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मैं तो हैरान हो रही थी कि दीदी इतने बड़े लंड से चुदवा कैसे लेती है? मुझे तो अजय का लंड देख कर ही घबराहट होने लगती थी. imo डाउनलोड चाहिएपापा तो सबको लेकर गांव जाने का प्लान बना रहे थे, पर माँ यह बोलकर मुझे नहीं ले गईं कि त्योहार में घर पे दिया-बाती कौन जलाएगा.

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जैसे ‘वह देखो उस लड़की की गांड बहुत सेक्सी है … रीमा के बूब्स बहुत मटक रही है … ज्योति की तो कमर लाजवाब है.

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शादी से पहले मैंने किसी लड़के से रिश्ते नहीं बनाये क्योंकि मैं अपनी जवानी बस अपने पति को देना चाहती थी, पर मेरी किस्मत खराब निकली. कुछ देर तक चूस कर और चुसवा कर अपने कमरे में चला गया और जाते हुए बोला- जब बुआ और अंकल घर नहीं होंगे, तभी चुदाई का काम शुरू करेंगे. अम्मी भी अब्बू के लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी और 69 पोजीशन में आकर अब्बू का लंड चूसने लगी.

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लड़की होने का अधूरा अहसास उसको हो चुका था और अब बारी थी उसको लड़की होने का पूरा अहसास कराने की.

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मैंने पहले ही कहा था न कि मुझे अपने साथ ले चलो पर तुमने मेरी बात पर गौर नहीं किया. क्या शरीर था … बहुत चिकने हाथ, चिकनी साड़ी में उनका हर अंग बहुत कोमल, चिकने फर्श की तरह कड़क माल के जैसी गर्म भाभी.

मैं बात समझ नहीं पा रही थी कि आखिर क्यों वो मुझे ऐसे देखता था और न ही मेरी हिम्मत होती थी कि उससे कोई सवाल पूछूं. मैंने सोनू से कहा- सोनू वैसे मैं एक बात बिल्कुल सही बोल रहा हूं कि तुम्हारी मम्मी इस लोकैलिटी में सबसे सेक्सी लेडी है. जहां मैं जाते समय मीना के लिए एक अजनबी था और आते समय उसके पारिवारिक मित्र की भांति आया.

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पायल इतरा के बोली- जीजू, अन्दर नहीं बुलाओगे?मैं उसे देखता ही रह गया था … जिसके बारे में सोच रहा था, उसे सामने देख कर ही मैं सब भूल गया था.

तो मैंने वैसे ही करा लिए।अगले दिन हम दोनों सीधे मेरे मामा के घर पहुंचे तो सभी ने हमारा बहुत स्वागत किया. दोस्तो, एक बात कहना चाहता हूँ कि जब तक चुदाई में लड़की खुल कर मजा न ले, तब तक चुदाई अधूरी ही रहती है. जब अनन्त जीजू का लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया तो उसके बाद अनन्त ने दीदी के चूचों को अपने हाथों में भर लिया.

इधर कमरे में नाश्ता ले कर अम्मी की जगह भाभी आ गयी और चीखते हुए अम्मी को आवाज़ लगा के बोली- अम्मी, देखो बानो घर में क्या कर रही है. आज मैं दूसरे रूम में सोया था जिसका एक दरवाजा बाहर गली में खुलता था और एक अंदर ताकि रात को उठ के जाऊँ तो किसी को मालूम ना लगे।रात हुई, करीब 11:30 बजे इंदु की कॉल आयी- आ जाओ, घर में कोई नहीं है,मैंने बोला- ठीक है, आ रहा हूँ. सेवस वीडियोकुछ देर तक ऐसे ही चोदने के बाद उसने अपनी मलाई मेरे मुंह में ही छोड़ दी.

उस वक़्त मुझे तो कुछ समझ में ही नहीं आया कि जो मैंने सुना, क्या वो सच है या मैंने कुछ गलत सुन लिया. थोड़ा रुक कर मुझे फिर से समझाने लगे- नीतू बेटा, तुम्हें तो पता है, मैं तुम्हें कितना प्यार करता हूँ.

मैंने दरवाजा खोला तो देखा, अपने इंस्टिट्यूट की यूनिफॉर्म में सोनू दरवाजे पर खड़ी थी. भाभी की जोरदार चीख निकल गई आह मर गई … उम्म्ह… अहह… हय… याह… उईईईइ धीरू मर गई मैं आःह ऊऊऊ शीईईई …भैया पर तो चूत का भूत सवार था. मैं उसके चूचों को घूर रहा था तो उसने मुझे एक शरारत भरी स्माइल दी और मेरे सामने ही बैठ गई.

बात आई गई होती रही, फिर बात एक दिन ऐसी बनी कि मामी की कमर बहुत ही दर्द कर रही थी, तो उस दिन मामी ने मेरी बीवी को पूछा- तुम्हारी कमर दर्द करती है, तो तुम क्या करती हो?तो मेरी बीवी ने बताया कि मेरी कभी भी कमर दर्द होती है, तो मैं आपके भांजे अजय को बोल देती हूँ, तो वो मालिश करके दर्द को दूर कर देते हैं. मेरा स्टेमिना भी अच्छा है जिसके कारण मैं दिन में 3-4 कस्टमर तो डील कर ही लेता हूँ।तो दोस्तो, यह थी मेरी कहानी कि कैसे मेरी कस्टमर मेरी ही बॉस निकली. मैंने पूछा- उसका हथियार क्या मेरे से भी ज्यादा बड़ा है?मोनिका- नहीं.

उसके बाद मैंने उसके मुंह से हाथ हटा लिया तो देखा कि वह मुस्कराते हुए अपनी चुदाई करवा रही थी.

इधर उधर हमारे कपड़े पड़े हुए थे, मामी जी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट बेड के एक किनारे पर थे, तो उनकी ब्रा पैंटी दूसरे किनारे पड़े थे. उसके होंठ मेरे लंड की जड़ पर जा सटे, उसके गले तक मेरा लौड़ा पहुंच गया था.

मैं जोर से चिल्लाई- उई मम्मी … मेरी चुत फट गयी पापा!उन्होंने अपना हाथ मेरी मुँह पे रखा और जोर से धक्के लगाने लगे. मेरा खड़ा लंड देख कर वो हंसने लगी और कहने लगी- तुम तो मेरी चूत को फाड़ दोगे. अब मैंने अपने हाथ आगे करके पीछे से मामी जी के दोनों स्तनों को कस के पकड़ लिया और फिर से एक जोरदार धक्का दे मारा.

साफ करते-करते मैं उसकी चूत में उंगली भी डाल रहा था जिससे वो फिर से गर्म हो गयी और मेरा लंड वहीं अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. फिर मैंने देर ना करते हुए उसको दूसरी तरफ घुमाया और उसकी गांड को अपने पास में खींचा. मेरा वीर्य चाटते हुए सारा समय मैडम मेरी आँखों में आँखें डाले मुझे देखती रहीं.

बीएफ चूत चूत चूत मैंने उसे अन्दर करने के बाद सभी खिड़की दरवाजे बंद किए और पर्दे लगा लिए. उसके जुबान का स्पर्श पड़ते ही मेरी योनि की नशे कड़क होने लगीं और योनि की दीवारों से चिपचिपा पानी रिसना शुरू हो गया.

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उन्होंने अपने दोनों हाथ मेरी गर्दन पर लपेट लिए और ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत को मेरी जांघों के ऊपर मारने लगी. पापा ने पहले मेरे टीशर्ट को उतारा फिर मेरी छोटे छोटे मम्मों को मुँह में लेकर ब्रा सहित चूसने लगे. मैंने सीमा को नॉर्मल करने के लिए उसको पानी पिलाया और खुद भी थोड़ा सा पानी पी लिया.

तो मामी ने कहा- हाँ, मैं तु्म्हारी ही बनकर रहना चाहती हूँ।बात करते-करते रात का 1 बज चुका था. कोमल के मुंह में वीर्य छोड़कर मेरा लंड अपनी प्यास बुझाना चाहता था और शायद कोमल मेरा वीर्य अपने मुंह में निकलवाकर अपने होंठों की प्यास बुझाना चाहती थी. गाने वाली सेक्सी वीडियो मेंमेरे टेबलेट मांगने पर दुकानदार ने पहले तो मुझे बड़े गौर से देखा फिर मेरी कार की ओर देखा, दुकानदार मेरा हमउम्र ही था, इस पर मैंने उसे कहा- भाई जी, वो मेरी पत्नी है, कोई कॉल गर्ल नहीं।दुकानदार- अरे नहीं नहीं साहब, ऐसी कोई बात नहीं है, बस खुश रहिए और जिंदगी के मजे लीजिये सर!और मैं वहाँ से निकल गया.

मैं प्रधान जी एक स्कूल में शिक्षक हूँ, मेरे सहकर्मी शिक्षक शंकर कुमार झा जो विधुर हैं.

उसके लंड के घर्षण से मेरी गांड में इतना आनंद आ रहा था कि गद्दे पर रगड़ लगते-लगते मेरे लंड ने नीचे पिचकारी मार दी और मैं उससे पहले ही झड़ गया. अब तक आपने पढ़ा था कि मैं सतना शहर में अपने प्रेमी आशीष के साथ उसकी बुआ के घर में उससे चुदाने की तैयारी में थी.

निकाल ले एक बार!तभी उसने मेरी पीठ को अपने होंठों से चूमना शुरू कर दिया. फिर उसने आसपास के मकानों की छत की ओर देखा, कहीं पर कोई नहीं था तो वो पास वाली दीवार से अटककर खड़ा हो गया और अपनी बांहें फैला कर मुझे आने का इशारा किया. खैर … 15 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद वो झड़ गई और मेरे सीने पर गिर गई.

मैंने कहा।प्रॉमिस???प्रॉमिस! कसम ले लो!मैंने ज़रीना को कहा- आप चीखती बहुत हैं.

सोनम से मैंने कहा- तुम अब मेरे को कब मिलोगी?तो उसने कहा- दोपहर में घर आ जाना. उसने बेड पर बैठ कर मेरा निक्कर उतारा और मेरे खड़े लंड को देख कर एकदम से मानो शॉक्ड हो गई. मैं पार्क में 9 बजे चला गया, मैंने पार्क में जाकर सारी जगहों का मुआयना किया.

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फिर एक दिन अविनाश को ये बात पसन्द नहीं आई कि वो मुझसे ज्यादा बात करे. अचानक से हुए इस हमले के लिये वो तैयार नहीं थी, उसकी आंखें बाहर निकलने को हो गईं और वो रोने लगी. सोनू मेरे लंड को अपने नाजुक हाथों की उंगलियों से आगे पीछे करती रही और मेरी नजरों में देखती रही.

मैं बोला- भैया, अगर हम कहीं और होली खेलने जाएंगे, तो यहां भाभी के साथ कौन होली खेलेगा?यह बोलते हुए मैंने भाभी को ऊपर से नीचे तक खा जाने वाली नजरों से देखा. मेरी समस्या को सुनने और समझने के बाद मेरे मित्र ने मुझे एक काम के बारे में बताया. इधर मेरे सास ससुर को अपने गांव जाना पड़ा, तो वे मुझे भी साथ लेकर गए.

मैं सोचने लगा कि क्या यह वही लेडी है जो मुझे वहां बाहर पसीने से भीगी हुई मिली थी. मैं लिंग को मामी की योनि के अन्दर घुसाने लगा, लेकिन वो इधर अधर चला जाता. मामी बोलीं- मतलब? क्या अभी सही से मालिश नहीं कर रहा था?मैंने कहा- जैसी मालिश अपनी बीवी की करता हूँ, वैसी तो जब होती है, जब वो मेरे नीचे होती है.

मैंने पूछा- उसका हथियार क्या मेरे से भी ज्यादा बड़ा है?मोनिका- नहीं. और कमाल की बात यह है कि गर्मियों की छुट्टी में शादी होने वाली है तो तुम्हें भी छुट्टी होगी.

अब आगे …उनकी बातों से मुझे अहसास होने लगा था कि सर की नज़र मेरी कच्ची जवानी पर है और मैडम भी उनके साथ मिली हुई है.

लंड को मुंह में देने के बाद अब बात उसके काबू से बाहर हो गई और उसने मेरे मुंह में अपने लंड को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया. इंग्लिश में ब्लू पिक्चरआखिर मीना की आँखें तब खुली जब उसने अपनी आँखों से अपनी बेटी को अपने प्रेमी के संग हमबिस्तर होते देखा. हिंदी में ब्लू पिक्चर चोदा चोदीमुझे यकीन नहीं हो रहा था कि ये वही कम्पनी की कड़क सीनियर है, जिससे सभी डरते हैं. ‘अन्तर्वासना’ एक ऐसा ही पटल है, जिसके माध्यम से हम दोबारा उन कहानियों को जीते हैं.

अगली बार फिर से संजय की बारी आई तो मणि ने पूछा- पहली बार सेक्स कब किया?संजय ने बोला- स्कूल में 12 वीं क्लास में.

जैसे कि ‘मैं उससे क्यों बात करता हूँ और बाकी कम उम्र की लड़की से नहीं. मैंने बाथरूम में भी शॉवर के नीचे दीदी, जो अब मेरी बीवी है उसको घोड़ी बना कर चोदा. मैंने अपने पैरों से उनके दोनों पैर फैलाए और अपने लंड को उनकी चुत के आस पास जमा कर रगड़ने लगा.

मैंने अब उसके पेटीकोट को खोल दिया और जो उसकी छोटी सी एकदम फूली फूली सी चुत … जो मेरे सामने आई, आह क्या बताऊं … एकदम गोरी सी, नाजुक फूल जैसी उसकी चुत थी. एक ही बार में आधे से ज्यादा गटक कर मैंने बोतल को अंकल के हाथ में दी. चूंकि हमारा समाज रूढ़िवादी है और एक समय के बाद कामक्रीड़ा को अपराध की तरह देखता है.

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मामी को बाथरूम जाना था सू-सू करने के लिए तो मामा भी साथ में चल दिए. करीब आधे घंटे बाद गोली असर दिखाने लगी, दिल की धड़कन तेज हो गयी और मैं बहुत गर्म और उत्तेजित महसूस करने लगा. जैसे ही भाभी ने चाय का पानी स्टोव पे रखा, मैंने उसे पीछे से छूना शुरू कर दिया.

इस खास पल में दोनों ने एक साथ चिल्लाकर एक दूसरे को बोला ‘थैंक्यूयू …’ और फिर दोनों ही खिल-खिलाकर हंसने लगे.

उसके लौड़े से अजीब गन्ध आ रही थी, पर उस समय मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.

मैंने भी मैडम की इच्छा को भांप कर अपना लंड अनुष्का की चूत में धकेल दिया. अब मेरे वंश ने अपने लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोदना चालू कर दिया. जंगल में मंगल वीडियो सेक्सीअब मैंने मम्मी जी का टांग खींचने के लिए कहा- मम्मी जी, क्या आप को भी फिर से उद्घाटन कराना है?सासू माँ- अरे कहां बेटा, मेरा तो हर जगह का कब का उद्घाटन हो चुका है … अब बचा ही क्या है उद्घाटन कराने को …मैं- फिर आपको किस तरह की तैयारी करना है?सासू माँ- बेटा, मुझे चैक करना है कि बंदा जेनुइन है या नहीं? बाद में ब्लैकमेल तो नहीं करेगा … तू टेंशन ना ले, मैं अपने तरीके से जांच पड़ताल कर लूँगी.

इससे पहले कि वह आपे से बाहर होता और अपना उजला माल मेरी चुदासी बीवी नीना की चूत में गिरा देता. पढ़ाई में अच्छा होने के कारण मुझे अच्छी जॉब मिल गई थी, पर मुझे सरकारी नौकरी चाहिए थी. इसलिए मैंने मोनिका की सलवार किस करते करते ही उसकी घुटनों तक उतार दी, जिसका उसने कोई विरोध नहीं किया.

फिर एक दिन वो रात को मेसेज पर मुझसे बोली- मुझे वीडियो कॉल पर तुमसे बात करनी है. दो इंच लंड अन्दर गया और उसकी आंखों से आंसू निकल आये, पर वो भी चुदक्कड़ थी, दर्द सहती रही, पर कुछ कहा नहीं.

वैसे तो मेरा पहली बार था, पर मैंने ब्लूफिल्म देख देख कर इतनी मुट्ठी मारी थी कि मुझे भी याद नहीं कि अब तक कितनी बात मुठ मार चुका हूँ.

भाभी मुझसे पूछने लगी- तुम्हारा कितनी देर में छूटता है?तो मैंने भाभी से कहा- यह मेरे हाथ में है और मुझे औरत को चोदना और उसको संतुष्ट करना अच्छी तरह से आता है, आप चिंता न करें, जब तक चाहें आप मेरे लंड का मजा लेती रहें. सोनम के जाते ही आशीष बोला- मैं यहां से अब एक दो दिन में अपने गांव चला जाऊंगा, पर तुम्हें नहीं भूल पाऊंगा. मैं आधा होश में था और आधा सुरूर में डूबा हुआ नशे का आनंद ले रहा था.

ववव क्सनक्सन कॉम जैसे ही बीच बीच में वो मेरे होंठों को छोड़ता, मेरे मुँह से कामुक आवाजें निकलने लगतीं- आह्ह्ह्ह … और जोर जोर से चोद दे मेरी जान … ऊफ्फ्फ आअह्ह … मुआहह. सर मेरी चूत में उंगली करने के बाद मेरी चूत को कुत्ते की तरह चाटने लगे.

मेरा नाम कवि पाठक है और मैं अभिनेत्री अनुष्का वर्मा की वेनिटी वैन का ड्राइवर हूँ. चूत से पेशाब की धार बंद होते ही लंड को हाथ से हिलाकर खड़ा कर दिया और चूत की सीध में टिका कर गप्प से लंड को अंदर ले गई मामी. मैं मामी को देखकर कहने लगा- मामी, आप कैसे रहोगी गीले कपड़ों में?तो मामी फिर मुस्कराने लगीं.

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असल में उस समय मेरी थोड़ी तबियत खराब हो गई थी, जिसके इलाज के लिए मैं चंडीगढ़ अपनी बुआ जी के घर गया हुआ था. मैंने उसपे छोटी सी चुम्मी दी और नीचे से ऊपर चाटा, वो तो चिल्ला उठी और लगभग चीखते हुए बोली- उम्म्ह… अहह… हय… याह… चूसो मेरी चुत. दीदी की टांगें अनन्त की उंगलियों की रफ्तार के साथ और ज्यादा फैल रही थीं.

मैंने एक बार फिर से अपना वीर्य उसके मुंह में छोड़ दिया जिसको वह पूरा का पूरा पी गयी. मैंने आंख मारते हुए कहा- नेकी और पूछ पूछ … आप सिर्फ उसे दोपहर को तैयार रहने को बोलना बस, इधर दोपहर में मामी जी को सुला कर मैं उसके पास आता हूँ.

बनाऊँ?”जी … तलाशी ले लीजिये … पर प्लीज़ … केस मत बनाना!” मैंने याचना सी करते हुए कहा।वो तो मैं तलाशी लेने के बाद सोचूँगा.

मुझे यहां आए 3 महीने हो गए थे और अब तो प्रीति और सुखबीर से निरंतर बातें होने लगी थीं. उसने कहा कि मेरे घरवालों ने मेरी शादी तय कर दी है, लेकिन मैं ये शादी नहीं करना चाहती. दीदी ने अनन्त के चूतड़ों को अपने हाथों से पकड़ रखा था और वह अनन्त के चूतड़ों की दरार के बीच में उगे बालों में अपनी उंगली को फिरा रही थी.

एक बोला- भाई क्या मस्त माल लग रही है … ब्लैक ब्रा, ब्लैक पैन्टी और स्टॉकिंग्स में साली बिल्कुल पोर्न स्टार लग रही है. चाची ने हाथ बाहर किया और हल्का सा अपना मम्मा दिखाते हुए तौलिया और ब्रा पेंटी मेरे हाथ से ले ली. हम जब भी अकेले में मिलते, तो मैं उसे किस करता, उसके होंठों को छूता, जिसकी वजह से वो नशे में आ जाती और मुझे भी जोर जोर से किस करती.

इस उम्र में मज़े नहीं लिए तो कब लोगी? ठीक कह रहा हूँ ना?” उसने बोलते-बोलते दूसरा हाथ मेरी स्कर्ट के नीचे से ले जाकर मेरे घुटनों से थोड़ा ऊपर मेरी जाँघ को कसकर पकड़ लिया.

बीएफ चूत चूत चूत: मेरी उंगलियां मेरी वी शेप पैंटी के इलास्टिक के अन्दर चली जाकर चुत के अन्दर समा जातीं. मैं सपनों में खो रहा था कि आज मेरी सुहागरात है, इतने सालों की हसरत पूरी होने वाली है.

मैं- अच्छा जी, मेरे लंड की फोटो बहुत सी लड़कियों के पास है, उसमें से एक तुम भी हो. मैं- आशीष, तूने क्या कर दिया?मैं इस तरह से बोलती जा रही थी कि तभी मेरी चूत से गर्म गर्म रस निकल कर मेरी चुत के पास गीला गीला निकलने लगा. तभी मेरी नज़र उसकी शोर्टी में से उभर रहे उसके अकड़े हुए लंड पर पड़ी और बस बिना पलके झपकाए हुए उसे देखता ही रह गया.

मैं घबरा गयी, मैंने घबराहट में पूछा- क्या नहीं करते? क्या तुझे प्यार नहीं करते? मारते हैं क्या?मेरी बेटी ने कहा- अरे नहीं मम्मी … वो रात को पता नहीं कैसी कैसी डिमांड करते हैं.

पहले मैंने सोचा कि उसे भी सलाह दे दूँ कि किसी दूसरे मर्द से ये सुख प्राप्त करने का प्रयास कर ले. मैंने एक भी बूंद खराब नहीं जाने दी और पूरा माल चाट कर चूत को एकदम साफ कर दिया. बात एक साल पुरानी है मेरी बीवी और बेटी सर्दियों में छह महीने मेरे साथ रहने के लिए गांव से दिल्ली आए हुए थे.