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आपके सुझाव और कमेंट्स मुझे व सभी रचनाकारों को और अच्छा लिखने को प्रेरित करते हैं. सोनाक्षी का नंगा फोटोमेरा नाम दिव्यांश जैन है, यह कहानी मैंने अपनी बहन टीना की आईडी से भेजी है.

मैं भाभी के होंठों को चूमने और चूसने लगा, बीच बीच में अपनी जीभ उनकी जीभ से टकरा देता. पीरियड ना आए तो क्या करेंसोते हुए उनकी मैक्सी गले तरफ से खुल गई थी या पता नहीं खुद चाची ने खोल दी थी.

फिर कभी मेरे चेहरे को भी चूसने लगते और गालों को भी काटने लगते!कुछ ही देर में हम लोगों ने नाश्ता कर लिया, नाश्ता करते ही उन्होंने मुझे टेबल पर ही झुका दिया और चोदने लगे, 10 मिनट तक चोदने के बाद जब उनके लंड से बीज निकलने वाला था तो उन्होंने उस बीज को मेरे ब्रेड पर गिरा दिया और मुझे खाने को बोले.सबसे सुपरहिट बीएफ: दीदी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहने लगी कि तुम यहीं मेरे पास रुक जाओ.

वो लगातार सिसकारियाँ भरती जा रही थी उम्म्ह… अहह… हय… याह… और साथ में बोल रही थी- और ज़ोर से और ज़ोर से!मैंने अपनी रफ़्तार और भी बढ़ा दी और फिर वो किलकारियां मार मार कर झर गयी.मैंने उनको समझाया- देख, गाली देने में ही तो मजा आता है!भाभी बोलीं- फिर कमीने रुका क्यों तू भोसड़ी के.

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मैंने मौका देखते ही एक जोर का प्रहार उसकी चुत में किया वो एक बार चीखी उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह… और शांत लेट गयी!वो समझ चुकी थी कि अब देर हो चुकी है, उसने किसी गैर मर्द का लन्ड अपनी चुत में घुसवा दिया है अब या तो अफसोस करो या मज़ा… उसने मज़ा चुना और मेरा साथ देने लगी!अब वो मस्ती में चुद रही थी, उसके नाखून मेरी पीठ को चीर रहे थे जो इस बात के भी गवाह थे कि वो किस कदर आनन्द के सागर में गोते लगा रही है.मैं उसकी कमर को चूमने लगा, वो अब तक बहुत ही ज्यादा गरम हो गई थी और आआआह कर रही थी.

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”दीदी ने मेरा लंड पूरा अपने मुँह में भर लिया था और मुझे जन्नत का मजा आना शुरू हो गया था.

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उसने वहीं बारी-बारी हमारा योनिभेदन करना शुरू कर दिया।पोजीशन वहां क्या बनती. मैं तो देखते ही घबरा गया कि इतना मोटा ओर बड़ा लंड दीदी कैसे अपनी चूत में लेती होंगी. तब बापू ने अपनी कमर को हिलाया और अपने लंड से पद्मिनी के जांघों के बीच दो छोटे छोटे धक्के दिए.

मैंने उनके कान के पीछे चूमना शुरू किया तो वो कामुकता से मदहोश होने लगी. बापू सिर्फ अपने अंडरवियर में बिस्तर पर बैठ गया और बगल में उसी बिस्तर पर पद्मिनी गहरी नींद में सोयी हुई थी. मैं हमेशा ही नेट पर चैट के लिए लेस्बियन रूम में एक लेडीज के नाम से चैट करता रहता और पूरे मजे लेता.

मैं और पीयूष गुड्डा गुड्डी की शादी का खेल खेल रहे थे, तुम भी आ जाओ, मिलकर खेलते हैं. तो उसने बोला- कैसे मिलें यार?मैंने कहा- तुमको कॉलेज के बहाने से ही मिलना पड़ेगा. मैं उसको किस करता हुआ सीधा बेडरूम में ले गया और नेहा को बेड पर लेटा दिया.

फिर दोनों को अपने ऊपर से हटा कर डॉली को बेंच पर पीठ के बल लिटा दिया. मेरी गर्म कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे मेरे उसके निप्पल का कलर पूछने पर मेरे दोस्त की बीवी नाराज हो गयी थी, लेकिन रात के तीन बजे उसने व्हाट्सअप पर ‘ब्राउन’ के रूप में कलर लिख भेजा था।जिसे पढ़ कर मेरा स्ट्रेस जाता रहा था और नीचे मैंने बस इतना लिख दिया था कि ‘मुझे भी यही लगा था।’बहरहाल, यह पहली बाधा थी जो उसने सफलतापूर्वक पार कर ली थी और मैं आज के लिये इतने पर ही खुश था।दिन गुजर गया.

वो चुदास से भरी हुई सिसकारियां ले रही थी- ओह्ह… इश इष्ह इश उम्म्ह… अहह… हय… याह… विराट अयेए मजा आ रहा है.

थोड़ी देर इधर उधर की बातें हुईं, फिर आखिरी में वो बोलीं- रोहण तुमसे एक बात करनी थी.

मैं भी आराम से कुर्सी पर बैठा इस हुस्न और कामुकता की जीवित तस्वीर को देखता रहा. अब मैं चाहती हूँ हलाला के जरिये ही सही, कम से कम एक बार तो सारा को चुदाई का पूरा सुख मुझ से मिल जाए. तू बहुत ही बड़ा चोदू है कुत्ते!जीजा हंसते हुए बोला- साली रंडी सब जान जाती है.

मैंने कहा- तो ठीक है, मुझे तो आप जूली से भी ज्यादा सेक्सी लग रही हो. मैंने उसकी ही सलवार से उसकी चूत और लंड को साफ किया और दोबारा उसकी चूत को चाटना शुरू किया. क्या हो रहा है यह सब?” मैंने हाथ छुड़ाते हुए थोड़े तेज स्वर में कहा।उसने घबरा कर इधर-उधर देखा.

तो वो कहने लगी- ठीक है, लास्ट टाइम लेकिन इस बार आइडिया आपका होगा!मैंने कहा- ठीक है.

जैसा कि आपने पिछले भाग में पढ़ा था कि मेरे ड्राइवर को अपने जाल में फंसा कर चुदाई का मजा लेने की प्लानिंग की गई थी. मैंने फिर दो आईस-क्यूब उनकी चुत के अन्दर डाल दिए… और लंड चुत में डाल के चुदाई करने लगा. मैंने अपनी इन दोनों बहनों को पहली बार इस हालत में नहीं देखा था जब हम काफी छोटे छोटे थे, तब हम तीनों साथ साथ नंगे नहाते थे.

मैंने पता किया तो पता चला किसी कारण से खाला को इमरजेंसी में वापिस अपने घर कश्मीर अर्जेंट जाना पड़ा है इसीलिए वे चली गयी. तब उसने कहा- कोई गांड भी चोदता है क्या?मैंने कहा- और नहीं तो क्या!उसने कहा- मैंने बहुत इंग्लिश ब्लू फिल्मों में तो देखा है गांड चोदते… लेकिन भारत में भी ऐसे गांड चोदने का रिवाज है क्या? आज तक मैंने नहीं सुना कि कोई गांड भी चोदता है यहाँ!मैंने कहा- जानू, तुम एक बार गांड मरवा कर देख तो लो, तुम्हें भी मजा आएगा, अगर नहीं आएगा तो मैं तुम्हारी गांड नहीं मारूँगा. उन्होंने मुझे कौतूहल भरी दृष्टि से देखते हुए कहा- कैसी लग रही हूँ?मैंने उसे ऊपर से नीचे तक देखते हुए कहा- जैसे उस दिन नूरे मल्लिका लग रही थीं, वैसी ही आज भी लग रही हो.

हम दोनों तुमको ठीक वैसे ही चोदेंगे, जैसे अंग्रेजी फिल्मों में विदेशी करते हैं.

आआ उम्म्ह… अहह… हय… याह…वो बहुत मजे से बोले जा रही थी और मेरा सर अपने दोनों आमों के बीच में दबाए जा रही थी. ” कहकर रेखा रानी ने अपने कपड़े पहने, बाथरूम में जाकर मुंह हाथ धोये और हल्का सा मेक अप करके तैयार हो गई.

सबसे सुपरहिट बीएफ फिर एक दिन शाम को मैं अपनी बाइक से कुछ सामान लेने बाहर गया और वो मुझे सामने से आती हुई दिखीं, बाहर की सड़क पर कोई नहीं था और वो भी अकेली थीं. जबकि वह अपने लिंग को अपने दोनों हाथों में दबाने छुपाने की कोशिश करता एकदम नीचे उकड़ू बैठ गया था।यह क्या है?” मैंने अपने कुरते पर आये सफ़ेद लसलसे पदार्थ को उंगली से छूते हुए कहा- क्या हो गया तुझे? और यह क्या है सफ़ेद-सफ़ेद?तुम जाओ.

सबसे सुपरहिट बीएफ काजल दीदी मेरा सारा बीज गटक गईं और मेरे लंड को उन्होंने तब तक नहीं निकाला, जब तक मेरा लंड फिर से खड़ा नहीं हो गया. तभी एक दबी हुई चीख के साथ भाभी ने अपनी चूत का सारा पानी मेरे मुंह पर छोड़ दिया और उठ के मुझे किस करने लगी, किस करते हुए, मेरे मुँह में भाभी की कामुकता का जो पानी था वो मैंने भाभी के मुँह में छोड़ दिया।अब मैंने फिर से भाभी की टांगें फैलाई और अपना लंड ले जा के भाभी की चूत पर रख दिया और ऊपर से ही रगड़ने लगा। भाभी तो जैसे अब पागल सी होने लगी और अजीब अजीब आवाजें निकालने लगी.

जो मैंने देखा तो नहीं था लेकिन जब घर में हो-हल्ला मचा तो सुना सब मैंने ज़रूर था।बड़े अब्बू के तीन बेटे थे.

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वो मेरे लंड को बड़े आश्चर्य से देख रही थी और उसे हिला कर जोर से पकड़ कर देख रही थी. अशोक ने मुझे खींच कर उसकी गोदी में बिठा दिया और बोला- सुन ओ चोदूराम, आज इसकी पूरी चुत बजानी है कोई रहम नहीं करना इस पर. जो बातें कर रहे थे ब्लू फिल्म देखने के बाद और चुदने के टाईम, वह सब भी फिल्म में है।मैं बेबसी से होंठ कुचलती उसे देखने लगी।समर- वैसे मेरी आदत है लोगों के वीडियो शूट करने की.

चूंकि मुझे बुखार था, मैं ढीली पड़ती जा रही थी मगर वो छोड़ ही नहीं रहा था. उसकी चूत अब तक खूब रसीली हो उठी थी और लंड अब सटासट, निर्विघ्न चूत में अन्दर बाहर होने लगा था. तब मैंने कहा- मां ये सब क्या है?मां के पास मेरे सवाल का कोई जवाब नहीं था।कुछ पल वहां खामोशी छाई रही।अचानक मां ने मुझे अपने पास बुलाया.

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काजल का इन्तजार था मुझे उसको चोदना पड़ता इसलिए मैंने माधुरी को दुबारा नहीं चोदा. मैंने बोला- कहां निकालूँ?तो वो बोली- मैं तुम्हारे वीर्य को महसूस करना चाहती हूँ. दीदी की चीख निकलने को हुई, मुझे मालूम था कि दीदी की चीख निकलेगी, इसलिए मैंने पहले ही अपने होंठों का ढक्कन उनके मुँह पर लगा दिया था.

मधु अब तक अपनी टांगें फैला चुकी थी, राज अपना लंड अपने हाथ में पकड़ कर मदु के ऊपर लेट गया, मधु ने राज के लंड को हाथ में लेकर अपनी चुट के ऊपर रखा ही था कि राज ने एक शॉट मार कर मधु की कमर को अपनी ओर खींच लिया और राज का लंड मधु की चूत के अंदर चला गया. पूजा बड़ी खुश थी क्यूंकि उसे भी आज दमदार लंड मिल गया था और अंकुश की बेज़्ज़ती करने का मौका भी. इसके बाद से तो शबनम भाभी के लिए मेरे मन में एक अलग ही फीलिंग जागने लगी.

कुछ ही मिनट बाद मैंने दीदी की स्कर्ट को उतार फेंका और वह अब मेरे सामने सिर्फ पेंटी में ही रह गयी थी. कुछ देर बाद वो पूरी बेताब होकर फिर से मेरा लंड चूसने लगी, फिर से मेरा लंड लोहा जैसा हो गया.

वो पजामे में हिलते हुए लौड़े को देख कर मुस्कुरा भी देती, मुझे पता था वो अब लाइन पे आ रही है. फिर भाभी ने मुझसे पूछा- स्टूडेंट हो?मैंने कहा- हां, मेडिकल की तैयारी कर रहा हूँ. मैं हर तरह से उनको सुख देता हूं, तन की शांति भी और उनको दिल से भी प्यार देता हूँ.

मैंने नीचे बैठ कर उनकी पेंटी के ऊपर से ही चुत पर जीभ से चाटा तो मॉम सिहर गईं.

क्या नशा था जब वो मेरी दीदी, जन्नत की परी बन कर मुझे प्यार कर रही थीं. वह हल्की हल्की सिसकारियां ले रही थी और मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी. जिससे भाभी की चुदास की तड़प और बढ़ गई, भाभी नीचे से गांड उठा कर मेरा लंड लीलने की कोशिश करने लगीं.

गर्म भाभी ने चलते-चलते मेरे लंड को दबाते हुए टटोल लिया था, ये पूजा ने भी देख लिया था. सच में क्या क्या काँटा माल है, क्या कदली सी जाँघें हैं उसकी, आह… क्या मस्त नाज़ुक नाज़ुक कोमल उभरी हुई चूचियां हैं साली की, पट्ठी जब रास्ते में चलती है तो उसी वक़्त लंड खड़ा हो जाता है और उसको चोदने को मन करता है.

दोनों ही वीर्य को अन्दर गटक गईं और बड़े मजे से आपस में किस करते हुए शरीर पर गिरी हुई एक एक बूंद वीर्य को पूरा चाट गईं. कुछ देर बाद मेरे भैया मेरी नंगी भाभी के साथ नंगे ही चिपक कर सो गए।इतना सब देखने के बाद मेरा लंड लोहे की तरह सख्त हो गया था और मैंने वहीं सीढ़ी पर ही बैठे बैठे मुठ मारकर अपना वीर्य निकाल दिया।फिर मैंने अपना मोबाइल निकाल कर टाइम देखा तो रात के 1:30 बज रहे थे, मैं अपने कमरे में आकर लेट गया।दोस्तो, उसके बाद भैया ने सुबह के समय दो बार फिर से चुदाई की थी. उनसे बातचीत के दौरान मैं उनके मुक्त व्यवहार का फायदा उठाते हुए उनके मम्मों पर अपनी नजर गड़ाकर बैठा रहता हूँ.

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फिर जब मेरी गर्लफ्रेंड को लंड देखने की इच्छा हुई और मैंने उसकी इच्छा कैसे पूरी की.

मेरे पापा की उस वक्त एक एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी जिस वक्त मैं छोटा था. इतना कह कर वो मेरे पास रखी कुर्सी पर बैठ गईं और हम दोनों हंसी मजाक करने लगे. मेरे एक तरफ जीजा जी सोये हुये थे और दूसरी तरफ प्रिया और उसके बगल में दीदी सोई हुई थी.

उनकी कमर से नीचे का हिस्सा बेड पे था और पीठ बेड से ऊपर की तरफ निकले वाले हिस्से पे टिका हुआ था. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:आपा के हलाला से पहले खाला को चोदा-2. उच्च परिभाषा वीडियोजैसा कि मैंने बताया कि मेरा उनके घर आना जाना था, लेकिन एक साल तक मेरी उनसे कभी बात नहीं हुई.

उन्होंने मेरे सर को अपनी दोनों टांगों से दबा लिया और तेज आवाज निकालते हुए झड़ गईं. मैंने हिमानी को बेड पर लिटाया और स्कर्ट को ऊपर करके उसकी टाँगे फैलाई.

स्वर्ग में भी क्या ऐसा ही सुख और आनन्द मेनका, रम्भा, उर्वशी जैसी अप्सराएं रतिकाल में देती होंगी?क्या देख रहे हो पापा जी, पचासों बार तो देख चुके हो मुझे और इस चूत को पहले भी. अंत में भाभी ने मेरे माथे पे किस किया और बोला- तुमने मुझे आज बहुत खुश किया. वो भी कामुक सिसकारियां ले रही थी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… राहुल अब मत तड़पाओ.

करीब 15 मिनट तक भाबी को चोदने के बाद मुझे लगने लगा कि अब मेरा लंड जवाब देने वाला है. शादी इंदौर में थी। उस शादी में संयोग ऐसे बने कि वर पक्ष से चाची और वधू पक्ष से मैडम दोनों एक जगह टपक पड़ीं और ऐसा हो नहीं सकता कि इनमें से कोई मेरे साथ बिना कुछ किए रह सके!मैंने तो जाते ही साफ़ साफ़ बोल दिया- ना! मतलब कुछ नहीं होगा. यह बात मैंने इसलिए सोची थी क्योंकि मैं एक टीचर था और मेरे टच में बहुत सी लौंडियाँ आती रहती थीं.

वो मुस्कुराई, बोली- अच्छा! तो सुबह तक ऐसे ही वेट करने का इरादा था क्या?मैं बोला- हां शायद!वो बोली- अच्छा जी, तो मेरे बेड पे क्यूँ आए?मैं बोला- तुम्हारी खूबसूरती निहारने!वो बोली- क्यूँ? कल ही तुमने बोला, सही नहीं हुआ तो अब क्यूँ आए?मैं बोला- तुम्हारा बिहेवियर रयूड था दिन भर मेरे साथ.

ऊ-ऊ-ऊ-ऊ… आआआआ… आह! आख आख आख आआआआ…” आर्थर ने किसी सेनापति की भांति पूरी सिचुएशन को कण्ट्रोल कर रखा था. चल चूत में लंड डाल और ऐसा चोद कि तेरे अलावा वन्द्या को किसी का लंड पसंद ही नहीं आए.

जब यह सब काम हो गया तो उसने चूत में लंड डाल कर धक्के मारने शुरू कर दिए और हर धक्के का जवाब भी धक्के से मनोरमा अपनी चूत उछाल कर दे रही थी. उसने देखा कि बापू किचन में बैठा रेडियो सुन रहा था, जो धीरे से बज रहा था. ऊपर से दिखाने के लिए नौटंकी कर रही थी जैसे उसे चुदाई में कोई दिलचस्पी ना हो.

शरीर एकदम अकड़ गया और योनि जैसे बह चली। लेकिन यहाँ वह अहाना की तरह थमा नहीं बल्कि उसे अपना भी निकालना था तो चलता रहा और थोड़ी देर के बाद मैंने महसूस किया कि उसकी मुनिया फूल रही थी और कुछ गर्म-गर्म मेरी योनि में भरने लगा।वह मेरे ही ऊपर गिर कर भैंसे की तरह हांफने लगा।यह हमारे पहले राउंड का अंत था जहाँ हम तीनों ही अपनी मंजिल तक पहुंचे थे. जीजा बाहर से केक, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक वगेरह लाने चले गये, इधर मैं अपनी थकान मिटाने के लिये सो गया. अब हम दोनों मम्मी बेटा बेड पे बैठ गए और मैंने पेग बनाया पटियाला … उसमें बर्फ डाली और सोनू को कहा- मुझे नहीं लगता कि हमें दो गिलास की जरूरत है.

सबसे सुपरहिट बीएफ मैं अपनी और बिंदु की चुत को दिखा कर बोली- यहाँ जो अन्दर एक बार घुस जाता है, वो फिर अपनी मर्ज़ी से नहीं जाता और अगर उसका अन्दर जाना पसंद आ गया तो कोई भी उसे बाहर का रास्ता नहीं दिखा सकता. आप तो जानते ही हैं कि फीमेल में भी यही बात पसंद की जाती है कि कोई उनकी बात को सुने, समझे.

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उसके घर आने पर पापा उस पर बहुत चिल्लाए, जीजा से बहुत अनुनय विनय की मगर मेरे जीजा उसे वापस ले जाने को तैयार नहीं हुए. बोलो ना अब मैं झड़ने वाला हूँ, तुम लंड रस पियोगी ना?पद्मिनी ने बापू का लंड चूसते हुए, उसकी तरफ़ देखकर हाँ में सर हिला दिया. उन्होंने मुझे और निशा को इस हालत में देखा, तो वो उल्टे पाँव चली गईं.

जैसे ही मैंने उसकी चूत पर हाथ लगाया तो वो चिहुँक उठी और मेरा हाथ पकड़ कर दूर करके फुसफुसा कर बोली- दीदी जग जाएगी. उसके बारे में ये चर्चा सुनती थी कि यह रात रात भर अपने यारों के साथ होटलों में जाती है. डॉल हाउस डॉल हाउस डॉल हाउसमैं उसे जल्दी से उसके होटल छोड़ने निकल गया, रास्ते में हमने किस किए.

इधर एकता पूरा आठ इंच का अपनी गांड की टाईट घाटी में लेने में लगी हुई थी.

मैं दिनेश को, जो मेरे सामने था उसे पकड़ने लगी और उसको बोली- दिनेश कुछ करो. उस पार्सल में एक बेल्ट से बंदा हुआ रबर का लंड था, जो 8 इंच लंबा और 2.

यह मजाक उस वक्त भी हुआ करता था जब चाची भी हम दोनों के साथ होती थीं. मेरे फ्रेंड ने मेरी वाइफ की दोनों टांगों को खोल क्रर अपने हाथों से मेरी वाइफ को अपने ऊपर उठा लिया और रंजीत से बोला कि अपना भी लंड इसकी चुत में डालो. इस पर श्लोक बोला- यार जीजू, आजकल यह चलन बहुत चल रहा है ग्रुप सेक्स का।इस पर मैंने अगला पासा फेंक ही डाला और कहा- हां यार, ज्यादातर फिल्मों में दो जोड़े आपस में अपनी प्रेमिका बीवियां या अपनी बहनों को बदलकर सेक्स करते हैं और फिर आपस में चारों सेक्स करने लग जाते हैं इस तरह एक ग्रुप बन जाता है और फिर चारों ग्रुप सेक्स करके मजा लेते हैं। वास्तव में यह बहुत उत्तेजना पैदा करने वाला विषय है.

इधर अब मेरे ब्लाउज के ऊपर से ही पीयूष मेरे मम्मों को जोर से अपने हाथों से दबाने लगा.

मैंने सामने की ओर से अपने होंठ उनके गालों से छुआते हुए उनके कान तक ले गया और फिर नीचे की ओर गले की तरफ चूमते हुए बढ़ने लगा. जब वो जाने लगी तो उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा और अपने घर का पता बताते हुए आने का न्योता दिया. फिर उसके चूतड़ों की दरार में अपना लंड रगड़ कर माल निकाल कर सो गया था.

ओड़िया न्यूज़मैं बोला- पूजा, वो तो ठीक है… लेकिन अब तुम मुझे पापा नहीं, जानू बोला करो ना!हम दोनों बाथरूम में जाकर नंगे हुए और मैंने पूजा की चूत के बाल की शेविंग चालू करी. चिकन तो दिख रहा था लेकिन कुछ कमी लग रही थी और मैं अपने बेटे से दारू की कैसे कहूँ? यह सोच कर मैं सोच में डूबी हुई थी.

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मैंने उसकी बांहों में लेटे हुए ही उसकी चुत पे हाथ रखा तो महसूस हुआ कि जैसे मैंने किसी भट्टी पे हाथ रख दिया हो. मेरे लण्ड को हाथ में पकड़ कर बोली- राज! तुम तो वाकई में मर्द हो, इतना बड़ा हथियार. बोलिए।”छाती की लकीरें देखने के लिए तुम्हें ब्लाऊज और ब्रा के बंधन से मुक्त होना पड़ेगा।”ठीक है.

अब जब कभी भी मुझे टाइम मिलता तो मैं उन लोगों से बात कर लिया करता था. मुझे मन में डर भी लग रहा था कि कहीं ये राजी न हुआ और किसी से बता न दे, पर मैंने सोचा कि जो होगा देखा जाएगा. ” वह बोला।हाँ हाँ ठीक है, तुम गाड़ी निकालो, मैं तैयार हो कर आती हूँ.

जिससे एक बार मेरे मन में थोड़ी सी शर्म भी आ जाती थी, पर अच्छा भी लगता था. कुछ देर बाद तक, जब वो अलग अलग ना होने पाए तो मैंने देखा कि वो चुपचाप खड़े हो गए. उसने मुझको फोन किया और बताया कि वह मुझे अपनी गर्लफ्रेंड से मिलवाना चाहता है.

मैंने बस पोर्न मूवी स्टार्ट ही की थी कि घर की घंटी बजी, मुझे मन ही मन बहुत गुस्सा आया कि साला कौन है जो ढंग से चुदाई की वीडियो भी नहीं देखने दे रहा. फिर मैं उनके ऑफिस में गई, वहाँ मुझको सब जानते थे इसलिए सभी लोग बहुत रिस्पेक्ट देकर मिले.

दूसरे दिन ऑफिस से भाभी को फोन किया कि रात को कल जैसा खाना रेडी रखना… आज मेरे घर पे खाएंगे.

चुदाई के वक्त भाभी के मम्मे जो अप डाउन अप डाउन कर रहे थे, उनको देख कर मुझसे रहा नहीं गया. ট্রিপল এক্স সেক্সएक छोटा सा… लगभग पचास घर का गांव… पहुंच विहीन!हम शादी के पांच छः दिन पहले गए. वेरी गुड नाइटतो भाभी ने कहा- अन्दर ही झाड़ दो!मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा, तभी भाभी का पानी फूट पड़ा और उसकी गर्मी से मैं भी झड़ने लगा। झड़ने के बाद में भाभी के पास ही लेट गया और उनके मम्मों से खेलने लगा।भाभी को मैंने पूछा- आज सुबह आपने एकदम से मेरा लंड क्यों मुंह में ले लिया था?तो उन्होंने कहा- मैं बहुत दिनों से देख रही थी कि आप मेरे मम्मे और गांड को ताड़ते थे और मुझे भी चेंज के लिए नया लंड चाहिए था. उसने अच्छी तरह से साबुन लगाया लेकिन पीठ पर उसके हाथ नहीं पहुंचा रहे थे.

मैं तो बस तुमसे मिलने आई थी लेकिन तुम्हारा खड़ा लंड देख कर मन बदल गया.

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बहुत खुजली मचती है इसको, बहुत आग है कमीनी में, आज तो अपने लंड के अमृत से इसकी प्यास बुझा ही दो. मैंने अपना माल उसकी चूत में ही गिरा दिया था, सोनिया को इस बात से कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि उसने मुझे बताया था कि वो गर्भ निरोधक गोली का सेवन करती है हर रोज. मेरी बहन की चुदाई की सेक्स स्टोरी के पिछले भागमौसी की चुदासी बेटी की चुदाई की कहानी-2में आपने पढ़ा कि मेरी बहन मेरे साथ सेट हो गयी थी, अब हमें खुल कर चुदाई करने के लिए मौका चाहिए था.

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सससस…मैंने नेहा की टांगों को फैलाया और घुटनों पर बैठकर लंड उसकी चूत पर रखा, वह चुदने बेताब थी. बहू की साढ़े पांच फीट की गदराई नंगी जवानी मेरे सामने बिछी थी; उसने अपनी चूत की फांकें अपने दोनों हाथों की उंगलियों से खूब चौड़ी खोल रखीं थीं; उसके मम्में किसी सपोर्ट के बगैर तन के खड़े थे और निप्पल फूल कर छोटे बेर के जैसे हो रहे थे. साथ ही मैंने नीचे से अब धीरे धीरे अपने कूल्हों को हिलाते हुए धक्के भी लगाने शुरू कर दिये.

मैं अब मजे से अपनी सहेली के भाई से चुदवा रही थी और उसने भी अपनी चुदाई की स्पीड को बढ़ा दिया था.

निशा- क्या तुम उनसे चुदवाती भी हो?मैंने कहा- हां, मेरी चूत की खुजली तो उन्हीं मस्त लड़कों के लंड से मिटती है.

जब वो अधिकारी आ गया तो देखा कि वो कोई 45-46 साल का आदमी था, बस फिर उसको फंसाने का पूरा इंतज़ाम कर लिया. जैसे ही चीखी दिनेश ने मेरा मुँह पकड़ लिया और अपने हाथ से मेरा मुँह दबा दिया. पोर्न स्टारराज ने एक लंबी सांस ले कर एक जोर का शॉट मारा और उससे मैं लिपट गई- आह्ह राज… राज… और… और करो… मजा आ रहा है… चोदो मुझे… और तेजी से चोदाई करो मेरी!और राज शॉट पर शॉट मारने लगा.

मगर इस सुबह को जब पद्मिनी की आखें खुली तो देखा कि बापू उसको उठाने के लिए नहीं आया था और रात की गुज़री हुई सेक्स की लज्जत को सोचकर बापू से आँख मिलाने को शरमा रही थी. वो बहुत खुश थीं, उन्होंने कहा- बहुत टाइम बाद मैंने इतनी चुदाई की है. मुझे उनकी इस बात से चिढ़ सी हुई और मैं नाराजगी के स्वर में बोला- ठीक है.

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मैं दबे पांव वहाँ गई और देखा कि बिंदु जगत के लंड पर चढ़ कर धक्के मार रही थी और उसके हिलते हुए मम्मों को जगत मजबूती से दबा रहा था.

मैंने कहा- आपका कमरा मैंने नहीं देखा, कैसे आऊं?उसने मुझे एड्रेस दिया और कहा कि इस एड्रेस पे आओ, मैं तुम्हें घर के बाहर दिख जाउंगी. मैं उसे पहचानने की कोशिश में ही लगा हुआ था तभी मेरे कानों में मेरी मॉम की आह सुनाई दी और मैंने दोबारा लिविंग की तरफ अपना ध्यान एकत्रित कर दिया. अभिलाषा जब खड़ी हुई तो वह टाँगें चौड़ी करके बाथरूम जाने लगी, वीर्य उसकी टांगों व पटों पर से होता हुआ बाथरूम तक फर्श पर टपकता हुआ गया.

बुड्ढा और जवान लड़की यहाँ एक बात मैं आप लेडीज को बता दूँ कि ज्यादातर मर्दों का लण्ड पहले डिस्चार्ज के बाद और भयानक हो जाता है मतलब चुदाई में लगने वाले समय में इजाफा हो जाता है. इसके कुछ देर मैंने चाची को चुदाई की पोजीशन में लिटाया और उनकी चुत में लंड पेल कर उनकी मस्त चुदाई की और 20 मिनट बाद उनकी चुत में ही झड़ गया.

वैसे तो वह हिमानी की मम्मी थी, परंतु सेक्स के हिसाब से हिमानी से इक्कीस लग रही थी. आह्ह ह्हह्ह आनंद भैया… शिवानी कैसा मज़ा दे रही है आपको?” अंजलि ने पूछा. वह और भी शर्माने लगी और मेरे बहुत कहने पर मीठी आवाज़ में बोली- मैं भी आप को प्यार करती हूँ.

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मैंने शीतल से कहा- चोदने का मन कर रहा है!तो शीतल ने कहा- आगे जंगल की तरफ झाड़ियों में चलते हैं!हम लोग झाड़ियों में पहुंच गए, वहां कुछ कपल पहले से चुदाई में मगन थे, ये सब देख के शीतल भी गर्म हो गयी, शीतल तुरंत घुटनों पर बैठ गयी और मेरा लंड बाहर निकाल के चूसने लगी. फिर बिंदु ने मुझसे कहा- मैंने उसको तैयार कर दिया है, अब तुम उसको सम्भाल कर रखना. मैंने उसे लंड चूसने के लिए कहा, पहले उसने मना किया पर कई बार कहने पर मान गई.

वह करीब आई और बोली- अब क्या करूँ?मैंने कहा- यहां छाती के बल लेट जाइए. इसके बाद छोटी चाची ने दारू अपने मुँह में भरी और वे दोनों वीर्य के साथ दारू का मजा लेने लगीं.

उसके बाद मैंने चाची की पेंटी को भी उतार दिया और अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाली तो वो आहें भरने लगीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’उनसे चुदास सहन नहीं हुई तो वे धक्का देकर वो मेरे ऊपर आ गईं और मेरे पूरे शरीर को लगातार किस करने लगीं.

मनोरमा ने चुत की पंखुड़ियों को खोल कर दिखाना शुरू किया और गीता से कहा कि ऐसे करने से लंड में खून खौलने लगता है. उधर पद्मिनी बहुत मुश्किल से अपनी दोनों मुठ्ठियों को बंद करके, अपनी छाती के नीचे दबाए ज़ोरों से दांतों को जबरन दबाए सह रही थी. उसने मेरी चूची को अपनी मुट्ठी में लेकर मसल दिया और मुझे अपनी बाँहों में भर कर मुझे चूमने लगा.

एक हफ्ते के बाद पूछने लगा- बोलो, कब से प्रोग्राम फिक्स करूँ?मैं बोली- अभी एक दो दिन रूको. फिर मैं वैसे ही उसके ऊपर झुकते हुए एक हाथ से उसका मम्मा और दूजे हाथ से फुद्दी सहलाने लगा और अब जितना लंड अन्दर गया था उसे वैसे ही थोड़ा-थोड़ा अन्दर बाहर करने लगा. स्कूल जाते वक़्त बापू के खेत के पास से गुज़रती और घर की चाभी उसको देकर तब स्कूल जाती.

तो ये सुनते ही मैं गर्म हो गया और किस करते हुए उसके चूचे दबाने लगा.

सबसे सुपरहिट बीएफ: अपन तीनों गुड्डा गुड्डी के खेल को खेलेंगे, बता लालजी तुम्हें कोई दिक्कत तो नहीं है ना?लालजी बोला- नहीं वन्द्या मुझे बहुत पसंद है. सलीम का लंड अभी तक खड़ा था।तुम इसको और कितनी देर खड़ा रखने वाले हो, यह बच्चों का खेल बहुत हुआ अब हमको बड़ों का खेल खेलना चाहिए.

अन्दर एकदम से कड़क, बहुत मोटा और लम्बा लोहे के जैसा सख्त लंड मेरे हाथ में लगा. अब वे रुक गए, बोले- मैं धीरे धीरे करुंगा! और वे बाकी लंड भी पेलने लगे. दीदी उस समय केवल ब्रा पेंटी में थी और उसके बड़े बड़े मम्मे दूध की फैक्ट्री की तरह नजर आ रहे थे.

बहुत ही प्यारी लग रही थी ऐसे सोये हुए वो!मैं पीछे हटा और उसके कूल्हों को सहलाने लगा.

इन सुन्दर, मुलायम, रेशमी हाथ पांव चूसूंगा तो कितना आनंद आएगा, यह मैं कल्पना कर कर के बेहाल हो रहा था. जो धीरे धीरे ज़्यादा गोरी दिखाई देता है, उन हिस्सों पर, साफ़ दिख रहे थे और पद्मिनी बहुत ही सेक्सी लग रही थी. पता नहीं मुझे क्या सूझा कि मैं उसकी गर्दन वा गालों को सहलाने के बहाने उसके गले की चेन का मुआयना करने लगा.