देसी बीएफ गांव वाला

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मैंने ममता की साड़ी को उसके जिस्म से अलग किया और उसकी नग्न नाभि को अपनी जीभ से सहलाने लगा.पर मैंने नाटक करते हुए कहा- यह आप क्या कह रही हैं? मैं आपके साथ ये नहीं कर सकता.

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जब मैंने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो पता चला कि दरवाजा अन्दर से लॉक है.

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पर जब उनकी ब्रा की स्ट्रिप दिखती, तो मैं उसको पकड़ कर खींच कर छोड़ देता और उन्हें इससे ज़ोर से लग जाती. मैं एक वीक बुआ के यहाँ रुका और रोज़ हमने ओरल सेक्स किया, चुदाई नहीं हो पा रही थी, शायद इसकी वजह हमारा भाई बहन का रिश्ता था. फिर इस बात को काफी टाइम हो गया, मुझे एक लड़की मिल गयी, मैं उसके प्यार में पड़ गया और पूरे टाइम उसी से लगा रहता था।एक दिन सुबह अकेले रूम पर बैठा था तो मुझे समीरा की याद आई, उसको कॉल किया, थोड़ी इधर उधर की बात की तो बोली- मैंने आपको देखा नहीं है, पहले देखूँगी फिर सोचूँगी।अब इतना तो बुरा मैं भी नहीं कि किसी को पसंद ना आऊँ!वो उसी वक़्त पास के पार्क में आई, मुझे देखा और एक हल्की सी स्माइल देकर घर चली गयी.

फिर अपने होंठों को उसके होंठों से हटा कर उसके दोनों स्तनों को बारी बारी चूसता और मसलता जा रहा था और वो आह आह… की आवाज के साथ अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को पकड़ के अपनी चुची पर दबा रही थी और मैं उसके स्तनों को चूसता जा रहा था. उसी वक्त मेरा टॉवेल खुल कर नीचे गिर या और वरुण ने अपनी शॉर्ट और अंडरवीयर कब निकाल दिया, वो मुझे पता ही नहीं चला.

चूचियाँ एकदम से इतनी उन्नत थीं कि ब्रा को फाड़कर चूचियाँ निकल आएंगी.

ममता जी के मुँह से अब कराहों के साथ हल्की हल्की सिसकारियाँ निकलने लगी थी और वो अब अपने हाथों को छुड़ाने का या फिर मुझे हटाने का भी प्रयास नहीं कर रही थी। मैंने भी अब उनके हाथों को छोड़ दिया और यह सही मौका जान कर ममता जी की चूची को चूसते हुए ही अपना हाथ नीचे उनके पेट पर से होते हुए चुत की तरफ बढ़ा दिया.

और सिर्फ 5 मिनट की चुदाई के बाद ही पुलकित ने अपनी जवानी के रस से मंजरी की चूत को भर दिया. फिर दीदी पूछने लगीं- नंगी वीडियो देख के तू क्या करता है?मैं शरम के मारे लाल हो रहा था. उम्र 30 दुबला पतला सामान्य कद काठी का आदमी हूँ, झगड़े फसाद से दूर रहता हूँ, मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से लोगों से अलग थलग ही रहना पसंद है.

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वो थोड़ी मोटी लग रही थी क्योंकि उसके बूब्स तो अच्छे थे, लेकिन बूब्स से नीचे सब बराबर लग रहा था.

तभी वो किसी को देखने के लिए पीछे मुड़ीं… उफ़फ्फ़ उनका ब्लाउज बॅक साइड से एकदम ओपन था… बस पाँच सात डोरियां बँधी थीं. मम्मी बोलीं- पर यहाँ पर कहां करोगे?फूफा जी एक हाथ से मम्मी की चूचियों को मसलते हुए बोले- ज़मीन पर ही लिटा कर चोद दूँगा. मम्मी फूफा जी के निक्कर के ऊपर से उनका लंड हिलाते हुए बोलीं- लगता है ननदोई जी ज्यादा ही प्यासे हो.

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कन्धे पर तेल लगाने की वजह से मेरे हाथ उनके चूचे जो आधे से ज्यादा खुले थे, उनपे टच हो रहे थे और नीचे मेरा लंड उनकी चूत में घुसने को बेकरार था.

मेरी भी हालत कुछ इसी तरह की थी कि जब ममता काम करके चली जाती तब सोचता चलो कल उससे बात करूँगा, पर जब आती तब हिम्मत ही नहीं होती. ऑफ़िस मैं थोड़ा लेट पहुँची थी, तो थोड़ी देर में बॉस ने अपने केबिन में बुला लिया.

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उसके छोटे चाचा दिलजीत सिंह 42 साल के हैं और उनके छोटी चाची अमनदीप 40 साल की हैं.

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उन दोनों में से एक तो रीना की छोटी बहन कविता थी और एक उसकी मामी की लड़की जिसका नाम रेनू था. वो दिखने में बहुत सुन्दर थी और दो बच्चों की माँ थी, फिर भी अपने आपको बड़ा मेन्टेन करके रखा हुआ था. उस सेक्स कहानी में मैंने आपको बताया था कि कैसे मुझे मोना नाम की एक लड़की ट्रेन में मिली और कैसे हम दोनों ने ट्रेन में ही सेक्स किया.

कमल ने अपने लंड को पकड़ कर मेरी चूत के छेद पर रखा और थोड़ा सा धक्का लगाया. उस दिन शाम को जब मैं कॉलेज से आया तो उसके भाई ने मुझे कॉल किया और मिलने को बोला. कुछ रशियन लड़कियाँ छोटी-छोटी बिकनियों में पानी से अठखेलियाँ कर रही थीं.

बुआ तलाकशुदा है और शहर में एक छोटा सा प्ले वे स्कूल चलाती हैं जिसे उनका गुजारा हो जाता है.

[emailprotected]कहानी का अगला भाग :बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-3. पहले काफी टाइम उसकी चूत पर बाहर से ही उधर उधर चाटता रहा फिर उसकी चूत के होंठों को अलग अलग करके जीभ को सीधा उसकी चूत के अन्दर तक जाने दिया. पर मैं पहली मुलाक़ात में उसे परेशान नहीं करना चाह रहा था। इसलिए मैं उसे ‘गुड नाईट’ हग करके बाहर आ गया। जब गाड़ी की चाभी देखी.

मैं वैसे लेट गई तो उसने दूसरी क्रीम निकाली और मेरी जाँघों से लेकर दोनों चूतड़ों में लगा दी और चूतड़ों को दबा दबा कर मालिश करने लगा. उस दिन मैंने अपनी भाभी को 4 बार चोदा और इसी तरह 7 दिन तक लगातार चोदा. नमस्ते पापा जी!” बहूरानी ने हमेशा की तरह मेरे पैर आत्मीयता से स्पर्श कर के मेरा स्वागत किया.

मैंने उससे बोला- मैं शनिवार और रविवार को तुझसे मिलने आया करूँगी, तेरा खाने पीने का सामान रख जाया करूँगी. विवेक बेड के नीचे नंगा खड़ा हो गया और कामिनी की गांड के बल उसको एक झटके में अपनी गोद में उठा लिया.

मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरे दो चाचा चाची रहते हैं और उनके बच्चे भी हैं. लेकिन उसकी गांड का छेद इतना टाइट था कि उसमें उंगली भी आसानी से नहीं जा रही थी. दीदी ने एकदम से ऐसा किया तो मैं थोड़ा घबरा सा गया था लेकिन एक ही पल में दीदी के साफ़्ट लिप्स का एहसास अपने लिप्स पर पा के मुझे भी खुमारी चढ़ने लगी और मैंने भी दीदी की किस को उन्ही के अंदाज़ में रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया.

अपने दोनों हाथों से उसके मम्मों को पकड़ा, उसके लिये उनको अपना मुँह ऊँचा करना पड़ा.

थोड़ी देर चुत में उंगली करने के बाद मैं नीचे आ गया, मैंने उनकी जाँघों को फैलाया और उनकी पेन्टी को सूँघने लगा, उसमें से बहुत ही मादक खुशबू आ रही थी. ओय… तू कपड़े क्यों उतार रहा है?ममता जी घबराते हुए कहने लगी।मैंने बस टी-शर्ट व नीचे एक निक्कर ही पहना हुआ था जिन्हें मैं जल्दी से उतार कर उतार कर बिल्कुल नंग हो गया और ममता जी की रजाई में घुसने लगा. मैंने एक शॉप से एक सेक्सी सी ड्रेस ली और सेक्सी सी ब्रा पेंटी का जोड़ा लिया.

शादी के 2 दिन बाद जब पग फेरे की रस्म में हम लोग गए, तो वो गेट पे ही हमारा मतलब मेरा बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी. अब मेरी ब्रा बिल्कुल साफ साफ दिख रही थी और स्कर्ट को थोड़ा ऊपर ऐसे कर दिया कि मैं बैठूँ तो मेरी पैंटी दिख जाए.

संजय ने भी पोजीशन को समझते हुए चुत के अन्दर ही जीभ को लपलपाना शुरू कर दिया, जिससे मेरी चूत का मजा दुगना हो गया. कुछ ही पलों में उसकी टी-शर्ट को उतार फेंका, कैपरी भी उतार फेंकी, पेन्टी भी खींच दी. पता होता तो रोज़ तेरे बाप को छोड़ कर तेरे से ही चुदती!और यह कहते हुए उन्होंने लंड के सुपारे को अपने दाँतों से काट दिया.

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उधर बहूरानी भी वासना के ज्वार में बहने लगीं और अपनी कमर उठा उठा के लंड लीलने लगीं.

मैंने चाची के मम्मों को अपने मुँह में लिया और जोर जोर से चूसने लगा. मैं शब्दों से बयान नहीं कर सकती, मैं बहुत खुश थी कि बहुत दिनों बाद आज एक मर्द मेरी चुदाई करने वाला है. वो ये सब कुछ करते रहते थे, मगर कभी भी पुलकित का लंड मंजरी की चूत में नहीं गया था.

मैंने अपने हाथों से उनकी कमर पकड़ी और अपना लंड उनकी गांड पर सैट करके एक करारा झटका मार दिया. मैंने उनकी टांगों पर हाथ फेरा तो वो जाग गईं और धीरे से बोलीं- क्या कर रहे हो?तो मैं बोला- दीदी आपके पैर खुल गए थे उन्हें देख रहा था, बहुत सुंदर हैं. भेरुजी का फोटोमैं- आहह दीदी आह… बहुत अच्छा लग रहा है… आअह आह दीदी!मेनका- गुउ उउम्म आअहह… हाँ भाई…दीदी मेरे लंड को अपने दोनों हाथ में पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी.

मुझसे सब्र ही नहीं हो रहा था तो मैंने झपट्टा मार कर भाभी की ब्रा को खींच कर उतार दिया और उनके मस्त मम्मों पर अपने प्यासे होंठों को लगा दिया. मेरे ख्याल से प्रिया एक से ज्यादा बार पहले ही स्खलित हो चुकी थी लेकिन मैं अभी तक डटा हुआ था.

उसकी कोमल जीभ का स्पर्श मुझे अपने लंड पर मिलते ही मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं. मैं उसके सर पर हाथ फेरती रही और बोली- वर्षा, मेरी प्यारी गुड़िया थोड़ी देर के लिए है, फिर कभी तुझे ऐसा नहीं होगा. एक दिन वो अपने भाई के सामने, जो कि मेरा दोस्त है, मुझसे पूछने लगी- मिठाई कैसी थी?तो मैंने बोला- बहुत मीठी.

वो टॉप भी ऐसा कि उसमें दो पर्त थे, अन्दर वाला कपड़ा इतना हल्का था कि ब्रा पैंटी तो छोड़ो. गजब का ठंडा पड़ गया था बोनेट और इन सबने जो मेरे चूतड़ों का अब तक तबला बनाया था वो चोट खाया हिस्सा उसकी वजह से दर्द कर गया. यदि आपको मेरे बारे में अधिक जानना है, तो मेरी पुरानी कहानी पढ़ सकते हैंचुदने चुदाने की लालसाये कहानी लिखते हुए मेरी आँखों में उस शाम का मंज़र घूम जाता है.

संजय ने बताया कि वो काफी अच्छा पेन्टर भी है, उसने अपनी ड्राइंग की हुई कुछ तस्वीरें भी हमें दिखाईं, जो वाकयी बेहद खूबसूरत थीं.

मैं- आपको भी दर्द हो रहा है?मेनका- हान… आह आहहाः मेरी भी आह आह सील आह आह!मेनका को ऐसे तड़पते देख मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल दिया… तो मैंने देखा मेरे लंड पर खून लगा हुआ था. मेरे लंड का टोपा कुछ ज़्यादा ही मोटा था, जिससे वो भाभी की चुत में अन्दर नहीं जा रहा था.

हम दोनों के प्रेम काम का आलम यह हो गया था कि जब भी मौका मिलता, तब चौका लगने लगा था. पिंकी, ये कैसे बंद होगा?”पिंकी बोली- सर, अब तो मुझे इसमें कुछ घुसाना पड़ेगा, जैसे कि कोई केला या कुछ भी लंबा सा आइटम हो. मेरी चाची का नाम सीमा है और उनकी उम्र 22 साल है क्योंकि मेरे चाचा की शादी जल्दी कम उम्र में ही हो गई थी.

अब आगे क्या करेगी मेरी छन्नो रानी?इसी तरह बातें होती रहीं और दिन भी बीतने लगे. उसके बाद कमल ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मेरे दोनों कूल्हों को अपने हाथों से पकड़ कर मेरी चूत में अपने लंड को जड़ तक पेल दिया और मुझे उछालते हुए चोदने लगा. फिर गुरप्रीत बोला- मैं जाने वाला हूँ, कहां डालूँ?ताई- अन्दर ही डाल दो ना.

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जैसे ही हम बेडरूम में पहुँचे, उन्होंने मेरा लंड छोड़ कर मुझे बेड पर पटक दिया और मुझे किस करने लगीं. शुरू में भाभी मेरे लंड को लोवर के ऊपर से ही सहला रही थीं, फिर उन्होंने मेरे कपड़े उतार कर फेंक दिए. पता नहीं सोनी सच मैं ज़्यादा अच्छी लग रही थी या फिर मेरे सर पे उसका भूत चढ़ा हुआ था.

दीदी भी मस्ती से चुदवाने लगी थींअभी 15 मिनट हुए थे कि मेरा सारा जोश दीदी की बुर में निकल गया. मैंने उसे मनाया कि कुछ नहीं होगा और मैं बहुत प्यार से गांड मारूँगा और शुरू में थोड़ा दर्द तो होता ही है, पर एक बार अगर उसे चस्का लग गया तो फिर वो हर बार पहले गांड ही चुदवाएगी. इंग्लिश फिल्म नंगीमैंने गाड़ी पार्किंग में खड़ी की और हम दोनों उसके अपार्टमेंट में आ गए।उसने टीवी चला दी और खुद बाथरूम में चली गई। पांच मिनट बाद जब वो वापस आई.

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मेरा एक हाथ उनकी पीठ से होकर उनके चूचे तक था और दूसरा उनकी कमर के नीचे था. मैं दीदी के पास जाकर बैठ गया, दीदी ने मुझे अपनी बाँहों में ले लिया.

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अपने हाथ भाबी के पेट से होते हुए मम्मों पे ले गया और जोर से दबा दिए.

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फिर भाभी ने मेरी तरफ देखा तो मैंने इशारे में एक बार और करने को कहा. कुछ दूर जाने से लगा कि सपना भी उसकी स्कूटी लेकर मेरे पीछे पीछे आ रही है. उसने कामिनी के पेट के नीचे हाथ डाल कर उसे पलटा दिया और पीछे से अपना लंड मेरी बीवी की चूत में पेल दिया.

मैं इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर में था पर कभी भी किसी लड़की से खुल कर बातें नहीं कर पाता था. तेरी आदत हो जाएगी, तुम्हें लंड लिए बिना चैन नहीं पड़ेगा और तू फिर से मुझे कहेगी कि तूने मुझे चुदवाया, तू छिनाल है. छाया बोली- आप आज मेरे यहां सोने के लिए 11 तक आ जाना, मैं सुबह काम पर जाते समय पायल को बोल दूँगी कि आज मैं इनको छोड़ने के मुंबई सेंट्रल जा रही हूँ, उसके बाद बोरीवली अपनी माँ के चली जाऊंगी.

मेल आयी तो किसी महिला के नाम की आईडी से थी पर मैं शपथपूर्वक नहीं कह सकता कि लिखने वाली भी, सच में कोई महिला ही है. करीब पांच मिनट बाद मेरे ऊपर से उठे और मुझे थैंक्स बोला।पापा उन अंकल लोगों को बोले- अब तीनों मिल कर आरती को सेटिस्फाई करो, इसका बहुत गजब चुदाई करवाने का स्टेमिना है।तभी तीनों अंकल मेरे बेड में ऊपर आ गए और बोले- साली कुतिया,क्या चुदाई करवाती है!तभी मैं सुरेश अंकल को बोली- कमीने, बहुत जड़ी बूटी खाता है तो आ फाड़ मेरी चूत को!और मैंने उन्हें पकड़ कर अपने ऊपर चढ़ा लिया.

मेरे दोनों चूचे संजय के हाथों में खेल रहे थे और उसके गीले होंठ मेरी मखमली गरदन को मसाज दे रहे थे.

उसके बाद मैं लगभग शाम 8 बजे उठी तो मेरे दिमाग़ में वही कमल चल रहा था. लिंग बड़ा करने के तरीकेवो बोली कि मैंने बोला न कि मुझे सोचने के लिए कुछ समय चाहिए कि अपना जिस्म आपको दूँ कि नहीं. गांव की देसी वीडियोथोड़ी देर उसका लंड चूसने के बाद विवेक ने अपनी फ्रेंची निकाल कर फेंक दी. उसको बहुत तेज पेशाब आ रही थी, तो वो उठ कर जाने लगी, मैंने उसका हाथ पकड़ कर रोक लिया और मेरे सामने वहीं मूतने को कहा.

फिर सुबह मैं उठी तो कमरे में अकेली थी। मैं नहा-धो कर तैयार हो गई और नीचे आई। कुछ मेहमान चले गए थे और कुछ जा रहे थे। दोपहर तक घर में बस हम तीन (सास, ससुर और मैं) और दो नौकरानियाँ रह गए।”फिर?”फिर कुछ काम नहीं था.

मैंने अंजू से कहा- अंजू, तुम तो कह रही थीं कि लड़के कमेंट करते हैं? जिस किसी ने भी मुझे देखा. नताशा ने जरा भी नाराज हुए बिना हँसते हुए उसकी इस प्रक्रिया को अपने चूतड़ ऊपर की ओर उभारते हुए अपना पूरा समर्थन दिया और अपने गांड के छेद को काफी खोल दिया. उसके होंठों को चूसते हुए मैंने अपने हाथ उसके शरीर पर फिराना शुरू किया.

वो भी तनिक लजा कर बोली- मैं भी तुमको पसन्द करती हूँ पर कभी कह नहीं पाई. फिर जीजू ने मेरी शर्ट के सारे बटन खोल कर मेरी शर्ट को पूरा उतार दिया और फिर मेरी जींस के बटन को भी खोल दिया, मेरी जींस को उतार दिया, मैं बस ब्रा और पेंटी में रह गयी. मैं कॉलेज से शाम को 4 बजे तक आ जाता था और दीदी के ऑफिस का टाइम भी 5 बजे का था लेकिन अब वो 8 बजे के पहले नहीं आती थीं.

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मैंने उससे बोला- मैं शनिवार और रविवार को तुझसे मिलने आया करूँगी, तेरा खाने पीने का सामान रख जाया करूँगी. ! आपको केला चूसना अच्छा लगता है?भाभी बोलीं- हां केले चूसना पसंद हैं. इस आसन में भाभी के चूचे बहुत तेज़ी से उछल रहे थे, तो मुझे जोश आ गया और मैं उनके मम्मों को पकड़ कर ज़ोर से दबाने लगा.

ममता जी के कूल्हों के नीचे दबी होने के कारण सलवार एक बार तो उनके कूल्हों में फँसी भी मगर फिर वो घुटनों तक उतरती चली गयी.

हिंदी सेक्स स्टोरीज के पाठकों को मेरा नमस्कार… मेरा नाम जीत रॉक है, मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ और अभी सेकंड ईयर में हूँ.

हम दोनों वहां से कार में निकले, एक होटल में गए, वहां कुछ खाना खाया क्योंकि अवी की इस पार्टी में मैं भूखी रह गई थी. विवेक बेड के नीचे नंगा खड़ा हो गया और कामिनी की गांड के बल उसको एक झटके में अपनी गोद में उठा लिया. नंगी पिक्चर बीपी वीडियोमैं- कोई लड़के ने तुमको पटाने की कोशिश नहीं की?कल्याणी- बहुत लोग ट्राई कर चुके हैं.

मैं थोड़ा बदहवास सा हो चला था… मुझे प्रिया से ऐसी दीदा-दिलेरी की उम्मीद हरगिज़ ना थी. पहले तो मैं मन ही मन मैं हंसने लगी कि इतने छोटे छोटे कपड़े मैं पहनती हूँ कि अंजू देख ले, तो कहीं मर ही ना जाए और यहाँ सब अनुमान सही ही लगाते हैं. जैसे ही मैंने भाबी की चुत पर एक किस किया, भाबी मछली जैसे तड़पने लगीं.

’ बोल कर पदमा के मुंह में घुसा दिया, जिससे उसकी आवाजें भी बंद हो गईं. मेरा लिंग प्रिया के नितम्बों की दरार के साथ साथ बाहर की ओर से प्रिया के नितम्बों के साथ रगड़ खा रहा था, प्रिया की दोनों टांगें मेरी साइडों से मेरे पीछे सीधे फैली हुई थी.

तब मैं भाभी के पास गया और भाभी के कोमल पैर को पकड़ कर माफी मांगने लगा.

बोली- क्या करने का विचार है?मैंने बोला- जो बातें करते हैं वो ही…वो हंसने लगी और बोली- सही टाइम आने दो. थोड़ी देर तक ऐसे ही करते रहने से मेरा लंड फिर से अपने बड़े रूप में आ गया था और वो भी गरम हो चुकी थी. उसने मेरी खूबसूरती की तारीफ भी की मुझे बहुत अच्छा लगा, मैंने थैंक्स कहा.

साजन मेरा उस पार है मैंने काफी सोच कर कहा- मुझे चाहिए कुछ नहीं है, लेकिन किस थोड़ा मुश्किल काम है और ये मैं कैसे करवा सकती हूँ, वो भी कमर पर?अमित- सोच लो यार. अभी वक़्त की नजाकत को समझो आप! मैंने भी तो जैसे तैसे खुद को संभाला है आप भी कंट्रोल करो खुद को!”ठीक है बेटा, तू सही कह रही है, इतना उतावलापन भी ठीक नहीं है.

कुछ ही पल में मेरा विरोध कम हो गया और धीरे धीरे मैं भी पूरा साथ देने लगी. मतलब घर का कोई कोना ऐसा नहीं छूटा, जहां संजय ने मेरी चुदाई ना की हो. मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि इतने कम समय में जान पहचान में ही उन्होंने मुझे टाइटली हग कर लिया.

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भाबी ने कहा- सत्या, मुझे जोर से भूख लग रही है, चलो चल कर कहीं खाना खाते हैं. मेरी भी हालत कुछ इसी तरह की थी कि जब ममता काम करके चली जाती तब सोचता चलो कल उससे बात करूँगा, पर जब आती तब हिम्मत ही नहीं होती.

जाता रहता हूँ। मैं एक साफ्टवेयर कंपनी में काम करता हूँ। यह कहानी मेरी जिन्दगी में घटी एक सच्ची घटना है। मैं आज इसे आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ।डलास मेरे लिए नया शहर है.

कुछ देर बाद मैंने देखा वो लड़का मेरी बहन की जांघ पर हाथ फ़िरा रहा था और बहन मजे ले रही थीं. लड़के का नाम सुनील था, वो दिखने में बहुत कमज़ोर और काले रंग का था, उसका कद होगा कोई पांच फीट चार इंच… और लड़की का नाम मानवी था, वो दिखने में एकदम पटाखा माल थी. राहुल इतना अधिक उत्तेजित हो गया था कि थोड़ी ही देर में उसने अपना पानी जोया के मुँह में छोड़ दिया.

फिर आनन्द बारी बारी से एक एक स्तन को अपने मुँह में लेकर चूसता और कभी कभी निप्पलों को काट भी लेता था. दीदी- सन्नी, ऐसा मत करो प्लीज़… तुमने बोला था कि तुमको सिर्फ़ लंड चुसवाना है, अब ये सब मत करो. मैं कभी उनकी चुचियों को दबाता कभी मुँह में लेकर चूसता तो कभी उसके दाने को दाँतों से काटता.

आनन्द- अरे जानू इस बात के लिए मुझसे नाराज हो? चलो ऐसा करो तुम्हीं अपने हाथों से उतार दो.

देसी बीएफ गांव वाला: कुछ देर बाद उसने मुझे उल्टा लिटाया और मेरी गांड को चाटने लगा और कहीं कहीं पर काटने भी लगा. कमल ने मेरे दोनों टांगों को जोड़कर पकड़ लिया और अपने लंड से मेरी चुदाई करने लगा.

मैं स्कूटर चलाते चलाते सोच रहा था कि ये साली अंजलि कितनी बड़ी रंडी है… इसकी चूत में चुदवाने की आग लगी पड़ी है. मैं हमेशा उसके जिस्म को याद करके गरम हो जाता था और ना चाहते हुए भी उसको चोदने का विचार मुझे हमेशा से आता रहता था. विवेक ने उसकी टांगें फैला कर अपने लंड को उसकी खुली चुत में घुसा दिया और झटके पे झटका देने लगा.

भाबी ने कहा- सत्या, मुझे जोर से भूख लग रही है, चलो चल कर कहीं खाना खाते हैं.

सबने मेरी तारीफ की फिर मैं प्रिया के पास जा कर बैठ गया, तो उसने मुझसे बोला- तुम सच में डांस अच्छा करते हो. मैंने कहा- ओह ललिता तुम काफ़ी गरम हो जान… ऊहह ऊहह…फिर वो खड़ी हुईं, मैंने उनके सारे कपड़े उतार के उनको दरी पर लेटा दिया और उनके होंठों को चूस कर, मम्मों को चूस कर, दबा कर उनकी चुत के पास आ गया. एक दिन उससे चैटिंग करते हुए मैंने मजाक करने के लिए उसे गर्लफ्रेंड बनने का ऑफर मारा.