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मेरी जांघ को चाटते हुए मेरे आड़ू को भी मुंह के अन्दर भर लेती थी।मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। इतना करते करते मुझसे बोली- लाला, जरा घूम तो सही, मैं भी तो देखूं कि गांड में कैसा मजा होता है.मैंने फोन पर आशीष को संबोधित करते हुए जीजा से लंड बाहर निकालने का इशारा किया.

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काली ब्रा के ऊपर से मैं उसके दोनों मम्मों को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा.

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थोड़ी देर में गाँड उसको जगह दे देगी और तुमको मज़ा आएगा।रिया- अरे डैड, मैं अपना सब तुमको दे चुकी हूं और साथ में मज़ा लूटना है ना! आआहह … थोड़ी देर बस लण्ड को गाँड में स्थिर रखो फिर खूब चोदना। तुमने तो लंड ऐसे घुसाया कि लंड को गांड से डाल कर मुंह से निकाल दोगे!रमेश- ठीक है साली रंडी, मगर तूने ही मुझे उकसाया था. उसके बाद भाभी ने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैंने कहा- अभी तक आपके जैसी कोई मिली ही नहीं. किस्मत को भी शायद यही मंजूर था इसलिए दो दिन के बाद भाभी दोबारा मुझसे उसी जगह पर टकरा गईं.

पति- मैं समझ रहा था कि तुम्हारी चुल्ल उठेगी, तुम अपने पर काबू रखो न. गुप्ताइन ने मेरी ओर करवट ली और अपना हाथ मेरे लोअर में डालकर लण्ड सहलाने लगी. मैंने कहा- तुम्हें अभी मज़ाक सूझ रहा है … इधर अंधेरे के कारण मेरी जान जा रही है.

अपनी बहन के बारे में सोच कर ही मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा होना शुरू हो गया. मैं पसर कर लेट गया और नम्रता अपनी चूत में भरा हुआ माल लेकर मेरे मुँह पर आ गयी. भाभी ने काले रंग की साड़ी पहनी हुई थी। दोस्तो, आप सबको पता ही होगा कि काले रंग की साड़ी में गोरा बदन कितना हॉट लगता है।फिर भाभी अंदर आई तो भाभी ने मुझे देखते ही गले लगा लिया.

मैं बोली- जी सर, कहिये क्या बात है?वो बोले- क्या तुम अपनी इस जॉब से खुश हो?तो मैंने हां में सर हिला दिया. हालांकि नम्रता की चूत भी लसलसी हो चुकी थी, फिर भी माल अभी बाहर नहीं निकला था.

लेकिन दिन का समय होने की वजह से वो छत की सीढ़ियों और मीरा की छत पर रखे प्लांट्स की ओर आ गए.

लोग सच ही कहते हैं कि सेक्स के खेल में आदमी एक बार घुस जाए, फिर उसको इसके अलावा किसी चीज़ का मज़ा नहीं आता.

ओहो … भारी जड़ाऊ काम वाली चुनरी खींच कर या झटके से तो निकाली नहीं जा सकती थी. मैंने उनका साथ देना शुरू कर दिया क्योंकि मेरे पति असम में तैनात थे और दस दिन के बाद आने वाले थे. मौसी वैसे ही मेरे लंड को ऊपर नीचे करती रहीं और बीच बीच में इधर उधर भी देख लेतीं कि कहीं कोई हमें देख तो नहीं रहा.

हालांकि बाद में मुझे रेस्टरूम में जाकर मुठ मार कर खुद को शांत करना पड़ता था. तब मैंने उससे पूछा कि कौन था, जिसे तुम्हारी चूत का छेद भी चौड़ा भी नहीं हुआ. थोड़ी देर तक मेरे ऊपर पड़े रहे, फिर मुझसे अलग हुए मेरे माथे को चूमते हुए बोले- नम्रता, आज मुझे बहुत मजा आया.

अभी एक घंटा बीता भी नहीं था कि गुप्ताइन आ गई, अन्दर आते हुए उसने मेन गेट और ड्राइंग रूम का दरवाजा बंद कर दिया था.

फिर अपने घुटनों पर ऊपर हुई और पीछे होते हुए मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर सैट किया, धीरे से नीचे बैठते हुए ‘अअअ भईया अअअअअ आई …’ उसने धीरे धीरे पूरा लंड अन्दर ले लिया. कुछ देर लंड चलाने के बाद उन्होंने खुद को मेरे नीचे लिटाया और खुद मुझे लंड पर हिलने को कहा. मेरी सिसकारियां सुन कर प्रिंसीपल सर को और ज्यादा जोश आ गया और वो मेरी चूत के बालों को नोचते हुए मेरी चूत के छेद में अपनी जीभ से लपलपाने लगे.

करीब दस मिनट तक लंड चूसने के बाद उन्होंने अपने लंड के लावा को मेरे मुँह में छोड़ दिया. इसके बाद मैंने भी उसकी बुर पर अपने दोनों होंठ टिका कर खूब बुर चुसाई की थी. इस सफर की शुरुआत उस वक्त हुई थी, वह सफर आज भी वैसे ही लगातार चल रहा है.

अरे साली जी मुझे तुम्हारी चिंता तुमसे ज्यादा है सो तुझे कोई टेंशन नहीं लेना है, सब मेरी जिम्मेवारी है.

उन्होंने दोनों गिलासों में शराब डाली, फिर बोले- चल मेरे और अपने पैग वाले गिलास में मूत. ”अंकल ने मेरी पीठ की मालिश करनी शुरू कर दी, अपना हाथ मेरी गर्दन से कमर तक घुमा रहे थे और वही प्रक्रिया अपने होंठों से भी दोहरा रहे थे.

बीएफ एचडी फुल हिंदी मैं अपनी आंखों में कामुक भाव लाते हुए उनसे बोली- सर … क्यों सता रहे हो … डाल दो ना आप का लंड मेरी चुत के अन्दर!जो हुकुम डार्लिंग!” बोल कर शर्मा सर धीरे से मेरे ऊपर चढ़ गए. मैंने अपना लंड मुस्कान के मुंह के पास किया तो मुस्कान ने अपने एक हाथ से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और पीछे उसकी चूत में मोनू ने लंड डाला हुआ था.

बीएफ एचडी फुल हिंदी अब अमीषी की जवानी की कहानी उसी की जुबानी:मेरा भाई 10वीं फेल, दोस्तों के साथ रात रात भर बाहर रहता, दारू पीता, लड़कीबाजी करता. सारा मुझे कराहते देख दिलिया के ऊपर के होंठ को और जोर से चूसने और काटने लगती थी जिससे चूत और जोर से भींचने लगती थी फिर सारा ऊपर का होंठ चूसते हुए उसकी जीभ भी चूसने लगती थी जिससे चूत लण्ड को भींच कर निचोड़ने लगती थी.

पर मुझे यह नहीं पता था कि मेरी इस पोजीशन का अंकल को फायदा ही होने वाला है.

डाबड़ा कांड

चार बजने में आधे घंटे का ही समय रह गया था और मैं अभी तक किसी संतोषजनक निर्णय को लेने में सफल नहीं हो पायी थी. ऐसा करते करते चूत में लंड कब पूरा चला गया, न पिंकी को पता चला न नितिन को महसूस हुआ. उनका कामरस बह कर मेरे अंगूठे को भिगोता हुआ उनके पेटीकोट पर फैलने लगा.

मैं एक पल यूं ही रुका रहा, जब उससे सब्र ना हुआ, तो उसने नीचे से अपनी गांड उठा कर मेरे लंड को अपनी चूत में निगलना चाहा. कुछ देर में मैं भी झड़ गया और सारा ने दिलिया की जीभ चूसनी शुरू कर दी जिससे उसकी चूत ने मेरे लण्ड को निचोड़ दिया. चाची बोली- आराम से कर हरामी, इनको उखाड़ने का इरादा है क्या?मैंने कहा- चाची, इनको तो बस पीने का इरादा है.

संतोष जी बोले- तुमने तो पहले भी गांड मरवाई है … चलो अब गांड की बारी है.

मैंने कहा- आप ड्यूटी पर नहीं जा रहे हो क्या?वो बोले- नहीं, आज तबियत कुछ ठीक नहीं लग रही. जूली के गीले बदन से चिपकने के बाद मेरी वासना भड़कने लगी थी, जूली भी मुझसे लिपट गयी. आआईई ईई … अमित …” करके भाभी ने मुझे झटके से अपने से अलग किया और खड़ी हो गईं.

बस फिर क्या था, धक्के लगने शुरू हो गए, मैं थक जाता, तो नम्रता ऊपर आ जाती. रात को जब वो 9 बजे आई तो रेड कलर का वनपीस पहन कर आई थी जिसमें वो गजब की सेक्सी लग रही थी. अंकल के हाथ हटते ही मैंने जोर की सांस ली और अंकल के ऊपर चिल्लाने लगी- अंकल … आप बहुत बुरे हो … मुझे कितना दर्द हो रहा है.

ईशश … अंकल क्या कर रहे हो?”नीतू तुम्हारी चुत की खुशबू सूंघ रहा हूँ. पैंटी के घर्षण के कारण जल्दी मेरा लंड भी पानी छोड़ने के लिए तैयार हो गया.

सुबह मेरी आंख खुली तो पाया कि पापा और मैं एक दूसरे नंगे चिपके पड़े हैं. मैं उसकी चूची को दबाते हुए कभी गर्दन पर जीभ फेरता, तो कभी कान पर जीभ फेरते हुए उसके कान को चबाता और नम्रता मेरे लंड को पकड़ कर मसल रही थी. उसको बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा था और उसकी आंखों से आंसू आना शुरू हो गये थे.

आकार भले ही कम था परन्तु बिल्कुल ‌कसी हुई और स्पंज के जैसी एकदम गुदाज थी। ऐसा लग रहा था जैसे कि मेरे हाथ में कोई रबड़ की‌ बॉल आ गयी हो जिसको मैंने पहले तो हल्के हल्के सहलाया फिर थोड़ा जोर से मसलना शुरू कर दिया जिससे मोनी अब फिर से कसमसाने लगी।मोनी की चूची को मसलते हुए मैंने अपने हाथ को अब उसके गले के पास से अन्दर भी घुसाने की कोशिश की किंतु मोनी ने अपने हाथ से गले के पास से सूट को दबा लिया था.

मैंने देखा कि उनके शर्ट के ऊपर के दो या तीन बटन खुले हुए हैं और उनका एक बूब पूरा बाहर है और वो अनजान बनकर झाड़ू लगा रही थी. फिर वो फ्रेश होकर बाहर आई और मुझे बोली- तू भी फ्रेश होकर और झांट निकाल कर आना. फिलहाल वो बस मजे ले रही थी … ना उसके मुँह से कुछ आवाज निकल रही थी … और ना ही वह कुछ कह रही थी.

थोड़ा सा गाण्ड में भी कर देते तो मज़ा आ जाता।रमेश- तेरी चूत से कौन सी कोल्ड ड्रिंक बाहर आई है साली कुतिया? वो भी गर्म ही थी और तेरी गाण्ड में सूसू करने वाली इच्छा भी दोबारा मैं पूरी कर दूँगा।वो बोली- डैड आपकी पूरी जाँघें और पेट सूसू से सन गया है. हरकेश ने दनादन उसकी चुदाई चालू कर दी और सुमन मेरा लंड चूसती रही।हरकेश इतनी जोर से धक्के लगा रहा था कि सुमन के मुंह के अंदर मेरा लंड अपने आप जा रहा था.

कुछ देर तक तो मैं और अनिता ऐसे ही लेटे रहे उसके बाद अनिता बोली- आज जिस तरह से आपने मुझे चोदा है, वो मैं कभी नहीं भुला सकती. मगर अभी तो महायाराना के इस आगाज़ में चुदाई की कुछ बेहद गर्म कहानियां शुरू भी नहीं हुई थीं. हालांकि बाद में मुझे रेस्टरूम में जाकर मुठ मार कर खुद को शांत करना पड़ता था.

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फिर मीरा ने रितेश से कहा कि जब से तुमने मुझे अपनी गोद में उठाया था, तब से ही मैंने ठान लिया था कि मैं तुमसे चुद कर ही रहूँगी.

बहुत ही मस्त स्वाद था उसकी चूत का नमकीन नमकीन सा!10 मिनट मैं उसकी चूत को चाटता रहा और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. तभी संजना ने शीना की चूत पर अपनी उंगलियां रख दीं और वह उसकी चूत सहलाने लगी. कुछ देर के मुख मैथुन के बाद मैंने मीना को मिशनरी पोज़िशन में लिटाया और गौर से उसकी यौवन की घाटी को देखा.

उनका गोरा बदन, उन्नत और सुडौल उभार, एकदम सुर्ख गुलाबी होंठ, स्लिम ट्रिम बॉडी, इसको देख कर पूरे ऑफिस के एक एक मर्द का लंड खड़ा हो जाता. उस दिन मैंने ध्यान दिया कि वह मुझे नीचे ही नीचे तिरछी नजर करके देख रही है. बीएफ ब्लू पिक्चर भोजपुरी मेंमगर मैं फिर भी उनके लंड को आगे-पीछे करती रही यही सोच कर कि जीजा जी अभी शायद स्तनपान में व्यस्त हैं.

दोस्तो, आप को बताना चाहूंगा कि हम जिस रिश्तेदार के यहां शादी में गए थे, उनका थोड़ी ही दूर पर एक छोटा सा और घर था, जिसमें वो लोग फालतू सामान और प्रयोग में ना कि जाने वाली चीजें रखते थे. हालांकि अपने लंड मैं काफी देर तक मसलता रहा, जिसके कारण लसलसा लगने लगा था.

मैंने उसे नीचे झुकाकर चूचियों को मुँह में लिया और चूसने लगा तो वह लंड को अंदर बाहर करने लगी. मैं बोली- ओह हो मेरे लाल … मेरे लिये भी मलाई बचा के रखना … मैं भी तेरी गांड को ऐसे ही चाटूंगी. मेरे होंठों ने थॉमस के लंड को पूरा चिकना कर दिया था और उसका लंड अब एकदम कड़क भी हो गया था.

जैसे ही मैंने धक्का दिया तो मेरा लंड सट से चूत के अन्दर सरक गया और चूत से फ़च की आवाज़ आई. दीपाली की चुत इतनी टाईट थी कि दर्द के मारे उसने ‘ऊउइ … उफ़्फ़्फ़ … अम्मा … मर गई. तभी उधर से आवाज आयी- मैं यहां से तुम्हारी गांड में लंड कैसे डाल सकता हूं.

तुषार ने भी अपने सभी कपड़े उतार कर सीट के ऊपर जहां मेरा मुँह था, वहां आ गया और धीरे से अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया.

उधर गुड्डी रानी और मैं दोनों किसी रेस लगाए हुए घोड़े की तरह हांफ रहे थे. मेरा हाथ जैसी ही उसकी चूत से टच हुआ, वो अचानक सिसिया उठी और फिर से मेरे लंड से खेलने लगी.

उधर जीजू मुझे मना रहे थे- अरे रुक जाओ रानी … ये कोई नई बात है क्या … जीजा साली में इतना तो चलता है. उसके मुँह से रिक्वेस्ट शब्द सुनते ही मैंने सोची कि ये शायद माफी मांगेगा. रात मैं मुझे नींद ही नहीं आ रही, बस भाभ की गांड का वो स्पर्श याद आ रहा था.

रिया मस्ती में ठुकवाती जा रही थी।सिसकारते हुए वो बोली- आह्ह डैडी, ये तो बहुत अच्छा माल तैयार हो रहा है, मुझे खिलाओगे न?रमेश- हां डार्लिंग. फिर वापस उसी तरह जीभ चलाते हुए नीचे की ओर बढ़ते हुए उसने लंड को गप से मुँह के अन्दर लेकर ओरल चुदाई शुरू कर दी. दिलिया गर्म पानी मग में डाल कर ले आयी और मैंने लण्ड पानी में डाल दिया.

बीएफ एचडी फुल हिंदी इस बार मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसके कंधों को कस कर पकड़ा और अंधा-धुंध धक्के लगाने लगा. मैं धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा ताकि उसके होश में आने से पहले लंड उसकी बुर को थोड़ा और खोल सके.

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पर मुझे 10 मिनट बाद निकलना था और मुझे वो 10 मिनट 10 घंटा लग रहे थे. दोपहर को मीरा ने रितेश को मैसेज किया और कुछ नींद की गोलियां अपने साथ लाने को कहा. इसी धक्का-मुक्की में मेरे हाथ की उंगलियों के पोरू वसुन्धरा की जलती-धधकती योनि से रगड़ खा गए.

मैंने माँ को मैंने जगा कर उनसे पूछने की कोशिश की, मगर माँ गहरी नींद में सोई हुई थीं, तो माँ जागी ही नहीं. अन्दर के कमरे का दरवाजा बन्द था लेकिन एसी चालू था तो मुझे पक्का यकीन हो गया कि अन्दर जरूर कोई है।चुपचाप से मैंने उस खिड़की के काँच से देखा तो अन्दर की लाईट जल रही थी. बीएफ पिक्चर चोदने वाली दिखाओवो पल आ गया जब मुझे महसूस हुआ कि मेरी चूत से मेरी सारी ताकत निकल रही हो.

तेरी गांड में जो खीर है वो मुझे तेरी गांड चुदाई का और ज्यादा मजा दे रही है.

मुझे भाभी के साथ रात का प्रोग्राम फिक्स करना था, तो मैंने उन्हें कह दिया- आप ही ले आओ भैया, मैं जरा थकान सी महसूस कर रहा हूँ, तो आराम कर लेता हूँ. काफी देर तक अनिता इस चॉकलेट चूत चुसाई के बाद कांपते हुए मेरे मुँह को जोरों से पकड़ कर दूसरी बार झड़ गई.

कुछ देर बाद तुषार ने मुझे किस किया … मेरे सिर पर प्रेम से हाथ फेरा और मुझसे कहा- आशना … मैं तुमसे प्रेम करता हूँ … मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो. मैं चुदास से जोरों से आहें भर रही थी- आह्ह आह थॉमस फक मी बेबी … थॉमस फक मी आह आह्ह. मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर एक ही बार में अपना लंड शीना की चूत के अन्दर पूरा का पूरा पेल दिया, जिससे शीना की इतनी तेज चीख निकली कि वो दर्द से कराहने लगी.

मैं समझ गया कि वो इसको न करने के लिये मुझे पहले से ही चेतावनी देना चाहती है, पर मेरे दिमाग भी यह बात नहीं आयी.

ऐसे सोचते ही मुझे खुद से शर्म हो आई और मैं औंधी लेट गयी और तकिये से अपनी चूत घिसने रगड़ने लगी. जैसा अपने मेरी पिछली कहानीकामवाली आंटी की चुदाईमें पढ़ा था कि मैं पढ़ाई के कारण अपने शहर से बाहर गया था और वहां पर हमारे पीजी में काम करने वाली आंटी के साथ मेरी सेटिंग हो गयी थी. अमीषी ने अपने हाथ मेरे सीने पर रखे और सिर्फ अपनी गांड हिला हिला कर लंड पूरा अन्दर बाहर करने लगी.

पॉर्न व्हिडीओ बीएफपर रुमित के साथ चुदवाते चुदवाते पता नहीं मैंने पर्स कहां रख दिया था कि मिल ही नहीं रहा था. लेकिन मामी के सामने पीना काफी रिस्की हो सकता था। मामा के दोस्त खाना खाकर चले गये और मामा भी खाना खाने के बाद रूटीन के तहत टहलने के लिये चले गये।इधर मामी अभी भी रसोई में थी.

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ऐसे भी मैंने तो पहले ही ठान रखा था, जिसकी भी ये हरकत है, उससे चुद जाऊँगी. कल सब शादी में जायेंगे तब चोद लेना।यह कह कर चाची ने मुझे बाथरूम से बाहर जाने को कहा।मैं बाथरूम से बाहर आ गया लेकिन लंड का बुरा हाल हो गया. जिस बॉक्स पर मैं सोता था, वो बॉक्स और चाची का बिस्तर बगल बगल में था और चाची एकदम बॉक्स के बगल में लेटती थी.

तो जैसे वो एकदम से अपनी सुधबुध खो बैठी और शान्त पड़ी रही।उसकी चूत अंदर से जल रही थी; लग रहा था जैसे लिंग को आग के शोलों में डाल दिया हो।पहले ही धक्के से उसकी सील टूट गयी; उसका पूरा शरीर धक्के के साथ ही तन के टाइट हो गया। उसके चेहरे से उसके दर्द का साफ अंदाजा लग रहा था. आज बहुत दिनों बाद मेरी चुत को आज थॉमस का मोटा लंड मिला था … जिसे पाकर में बहुत खुश थी. पर एक बात है, अगर जिसने भी अपने गांड का मजा लिया, तो फिर उसको आनन्द की कोई सीमा नहीं होती है.

मैं काजल की ब्रा के ऊपर हाथ फिराने लगा और उसकी चूचियों को अपने ख्यालों में ही महसूस करने लगा. जिस परिस्थिति में वो मुझे मिली थी उसे काफी प्यार की जरुरत थी। उसके अधूरे सपने पूरे हो रहे थे। उसे खुश देख के मुझे अच्छा लग रहा था।मैंने गाड़ी चलाते हुए उसे एक बार देखा. सारा भी मुझे जहाँ तहाँ चूमने लगी और मेरा लण्ड को चूमने लगी फिर लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

राज ने बड़ी ही चतुराई से उंगली मेरी चूत की फांकों के अंदर कर सहलाना चालू कर दिया. पैर अंकल के पैरों पर रखे और मेरी उंगलियां उनके सीने के बालों में घुमाते हुए उनसे पूछा.

उस दिन मैंने ध्यान दिया कि वह मुझे नीचे ही नीचे तिरछी नजर करके देख रही है.

मैंने अब तक कभी भी सेक्स नहीं किया था लेकिन हस्तमैथुन जरूर कर लेता था. हिंदी में बीएफ देखना चाहते हैंवह अचानक से बाहर गया और जल्दी से उसने गाड़ी के दरवाजे बंद किए और बोनट को नीचे करके गाड़ी को लॉक किया और अंदर आकर दरवाजे और खिड़कियां बंद करने लगा. नेपाल की सेक्सी बीएफ फिल्मअब मीना को उसकी पति की याद नहीं सताती है और मैं भी उसे पाकर खुश हूँ. मैंने शिखा के होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और लंड को और ज्यादा अंदर पेल दिया.

मैं बोली- हाँ मेरे राजा … आज तू मेरा पूरा मज़ा ले ले … मैं तेरे बिस्तर की रानी हूँ.

उन्होंने मेरे दोनों हाथों को पीछे ले जाकर अपने हाथ से पकड़ लिया और दूसरे हाथ से फिर मेरी चूत को छेड़ना शुरू कर दिया. तभी अचानक मुझे मालूम हुआ कि मैं अपना पर्स तो कार में ही भूल आई हूँ. मैंने उसकी तरफ देखा, तो पाया कि उसकी आंखें बंद थीं और वो उंगली चोदन के पूरा मजा ले रही थी.

थॉमस अपने दांतों से मेरे मम्मों के निप्पलों को पकड़ बारी बारी से खींच रहा था. उसके इस तरीके से मुझे अपनी चूत में बड़ी राहत सी मिल रही थी, साथ ही मेरी चूत का पूरा दर्द भी खत्म होता हुआ सा महसूस होने लगा था. सेक्स के प्रति मेरा अधिक रुझान होने के बावजूद भी मैं नहीं चाहती कि किसी पड़ोसी के साथ मेरा चक्कर चले.

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मैंने कुछ धक्के मारे तो हम दोनों उम्म्ह… अहह… हय… याह… चिल्लाने लगे. मैं भी बोला- हां कैसे करेगा … मुकेश जो है … मुझे सब पता है, हफ्ते में दो बार आता है … सब देखा है मैंने. फिर मैंने उसके गाल पर एक किस किया और अपने लंड को शलाका की बुर में धीरे-धीरे घुसाने लगा.

उसके तने हुए मम्मों को देख कर मेरे दिल की धड़कनें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ने लगीं.

इसके लिए आजकल वे मेरी चूत में लंड पेलने के समय अपनी उंगली को थूक से गीला करके मेरी गांड में चलाते रहते हैं.

कुछ ही पलों में आनन्द का सैलाब बढ़ा, तो हीना ने अपने पैरों को और फैला दिया. जब थकान कुछ कम हुई तो उसके चूतड़ के नीचे दोनों हाथों से ऊपर लाता और वापिस छोड़ देता. तमिलनाडु के सेक्सी बीएफमैंने पैंट की ज़िप खोली और एकदम टाइट खड़े लंड को बाहर निकाल कर सहलाने लगा.

यारों रानी की चिकनी मुलायम जांघ से अमृत को चाट के नशा और भी बढ़ गया. मैं सब कुछ भुला कर हवस की भूखी औरत की भांति उसके लिंग का भोग कर रही थी. वह तब तक मेरे लंड को चूसती रही जब तक मेरा वीर्य उसके मुंह में निकल न गया.

रमेश ने उसके बाल संवारते हुए कहा- तुम एक बहुत अच्छी रंडी हो। जैसी हो वैसे ही रहो, बल्कि तुम्हारा ये रूप देख कर मैं तो तुम्हें और ज्यादा चाहने लगा हूं. वह बोली- मैंने आपके लिए बादाम का दूध बनाया था, मैं तो भूल गई थी! एक बार छोड़ो!वह उठ कर नंगी किचन में गई और एक बड़ा गिलास बादाम का दूध लाकर मुझे दिया.

मानसी इतनी गर्म लौंडिया थी कि आज भी कभी अगर उसका मूड हॉर्नी हो जाता है.

मैं अमित की बांहों से उतरी और अलमारी से अमित के लिए कपड़े और अपने लिए अपने सहेली का नाइट सूट लाई. उसने मुझे बताया कि वो रेड कलर की पोलो में है, जो कि मेरे थोड़ी दूरी पर पार्क थी. वो मेरा सर अपनी चूत पे दबा रही थी और साथ साथ अपनी गांड को भी मेरी जीभ के साथ साथ हिला रही थी, साथ में वो बड़बड़ा रही थी- अर्पित … यू आर सो गुड … मैं मर जाऊंगी … मुझे कुछ हो रहा है.

एचडी सेक्सी बीएफ फोटो वह घुटनों के बल बैठ गई और उसके सिर को पकड़ कर मैंने लंड को उसके मुंह में दे दिया। वो बहुत मजे से मेरे लंड को चूसने लगी. मैं काफी देर तक उसकी चूत को घूरता रहा और सोचने लगा कि मेरी बेटी की इतनी मस्त चूत … मेरे सामने नंगी!मैं तो जैसे पागल सा हो गया … मेरा लंड कड़क हो गया था.

शिखा भी फ्रेश महसूस कर रही थी और मैं भी उसकी चुदाई करने के लिए मचलने लगा था. खैर … एक दिन लखनऊ यूनिवर्सिटी के पास ही मैंने उसको एक लड़के के साथ देखा … जो बिल्कुल घोंचू सा था. मैंने उसके दूधों को बारी-बारी से अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

निरहुआ हिंदुस्तान

मुझे अब लगने लगा था कि मेरा लंड जांघिया को फाड़कर बाहर आने की कोशिश कर रहा है. मेरे जिस्म को चाटने लगे और उसके बाद वो मेरी ब्रा निकाल कर मेरी चूचियों को अपने हाथों से दबाने लगे और मेरी एक चूची को पकड़े हुए दूसरी चूची को मुंह में लेकर चूसने लगे. मैंने दीदी कम भाभी इस लिए बोला … क्योंकि मैं जब स्कूल में पढ़ता था, तब वो मेरे साथ ही मेरे स्कूल में पढ़ती थीं.

वो मुझे हमेशा छेड़ते रहते थे और उन्होंने मुझे चोदने की कोशिश कई बार की थी. इसलिए जब भी मेरा मन करता था, तो तब कॉलब्वॉय बुला लेती और बहुत एन्जॉय कर लेती.

पर मुझे 10 मिनट बाद निकलना था और मुझे वो 10 मिनट 10 घंटा लग रहे थे.

अब आशीष को क्या पता था कि मैं रियल में ही अपने जीजा का लंड चूसने में लगी हुई हूं. इस कहानी में आपको मेरे पहले सेक्स कहानी बड़ी भाभी के साथ चुदाई की पढ़ने को मिलेगी, इसलिए आप अपने लंड को थाम कर तैयार रहिए. क्योंकि इस खुशबू को चाटते हुए वंश मेरी चूत के अन्दर तक जीभ डाल रहा था जिससे इस दवा का असर मुझे भी होना था.

दीपाली- आह … उह … बस हो गया … यार तूने तो बात बात में ही मेरी चुत का पानी निकाल दिया. मैंने कहा- अगर आप सभी को ठीक लगे तो इस राउंड में सभी लड़कियों की गांड में लंड डाले जाएँ?मुस्कान बोली- नहीं यार, दर्द होगा और मज़ा भी नहीं आयेगा. वह रिया को कुतिया वाला पट्टा पहनाकर उसे कुतिया की तरह बांध देता था और जमकर उसकी गांड मारता था.

मैं उसके कान को किस करते हुए गर्दन तक पहुंचते हुए बोला- तो कहीं और चलते हैं.

बीएफ एचडी फुल हिंदी: पायल महज 18-19 साल की लड़की थी, पर उसकी वाकपटुता के आगे मैं नतमस्तक था. पैंटी के घर्षण के कारण जल्दी मेरा लंड भी पानी छोड़ने के लिए तैयार हो गया.

मैं भी उसे तेज़ तेज़ चोदने लगा और अगले दस शॉट में मेरा भी काम खलास हो गया. इशारे से दोनों ने एक-दूसरे को समझाने की कोशिश की, लेकिन शायद ज्यादा खुशी के कारण समझने को तैयार न थे. थोड़ी देर बाद मैंने अपने ऊपर से नम्रता को हटाया और उसको सीधा लेटाते हुए, उसके मुँह पर अपनी गांड टिका दी और उसके दोनों चूचों को भींचने लगा.

वसुन्धरा …”हूँ …! ” वसुन्धरा ने अर्धनिप्लित आँखों में प्रशनवाचक नज़रों से मेरी ओर देखा.

” सुहाना तो बस मुस्कुराती ही रही।शायद वो मुंह में रखी च्युइंगम चबा रही थी। एक मीठी सी महक मेरे स्नायु तंत्र को जैसे शीतल सी करती चली गई। सुहाना सोफे पर बैठ गई और हाल में इधर उधर देखने लगी।चलो ठीक है … आज का नाश्ता तो हम दोनों साथ ही करते हैं।”सर. तब उन्होंने मुझे एक धक्का दिया और साइड करके बोला- अभी नहीं … रात में. वो मुझे कहने लगी- पापा, आप यह क्या कर रहे हैं?मैंने कहा- वही जो एक मर्द और औरत आपस में करते हैं.