बीएफ हिंदी जंगली

छवि स्रोत,देसी हिंदी सेक्सी एचडी वीडियो

तस्वीर का शीर्षक ,

नेपाल सेक्सी व्हिडीओ: बीएफ हिंदी जंगली, इस बात पे भला कौन शक करता और बाहर के लोगों के लिये तो हम शरीफजात लड़कियाँ ही थे, जो कभी भी किसी को देखना तक गवारा नहीं करते थे।फिर खुद आरिफ कौन सा शरीफ था.

एक्स सेक्सी मूवी हिंदी में

फिर मैंने उनको प्यार से चूमा तो कहने लगी- मेरा महबूब बड़ा प्यारा कसाई है, बहुत बेदर्दी से चोदता है, लेकिन मुझे जन्नत की सैर कराई. ब्लू हिंदी फिल्म सेक्सी वीडियोमैं बोली- हैलो अंकित बोल रहे हो?वह बोला- हां तुम वन्द्या हो?मैं बोली- हां वन्द्या हूं.

मैंने कुछ तेज झटकों के बाद अपना सारा माल उसकी चुत में खाली कर दिया. తాప్సి సెక్స్’ऐसे ही मैडम कुछ बड़बड़ाते हुए कराहते हुए सिसकती आवाज निकालने लगीं.

एक घंटा भी नहीं हुआ था कि अचानक ऐसा लगा कि मेरे पास में कोई आया है.बीएफ हिंदी जंगली: पहले तो मैं डर गया कि आंटी ने कुछ बताया क्या?तो मैंने एक बार फोन नहीं उठाया.

सुबह में जिम गया, तो वो भाभी मुझे देख कर थोड़ा चौंक गईं कि ये लौंडा तो मेरी गली का ही है.सलहज की पहली घमासान चुदाई के बाद मेरा लिंग आराम कर रहा था तो ध्यान रीना और श्लोक के कमरे की तरफ चला गया, मैं सोचने लगा कि दोनों भी बहन रीना और श्लोक किस तरह की चुदाई कर रहे होंगे? आज श्लोक रीना की चूत का चित्तौड़गढ़ बना ही देगा। आज वह असली बहनचोद बन ही जाएगा.

मंदाकिनी की सेक्सी फोटो - बीएफ हिंदी जंगली

सुरेश जी के सीधे लेटते ही मैं उनके पैरों के पास जाकर बैठ गया और जल्दी से उनकी लुंगी उतार दी.” मौसा जी दुखी होते हुए बोले, दो दिन पहले ही उन्होंने उस जगह पर छोटे पौधे लगाए थे।मौसा जी,दो दिन पहले ही आप ने वहाँ पर गुलाब के पौधे लगाए थे ना?” मैं उन्हें याद दिलाते हुए बोली।हाँ बेटा, टहनी हटानी होगी, नहीं तो पौधे मर जायेंगे.

मेरी फ्लोर पर सीढ़ी के पास छत से नीचे आने के लिए एक ग्रिल का दरवाजा लगा है, वो लॉक करने से कोई ऊपर नहीं आ सकता था. बीएफ हिंदी जंगली फिर उसने मुझे जल्दी से हटाया और चुदासे सी स्वर में बोली- प्लीज़ जल्दी से अन्दर करो.

यह कहानी कितनी सच है, मैं ये नहीं कहूंगा, पर कहानी आपका नमकीन अमृत बहा देंगी, ये पक्का है.

बीएफ हिंदी जंगली?

मैंने हल्की सी मुस्कान बिखेरते हुए कहा- चलना भी है या नहीं?उसने कहां- ह. उसने अपना दांए हाथ से मेरे लंड को मुठ्ठी में भरा और जोर से दबाने लगी. दोस्तो, भाभियो और हॉट गर्ल्स, मैं आपका राज, कोटा, राजस्थान से आज आप लोगों को एक नई और सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ कि कैसे एक ब्यूटी पार्लर की मालकिन ने मुझसे चूत चुदवा कर मुझे जिगोलो बना दिया.

मंजू को कस कर पकड़े हुए उसके गालों को चूमने में मस्त राज मुझे देख तक नहीं रहा था. जाते हुए कोमल ने थैंक्स कहा और बोलीं- शाम का डिनर साथ करेंगे, मेरी दोस्त आई है. फिर भी अब वे उठ कर बैठ गई और मुझे भी जबरदस्ती उठा कर बैठा लिया और मैं खिड़की पर पीठ लगा कर बैठ गया.

अब बाबा ने अपना लंड वल्लिका के मुँह में डाल दिया और उसे वल्लिका को चूसने को कहा. 00 बज चुके थे मुझे भूख भी लग रही थी, मैंने अनुप्रिया से पूछा- खाना खाओगी? मुझे तो भूख लग रही है। मैं तो खाना लेकर आई हूँ. तभी मैंने उसकी तरफ देखा और मुझे देखते ही समझ में आ गया कि यह चुदाई के मूड में आ गया है और ये मेरी आज चूत न मार ले.

अब चाची पर सेक्स का पूरा नशा सवार था, वो वासना से बस आह आह की आवाज निकाल रही थी और मुझे बार बार चोदने का बोल रही थी। लेकिन मैं उसको थोड़ा जानबूझ कर तड़पाना चाहता था. दोस्तो, आंटी की गांड बहुत बहुत बड़ी थी जो मेरा सपना था वह पूरा हो रहा था.

वह होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रही है और हमारे यहां 3 महीने की ट्रेनिंग पर आई हुई है.

मैंने फॉरन अपना लंड बाहर निकाल कर अपने हाथों में लिया और अपने मुँह से थोड़ा थूक निकाल कर अपने लंड में लगा दिया.

फिर उसने मेरे सब कपड़े उतार दिए और मेरा लंड के ऊपर चुंबन लेकर लंड चूसने लगी. क्या सच हैं?पद्मिनी शरमाती हुई बोली- कौन सी बातें बापू?उस वक़्त पिता को महसूस हुआ कि पद्मिनी की जांघों के बीच उसका लंड खड़ा हो रहा था. इसी के साथ वो अपना लंड मेरी चुत की फांकों में घिसते हुए डालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मेरी चुत गीली थी इसलिए उसका लंड बार बार फिसल कर ऊपर मेरे पेट पर आ जा रहा था.

थोड़ी देर बाद मैंने मुस्कान को देखा उसके साथ उसकी 2 सहेलियां भी थीं. मैंने खिड़की में जाके देखा तो वो जैसे नीचे उतरी तो वो एक होंडा सिटी कार से आई थी. एक हाथ से उसने रज़िया के नितम्बों को सहलाना शुरू कर दिया था तो दूसरे हाथ को आगे लाकर मेरे साथ ही उसके दूध दबाने लगा।रज़िया की आँखें मुझसे छिपी थीं लेकिन मैं उसके चेहरे से उसके दिमाग में चलती कशमकश पढ़ सकता था.

अब मैंने रोज़ ही मम्मी को बाथरूम देखना शुरू कर दिया था!कुछ दिनों बाद मेरे मामा घर आये, खूब मिठाई कपड़े वगैरह लेकर! मैं ऊपर से तो खुश था लेकिन अंदर से दुखी था कि अब मामा तो घर पे ही रहेगा तो मैं मम्मी को नहाते हुए भी शायद ही देख पाऊँगा!खैर मामा ने अपना बैग मुझे दिया और कहा कि इसे अपने कमरे में रख लूं!मैंने रख लिया.

मैंने स्पष्ट देखा उसका फोन बाबा आदम के जमाने का नोकिया कम्पनी का घिसा पिटा सा एक इंच स्क्रीन वाला फोन था और वो फोन को अपनी हथेली में छिपाए बात कर रही थी. मैं उसके मोटे लंड की ठोकर सहन नहीं कर पाई, मेरा नशा हिरन हो गया और मैं जोर जोर से चिल्लाने लगी. कई बार मेरी हरीश से कॉलेज में इस बारे में भी बात होती थी कि मेरे माता पिता तो सिर्फ घर में रहना ही पसंद करते हैं.

लेकिन थोड़ी देर बाद जब मैंने हाथ नीचे करना चाहा तो उसने मेरा हाथ हटा दिया। मैं फिर थोड़ा झूठा गुस्सा दिखाकर उससे अलग हो गया. ये शब्द मैंने अपने ऊपर चढ़े हुए पहले मर्द को कहे थे, नहीं तो चाहे मुझे कोई घंटे तक भी पेले, मैं हार नहीं मानती थी।लेकिन क्या वो रुकने वाला था?नहीं!और वो बोला- रुक जा जानेमन, अभी तो ट्रेलर ही दिखाया है, पूरी फिल्म अभी चलनी बाकी है. इतना ज्यादा थक जाने के बावजूद भी शायद वो इस वक्त आराम करने के मूड में नहीं थी.

आप सबको मेरी ये सच्ची सेक्स की कहानी कैसी लगी? आप सब मुझे मेल करके बताईये, अगर मुझे अच्छा फीडबैक मिला तो मैं अगली कहानी बहुत जल्द आपको बताऊँगी.

मैंने चूचियों को दांतों से काटा तो खाला कराह उठी और वो मादक आवाजें निकालने लगी, आह उह आह की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थी, खाला कह रही थी- धीरे मेरे राजा, धीरे प्यार से चूसो सब तुम्हारा ही है!उनके बूब्स अब लाल हो चुके थे, उनके पूरे शरीर में एक आग सी लग गयी. अब वो जोर से चिल्लाने लगी- आहा ऊई… मुझे… कुछ हो रहा है…यह कह कर वो जोर जोर से लंड को अपनी चूत में अन्दर बाहर करने लगी.

बीएफ हिंदी जंगली वो पूछने लगी- तुम कितनी बार कर सकते हो?मैं बोला- जितना तुम बर्दाश्त कर सकती हो. फिर मैंने उसकी दोनों टाँगों को अपने कंधों पर लेकर उसे दबा कर चोदता रहा.

बीएफ हिंदी जंगली मैं भी महेश से बहुत प्रभावित रहती थी और शायद मैं भी मन ही मन उसे पसंद करती थी. कुछ ही देर बाद मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था और मैं भी अपनी गांड साथ में हिलाए जा रही थी.

हेलो… अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार! मैं आज जालंधर जिला पंजाब से हूं, मेरा नाम रमनजीत सिंह (बदला हुआ) है, मैं सिख फैमिली से सम्बन्ध रखता हूं.

सेक्सी वीडियो रंडी का

वो तभी मेरा एक दोस्त आ गया और हम वहीं सड़क पे ही खड़े खड़े बात करने लगे. तभी अचानक बापू ने कराहना शुरू किया- आह… आआअह्ह…पद्मिनी ने देखा कि बाप की लुंगी उसके झड़ने से भीग गयी. बापू ने कहा- अरे, मैंने जैसे तेरी पेंटी उतारा था, वैसे ही तू भी उतार ना बेटी.

अब मैं मंजू को जगह जगह किस करने लगा मंजू भी मुझे ईंट का जवाब पत्थर से देने लगी. तो जैसा कि मैंने लिखा कि मेरी कहानी पर ढेर सारे ईमेल आए थे, उन्हीं ईमेल में से एक ईमेल एक महिला का भी था, वो भी पुणे से ही थीं. वो बोली- अंदर ही निकाल दे बहनचोद, मैं भी बस आई।और एक मिनट बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया और वो भी साथ झड़ गई।और हमारी हालत अब खराब थी, मैंने उसे उठाया तो देखा नीचे तकिया खून में लाल पड़ा है वो डर गई मैंने उसे समझाया कि अब तू फ्री हो गई है सील टूटी है तेरी!हम भाई बहन एक दूसरे को कामुक नजरों से देख रहे थे।मैं उसे बाथरूम में ले गया, पेशाब कराया, उसे दर्द बहुत हो रहा था.

सिर्फ उतना कहूँगा जितना कर पाना आपके लिये मुमकिन हो। पर एक बात और बताइये.

इतने में एक गड्ढे में से ऑटो निकली और उसका रेशम सा नाज़ुक बदन मुझसे टकरा गया. मेरी रिश्तेदारी में गंगानगर के पास गाँव में किसी की मृत्यु हो गयी थी और मुझे वहाँ जाना पड़ा. हम एक बार तो जरूर ही ये सब करेंगे, इसके लिए मुझे कितना भी दर्द क्यों न हो.

बापू एक एक करके पद्मिनी की नंगी जवानी को निहारता गया और इसी कारण उसका लंड पेन्ट के अन्दर एकदम तन गया था, जिससे पद्मिनी को पेंट उतारने में तक़लीफ़ हो रही थी. मैंने भाभी की तरफ देख कर लंड को हिलाया तो भाभी नीचे बैठ कर मेरे लंड को सहलाते हुए अपने मुँह में लेकर एक किस के साथ थोड़ा सा चूस कर बोलीं- चलो अब खेल शुरू करो. मैंने पेंट की चैन नीचे करते हुए लंड को खुली हवा की खुश्बू दिलाई और कहा- चाची, मैं कुछ मदद करूँ?चाची मेरे लंड की पहाड़ी पर आँख जमा कर बोलीं- तुम क्या करोगे.

मैंने फिर से कोमल को अपनी गोद में लिटा लिया और मम्मों को दबाने लगा. लेकिन कोई भी भारतीय लड़की अपनी लाज शर्म के चलते अपने दिल की बात किसी लड़के से नहीं कह पाती है.

वह ऑटो में मेरी बाजु में बैठी थी और सेक्सी कपड़े पहनी थी, मेरा तो खड़ा हो गया था. मैं जिस स्पा में मसाज़ करवाने जाती हूँ वहाँ 2 लड़के और 8 लड़कियाँ हैं. फिर कुछ मिनट बाद हम दोनों झड़ने वाले थे तो मैंने उसकी गांड में ही सारा माल भर दिया.

उनको देखकर मेरा भी कई बार लंड खड़ा हो जाता था, पर मैं हाथ से लंड दबा कर छुपा लिया करता था.

कुछ नहीं बेटा, तुझे इस रूप में आज पहली बार देखा तो नीयत खराब हो गयी. पास आकर उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और नशीली आँखों से मुझे देखती मेरा सुपारा चूसने लगी. आआआ आअहह उई उम्म्म्म…”फिर मैंने धीरे से उनकी चूत की फांकों को खोला और अन्दर से उनका चना सा दाना दिखने लगा, तो मैंने अपनी जीभ से उसे छेड़ दिया.

ना जाने मुझे क्या हुआ कि सर जो कर रहे थे, वो बहुत अजीब लगने लगा था, पर इसमें अलग तरह का मजा आ रहा था. ऐसे उतना नहीं होगा।”क्या करने वाली हो?” मैंने संशक भाव से कहा।छोटा बैंगन तेरे लिये है।”मुझे थोड़ा अजीब लगा.

मैं उनके पास जाने लगा तो मेरा 8 इंच का लंड सांप की तरह फुंफकार रहा था. मैंने सुनीता से कहा- वाह सुनीता, तुम्हारे तो मजे हो गए, अब तो तुम अंकित से रोज चुदाई करवाओगी. करके उसने अपना सारा माल मेरे मुँह में निकाल दिया और मैं उसे पूरा चाट गया.

इंडियन ब्लू फिल्म दिखाओ

तभी अचानक से ही मैंने एक जोर का धक्का लगा दिया और इस बार मेरा पूरा लंड अन्दर उसकी चूत की जड़ तक पेल दिया.

वही बंजारिन की वेशभूषा में थीं; मेरे ऊपर झुके होने के कारण उनके मम्मों की गहरी घाटी मेरे मुंह से कुछ ही इंच के फासले पर थी. हम दोनों ने एक-दूसरे को बांहों में भरकर देर तक चूमाचाटी की, माहौल गरमाने लगा. इससे इंटरेस्टिंग कोई सब्जेक्ट ही नहीं लगेगा, वन्द्या ये बहुत मजेदार है.

फिर मुझे ऊपर खींच कर मेरे होंठों पर किस करके खुद अपनी बुर के रस का स्वाद लेने लगीं. तब मैं समझा कि ये सूखने डाले हुए कपड़ों को उतारने की बात कर रही हैं. सौतेली मां सेक्सीघर से निकलने के बाद दिन भर ऑफिस में मुझे ये डर लगा रहा कि कहीं वो रात वाली बात अपनी बेटी को ना बता दें.

मैं भी पहले से बिल्कुल जोश में थी, सो मनोहर से ऐसे लिपट गई, जैसे मेरे जिस्म में और मनोहर के शरीर में कोई अंतर ही न हो. फिर मैंने हाथ मिलाये हुए ही उनका नाम पूछा, तो उन्होंने अपना नाम अंकिता (काल्पनिक) बताया.

मैडम आगे बढ़ गई थीं और पीछे मैं रूम का डोर बंद कर ही रहा था, तभी उन्होंने मुझे पीछे से ज़ोर से हग कर लिया. स्मिता- क्या वो तुम्हारी सौतेली माँ है?वरुण- नहीं, वो मेरी सगी माँ है. रात को मैंने बेल्ट वाला डिल्डो बाँध कर उसकी चूत में पेल कर बोला- देख यह चूत तुम्हारी सबसे ज़्यादा कीमती वस्तु है.

बीवी ने अपनी मुठ्ठी में मेरा लंड पकड़ कर चुत के छेद पर सैट किया और लंड पर बैठ गई. मैं मना करती रही, फिर भी उसने मेरा मुँह अपने लंड से भर दिया और मेरे मुँह को चोदने लगा. फिर धीरे से थोड़ा पीछे और फिर अन्दर की ओर दबाया लेकिन चूत बहुत टाइट थी और लंड अंदर जा नहीं रहा था.

मैंने भाभी को कहा कि मैंने आपको 8 बजे उठाने को कहा था, तो भाभी मेरे ऊपर लेट गईं.

अब ये खेल पूरे हफ्ते होगा क्योंकि मेरी माँ अपने गाँव 7 दिन के लिये गयी हैं. अब सुरेश जी ने एक जोर का धक्का मारा तो उनका लंड मेरी गांड को फाड़ता हुआ सीधा अन्दर चला गया.

दो-तीन मिनट बाद मैं अपनी कमर उछालने लगी, पता नहीं दर्द कहां गायब हो गया, मुझे खुद समझ नहीं आया. सफाई करके जैसे आई तो उसकी ठुमकती गांड देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. यह सब सोच सोच कर कि उसको चोदने के लिए दुबारा से एक कुँवारी चूत मिल गई.

बातों बातों में हमने पूछा कि कोई लड़की दोस्त बनी या नहीं?तो वह बोला- भारतीय लड़कियाँ सुंदर हैं पर कोई उसकी दोस्त नहीं बनना चाहती. घंटी की आवाज़ सुन कर उसने दरवाजा खोला तो मुझे देख कर बोली- आज जल्दी छोड़ दिया. मयूरी के लिए यह अनुभव एकदम नया था, वो इस पल के एक-एक लम्हे का आनंद लेने लगी, उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगी- आह… भैया… बहुत मजा आ रहा ह… है… और दबाओ… ना इनको!विक्रम मयूरी की ऐसी कामुक बातों से और उत्साहित हो गया और जोर-जोर से मयूरी की अनछुई चूचियों को दबा-दबा कर आनंद लेने लगा.

बीएफ हिंदी जंगली मैंने भी उसके दोनों पैरों को अपने दोनों हाथों से पूरी तरह से जकड़ लिए. कीकु बहुत गर्म हो चुका था, वो रूबी की निप्पल को अपने दाँत से दबाने लगा.

चोदा चुदाई वीडियो

अब हम दोनों ने एक दूसरे को कसकर चिपका लिया था, उनकी चुत ने मेरे लंड को ज़ोर से जकड़ना चालू किया. अब उसका मुंह मेरी तरफ था और मेरी गांड उसके मुंह की तरफ मुझे नींद नहीं आ रही थी और ना ही प्रीति सो रही थी. मुझे बड़ा गुस्सा आया इसकी इतनी हिम्मत? मैंने थोड़ी देर उसे नज़रअंदाज किया, पर वो नहीं माना.

उसके बाद वो और मैं साथ साथ ट्रेनिंग पर जाने लगे और हमारी बातें होने लगीं. काफी देर तक इन्तजार के बाद हम दोनों ने ये तय किया कि सड़क के रास्ते चला जाए. मल्याळी सेक्सअब मेरा कंट्रोल मुझ से जा रहा था, मैं ज़ोर ज़ोर से लौड़ा आगे पीछे करने लगा, जब मैं चरम पे पहुँचा, मैंने उसका सर पकड़ा और अपना पूरा लंड मुँह में घुसा दिया.

उन्होंने इसकी शादी किसी अपने दोस्त के लड़के से करने की सोची हुई है, जो बहुत अच्छी जॉब करता है.

इसके बाद जैसे ही चूत को ले कर मेरे मुँह पर रखा तो वो दोनों हाथों से उसको खोल कर देखने लगा, जैसे कि वो कोई बहुत बड़ा जौहरी हो, जो हीरे की पहचान कर रहा हो. इस झटके के साथ लंड का सुपारा उसकी चुत की फांकों को चीरता हुआ अन्दर घुस गया.

मैंने जेम्स को बोला- तुम रितु के साथ सेक्स करो, मैं तुम दोनों को देखता हूँ और मैं बाद में ज्वाइन करता हूँ. मैं तो अपना सब कुछ आप पर लुटाना चाहती हूँ मगर आप लूटना ही नहीं चाहते. फिर हम दोनों यूं ही मस्ती करने लगे और ऐसे ही 10 मिनट के बाद हम दोनों गर्म होने लगे और फिर 69 में आ गए.

इसकी मां को देखा था, यह कहीं से भी अपने मां बाप की बेटी नहीं लगती है.

कहानी अब रणविजय के शब्दों में:वाह क्या नजारा था… दूध जैसी गोरी, लंबाई में थोड़ी सी छोटी लेकिन भरे हुए शरीर की मालकिन रीना, मेरे दोस्त की बीवी, मेरे सामने खड़ी थी. उधर विकी मेरे निप्पलों को बुरी तरह से मसले जा रहा था और मैं भी उसके लौड़े को जबरदस्त तरीके से खींच रहा थी. वो एक आलीशान रिज़ॉर्ट था, बहुत मस्त और सभी तरह से वो एक आलीशान महल की तरह लग रहा था.

सेक्सी वीडियो मधु शर्मातेरे आदमी में तुमको चोदने का दम नहीं है क्या? उसका लंड इतना मोटा नहीं है क्या?उसने ‘ना. मैंने उसकी ब्रा पेंटी को भी निकाला और उसको अपनी गोद में इस तरह से बिठा लिया कि उसका मुँह मेरे मुँह के सामने आ गया.

ಸನ್ನಿ ಲಿಯೋನ್ ಸೆಕ್ಸ್ ವೀಡಿಯೋಸ್

बापू अपनी बेटी पद्मिनी की चूत को अपनी जीभ से चाटता हुआ मजे लेता गया. रूबी की गोल गोल गांड हमारी तरफ थी, उसके बीच में पतली पैंटी घुसी हुई. मेरी सांसें वहीं सीने में घुटने लगीं, मुझे गहरा धक्का लगा। अब गम की जगह एक डर ने ले ली थी, मैं ज्यादा देर वहां पर रुक नहीं पाया।उसके जाने के गम का घाव अभी भरा भी नहीं था कि एक और सदमे ने मुझे हिलाकर रख दिया। अब मुझे भी दिन रात ये चिंता खाए जा रही थी कि कहीं मुझे भी एचआईवी तो नहीं लग गया.

वल्लिका ने कहा- बाबा आपके बताए गए प्रत्येक नियम का पालन मैंने पूरी निष्ठा से किया. फिलहाल वो आईं और एक सेक्सी डांस का लुक देकर मेरे बगल में आकर बैठ गईं और मेरी और देख मुस्कराईं. अब मेरी सास मुझसे बोलीं- तुम बहुत नॉटी हो मुझे किए बिना ही ठंडा कर दिया, लेकिन मुझे अभी तृप्ति नहीं मिली है, मैं बाथरूम से आती हूँ.

हम दोनों धीरे धीरे गर्म होने लगे और कब हम दोनों के होंठ एक दूसरे से मिल गए, पता ही नहीं चला और हम एक दूसरे को किस करते हुए एक दूसरे में खो गए! हम भूल गए थे कि हम सिनेमा हॉल में हैं. मुझे चूत मारने में मज़ा तब आता है जब लड़की मजे से आह… उह… करे और सेक्स का आनंद ले. फिर वो बोली कि शादी में क्या होता है? मैंने कहा कि कई रस्में होती हैं.

मैंने अभिलाषा को फोन नंबर मिलाया, तो अभिलाषा ने कहा- जूली जरूर आपके पास आएगी, उसने मुझसे वादा किया था. मैंने अभिलाषा को फोन नंबर मिलाया, तो अभिलाषा ने कहा- जूली जरूर आपके पास आएगी, उसने मुझसे वादा किया था.

मैंने दीपक से कहा- तुम्हारा मस्त माल भी इस लंड को टेस्ट करना चाहता है.

चूत चूसने के साथ साथ मैं उसकी गांड में भी उंगली करने लगा जिससे वो थोड़ा उचकने लगी और बड़ी मस्ती के साथ लन्ड चूसने लगी।5-7 मिनट ऐसा खेल चलने के बाद मैंने उसे नीचे लिटाया, उसके बूब्स दबाते हुए उसकी चूत चाटने लगा. अंग्रेजी फुल सेक्सी पिक्चरशुरू से फिज़िकल आक्टिविटी में इन्वॉल्व होने के कारण मैं बहुत ही स्ट्रॉंग था बाकी लड़कों से. सेक्सी नई कहानियांएक और आदमी अन्दर आ गया, लल्लन ने उसे देख कर कहा- आजा तेरी क़िस्मत खुल गयी. अचानक से एक दिन मुझे निक्की ने उस वक्त कॉल किया, जब मैं एक क्लाइंट साइट पे था और चक्कर चला रहा था.

उसको उसके पार्लर से थोड़ा दूर छोड़ा क्योंकि वो नहीं चाहती थी कि कोई हमें साथ देखे ओर कुछ गलत समझे.

जैसे ही मैं उसकी चुत पर आया, उसकी उत्तेजना और बढ़ गयी, वो बड़बड़ाने लगी और मेरा सर चुत में दबाने लगी. नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम माहिर सिंह है, मैं उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से कुछ दूर एक गांव में रहता हूं। मेरी उम्र 22 साल है, और लम्बाई 5. सबसे पहले मैंने कोमल को किस किया और बेड पर लेट कर उसके मम्मों को दबाने लगा.

अब तुझे क्या हो गया? पहले तो मेरे बूब्स छूने का कोई मौका नहीं छोड़ता था, अब जब चुदाई का मौका है तो मुझे चोद ना. तो मैंने एक झटके में ही उसकी पेंटी उसके बदन से अलग कर दी और उसकी चूत में एक उंगली डालने लगा. फिर मैंने मामी की ब्रा के हुक भी खोल दिए तो उनके बड़े बड़े स्तन आजाद हो गए.

जीजा और साली की सेक्सी

मनोज के लंड का पानी भी शायद खत्म हो चुका था, जिसका नतीजा यह हुआ कि अब लंड भी बाहर तभी आता जब वो अपना पानी छोड़ता. मधु- अरे कहां हो तुम?उसकी आवाज सुनते ही मेरे लौड़े ने अपना काम चालू कर दिया था. उस दिन के बाद हर रोज़ उसकी नज़र सिर्फ मुझ पर और मेरे स्कर्ट पर रहती थी… और जब भी मैं फ्री होती तो वह मुझसे बातें करने लगता.

मेरी बीवी ने मुझे बिस्तर पर सीधे लेटने के लिए कहा तो मैं सीधे लेट गया.

इसी बीच उसने मेरे होंठों को भी छोड़ दिया और मैंने उससे लंड को निकालने को कहा, क्योंकि मुझे अभी भी दर्द हो रहा था, साथ ही मुझे डर भी लग रहा था कि कुछ गलत ना हो जाए.

उसको मैंने कहा कि जब तक आपका कोई पक्का बंदोबस्त ना हो जाए, आप इसे अपना ही घर समझते हुए आराम से रहो. अब मैं जान चुकी थी कि इसको अगर एक भी इशारा मिल गया तो यह अपना लंड मेरी चुत में डाले बिना नहीं रह पाएगा. आदमी लुगाई की सेक्सीयूं तो आमतौर पर लड़की की पंद्रह वर्ष की उमर के बाद सोलहवां साल लगते ही उसकी चूत भीगने लगती है, उसमें सुरसुरी उठने लगती है और उसे सेक्स की चाह या चुदने की इच्छा सताने लगती है, उनकी चूत का दाना रह रह के करेन्ट मारने लगता है.

और ये कहते हुए वो अपनी चूचियों को विक्रम के एकदम चेहरे के भाई एक इंच की दूरी पर ले गयी. दोस्तो, उसकी भाभी/पत्नी इतनी खूबसूरत थी कि लग ही नहीं रही थी कि उसकी उम्र 35 की है. उसकी चूत से फच फच की आवाज़ आ रही थी और कमरे में उसकी कामुक सिसकारी गूँज रही थी, रितु जोर जोर से बोल रही थी- फाड़ दो मेरी चूत, बुझा दो मेरी चूत की आग!जेम्स ‘माय गॉड … माय गॉड …’ कर रहा था.

वो जानबूझ कर पहले बच्ची के होंठों पर किस करती थी और फिर उससे मेरे होंठों पर किस करवाती थी. मैं सोफे पर बैठ कर उससे बात कर रहा था, वो मेरे सामने खड़ी थी, फिर उसने मुझे कॉफी ला कर दी, जब वो कॉफी देने के लिए झुकी, तो उनके दूध जैसे गोरे मम्मों के आधे दर्शन हो गए.

मेरी फ्लोर पर सीढ़ी के पास छत से नीचे आने के लिए एक ग्रिल का दरवाजा लगा है, वो लॉक करने से कोई ऊपर नहीं आ सकता था.

अगर लंड पूरी तरह से ढीला होता था, तो मम्मों के ऊपर ध्यान देकर उनको मसलने लगता. पर यहाँ कुछ कर नहीं सकता था क्योंकि उसका बच्चा था तो वो इशारे में रूम में आने को बोल कर वहाँ से चली गयी. मेरे अचानक इस हमले से वो एकदम से घबरा गई और अपने आपको मुझसे छुड़वाने की कशमकश करने लगी थी.

बाहुबली बाहुबली फिर उन्होंने मेरे लंड को हाथ से पकड़ लिया और अपनी उंगलियां मेरी गोटियों और गांड के छेद पे फिराने लगीं. मारने के बाद धो लेंगे न।”प्रतिरोध मैं भी करना चाहती थी लेकिन यह अहसास था कि चलनी उसकी ही थी तो खामखाह पें-पें करने का कोई मतलब भी नहीं था।रज्जो.

वो थोड़ी होश में थी शायद… मुझे धीरे से अलग किया, वो बोली- यह कब कैसे शुरू हो गया, मुझे कुछ याद नहीं?मैंने उसे सारी बात बताई, वो बोली- ओह, सॉरी. अब मैंने दोनों हाथों से कोमल के हिप्स पकड़ लिए और जोर जोर से लंड पेलने लगा. कुछ ही देर बाद मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था और मैं भी अपनी गांड साथ में हिलाए जा रही थी.

हिंदी बी एफ

मैंने उसका लंड पकड़ के अपनी चूत पर सैट कर दिया लेकिन पता नहीं क्या हुआ, उसने मुझे नीचे बेड पर गिरा दिया और ख़ुद मेरे ऊपर आ गया. स्मिता- सही में तेरी माँ चुदक्कड़ लगती है, ये बता कि अगर तेरी माँ सच में मिल जाये तो उसको चोदेगा? फट तो नहीं जायेगी तेरी?वरुण- अगर मौका मिला तो ऐसी चूत चुदाई करुगा माँ फैन हो जायेगी मेरी, खुश कर दूँगा उसको!स्मिता- अगर एक लाइन अपनी माँ के लिए बोलगे तो क्या बोलोगे?वरुण- शी इस अ हॉट फकिंग बिच! ( वो एक गर्म चोदने लायक कुतिया है. पद्मिनी ने नज़र तिरछी करके देखा कि उसका बापू उसको दरवाज़े के पास खड़े होकर घूर रहा है.

पर ये भी था कि मैंने जिससे भी सेक्स किया, उससे फुल मस्ती की और हर बार मेरे पार्टनर को भी बहुत मजा आया. मैंने उसकी बुर चाटने का प्रयास किया लेकिन वो मुझे नहीं करने दे रही थी.

पसंद न हो तो साफ़ साफ़ कह देना अगर पसंद हो तो बहुत सोच समझ कर जवाब देना.

दोस्तो, आपको मेरी मम्मी की चूत चुदाई की सेक्सी स्टोरी कैसी लगी? मुझे ईमेल करके जरूर बतायें! आपको अगर अच्छी लगी तो आगे की कहानी भी जरूर लिखूंगा!मेरी ईमेल है –[emailprotected]. हम दोनों एक दूसरे को बहुत देर तक चुम्मा चाटी की और उसके बाद उसने मुझे अपने बिस्तर पर खींच लिया. प्रिय अंतर्वासना के पाठको, आपके मेल ही मुझे आगे की कहानी लिखने के लिए प्रेरित करेंगे। मेरी आपबीती पसंद आई? क्या आप मेरी कहानी आगे भी पढ़ना चाहते हैं? तो कृपया मेल करें[emailprotected]पर।कहानी का अगला भाग:याराना-4.

साथ ही मैडम के चिकने पेट पर हाथ घुमाते हुए उंगली से नाभि को कुरेदने लगा. तभी मैं सहलाते सहलाते अपना हाथ उसकी पेंटी के ऊपर ले गया, जहां उसकी चूत पहले से ही भट्टी के जैसी गर्म थी. कुछ पल बाद मैंने उसके दोनों मम्मों को दोनों हाथों में लेकर दोनों निप्पलों को एक साथ किया और एकदम से चूसना शुरू कर दिया.

मैंने धीरे से अपने लंड को हाथ से पकड़ कर पीछे से उसकी गांड की दरार में रखा और एक हल्का सा धक्का मारा.

बीएफ हिंदी जंगली: फिर मैंने धीरे से उसकी सलवार उतार दी और उसकी पेंटी पर किस करने लगा. अपने हाथों से उसके बड़े-बड़े बोबों को मसलने लगा, जिससे उसकी उत्तेजना और बढ़ गई.

मगर उस दिन के बाद हमारी किस्मत भी वो अपने साथ ले कर चली गई या यह कहूँ कि मैंने अपनी किस्मत भी उसके साथ भेज दी. उनके होंठों पर हल्की सी मुस्कान भी थी, मुझे तो यह शक हो रहा था कि उन्होंने मुझे खीरे को मेरी मुनिया में घुसाते हुए देख लिया है. जैसे ही मुझे उनके उठने की आहट हुई, मैं फिर से वैसे ही धीरे धीरे जानू जानू बड़बड़ाने लगा और अपने दोनों हाथों से अपने शरीर को सहलाने लगा.

फिर मैंने उसकी लाल रंग की पेंटी उतारी, जिससे उसकी चूत साफ़ दिखने लगी.

तुम्हें अब रोज चुदाई करवानी जरूरी है, इसमें कितना मजा है यह तुम आज ही जान जाओगी. लंड फंसते ही मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया, जिससे एक ही झटके में मेरा पूरा लंड उसकी बुर में समा गया. वहां मुझे अन्य सीनियर लोगों के साथ एक बड़े से हाल में एडजस्ट होना पड़ा.