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हमारी बात हो ही रही थी कि तब तक सुनील अन्दर आ गया, अन्दर आते ही मेरे पति से बोला- यार बड़ी देर कर दी?फिर मुझसे बोला- तू तैयार हो गई?मैंने ‘हाँ’ में सिर हिलाया।फिर वो बोला- वाह….!मेरा दिल धक-धक कर रहा था।दीदी बोलीं- राज मैं तेरी दोपहर वाली बात किसी को नहीं बोलूँगी, पर तुझे भी मेरी कसम है जो मैं करूँ, वो तू किसी से नहीं कहेगा.

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क्या हाल हैं आपके…आपको ट्विस्ट में इतना मज़ा आ रहा है यह जानकार ख़ुशी हुई !ढेर सारे फ्रेंड्स के मेल आए और सबको यह सस्पेंस अच्छा लग रहा है तो आपका मज़ा बरकरार रखते हुए आज भी एक जगह कहानी को मोड़ रही हूँ, शायद आज एक और सवाल आपके जेहन में खड़ा हो जाएगा. एचडी बीएफ फुल सेक्सी वीडियो मैं- किस चीज़ पर मारते हो?जय- कपड़े या पेपर पर या फिर बाथरूम में हगते या नहाते वक़्त!मैं- किसी को नंगी देखा है?जय- हाँ, दीदी को देखा है, एक बार जब वो हगने गई थी तब उसकी गांड देखी थी, गोरी गोरी गांड थी.

एक दिन मेररी बड़ी चाची के मायके में शादी थी तो उनके सब घर वाले मतलब मेरे बड़े चाचा, चाची, उनकी लड़की, लड़का, मेरी चाची के दोनों लड़के तो पहले ही शादी में गये हुए थे और चाचा भी एक दिन पहले ही चले गये शादी में.

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लण्ड देखते ही उसे अपने हाथ से पकड़ लेती है…इस समय वो जरूर मनोज का लण्ड पकड़ ऊपर से नीचे नाप रही होगी…मनोज- अह्ह्ह्हाआ…आआ…सलोनी- सच यार …कितना मोटा और बड़ा हो गया है यार ये तो…मनोज- आअह्ह्ह्ह्हाआ… अरे हाँ यार… मुझे भी आज यह पहली बार इतना मोटा नजर आ रहा है. जिह्वा उसकी अंग के अन्दर, और अन्दर ही जा धंसती थीमदहोशी के आलम में उसने, सिसकारी लेने को विवश कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. सी सिआह सी …निकाल लो प्लीज आ आह सिआअह।धीरे धीरे वो भी साथ देने लगी थी, फिर मैंने उसका अलग अलग आसनों में गांड और फिर उसका चूत भी मारी.

तो वो बोला- तुमने तो कहा था कि तुम नयी हो तो यह सब क्या है? सब कुछ अन्दर घुस गया।तो रंडी बोली- साहब, मेरा नाम नयी है, पर चूत वही 25 साल पुरानी है, मैंने आपको पहले ही बोल दिया था कि मुझमें समा के खो जाओगे।. तो उसका लौड़ा भी खड़ा होकर तेरी चूत को सलामी देने लगे।दीपक ने बिस्तर के करीब आकर दीपाली को बिस्तर पर लिटा दिया।सोनू और मैडी भूखे कुत्ते की तरह लार टपकाते हुए बिस्तर पर चढ़ गए और दीपाली के मम्मों को दबाने लगे।वो दोनों दीपाली के आजू-बाजू लेट गए. वो हर समय बस मेरा ख्याल रखती थी…वो मेरी कुर्सी के बराबर खड़ी हो, मेरा सिर अपनी मुलायम चूचियों पर रख कर दबा रही थी…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मैंने अपना हाथ उसकी कमर में डाल कर उसके गदराये चूतड़ों पर रखा और उनको मसलने लगा…मुझे नीलू के चूतड़ दबाने ओर मसलने में बहुत आनन्द आता है… उसके चूतड़ हैं भी पूरे गोल और मुलायम.

फ़िर मैंने खिड़की के काँच से देखा तो पता चला कि वो दरवाजे के पास कुर्सी डाल कर चुपके से मेरे कमरे में झांक रही थी. आप रूम में चलो मैं सब समझाती हूँ आपको…!रूम में जाकर राहुल बेड पर लेट गया और आरोही उसके पास बैठ कर उसके बालों को सहलाने लगी।राहुल- आरोही अब बताओ क्या बताने वाली थी?आरोही- भाई यही कि जो खून देख कर आप घबरा रहे हो वो सील टूटने पर आता है, मुझे भी बहुत आया था, जब रेहान ने मेरी सील तोड़ी थी।राहुल- क क क्या तुम्हारी सील रेहान ने तोड़ी थी. उनको बहुत नीचे से पहनते हैं और वह छोटी होकर कम से कम भाग जो आवश्यक है, को ढक कर रखती हैं, साथ में उसने बनियान दीं, जो थोड़ा लम्बी थीं.

कोई आ जायेगा अभी… और बखेड़ा हो जायेगा…पुच च च च च शस्स्… चपरर्र… पुच…मनोज- क्या लग रही हो तुम यार ! सच पूरा बम का गोला हो… यार तुम्हारी मुनिया तो और भी प्यारी हो गई… लगता है जैसे स्कूल में पड़ने वाली लड़की की हो…सलोनी- हाँ मुझे पता है… मेरी बहुत छोटी हो गई है… और तुम्हारा बहुत बड़ा… हा हा… अब अपना यह मुँह बंद करो… ओके ज्यादा लार मत टपकाओ… अपना हाथ मेरी जीन्स से बहार निकालो. !मैंने भी हामी भर दी और लग गया प्रैक्टिस करने, वो बहुत खुश थी।मैंने उसको उसके कूल्हे पर से पकड़ लिया तो वो बड़े प्यार से बोली- नीचे से पकड़ न.

?उन्होंने बताया कि गैलरी से जाओ वहीं पर है।फिर मैंने अपनी बाल्टी और मग उठाया और नहाने के लिए चला गया। वहाँ जाकर मैंने देखा कि यह तो भाभी वाला ही बाथरूम है जिसमें दीवाल खड़ी करके आधा किरायेदारों के लिए बनाया गया था।पर मुझे इससे क्या.

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प्रीतो मायके जा रही थी।सन्ता ने देखा कि प्रीतो ने अलमारी से कुछ निकाल कर अपने बैग में रख लिया।यह देख कर सन्ता ने सोचा- वेखां ते की पाया ऐन्ने बैग विच!प्रीतो इधर उधर हुई तो सनता ने बैग में देखा और बोला-किन्नी भोली ऐ! मैं नाल वी नी जा रया,फ़ेर वी…. सब शांत हुआ लेकिन री सखी, मैं साजन से लिपटी ही रहीमेरे अंग में उसके अंग की सखी, गहन ऊष्मा घुलती रहीमुझे पता नहीं कब साजन ने, मुझे तट पर लाकर लिटा दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. इस समय उसने सिगरेट अपने हाथों के पीछे की हुई थी… और वो साइड में होकर… झुककर देख रहा था।सलोनी ने होने होंठ अब मेरे गर्दन पर रगड़ते हुए मेरे कानों के निचले भाग पर पहुँचने की कोशिश की…वाकई सेक्स के मामले में वो जबरदस्त थी, उसकी इस कोशिश से मेरा लण्ड पूरा खड़ा होकर उसकी चूत पर टकराने लगा।बहुत गरम और मस्त अहसास था… मेरा लण्ड ज्यादा बड़ा तो नहीं, परन्तु 5.

ज़ेनी ने कहा- फक मी हार्ड!तो उधर माधुरी चिल्ला रही थी- साले मादरचोदों, कस कसकर और तेज़ी के साथ मेरी बुर चोदो.

अभी सही हो जाएगा।मैंने कहा- ठीक है अभी लाता हूँ।मैं मेडिकल से दवा ले कर पांच मिनट में आया और सेठानी को दवा दे दी।उन्होंने कहा- मेरे पैर दुःख रहे हैं, जरा दबा दे. क्या बताऊँ! एकदम गोरे और उन पर एक रुपए के सिक्के जितना बड़ा गोल हल्के भूरे रंग का घेरा और उसी रंग के एकदम टाइट. !मोनी की मम्मी के घुटनों में दर्द होता था इसलिए वो भी नीचे से ही आवाज़ लगा कर उसे बुलाती थीं, इसलिए ऊपर आज हम सुहागरात मनाने वाले थे।उसके ऊपर आते ही हम एक-दूसरे को जबरदस्त चुम्बन करने लगे और मैंने झट से उसके टॉप को उतार दिया। वो अन्दर कुछ भी पहन कर नहीं आई थी, ताकि चुदाई करने में ज्यादा टाइम न लगे.

मैं बोला- ठीक है, चाची बंद क़र देता हूँ!मैंने टीवी बंद क़र दिया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, कमरे में छोटा बल्ब जल रहा था. फिर मेरा भी निकलने वाला था, मैंने भाभी से पूछा- मेरा भी निकलने वाला है !तो भाभी बोलीं- अन्दर ही झड़ना !मैंने कहा- कुछ हो गया तो !भाभी बोलीं- कोई बात नहीं. तो आप मेरा मार्गदर्शन कर सकते हो।मेरी[emailprotected]पर मेल करके आप कहानी से जुड़ा कोई भी सवाल पूछ सकते हो।तो अब जल्दी से मेल कीजिए और आज के भाग के बारे में अपनी राय बताइए।बाय फ्रेंड्स….

साजन के हाथों के आर-पार, मैंने जंघाएँ सखी फंसा लईसाजन की गर्दन में बाहें लपेट, नितम्बों को धीमी गति दईदोनों हाथों से पकड़ नितम्ब, साजन ने उन्हें गतिमान कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!भाभी ने कहा- मैं कोशिश कर रही हूँ अर्पित, पर तू तो पंजाबी पुत्तर है न… तेरा लंड सिर्फ 5 इंच तक ही अन्दर जा रहा है। ये तेरा लंड है ही इतना मोटा मैं क्या करूँ. इसलिए मैं तुम्हारे पीछे था और तुम्हारे जाने के बाद मैं अन्दर गया और मौका देखकर सिमरन की गाण्ड में लौड़ा डाल दिया था। साली बहुत ज़ोर से चीखी थी ही ही ही ही…!आरोही- बदमाश कहीं के पहले बोल देते तो उसकी सील ही तुड़वा देती तुमसे.

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जब मैं कीर्ति दीदी को घोड़ी बना कर चोदता तो उनके कसे चूतड़ों को हथेली से पकड़-पकड़ कर फैलाकर कर देखता और जोर से चूत चोदता.

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जब पति को कोई फ़र्क नहीं, तो मैं क्यूँ चिंता करूँ…!फिर मैंने चूत के बाल साफ कर दिए, मेरी चूत लौड़ा लेने के लिए खिल उठी। फिर मैं फ्रेश हो ली। तब तक शायद कोई आया था, क्यूँ कि बाहर बात होने की आवाज़ आ रही थी। फिर मैं जल्दी से बाहर आकर तैयार हुई।तभी पति अन्दर आए, बोले- तुम मुझसे नाराज़ मत होना. मारवाड़ण : लेकिन म्हारे साथ ऐसा कभी नही हो सकता है हम तो जब भी मूड होता है भरपूर सेक्स का मज़ा लेते है …सिंधन पूछती है : क्यों तुम्हरे पेटीकोट की गठान कभी नहीं उलझती क्या …मारवाड़ण उसके सलवार को खींचते हुए बोली : इसीलिए मेरी बन्नो रात को लहंगा पहना कर और जब भी मज़ा लेना हो तो ऐसा करने के लिए गठान खोलने की क्या जरुरत है बस लहंगा ऊपर उठाओ और शुरू हो जाओ. प्रीतो मायके जा रही थी।सन्ता ने देखा कि प्रीतो ने अलमारी से कुछ निकाल कर अपने बैग में रख लिया।यह देख कर सन्ता ने सोचा- वेखां ते की पाया ऐन्ने बैग विच!प्रीतो इधर उधर हुई तो सनता ने बैग में देखा और बोला-किन्नी भोली ऐ! मैं नाल वी नी जा रया,फ़ेर वी….

आह” करने लगी। उसने टाँगें ऊपर उठा कर मेरी कमर पर जकड़ दीं। मैंने मेरी स्पीड कम कर के उसके आमों को दबा कर होंठों से चूसा और उसके होंठों पर अपने होंठों को ले गया, उसने मेरा होंठ काटातो मुझे जोश आया।मैंने अपनी गति बढ़ाते हुए जोर-जोर से धक्के देने लगा। मनु कभी सिस्कारती कभी आ आ आह. वी देख रही थीं।वो मुझे देखते ही बोलीं- आओ बैठो दीपक, मैं चाय बनाकर लाती हूँ।मैंने कहा- नहीं आंटी, आज मैं चाय नहीं पिऊँगा, आज मुझे आपसे कुछ और चाहिए।हाँ बोलो, क्या चाहिए. अभी थोड़ा फ्रेश हो जाऊँ उसके बाद खाना भी बनाना है।दोस्तो, अब यहाँ बताने को कुछ नहीं बचा उधर दीपाली भी घर जाकर पढ़ने बैठ गई।चलो सोनू के पास चलते हैं.

वो भी मेरे होंठ चूसती रही, साथ ही मेरे हाथों से जो उसके दूध दब रहे थे, उसका मजा ले रही रही थी- आ आआ आअम्म आ आह्ह्ह! किये जा रही थी.

और मैं आते चाची को अपने बाहों में भर लिया और फिर चाची इठलाती हुई अपनी बातें करनी लगी।अब हालात ऐसे थे कि मैं एक मर्द की तरह अपनी औरत के साथ चिपक लेटा हुआ था. अब साजन ने मेरी टाँगें, अपने कन्धों पर खींच लईमैंने अंग में अंग को घिसते, दस अंगुल का आनन्द लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. अच्छा लड़कियों को फिल्म में प्रेम दृश्यों के दौरान शर्म से लाल हो जाती हैं, बुरी लड़कियों के मन में होता है कि वे इससे बेहतर कर सकती हैं.

बहुत मज़ा आता है तुम्हारी गाण्ड चोदने में। आज भी खूब हुमच-हुमच के चोदूँगा… पहले चूत चोद लूँ।”आःह्ह्ह… धीरे… वीर. अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरे यानि कबीर की तरफ से नमस्कार!मेरी पिछली कहानी तो आप सबको याद होगीफ़ौजी फ़ौज़ में, हम मौज मेंमुझे आप सबके बहुत सारे मेल मिले जिसमें मुझसे और भी कहानी भेजने के लिए कहा गया है. मैंने कहा- बर्थडे गिफ्ट के लिए थैन्क्स…! यह मेरा सबसे अच्छा बर्थडे रहा…और मैं फ़्रेश होने चला गया, सबके लिए चाय बना कर लाया और सबको उठाया।उम्मीद है कि आप सबको मेरी यह सच्ची कहानी पसंद आई होगी… अपने सुझाव और विचार मुझे जरूर मेल करें !.

आराम से चूस।तभी विकास ने पूरा लौड़ा टोपी तक बाहर निकाला और ज़ोर से झटका मारा पूरा लौड़ा गाण्ड में जड़ तक घुस गया।इसी के साथ दीपाली झटके के साथ ही बिस्तर पर गिर गई।अरे दीपाली को क्या हुआ? इसको हम अगले भाग में जानेंगे।बस दोस्तो, आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं. सम्पादक – इमरानसलोनी- बस्सस्स्स्स न हो गया ना… चलो अब… जल्दी करो… मुझे स्कूल भी जाना है… अंकल भी आने वाले होंगे.

मैंने कस कर उसकी चूत को मसल दिया तो ऋज़ू- अह्ह्हा…आआआ… मेरी चूत भी तेरे लौड़े को पूरा खा जाएगी।उसकी भाषा हर तरह की लगाम छोड़ती दिख रही थी. मैं विस्मित सी, सुन री ओ सखी, साजन की बाँहों में सिमटी रहीसाजन ने नख से शिख तक ही होंठों से अति मुझे प्यार कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. आहा उई ईईई’ करती रही। पूरे रूम में बस यही आवाजें आ रही थीं। अब मैं झड़ने वाला था।उसने कहा- अन्दर नहीं गिराना.

!रेहान- ओके, मैं 9 बजे आऊँगा लेकिन यार एक बात कहूँ मुझे उसकी कुछ पिक लेनी होगी, ताकि उसको लगे कि रियल में उसको फिल्म में रोल दिलवा रहा हूँ।राहुल- हाँ क्यों नहीं यार.

सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार!मेरा नाम गौरव है, दिल्ली में रहता हूँ, मेरी उम्र 22 साल है। अन्तर्वासना पर अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ। यह कहानी पिछले महीने की ही है जब मैंने पहली बार सेक्स किया!मैं चार साल बाद बी. !रेहान ने उसको बताया कि वो गहरी नींद में थी तब उसने राहुल से झूठ कहा और उसे पूरी बात समझा दी ताकि राहुल को उनकी चुदाई का पता ना चल जाए।बेचारी आरोही रेहान की बातों में आ गई और उसने राहुल से बात कर ली।आरोही की नज़र दीवार घड़ी पर पड़ी तो वो चौंक गई।आरोही- ओ माई गॉड 4 बज गए, मैं इतनी देर तक सोती रही। आपने कहा था वो लंच पर आएगा, पर अब तो?वो आगे कुछ बोलती डोर-बेल की आवाज़ आने लगी।रेहान- ये बातें बाद में. ! बहुत शौक है ना तुझे ब्लू-फिल्म बनाने का… अब तेरी फिल्म सबको मैं दिखा दूँगी और टीना को सब कुछ बता दूँगी मैं.

उसने एक जोर का झटका मेरी चूत पर मारा!‘ऊऊऊऊ… ऊऊईईई… म्म्म्माआआआअ…’ और चीख निकल गई मेरी चूत की सारी चाहत ‘फुस्स’ हो गई, दर्द के मारे जान ही निकल गई. !मैंने सरिता की दोनों टाँगें फैलाईं और बीच में मुँह लगाया और चूत की गुलाबी पंखुरियों को चूसने लगा और ज़ुबान से सारा जूस पीने लगा। सारी ज़ुबान चूत में डाल दी और क्लाइटॉरिस को दोनों होंठ में लेकर चूसने लगा।सरिता पूरी मस्ती में थी, वो बोली- अभय, तुम्हें औरत की चुदाई करना बहुत अच्छे से आती है.

!”मैं बाथरूम से निकल कर बाहर आने वाली थी, तभी सोचा, देखें ये लोग क्या करते हैं।मैं दरवाजे के शीशे के प्रतिबिम्ब से इन दोनों को देखने लगी।जीजाजी बोले- आँख क्यों बंद करूँ. तभी सुमित ने हल्का सा लंड मेरे अंदर डाल दिया और पूछने लगा- पहले कभी चुदी हो क्या?अलीशा ने फ़ौरन जवाब दिया- सुमित, ध्यान से कच्चा माल है, पहली बार चुद रही है मेरी निधि, धीरे चोदना. तभी सोचा कि अब आया है मौका, मैंने जानबूझ कर टाइम देखा और कहा- चलो रीना, बहुत लेट हो गया! अब हमको चलना चाहिये!अब जाकर उसके मुँह से निकला- ‘क्या?’मैंने कहा- हाँ चलो यार! जाना है.

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!अपने आप से बात करता हुआ रेहान अपने कपड़े उतार कर आरोही के पास लेट जाता है और उसके मम्मों को सहलाने लगता है दस मिनट तक वो उसके मम्मों को सहलाता रहा, तब कहीं आरोही की नींद खुली।आरोही- उहह ओह रेहान आपने मुझे उठाया क्यों नहीं.

मैंने उनसे पूछा- आपने मुझसे बात की, क्या मैं जान सकता हूँ ऐसा क्यों किया?तब उन्होंने जवाब दिया- मैं आपको पूरा परख लेना चाहतीं थी और इसलिए बात कर रही थी. मैं हिम्मत करके बोला- क्यों चेंज कर दिया? मूवी अच्छी तो थी!फ़ूफ़ी थोड़ा सा मुस्कुराईं और वही चैनल वापस लगा दिया. राजू… के पिताजी… यानि मेरे पति… राजेश मेरी इच्छा पूरी नहीं कर पाते इसलिए मैं और चीजों से काम चलाती हूँ, वो कल से गाँव गए हैं, मैं आज बाजार खरीददारी करने गयी थी.

लड़की ने बताया कि तीन साल पहले उसकी मां की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही लड़की का बाप उसका यौन शोषण करने लगा. !उसने मुझसे कहा-शर्म और हया भी कोई चीज़ होती है मेरे सनम,कैसे समा जाऊँ तुझमें मेरे सनमकि नखरे और अदा भी कोई चीज़ होती है. एक्स एक्स एक्स सेक्स व्हिडीओमैं ठीक हूँ।पर सविता कहाँ मानने वाली थी वो उठी और मुझे पीटर से पास ले आई। पीटर लेटा हुआ था और उसका लंड सिकुड़ गया था।सविता मुझे पीटर के लंड के पास ले आई और उसका लंड मेरे हाथ में पकड़ा दिया और कहा- इससे दोस्ती कर लो.

राहुल- तुम कौन सी फ्रेंड से मिलने गई थी, जो फ़ोन भी ऑफ कर रखा था?आरोही- भाई है एक मेरा न्यू-फ्रेंड… आप नहीं जानते. !राहुल उसको ‘बाय’ बोलकर चला गया और आरोही अपने कमरे में जाकर पूरी नंगी हो गई और वो क्रीम चूत पर लगा कर सो गई।वो बस आने वाले कल के बारे में सोच रही थी और पता नहीं कब उसको नींद ने अपने आगोश में ले लिया।राहुल- ओह आरोही, तुम्हारे मम्मे क्या मस्त हैं… आ मज़ा आ रहा है आ.

ये सब नेचुरल हैIशिशिर बहुत खुश था। उसने मुझे हर तरह से रगड़ा था, मैं भी खुश थी कि मेरे तीनों छेद खूब भरे थी. ! और उससे बोला- अब मैं तुम्हें डॉगी-स्टाइल में चोदूँगा।वो बोलीं- कैसे?मैंने कहा- अरे पागल आज तक ऐसे नहीं करवाया तो क्या मस्ती मिली रे. !मैंने भारती को चोदना जारी रखा, वो खूब मजे ले-ले कर मुझसे चुदवाती रही। लगभग एक घंटे तक चोदने के बाद मैं भारती की चूत में ही झड़ गया।इस दौरान वो 4 बार और झड़ चुकी थी।भारती की चूत में पूरा पानी निकालने के बाद मैं हट गया। भारती ने इस बार मेरा लंड अपनी जीभ से चाट-चाट कर साफ किया, साबुन से नहीं.

मेरे सब्र का बांध था टूट गया, मैंने उसको भी निर्वस्त्र कियासाजन के होठों पर मैंने, अब अपना अंग बिठाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. उस वक़्त बहुत सारे रिप्लाई आए।सब अपनी-अपनी ASL बताने लगे। फिर सलीम ने हम दोनों की उम्र बताई। उनकी चैट शुरू हुई. !”उसने अपना लंड निकाला और मुझसे चुसवाया, लेकिन मैंने कहा- देख कमरे में आ जाना।वापिसी में प्रसाद मुझे रूम तक छोड़ कर आगे निकल गया और थोड़ी देर बाद मेरा आशिक आ गया और मुझे ठोक डाला।हाय.

!बाद में पापा ने मुझे जूनागढ़ पढ़ाई करने भेज दिया। मुझे आज भी लगता है कि प्रिया मेरे साथ ही है।लव यू प्रिया.

अब जहाँ-जहाँ साजन जाता, मैं वहाँ- वहाँ पर जाती थी,उससे होने की दूर सखी, नहीं चेष्टा मैं कर पाती थी,जल में डूबे द्रवित अंग लिए, नैनों से साजन को न्योत दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. ऊपर से जल कण गिरते थे नीचे दो तन दहक-दहक जातेचार नितम्ब एक दंड से जुड़े एक दूजे में धँस-धँस जातेमेरे अंग ने उसके अंग के एक-एक हिस्से को फांस लियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

! दीपक तुमने मुझे वो प्यार दिया है, जिसके लिए मैं जाने कितने सालों से तरसती रही थी।मैंने उन्हें और जोर से अपने आगोश में भींच लिया।फिर उन्होंने कहा- दीपक अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है, मुझे चोद दो और मेरी बरसों की प्यास बुझा दो।उसके बाद मैंने अपनी पैन्ट खोली और आंटी को बोला- आंटी एक बार मेरे लण्ड को अपने मुँह में ले लो. !भारती बहुत ही चालू थी। मैं एक घंटे में दो बार झड़ चुका था, इसलिए इस बार मेरा पानी जल्दी कहाँ निकलने वाला था. उसने तुमको क्या किया?सलोनी- ओह तुम भी न… अरे ऐसा भी क्या… बस जब वो मेरे साथ नाच रहा था… तब ही उसने कुछ शरारत की थीं…मैं- अरे नहीं यार… वो उस बेचारे ने बहुत पी ली थी… इसीलिए.

!मैंने लैपटॉप चालू किया और हम दोनों देखने लगे, पर उसके मन में तो आज कुछ और ही था।वो बार-बार मुझे देखती और फिर लैपटॉप को।कुछ देर बाद बोली- और कोई मूवी नहीं है?मैंने बोला- नई पिक्चर में तो बस अभी यही है।उसने बोला- नहीं ऐसी नहीं कुछ अलग. मैंने दोनों को उठा एक बार अपने हाथ से सहलाया और वैसे ही रख दिया… और भाभी की चूत और चूची के बारे में सोचने लगा…तभी मुझे अपने रिकॉर्डर का ध्यान आया… सलोनी तो बाथरूम में थी…मैंने जल्दी से उसके पर्स से रिकॉर्डर निकाल उसको अपने फोन से जोड़ लिया…और सुनते हुए… अपना काम करने लगा…मैंने रिकॉर्डिंग सुनते हुए ही अपने सभी कपड़े निकाल दिए… कच्छा भी…और तौलिया ले इन्तजार करने लगा… गर्मी बहुत थी. !मैंने कहा- जब लड़का-लड़के से और लड़की-लड़की से अपनी शरीर की जरूरतें पूरी करते हैं, उसे समलिंगी कहते हैं।उसने पूछा- शरीर की जरुरत मतलब ! कैसी जरुरत !तो मैंने कह दिया, अभी तुम बच्ची हो सो जाओ। और फिर मैं भी सिस्टम बन्द करके सो गया।अगले दिन उसके आने के समय पर बारिश होने लगी थी। सब बारिश होने का संकेत देख कर जल्दी ही चले गए.

एचडी बीएफ फुल सेक्सी वीडियो कुत्ते मेरे गाण्ड में उंगली घुसा साले !क्या क्या नहीं बोल रही थी साली रंडी…करीब 15 मिनट के बाद उसका पानी आ गया तो फच फच की आवाजें आने लगी और मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने कहा- कहाँ निकालूँ अपना पानी बोल मेरी रानी !तो उसने कहा- बाहर निकल दे !तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना मुठ गिरा दिया. मैंने देखा सुन री ओ सखी, साजन कितना कामातुर थाऊँगली के संग-संग जिह्वा से, मेरे अंग को वो सहलाता थाआनन्द दुगुणित हुआ सखी, जिह्वा ने अपना काम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

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में ले जाइए !” और डॉक्टर साब उसी वॉर्ड की बाल्कनी में चले गये। मैं और घबरा गया।वॉर्ड बॉय राजू ने मुझे उस वॉर्ड से निकाला और ओ. वो कुछ बोलती, उससे पहले मैं बोला- दीदी वो थोड़ी प्राब्लम है, समझा दोगी?वो चिड़ कर बोली- हाँ पूछो!मैं प्रोब्लम पूछने लगा, वो वहीं समझाने लगी. अंकल- जी हाँ, पर साड़ी के साथ पेटीकोट और ब्लाउज मैं फ्री पहनाता हूँ…अब तुम सोच लो पेटीकोट और ब्लाउज भी मुझ ही से पहनोगी, तभी साड़ी भी पहनाऊँगा… हा हा हा…सलोनी- ओह ब्लैकमेल… मतलब साड़ी पहनाने की फीस आपको एडवांस में चाहिए…अंकल- अब तुम जो चाहे समझ लो… मेरी यही शर्त है…सलोनी- हाँ हाँ… उठा लो मज़बूरी का फ़ायदा… अच्छा जल्दी करो अब.

!तो मैं एकदम खुश हो गया और उससे पहले की तरह चिपक गया और उसे चूमने लगा। धीरे-धीरे हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए और अब कविता केवल ब्रा व पैन्टी में थी और मैं केवल अंडरवियर में था। मेरा लण्ड 6. अह्ह्हह… चाची ने मुझे बहुत जोर से दबा लिया…तभी एक ही मिनट में चाची का शरीर अकड़ा और चाची की चूत ने काफ़ी सारा पानी छोड़ दिया. सीजी पोर्नमेरी शादी हाल ही में हुई है, मेरी शादी के तुरंत बाद मेरी पत्नी को मासिक धर्म आरंभ हो गए।मैंने पिछले दिनों माहवारी के दौरान ही अपनी पत्नी से सेक्स किया है।कृपया बताएं कि क्या मासिक धर्म के दौरान सेक्स करना ठीक है?यह भी बताएं कि क्या इस अवधि में बिना कंडोम के भी सेक्स किया जा सकता है?क्या ‍पीरियड के दौरान सेक्स करने से गर्भ ठहर सकता है?.

ओ…ह…’ निकल रहा था।और अचानक महेश जी ने अपने लिंग को मेरे योनि द्वार पर रखा और एक जोर का झटका मारते हुए मेरे ऊपर लेट गए।इससे उनका आधे से ज्यादा लिंग मेरी योनि मे समा गया।मैं दर्द के कारण चीख पड़ी ‘अ.

स्वीमिंग के समय में भी तो सिर्फ़ अंडरवियर में तुम्हारे सामने होता हूँ और तुम भी तो स्विम सूट में मेरे सामने आती हो. इस रस को यदि बूढ़े व्यक्ति को एक चम्मच चटा दे तो कुछ ही पलों में उसका लिंग डंडे की तरह से खड़ा हो जायेगा.

क्लिनिक पहुँच कर मैं मालविका का इन्तजार करता रहा लेकिन वो समय पर नहीं आई।बाहर मौसम भी बारिश का हो गया था तो मैंने उसे फोन करना ठीक समझा… क्लिनिक से ही मैंने उसका नंबर निकाला और उसको फोन किया तो उसने मुझे बताया कि वो रास्ते में ही कहीं रुक गई है और बारिश के कारण थोड़ी देर से आ पायेगी. अब तू जल्दी से घर जा… हम आधे पौने घंटे में पहुँचती हैं… मैंने यहाँ सब पड़ोसियों को कह दिया है कि मुझे रात को बहुत डर लगता है… इसलिये मैं अपनी बहन के साथ रात को सोने के लिये अपने पति के एक दोस्त के घर जाया करूँगी… क्योंकि हम दो लोग हैं इसलिये किसी ने कोई बात नहीं बनाई… अगर बहन साथ ना होती तो यह नहीं हो सकता था. वो अंदर जाकर रोज़ी के कंधे पर हाथ रख कर बोली- अरे सॉरी यार… मुझे नहीं पता था कि तू अंदर है… चल अब तेरा तो हो गया ना…रोज़ी- तू बहुत गन्दी है रे ! तू बाहर जा ना…नीलू- हा हा… क्या बात करती हो दीदी? आपका तो हो गया ना… अब आप बाहर जाओ ना.

!”और वो मुझे खाना परोसने लगीं और सामान्य तरीके से बात करने लगीं, जैसे उन्हें कुछ पता ही नहीं कि उनके साथ क्या हुआ है.

चल तैयार हो जा रेलवे से सील तुड़ाई का भत्ता लेने को।नीलू- मतलब ?अबे यार जब ट्रेन में कोई बच्चा पैदा होता है तो रेलवे उस बच्चे को आजीवन यात्रा पास देती है अब तू भी क्लेम कर देना कि तेरी सील ट्रेन में टूटी थी सो रेलवे तुमको भी आजीवन ट्रेन में चुदने का पास से देगी हा हा हा. दोनों टाँगें मैंने फैला दईं, अंग से अंग पर रस फैलायासाजन ने अपने कन्धों को, बाँहों के सहारे उठाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. ! घर में बहुत काम है, फिर कल की तैयारी भी करनी है, कल जीजाजी को लेकर ज़रा जल्दी आ जाना।और जीजा जी के सामने ही मुझे अपने बाँहों में भरकर मेरे होंठ चूम लिए, फिर जीजाजी को देख कर एक अदा से मुस्करा दी, जैसे कह रही हो यह चुम्बन आपके लिए ही है.

जानवर वाला बीएफजैसे चुदाई होती है बस फिर क्या था उसका लौड़ा फूलने लगा और मेरे मुँह में ही उसने सारा माल छोड़ दिया।दीपाली- ओह. साजन ने जोर लगा करके, मोहे अपने ऊपर लिटा लियामेरे तपते होंठों को उसने, अपने होंठों में कैद कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

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तो दीपाली की काली पैन्टी में उसकी फूली हुई चूत दिखने लगी। दीपाली के होंठों पर क़ातिल मुस्कान थी।अब बस ब्रा-पैन्टी में खड़ी वो. दबा-दबा के वक्षों को, उसने मुझको मदहोश कियाफिर चूम लिया और चाट लिया, फिर तरह-तरह से चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. चाची का प्यार देख कर तो एक बार मुझे अपने आप पर बहुत गुस्सा आया कि तू कितना गंदा सोचता हूँ अपनी चाची के बारे में जो मुझसे इतना प्यार करती है.

आगे से सलोनी की स्कर्ट अभी भी उसकी बेशकीमती चूत को ढके थी पर इस समय शायद उसकी चूत पर उस मोटे के हाथ थे जो पता नहीं कैसे उसको छेड़ रहे होंगे…अब या तो मैं यहाँ रूककर सलोनी की मस्ती देखता या फिर इस नई बालों वाली चूत का मजे लेता…यह तो पक्का था कि वो चुदाई के लिए पूरी तरह तैयार थी और मेर लण्ड को बिना किसी शर्म के कभी सहला रही थी तो कभी कसके पकड़ लेती तो कभी मरोड़ देती. और चूसने लगा।फिर मैंने अपना एक हाथ उसके चूची पर रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा।वो गर्म होने लगी, फिर मैंने उसकी साड़ी उतार दी, अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में थी। मेरा लंड भी दोबारा खड़ा होने लगा।मैंने उसका ब्लाउज और पेटीकोट भी उतार दिया और उसके चूचियों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा।दस मिनट ऐसे ही चुसवाने के बाद वो काफ़ी गरम हो चुकी थी।चाची- अब चोद भी दो मेरे राजा. !तो उसने कहा- मैं कोशिश करूँगी।एक रात हमने मिलने का प्लान बनाया, वो भी उसके घर पर, जबकि उसके घरवाले घर पर ही थे।उसने कहा- जब सब सो जाएं तो रात को 11 बजे आ जाना।मैंने कहा- ठीक है.

रोज़ी- जी नहीं, वो सूसू नहीं है… प्लीज मुझे और परेशान मत करो… दे दो ना इसे…मैं- अरे बताओ तो यार क्या है यह. ! प्यार के साथ चुदाई में यह सब चलता है, यह तो मिक्स सोडा था लोग तो सीधे मुँह में मुतवाते हैं।अरे तू तो बड़ी एक्सपीरियेन्स्ड है. चाहे वो बार बार शादी से पहले चुदाई से मना कर रही है पर मेरा मन नहीं मानता, मेरा मन बहुत बेचैन है, मैं क्या करूँ?दोस्तो, मेरी मदद करो, मुझे कुछ बताओ कि मैं अपने दिमाग से यह बात कैसे निकालूँ?अपनी बात नीचे डिसकस पर ही लिखे क्योंकि मैं अपना इमेल आईडी और नाम देने में शर्म महसूस कर रहा हूँ.

कल आप इसको लाना जी वहाँ हम टेस्ट लेगा। हम तुमको फ़ोन पर टाइम का बताना जी… ये बेबी का लाइफ बना दूँगा जी. मैं आता और देखना मैं कैसे करता तुम डायलोग बोला अच्छा था, पर इस सीन में ज़ुबान नहीं हाथ का इस्तेमाल करो.

ऊपर से मेरे दायें स्तन पर मोम टपकाने लगी, मुझे हल्का सा दर्द हुआ पर यह गर्मी नीचे के आइस बेबी से अच्छी थी।फिर उसने मेरे बायें उभार पर मोम टपकाया… मैं उछल पड़ी… पर बँधी थी… अब उसने एक मोमबत्ती और जलाई और ऊपर से एक साथ दोनों चूचियों पर मोम गिराने लगी, बूंद के उभार पर छूने से पहले ही मैं उछल पड़ती.

अब मैं और शाहनवाज नीचे से नंगे हो गए थे, उसने एक बार फिर अपने लंड को मेरे चूतड़ों पर दबाया, मैंने भी चूतड़ों को ढीला छोड़ दिया… और उसका लंड मेरी गांड के छेद से टकरा गया. बिहारी बीएफ सेक्सी बिहारी बीएफ सेक्सीअंकल आंटी और हैप्पी शादी में चले गए।मैं शाम को स्कूल से आते ही सोचने लगा कि गुरविन्दर की जवानी के मजे कैसे लूँ…मैंने अपने एक दोस्त से ब्लू-फिल्म की सीडी मँगवाई।उसके घर जाते ही मैंने वो सीडी उनकी बाकी सीडी के बीच में रख दी।घर पहुँचते ही हम दोनों बातें करने लगे. सेक्स सेक्स सेक्सी वीडियो मेंप्रेषक : सचिन शर्मासचिन का सभी अन्तर्वासना पाठकों को नमस्ते।मैंने अन्तर्वासना की लगभग सारी कहानियाँ पढ़ी हैं और मुठ्ठ मारी है। पढ़ने के बाद लगा मुझे भी अपनी कहानी शेयर करना चाहिए तो आपको अपनी कहानी बताता हूँ। पहले मैं अपना परिचय दे दूँ। मेरा नाम सचिन है, इंदौर में पढ़ाई कर रहा हूँ। मेरी उम्र 24 वर्ष, कद 5. थोड़ी देर में वो भी गांड हिला कर मजे लेने लगी और कुतिया की तरह हो गई फिर उसकी पतले लिप्स वाली चूत दिखने लगी, मैंने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू की, वो ऊऊहह आआह्ह करने लगी, मैंने सोचा अब समय आ गया, मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और रगड़ना शुरू किया.

एक हाथ अंग से खेल रहा, दूजा था वस्त्र उतार रहामैंने आँखें सखी मूँद लईं, मेरा रोम-रोम सीत्कार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

??” प्रिया की खनकती हुई आवाज़ ने मेरा ध्यान तोड़ा और मैंने उसके हाथों से चाय का कप अपने हाथों में लेकर उसका एक हाथ पकड़ा और अन्दर ले आया।मैंने चाय का प्याला मेज़ पर रख दिया और प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया। प्रिया भी जैसे इसी पल का इंतज़ार कर रही थी… उसने भी मुझे जकड़ सा लिया और मेरे सीने में अपना सर रखकर जोर जोर से साँसें लेने लगी। हम दोनों दुनिया से बेखबर होकर एक दूसरे को जकड़े खड़े थे. मैं तो जैसे हवा में उड़ने लगा।वो मेरे लंड को जिस तरीके से चूस रही थी, मुझे लगा कि वो कई दिनों की प्यासी हो।फिर अंत में मेरे लंड ने उनके मुँह में ही अपना ‘सोमरस’ छोड़ दिया. हे हे हे…मैं- अच्छा जी… चलो काट लेना… फिर मुँह में तो लेना ही होगा… हाहाहासलोनी- मारूँगी अब हाँ… अच्छा चलो अब जल्दी से तैयार हो जाओ…मैं- ठीक है जान… अरे हाँ याद आया… कल शायद प्रणव आएगा डिनर पर… बता देना अगर कुछ मंगाना हो बाजार से तो…अमित मेरा पुराना दोस्त है वो डॉक्टर है, उसकी कुछ समय पहले ही शादी हुई है.

और तौलिया छीन लिया।मेरे ऐसा करते ही वो एकदम से मेरे गले लग गई और चुम्बन करने लगी।मैं भी उसका साथ दे रहा था और साथ ही साथ उसके बालों और पीठ को भी सहला रहा था। धीरे-धीरे मैं उसके स्तनों को भी पकड़ कर सहलाने लगा।उसके स्पंजी स्तन दबाने में बड़ा मजा आ रहा था कि तभी उसने मेरा हाथ हटा दिया और बोली- प्लीज आप बाहर जाओ. ?मैं समझ गया कि प्रिया ने इसको हमारी चुदाई के बारे में सब बता दिया होगा।मैंने कहा- हाँ, मैं तुम्हारी भी सील तोड़ना चाहता हूँ… प्रिया की तरह!यह कह कर मैंने उसके चेहरे पर बहुत सारे चुम्बनों की बौछार कर दी।अचानक अंजलि ने अपने दोनों हाथ मेरे कंधे पर रख दिए और बोली- भैया मुझे छोड़ दीजिए, मुझे बहुत दर्द होगा. साजन ने बाँहों से उठा बदन, सारा जोर नितम्बों पर लगा दियामेरी सीत्कार उई आह के संग, स्पंदन की गति को बढ़ा दियामैं गिनती ही सखी भूल गई, मुझे मदहोशी की धार में छोड़ दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

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!धीरे-धीरे पूरा लण्ड अन्दर चला गया, अब मैंने नीचे से लण्ड पेलना शुरू किया, तो कुछ ही धक्कों के बाद कविता को भी मजा आने लगा। उसने भी सिसकियाँ लेते हुए. पहले तो निहारा उसने मुझे फिर मुस्कान होठों पर खेल गईउंगली से ठुड्डी उठा मेरी, होंठों को मेरे सखी, चूम लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. फिर मुझे कहने लगी- तुम्हें जब भी गोलू से मिलना हो, घर आकर मिल लेना…”हाँ बेटा कभी जाना हो चले जाना और उसे यहाँ ले आना, यहीं पर खेलता रहेगा.

मेरी पिछली कहानियाँ आप सभी पाठकों द्वारा काफी सराही गई, उसके लिए आप सभी को धन्यवाद !यह कहानी शुरु होती है जब मेरी कहानी सच्चे प्यार की तलाश प्रकाशित हुई थी। मैं अपने मेल पर आप सभी पाठकों के मेल का जवाब दे रहा था, तभी मेरी नज़र एक मेल पर पड़ी, मेल था: IASpreyashi….

! कामिनी के यहाँ तो चलना ही है, आपने जुबान दे दी है।फिर हँसते हुए बोली- कहीं तीन की वजह से डर तो नहीं रहे हैं.

मेरी तो जैसे जान ही निकल गई।राज डर गया और मुझे चूमने लगा और बोला- बस थोड़ा और…, उसके बाद फिर मजा आएगा. प्रेषक : हेमन्तमेरा नाम हेमन्त है, मैं दिल्ली से हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर काफी सारी कहानियाँ पढ़ी हैं, जिनमें से कुछ ही मुझे सच लगीं, बाकी नहीं। इसलिए आज में आपको अपनी बिल्कुल सच्ची कहानी बताना चाहता हूँ।मैं बी. ब्लू पिक्चर सेक्सी अच्छी वाली!’फिर उसने जीजा जी की तौलिया को खींच लिया। जीजाजी ने उसे अपनी बाँहों में भर लिया।वह अपने को छुड़ाती हुए बोली- फिर चाय ठंडी करनी है क्या.

!रेहान ने लौड़ा बाहर निकाला और एक झटके में आरोही को लिटा कर उसके पैर कंधे पर रख कर लौड़ा वापस चूत में घुसेड़ दिया।आरोही- अई… उफ़फ्फ़… इतनी स्पीड में अई अई… ये सब किया आ मुझे तो आ समझ ही नहीं आया… आ आ अब ठीक है उफ़ मेरी चूत में कुछ हो रहा है… आ अई… अई फ… उक्क मैं आ. उसने कोहनी से मुझे मारते हुए कहा- चलो न बुझाती हूँ तुम्हारी सारी प्यास…बाहर हमने एक टैक्सी ली और मसूरी के लिए निकल पड़े. चाचू मेरे ऊपर आए और मेरे मम्मों को मुँह में भर लिया और चूसने लगे फिर अपना लण्ड मेरी चूत पर टिकाया और एक जोरदार धक्का दिया और उन का एक इंच लण्ड अन्दर घुस गया.

वह निर्दय और कठोर सखी, दोनों स्तन मध्य बैठ गयामैंने भी उसको हाथों से, दोनों स्तनों से जकड़ लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. चल बन जा घोड़ी… आज तेरी सवारी करूँगा, अब मेरा लौड़ा तेरी चूत का स्वाद चखेगा।जूही घुटनों पर आ जाती है।जूही- आराम से डालना जानू… चूत में दर्द है। रेहान ने कल बहुत ठुकाई की है मेरी।साहिल- डर मत रानी रेहान के लौड़े से छोटा ही है… ले संभाल…!साहिल ने टोपी चूत पर टिका कर हल्का धक्का मारा।जूही- आ.

!फ़िर उसके बाद मैंने उसे ख़ड़ा किया और उसे मेज पर बैठा दिया और उसकी चूत चाटने लगा। मैंने भी लगभग दस मिनट उसकी चूत को चूसा।उसके बाद मैं खड़ा हुआ और उसकी जाँघों के बीच आकर अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा।रीना की आवाज निकलने लगी- उफ्फ, ओह्ह !जब उससे रहा ना गया तो उसने कहा- जान अब डाल भी दो अन्दर.

पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने कहा- बस एक चीज दिखानी है आपको!और कह के अपनी जींस नीचे कर दी, मेरा नौ इंच का लंड खड़ा हुआ फुफकार रहा था. !फिर क्या था, मैंने लंड उसकी चूत में डाल दिया और शुरू हो गया ‘पुकपुक-प्रोग्राम…!’वो सिसकारियाँ भरने लगी- आ आ…आह्ह्ह…आ. वो तड़पने लगी और मुझसे लिपट कर बोली- मत जाओ मुझे ऐसे छोड़ कर! चोद डालो मुझे!मैंने कहा- क्या फ़ायदा? तुम कुछ बोलती ही नहीं! ऐसा लग रहा है जैसे जबरदस्ती कर रहा हूँ.

देसी भाभी सेक्स बीएफ ! अभी तूने चुदाई का खेल जो नहीं खेला आज तेरी चाची तुझ को पूरा मर्द बना देगी !’ ऐसा कह कर चाची खड़ी हो गईं और अपनी टाँगें फैला कर मेरा मुँह पकड़ कर अपनी चूत से लगा दिया।मैंने आँख खोल कर देखा मेरा मुँह उनकी झांटों के बीच में था।‘इसको चाट रे… तेरी चाची की बहुत तरसी चूत है. हाथ दुख रहा है !मैंने एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा और फिर थोड़े से चूतड़ सहला कर चाची की छोड़ दिया…जैसे ही चाची बैठी, मैंने देखा कि उनके ब्लाउज़ का मेरी तरफ वाला हिस्सा पूरा तेल में सन गया.

वो दिखने में क्यूट था और हैंडसम भी था। उसका नाम रेहान था… सलीम ने उसका मोबाइल नंबर लिया और फिर उसको फोन लगाया।सलीम और रेहान ने कुछ देर बात की फिर सलीम ने मेरे हाथ में मोबाइल दे दिया और बात करने को कहा।मैं डर गई लेकिन सलीम मेरी तरफ गुस्से से देखने लगे. ? सुनो ना, आज बहुत मन कर रहा है करने, प्लीज़ घर आ जाओ ना अभी !!!!मैं- अरे मज़ाक मत करो इशरत, अभी तो सुबह के 10 बजे हैं, अभी नहीं आ सकता ! और वैसे भी अभी 3 दिन पहले ही तुम्हें खुश किया था… याद है या नहीं?इशरत- क्या आप भी. !बबिता को इस तरह बाल्टी पर घोड़ी बना कर मुझे गाण्ड चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था। मैंने आंटी की नंगी कमर पकड़ रखी थी। आंटी का चेहरा देख कर चोदने में तो और ज्यादा मज़ा आ रहा था। आंटी चुदती हुई बार-बार पीछे मुड़कर मुझे देख रही थीं। मैं ऊपर से चुदते हुए गाण्ड के छेद पर थूक भी रहा था जिससे लंड फिसल कर मस्ती में बबिता की गाण्ड मार रहा था।ओह्ह्ह धीरे.

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अंगों का परस्पर मिलन हुआ, तो आवाजें भी मुखरित हुईंसुड़क-सुड़क, चप-चप,लप-लप, अंगों ने रस में किलोल कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !”उसने जीजाजी के लौड़े को बुर में लगाया और एक ही झटके में पूरा निगल लिया। फिर उसने अपनी चूची जीजाजी के मुँह में लगा कर चुदाई करने लगी।कामिनी ने अपनी चूची चमेली के मुँह में लगा दी। मैं काफ़ी थक गई थी। जीजाजी ने चार बार चोद कर बेहाल कर दिया था।मैं लेट कर इन तीनों को देखने लगी।चमेली ऊपर से कस-कस कर धक्के लगा रही थी और बड़बड़ा रही थी, हाय. साजन की उँगलियाँ अब मैंने, नितम्बों पे फिरती अनुभव कीमैं समझ गई अब साजन की, आँखों से उड़ी झूठी निंदियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!मैं खड़ा हुआ और मामी के होंठों को चूसने लगा। मामी भी पूरे दिल से मेरे होंठों को निचोड़ रही थीं। मैंने मामी के सारे कपड़े धीरे-धीरे उतार दिए और मामी ने मेरे कपड़े उतार फेंके।फिर मैं मामी के खरबूजों को चूसने लगा।मामी के मुँह से ‘आहा. एक पल तो मुझे बहुत तेज़ गुस्सा आया और जैसी ही मैं उस आदमी को मारने के लिए आगे बढ़ने लगा…कहानी अगले भाग में समाप्त होगी !.

”यह सुन कर वो बहुत खुश हुईं, थोड़ी देर में वो फिर बाथरूम जाने लगीं, तो मैंने पूछा- कहाँ जा रही हो?तो वो कुछ नहीं बोलीं.

?‘मैं तुम्हें भला कैसे भूल सकता हूँ… तुम तो मुझे जिंदगी भर याद रहोगी।’‘राज… मुझे तुम से एक बार मिलकर कुछ बात करनी है… क्या तुम मेरे घर आ सकते हो?’‘क्या बात करनी है, फोन पर ही बता दो?’‘नखरे मत कर, जो कह रही हूँ वो सुन और जल्दी से अभी के अभी मेरे घर पर आ जा!’‘देखता हूँ. ! उसको इसी तरह देखे जा रहा था कि कब दरवाजा खुला, मुझे पता ही नहीं चला।दिव्या ने कहा- क्या हुआ सर?मैंने कहा- कुछ नहीं तुम्हें देर लग रही थी, तो मैंने सोचा में ही देखता हूँ कि क्या बात है।तो उसने कहा- झूट मत बोलो. ! जीजू… ये क्या कर रहे हो… मैं मस्ती से पागल हो रही हूँ… ओह राज्ज्जज्जाआ चाटो … और… अन्दर जीभ डाल कर चाटो…बहुत अच्छा लग रहा है …आज अपनी जीभ से ही इस बुर को चोद दो… ओह…ओह अहह इसस्सस्स.

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना 5 साल से नियमित रूप से पढ़ता हूँ। यह मेरी पहली कहानी है। आशा करता हूँ आप सबको पसंद आएगी।मैं गुजरात का रहने वाला हूँ। मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई राजकोट(गुजरात) से पूरी की है और फ़िलहाल में बड़ोदरा में जॉब कर रहा हूँ। मेरी उम्र 23, 5. ! दीदी जीजाजी हैं तो बहुत दमदार जल्दी झड़ने का नाम नहीं लेते, पर तू चिंता मत करो, सुधा दीदी ने इन्हें जल्दी खलास करने का उपाय मुझे बता दिया है, अपनी चूची से इनकी गाण्ड मार दो …बस शाहबेआलाम. तो उसके ब्लाउज और पेटीकोट सिलने देने थे…मैं- अरे कुछ देर पहले फोन आया था कि वो तो उसने दे दिए थे…मधु- नहीं, वो बाजार वाले दर्जी ने मना कर दिया था.

मेरी कहानी बड़ी अजीब है। आज से 4 साल पहले की बात है मेरी शादी हुई, शादी के बाद मेरे पति की पारिवारिक आर्थिक हालत खराब चलने लगी।उस वक्त मेरे पति का काम-धन्धा नहीं चल रहा था। मैं एक नई-नवेली दुल्हन थी, पर पति को परेशान देखती तो मुझे दु:ख होता।मैं पूछती तो वे टाल जाते, मुझसे कहते- सब ठीक हो जाएगा.

एचडी बीएफ फुल सेक्सी वीडियो: उसकी टाँगें केले के तने की तरह, कमर पतली और लहरदार, कटि एकदम क्षीण, भारी नितम्ब, उठावदार चूचियाँ जैसे दो उन्मत्त पर्वत शिखर, जो हमेशा उसके ब्लाउज को फाड़ कर बाहर आने को आतुर हों, सुराही की तरह गला, कोमल से हाथ, लाल गुलाबी होंठ, सुतवां नाक, कमल पंखुरियों से नयन, चौड़ा माथा, घने काले बाल, जिसमें फँस कर कोई भी अपने होश गवां बैठे. उन्न्नन्ही …री ! और ज़ोर से चोद ! तूने तो लगता है अपने सरप्राइज का भी भुरता बना दिया। इतना ज़ोर से चोद रहा है हायय री.

तभी चाची मेरे ऊपर झुक गई और तेल की कटोरी जो मेरी दूसरी बाजू मेरे सिर पीछे रखी हुई थी, उसमें हाथ डुबोने लगी. ‘हे भगवान्… मैंने तो कच्छी भी नहीं पहनी आज!’ वो अपना एक हाथ पीछे करके अपनी नितम्बों की दरार पर रखती हुई बोलीं- जल्दी से कुछ कर ना… मुझे शर्म आ रही है और यह चिकना-चिकना क्या गिरा दिया मेरे कूल्हों पर!दीदी का हाथ मेरी राल पर पड़ते ही दीदी ने पूछा. मैंने भाभी से पूछा- भाभी आप तैयार हो?तो भाभी ने कहा- मेरे चोदू, आ जा! चोद दे!मैं सीधे ही भाभी के ऊपर चढ़ गया और अपना 8 इंच का मूसल उसकी चूत में डाल दिया.

मैंने चारों और नजर घुमाकर उसकी उतरी हुई समीज को खोजा पर कहीं नजर नहीं आई…मधु कब रात को उधर चली गई…?क्या सलोनी ने ये सब किया…?या फिर मधु ही सब कुछ ठीक करके फिर सोई…मेरा दिमाग बिलकुल सुन्न हो गया था…मैंने चाय पीकर अपने कमर का कपड़ा कस कर बांधा.

!जूही भाग कर बेड पर चढ़ जाती है और आरोही उसको वही। दबोच लेती है और उसके पेट पर बैठ जाती है।आरोही- अब बोल क्या बोल रही थी तू…!जूही- सॉरी दीदी. और ना जाने कितनी परेशानी आ सकती है…हो सकता है सलोनी भी इसी सबका इन्तजार कर रही हो…फिर वो मेरे ऊपर हावी होकर अपनी रंगरलियों के साथ-साथ दबाव भी बना सकती है…मेरा ज़मीर खुद उसके सामने कभी नीचे दिखने को राजी नहीं था…वो भी एक चुदाई के लिए… क्या मुझे अपने लण्ड पर काबू नहीं है. की आवाज़ें निकालती थी।फ़रहान कहता भी था- प्लीज रुखसाना, धीरे आवाज़ करो, बगल में अब्बू जी सुनेंगे तो क्या सोचेंगे !पर रुखसाना तो यही चाहती थी !एक बार फरहान को 15 दिन के लिए बाहर जाना पड़ गया तो अगले दिन रुखसाना ने मन में ठान ही लिया कि अब चाहे कुछ भी हो, मैं अब्बू से चुदवा कर ही दम लूँगी.