करते हुए?मैं बहुत डर गया था कि आज तो सब खत्म हो गया है, बस किसी तरह से जान बच जाए और मैं यहाँ से भागूं. ऐसे ही करती जा…बापू ने पद्मिनी के हाथों को अपने लंड पर फेरते हुए उससे यह सब कहा. एक दिन वो मेरे साथ ही जिम से निकलीं, मैं भाभी के बगल से गुजरा तो भाभी बोलीं- हैलो गुड मॉर्निंग.

उन्होंने मुझसे लिख कर बोला था कि मीटिंग में थी, इसलिए कॉल नहीं रिसीव किया. विक्रम ने अपना लंड मयूरी के मुँह में डालकर उसके मुँह की चुदाई करने लगा. अचानक उसकी नज़र मेरी तरफ उठी और मैंने भी उसे नज़र गड़ा कर, उसकी आंखों में आंखें डाल कर देखा तो उसने फौरन सकपका कर अपना मुंह फौरन दूसरी ओर घुमा लिया.

पर अब मेरी बारी थी, मैंने रितु की चूत को कपड़े से साफ़ किया और अपना लंड पेल दिया.

30 बजे शाम को फस्ट क्लास एसी में डी लोअर बर्थ में था और अपर बर्थ अभी खाली थी. मेरी रिश्तेदारी में गंगानगर के पास गाँव में किसी की मृत्यु हो गयी थी और मुझे वहाँ जाना पड़ा. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सैट किया और इस बार जोर का धक्का लगाया तो मेरा लंड लगभग तीन इंच उसकी चूत में चला गया.

लाल जी मेरे बाल पकड़ कर अपना लंड मेरे मुँह में अन्दर बाहर करने लगा. इसलिए आगे से मैं तुम्हारी चूत की पूरी सेवा करूँगा और तुम मेरे लंड की किया करना. तो शरमाती हुई पद्मिनी बोली- वह मैं नहीं उतारने वाली, उसे आप ही उतारो.

मैं कमरे से अपनी एक फ़ाइल लेने के लिए आगे बढ़ा, मैं अभी हल्का सा दरवाजा खोल ही पाया था कि अन्दर का दृश्य देख कर मैं भौचक्का रह गया. कुछ पल बाद मैं भी उसका साथ देने लगी और हम दोनों लोग बहुत देर तक एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे.

फिर उनके चूतड़ों के नीचे एक तकिये को रखा तो उनके चूतड़ ऊपर की तरफ उठ गए, जिससे मामी की चूत और गांड साफ दिखाई दे रहे थे. लेकिन उसका लंड एकदम कड़क था, उसका पानी निकलने का नाम ही नहीं ले रहा था. घड़ी मैंने देखा तो सुबह के आठ बजे हुए थे, मुझे कॉलेज जाने में देर होने वाली थी।मैंने नीचे जाकर देखा तो रसोई में संगीता कांच के टुकड़े इकट्ठे कर रही थी, मेज पर रखा कांच का जग टूट गया था।सॉरी दीदी, मेरे हाथ से छूट गया!” वह रोती हुई सूरत बनाकर बोली।कोई बात नहीं संगीता … मैं नया लेती आऊंगी!” मैं उसे बोली.

कल छुट्टी है तुम पूनम से कोई बहाना बना कर मेरे घर पर आ जाओ, फिर पूरा मज़े लेंगे.

भैया को आने दो, तुम्हें जेल में ना करवाया तो कहना, तुम्हें ज़रा भी शर्म नहीं आई, अपनी छोटी बहन से गंदा काम करते हुए?मैं बहुत डर गया था कि आज तो सब खत्म हो गया है, बस किसी तरह से जान बच जाए और मैं यहाँ से भागूं. थोड़ी देर बाद जब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया, तो मैंने इधर उधर देखा कि कहीं करने की जगह मिल जाए. ये तो बोलो?तब वो बोली- मैंने पिछले 6 महीनों से सेक्स नहीं किया है, मेरा ब्रेकअप हो गया है.

दोस्तो हम दोनों अब जो भी कर रहे थे पूरी नंगी अवस्था में रह कर ही कर रहे थे. मगर तभी शाज़िया ने मुझे इशारा किया तो मैंने उसके पीछे जाकर ब्रा का हुक खोल दिया.

फिर मामी ने मुझे अपने पीछे-पीछे अपने बेडरूम में बुला लिया, वहाँ पर लाने के बाद उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया और बिस्तर पर लेट कर मुझे अपने ऊपर लिटा लिया. उसने अपनी कुछ निशानियां दी थीं, उन्हें देख कर मैं पहचान गया और मुस्कुरा दिया. मेरी बात सुन कर वो बहुत हैरान हुआ और बोला- क्यों ऐसे क्या बात हुई है.

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मैंने अब देर न करते हुए उसकी पेंटी में हाथ डाल लिया और उसकी चूत को सहलाने लगा.

मैंने उससे बात शुरू की, तो वो मेरी फ़ोटो मांगने लगा लेकिन मैंने नहीं दी. उसे बताया कि दीदी ने कुछ नहीं कहा है, थोड़ा टाइम और अलग रहना ज़रूरी है. अगले भाग में आपके सामने मुस्कान की चूत और गांड दोनों छेद खोल कर मजा दूँगा.

तुम्हारे ख्याल से तुम्हारी बहन की ननद माल है, तो फिर तुम्हारी बहन हमारी क्या हुई. कुछ दिनों बाद, जब मैं बुआ जी के साथ गाड़ी में जा रहा था तो उन्होंने कहा- सतीश, वैसे अगर तुम नहीं होते तो अनु तो सच में फंस जाती और कोई और जाने इस बात का कितना नाजायज़ फायदा भी उठाता हमसे, सच कहूँ तो तुमने इज़्ज़त ही बचाई है. हिंदी सेक्स व्हिडिओ हिंदी सेक्सीहमारी शादी के तीन चार महीने बाद इन दोनों की चचेरी बहन की शादी भी थी मेरठ में.

वो नंगी हो कर अपनी चूत में उंगली करती और मैं उसके नाम की मुठ मारता. मैं अब बात आगे कैसे बढ़ाऊं, इस बारे में सोच रहा था कि तभी उसने अपनी किसी सहेली के साथ मूवी देखने जाने का प्लान बनाया और मुझे साथ आने के लिए बोला.

उसने बड़े प्यार से उसको देखा फिर अपने दोनों हाथों से उसको छू कर एहसास करने लगी. उन्होंने सर पलटा कर मेरी आँखों में देखते हुए मेरे होंठों को अपने होंठों में ले लिया और चूसने लग गईं. अब थोड़ा कड़वा तेल ले आओ और बाथरूम में चलो।” आखिरकार वह उठता हुआ बोला।अब यह कड़वा तेल पता नहीं क्या करेगा.

उसने अपना माल मेरे मुँह में छोड़ दिया और निढाल हो गयी, लेकिन मेरा नहीं हुआ था. मैंने खाना खाकर उससे जाने के लिये बोला तो उसने कहा- क्या तुम एक दिन यहां नहीं रूक सकते?मैं बोला- कल सोमवार है मैडम. मैं बोला- आप रूको, अब गर्मी की छुट्टियाँ होने वाली हैं, तो मेरे घर में कोई नहीं होगा.

फार्म हाउस मैं हमारा बूढ़ा वॉचमेन रमेश अपनी दूसरी पत्नी रूपा के साथ वहीं रहता है.

आंटी खुश हो गईं और बस इसके बाद हम दोनों ने दो दो पैग लगाए और एक बार फिर से चुत लंड का खेल खेला. ”पागल हो क्या, अभी तो अनु के साथ थे, अब मुझे कह रहे हो, दोनों हाथों में लड्डू चाहिए क्या तुम्हें?”ऐसी बात नहीं है दीदी, आपको तो पता है.

मुझे देख कर वो थोड़ा हिचकिचाया और उसने मुझसे पूछा- आप कौन?मैं बोली- मुझे सुनीता ने भेजा है, घर का काम करने के लिए. अब तो हम दोनों लोग का जब भी मन करता था, हम दोनों उसके रूम पर जाकर चुदाई करते थे. लेकिन आपके सिवाये मैं किससे ये प्रार्थना करूँ?बाबा ने कुछ देर मौन रखा और आखें बंद कर लीं.

आज हमारी फर्स्ट नाईट है तो … वो बादाम वाला दूध तुमने लाकर रखा या नहीं?आयुषी- वो असल में कल रात से मैं ठीक से सोई नहीं थी ना … मेरे सर में दर्द हो रहा था तो मम्मी जी ने मुझे केटल में कॉफी दी थी, अभी तो मैंने बस वही पी है … आप भी लेंगे क्या कॉफ़ी?आयुषी उत्तर की प्रतीक्षा किये बिना एक मग में कॉफ़ी उड़ेलने लगी. मुझे लग रहा था कि शायद भाभी मुझे और भी ज्यादा फंसाने के मूड में हैं. इतना होते होते लड़की की उम्र सत्ताईस अट्ठाईस हो जाना मामूली से बात है और उतनी उम्र तक बिना चुदे रहना किसी तपस्या से कम नहीं.

नवरा बायकोचे बीएफ पर हां … उत्सुकतापूर्वक उन मॉडर्न छोरियों के हाव भाव उनके स्टाइल्स आत्मसात या सीखने की कोशिश में जरूर लगती थी. हम लोग स्टेशन से बाहर निकले तो वहाँ भी ऐसी कोई कार वगैरह नहीं थी, जो अहमदाबाद जा रही हो.

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मुझे देख कर वो थोड़ा हिचकिचाया और उसने मुझसे पूछा- आप कौन?मैं बोली- मुझे सुनीता ने भेजा है, घर का काम करने के लिए. दोस्तो, मेरा नाम मकबूल खान है और मैं आपको आज अपना सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ. उसके गालों पर, मुँह पर, गले पर, उसके पूरे जिस्म को सहलाते हुए चूमने लगा.

मैं उनके मम्मों को दबाता दबाता, नीचे हाथ ले जाकर उनकी चूत को सहलाने लगा. उनके नहाते ही मैं उठकर बैठ गया और उनके मुरझाये हुए काले लंड मुँह में भर लिया और चुसाई शुरू कर दी. सेक्सी कहानी भाभी कीबाप ने खूब सोच विचार करने के बाद पद्मिनी से कहा- चल अगर तुम अभी टीचर वाली बात नहीं बताना चाहतीं, तो कोई बात नहीं.

फिर उसने बस के कंडक्टर से अपना टिकेट चैक कराया तो पता चला वो तो मेरे ही बगल वाली डबल सीटर पर थी.

तभी मेरे बॉस वहां आ गए और मुझे देख कर बोले- तू यहां क्या कर रहा है? भोसड़ी के तूने इसे होटल समझा है, ऑफिस तेरा बाप जाएगा?इससे पहले में कुछ बोल पाता, सुधा भाभी बोलने लगीं- क्यों डांट रहे हो बेचारे को, मैंने ही बोला उसे चाय के लिए. तेरे आदमी में तुमको चोदने का दम नहीं है क्या? उसका लंड इतना मोटा नहीं है क्या?उसने ‘ना.

मैं सुरेश जी का लंड चूसने में इतना खो गया कि कब उनका लंड मेरे मुँह में खड़ा हुआ और कब सुरेश जी जग कर मेरे बालों पे हाथ फेरने लगे, कुछ भी पता ही नहीं चला. जाते हुए कोमल ने थैंक्स कहा और बोलीं- शाम का डिनर साथ करेंगे, मेरी दोस्त आई है. मैं थोड़ा सा उसकी तरफ को घूम गया और अपना दाहिना हाथ कोमल की जैकेट में डाल दिया.

मैं उनकी इस हरकत से जब नहीं हिला, तो धीरे से बोलीं- मुझे पता है कि तू जाग रहा है, एक्टिंग मत कर.

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तब तक इस कहानी की आपकी प्रतिक्रियाएं हमें[emailprotected]पर जरूर भेजिएगा. वो अभी भी यही समझ रहा था कि यह उसकी माँ का उसके प्रति स्नेह है, हवस नहीं. अब मेरी जीभ उनकी नाभि और प्यूबिक रीजन में उनकी पेंटी के ऊपर घूम रही थी.

तो मैंने पूछा- क्या हुआ?तो उसने बोला- क्या हम लोग किस कर सकते हैं?मैं बिना कुछ बोले ही उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख के किस करने लगा. मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहा उस नाईट हम लोगों ने सुबह 5 बजे तक प्यार भरी बातें की. कामुक चुदाई युक्त यह हिंदी सेक्स कहानी आपको कैसी लग रही है? मुझे मेल करके बताएं![emailprotected]कहानी जारी है.

वो मुस्कुरा दी, तो मैं बोला- अगर आपको कोई हेल्प चाहिए होगी तो आप मुझसे ले सकती हो. उसका नाम जेम्स था, वह चाय का आमंत्रण पाकर बहुत खुश हुआ और अगले दिन आने के लिए हामी भरी. फिर मैंने उसे अपने पास खींच लिया और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए.

मम्मों को दबाना और मरोड़ना और चूसना तो इस तरह से कर रहा था कि क्या बताऊं. जिससे कि मेरी इच्छा भी पूरी हो जाती है और उनकी भी चुदास मिट जाती है.

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उधर विकी मेरे निप्पलों को बुरी तरह से मसले जा रहा था और मैं भी उसके लौड़े को जबरदस्त तरीके से खींच रहा थी. गर्भवती महिला सपने में केला देखनामेरी जान निकली जा रही थी और आँखों से आंसू निकले जा रहे थे, पर उसने मुझे पूरा दबाया हुआ था. సెక్స్ బ్లూ ఫిలిం తమిళ్रात को मैंने बेल्ट वाला डिल्डो बाँध कर उसकी चूत में पेल कर बोला- देख यह चूत तुम्हारी सबसे ज़्यादा कीमती वस्तु है. यह बात आज से करीब 2 साल पहले की है जब मैं अपनी 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर रहा था.

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मैं सोच रहा था कि ये वही लड़की है जिसकी गांड में दो मिनट पहले मेरा लंड फंसा हुआ था. तब चाचा बोले कि यह छोटी नहीं है बहुत खेली खाई है, जब मैं अभी अन्दर आया था तो यह अपनी मौसी के लड़के और बहन के लड़के से चुदाई करवा रही थी. तब तक भाई वहीं बैठ के बाकी बातें बता रहे थे कि कैसे उन्होंने बड़ी बूब वाली के मजे भी मुझे दिलवाये.

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अब तक इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मेरी कामवाली मुझे अपनी पहली चुदाई की कहानी सुना रही थी और उसके ममेरे भाई नेउसकी सील तोड़ दीथी चुकी थी और अब वो उसे दुबारा चुदने के लिए कह रहा था. अगले दिन शाम को जब मैं ऑफिस से निकलने की तैयारी कर रहा था, मुझे एक कॉल आया. हमने फिल्म देखना स्टार्ट किया, कुछ ही देर में फिल्म में हॉट सीन स्टार्ट हो गए.

मैं भी कसमसा रही थी कि ये जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दे और मुझे चोद दे.

उसने अपने सारे कपड़े उतार दिये, रूम की लाइट में उसका जिस्म चमक रहा था, अपना ब्लाउज उसने मेरी आँखों पे बाँध दिया.

वह पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब भी करता है, तो उसने मुझे बताया कि तुम भी मेरी कम्पनी में जॉइन हो सकती हो तो किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. तभी उसने मुझसे पूछा- तुम कपड़े खुद पहन लोगी?मैंने कहा- मुझे अलमारी में से निकाल के दे दो. नागडी पोरगीये लड़की तो लगता है पूरी अपनी मां पे गई है, जैसी मां छिनाल है, साली वैसी ही बेटी है.

मैं बोली- चाचा पूरा डालो गांड में और जमकर चोदो, अभी मत निकालना चाचा. फिर मैंने उसके कपड़े खोल कर उसको ड्रेस पहना दी और उसको किस करते हुए बेडरूम तक आ गये. इधर मैं रणविजय की इलियाना डिक्रूज जैसी दिखने वाली बीवी को ठोक रहा था, उधर वो गोरे रंग और भरे हुए शरीर वाली रीना की चूत को लाल करने वाला था.

इस तरह हमारी बातें शुरू हुईं, उस रात हमने 1 घण्टा सामान्य बातें की और अगले दिन यानि रविवार को भी हम कई बार व्हाट्सैप पर बात की. यह मेरी सच्ची लव स्टोरी थी, आपको कैसी लगी दोस्तों मुझे अपने ईमेल में जरूर बताएं.

उसकी चिकनी मक्खन जैसी बुर देख कर मैं समझ गया कि उसने आज ही अपनी बुर के बाल साफ़ किए थे.

मैंने उसे अगले दिन के किसी होटल में जाकर बात करने के लिए बोला तो उसने कोई जवाब नहीं दिया, मतलब वो तैयार थी. क्योंकि अब वो थोड़ा इंग्लिश भी जान चुकी थी और मेरे से कंप्यूटर भी चलाना सीख लिया था. उसने मुझे चूमते हुए कहा- ठीक है, मगर तुम कपड़े नहीं पहनोगी और ना ही मैं पहनूँगा.

भोजपुरी हिंदी सेक्सी फिल्म कुछ देर तो वो चुप रहीं, फिर बात बदलते हुए बोलीं- तू छुपकर मेरी बातें क्यूं सुन रहा था?मैं बोला- छुपकर नहीं सुनी, मैं तो ऊपर अपने काम से आया था, मुझे क्या पता था कि आप अपने किसी दोस्त से बात कर रही हो. शादीशुदा लेडीज का तो कहना ही क्या; जैसे अपने कपड़े जेवर और बदन दिखाने ही आयीं हों शादी में.

और सही में थोड़ी देर बाद मम्मी बुरी तरह मामा को किस करते हुए बोली- और करो दोनों, मेरी चुत का सारा रस निकाल दो!मामा और उस आदमी ने अब मम्मी को कस कस के चोदना शुरू कर दिया था, गोदी में बैठा के!कुछ देर के बाद शायद मम्मी का गिरने लगा और उन दोनों का भी … मम्मी तड़पने लगी और कस के मामा को जकड़ लिया. मैं उसकी बॉडी को चूसते हुए नीचे की तरफ आ गया और उसकी चुत पे अपना मुँह रख दिया. उसके निप्पल एकदम हार्ड हो गए थे उसके मम्मों को मसलते, चूमते हुए उसके ब्रा का एक स्ट्रिप को कंधे से सरका दिया.

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बुआ का लड़का भी शायद यही चाह रहा था कि मैं उसके लंड के आकार को देख कर गरम हो जाऊं, इसलिए तो वो अंडरवियर में टीवी देखने आया था. अगर पूनम दीदी आ गईं तो क्या होगा?दीपक पिंकी को चोदते हुए बोला- अगर उसने कुछ कहा. मैंने भाभी से कहा कि भाभी आपको डोर बेल बजाना चाहिए न!उन्होंने कहा कि तुम दरवाजा बंद क्यों नहीं रखते?उनकी इस बात पे मैं चुप हो गया.

अब शनिवार को मैं उनके बताए एड्रेस पर आ गया तो उन्होंने अपनी कार निकाली. 00 बज चुके थे और अभी भी हम दोनों नंगी ही थी, एक दूसरी को नंगी देख रही थी.

फर्क था ही नहीं… बिल्कुल जैसे कि पुष्पा ही की तस्वीर थी, जब वह जवान थी तब जैसी ही छवि थी.

मेरे अन्दर समा गई, पर मैं पूरी मस्ती में मदहोशी में थी, तो चाचा का लौड़ा चूसने लगी और चाटने लगी. गद्देदार थे उनके चूतड़, बड़े दिनों बाद औरत के चूतड़ों को इतने करीब से देखने का मौका मिला था. तो उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और मेरे होंठों को चूसने लगे.

जैसे ही मैं उसकी चूत पर पहुंचा, तो उसने एकदम मुझे अपनी जांघों के बीच में कस लिया और मैं उसकी जाँघों को खोल कर उसकी चूत पर किस करने लगा. क्या जादू कर दिया बेबी आज तो तू फोरप्ले करके ही मुझे पूरा सॅटिस्फाइ कर देगा. अब दिव्या के मुख से भी सिसकारियां निकलने लगी थी।एक हाथ से अब मैं ब्लाउज के हुक खोलने लगा, सब हुक खोलने के बाद मैंने ब्लाउज को हटाने की कोशिश की, तो दिव्या ने उठ कर उसे निकालने में मेरी मदद की। उसने वही ब्रा पहनी थी जो मैंने पसन्द की थी, मैंने उसके क्लीवेज पर किस किया, फिर ब्रा की साइड वाली पट्टियों को कंधे से नीचे उतार दिया तो दिव्या के नग्न उरोज मेरे सामने आ गए.

मुझे गाँव के लोग बहुत अच्छे लगते है क्योंकि गाँव के लोग थोड़े व्यावहारिक होते हैं और वो लड़का भी व्यावहारिक था.

नवरा बायकोचे बीएफ: मगर ये नयी उमर के छोरे तो उन रंगीन तितलियों को इम्प्रेस करने के फेर में थे. गाउन निकाल वो हमारी ओर मुड़ी… हमारी नज़र उसकी पिंक ब्रा में छिपे खिले हुए बूब्स पे गयी.

मैंने उससे पूछा- दिव्या, तुम खुश हो ना?उसने नजरें उठा कर मेरी आँखों में देखा और बोली- आप खुश हैं ना?मैंने पलकें झपका कर हाँ में उत्तर दिया तो वो फिर मेरे सीने से लग गयी. इतना बोल कर उसने मेरे लंड की चुम्मी ली, फिर दो तीन मिनट लंड को चूसा फिर उठ कर कपड़े पहनने लगी. नीचे कुछ हो रहा है क्या?भाभी बोलीं- हां यार, मेरी पेंटी भी गीली हो रही है.

मुझे भी थोड़ा दर्द हुआ तो वो अपने होंठ मेरे होंठ पर रख कर किस करने लगा.

फिर मुन्नी जब नार्मल हुई तब फिर चोदना शुरु किया, मैं जोर जोर से आंटी की गांड मारने लगा, मुझे बड़ा मजा आ रहा था. उनके स्तन भी बिल्कुल मेंटेन थे और उनकी गांड भी हल्की सी बाहर निकली हुई थी जिससे कि मुझे उन्हें देखकर अन्दर से सेक्स की भावना जाग गई. मैंने उसका स्कर्ट सही किया और अपना लंड पैन्ट में अन्दर कर लिया और अपनी बहन निशा को फिर सही से गोद में बिठा लिया.