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वसुंधरा के दोनों हाथों की उंगलियां मेरी पीठ के निचले भाग पर दाएं से बाएं, बाएं से दाएं गश्त लगा रही थी. सेक्सी नंगी सेक्सी चुदाईवो बोली- तूने कब देखा?मैंने कहा- जब चाचा घर आते थे तो मैं बाहर से छिप कर आप दोनों की चुदाई देखा करती थी.

मैं दीदी के होंठों को चूमते हुए अपने दोनों हाथों से उनकी गांड को सहलाने लगा. मुस्लिम सेक्सी वीडियो xxxमम्मी कितनी गलत थीं, मैं उन्नीस साल का हो गया था और मेरा लंड भी बड़ा था.

करीब 5 मिनट के बाद उसने मेरा मुँह हटाया और बोली- क्यों रे मादरचोद … कभी कोई चुत नहीं मारी, जो ऐसे पेल दिया … अब रुका क्यों है चोद भैनचोद … फाड़ मेरी प्यासी चुत.क्योंकि बीएफ सेक्सी: अब समय आ गया था कि चूत से एक वास्तविक लंड का मिलन हो, पर मेरे मन में एक भय था.

धीरे धीरे ज्योति को पता चला कि राकेश मात्र आठवीं पास है और कोई काम नहीं करता है तो ज्योति ने उससे दूरी बनाना शुरू कर दिया जो राकेश को बर्दाश्त नहीं है और तमाम तरीके की धमकियां देता है.तभी मालकिन बोली- अब एक काम कर!मैंने उनकी तरफ देखा तो मालकिन ने बिस्तर पर पड़े पड़े ही अपनी साड़ी एकदम से घुटनों के ऊपर तक कर ली.

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मैंने लेने से मना किया तो कहने लगी- तुम्हारे भैया दे गये हैं, प्लीज ले लो.… इसीलिए तो आ जाती हूं ताकि साथ में मिलकर अपना प्रॉब्लम सॉल्व कर लें … आंटी प्रिया है कहां … दिखाई नहीं दे रही है?मम्मी- अच्छा है.

मैंने एक तकिया उसके चूतड़ों के नीचे रखकर उसकी बुर ऊंची कर दी और फिर से उसकी बुर खोलकर लण्ड का सुपारा रगड़ने लगा. क्योंकि बीएफ सेक्सी उन्होंने अपना पेटीकोट और ऊपर खींच लिया और बोली- बड़ा मस्त लग रहा है रे सुरेश … और तेल लगा.

चाची बोली- अब रहा नहीं जाता … जल्दी से अन्दर डाल दो … मुझे अब रहा नहीं जा रहा है.

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और फिर मैं उसके होंठों को जीभ से चाटते हुए उसके पूरे चेहरे को चाटने लगा और वो सिसकारी भरने लगी. मैं उनकी सेक्सी कमर और पेट को चूमता हुए उनके मम्मों को ब्रा से आज़ाद करने लगा. वो अपनी कमर को हिलने लगा और दीदी की चुचियों को धीरे धीरे दबाने लगा.

मैं दिल्ली स्टेशन से बस के जरिए पीतमपुरा आया क्योंकि मेरे अंकल ने मेरी बुकिंग पीतमपुरा के होटल में कर दी थी. मैंने दीदी को अपने ऊपर से उठा लिया और बिस्तर के किनारे पर लेटने को कहा. ”अब देखो मेरी पत्नी को मरे लम्बा अरसा हो गया, कुलदीप को मरे भी छह साल हो गये.

उसके बाद पूरी रात में मैंने भाभी को 4 बार चुदाई का मजा दिया और सुबह 6 बजे ही उसके घर के पास उनको छोड़ कर आ गया. मेरे कमरे में आकर उसने मुझसे कहा- मेरे कॉलेज में मुझे एक प्रेजेंटेशन बनाने के लिए बोला गया है और मुझे बनाना नहीं आता … तो क्या आप मेरी हेल्प कर दोगे?मैंने उससे बोला- हां कर दूंगा. ममता ठिठकी … अचानक राजन ने दोनों बांहें फैला दिन तो ममता भी अपने को नहीं रोक पायी और एक सूखी बेल की तरह राजन से जा लिपटी.

फिर वह मेरे पेट पर किस करते हुए मेरी चूत तक चला गया और मेरी चूत को चाटने लगा. वो कुछ ही पलों में गांड को बड़ी मस्ती से आगे पीछे करते हुए जोर-जोर से हिलाने लगीं.

फिर भानुप्रताप अंकल मेरे पीछे आये और अपने लन्ड को मेरी गांड के छेद पर लगाया और धक्का दिया तो अंकल के लन्ड का टोपा मेरी गांड में चला गया.

वह घोड़ी बन गई, मैंने उसके पीछे आकर उसका पेटीकोट ऊपर किया तो देखा, अपनी चूत शेव करके आई थी.

सच दोस्तो, उसके चूतड़ जब हिल हिल कर मेरी जांघों से टकरा रहे थे, तब महसूस हो रहा था कि उसकी गांड के पहाड़ क्या मस्त चीज बन चुके थे. भैया- तो जान आज शिवम से चुदी थी या नहीं?दीदी- क्या करूं … तुम तो जानते ही हो मेरे अन्दर कितनी आग है, तुम तो रात को आते हो, तब तक मेरी चुत को ठंडा करने को कोई तो चाहिए. एक बार तो उसने मुझे अजीब सी नजरों से देखा मगर फिर रिक्वेस्ट करने पर मान गयी.

दीदी ने अब कुछ पलों का ब्रेक लिया और अपनी अल्मारी की तरफ चली गईं, वो अल्मारी से कुछ निकालने लगीं. साकेत भैया- तो मेरा नंबर ले लो, जब तुम्हें मौका मिले, तब तुम मुझे मिस कॉल कर देना. एक दिन शाम को चार बजे मैं गया तो संगीता और मीना दोनों टीवी देख रही थीं.

कुछ देर बाद वो भी अपनी गांड को नीचे से उठा कर पूरा लंड अपनी चूत में लेने लगी और तेज तेज बोलने लगी- आंह साहिल आई लव यू … मुझे ऐसे ही प्यार करते रहना … आंह … और तेज चोदो मज़ा आ रहा है.

पूजा के बड़े भाई का नाम मनोज है, उसकी दो बेटियां हैं, इक्कीस साल की रीना व उन्नीस साल की मीना. वो दबी आवाज में कराहने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आराम से यार … दर्द हो रहा है. अब तो उसका हौंसला बढ़ गया था और उसने मेरी फुदी पर अपनी उंगली को रगड़ना शुरू कर दिया.

दोस्तो, मेरा नाम शाहीन शेख है, मैं अभी सिर्फ 30 साल की हुई हूँ। शादीशुदा हूँ, लेकिन अभी तक माँ नहीं बन पाई हूँ। शादी को 6 साल हो गए हैं, और मेरे शौहर पिछले 6 साल से हीअपना पूरा ज़ोर लगा रहे हैं। मगर फिर भी मेरी गोद खाली है।अब आप सब के लिए ऐसी कोई ऑफर नहीं है. मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है?मेरा लंड अपने मुँह से निकाल कर वो बोली- बहुत अच्छा लग रहा है भइया … मजा आ रहा है. उन्होंने मुझसे पूछा- तुम यहां क्यों बैठे हो … यहां इतनी रोशनी भी नहीं आती.

फिर मैंने ससुर जी को फोन लगाया तो वो बोले- अगर कोई साधन मिलता है तो तुम लोग उस पर आ जाओ.

मैं आअहह आहह करते हुए अपनी कमर ऊपर नीचे हिला रही थी और उसके सिर को अपनी टाँगों में दबाए हुए दोहरी तिहरी हो रही थी. अब मेरा मकसद एक ही था कि मैं किसी तरह चाची के साथ लेस्बियन सेक्स का मजा लूं.

क्योंकि बीएफ सेक्सी मैंने आलिया की बात सुनकर धीमे से धक्का मारा, जिससे इस बार वो धीमे स्वर में आवाज़ करने लगी. मन तो कर रहा था कि अभी पलट कर उनकी गांड को भी इत्मिनान से निहारूं मगर मैं जल्दी नहीं करना चाह रहा था.

क्योंकि बीएफ सेक्सी वैसे तो यहां काम करने के लिए एक मेड आती थी, लेकिन वो एक महीने की दो हफ्ते की छुट्टी लेकर अपने गांव गयी थी. मैंने कहा- हां जान … मेरा भी बस आने वाला है, किधर लोगी … अन्दर या बाहर?स्नेहा भाभी बोलीं- तेरी मर्जी है.

वो वासना में इतनी जल रही थी कि क्या बोल रही थी, उसको भी नहीं पता था.

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इतने में एक लड़के ने जोर से बोला- चलेगी क्या?मेरी दीदी बहुत शर्मीली टाईप की है, इसलिए वो कुछ नहीं बोली, पर श्वेता दीदी से नहीं रहा गया. मैंने जेठजी की टी-शर्ट को निकाल फेंका और उनकी गर्दन से होते हुए सीने को चूमने लगी. ये उपक्रम कुछ ही देर और चला, तभी दीदी बड़बड़ाने लगीं और मैंने उसके शरीर में किसी सर्प की भांति ऐंठन देखकर स्खलन का अंदाजा लगा दिया.

हमने अनमने मन से हां में सर हिलाया, क्योंकि हमें लगा कि दीदी के कहने से हम घर थोड़े देर से पहुंचेंगे, तो चलेगा. उसने खड़े खड़े ही मेरी टांगों को फैलाया और मेरी चूत को ध्यान से देखने लगा. फिर उसने सहेली के ब्वॉयफ्रेंड के जरिए उसके दोस्त को पटाकर अपनी कामवासना को शांत किया.

मैंने दीदी की गीली पैंटी निकाली और उसको मुंह पर लगा कर लंड को रगड़ने लगा.

मैंने उन्हें ओके कहा और गेस्ट रूम में जाकर फटाफट फ्रेश होकर बाहर आया. कुछ ही समय बाद मेरी शादी हो गई और अब मैं 2 बच्चों की मां हूं और अपनी जिंदगी में खुश हूं।कभी कभी अपने बीते हुए पल को याद करती हूं तो क्जुद पर हैरान होती हूँ कि मजे के लिए मैंने वो क्या कर लिया था. दोस्तो, मैं नीतीश मेरठ से आप सबका चहेता, आज फिर से अपनी एक और सच्ची कहानी लेकर हाजिर हूँ.

तो माज़रा क्या था … वसुंधरा के पहने हुए अंडर-गारमेंट्स थे कहाँ?मैंने इधर-उधर देखा तो परे कोने में पड़ी वॉशिंग-मशीन दिखी. उसे तो मरियल से प्रकाश की आदत थी जिससे कुछ होता जाता नहीं था, बस वो जबरदस्ती करके कभी अंदर कभी बाहर अपना माल गिरा देता था. फिर दीदी ने आलिया तरफ देखकर जीजा जी का लंड हाथ में ले लिया और धीमे से मुँह में डालने लगीं.

फिर सिल्क ने मुझे ऊपर खींच लिया और मेरे मुँह को जो उसकी चूत के रस से सना हुआ था, मेरी नाक, मूंछें, सब कुछ चूत के रस से सराबोर थी, चाटने लगी, अपनी ही चूत के रस को चाटने लगी. आज मैं आपके सामने अपनी उसी सहेली सुमन के मन की बात यानि उसके दिल की फिलिंग्स के बारे में बता रही हूं कि उसके मन में सेक्स को लेकर क्या क्या भावनाएं आती हैं.

लगभग 10 मिनट तक जांघें सहलाने के बाद सर ने मेरी पैंटी उतारी और अपनी 2 उंगली मेरी चूत में चलाने लगे. मैं बोला कि जब मैं तुम्हारे होते वन्दना को चोद सकता हूँ, तो वन्दना के होते तुम्हें क्यों नहीं चोद सकता!ये सुन कर वो हंस दी और मेरी गाल पर चुटकी काट कर बोली- हो तो तुम उस्ताद. मैसेज करके मुझे बतायें कि क्या आप कहानी को आगे भी जानना चाहते हैं या नहीं! मुझे इस बारे में अवगत करायें.

मैंने उनसे पूछा- भाभी आप लोग इतना मेकअप क्यों करती हैं?चूंकि मैं उस टाइम उम्र 19 बरस से कुछ माह कम ही थी, तो मुझे ज्यादा कुछ मालूम नहीं था.

दीदी ने भी मेरी चूत को आजाद करने में देर नहीं लगाई और मैंने भी उनका बखूबी साथ दिया. लेकिन किसी तरह मैंने खुद को कंट्रोल कर लिया क्योंकि गलती मेरी ही थी. दोस्तो, उस दिन के बाद से मेरी सेक्सी मॉम की तरफ देखने का मेरा नजरिया बदल गया था.

हमने थोड़ी चूमा-चाटी की और फिर दोबारा से बाहर आकर स्कूटी लेकर निकल लिये. लंड के सुपारे की मोटाई से मेरी कोमल गांड का फूल चिर सा गया और मैं चीख पड़ी.

जैसे तैसे सुबह हो गयी।अब मैं जल्दी ही दूध लेने चली गई क्योंकि संजय अकेला था तो सोचा कि शायद फिर से उसके लंड के दर्शन हो जायें. दीदी बड़बड़ाईं- पता नहीं तुम लोगों की शर्म कब छूटेगी … हॉस्टल में रहती तो नंगे बदन ही घर में घूम लेतीं. वो मेरी तरफ देखकर बहुत प्यार से मेरे बालों में हाथ फेरते हुए बोली- आई लव यू … आप बहुत-बहुत अच्छे हैं.

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मैंने कहा- तुम जो भी फील करना मुझे बताना, मैं समझ जाऊंगा कि तुम कितना सीख गई हो.

मैं भी कुछ देर बाद सो गई फिर तो मेरी सुबह ही नींद खुली।सुबह मैंने देखा तो वह तैयार होकर जाने की तैयारी में था. ”सोच समझ कर ही किया सब कुछ … राज! सारी दुनिया ने मुझ पर सितम ही ढाये पर आप तो मेरे अपने हो … हो न राज??” प्रेयसी वसुंधरा की आवाज़ वापिस मुलायम हो उठी और आँखों से मोती गिरने लगे. मैं- क्या करूं जीजा जी आपकी बीवी है ही इतनी हॉट माल कि मेरे लंड से कन्ट्रोल ही नहीं हुआ.

वह अपने हाथ से मेरे सर को दबाकर अपना लंड पूरा मेरे मुंह में डाल देता जिससे बहुत सारा थूक आ जाता था. उसके बाद उसने अपने लंड में भी बहुत सारी क्रीम पोत ली और मेरी गांड पर लंड का सुपारा सैट कर दिया. सन 2021 की सेक्सीआज मैंने सोच लिया था कि आज तो किसी न किसी कीमत पर स्वीटी आंटी को चोद कर ही रहना है.

मैंने अपने कपड़े ठीक किये और थोड़ा सा मेकअप किया और फिर से नीचे आ गयी. तभी मैंने दीदी की एक सहेली का कमेंट्स पढ़ा- हां यार, शिवम तो तेरा ही है.

मैं उसकी खूबसूरती देख कर सोचने लगा कि भगवान ने इसे बड़ी फुर्सत से बनाया होगा. कहानी के पिछले भाग में मैंने बताया कि बड़े वाले सेठ ने मेरी चूत को चोद कर अपने रस से मेरी चूत को भर दिया था. उसमें लिखा हुआ था- हाँ बोलो?मैंने बोला- आपने मेरी बात का जवाब नहीं दिया?उसने बोला कि उसके हसबेंड आ गए थे तो नेट ऑफ कर दी थी, अभी नहीं हैं तो मेसेज किया.

मैंने कहा- आह्ह … मेरी कुतिया, मुझे भी तेरी चूत चोद कर बहुत मजा आ रहा है. अगले ही पल दीदी ने अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख दिया और मुझे प्यार करने लगी. थोड़ी देर में वो किताबें लेकर आ गई और बोली- दादू, आज मेरा आने का मन था नहीं लेकिन आपने बुलाया तो मैं आ गई.

ब्वायफ्रेंड के साथ तो सेक्स नहीं हो सकता था क्योंकि मेरा कोई ब्वायफ्रेंड बना ही नहीं था.

हम सब नंगे ही टेबल पे नाश्ता करने लगे।आखिर में मैम फ्रीज़ से आइसक्रीम लायी. नमस्कार दोस्तो, यह मेरी पहली सच्ची घटना है मामी की चुत चुदाई की; अगर कुछ गलती हो जाए तो नजरअंदाज कर दीजिएगा.

पैंटी के अंदर हाथ डाला तो उंगलियां उसकी चूत के रस से चिपचिपी हो गयीं जिसे मैंने मुंह में डालकर उसकी चूत के पानी का स्वाद चखा।नमकीन सा स्वाद था उसकी चूत के पानी का जो मुझे काफी पसंद आ रहा था. सेक्स का कोटा तो दिन में पूरा हो चुका था, फिर भी राजन ने कोशिश की कि बेटा जल्दी सो जाए, पर उसे तो पूरे हफ्ते की बात पापा से करनी थी तो वो उनके बीच ही सोया. जोर से चोद साले … और जोर से … लगता है मादरचोद में दम ही नहीं है … दी … भाभी इस गांडू के पीछे से आकर जोर लगाओ न.

एक कारण यह भी था कि इससे पहले श्वेता कभी मेरे इतने करीब नहीं आई थी. ममता ने उससे कहा भी ‘डिनर भी साथ ही बना दूँगी’ पर राजन ने मन कर दिया. वो तेजी से मेरी चूत में अंगूठे को चलाने लगा और बोला- बंध्या तेरी बुर बहुत रसीली और गहरी है.

क्योंकि बीएफ सेक्सी मारिया आंटी- अच्छा … तुम तो काफी बड़े हो गए हो हां … वैसे आज मुझे ऑफिस में कुछ ज्यादा काम नहीं है. इस बार भी भैया का जवाब हम नहीं सुन पाए, पर दीदी ने फोन रखने के पहले दो तीन बार थैंक्स … थैंक्स कहा.

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नमस्कार दोस्तो, यह मेरी पहली सच्ची घटना है मामी की चुत चुदाई की; अगर कुछ गलती हो जाए तो नजरअंदाज कर दीजिएगा. तब दीदी कराहती आवाज में बोली- अब नहीं होगा मुझसे … बहुत दर्द हो रहा है. उसने जैसे ही करवट बदली मैंने अपने होंठ उसके होंठ से सटा दिए और उसे चूसने लगा। चूसते चूसते मैं उसके बूब्स भी दबा रहा था वो भी मेरा साथ दे रही थी।फिर वो अलग होकर मेरे कपड़े उतारने लगी, मैंने भी उसके कपड़े उतार दिए.

और अब उसके हाथ की सभी उंगलियाँ मेरी फुदी के उपर मेरी टाइट पजामी पर घूम रही थी. फिर वो बोले- लेकिन मम्मी आज सुबह ही बंध्या ने उन दो सेठों से मिलने से ऐेतराज कर दिया था. देशी हिंदी सेक्सी वीडियोपांचवें दिन मैंने मम्मी से पूछा- मम्मी हमारे कॉलेज का ग्रुप गोवा जा रहा है, वहां मैं भी चली जाऊं क्या … प्लीज़!मम्मी- कौन कौन जा रहा है?मैंने अपनी 4-5 सहेलियों के नाम बता दिए.

वो तैयार होकर मेरे पास आया और मेरे होंठों को चूमते हुए मेरे दूध को दबाया.

इसके लिए मैं गर्लफ्रेंड कोट्स और गर्लफ्रेंड वाली शायरी की पोस्ट ही डालता था. … क्योंकि मम्मी की तबियत कुछ खराब थी, तो उन्हें डाक्टर के पास जाना था … इसलिए दीदी जल्दी से कॉपी को अपने बेड के नीचे रख लिया और चली गई.

बाहर बेटे ने जिद पकड़ ली कि रात को मूवी देखेंगे और डिनर बाहर ही करेंगे. अगली बार क्या पता दो साल या 4 साल या सारी जिन्दगी इंतज़ार करो … और रही मां पापा की बात, आपके पास इतना समय बहुत है, इतने में तो मैं आपको जन्नत के दरवाजे तक 3-4 बार ले चलूंगी और तब तक ले जाती रहूँगी, जब तक आप खुद ना कहो कि बस मोनिका बस … अब और नहीं. वो मुस्कुराते हुए मेरे पास आकर बैठ गया और जो इंसान अब तक दबा रहा था, निचोड़ रहा था … वही इंसान अब मुझे ऐसे छूने लगा, जैसे मैं पानी का बुलबुला हूँ और उसके छूने से टूट जाऊंगी.

अगर दर्द होगा तो हम फिर कभी करेंगे।वो ना नुकुर करने लगी अंत में मान ही गयी।अब मैं उठा और अपने लण्ड को एक हाथ से पकड़ कर उसके मुँह के पास चला गया और उसे चूसने को कहा.

उसकी इस बात पर मैंने भी बेशर्मी से कहा- तू तो ऐसे कह रही है … जैसे कि मेरी चूत में इतना बड़ा एक फुट का डिल्डो चला ही जाएगा. बीच बीच में वो हाथ आगे लाकर मेरी चूचियों को भी पकड़ कर मसल देता था जिससे मुझे बहुत आनंद आ रहा था. उसने उठते हुए जानबूझ कर अपनी टांगों को ऐसे खोला कि मेरी नज़र सीधा उसकी काली कच्छी पर गयी.

इंग्लिश इंडियन सेक्सीमैं भी उसे कभी धीरे तो कभी तेज चोदने लगा ताकि हम दोनों चुदाई का पूरा मज़ा ले सकें. मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और मेरे मुँह से ज़ोर ज़ोर की सिसकारियाँ निकलने लगी.

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जैसे ही मेरा हथियार बाहर निकला, वो देख के बोली- इतना बड़ा?उसने डर से कहा- प्लीज़ हम फिर कभी करेंगे. अभी भी मेरे पास ई-मेल आते रहते हैं और मैं उनके साथ सुहागरात मनाने जाता रहता हूं. वे मेरी चूची को पीछे से दबा रहे थे उर मेरे चूतड़ों पर हल्के से थप्पड़ मार रहे थे.

चूंकि इस समय दिन का वक्त था और कोई भी आकर हमारे रंग में भंग न डाल दे, इसलिए मैं फुल स्पीड में भाभी को चोदने लगा. मैं उससे बोली- ये करना है … करोगे प्लीज़?वो एक बार में तैयार हो गया. कसम से इस वक्त क्या मजा आ रहा था, ऐसा लग रहा था कि मैं उसे नहीं … वो मुझे चोदना चाहती है.

मैं तो बस अब धीरे धीरे दिन काट रहा था … क्योंकि सोमवार को मैं सपना से मिलने वाला था. हनी के पिता रेलवे में नौकरी करते थे और वो अपने माता पिता की इकलौती सन्तान थी. उसने तुरंत पूछा- खाना कौन बनाता है फिर?मैं बोला- बाहर होटल में खाता हूं.

‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’जेठ जी का मोटा लंड मेरी बच्चेदानी से जा टकराया और वो ताबड़तोड़ चुदाई करने लगे. थोड़ी देर ऐसे ही रुका रहा कुछ देर के बाद प्रीति की गांड हिलाने लगी और हल्के हल्के झटके मारने लगी.

जीजा जी नताशा के मम्मों को दबा रहे थे और वो दोनों अभी किस कर रहे थे.

बीच में ही मैं भी अपनी कमर को ऊपर नीचे करके चुत में धक्के लगाने लगा. क्सक्सक्स इंडियन सेक्सी विडिओदोस्तो, मेरी चूत चुदाई का पहला एक्सपीरियंस आपको पसंद आया? तो मुझे मेल करके या कमेन्ट ककरे बतायें. करीना कपूर की सेक्सी सेक्सी वीडियोआपके सुझाव से ही कहानी लिखने में सुधार आता है और प्रेरणा मिलती है।मेल ID:[emailprotected]फेसबुक ID: https://www. मैं अब सीधे ही मालकिन की कमर को पकड़ कर नीचे से ऊपर जोर जोर से धक्के मारने लगा और फिर एकदम उनकी कमर जकड़ कर नीचे से ऊपर जोर से आखिरी धक्का मारा.

फिर आख़िरकार उसने एक चुंबन मेरी फुदी के होंठों पर भी छोड़ दिया और फिर मेरी फुदी को नोच नोच कर चूसने लगा.

फिर एक दिन उसी ने मुझसे कहा तुम बाहर फ्लैट लेकर क्यों नहीं रहतीं?मैं- नहीं … डैडी बोलते हैं कि बाहर सेफ नहीं है. धीरे से मैंने अपना हाथ उसकी सलवार के अंदर डाल दिया और पैंटी के ऊपर से ही हाथ फिराना शुरू कर दिया. वो मेरी चूत में जीभ से चाटने लगी और मैं पीछे से हाथ ले जाकर उसके चूचों को दबाने लगी.

आजकल मैं अपने काम में बहुत बिजी रहती हूं, तो मैं सभी को रिप्लाई नहीं कर पाती हूँ. चाची बोली- अब रहा नहीं जाता … जल्दी से अन्दर डाल दो … मुझे अब रहा नहीं जा रहा है. मैंने मनु के घर अपने मोबाइल से फोन किया और परमीत के घर जाने की बात कही, तो मनु ने हां कह दिया.

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मेरे हाथों की लगाम को पकड़ो और अपनी चूत की सवारी मेरे लौड़े पर शुरू कर दो. वो कहते हैं ना कि जहां चाह वहां राह!मैं बॉस के केबिन में गया, गुड मॉर्निंग बोली. मैसेज करके मुझे बतायें कि क्या आप कहानी को आगे भी जानना चाहते हैं या नहीं! मुझे इस बारे में अवगत करायें.

वो शायद किसी और लड़की के साथ भी काफी बार सेक्स कर चुका था, इसलिए साफ़ मालूम चल रहा था.

मैं जैसे ही खड़ी हुई, मेरी नाइटी नीचे गिर गई और मैं पूरी नंगी हो गई.

मैं बोला- अच्छा!उसके बाद सुषमा ने पूछा- कहाँ से हो आप?मैं- बिलासपुर … और आप कहाँ से हो?सुषमा- प्रोफाइल में पढ़ लो. वसुंधरा के दोनों हाथों की उंगलियां मेरी पीठ के निचले भाग पर दाएं से बाएं, बाएं से दाएं गश्त लगा रही थी. सेक्सी वीडियो जीजा साली केसंगीता को दिलासा देते हुए मैं लण्ड को अन्दर सरकाना जारी रखे हुए था.

उसने पहले हमें बैठने को कहा, फिर पूछा कि उपहार किस मौके के लिए है और किसके लिए है?इस पर हमने जन्मदिन का अवसर कहा और फ्रेंड के लिए बता दिया. मेरी चूत ने रस बहा दिया, तो मैं अपना वजन बिस्तर पर रखते हुए लुढ़क गई. इधर दीदी का चेहरा देखकर और बात सुनकर मेरी हवा निकल गई थी, क्योंकि रात रुकने का कोई प्रोग्राम नहीं बना था और दीदी का आज बर्थ-डे है, हमें ये भी नहीं पता था.

लौट के वो आई तो मेरा लन्ड पकड़ के बोली- एक बार और हो जाये?मैंने उसे कहा- तो देर किस बात की?तो उसने हिला के, चूस के मेरा लंड खड़ा किया. दोस्तो, ये थी मेरी अनजान भाभी सेक्स स्टोरी … आप लोगों को कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं.

उसके बाद हम दोनों ऐसे ही काफी देर तक एक दूसरे के साथ नंगे जिस्मों के साथ चिपके रहे.

उफ्फ काम की देवी का रूप … बिखरे बाल … जगह जगह मेरे चूसने का निशान मेरे वहशीपन का सबूत!मैंने उसकी चूची को जोर से मसल दिया. मैं चुप-चाप छोटे-छोटे डग भरता हुआ वसुंधरा के दायें बाज़ू की पहली कुर्सी पर आ बैठा. अब मैं पूरे लंड को बाहर निकाल कर फिर से पूरे लंड को अंदर कर रहा था.

सेक्सी कहानियां मेरी मालिश खैर … उनसे बात करके मुझे भी अच्छा लगा और उन्होंने भी मुझसे प्रसन्न होकर मेरा नंबर ले लिया. मैं सोच रही थी कि मेरी चूत की पहली चुदाई से निकलने वाले खून और कामरस के निशान चादर पर होंगे.

अब 2 मिनट बाद वहाँ से ट्रेन चली गयी और मैं स्टेशन से थोड़ा दूर आ गयी सन्नाटे में!वो दोनों चोदू मर्द अब भी मेरे पीछे आ गए थे। अब उसमें से एक आदमी ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मुझे चूमने लगा पीछे से!अब आगे वाला मेरे सामने आया और मेरे ब्लाउज में हाथ डाल कर मेरे दोनों बूब्स को दबाने लगा और बोला- बहुत तड़पाया है रानी तुमने! अब तुम्हारी सारी जवानी चूस डालूँगा. अब मेरा वीर्य निकलने के कगार पर आ पहुंचा और उस असीम आनंद को भोगने के लिए मेरी आंखें भी बंद हो गईं. मेरी इस बात पर वो हड़बड़ा गया और बोलने लगा- नहीं दीदी, मुझे नहीं मालूम.

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आपको मेरी रंडी बीवी की चूत चुदाई की कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मुझे मेल करके बताना. मैंने खड़े होकर ड्रावर खोला तो देखा कि उसमें कंडोम के कई सारे पैकेट रखे थे. मैं गर्मियों की छुट्टियां बिताने के लिए कुछ दिन अपने मामा के घर जाने वाला था.

तो दोस्तो, मेरे जवान जिस्म की चारों ओर से हुई जोरदार चुदाई की डर्टी कहानी आपको कैसी लगी?मुझे जरूर बताना!मेरी मेल आई डी तो आपके पास है ही!आपकी चुदासी रजनी[emailprotected]. मैंने उससे शाम को लेने आने का कह दिया … इस पर वह ख़ुश हो गयी और बोली- ठीक है … पांच बजे आ जाना.

मगर चाची की हाँ न होने से मुझको ऐसा लग रहा था कि मुझे ही उनके दूसरे बच्चे का कुछ इंतजाम करना पड़ेगा.

जब उससे रुका न गया तो वो मेरे लंड पर झुक गयी और मेरे लंड को उसने मुंह में भर लिया. किताब मेरे हाथ में देखकर मीना बोली- क्या पढ़ रहे हो देवर जी?मैंने किताब बेड पर रखते हुए कहा- जो पढ़ना था, पढ़ लिया, अब मुझे अपने आंचल में छुपा लो. अब शाम को जल्दी आ जाना, मैं कंट्रोल नहीं कर पा रही हूँ बहुत दिन हो गए हैं.

मैंने इससे पहले कभी भी सेक्स नहीं किया था, सिर्फ सन्नी लियोनि या अन्य पोर्न स्टार्स के सेक्स वीडियो ही देखे थे. पैरों का स्पर्श नरम नरम मुलायम सा था … पर मुझे तो कुछ अलग ही आकर्षण लगने लगा था. उनमें रोपे गए संस्कार की ही प्रेरणा से हम लोगों ने भी झुककर अंकल को प्रणाम किया, फिर हम सोफे पर बैठ गए और सामान्य वार्तालाप के साथ ही नजर बचाकर घर को भी देखने परखने लगे.

क्योंकि वह बहुत अच्छा था इसलिए मुझे उसे नंबर एक्सचेंज करने में कोई परेशानी नहीं हुई.

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तभी विवेक झुका और घुटनों के पास से मेरी नाइटी पकड़कर धीरे-धीरे ऊपर करने लगा।मैं विवेक को बोली- मुझे शर्म आ रही है, प्लीज इसे रहने दो. इनमें से कुछ तो मुझे अपनी बहू समझते हैं, कुछ भाभी समझते हैं और कुछ अपनी रखैल की तरह समझते हैं. वो पीछ से मेरी चोटी पकड़ कर बोली- बंध्या, साली छिनाल, तू कब से ये सब कर रही है? सच बता मुझे.

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बार-बार मेरा अंगूठा उसकी चूत पर फंसे जांघिया को उठा कर अंदर तक एक राउंड लगा कर आ रहा था. फिर हम सभी नाश्ता खत्म करके बातें करने लगे … और वो दोनों हॉल में चली गईं. कोई दस मिनट पीठ दबाने के बाद, भाभी बोलीं- वो दवाई वाला तेल भी लगा दे.