सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली

छवि स्रोत,सेक्सी वाला जानवर

तस्वीर का शीर्षक ,

ವಿಡಿಯೋ ಸೆಕ್ಸ್: सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली, अब हम दोनों अकेले थे तो मैंने कहा- हमारा बेटा कहाँ है?तो उन्होंने बताया कि वो बाहर बाकी बच्चों के साथ खेल रहा है.

चाची भतीजे की सेक्सी कहानियां

!मैं- पर तूने कभी इशारा भी किया होता तो आज का इन्तजार नहीं करना पड़ता…साली को कब का चोद देता!वो- तो अब बची-खुची कसर पूरी कर ले ना!मैं- आज तो अपनी सारी कसर निकाल दूँगा तेरी चूत में. sana सेक्सीतब मोनिका ने बताया कि वह चंगे चंगे तगड़े लन्डों को अपनी टांगों के नीचे से निकाल कर उन्हें धूल चटा चुकी थी.

हम भी बहुत बड़े शिकारी हैं नेहा रानी।’मैं कुछ बोलने के बजाय मुस्कुरा दी, कुछ देर एक-दूजे के अंगों को चूमते रहे।फिर जय ने मेरी टांगें उठा दीं और अपने मोटे लौड़े को धीरे-धीरे से चूत में घुसेड़ने लगा।मुझे सच में दर्द हुआ, काफी मोटा था।‘कैसी लगी फ़ुद्दी? खुली या सही?’‘नहीं. राजस्थानी भाभी सेक्सी विडियोऔर अब ऐसा कुछ नहीं अब तो सिर्फ़ मज़े करो और क्या।तो मैंने कहा- क्या सच्ची?तो उसने हाथ आगे बढ़ा कर ‘प्रोमिस’ किया।‘अब अगर तुम्हें दर्द हुआ तो तुम जो चाहो वो सज़ा दे सकती हो।’करीब एक घंटे की अनिल की मिन्नतों के बाद मैंने ‘हाँ’ कहा।आगे क्या हुआ वो अब अगले भाग में लिखूँगी और हाँ यार.

रीटा घुटने मोड़े राजू के आगे कारपेट पर बैठ गई और चरर्ऽऽऽऽ की अवाज़ से हसीन रीटा ने कांपते नाजुक हाथों से राजू की पैंट की जिप खींच दी.सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली: !उसने ‘हाँ’ कर दी।मैंने कहा- मैं तुम्हें बिना कंडोम के चोदना चाहता हूँ।उसने कहा- ठीक है, पर कुछ प्राब्लम हुआ तो.

क्या हुआ थक गए क्या? तुम तो लखनऊ के नवाब हो।मैंने कहा- तुम ऊपर आओ तो फिर पता चलेगा कौन थका।वो मेरे ऊपर आई और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई।मैंने लंड उसकी चूत में डाला और वो अपनी चूत हिलाने लगी।मैंने उसकी पिछाड़ी को दबाना शुरू किया.!मैं काँप गई।उन्होंने कहा- हिलना मत !!और एक उंगली मेरी गाण्ड में डाल दी, बोले- वाह बहू… तेरी गाण्ड तो बड़ी ही मस्त है.

ब्लू फिल्म सेक्सी हिंदी पंजाबी - सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली

!मैंने कहा- आज घर में कोई नहीं है, आज मैं ‘वो’ सब कुछ करूँगा।मैं उसे खींच कर उसे कमरे में ले गया और झट से अपनी पैन्ट उतार कर, उससे भी कपड़े उतारने को कहा।तो वो शरमाने लगी, बोली- मुझे शर्म लग रही है।मैंने उसे समझाया- मेरी छम्मकछल्लो… आज मैं तुम्हें ऐसा मजा दूँगा कि तुम रोज ही मेरे पास आया करोगी।वह बोली- कहीं कुछ हो गया तो.मैंने भाभी को बिस्तर पर लिटा दिया और चूत चाटने लगा 69 की अवस्था में और वो मेरे लंड को खूब चूसे जा रही थी, मैं अपने लंड को उनके मुँह में खूब पेले जा रहा था और साथ ही उसके चूत में अपनी जुबान पेले जा रहा था.

लेकिन मैंने जब से बहन को नंगी देखा था, तब से उसको देखने का नज़रिया बदल गया और अब वो मुझे बहन नहीं बल्कि एक माल नज़र आती थी. सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली ”मैं ताऊजी से जोर से चिपक गई। मैं तो दुबारा झड़ गई थी। फिर 2-4 धक्के मारने के बाद ताऊजी की भी पिचकारी अंदर फूट गई। ताऊजी गूं… गूं….

मैं हाजिर हूँ आपके मनोरंजन के लिए अपनी पहली सेक्स कहानी लेकर, मुझे उम्मीद है कि अपको पसन्द आएगी, पहली बार कहानी लिख रहा हूँ.

सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली?

रीटा की तीन चौथाई गोल गोल गोलाइयाँ तंग शर्ट के खुले गले से बाहर उबल पड़ रही थी और राजू की तरफ तनी हुई थी. !’अब मेरे लण्ड में जलन सी होने लगी थी लग रहा था कि बुर में आग लगी है पोजीशन संभाल कर एक जोर का धक्का मारा. मैंने उसे ले जाकर बिस्तर पर लिटा दिया और खुद उसके बगल में लेट गया और उसके होंठों से अपने होंठों को लगा दिया.

मेरा काम हो गया है !तो मैंने कहा- पर मेरा काम तो नहीं हुआ है, पर आप रुको, मैं आ रहा हूँ।उसने कहा- ओके !और दो मिनट में मैं बैंक पहुँच गया तो गीता जी ने पूछा- आपने कुछ खाया या नहीं?तो मैंने कहा- गीता जी बैंक से निकलते ही मेरे सर का फोन आ गया था, तो उनसे बातें करने लगा और फिर आपका फोन आ गया तो मैं आपके पास आ गया।उसने कहा- प्लीज. मास्टर एक किताब में से उसे कुछ पढ़ा रहा था पर लड़की का ध्यान किताब में नहीं था वो अपने मास्टर की तरफ़ कामुक नज़रों से देख रही थी. तुम्हारा बहुत बड़ा और मोटा है।तभी हेमा कसमसाते हुए कराह उठी, ऐसे जैसे वो चिल्लाना चाहती हो, पर मुँह से आवाज नहीं निकलने देना चाहती हो और बोली- ऊऊईईइ माँ…आराम से…डाल.

नमस्कार मित्रो, आप सभी ने मेरी पहली कहानी पढ़ी होगी ‘पहला आनन्दमयी एहसास’ इसलिए अपना परिचय मुझे नहीं देना पड़ेगा. अब क्या करूँ?पर मैं मन ही मन उसको गाली दे रहा था और वो जाने का नाम नहीं ले रहा था।करीब 15 मिनट तक वो खड़ा रहा, पर मैंने दरवाजा नहीं खोला और आखिरकार वो चला गया।उसके जाने के बाद मैंने कुसुम को बोला- चलो कपड़े उतारो. मगर यह सब एक पल के लिए ही हुआ …सलोनी ने पूरी ताकत लगा फिर से ऊपर उठ गई और एक बार फिर लण्ड की दूरी बढ़ गई… चूत उसकी पहुँच से बच कर निकल गई…ये सब एक चूहे बिल्ली वाला खेल बहुत रोचक और मजेदार हो रहा था, कभी पकड़ में आ रही थी और कभी बच कर निकल जा रहे थी.

करीब आधे घंटे बाद हमने फिर सेक्स किया…उसके बाद मैं रोज़ ही अपनी रश्मि मैडम को चोदने लगा…मुझे नहीं पता कहानी लिखी कैसे जाती है, आपके सुझाव और सलाह आमंत्रित है, यह मेरी पहली कहानी है और आगे से इससे और बेहतर लिखने की कोशिश करूँगा. अन्नू ने कहा- आपको अभी तक पता ही नहीं चला था क्या?मैंने अपने लंड को अंडरवियर के ऊपर से कस के दबाते हुए कहा- मुझे तो अंदाजा ही नहीं था कि आपके नीम्बू अब खरबूजे बन गए होंगे.

मैं रसोई में जाते ही चाची की गर्दन पर किस करने लगा, तो चाची पीछे मुड़ कर मेरे होंठों पर किस करने लगी और बोली- विशाल, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ… क्या तुम भी मुझे प्यार करते हो??मैं- आई लव यू!दोस्तो, मैंने चाची से यह नहीं कहा कि आप शादीशुदा हैं या ऐसा कुछ!वैसे तो आप सभी काफी समझदार हैं, चाची मुझसे क्यूँ चुदना चाहेगी उसका कारण तो आप जानते हो.

मैंने पेटीकोट को उसके पैरों से अलग किया, मेरे सामने अब वो पूरी तरह से नंगी खड़ी थी, उसकी चूत तो ना जाने अब तक कितना पानी छोड़ चुकी थी, मैंने बस कुछ देर उसको देखा, और बिना समय गंवाये उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया और अपनी जीभ को नुकीली करके उसकी चूत के अन्दर दाखिल कर दिया.

हैलो दोस्तो, मेरा नाम मनु है। और मैं मुंबई में रहता हूँ। मेरी उमर 27 साल है। मेरा गाँव का नाम इटावा है, जो उ. इस देसी कहानी के बारे में अगर आप कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं या फिर चुदाई के बारे में कुछ पूछना चाहते हैं तो मुझसे सम्पर्क कर सकते हैं. कथा : शालिनी भाभीलेखक : अरुणमैं जैसे ही कार में उसके पास बैठी, उसने मेरे गाल चूम के मेरा स्वागत किया, बोला- बहुत सुंदर और सेक्सी लग रही हो।मैंने उसे उसकी सीट पर धकेलते हुए कहा- प्लीज़ चलो यार, पहले शहर से बाहर तो निकलो !और हम चल पड़े।हम अब हाइवे पर थे और फिर से बरसात शुरू हो गई थी, इस बार जोर से.

फिर मैंने उसे जवान घोड़ी बनाकर चोदा और बोला- तू तो मस्त रंडी है रे ! पता नहीं तेरा पति तुझे क्यों नहीं चोदता…वो बोली- एक आप ही मेरा दर्द समझते हैं. !फिर मैं उसको सड़क तक छोड़ने गया और फिर मिलने का वादा किया।मैं बैंगलोर में 18 महीनों तक रहा और उसके साथ-साथ उसकी सहेलियों के साथ भी चुदाई की। वो सब कैसे हुआ, ये फिर कभी अपनी अगली कहानी में बताऊँगा।मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताना, मेरी मेल आईडी है।[emailprotected]. सोनिया हँसने लगी और बोली- सायरा, तुझे रोका किसने है तू घर जाना चाहती है तू जा सकती लेकिन बिना जींस के!मैंने कहा- यह क्या कहे रही हो तुम?और कमरे में मौजूद मुझे छोड़ बाकी सभी लोग हंसने लगे.

अगले दिन से माँ के बताये समय पर रिया हमारे घर आई तो माँ उसे लेकर उपरी मंजिल में मेरे कमरे में ले कर आई और मुझसे परिचय कराया.

उफ्फ्फ… मैं कैसा तड़प रहा था, मैं ही जानता हूँ।जल्द ही वो दिन आ गया, मैं उस दिन घर पर अकेला था, लंच के बाद रिंकी भी आ गई।मेरी तैयारी पूरी थी। एक बहुत सुन्दर बीच ब्रा और जी-स्ट्रिंग मैंने खरीदी, एक नया जॉकी अंडरवियर अपने लिए या कहूँ कि उस दिन के लिए, जिसका मुझे किसी भी चीज़ से ज्यादा इंतज़ार था।फिर उस दिन वो आई. मैं तो सिर्फ़ इसका दीवाना हूँ, ये ही दे दीजिए।’ मैं भाभी की चूत पर हाथ रखता हुआ बोला।‘अरे वो तो तेरी ही है… जब मर्ज़ी आए ले लेना, आज तू जो कहेगा वही करूँगी।’‘सच भाभी. उसने कहा- हेलो कौन?मैंने कहा- जी मैं अरुण!उसने कहा- कौन अरुण?‘जी, हम सड़क पर मिले थे जब आपकी गाड़ी पंकचर हो गई थी.

कई हफ़्तों से चूत का सताया हुआ बहादुर पूरी दोपहर जबरदस्ती पारो की आगे पीछे से बार बार लगातार मारता रहा तो पारो की बस हो गई. चूदास मस्ती से भाव-विभोर हुई रीटा की चूत से रह रह कर आनन्द का करंट निकल कर सारे शरीर में धमाकों के साथ फैल रहा था. लेकिन यह बताओ तुम्हें डर नहीं लगा कि अगर मैं तुम्हें थप्पड़ मार देती तो?मैंने कहा- मैं जानता था कि तुम ऐसा नहीं करोगी, क्योंकि जब मुझे अच्छा लग रहा था तो तुम्हें भी लग रहा होगा.

बोल्ड और नेचुरल लुक सबको पसंद है… पर !मैं- पर क्या सर?मोहित- एक प्रॉब्लम है… तीन फोटो और चाहिए… एक टोपलेस, एक बैकलेस… और एक सीडकटिव !मैं- एक टोपलेस ! एक बैकलेस.

भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं है!थोड़ी देर वो चुप रहीं फिर बोलीं- मैं आपसे एक चीज मांगूँ, आप मना तो नहीं करोगे?मैंने कहा- सब आप का है. हम सभी लोग काफी मज़े कर रहे थे कि तभी मैंने देखा कि सोनिया सबको अपनी स्पोर्ट्स में जीती हुई ट्रॉफियाँ दिखाने लगी और अपने बारे में बड़ी बड़ी बातें कर रही थी.

सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली यह कहानी तब की है जब मेरी दिवाली की छुट्टियाँ चल रही थी तो मैं अपने चाचा के वहाँ चला गया जो मुंबई में रहते हैं. मैं- तो मैडम, फिर यह अधूरा काम कब पूरा होगा?पूजा- इतनी भी क्या जल्दी है, अभी तो हम मिले हैं, सही वक्त आने पर इस अधूरे काम को पूरा करेंगे, अभी तुम जाओ, नहीं तो फिर से कोई आ जायेगा.

सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली पर आप अब मेरे सब कुछ हो।मुझे वो महसूस हुआ जो मैं शब्दों में नहीं कह सकता हूँ।ममता मेरा पहला प्यार थी उससे मुझे बेइंतेहा मुहब्बत थी।प्रिय पाठकों, मैं उसे आज भी प्यार करता हूँ।अब आगे सुनिए उसने मेरा हाथ पकड़ा और कहा- डरो नहीं. सोनिया समझ गई थी कि मैं अपनी नंगी चूत उन लड़कों से छुपाने कि कोशिश कर रही हूँ, उसने पास में ही पड़ा एक धार वाला चाकू उठा कर मेरी नंगी चूत में चुभाया और बोली- साली रंडी, अगर तूने अभी के अभी अपनी टाँगें नहीं खोली तो मैं यह चाकू तेरी चिकनी नंगी चूत में डालकर तेरी खूबसूरत चूत चीर डालूंगी!मैंने शर्मसार होते हुए अपनी दोनों टाँगे चौड़ी करके खोल दी और अपनी नंगी चूत सबको दिखा दी.

5 इंच का मोटा है। मुझे चुदाई की कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।मैं मुरादाबाद उ.

ब्लू फिल्म भाई बहन की

मेरा लंड उसके चूत के गहराई में गया तो उसकी झिल्ली फट गई, वो पूरी तरह चीख पड़ी- आ…ह… जी…जू हाय राम…मैंने कहा- क्या हुआ मोनिका?मोनिका ने दर्द भरे स्वर में कहा- कुछ नहीं जीजा जी! तुम्हारे लंड ने मेरी झिल्ली फाड़ डाली. इस लिए मैंने सोचा मैं ही क्यूँ ना तेरी कोरी चूत को फाड़ने का मज़ा ले लूँ !’फिर मेरे मन में जो डर बैठा था वह मैंने रामदीन को बताया- अगर मेरे बच्चा हो गया तो क्या करेगा. राजू की हालत पर मन मन मुस्कूराती मासूमीयत से बोली- भईया, आप की तबीयत तो ठीक है नाऽऽऽ?यह कह कर रीटा राजू के माथे पर हाथ लगा कर बायाँ चुच्चा राजू की छाती में चुभोती धम से राजू की गोद में बैठ गई.

कॉम पर पढ़ रहे हैं।वह सी… सी… कर चिल्लाने लगी तो मैं और उत्तेजित हो गया तो मैंने उसकी जाँघों के बीच में हाथ डाल दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा।उसने अपनी टांगें चौड़ी कर दीं, तब मैं उसकी चूत में दो उँगलियाँ डाल कर अंदर-बाहर करने लगा।वह हाय. …” कह कर ताऊजी ने अपना काला भुजंग लंड मेरे होंठों से लगा दिया।मैं भी लंड चूसने का स्वाद लेना चाहती थी। मैंने उनके लंड को हाथ में पकड़ लिया और पहले तो सुपारे को चाटा फिर उसे मुंह में भर कर चुस्की लगाई। ताऊजी की सीत्कार निकलने लगी।वाह मेरी रानी तू तो अपनी मम्मी से भी बढ़िया चूसती है…. उनकी पैन्टी चूत के रस से गीली हो गई थी।मैं उनकी चूत पैन्टी के ऊपर से ही चाटने लगा। फिर एक झटके मे मैंने पैन्टी उतार दी।भाभी की मस्त क्लीन-शेव कुँवारी गुलाबी चूत देखकर मैं दंग रह गया।उनकी चूत को निहारने लगा तो भाभी ने पूछा- क्या देख रहा है?तो मैंने कहा- आप की चूत तो बिल्कुल कुँवारी है।‘इसीलिए तो तुम्हारे पास आई हूँ.

उसने मुझे पैंट की चैन बंद करते देख लिया था, फिर वो मेरे जवाब का इंतजार किए बिना मुस्कराकर नीचे भाग गई.

सच-सच बताओ अब तक कितनी औरतों या लड़कियों को चोद चुके हो?रणजीत- गिनती करना मुश्किल है, फिर भी ग्यारह को तो चोद चुका हूँ।सीमा- 11 को. क्या नज़ारा था…!जन्नत मेरे सामने थी और अगले ही पल मैंने इस बार उसकी चूत को चाटना चालू कर दिया। उसका जो प्री-कम निकला था वो मैं पी गया। उस को भी चूत चटवाने में मज़ा आ रहा था।दस मिनट तक चाटने के बाद मैंने उससे कहा- अब मैं अन्दर डालना चाहता हूँ. !क्योंकि मैं जिम जाता था।उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, हम दोनों बिल्कुल नंगे थे और मेरा लंड एकदम तना हुआ था।मेरी भाभी बोली- इतना लम्बा और मोटा… और तुम्हारे भाई का बहुत छोटा और पतला है!हम दोनों बिस्तर पर लेट गए। वो मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी, तक़रीबन 15 मिनट तक चूसती रही।मैंने कहा- बस.

दो महीने बाद दीदी के भोपाल में इम्तिहान थे, जीजू साथ नहीं जा सकते थे, उन्होंने मुझे बोला तो मैं झट से तैयार हो गया. खुली आँखों का सपना-1पहले भाग में मैंने अपने स्कूल टाइम की बात बताई थी कि कैसे मैंने आशा मिस को चोदा था. मुझे पागल कर रहे थे!मेरा लंड खड़ा हो गया था, दिल कर रहा था कि अभी घुसा दूँ अपना लंड उनके मुँह में और कहूँ कि चूस साली कुतिया.

वह कराहने लगी और बोली- रुको!फिर हम कम से कम दो मिनट तक रुके रहे, जब लगा कि दर्द कुछ कम हुआ तो आहिस्ता-आहिस्ता अपने लंड को अंदर-बाहर करने लगा और भाभी भी अब खूब मजे ले लेकर चुदने लगी. तो उसने मुझे रोक लिया और रात उसके साथ ही बिताने को कहा।कुछ देर की बातचीत और प्लानिंग के बाद मैं रात वहीं रुक गया।रात को सोते वक्त दो बार हमने चुदाई की और फ़िर रात को मुझे नींद से जगा कर एक और बार चुदाई करवाई।उसके बाद शनि-रविवार को या जब भी हमारा वक्त सैट होता.

आंटी- तो इतनी सी बात के लिए झिझक क्यों रहे हो बेटा, इसे अपना ही घर समझो, जाओ रसोई में फ़्रिज रखा है वहाँ से पी लो. उसमे उंगली डाल कर उसे फैलाया फिर अपना लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और और धीरे धीरे लंड को उसके चूत में घुसाना चालू कर दिया. भाभी ने तेल मेरी चूत पर डाला और आदिल उसे अपनी उंगली से मेरी चूत में लगा रहा था, उंगली अन्दर डाल रहा था.

!मैंने उसे अब तक बहुत मज़े दिए, लेकिन इतना सब कुछ सहता मेरा लंड फटा जा रहा था। अब मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। मेरा 6.

मैंने थोड़ा सा सख्त होते हुए कहा- ठीक है मैं शर्त हार चुकी हूँ पर इसका मतलब यह नहीं है कि मैं सरेआम सबके सामने अपने कपड़े उतार दूँ, शर्म नाम की भी चीज होती है कुछ, मैं अपनी जींस नहीं उतारूँगी. हे भगवान यह मैं क्या देख रहा हूँ? एक ससुर अपने ही बेटे की पत्नी यानी भाभी जी को चोद रहा है और भाभी जी भी मज़े लेकर उनके लंड पर उछल रही हैं… वाहह क्या सीन है. रीटा घुटने मोड़े राजू के आगे कारपेट पर बैठ गई और चरर्ऽऽऽऽ की अवाज़ से हसीन रीटा ने कांपते नाजुक हाथों से राजू की पैंट की जिप खींच दी.

परन्तु तुरन्त ही रीटा ने चुदास मस्ती में अपनी गाण्ड को ढीला छोड़ अपने दांत भींच कर राजू के लोह-लण्ड पर बैठती सी चली गई. शादी के बाद तो होगा ही। कम से कम मुझे पता तो चले कि मेरी होने वाली दुल्हन मुझे कितना सुख दे पाएगी।उसने नाराज़ होते हुए कहा- सभी लड़कियां शादी के पहले यह सब करती हैं क्या?वो आगे और कुछ बोलती.

इस दर्द में भी मजा है।मैंने भी पूरे जोश में आकर उसकी चुदाई चालू कर दी।तभी उसने कहा- जानू बहुत मजा आ रहा है और जोर-जोर से चोदो. विजय सब समझ गया कि ये सब कुछ मेरा प्लान था।विजय- साली रंडी मेरे साथ सोती है और मुझसे ही झूट बोला तूने. मोनिका ने रीटा की चूत में उंगली करते करते रीटा के कड़े निप्पल पर कपड़े सुखाने बाली चुटकियाँ लगा दी, तो रीटा की खुशी के मारे सुरीली किलकारियाँ निकल गई.

ईडीयन सेक्सी देसी चूदाई

मेरी पत्नी की बहनें-1मैंने कहा- यह बताओ कि तुम दोनों में से किसकी चूत पर बाल अधिक हैं?मोनिका ने कहा- जीजू, आप खुद हमारी पेंटी खोल कर देख लो!मैंने दोनों की पैंटियों में हाथ डाला और खींच कर उतार डाली.

!मन करता था कि बस उसके दूध पकड़ कर चूस ही लूँ और सारे दूध मुँह में लेकर खा जाऊँ। अपना लन्ड उसके मुँह में दे दूँ, पर मन मार कर रह जाता था। उसकी टांगें भरी-भरी थी, जांघें. मेरे जानू और अन्दर डालो…’पांच मिनट तक ऐसे ही चला फिर मुझे कस कर पकड़ कर बांहों में भर लिया और सिसकारियों के साथ झड़ गई।मैं भी दो-तीन झटकों के साथ अन्दर ही झड़ गया।कुछ देर हम ऐसे ही लेटे रहे. !लेकिन मैंने उनको जकड़ रखा था। ज्यों ही मैंने पूरा लण्ड बाहर खींच कर जोरदार घस्सा मारता था त्यों ही भाभी तड़प जाती थीं और सिसकारियां लेती थीं। उनकी इन अदाओं से मैं और उत्तेजित हो गया, अब और जोरदार झटके देने लग गया, मेरा पूरा लण्ड बच्चेदानी से टकराता था।भाभी पूरी तरह मस्त हो रही थीं और दो बार झड़ चुकी थीं ‘और.

उस समय मुझे ऐसा लगा मानो भैया स्वयं कामदेवता बन कर मेरी चूत को चाट रहा हो और वे मेरी नस-नस में कामसुधा-रस भर रहा था।मेरी चूत के होंठ चुदास की प्रबलता से कांपने लगे थे, मैं भैया से लगभग भीख माँगते हुए बोली- प्लीज़ भैया. !फिर क्या था फिर मैंने जोर-जोर से झटके मारने शुरू किए और दस मिनट में मामी की गांड में झड़ गया और हम दोनों फिर एक- दूसरे से चिपक कर सो गए।दोस्तो, मेरी कहानी आपको कैसी लगी मुझे जरूर बताएँ।[emailprotected]. हरियाणवी वाली सेक्सी!उसने जैसे ही मेरा नेकर उतारा, तो मेरा लंड फनफनाता हुआ बाहर आ गया।उसने जैसे ही मेरा लंड देखा तो उसने कहा- यह तो बहुत बड़ा है, मैं इसे कैसे झेल पाऊँगी…! इससे तो मेरी चूत फट जाएगी.

मार-मार कर तेरी हालत ख़राब कर दूँगी।उसने एक लात मेरे सीने पर रखी और मुझे धकेला। मैं पीठ के बल गिर पड़ी। वो झुका और दोनों हाथों से मेरा ब्लाउज बीच से पकड़ कर फाड़ दिया। फिर मेरी ब्रा में हाथ डाल कर मेरी एक चूची बाहर निकाली और भींचता हुआ बोला- कुतिया यही दिखा रही थी…!मैं दर्द से चिल्ला उठी। फिर उसने मेरी दूसरी चूची भी बाहर निकाली और मसलने लगा। मैंने उसके हाथ पकड़ लिए तो वो मेरा गला दबाता हुआ बोला- देख. सोनिया मेरी तरफ देखकर बोली- अब तू फिर से मुझसे माफ़ी मांगेगी लेकिन इस बार घुटनों पर गिरकर, मेरे पैरों को चाट कर और मेरे पैरों को चूमेगी.

उसके शरीर की सुगंध मुझे बेकरार किये जा रही थी और उसकी मादक आवाजों से मेरे रोम रोम में उत्तेजना भर रही थी…जैसे ही मैंने उसके एक स्तन को अपने मुँह में लिया, उसके मुँह से एक सिसकारी सी निकल गई. मैं तो खुशी के मारे अपना मुँह छत की तरफ़ कर मुस्करा रहा था और अपने आप पर घमंड भी हो रहा था, क्योंकि यह मेरी किस्मत ही तो थी जो आज मैं इतनी खूबसूरत औरत को अपनी बाहों में समेटे खड़ा था. मेरी ओर से सकारात्मक प्रत्युत्तर पाकर उसकी हिम्मत बढ़ी और चूत की आग के आगे मुझे अपनी मर्यादा इज्जत का ख्याल न आया, पति थाने में, बेटी बीमार, सब भूल कर मैं एक गैर मर्द से चुदने को तत्पर हो उठी.

ये सब ग़लत है किसी को पता चलेगा, तो बहुत बुरा होगा!तो भाई ने कहा- किसी को कुछ पता नहीं चलेगा और मैं तेरे बिना जी नहीं सकता हूँ. वह बहुत गोरी है और उसकी लम्बाई करीब 5 फुठ 6 इंच थी और उसके होंठ मानो गुलाब के फूल हों!बहुत प्यारी लड़की थी कसम से! जो कोई देखता होगा, जरूर एक बार उसके लण्ड से पानी टपक पड़ता होगा. जिसमें कुछ बड़े-बड़े पत्थर थे।मेरी सहेली ने तब अपने बैग में से एक कपड़ा निकाला और मुझसे कहा- पहन लो।मैंने देखा तो वो एक छोटी सी पैन्टी और ब्रा थी।मैंने पूछा- ये क्या है.

मैंने हाथ खोल दिए और उसने मेरी उंगली चूत से निकाल दी।अब उसने मुझे चूमना शुरू किया, मैंने अपनी शर्ट उतारी मगर उससे रहा नहीं जा रहा था।उसने अपना हाथ मेरे लोवर में डाला और लौड़ा सहलाने लगी, मुझसे रहा नहीं गया मैंने अपना लोअर उतार दिया।उसने मुझसे कहा- तुम्हारा तो इतना बड़ा है.

प्रेषिका : सानिया सुलतानसम्पादक : इमरानमेरा नाम सानिया सुलतान है, मैं दिखने में बेहद खूबसूरत और सैक्सी हूँ, मेरा रंग गोरा, बदन भरा हुआ, बाल सुनहरे घने लंबे और आँखें भूरी हैं। मैं अपने रंग-रूप का बेहद ख्याल रखती हूँ और हमेशा सज-संवर कर टिपटॉप रहना पसंद है मुझे। मैंने होम-साइंस में एम. सोनिया ने फिर से कहा- क्या हुआ सायरा? तुझे सुनाई नहीं दिया क्या? मैंने कहा, अभी इसी वक्त अपनी जींस उतार!मैंने कहा- सोनिया, यह क्या कह रही हो?सोनिया बोली- क्या बहरी हो गयी है तू? जींस उतार अभी!मैंने कहा- लेकिन!इतने पर प्रिया बोल पड़ी- सायरा, तुम शर्त हार चुकी हो, इसलिए जो भी सोनिया कहेगी, तुम्हें करना होगा, चल अब जल्दी से अपनी जींस उतार दे.

आआ!भाई ने मेरी चूत को पूरा अपनी हथेली में थाम लिया और बोला- इतनी खुजली हो रही है ॠदिमा?मैं बोली- हाँ…भाई. दिन में दो बार, वो भी बैंगन से!मैंने कहा- तू मुठ नहीं मारती?अन्नू ने कहा- कभी कभी! वो भी दीदी को मुठ मारते देख कर!मोनिका- हाँ, लेकिन यह इतनी डरपोक है कि पतले मोमबत्ती को चूत में डाल कर मुठ मारती है. !उस वक़्त हमारे अलावा उस रेस्टोरेंट में बहुत कम लोग थे और लगभग सभी के पास खाना था। मुझे यह समझने में देर नहीं लगी कि यह ऑर्डर उसका ही है।मैं खाने की प्लेट लेकर उसके पास गया और बोला- शायद यह आपका ऑर्डर है.

आराम से करो।करीब 30 मिनट हो गए, पर अमर अभी तक धक्के लगा रहा था। मुझे लगा कि जल्दी से झड़ जाए तो मुझे राहत मिले।मैंने कहा- क्या हुआ… जल्दी करो।उसने कहा- कर रहा हूँ. मेरा लंड उसके चूत के गहराई में गया तो उसकी झिल्ली फट गई, वो पूरी तरह चीख पड़ी- आ…ह… जी…जू हाय राम…मैंने कहा- क्या हुआ मोनिका?मोनिका ने दर्द भरे स्वर में कहा- कुछ नहीं जीजा जी! तुम्हारे लंड ने मेरी झिल्ली फाड़ डाली. !उस वक़्त हमारे अलावा उस रेस्टोरेंट में बहुत कम लोग थे और लगभग सभी के पास खाना था। मुझे यह समझने में देर नहीं लगी कि यह ऑर्डर उसका ही है।मैं खाने की प्लेट लेकर उसके पास गया और बोला- शायद यह आपका ऑर्डर है.

सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली की आवाजे आ रही थी।फ़िर वो बोलने लगी- आज इस मादरचोद चूत को फाड़ दो, इसकी प्यास बुझा दो, इसने मेरा जीना हराम कर रखा है।मैं बोला- आज के बाद अगर आप को कभी भी यह परेशान करे तो आप मुझे मिस कॉल मार देना, मैं इसका इलाज कर दूँगा।थोड़ी देर तक चुदाई चलती रही, फिर मेरा झड़ने लगा और मैंने मेरा पूरा माल उसकी चूत में छोड़ दिया।थोड़ी देर बाद हमने फिर से एक बार और चुदाई की. मैंने कहा- ठीक है, बताओ मुझे क्या करना है?इस पर प्रिया बोली- सायरा जी, पहले तो आप सोनिया से माफ़ी मांगोगी!मैंने सोनिया से कहा- सोनिया, मुझे माफ़ कर दो, तुम मुझसे ज्यादा अच्छी खिलाड़ी हो!सोनिया ने मेरी तरफ देखा और कहा- माफ़ी मांगने का एक तरीका होता है.

सनी लियोन की सेक्सी वीडियो दिखाएं

कुछ ही देर बाद का नजारा यह था कि मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में उतर चुका था, अब उसने अपनी आँखें खोली, मेरी तरफ़ देखकर मुस्कुराई और मेरे ऊपर झुक कर मेरे माथे को चूम लिया. !अब मैंने उसका टॉप जबरदस्ती उतार दिया और उसके बड़े-बड़े स्तन मेरे हाथ मैं आ गए। मैं उनको दबा रहा था और उसको चूम रहा था। अब मैंने अपना लोअर और अंडरवियर हल्का सा नीचे कर दिया, मेरा लंड उसकी गांड में चुभ रहा था।वो बोले जा रही थी- प्लीज. मैंने कहा- हम आज ही मिले हैं और आज ही तुमने अपने प्यार का इज़हार कर दिया !तो उसने कहा- जल्दी करने में ही भलाई है, वरना क्या पता तुम्हें अपने कॉलेज की कोई लड़की पसंद आ जाती तो मैं तो मर ही जाती…अब हम आपस में काफी खुल गए थे।कुछ देर बातें करने के बाद मैंने उससे कहा- रात बहुत हो गई है और तुम अब सो जाओ.

मैंने उसके होंठों के साथ साथ उसके माथे, आँखों, नाक, गालों, ठोड़ी और गर्दन को भी चूमा जिससे वह बहुत गर्म हो गई. ! बस इन सब चीजों का अंजाम दिमाग़ से सोच ले और मुझे कुछ नहीं कहना…तभी मेरा फोन बज उठा, अताउल्ला का कॉल था। मैं अपने कमरे में भाग आई, काफ़ी घंटियाँ बज गईं, तब मैंने फोन उठाया।अताउल्ला- कहाँ हो आप, कब से कॉल कर रहा हूँ!मैंने कहा- कुछ नहीं… वो मैं रसोई में थी. सेक्सी का अर्थमैं नहीं करूँगा मुझे घिन आती है, उल्टी हो जाएगी!मेरी मुक्ता की इस वासना से मुझे बहुत ही आनन्द आ रहा था और मैं खुद को उसके सामने अनाड़ी समझ रहा था। उसमें बहुत आग थी उसकी इस आग को मैं अगले भाग में लिखूँगा तब तक आपसे अनुरोध करता हूँ कि यदि आप अपने कमेन्ट देना चाहते हों तो मेरी ईमेल आईडी पर मुझे ईमेल कीजिए।[emailprotected]कहानी का अगला भाग:मस्त मुक्ता और उसकी वासना-2.

बाद में उसने मुझे पैसे दे दिए।एक साल बाद उसे एक बच्चा हो गया और उसका नाम भी उसने मेरी पसन्द का ही रखा है।बच्चा होने के बाद वे लोग इधर से चले गए क्योंकि उसके पति को मालूम था कि ये बच्चा उसका नहीं था तब भी वे दोनों खुश थे।दो साल बाद उसने फोन करके मुझे अपने पास हरियाणा बुलाया।फोन पर उसने मुझसे कहा कि उसकी ननद को बच्चा चाहिए.

मुझे इतनी शर्म महेसूस हो रही थी कि मैं वहाँ से हिल भी नहीं पा रही थी, शायद वो दोनों लड़के मुझे चोदना चाहते थे पर सोनिया ने उन्हें मना कर रखा था, सोनिया बहुत ही शातिर लड़की है इसलिए वो लोग मेरी नंगी चिकनी व गोरी गुलाबी चूत का नजारा ही कर रहे थे. मेरे राजा… उम्म्म्म थोड़ा और ज़ोर से चोद।’ अब तो मैं भाभी के चूतड़ पकड़ कर अपने लौड़े को भाभी की गाण्ड में जड़ तक पेलने लगा।धीरे-धीरे मेरे धक्के तेज़ होते गए।‘अया… उई अई…ह… ऊऊऊओ …आऐईयईईई, बहुत मज़ा आ रहा है… फाड़ दे अपने लौड़े से मेरी गाण्ड.

मेरे ऊपर बिजली टूट पड़ी, मैंने पूछा- क्या हुआ?वो बोला- कंपनी में लेन देन को लेकर किसी से मारपीट हो गई है, आप थाने जाकर पता करो!मैंने माही को एक पड़ोस में दे दिया और थाने जाने लगी, पहली बार थाने जाने के कारण मुझे बहुत डर लग रहा था. !’‘अगर आप दर्शन नहीं करना चाहती तो कम से कम मुझे तो अपनी चूत के दर्शन एक बार करवा दीजिए। सच भाभी मैंने आज तक किसी की चूत नहीं देखी।’‘चल नालायक. मेरी बात सुनते ही वो जोर-जोर से धक्के देने लगे और मैं ‘नहीं-नहीं’ करने लगी, मुझसे जब बर्दास्त नहीं हुआ तो मैंने उसने माफ़ी माँगना शुरू कर दिया और वो धीरे-धीरे सम्भोग करने लगे.

उसके मुँह से ‘जान आई लव यू सो मच… बहुत मजा आ रहा है जानू… तुम पहले क्यों नहीं मिले जान… आह… ओह्ह्ह… आअह… और ज़ोर से करो’ की आवाज़ें आने लगी.

इसका मतलब है कि पैसे के लिए किसी के पास भी जा सकती हो?सीमा- जी नहीं… पर मुझे!रणजीत- अच्छा चलो तुम्हारे घर में कौन-कौन है?सीमा- मेरे पापा और माँ… पापा रिटायर्ड अध्यापक हैं और माँ गृहिणी।रणजीत- तुम इतने अच्छे घर से हो तो फिर. दीदी बोली- भाई भर दो मेरी चूत में अपने लण्ड का सारा रस और मुझे अपने बच्चे की माँ बना लो और तुम मामा और पापा दोनों बन जाओ… आहह भाई मैं गईईई…!यह बोलकर दीदी नीचे लेट गई और मैंने अपनी गति बढ़ा दी. तेरा काफ़ी मोटा है, मैं अब सारा दिन तेरी ही हूँ!तो मैंने आराम से अन्दर डालना शुरू किया उनकी चूत ज्यादा खुली हुई नहीं थी, तो उनसे पूछने पर उन्होंने कहा- तेरे अंकल का पतला सा है.

सेक्सी सेक्सी हिंदी एचडी!वो बोली- नहीं मुझसे नहीं होगा।तब मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी और अब हम दोनों बेड पर नंगे थे और एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। मैंने उसकी चूत पर हाथ रख और एक उंगली चूत के अन्दर घुसेड़ दी।वो तड़प उठी और मेरे लंड को ज़ोर से दबा कर पकड़ लिया।ओऊऊ. तो चाची ने कहा- सीखना नहीं है?‘मैं कुछ समझा नहीं?’तो अब चाची ने अपनी शरम छोड़ते हुए कहा- इसकी क्लास तो रात में ही लगती है!मैं- यह आप क्या कह रही हैं?मुझे तो सब समझ आ गया था कि आज चाची मुझसे चुदने वाली हैं, और मैं भी खुश था.

हिंदी चुदाई चुदाई

मैंने उसे बांहों में उठा लिया और चूमते हुए सीधे बिस्तर पर लिटा दिया।उसका दुपट्टा शरीर से अलग हो गया था।उसने मुझे सीधे चूमना चालू कर दिया और ‘आई लव यू जानू. उसने कहा- मैं आज पीना चाहती हूँ।मैंने उसे कहा- मैं ले आता हूँ।मैं तो जैसे इसकी ही फ़िराक में था। मेरे पास पड़ी शराब की बोतल ले आया और मैंने उसका पैग बनाया।उसने कहा- आप नहीं लेंगे. तुम्हारा आदमी पागल ही होगा? अरे उसे समझना चाहिये, इतनी सुंदर पत्नी के होते हुए शराब की क्या ज़रूरत है?उसने कुछ कुछ समझ तो लिया था लेकिन अभी एहसास नहीं होने दिया.

इस बीच मैं भी कविता की जींस और पेंटी गांड से नीचे ले आया था और मेरे साथ उसका भी पानी निकल गया, वो भी लम्बी लम्बी साँसें ले रही थी. बना लो मुझे अपनी!रीना सीधी लेट गई, बाबा की आँखों में चमक आ गई थी, वो उस पर टूट पड़े और उसके मम्मे दबाने लगे, निप्पल चूसने लगे।रीना- आ. उसने मुझे अपने बाहुपाश में जकड़ कर जब मेरे चेहरे को चूम चूम कर गीला कर दिया तो मैं भी गर्म होने लगा, मेरे से रहा नहीं गया और मैं अपने दोनों हाथों से उसके उरोजों को दबाने लगा.

पर मेरी असली परेशानी अब शुरू होने वाली थी, पति मुझे साथ लेकर उस शहर में आया जहाँ वो कंपनी में काम करता था. यह फ़िल्म एक लड़की और उसके ट्यूशन मास्टर की थी, लड़की की उम्र करीब 18 साल और मास्टर की उम्र करीब 35 साल की थी. मॉम- यार क्या कर रहे हो आप… यह स्टाइल बदल बदल के करने की जगह नहीं है, बस ऐसे ही कर लो ! घर जाते ही जो कहोगे वो कर दूँगी…लेकिन यहाँ नहीं।डैड ने शायद मॉम की चूची मुँह में ली और फिर से मॉम को चोदना शुरू कर दिया।मॉम- अह्ह अम्म… अहह ! अह !और शायद 20-25 धक्कों के बाद डैड ने कहा- सविता, कितनी देर लगेगी तुमको?मॉम- बस.

लेखक : सुमितसम्पादक : शिप्रामेरे प्रिय अन्तर्वासना के मित्रो,मैं जयपुर (राजस्थान प्रदेश) का रहने वाला हूँ और 2008 से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. पापा भी आ गए हैं सो रहे हैं।’ममता अपने कमरे में गई, रणजीत को इस स्थिति में देखते ही उसका दिमाग़ खराब हो गया।वो बड़बड़ाने लगी- अरे बाप रे.

कभी भी बारिश हो सकती है।मैंने कहा- ठीक है… हम जल्दी ही वापस आ जायेंगे।कॉलेज से निकलने के बाद हम 4-5 बड़े रिटेल शोरूम पर गए और अपने फील्ड प्रोजेक्ट के लिए जानकारी ली।उसके बाद जब हम वापस जाने लगे तो बादल और घने हो गए थे, लेकिन बारिश शुरू नहीं हुई थी तो मैंने सुमन से कहा- हम वापस कॉलेज चलते हैं, अभी बारिश शुरू नहीं हुई है।तो सुमन कहा- हाँ.

मैं- ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी…पूजा ने टी-वी ओन किया और चैनल बदल-बदल कर देखने लगी, कुछ देर बाद उसने टीवी बंद कर दिया. सेक्सी बफ हिंदी भोजपुरीमुझसे अब ज़्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं होगा।अजय की बात सुनकर मैंने लौड़ा मुँह से निकाला और अजय के बाल पकड़ कर उसको भी विजय के पास खड़ा कर दिया।रानी- साला हरामी 5 मिनट हुआ नहीं कि अपनी औकात पर आ गया. नेहा का सेक्सीखैर इसके बाद स्वाति ने मुझसे कहा- क्यों सायरा खान मैडम? अब क्या कहती हो, चलो अब सोनिया जो भी कहेगी, तुम्हें करना पड़ेगा. राजू टायलट के दरवाजे में अब भी आँख लगाये टायलट के अंन्दर देख रहा था और जीन्स के ऊपर से अपने लन्ड को जोर जोर से रगड़ और मसल रहा था.

4-5 झटकों में ही उसकी भी झिल्ली फट गई और उसकी चूत से खून निकलने लगा लेकिन मैंने लंड के धक्के से उसकी चुदाई जारी रखी.

!मैंने अपना मुँह उसके पेटीकोट में घुसेड़ दिया और उसकी चूत को जीभ से चाटने लगा। वो मस्ती में लगातार ‘उफफफ. बेचारी दो साल से भूखी थी…फिर मामी ने मुझे नंगा करना चालू किया, पूरे कपड़े उतारे मेरे… फिर मेरे बदन को चूसने लगी… काट भी रही थी बीच बीच में… मुझे बहुत अच्छा लग रहा था… आख़िर में आ ही गई लंड के पास और बोली- क्या छोटा है रे लंड तेरा… बिल्कुल लोलीपोप…और चूसने लगी…मेरा तो कंट्रोल ही नहीं हो रहा था… मामी लोलीपोप बहुत अच्छे से खा-चाट रही थी…मैं मामी को दो मिनट में ही बोला- मैं झड़ जाने वाला हूँ. !नारायण पर इसका कोई असर नहीं हो रहा था। करीब 5 मिनट के बाद नारायण मधु के ऊपर लुढ़क गया।दोनों पसीने-पसीने हो गए थे और हाँफ़ रहे थे, फिर नारायण का लवड़ा स्वतः ही बुर से बाहर आ गया।मधु ऐसे ही लेटे रही और उसकी बुर से नारायण का माल धीरे-धीरे बाहर आने लगा।मधु ने उसे छूकर बोला- अरे फिर तुमने तो अन्दर ही डाल दिया.

उसने मुझे अपने साथ खींच लिया और स्लो डाँस करना शुरू कर दिया। अब उसके हाथ मेरी कमर पर थे, क्यूंकी इससे पहले उसके हाथ में बर्फ वाला विस्की का ग्लास था तो उसके हाथ से मेरी स्किन गीली और ठंडी हो गई. ” सिन्हा आंटी ने धीरे धीरे मेरे कन्धों को हिलाकर मुझे उठाया तो मैंने अपनी आँखें खोलीं।दिन पूरी तरह चढ़ आया था और सूरज की रोशनी में मेरी आँखें चुन्धियाँ सी गईं। करीब 12 बज चुके थे. फिर थोड़ी देर हम बातें करने लगे फिर अम्बिका बोली- यश, ऐसा करो ना कि हम दोनों की चूत एक साथ ले सको, एक ही टाइम में?मैंने कहा- पागल ! मैं इंसान हूँ, राक्षस नहीं !तो उसने बोला- यार मुझे नहीं पता, यार कुछ तो उपाय करो !मैंने कहा- सोचने दो !फिर मैंने कहा- पहले दोनों मेरा लंड चाटो-चूसो और उसे सख्त करो.

ब्लू सेक्सी पिक्चर देखनी है

मुझे मज़ा आने लगा। मैं इसी स्वाद के लिए तड़प रहा था। मेरी जीभ उसकी गाण्ड के मुहाने के निचले कोने पर हरकत करती, फिर लपलपाती हुई ऊपर तक चली जाती।वरुण किसी बकरे की तरह कराह रहा था जिसे हलाल किया जा रहा हो। फर्क सिर्फ इतना था कि उसका कराहना मस्ती भरा था-अहह. इसके बाद जब भी वो मुझे चोदता, घोड़ी जरूर बनाता!मेरा पसंदीदा स्टाइल यह था कि मैं हेमंत को चित लेटा देती और उसके पेट पर नंगी बैठ जाती. ‘देखूँ तो!’ यह कह कर राजू ने रीटा के शर्ट के कपड़े को फील करके उसके गिरेबान में हाथ डाल कर चुच्चा टटोल सा दिया और मुस्कुरा कर बोला- सचमुच बहुत साफ्ट साफ्ट है.

अब तो मेरा भी दिमाग ख़राब हो रहा था, जब भाभी उससे चुद सकती है तो मुझसे क्यूँ नहीं? अब भाभी को दूसरी नजरों से देखने लगा और मेरा दोस्त साला रोज रात की कहानियाँ बताया करता था.

इस तरह से मैंने अपने जीजा की बहन की चूत चोदी!मेरी सच्ची कहानी आपको कैसे लगी, जरूर बताएं![emailprotected].

मैं थानेदार के कमरे में जाने लगी, वहीं से मुझे लॉकअप में बंद रमेश दिखाई दिया, वो बहुत उदास था, मुझे देख कर उसके आँखों में आँसू आ गए. मैंने कहा- और कितनी देर तक नहीं झड़ना चाहते आप? एक बार मेरे ऊपर चढ़ते हो तो मेरी हालत जब तक खराब न हो जाए तब तक तो रुकते नहीं हो, आज क्या मुझे मार डालने का इरादा है?उन्होंने हँसते हुए कहा- अरे मेरी जान आज सुहागरात है न, देर तक मजा लेना है. ओड़िया वीडियो सेक्सीबेचारी दो साल से भूखी थी…फिर मामी ने मुझे नंगा करना चालू किया, पूरे कपड़े उतारे मेरे… फिर मेरे बदन को चूसने लगी… काट भी रही थी बीच बीच में… मुझे बहुत अच्छा लग रहा था… आख़िर में आ ही गई लंड के पास और बोली- क्या छोटा है रे लंड तेरा… बिल्कुल लोलीपोप…और चूसने लगी…मेरा तो कंट्रोल ही नहीं हो रहा था… मामी लोलीपोप बहुत अच्छे से खा-चाट रही थी…मैं मामी को दो मिनट में ही बोला- मैं झड़ जाने वाला हूँ.

अब सो जाओ!मैं जानती थी कि कृपा अपनी भूख को शांत कर चुका था, पर हेमा की प्यास बुझी नहीं थी, पर वो भी क्या करती कृपा सम्भोग के मामले में अभी नया था।तभी कृपा की आवाज आई- हेमा, एक बार और चोदना चाहता हूँ!हेमा ने कहा- नहीं. बना लो मुझे अपनी!रीना सीधी लेट गई, बाबा की आँखों में चमक आ गई थी, वो उस पर टूट पड़े और उसके मम्मे दबाने लगे, निप्पल चूसने लगे।रीना- आ. भाई पागलों की तरह मेरी जाँघों को अपने मुँह से सहला रहा थे और चूम रहा था।फिर हौले से भाई ने मेरी पैंटी खींच दी। ‘हा.

तब मैंने देखा कि रस छूटने के बाद भी पापाजी का लण्ड महाराज अभी भी लोहे की छड़ की तरह अकड़ा हुआ है और वह अगली चढ़ाई के लिए तैयार है. भाभी औरत होने के नाते मुझे कुछ समझती! मैं रातों को बिस्तर पर रोती तो भाभी आती और समझाती!मैंने भाभी से कहा- मुझे उनकी बहुत याद आती है.

यह कहानीपुरानी पी डी ऍफ़ कहानियोंमें से पुनर्प्रकाशित की गई है।मेरा नाम पूनम है। मैं 36 वर्षीय गोरे रंग वाली एक शादीशुदा औरत हूं। मेरी हाईट करीब 5.

करीब चार महीनों तक हम दोनों के बीच में ऐसे ही बातचीत चलती रहा क्योंकि हमें हम-बिस्तर होने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही थी. क्या मेरे लिए तुम इतना सा दर्द बर्दास्त नहीं कर सकती?उसने धीरे-धीरे लिंग को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया।मेरे लिए यह पल बहुत ही असहनीय था, पर मेरे किसी भी तरह के शब्द काम नहीं आ रहे थे।मैं समझ चुकी थी कि अमर अब नहीं रुकेगा पर फिर भी मैं बार-बार उससे कह रही थी- मुझे छोड़ दो. कि सिर्फ पहली बार सील टूटने पर ही दर्द होता है, ये देखो थोड़ा सा खून निकला है, अब डालने से और दर्द नहीं होगा।लेकिन वो उठने का प्रयास करने लगी और कहने लगी- नहीं.

सेक्सी सेक्सी फिल्म दिखाओ सेक्सी हम एक आइसक्रीम पार्लर में गए और खाते खाते वो बोली- तुम्हें पता है परसों मेरा बर्थडे है !मैंने बोला- अरे वाह ! यह तो बहुत अच्छी बात है, पार्टी करेंगे।तो वो बोली- नहीं, मैं पार्टी नहीं करती, मुझे बर्थडे सादगी से मनाना अच्छा लगता है।तो मैं थोड़ा निराश सा हुआ यह सुनकर पर फिर वो बोली- तुम हो न मेरे फ्रेंड, उस दिन तुम घर आना !मैं ख़ुशी से फ़ूला न समाया. कहा तो है, पर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है।तो अनिल बोला- इसमें सोचना कैसा? देखो मेरे पास बहुत ज्ञान है और मैं उसमें से थोड़ा तुम्हें देना चाहता हूँ.

!सारी दुनिया का मजा इसी काम है जैसे ऐसा लग रहा था, मन कर रहा था कि पूरा लन्ड घूसेड़ दूँ। उसकी चूत काफ़ी टाईट थी क्योंकि मेरा औसत मोटाई का लन्ड उसकी चूत में फ़िट हो रहा था और मुझे ताकत लगानी पड़ रही थी।मैंने जो सोचा था वो नहीं हुआ, मेरा वीर्य 5 मिनट के बाद ही निकल गया। जैसे ही मेरा वीर्य निकला, मुझे लगा कि सारा वीर्य इसमें ही निकाल दूँ और यह वीर्य निकलता ही रहे।‘उफ़… ओह… ओह. इससे पहले सेक्स के नाम पर मैं सिर्फ पोर्न वीडियो देख कर मुठ मार लेता था।पर जब से अम्बिका की चुदाई की, तब से दिल में बस वो ही बस गई थी कि अब मुठ नहीं, बस अब सिर्फ चुदाई. पूरी रंडी बना दूँगा तुझे…!’ऐसे शब्द अनिल के मुँह से सुन कर मैं भी आस-पास का सब भूल चुकी थी और मस्ती में बोल रही थी- आअहह मेरे राजा.

चाचा ने चाची को चोदा

वो झड़ गई थी।मैंने तुरंत अपना लंड निकाल लिया और निढाल पड़ी हुई अन्नू के दूध के पास बैठकर अपना लंड उसके मुँह में देना चाहा।वो समझ गई कि इसे फिर से चूसना है, उसने भी बड़ी अच्छी तरह से लंड की पप्पी लेते हुए उसे अपने मुँह में भर लिया और पूरा भर कर चूसने लगी।मैंने उससे कहा- ये जो नीचे गोलियां लटक रहीं हैं. मैंने कहा- हाँ, मैं जानती हूँ कि आपके महाराज को आराम के लिए गद्देदार और गर्म जगह चाहिए, इसका इंतजाम मैं अभी कर देती हूँ. अच्छा लगा तो ठीक है वरना मना कर दूँगी।मैंने उसका हथियार हाथ में पकड़ा, पर यह क्या… मेरे हाथ कांप रहे थे।थोड़ा डर लगता है यार और मैंने धीरे से मुँह में डाला.

’ निकलने लगी।मैं अपने मुँह में उस हलब्बी को चूसे जा रही थी और मेरी चूत भी रसीली हो चली थी।बालू की सिसकारी सुन कर मेरी भी आहें निकलने लगीं- मूओआयाया ओआहौ… अमम्मुआहह आ ससुर जी अहह बालू, बहुत बड़ा है और टेस्टी लग रहा है. तो उसने कहा- आप अपने पैर मेरी सीट पर कर लो और मैं आपकी सीट पर और मेरा कम्बल डाल लो।हमने ऐसा ही किया, अब उसने लैपटॉप मुझको दे दिया, मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम नन्दिनी बताया।उसने मुझसे पूछा- आप क्या कर रहे हो?मैंने उसको बताया- मैं देहरादून से बी.

मुझे पता था वो हल्का ड्रिंक पसंद करती है मगर उसको पीने की ज्यादा आदत नहीं है।शहर के भीड़ वाले एरिया से बाहर आ मैंने सलोनी को बोला- जान, अब कपड़े बदल लो !सलोनी आसपास आती जाती गाड़ियों को देख रही थी.

करते रहो… उफफ… ओह…!कुछ देर के बाद वो झड़ गई और कुछ मिनट तक उसको और चोदने के बाद मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया। रात भर में हमने 3 बार चुदाई की। मुझे पेटीकोट सेक्स बहुत पसंद है पेटीकोट को कमर पर चढ़ा कर चूत चोदने का मजा ही कुछ और है।दोस्तों मेरी सच्ची कहानी कैसी लगी बताना।[emailprotected]. लेती हूँ ना…’मैंने सुरेश का लंड अपने मुँह में ले लिया।‘अह अहह आपका लंड तो बहुत ही टेस्टी है।’‘सुरेश मेरी जान मैं तो इस लंड से रोज ही चुदवाऊँगी।’‘अहह हाँ. आप सभी के लिए आज मैं कुछ रोचक जानकारी लेकर आया हूँ, पढ़ें और जानें कि सुहागरात में क्या और कैसे करना चाहिए.

मेरे मुँह के सामने खड़ा है और मेरी जुल्फें, मेरे लम्बे बालों को चेहरे से हटा कर अपना लण्ड मेरे मुँह में घुसाने की तैयारी में था।मैंने कहा- मैं यह नहीं करुँगी !पर वो नहीं माना और मुझे भी यह स्वाद चखने की इच्छा हो गई।अब पीछे से बॉस जब धक्का मारता तो आगे दूसरा लण्ड मेरे हलक तक घुस जाता। सी. आ तुझे एक चीज़ दिखाती हूँ !गीता- क्या है यार?रीना- यह देख आज मैंने एक स्टोरी पढ़ी है, बड़ी मस्त है यार और इसकी राइटर कोई पिंकी है जो मेल का रिप्लाई भी देती है। बड़ा अच्छा लिखती है।मेरी तो बुर रिसने लगी, आ तू भी पढ़ ले मज़ा आएगा !गीता- यार, एक बात बता तू. और वो वेटर गलती से मुझे दे गया है!तो उसने मुझे बोला- देखो मिस्टर, इस तरह की सस्ती हरकतों से मुझ पर लाइन मारने की हरकत करके मुझे फंसाने की जरूरत नहीं है!तो मैंने बोला- देखो, तुम्हें शायद बात करने की तमीज़ नहीं है.

माँ के जाने के बाद मैंने रिया से लगभग एक घंटे तक उसकी पढ़ाई और स्कूल के बारे में पूछताछ की तथा विज्ञान में उसे क्या आता है और क्या नहीं आता इसके बारे में जानकारी ली.

सेक्सी पिक्चर बीएफ चलने वाली: ’ मैंने कहा।सुनील तो साली को पहले ही खा चुका था, मादरचोदी का पेटीकोट उठा दिया और बीच वाली ऊँगली उसकी बुर में डाल दी।इतनी जोर से अन्दर-बाहर किया कि निभा मादरचोदी चीख उठी।हाल में हल्की-हल्की दोनों मोबत्तियों की रोशनी बस थी। ज्यादा रोशनी में मुझसे साली की चुदाई न हो पाती।निभा ने झांटें भी बना ली थीं।फिर सुनील ने रंडी के मुँह में लौड़ा दे दिया, वो रण्डियों की तरह चूसने लगी।‘आज ये रंडी बनेगी. जोर-जोर से गाण्ड मारी और झड़ गया।पूरी रात जयदीप ने मुझे जम कर चोदा और मेरे बदन का पोर-पोर हिला दिया, मेरा अंग-अंग ढीला कर दिया।फिर मुझे नींद आ गई।मुझे पता ही न चला कि कब सुबह के 6:30 बज गए।सुनील मुझे लेने आया था, तब पता चला। मैं उठी गुसलखाने जाकर फ्रेश हो कर बाहर आई।सुनील ने पूछा- रात कैसी थी?मैं क्या कहती.

बस इसे जल्दी से घुसेड़ दो।मैंने इधर-उधर देखा, मुझे उनकी ड्रेसिंग टेबल पर एक तेल की शीशी दिखी। मैंने उसे उठाया, उसमें से तेल को लेकर ढेर सारा तेल उनकी चूत पर और फिर अपने लंड पर लगा लिया।अब मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया।उन्होंने बोला- यार डालो ना. लेकिन मैं अपने मनोद्वेग को दबाए हुए थी।अचानक उसने मेरी तरफ निगाह की और ‘मैं उसे निहार रही हूँ’ यह उसने शायद देख लिया मेरी आँखों में उसने अपने लिए प्यार पढ़ लिया था।मेरा जो हाथ उसके सीने पर रखा हुआ था उसने उठाया और उसे चूम लिया।मैं सिहर गई, मैंने कहा- यह क्या किया तुमने?तो बोला- मेरे लिए इतना प्यार अपने दिल में छिपाए बैठी हो. रात को जीजा जी आ गए उस रात में कुछ नहीं कर पाया, लेकिन अगले दिन से दिन के वक्त मैंने दीदी को फिर दो बार चोदा.

मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि वो चुम्मा ले चुके थे या केवल साड़ी ही ऊपर कर पाये थे !मैं एकदम से पीछे को हो गया !तभी मुझे सलोनी के बिस्तर से उठने की झलक भी दिखाई दी, दो सेकंड रूककर जब मुझे लगा कि अब दोनों सही हो गए होंगे, मैंने कमरे में प्रवेश किया …अंकल का चेहरा तो फ़क सफ़ेद था, मगर सलोनी सामान्य तरीके से अपनी साड़ी सही कर रही थी…सलोनी- ओह जानू आप आ गए.

कहानी का पिछला भाग:एक दूसरे में समाये-1हम दोनों के कमरे के लिए कॉमन बाथरूम था जिसका दरवाजा दोनों कमरों से ही था।अगले दिन सुबह वो चाय लेकर मेरे पास आई, मैं उस वक़्त सो रहा था. उनकी पैन्टी चूत के रस से गीली हो गई थी।मैं उनकी चूत पैन्टी के ऊपर से ही चाटने लगा। फिर एक झटके मे मैंने पैन्टी उतार दी।भाभी की मस्त क्लीन-शेव कुँवारी गुलाबी चूत देखकर मैं दंग रह गया।उनकी चूत को निहारने लगा तो भाभी ने पूछा- क्या देख रहा है?तो मैंने कहा- आप की चूत तो बिल्कुल कुँवारी है।‘इसीलिए तो तुम्हारे पास आई हूँ. पुचच च च पुचच च च पुचच च च… पर अभी भी गच्चा दे देती हो…सलोनी- जी नहीं… तुमने अपना लण्ड नहीं चुसवाया था चलती गाड़ी में… और फिर मेरी चूत भी चाटी थी… अह्ह्हाआआ बस ना…अमित- और क्या किया था.