बीएफ ब्लू एडल्ट

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चाची ने मेरी ओर देखा और मुझे आंख मारते हुए कहा- अब दर्द कैसा है?मैं दांत निकालते हुए हंस दिया.सब अपने अपने मन में जानते थे कि पिछले एक महीने में में उन्होंने बिना सेक्स के कौन कौन से पार्टनर बदले हैं.

कभी वो लंड को ऊपर-ऊपर से चूसती और कभी पूरा लंड अन्दर लेकर आगे-पीछे करती. बीएफ ब्लू एडल्ट मेरे रूममेट ने उसकी बात को कई दिनों तक टालने की कोशिश की लेकिन विकास अपनी बात पर अड़ा रहा.

फिर मैं लेटे लेटे अपने पैर के अंगूठे से उसकी गांड के छेद को छेड़ने लगा.

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अब मेरी धड़कनें तेज हो गईं … क्योंकि मेरी ख्वाहिश अब पूरी होने जा रही थी. मेरी बहू मेरे बालों को सहलाते हुए बहुत ही धीमी आवाज में बोली- पापा, आप बहुत अच्छे हो। आज आपने मुझे कली से फूल बना दिया. फिर हम दोनों अलग हुए और मैंने मनोज की तरफ देखा तो उसकी नजर श्वेता के स्तनों की दरार को ताड़ रही थी.

क्योंकि भाभी जी ने अपनी एक उंगली से मुझे कुरेद कर वो इशारा दिया था, जो एक चुदासी औरत या लड़की देती है. वो चीखते हुए दस बारह बार जोर जोर से उछली और लंड पर धक्के मारते मारते ही उसकी चूत का फव्वारा छूट गया. भाभी ने अपनी टांगें खोलीं और आंखों से ही अपनी चूत में लंड डालने का इशारा कर दिया.

मैं उनके मम्मों को चूसने लगा और मम्मों का दूध निकालने की कोशिश करने लगा. उन्होंने पैसों की पेशकश की लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि पैसा मेरे लिये सब कुछ नहीं है. दे क्यों नहीं देतीं?वो बोली- साले तुम सब लौंडों के नीचे हमेशा आग ही लगी रहती है.

राहुल दोबारा से आगे की तरफ आया और उसने भाभी के चूचों को बारी बारी से अपने हाथों में लेकर उनका नाप लेना शुरू कर दिया. तुम्हारे लिंग को तो वह रोज ही लेती है, उसको तुम्हारा मुझसे छोटा लिंग लेने में क्या परेशानी हो सकती है! बात तो मुकाबले की तब होगी जब वह मेरे साइज के लिंग को झेल कर दिखा दे कि वह कितनी देर तक मेरे जितने बड़े लिंग को बर्दाश्त कर सकती है.

तुम्हारे घर आने वाले लोगों ने भी तुमको चोदा है या नहीं? वो तुम्हें सेक्स के लिए अप्रोच करते हैं या नहीं? अगर करते हैं तो कितनों के साथ तुमने किया है.

मैंने अपनी पहली कहानी में सबके बारे में जानकारी आप लोगों से साझा की थी कि किस तरह मैं और सबा एक दूसरे के करीब आए और एक साथ समय बिताने लगे.

कहानी पर अपनी राय देने के लिए आप नीचे दी गई मेल आई-डी का प्रयोग कर सकते हैं. विक्की- हां तुमने कभी अच्छे से दिखाए ही नहीं हैं … तो मुझे साइज़ का कैसे पता चलेगा. फिर उन्होंने कहा- ये किताबें लाता कहां से है तू?मैंने कहा- मेरे एक दोस्त से.

उसके पिता और भाई तो घर पर नहीं रहते हैं और उसकी मां के पास बहुत से मर्दों का आना-जाना लगा रहता है. इधर मेरे होंठों पर किस करते करते हनी का हाथ मेरे मम्मों पे आ गया था और वो मेरे कपड़ों के ऊपर से ही मेरे मम्मों को सहलाने और दबाने लगा. शाम को 7 बजे सब लोग स्वीमिंग पूल पर इकट्ठा हुए … सभी बहुत खुश और फ्रेश थे.

अपने बाल खिंचने पर शायद उन्हें दर्द हो रहा था और वो जोर जोर से चिल्ला रही थीं.

मेरा ब्वॉयफ्रेंड मेरी चूत में अपना पूरा लंड अन्दर तक डाल कर मेरी चूत को चोद रहा था और मैं अपनी गांड उठा कर अपने ब्वॉयफ्रेंड का लंड अपनी चूत में जड़ तक ले रही थी. वहां चाची को छोड़कर आने का मेरा मन ही नहीं हो रहा था, फिर भी पढ़ाई के लिए आना पड़ा था. तभी अभय ने आगे से मेरी चूत में पूरी ताकत के साथ अपना लौड़ा जोर से घुसाना चालू कर दिया.

मैं मेम की गांड में उंगली करने लगा और बोला- मेम आपकी गांड बड़ी मस्त है, कभी मरवाई है?मेम बोली- नहीं … वहां कभी नहीं किया. मैं खड़े खड़े थक गया था, सो वहीं नीचे बैठ गया और सिर्फ उनकी बातें सुनने लगा. वो बोला- हां मैं जल्दी से करूंगा, पर बताओ तो करना क्या है?मैंने उसके लंड पर हाथ लगाया और कहा- इसे मेरे अन्दर कर दो.

मैंने आते ही माहौल को देखा और धीमे स्वर में कहा- कहिये आपने मुझे बुलाया क्यों है?साधना भाभी कहने लगीं कि तुम ये सब जो कर रहे हो न … ये ग़लत है.

संजय का वीर्य बहुत ज्यादा गाढ़ा नहीं था, नई जवानी में वीर्य की धार तेज जरूर होती है, पर गाढ़ापन बहुत कम होता है. अब आगे:गीत मुझे बताए जा रही थी कि खूबसूरती का आलम ये था कि जो भी मर्द हमें देख ले, वो हमें चोदने का ख्वाब जरूर देखता रहा होगा.

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बीएफ ब्लू एडल्ट अपने पूरे शरीर को उसके शरीर के ऊपर ले जाकर शबनम को सुख के चरम पर ले जा रहा है. ज़ायरा ने लंड पकड़ा और आधा लंड मुँह में ले लिया और आगे पीछे करने लगी.

मैंने उसको अपने ऊपर जकड़ लिया … और ज़ोर ज़ोर से धक्के नीचे से मारने लगा.

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बेबी रानी की आँख में आंसू आ गए, बोली- राजे तू ऐसी बातें करता तो कलेजा मुँह को आ जाता … क्यों करता इतना गहरा प्यार … मैं जीवन में चार चार बॉय फ्रेंड्स के साथ रह चुकी हूँ. बस वहां से 7 बजे चली और 7:45 पर मैं वापिस कॉलेज वाले बस स्टॉप पर उतर गया. जब वो मेरे होंठों को खुला छोड़ता था तो मेरी सांसें चलती थीं वरना मैं फिर से उसकी बांहों में तड़पने लगती थी.

इसके बाद से जब भी वो मुझे देख कर अपने लंड को सहलाते, तो मेरी आँख उनसे मिल जाती और मैं मुस्कुरा देता. वो अपनी चूत से मेरे लंड को ज़ोर से दबोच कर लंड के चारों ओर घूमने लगी. वहां पर एक होटल में रात को जब मैं अपने जीजा के साथ रुकी हुई थी तो रात में तुमसे फोन पर सेक्सी बातें कर रही थी.

थोड़ी देर बाद उनके ससुर जी का माल निकालने को हुआ, तो उन्होंने पूछा- कहां निकालूं?दीदी ने बोला- सारा पानी चुत में ही छोड़ दो.

अब चाची लगातार कहने लगी थीं- प्लीज दीपू … यार अब सहा नहीं जाता … डाल दो अपना … मैं तुम्हारे मोटे और लम्बे लंड से चुद कर आनन्द लेना चाहती हूँ. कभी वो मेरी चूचियों के निप्पलों को चूसते हुए मुझे तेज तेज धक्कों से चोदने लगता. उसके गीले बदन के साथ लगते ही मेरा लंड एकदम से खड़ा होना शुरू हो गया.

मैंने भी तुरंत उनकी दोनों चूचियों को अपने हाथों में भर कर भींचना शुरू कर दिया. ‘उम्माह … उम्म …’वो भी मेरा साथ देने लगी और फिर हम दोनों अलग हो गए. उनकी चूचियों और भाभी के सेक्सी जिस्म को देख कर मैंने दरवाजे और दीवार को सान दिया था.

एक हाथ से वो मेरे बूब्स दबा रहा था और दूसरे हाथ से बुर्का उठा के उसने मेरी लेगी में हाथ डाला और सीधे एक बार में ही उंगली मेरी चूत में डाल दी।उसकी बीच की उंगली मेरी चूत में जाते ही मुझे यकीन हो गया कि ‘हुआ छोकरा जवाँ रे …’कुछ देर तक ऐसे ही वो मेरे जिस्म से खेलते रहा और बीच बीच में फोटो सेल्फी लिये. वो चिल्ला उठी- प्लीज प्लीज स्लो … (धीरे-धीरे करो)उसके बाद मैंने उसकी गांड में लंड को और अंदर धकेल दिया.

फिर मैं भी समय की नजाकत को समझते हुए उनके दोनों पैरों के बीच में आ गया. मैंने फिर उसे घोड़ी बनाते हुए एक हाथ से उसके बालों को पकड़ लिया और दूसरे हाथ से उसकी कमर को रोकते हुए धीरे से लन्ड डालने लगा. जब उसने मेरे लंड पर अपनी जीभ को फेरा, तो ये मेरे लिए चरमोत्कर्ष वाला आनन्द था.

आज सोचा कि क्यों न अपनी सेक्स कहानी भी अन्तर्वासना के पटल आप सभी के साथ साझा की जाए.

फिर मैं कुरते की छाया से बाहर निकला और कुरता ऊपर करके अपना लंड उनकी चूत में रगड़ने लगा. उसके बाद मेरी साली ने बोतल को लिया और फिर से मेरे लंड पर स्प्रे कर दिया. चूंकि मेरी गांड भी मारी गई थी, इसलिए मेरी गांड भी छिल कर खून से सनी हुई थी.

अगले ही पल उसने मुझे गोद में उठा लिया और बोला- हमारे होते आप चलने की तकलीफ़ क्यों उठा रही हो जानेमन. मैं 23 तारीख को रात वाली ट्रेन पकड़कर 24 को सुबह साली के घर पहुंच गया.

मैं भाभी के बारे में सोचने लगा कि पता नहीं भाभी मेरे बारे में क्या सोच रही होंगी. तो दोस्तो … कैसी लगी मेरी कॉलेज सेक्स की कहानी?मेरी मेल आई डी[emailprotected]पर मेल करके जरूर बताना!और मेरी जिंदगी में क्या क्या हुआ, वो सब आगे की कहानियों में बताऊँगी. रात के 11 बजे से लेकर सुबह के 5 बजे तक मैंने बुआ की चूत की चुदाई खूब जमकर की.

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वो इतनी गर्म हो गयी थी कि उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने कपड़ों के ऊपर से ही चूत पर रख दिया था.

मैं चिल्ला दी, पर मुझे ज्यादा दर्द नहीं हुआ … शायद नशे की वजह से ऐसा हुआ था. मैंने पूछा- इससे मुझे क्या मिलेगा?वो बोलीं- मैं तेरी हो चुकी हूँ, बोलो मेरे जानू को क्या चाहिए?मैंने कहा- जो तुम्हारी मर्ज़ी हो, भेज देना. तभी कोमल कह उठी- मैंने कहा था ना संजय … इस दवाई में बहुत दम है, देख लो हमेशा तुम्हारा पंद्रह बीस मिनट मों निकल जाता है और आज दवाई के असर से तुम्हारा लंड पैंतीस मिनट साथ दे गया.

मैं घर पर सबको सामान्य दिख रही थी, पर आज से मेरी जिंदगी में बहुत कुछ बदल गया था. मैं संकोच करते हुए नाक अपने आर्मपिट्स के करीब ले गयी और लम्बी सांस ले कर अपने ही जिस्म की खुश्बू को अपने जहन में उतार लिया. बीएफ हिंदी कुंवारी लड़कीपर इतना तो मैं पक्का कर चुकी थी कि अगर इस बार मौका बना, तो मैं अपने हिसाब से चुदूंगी.

तो फिर मैं नाश्ता लगा देती हूं।”मैंने सायरा को गोद में उठाया और अपने रूम में लाकर पलंग पर लिटाते हुए कहा- नाश्ता कहां भागा जा रहा है, बस मेरी प्यारी गुड़िया एक बार मुझे प्यार कर ले तो नाश्ता भी जमकर खा लूंगा. दिल्ली तक के छोटे एक रात के सफर में, उन दोनों ने सर्दी की मेरी उस रात को रंगीन बना दिया था.

मैं अपना लंड उनकी चुत पर फेरने लगा, उनकी चुत के छेद पर रगड़ने लगा, तो उन्हें और मुझे बहुत मजा आने लगा. आह्ह पापा … ओह्ह … क्या कर रहे हो … अम्म … आह्ह!” करते हुए मैं तड़पने लगी. ये क्या है? भेदभाव नहीं है तो क्या है?”मैंने हंसकर कहा- नाराज़ क्यों होती है रानी … ध्यान नहीं रहा … तू इतनी नशीली चीज़ है कि मैं सुध बुध खो गया था … कोई नहीं डार्लिंग, आज कोई आखिरी चुदाई थोड़े ही की है … रोज़ मौके मिलेंगे … अगली बार नहीं भूलूंगा … माफ़ी दे दे जान.

उसका हाथ मेरे बालों में घूम रहा था और वो मज़े के साथ कामुक आवाजें करने लगी. फिर मैंने लंड को चुत के छेद पर रख दिया और एक ही झटके में लंड अन्दर पेल दिया. मैं उस खड़ी आग के सामने नीचे घुटनों के बल बैठ गया और उसके पेटीकोट का नाड़ा खींच कर नीचे गिर जाने दिया.

मेरी उम्र 29 वर्ष है और मैं पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर का रहने वाला हूँ.

तब तक भाबी ने अपना पैग उठाया और मेरी तरफ जाम उठाते हुए बोलीं- चियर्स. फिर मैं शादी वाली जगह प्रतीक के साथ आ गई और उससे मिलने के बाद मैं बाजू के कमरे में पंडितजी के बुलावे का इंतज़ार करने लगी.

मैंने उस वक्त संदीप से नजरें जरूर हटा लीं, लेकिन मैं कोमल की इस बात के बाद अपना दिल संदीप पर पूरी तरह हार गई. उसको गुदगुदी हो रही थीवो बोली- दीदी इनको रुकवा दो, बड़ी गुदगुदी हो रही है. फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत चाटी और अपना लन्ड पेल दिया.

मैंने उसके सभी कपड़ों को उसके जिस्म से अलग किया और उसने भी मेरे कपड़ों को अलग कर दिया. डॉक्टर ने मेरी पैंट की चेन खोल कर मेरे सोये हुए लंड को बाहर निकाल लिया. कह कर अंशु ने कच्छी उतार दी, बोली- ऐ मालिनी … आ मेरी चूत को प्यार कर! और कामिनी, तू मेरे भाई का लण्ड चूस के तैयार कर। लेकिन ध्यान से … उसका पूरा प्रोग्राम नहीं करना। उपिन्दर के बाद शैली के ऊपर उसका नम्बर है। उसके लौड़े का पानी तेरी बहन के किसी छेद में जाएगा.

बीएफ ब्लू एडल्ट निधि मेरे लंड को अपनी चूत पे सेट करने लगी। जब मैंने धक्का लगाया तो लंड फिसल कर बाहर निकाल गया।मैं- नित्या क्या बात है तुम्हारी चूत फिर से टाइट कैसे हो गई।निधि कुछ नहीं बोली. जेठजी- हम्म …मैं- खाना यहीं लेकर आऊं या हॉल में चलेंगे खाने?जेठजी- यहीं लेकर आ जाओ, साथ में खाते हैं.

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अत: मेरी इसी कोशिश के चलते मैंने कई सारे लेख लिखे हैं जिनके माध्यम से मैंने आप लोगों को सेक्स ज्ञान बांटने के साथ ही मजा देने का भी भरसक प्रयत्न किया है. रात को सोते वक्त उसके टॉप से ज़ायरा के मम्मे साफ़ तने हुए दिख रहे थे, जो मुझे उत्तेजित कर रहे थे. तभी तो कोमल ने भी अपने ऊपरी कपड़े निकाल फेंके और पेंटी को एक ओर करके अपनी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी.

उन रसभरी पिचकरियों को रिया अपने गले से पेट तक जाते हुए महसूस करने लगी. टीना मेरी सहकर्मी है, हम दोनों काफी जल्द ही बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे. 100 साल बीएफचाची भी थोड़ी सी साइड में होकर अपने चूचों को जोर जोर से रगड़ने लगी थीं.

तब मुझे लगा कि हाँ ये तो सिद्धू है जो छोटा सा लड़का था मेरे शादी के वक़्त में.

जो डॉक्टर कपल था वो हमसे भी ज्यादा आगे था इस खुलेपन के मामले में।अगर डॉक्टर दोस्त के शरीर की बात करूं तो उम्र में मुझसे छोटा था और स्मार्ट भी था. अब पापा ने एक हाथ को नीचे ले जाकर अपनी पैंट के बटन को खोलना शुरू कर दिया.

भाभी की चूत से गीला पदार्थ निकलने लगा था जिसकी गंध राहुल की नाक में पहुंच रही थी. साकेत भैया ने फिर से दीदी की दोनों टांगों को फैलाया और उनके बीच लेट गए. उन दोनों ने मेरी कमर और मेरे पेट को अपने हाथों से जकड़ रखा था जैसे मैं उन्हें छोड़कर कहीं चली जाऊंगी.

कहानी को आगे लिखूँ, इससे पहले मैं खुद के बारे में बता दूं, मेरा नाम शरद (बदला हुआ नाम) है.

किसी मर्द का लंड चूसने में आज तक इतना मज़ा नहीं आया था उसे जितना अपनी गांड की गंध से सना अपने बाप का लंड चूसने में आ रहा था. उसके होंठों पर मुस्कुराहट थी और प्रेम भरी उसकी तिरछी नजर मुझ पर ही टिकी थीं. सीमा तो यहाँ तक कह बैठी- अगर मूड बन जाए तो ग्रुप सेक्स का भी मूड बना लेना!पर इसके लिए अभी कोई तैयार नहीं थी.

बीएफ सेक्स वीडियो ऑडियोइस बीच शबनम ने एक और सुलगा ली तो नायरा बोली- बस कर वर्ना मर जायेगी. प्रतियोगिता का मजा तो तब आयेगा जब वो मेरे लिंग जितने आकार का लिंग अपनी योनि में झेल सके.

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उसने बताया कि उसके पति बिजनेस में ही बिजी रहते हैं और उसको टाइम नहीं दे पाते हैं. मैंने उसकी चूत में धक्के लगाते हुए उसकी चूत को चोदना चालू रखा और फिर जल्दी ही मेरा लंड भी बहुत ज्यादा टाइट होने लगा. लेकिन भाभी के घर में उसे चोदूं कैसे, ऐसा ना हो कि कहीं भाभी से बात बिगड़ जाए और भाभी की चूत भी ना मिले.

मैं सर की पूरी प्लानिंग समझ रही थी और मैं अंदर से बहुत खुश थी कि आज मुझे नया लंड मिल ही जाए शायद!फिर भी मैं दिखावा करती हुई बोली- सर आप ये मुझे कहाँ ले जा रहे हैं? ये कॉलेज का रास्ता नहीं है. कुछ देर के बाद जब वो बाथरूम के पास से गुजर रही थी तो उसको एक कराहने की आवाज़ आयी. एक हाथ वो से मेरे बूब्स दबा रहा था, दूसरे हाथ से मेरी जांघें सहला रहा था और मुंह से बुर चाट रहा था.

एक दिन जब मैं कॉलेज के लिए निकल रहा था तो उन्होंने कहा- आरव, आज तुम्हारी भाबी ने तुम्हारे लिए कुछ खास प्रोग्राम बनाया है, तुम्हारा रात का डिनर आज हमारे यहां ही होगा. मैं- हां आंटी … आज वॉयलेट ने कुछ ज़्यादा पी ली है … इसलिए इसको लेकर अन्दर आना पड़ा है. मैंने देर ना करते हुए उनकी पैंटी को निकाल दिया और अब मेरे सामने वो चीज थी, जिसका मुझे कबसे इंतजार था.

शुरूआत के कुछ धक्कों में उसको दर्द हुआ लेकिन फिर वो सामान्य होती चली गई. मेरी पिछली सेक्सी कहानीपड़ोस की मस्त प्यासी भाभी की चुदाईको बहुत से लोगों ने पसंद किया और फिर मुझे मेल भी किए.

चूत के प्यासे लौड़ों और लंड की प्यासी गर्म चूत वाली भाभियों को मेरा प्रणाम।मेरा नाम राज है और कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में हल्का सा परिचय दे देता हूं.

दीपा ने अपनी चूत तो उसके मुंह पर रख दी और सुनील का अपनी ओर खींच कर उसका बरमूडा नीचे खींचा और लंड को आज़ाद किया. condor बीएफअब कभी मैं उनकी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूस रहा था, कभी मेरी जीभ को चूस रही थीं. बीएफ हिंदी ब्लू बीएफबाथरूम में जाकर उसने फव्वारा चालू कर दिया और पानी का तापमान सैट किया. ज्योति की आँखों से आंसू निकल आये थे।अरे बेटी, यह वक्त आंसू बहाने का नहीं बल्कि मज़े लेने का है.

नायरा ने शबनम के होंठों पर एक गरमागर्म किस दिया और दोनों चिपट कर नहाने लगीं.

तो कुछ सीनियर स्टूडेंट्स और काम में ज्यादा हाथ बंटाने वालों ने कहा कि करना क्या है … एक अच्छी सी पार्टी मनाते हैं. जब मेरा पानी निकला, तो सामने दीवार पर लंड का माल जोर से जा कर चिपक गया. वहां मैंने ब्लूफिल्म देखते हुए मुठ मारी और वापस कमरे में आ कर सो गया.

मेरा लंड अभी एक इंच ही अन्दर गया होगा कि उन्हें बहुत तकलीफ होने लगी. तब मैं झट से उन्हें अपने बांहों में कस लूंगा और बोलूंगा- तब अभी कर लेते हैं. मुझे मुट्ठी मारते हुए कम से कम 15 से 20 मिनट लग गए थे और तब तक चाची वहीं खड़ी, कभी अपने चुचों को रगड़ रही थीं, तो कभी अपनी सलवार के ऊपर से ही अपनी चुत रगड़ रही थीं.

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उसी दौरान जब मैं भाभी से मजाक करता था, तो वह भी मेरे साथ मिलकर मजाक करने लगती थी. मेरा ब्वॉयफ्रेंड मेरी चूत को चाटने के बाद मेरी गर्दन को किस करने लगा. मेरी गांड पर तेल अच्छी तरह से मलने के बाद उसने मेरी गांड में उंगली डाल दी.

इतनी चिकनी चूत देख कर मुझे लगा, जैसे चाची अपनी झांटों को आज ही साफ़ करके आई हों.

दोस्तों मेरे लिए भगवान से प्रार्थना कीजिएगा कि मेरा यह चुदाई का मिशन सफल हो जाए और मैं शिखा मामी को चोद सकूँ.

चूंकि मुझे भी चुदास चढ़ चुकी थी तो मैंने नीचे ही उसकी पैंट को खोल दिया था और उसकी पैंट को खोलते ही हथौड़े जैसा कोई मोटा सा डंडा उसके कच्छे में छिपा हुआ दिखने लगा था. अब वह मेरे और उस लड़की के बीच में होने वाली जुगलबंदी को समझने लगी थीं. गढ़वाली बीएफ सेक्स” नीलम ने अपने पति को देखते हुए मुस्कराकर कहा।समीर को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। कहाँ कल उसकी पत्नी उसके पीछे पीछे भागती थी.

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वो बोले- क्या मेरा एक और दोस्त आ सकता है पार्टी में?मैं बोली- तो क्या वो भी सेक्स करेंगे?वो बोले- अगर तुम लोग उसको पसंद करोगे तो ठीक है. उसके टोपे पर जैसे ही मैंने अपनी जीभ फेरी, शान की मुँह से आह्ह की आवाज़ आयी. मुझे चाची की कुंवारी गांड मारने को मिलेगी, ये सोच कर मेरा लंड झूम उठा था.

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मैं चाची को अपना मोटा और तगड़ा लंड दिखाए जा रहा था और वो भी लगातार अपने चूचों को रगड़े जा रही थीं. अपने कंधे पर टांगों को रखने के बाद उसने फिर से मेरी चूत में लंड को डाल दिया और तेजी के साथ मेरी चूत की चुदाई करने लगा. अब मनोज ने भी सोचा कि कहीं बात ना बिगड़ जाए तो उसने टीवी बंद कर दिया और दीपा को मन कर उठाने की कोशिश की.

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उसकी छाती को देख कर तो मेरे चूचे अपने आप ही टाइट होकर निप्पल तन गये. कितना लम्बा और मोटा था उनका ओफ्फ … मेरी तो जान ही निकल गयी उनके साथ करते हुये!”नीलम अपने पति को जलाने के लिए जाने क्या क्या बोल गयी. फिर मेरे दो तीन बार पूछने पर उसने कहा- पर जगह कहां है?मैंने कहा- यहीं.

मैंने दर्द से कराहते हुए कहा- चाची, मेरी जांघ में बहुत दर्द हो रहा है. थोड़ी देर में चोदते चोदते राहुल का पानी निकलने वाला था, तो उसने अपना लंड निकाल कर रीमा के मुँह में लगा दिया और पूरा पानी उसके मुँह में ही निकाल दिया.

तभी कोमल कह उठी- मैंने कहा था ना संजय … इस दवाई में बहुत दम है, देख लो हमेशा तुम्हारा पंद्रह बीस मिनट मों निकल जाता है और आज दवाई के असर से तुम्हारा लंड पैंतीस मिनट साथ दे गया.

कुछ देर बाद मैंने देखा कि उसे ठंड लग रही थी और शायद वो चादर लाई नहीं थी. उसने भी अपनी टाँगें फैला कर मुझे लन्ड अंदर तक डालने और झटके तेज मारने में मदद की. अब आगे:बॉस को देखते हुए मैंने अपने बेडरूम में जाकर एक मिनी टॉप और छोटी सी स्कर्ट पहन ली.

फिर मैंने पूछा- पति के साथ तुम्हारे संबंध कैसे हैं?वो बोली- आज मैंने पूरे 187 दिनों के बाद सेक्स किया. मेरे सफेद बूब्स काली ब्रा में कैद थे … बॉस उन्हें ही देखे जा रहे थे. ”शैली ने अंशू की जाँघों के बीच घुस कर मुंह लगाया, अंशु ने उसका सर पकड़ के चेहरा अपनी चूत पे दबाया और खुशबूदार धार शुरू हो गयी; शैली पीने लगी चमकता हुआ चूतामृत।पी मेरी रानी, अब तू पवित्र हो कर ससुराल जाएगी.

मैं उसकी दाने को अंगूठे से रगड़ता और दो उंगलियों से पकड़ कर खींचता, इससे वो बहुत तेज सीत्कार करने लगती.

बीएफ ब्लू एडल्ट: मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं। बहुत ही रोचक कहानियां यहाँ पढ़ने को मिलती हैं. उसने मुझे इतना कस कर पकड़ा हुआ था कि मैं खुद को उनसे अलग नहीं कर सकती थी.

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थोड़ी देर में ही सुनील ने अपना फव्वारा दीपा के मुंह में ही छोड़ दिया और उधर मनोज ने भी अपना माल दीपा की चूत में गिरा दिया.

रात को दो बजे के करीब हम दोनों को फिर से सेक्स चढ़ गया और मैंने उसकी चूत की चुदाई रात में ही चालू कर दी. मैंने उसको धत्त बोला और कहा- मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ, मेरे जिस्म पर सिर्फ तुम्हारा हक़ है. अचानक वो बोले- उधर क्या देख रही हो जानेमन? आज तो तेरा राजा मैं हूँ.