कानपुर की बीएफ सेक्सी

छवि स्रोत,सेक्स विज्ञान

तस्वीर का शीर्षक ,

स्कूल गर्ल xxx वीडियो: कानपुर की बीएफ सेक्सी, मुझे विश्वास है कि वो भी तुम्हें देखने की जिद करेगी, तब मैं उससे पैसों के बारे में बात करके तुम्हें मुठ मारते हुए दिखा दूँगी.

मंगलसूत्र की डिजाइन दिखाओ

ये सुन लेगा आप भी ना!टीना ने मॉंटी को ज़ोर-ज़ोर से हिलाया और आवाज़ दी मगर उस पर कोई असर नहीं हुआ।ये सब सुमन आँखें फाड़े देखती रही।टीना- कुछ समझ आया? ये कुंभकरण का बाप है. ऐश्वर्या सेक्स व्हिडीओहमने सभी ने साथ ही खाना खाया, मैंने मनोज की पसंद का खाना बनाया था- खीर, आलू की मटर की सब्जी, रायता और काजू कतली ये बाहर से ले आये थे.

कुछ ही देर में मुझे एहसास हुआ कि मेरी चूत के अन्दर गुदगुदाते हुए कुछ तो गर्म सा निकल रहा है, उस वक़्त कुछ अलग सा आनन्द मिलने लगा था. गांड कैसे मारते हैंऔर लंड का पिछला हिस्सा एकदम काला रॉड के जैसा तना हुआ था, उसके नीचे दो गोले लटक रहे थे, गोले को देख कर मैंने गौर किया कि मामा जी ने लंड के बाल की सफाई की है वो भी आधे जाँघ तक की बाल की सॉफ किए हैं, इसलिए आधे जाँघ से ऊपर की भाग बिल्कुल साफ सुथरा और चमक रहे थे.

तुम्हें मालूम ही नहीं है कि चुत के बाल कैंची से नहीं, रेजर से साफ़ करते हैं.कानपुर की बीएफ सेक्सी: लो उतार दिया पजामा, हो गई पूरी नंगी… अब चोद दो मुझे प्लीज!”तुमने तो मजा बिगाड़ दिया, अब तुमको तड़पाऊँगा बहुत ज्यादा”आआअ स्स्स्स चूसो पूरा दूध पी जाओ आआआह आआ आआअ!”बहुत टेस्टी है.

मुझे ये देख कर बड़ा अजीब लगा क्योंकि मेरे बेटे का लंड 6 इंच लंबा था, जब कि मेरे शौहर का लंड भी मुश्किल से 4 इंच का था.चन्दन ने अपनी सास की चूत पर हाथ रखते हुए कहा- अरे अभी तो आपका पेट चूमा है, यहाँ चुम्बन करूँगा तब क्या होगा?सास ने तुरंत चन्दन का हाथ अपनी चुत से हटा दिया.

फोटो नंगा करने वाला ऐप - कानपुर की बीएफ सेक्सी

फिर मैंने कुछ देर बाद अपना लौड़ादीदी की चूतपर रखा और धक्का मार दिया, बुर चिकनी और टाईट थी इसलिए लंड फिसल गया.दोस्तो, ऐसे लिखने में ना मुझे मजा आ रहा है और ना आपको पढ़ने में आएगा तो चलो फिर से एकदम आराम से सब के पास चलते हैं.

मैं पिछले पंद्रह दिनों से दिन रात एक किये हुए था, न ठीक से सोना न खाना. कानपुर की बीएफ सेक्सी वैसे वहाँ के वार्ड बॉय दिखने मैं काफी अच्छे थे क्योंकि प्राइवेट महंगा अस्पताल था.

मैं- इफ़ यू डोंट माइंड, मैं तुम्हें सॅटिस्फाइ कर सकता हूँ।यह सुनते ही वो बोली- अरे नहीं, इट्स ओके.

कानपुर की बीएफ सेक्सी?

मैंने धीरे से देखा तो एक लड़की मस्त गाउन में खड़ी फ्रिज से पानी की बोतल निकाल रही थी. मैं उसकी फुद्दी को चाटना चाहता था पर वहाँ स्पेस कम था तो उसने मना कर दिया. अब तो मेरी और फट गई, मैं बदहवास हो गया, क्योंकि ऎसी बेइज्जती से तो मरना बेहतर है, मैं आत्महत्या का विचार मन में लाने लगा और ऐसे ही सोने के बहाने लेटा रहा.

मैंने हालात को देखते थोड़ी हिम्मत करते हुए उसकी ब्रा खोल दी और फिर आराम से उसकी कमर मसलने लगा. फ़िर संगीता ने अपनी जीभ चन्दन के होंठों से बीच में सरका कर अन्दर मुँह में डाल दी. मैंने दुबारा पोजीशन लेकर लंड अंदर डाला, वह धीरे धीरे सारा लंड अंदर ले गई.

कुछ देर सहने के बाद उसने मेरे सर के बाल खींचे और अपने लंड से वो धकापेल मेरा मुँह चोदने लगा. मैंने वैसे ही किया, जब मैं मामा जी के लंड पर बैठ गयी तो मेरी सीधी वजन के वजह से मेरे चूतड़ मामा जी के गोलों में सट गये जिससे मामा जी का लंड और ज्यादा मेरी गांड के अंदर समा गयी, शायद पहले से भी ज्यादा. अब हम दोनों फुल गर्म थे, मैंने इशारा किया और उसको डौगी स्टाइल में ले आया.

उन्होंने एकटक मुझे देखा, मैं घबराकर जाने लगा तो वो बोलीं- अरे स्माइली, प्यास लगी है पानी तो पिला दे यार. भाभी ने बहुत दिनों से सेक्स नहीं किया था इसलिए वो बहुत भूखी थीं। भूखा शेर और सेक्स की भूखी औरत को कंट्रोल करना मुश्किल होता है, सही से ना कर पाओ.

मैं तो उसे अब अपनी जीभ से चोदने लगा और वो मेरा सर पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी.

जब हम दूसरी मंज़िल पर गए तो वो लड़की मुझे फिर से दिख गई और मैं नज़रें झुका कर तीसरे कमरे में चला गया.

उनके बड़े चूचे साफ दिख रहे थे और उन पर काले निपल्स एकदम उठे हुए थे. सासू माँ जमाई के सर को जोर-जोर से अपनी चुत पर दबाने लगीं और जमाई भी जोश में आकर सास की चूत को चूसने लगा. ये चाय छानने के लिए चले गए तो मैंने जोर दिया- बोलो न मनोज, क्या बात है? कैसे कम चल रहा है?वो बोला- फिर कभी बताऊँगा!कह कर बाथरूम चला गया और ये भी चाय लेकर आ गए.

अब ठीक से बताओ ना क्या करना है?टीना- अरे मेरी भोली बहन, हाथ कंगन को आरसी क्या और पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या. तभी एक लड़का मेरे मुँह में अपना लंड घुसा कर जोर जोर से आगे पीछे करने लगा. चूंकि मेरी बेटी अभी छोटी थी, इसलिए उसे इस सबसे कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा था.

उसने नीतू के सर को कस के पकड़ लिया और अपना सारा रस उसके हलक में उतार दिया.

तेरा भाई साला छोटे लंड वाला बिज़ी आदमी है… तुझमें कितना दम है, देखती हूँ. मेरी इस हरक़त से उसकी बुर से पानी निकलने लगा, जो मेरे हाथ में मुझे महसूस हो रहा था. मेरा लंड जब उसके मुँह में जा रहा था तब बहुत ही सुख का अनुभव हो रहा था.

अब हम दोनों रोज रात मैं घण्टों बात करने लगे, मैं उससे बहुत प्यार करने लगा बहुत ज्यादा. फिर मैंने इस दौरान भाभी के मम्मों को भी चूसा और जोर से लंड के दमदार झटके देने लगा. क्या शानदार नजारा था! मेरा सपना पूरा हो गया था… मेरी सुन्दर गोरी बीवी आह-ओह… सी-सी… करती हुई अपने तीनों छेदों में तीन लंड लिए हुए अपना बाजा बजवा रही थी.

मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो कुछ पल के लिए जैसे मेरी आँखें ठहर सी गई, सामने चांदी से चमकते बदन पर ब्लैक साड़ी में एक अल्हड़ जवानी को देख मैं मन्त्र मुग्ध सा हो गया.

इसके बाद उन्होंने कहा- तुम्हारा तो हो गया मगर मेरा क्या??मुझे उनकी बात सुन कर अच्छा नहीं लगा, मैंने अपनी तसल्ली तो कर ली, अब वो जगह सही नहीं थी कि मैं उन्हें वहाँ पर चोद सकूँ तो मैंने उनकी साड़ी को ऊपर करके अपना हाथ अन्दर डाला और आंटी की चूत को सहलाने लगा. अभी तो मैं तुम्हें तुम्हारे हर छेद में पूरी रात चोदूँगा।मेरीकामुकता भरी कहानीजारी रहेगी.

कानपुर की बीएफ सेक्सी ” चन्दन ने सासू माँ के शरीर की तारीफ़ की तो सासू माँ एकदम किसी कमसिन लड़की की तरह शरमा गईं. मैं बस आ ही गई; इस पल को अच्छे से महसूस करना चाहती हूँ; लंड की धड़कन को, इस सुखद अनुभूति को अपनी यादों में बसा लेना चाहती हूँ हमेशा के लिए!’ वो मेरा माथा चूमती हुई बोली और अपनी चूत ऊपर की ओर उठा दी.

कानपुर की बीएफ सेक्सी बैंक के कर्मचारी उन्हें जानते थे, सबने कहा कि बहुत ही सज्जन व्यक्ति हैं. अब जमीला को भी स्लैब पर बिठा दिया और उसको भी एक बीयर की बोतल दे दी.

वो कैसे कुछ देख पाएगा?सुमन- ओह दीदी आप सच में ग्रेट हो… ऐसे तो मैं भी ठीक से देख लूँगी.

मोती भाभी का सेक्स वीडियो

आज उसने जो मॉर्डन ड्रेस लिए थे, उनमें से एक ब्लैक जींस और उस पर रेड टॉप पहना था, जिसमें उसकी सुंदरता का बखान करना मुश्किल है. ‘चल तो बहुत कुछ रहा है मन में वैसे, बस आपके साथ एक रात गुजारने को मिल जाये भाबी जी, माँ कसम मज़ा आ जाये!’ विभूति अपने दिली अरमान बड़बड़ाते हुए बोला. कभी कहता ‘गांड दे दे’ कभी कहता ‘मौसी तुम्हारे बोबे बड़े मस्त हैं’ कभी निकर उठा कर उसको अपना लुल्ला निकाल कर दिखाता और कहता ‘आजा ले ले इसे’.

‘कुछ नहीं तिवारी जी, मेरी कॉलेज की सहेली का फोन था, बता रही थी कि वो आज कानपुर आ रही है. मैं कैंची लेकर अपने कमरे में आ गई और नंगी होकर अपनी झांटें काटने लगी. मगर जब अपने पापा का लंड उसने सीधे चुत पे महसूस किया तो उसकी जान निकल गई.

सब एक साथ बैठ कर नाश्ता कर रहे थे फ्लॉरा ने जालीदार नाईटी पहनी हुई थी और अन्दर कुछ भी नहीं था.

आपकी बीवी तो आपसे बहुत खुश रहेगी।फिर मैंने उसके मुँह में जीभ डालकर उसको फ्रेंच किस किया।उसने कहा- चलो अब बहुत हुआ. शायद तब वह गर्म थी और मेरे मुँह से चोदना शब्द सुन कर कुछ भी करने को तैयार हो उठी. एक मेरी चूची मसल रहा था, एक चूची काट रहा था, एक मेरे मदमस्त होंठों को अपने होंठों से चूसे जा रहा था, एक मेरे नर्म नर्म गालों को अपने दाँतों से चबा रहा था और मेरी गांड मसल रहा था और एक मेरी सबसे बड़ी अमानत यानि मेरी चूत को मसल रहा था, मसलते-मसलते वो उंगली भी कर देता था जिससे मैं चिहुँक जाती थी.

तुरंत दो मिनट के अंदर सपना नीचे आई!जैसे ही वो नीचे आई, थोड़ी डर गई पर उसने सोचा कि मैंने कुछ नहीं देखा. अब राहुल के कहने पर मैंने फिर से ऋतु को लेटा दिया और उसकी चूत में लंड घुसा कर उसकी चुदाई शुरू कर दी. मैं बस ऐसे ही प्यार कर रहा हूँ तुझे!”आपका ऐसे ही मैं जानती हूँ कैसा होता है.

मजा दो इसे!इतना कहते ही राहुल ने मेरा लंड पकड़ लिया और उसके आगे पीछे करने लगा. उधर टीना और बरखा भी समझ गई थीं कि अब लोहा गर्म है तो हथौड़ा मार देना चाहिए.

मैं यही सोच रहा था कि कब चाची सोएं और मैं उनकी चूत के दर्शन करूँ पर मेरी उम्मीदों पर पानी तब फिर गया जब चाची बोलीं कि चलो छत पर सोते हैं. मैं समझ गया कि ये मेरी बहन मुझसे कितना प्यार करती है और मैं भी अपनी सिस्टर को प्यार करता था. अब मेरा लंड उसकी चुत के होंठों को टच कर रहा था और उसकी जाँघों में फंसा हुआ था.

अब सबीना मेरे मस्ताना पे जोर से उछलने लगी मैं सबीना की बड़ी गांड पर दोनों हाथों से जोर जोर से थपकी देने लगा.

दाएं हाथ से उसने मेरी पैंट टहोक कर उसकी जिप खोलते हुए मेरा खड़ा लंड स्वतन्त्र कर दिया. फिर उसने मुझे बिठाया और मेरे मेरे गाउन की बेल्ट खोल कर उसे उतार दिया. और अब तो वे मुझे बेडरूम तक भी जाने नहीं दे रही थी। वहीं डाइनिंग हाल में सोफे पर उन्होंने मुझे बैठने को कहा.

उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे, वह मेरी पकड़ से छुटने का असफल प्रयास कर रही थी परन्तु मैंने उसे पूरी तरह से जकड़ा हुआ था. मैंने मन में सोचा कि अभी तो राहुल कह रहा था तुम मेरी जान हो और मेरे ऊपर सिर्फ उसी का हक़ है और अब कितनी आसानी से जय को बुला लिया.

उधर एंड्रयू ने मेरी बीवी की गुलाबी सुगन्धित चूत को चाटना शुरू कर दिया था. मैंने जैसे ही उसके लंड को टच किया, वह थोड़ा पीछे हटा और मुझे देखा और नशे में थोड़ा मुस्कुराया. मैं वापिस आकर सो गया कि कल घर जाकर इसके मोबाइल पर चुदाई की रिकॉर्डिंग देख लूँगा.

किन्नर सेक्सी व्हिडिओ

तभी राहुल मेरे पास आकर मेरे लंड को देख कर बोला- वाह, लंड तो बहुत अच्छा है तुम्हारा, तुम डर क्यूँ रहे हो? करो जो कर रहे थे.

वो उसे अब पहले से ज्यादा तेजी से चूसने लगी और अपनी जीभ का भी इस्तेमाल कर रही थी और अपने दूसरे हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर हलके से दबा भी रही थी. हैलो फ्रेंड्स,मैं अंजलि शर्मा अपनी आगे की सेक्स कहानी लेकर फिर से वापिस आ गयी हूँ. मैंने कहा- ढीली कर!फिर करीब तीस मिनट में हम दोनों निपट गए। दोनों यूं ही खटिया पर सुबह तक लेटे रह.

जब भी मुझे घर से बाहर जाना होता है मैं ज्यादातर मिनी, मिडी, स्कर्ट, जीन्स, टॉप ही पहनती हूँ. सब्र करो बच्चू आज चूत मिलेगी तेरे को!” मैंने लंड को थपकी दे दे कर जैसे सांत्वना दी. मिया खलीफा क्सक्सक्स वीडियोकुल मिला कर अप्सरा सा रूप लिए कमनीय काया की वो स्वामिनी किसी कुलीन कुल की विदुषी नारी ही लगती थी.

दो रूम बुक थे, हम एक रूम में पहुंचे, पहले बीयर की बोतलें खुली, चिकन, चबेना, रायता, सलाद सब आ गया. वाह भाभी वाह… मजा आ गया… तेरी यह मस्त चुदाई तो बहुत मज़ेदार थी।”ओह यस मेरे राजा… तू तो सच में बहुत मस्त चोदू है। क्या मस्त टोपा चुदाई का मजा दिया है। आज तो सच में चुदाई का मजा आ गया।” नयना नीचे उतार कर अपनी जांघों को अपने पेटीकोट से पौंछ कर साफ करने लगी।मैंने भी अपना पजामा पहन कर नयना को चूमा और अपने फ्लैट में आ गया।[emailprotected].

”ये मोर पंख से क्या करोगे?”बस देखती जाओ!”आआ गुदगुदी हो रही है… मत करो न!”उम्म्म्म स्स्स्स उईईइ आआआ स्स्स्स चूत में गुदगुदी मत करो, मैं तड़प रही हूँ. मैं अभी उसकी चूत चाटने में व्यस्त ही था कि वही हट्टा कट्टा आदमी अन्दर आया और उस लड़की की चूची को दबाते हुए बोला- क्यों रोहिणी, अभी तक फिजिकल नहीं हुआ?जवाब में वो लड़की बोली- बॉस, ये लड़का अभी नया है तो बस अभी इसको सिखा रही थी, दो-तीन मिनट रूको, मैं इसको फ्री करती हूँ. फिर हम वहाँ से निकल कर एक पार्क में गए, वहाँ एक शांत स्थान पर जाकर बैठ गए.

लेकिन मैं ज्यादा देर तक टिक नहीं पायी और झड़ गयी लेकिन ये लड़के झड़ने का नाम ही नहीं ले रहे थे. मेरा तो लंड मानो फट रहा था भाई भाभी की हॉट बातें सुन कर!फिर भैया भाभी से बोले- शरमा मत, मुझे पता है कि नया लंड सबको अच्छा लगता है, रुक, मैं कुछ करता हूँ तेरे लिए. अब बता तूने आज करने को क्या सोच रखा है?पूजा- मामू बिस्तर पर तो रोज ही करते हैं.

गुलशन- हा हा हा… अरे वो तो तेरी बात पर मैंने दिमाग़ को कंट्रोल में रख कर इतना लंबा टाइम लिया है ताकि तुझे अपना पावर दिखा सकूँ.

उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ कर अपनी चुत पर सैट किया और उस पर बैठ गई. अब तक की इस बेटी से सेक्स कहानी में आपने पढ़ा था कि मोना ने उस नई कमसिन लड़की से गोपाल के पैरों की मालिश करवा के बीच में ही हटा दिया था, जिससे गोपाल लंड की मालिश करवाने की अधूरी चाह लेकर रह गया था.

अब जब बहूरानी नज़र उठा के भी नहीं देख रही है तो इसका मतलब एक ही है कि वो उन सब बातों को अब और दोहराना नहीं चाहती. थोड़ा भाभी को किस किया, फिर शुरू हो गया, इससे होता यह है कि आपका झड़ने का टाइम थोड़ा बढ़ जाता है। चुत को लगातार नहीं पेल कर. राहुल ने मेरी गांड मारनी चालू रखी और मेरी गांड में जोरों के झटके मारता रहा.

मामा झट से मेरे ऊपर से नीचे उतार गये और एक ही झटके अपने सारे कपड़े उतार दिए, मामा का विशाल काला लंड तन कर खड़ा था, लंड का अगला हिस्सा गुलाबी दिख रहा था मानो कोई चॉकलेट हो, मन तो कर रहा था कि उसको मुँह में लेकर चूसने लगूं. इधर मस्त सेक्सी रजनी को अपनी बाँहों में पाकर मेरा काला नाग फन फेलाने लगा. वे मुझे बहुत ही वासना भरी नजरों से देख रही थी। मैं उनकी आंखों में देखते देखते उनकी चूत को अपनी जीभ से हल्के हलके से चाट रहा था। जीभ से लिकिंग करते हुए और शहद का स्वाद और उनके चूत के नमकीन पानी के साथ मुझे अच्छा लग रहा था।उनकी चूत पर मैंने और शहद लगाया और अच्छे से चाटना, चूसना चालू किया.

कानपुर की बीएफ सेक्सी 3 इंच का है।दोस्तो, इस कहानी में मैं कोई भी असत्य बात नहीं लिखूंगा, सिर्फ़ जगह और पात्र का नाम बदल दिए हैं, उम्मीद है कि यह मेरी पहली भाभी सेक्स स्टोरी है लेकिन मेरा पहला सेक्स नहीं… आपको अच्छी लगेगी। औरत रब की एक खूबसूरत क्रियेशन है, उससे समझना मुश्किल जरूर है, पर नामुमकिन नहीं है।ये स्टोरी एक भाभी की है. मैं अब भी भाभी का हाथ पकड़े हुए खड़ा था और मुझे लगा कि उनको खड़े रहने में बहुत दिक्कत हो रही थी.

नई दुल्हन की चुदाई

उसके बाद संजय ने उसको और खुद को अच्छे से साफ किया और वापस पूजा को उठा कर बेड पर ले आया. उधर टीना और बरखा भी समझ गई थीं कि अब लोहा गर्म है तो हथौड़ा मार देना चाहिए. उसकी रफ्तार बहुत धीमी थी, मगर हर बार ऐसा लगता था, जैसे वो मेरे लंड को अंदर तो एकदम आराम से लेती है, मगर बाहर निकालते वक़्त जैसे अपनी चूत को टाइट कर लेती है.

कोमल- हाँ यार ऐसा ही कण्ट्रोल है साले का अपने मस्ताना पे बहन चोद का, यार सोचा आज स्काइप पर तुम लोगों की चुदाई देख कर हम भी चुदाई का आनन्द लेंगे. मैं- कैसे?ऋतु- अगर मैं भी अपनी सहेलियों को अपने रूम में बुलाकर तुम्हें मुठ मारते हुए दिखाऊं तो?मैं- मुझे मुठ मारते हुए… इसमें कौन रूचि लेगी?ऋतु- जैसे तुम लड़के लड़कियों को नंगा देखने के लिए मचलते रहते हो वैसे ही हम लड़कियां भी लड़कों के लंड के बारे में सोचती हैं और उत्तेजित होती हैं, अगर कोई लड़की तुम्हें मुठ मारते हुए देखे तो इसमें तुम्हें क्या आपत्ति है. लंड बुर की कहानीमैं कपड़े चेंज करने के लिए अन्दर जा ही रहा था कि चाची ने मुझे रोका और कहा- अन्दर दीदी चेंज कर रही है.

फिर मैंने टीवी का वॉल्यूम एकदम से फुल किया और फिर म्यूट कर दिया, इस कारण से वो हल्का सा जग गईं.

मैं 5’10″ का स्मार्ट हैंडसम लड़का हूँ और किसी भी लड़की को सेक्स में संतुस्ट करने में एकदम सक्षम हूँ. मैंने अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगा लिया, वो कुछ तो नेहा के थूक से पहले ही गीला था, फिर मैंने अपने लंड को चूत पर सेट करते हुए एक ज़ोर का धक्का लगाया.

उन्होंने शाबाशी देने के लिए मेरे झुके सर को चूमा और बालों में उंगलियां फंसाते हुए नोंचने लगीं. रोहित के मोटे लंड के अहसास ने सविता भाभी की चुत को किस तरह पानी पानी कर दिया. तो मुझे अच्छा लगने लगा है।मैं भी उसकी बात पर उसे तिरछी निगाहों से देख कर हंस देती थी।फिर छह दिन बाद उसने मुझसे पूछा- मेम साब, साहब कहाँ हैं दिखाई नहीं दे रहे हैं?मैंने कहा- उन्हें काम से ही फुर्सत नहीं रहती है, उनकी दो शिफ्टों की नौकरी है।दूध वाला मुस्कुराया और बोला- एक बात बोलूँ मेम साब, आप बुरा तो नहीं मानोगी?मैंने मुस्कुराते हुए कहा- नहीं.

मैं एक ही सपना देखा करता था कि काश इस लड़की के साथ मैं सेक्स कर रहा हूँ.

आआ स्स्स्स स्स्स्स… समीर आआआअ धीरे… काटो मत आआआ स्सस्सस्स… इतनी जल्दी क्यों मचा रहे हो, यार मनोज कभी भी आ सकता है… आआआअ आआअ चूत पे लगाओ लंड… आआआअ धीरे चोदो… उम्म्मम्म आआआ स्सस्सस्स आआआअ!”आआआ आआआ स्स्स्सस्स्स्स चूसो मेरा लंड!”आआह टेस्टी है… मैं सारा पानी पी जाऊँगी. मैंने उसकी छाती को चूम लिया और इसके बाद दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह गले में चूमने लगे. अगले दिन मैंने सुबह ही मां को बोल दिया कि मैं अपने दोस्त के साथ हिसार जा रहा हूँ.

सब्जी बनादो-तीन दिन के बाद उनके पति से मेरा थोड़ा सा बोलचाल हुआ तो पता चला कि उनका खुद का बिजनेस है. यह नई चुदाई स्टोरी मेरे कॉलेज लाईफ में घटी हुई सच्ची कहानी है, बहुत दिन से सोच रहा था कि शेयर करूँ, शायद मेरी यह कहानी उसी लड़की ने पढ़ ली तो वो मुझे जरूर काल करेगी.

xxx भोजपुरी वीडियो

उन्होंने उसे इतना डांटा और उसी वक़्त बस रुकवा कर नीचे उतार दिया और उसके पेरेंट्स को उसके साथ लाने को कहा. अब तक की इस हिंदी सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि संजय ने पूजा की चुदाई के बाद उसको चलने में दिक्कत को लेकर समझा दिया था कि कह देना कि स्कूल में गिर गई थी. अब मुझे उनके चूचे छूने में शर्म आती थी और वो भी अब मुझे उतना नहीं चिपकाती थीं.

ओह माँ, इसी तरह से चूसो अपने बेटे का लंड!मेरा लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल कर माँ ने फिर मेरे अंडकोषों को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी. कल गाँव से गोपाल की कोई रिश्तेदार आ रही है अब उसके सामने तो हम कुछ नहीं कर सकते ना. अभी आई बस।टीना ने उसको वॉशरूम बता दिया, फिर वो जल्दी से सबके पास गई और शॉर्ट में पूरी बात बता दी।विक्की- ये क्या यार, तू अकेला मज़ा करेगा.

मैं लंड को बाहर खींच कर फिर जोर से एक ही बार में जड़ तक पेल दिया, उसकी रस से भरी पनियाई हुई चूत ने मेरे लंड को अपने गर्म आगोश में ले लिया. यह देख कर सरिता बोली- चाचा हम रगड़ दें क्या?चाचा रमेश- कोई देख लेगा?सरिता- तो बाथरूम में चलिये ना?रमेश- ठीक है. फ्लॉरा- जी भाई कहो क्या बात है?जॉन- तुझे ये बड़ी वाली लॉलीपॉप अच्छी लगती है ना.

दाने पर उंगली का स्पर्श पाते ही उसने मेरा हाथ जोर से पकड़ लिया- आआअह्ह ह्हह. वो देख लेगा।इतना कहकर गुलशन जी अपने कमरे में चले गए और कपड़े बदलने लगे। इधर सुमन का मूड ऑफ था, उसने सामान वहीं हॉल में रखा और जाने लगी।हेमा- अरे सुमन.

भाभी बोली- शुभम बहुत दिन हो गये हैं, मैंने तुम्हारे लंड को मुंह में नहीं लिया.

मुझे लगा कि ये छूटने वाली है, मैंने चूत को चाटना बंद किया और जल्दी से उसकी टांगें उठा कर अपना बड़ा और मोटा लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया. इस का मतलब बताएँचल बन जा कुतिया अभी तुझे पटा कर चोद देता हूँ।पूजा घुटनों पर होकर कमरे में चलने लगी और संजय उसके पीछे-पीछे घुटनों पे चलने लगा। साथ ही वो पूजा की चुत को सूंघने लगा और थोड़ा जीभ से चाट भी लेता।पूजा- उहूँ हू हूँ. चाइनीस एक्स एक्सनशीला नमकीन स्वाद चखने के पश्चात् रुस्लान ने नताशा को कमर के बल काले चमड़े के नर्म सोफे पर लिटा दिया और मेरी पत्नी ने अपने दोनों पैर मोड़ कर अपने कंधो के गिर्द टिका लिए. चल बन जा कुतिया अभी तुझे पटा कर चोद देता हूँ।पूजा घुटनों पर होकर कमरे में चलने लगी और संजय उसके पीछे-पीछे घुटनों पे चलने लगा। साथ ही वो पूजा की चुत को सूंघने लगा और थोड़ा जीभ से चाट भी लेता।पूजा- उहूँ हू हूँ.

कुछ 10 सेकंड के लिए हम एक दूसरे को घूरते रहे और फिर एक टेढ़ी सी मुस्कान लिए समझ गए.

रीना बहुत सेक्सी सोच रखती है और सही मायने में उसकी यही चुलबुली अदा विनय को भा गयी. नताशा मेरे और स्वान के बीच अपनी दाईं करवट लेट गई और बायाँ पैर थोड़ा सा फैला दिया जिससे कि मुझे उसकी चूत में धक्के लगाने में आसानी हो. टीना- आओ सुमन रानी क्या बात है आज मूड सही नहीं लग रहा, सुबह-सुबह किससे झगड़ा करके आई है.

कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मैंने भी जल्दी से उनके पेटीकोट को उतार दिया और उनकी चुत को पैंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा. और जोर से…आख़िर एक लंबी सिसकारी के साथ उसकी चुत का बाँध टूट गया और उसका चुतरस मेरे मुँह में आ गया. रूई जैसी मुलायम उसकी कमर पर हाथ लगा तो मेरा लंड ठुनकरी मारने लगा, शायद मेरे लंड की चुभन उसे भी हुई और ना चाहते हुए भी उसने अपनी गांड थोड़ी पीछे कर कर मेरे लंड पर दबाव बनाया.

क्सक्सक्स वीडियो बफ हिंदी

उफ़्फ़… क्या बला की खूबसूरत लग रही थी वो नंगे बदन!मैं भी पूरा नंगा हो गया और चाची के ऊपर चढ़ गया. उसके मुँह से मेरा लंड निकलते ही वो अपना हाथ मुँह पर रख कर बाथरूम की तरफ भागी, और मैं बेड पर चित्त लेट गया. लगभग 15 मिनट तक मैंने उसके आम के रस चूसने को बाद एक हाथ से उसकी जीन्स के ऊपर से ही उसकी चूत को रगड़ने लगा.

उन्होंने अपने कपडे बदल लिए थे, भाभी ने अब रेड कलर की एकदम झीनी सी नाइटी पहन रखी थी, जिससे अन्दर का सब कुछ देखा जा सकता था.

फिर कुछ दिन बाद उनसे पता चला कि वो किसी कारण से जालंधर अपनी ससुराल आ रही हैं.

हमारे साथ मंजीत ने दो तीन बड़े बड़े घूंट भर कर गिलास आधा खाली कर दिया. मैंने कहा- मेरी जान, अब तुम सेक्स के परम आनन्द की प्राप्ति करने वाली हो!मैंने अपने झटकों की गति बढ़ा दी और कुछ धक्कों के पश्चात मेरा भी वीर्य निकलने को था, मैंने उसे पूछा- जान, मेरा भी साथ ही निकलने वाला है… कहाँ निकालूँ?उसने कहा- मेरे अन्दर ही निकालना!मैंने चुदाई की गति और बढ़ा दी, 10-12 झटकों के बाद हम दोनों ने एक साथ परम आनन्द को प्राप्त किया. शरीर का लोशनअब मेरी बीमारी ना होती तो शायद आपको कुछ दिन और एंजाय करने को मिलता, लेकिन आप यकीन नहीं करोगे कि ये पार्ट लिखते टाइम भी मेरे हाथ में ग्लूकोज की ड्रिप लगी हुई है.

मैंने खाना बनाया और इन्होंने परीक्षा के बाद घूमने का भी कार्यक्रम तय कर लिया, कहा- शाम को बाहर चलेंगे और रात का खाना बाहर ही खायेंगे!11. सब्र करो बच्चू आज चूत मिलेगी तेरे को!” मैंने लंड को थपकी दे दे कर जैसे सांत्वना दी. रानी भी चुम्बन का जवाब देने लगी साथ में वो अपना एक हाथ नीचे लाई और मेरे लंड को पकड़ कर चूत के छेद पर लगा लिया और अपनी एड़ियों पर उचक कर अपनी कमर उछाली.

अब बारी थी सबसे मुख्य काम की… भाभी टांगें खोल कर लेट गईं और मैं लंड हिलाता हुआ खड़ा हो गया. जमीन पर कोने में रखी चटाई बिछाई, उस पर एक कम्बल दोहरा कर बिछा कर उस पर एक चादर बिछा दी। मैंने अपने कपड़े अलमारी खोल कर निकाल कर खाट पर रख दिए। तेल की शीशी टेबिल पर रखी.

‘कहाँ जा रही है भाबी जी?’ तिवारी को लगा मानो अनीता उसे सुबह सुबह ही अपने बेडरूम में चुदने के लिए रिझा रही थी, तिवारी ने खड़े हो कर अनीता का पीछा करना शुरू किया कि तभी अनीता बोल पड़ी- ठहरिये तिवारी जी, मैं आपको कुछ दिखाना चाहती हूँ, आप मेरा इंतज़ार कीजिये.

कई मिनट के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उन्हें माल निकलने का इशारा किया. मैं खिसककर आगे आ गया और अब मेरे पैर बेड से टकरा रहे थे और उन दोनों के नंगे जिस्म आपस में रगड़ खा रहे थे और उन दोनों का चेहरा मेरे लंड से सिर्फ चार या पांच इंच की दूरी पर ही था. मैंने हल्के से उसके चेहरे पर हाथ रखा और चुचियों से होता हुआ उसकी चूत तक ले गया.

अमरीकन सेक्स अरे भैया, क्या बताऊँ? बहुत बुरा हाल है! बहुत मन करता है! आप तो बहुत किस्मत वाले हो जो आपको भाभी जैसे सुंदर पत्नी मिली! भाभी के साथ सेक्स करके आपको बहुत मजा आता होगा न?हाँ यार! बहुत सुंदर है नीता! और इसकी चूचियाँ! बहुत अच्छी हैं, कितनी सख्त हैं आज भी!भैया, सच में?हाथ लगा कर देखना है क्या? ये बोले. मैं लण्ड को पूरा चूत में ठोक कर उसके ऊपर पसर गया और सोनू को अपनी बाहों में जकड़ लिया.

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…मेरे पड़ोस में दो बहनें रहती थी, बड़ी वाली को मैंने पटा लिया और आधी रात को उससे मिलने उसके घर जाता था, वहां उसकी छोटी बहन भी होती थी. वहाँ मेरी लाइव चुदाई देखकर रिया ने कामुकता वश अपनी उंगली खुद की ही चूत में दे रखी थी. ऐसे बाहर वालों के सामने तुम अपने बाप को क्यों जलील कर रही हो?सुमन- कौन बाहर वाला? इनको सब पता है.

मौसी की चुदाई सेक्स

हम उसके पास गयी और पूछा- हाय, आय ऍम निकिता एन्ड शी इज रिया, तो क्या कह थे तुम?उसने बड़ी गर्मजोशी से हमसे हाथ मिलाया और कहा- राजीव! मैं आप दोनों का एक रात का रेट जानना चाहता था. वो कुछ नहीं बोली और मैं उसे गले पर चूमने लगा और उसके मम्मों को दबाने लगा. वो पास आई और झट से उसने टॉप निकाल दिया और ब्रा खोल के चुची मेरे मुँह के सामने करके बोली- लो ताजा दूध पी लो.

वो सिसकारियाँ निकालने लगी और दोनों हाथों से मेरी पीठ को सहलाने लगी, मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी. ठीक है?”ये क्या, तुम नंगी आ गई?”तुमने मुझे यहाँ बातें करने तो बुलाया नहीं होगा न? तो वक्त बर्बाद न हो इस लिए ऐसे नंगी आ गई.

बस यूं हीबहन के साथ चूत चुदाई का खेलचलता रहता था और अब तक न जाने कितनी बार इस खेल को खेला होगा.

मैंने स्मृति को पिछली रात के लिए सॉरी बोला और दुख जताना शुरू किया तो वो मेरे मुखड़े को फूल की भाँति अपने हाथों में लेते हुये बोली- तू बहुत अच्छा है. मैंने अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगा लिया, वो कुछ तो नेहा के थूक से पहले ही गीला था, फिर मैंने अपने लंड को चूत पर सेट करते हुए एक ज़ोर का धक्का लगाया. उनको हल्की सी गुदगुदी का अहसास हुआ तो वो हँस पड़ी और बोलीं- ईईई सस्स्स्ससी सी ये क्या कर रहे हो बेटे, उफ्फ़, क्या चाटते हो, साले शैतान?मैं उनकी काँखों की मदमाती खुशबू से एकदम मदहोश हो चुका था और, फिर मैंने उनकी दूसरी कांख को भी चाटा और नीचे की तरफ बढ़ता चला गया.

आज मानसी की चूत की धज्जियाँ उड़ने वाली थी और मेरे लंड की वो दावत होने वाली थी जो इसकी कभी ना हुई थी और ना कभी ज़िन्दगी में दोबारा होनी थी. मैंने अपनी जीभ को उस क्लिट के ऊपर हल्के से फेरा तो माँ का पूरा बदन कंपकंपा गया. तभी मेरी नजर खिड़की के बाहर गई जहाँ एक लड़की खड़ी थी और वो मेरे खड़े लंड को देख रही थी.

”अब तुमको तेज तेज चोदूँगा जान… आआअ स्स्स्स तुम ऊपर आकर लंड पर सवारी करो!”ठीक है जानू!”सविता लंड पर चढ़ कर कूद रही थी और मैंने गांड के छेद में उंगली डाल कर गांड भी चोदना शुरु किया.

कानपुर की बीएफ सेक्सी: सारे बुरे ख्याल दिल से निकल गए और वे सो गए।दोस्तो दोपहर को इनकी शॉपिंग तो देख ली. अन्तर्वासना की पुरानी कहानी का पुनः सम्पादन करके पुनः प्रकाशनदोस्तो, आपने मेरी पिछली कहानीपापा ने अपनी सगी बेटी को चोद दियापढी.

गोपाल ने जल्दी से कपड़े पहने और मोना के पीछे वो भी गया, तब तक नीतू ने भी कपड़े पहन लिए थे. पण्डित जी को काटो तो खून नहीं!‘अब आप आराम करिए, मैं जरा किचन साफ़ कर देती हूँ. इससे संगीता के सारे शरीर में एक सिहरन सी दौड़ने लगी और स्तनों से रस निकल कर चन्दन के मुँह में जाने लगा.

मेरी वो कहानी काफी लोकप्रिय हुई थी और बहुत सारे दोस्तों ने मुझसे मेल करके पूछा भी था कि ये शिकारा किश्ती कैसे और कहाँ कहाँ किराए पर ली जा सकती है?एक रात करीब दस बजे मैं अन्तर्वासना पर एक रोमांचित कहानी पढ़कर अपने 8 इंच के शैतान लंड को सहला रहा था कि इतने में मेरी निगाह एक मेल पर पड़ी.

पूजा पहले तो चौंक गई पर फिर उसने मेरा लंड जोर शोर से चूसना शुरू कर दिया. संजय के घर के बाहर जाकर सुमन एक तरफ़ चुप गई और टीना ने नॉक किया तो संजय ने दरवाजा खोला- हाय स्वीटहार्ट आ गईं तुम. सुमन अच्छी तरह जानती थी कि उसकी माँ किचन से एक घंटे पहले बाहर नहीं आने वाली.