एशिया का बीएफ

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बैंग ब्रोस: एशिया का बीएफ, उस लड़के ने अपना आधा लंड मेरी चूत में डाला ही था कि मेरी चूत में दर्द होने लगा, मैं करीब दो महीने से चुदी नहीं थी तो मेरी चूत काफी कस गयी थी.

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तभी उसका एक हाथ मेरी सलवार के ऊपर से ही मेरी चुत पर आ गया और मेरी चुत को उसने अपनी मुठ्ठी में पकड़कर दबा दी. सेक्स मूवी गानामनोहर का लंड मेरी जांघों के बीच में ऐसे चुभ रहा था, जैसे कोई लोहे का रॉड हो.

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अब क्या था … मेरी की आँखें मुंदने लगीं और जांघों के बीच अब सनसनाहट फैलने लगी.मैंने उसकी पैंटी नीचे की तरफ सरकाई और कम्मो ने अपनी कमर उठा कर पैंटी उतर जाने दी.

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कॉलेज के लगभग दो महीने पूरे हो गए थे, सब लोग दूसरे को समझने लगे थे.तारा मेरी तरफ देखती हुई बोली- यहां मोबाइल काम नहीं करता, इसलिये किसी भी मुसीबत में संपर्क करने का यही तरीका है.

मैंने भी भाभी को तड़पाना सही नहीं समझा और अपनी पैन्ट खोल कर नीचे कर दिया. एशिया का बीएफ चाची भी रुकने का नाम नहीं ले रही थीं, वो उसी तरह बेतहाशा अपनी भारी भरकम गांड को उछाले जा रही थीं.

फिर मैंने मन ही मन सोचा ‘हे लिंग महादेव एक बार ये लड़की सैट हो जाये तो पूरा एक लीटर दूध चढ़ाऊंगा.

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वो कुछ देर मेरे लंड पर उंगली घुमाती रही फिर जोर से मेरा लंड दबाने लगी। मैंने शावर चला दिया और हम नहाने लगे। मैंने उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी. वो किचन की स्लैब पे चढ़ गईं और किचन की स्लैब के विपरीत दिशा में माला था. उनका अनुमान अब अपनी माँ से सेक्स की इच्छा को लेकर और ज्यादा दृढ़ हो रहा था.

उस पर ऑनलाईन वीडियो चल रहा था जिसमें एक लड़का एक लड़की को बड़े प्यार से चोद रहा था।मैंने प्रीति से कहा- प्रीति, तुम जो करती हैं वो ग़लत नहीं है क्योंकि इस उम्र में अक्सर हॉस्टल की जवान होती लड़कियां ऐसा करती हैं और आपको यह अकेले करने की कोई जरूरत नहीं है।तब वो बोली- क्या मतलब?फिर मैंने कहा- जब तुम यह सब कर रही थी तो मैं भी लेटे लेटे अपनी चूत में उंगली कर रही थी. तो बस अकेली बैठी हूँ, बाकी सब लोगों की छुट्टी हो गई, पर मेरा कुछ काम था. मेरी मम्मी ने मुझे बोला- ओ … आज अपनी भाभी के पास सोने चले जाना।मैंने झूठ मूठ मना किया पर मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे, मैंने बुरा मुँह बना के बोल दिया- ओके … चला जाऊंगा।रात को मां ने कोई ख़ास खाना नहीं बनाया हुआ था, मूंग चावल बनाए थे जो मुझे पसंद नहीं तो मैं बिना खाए पूजा के घर चला गया.

लेकिन दीमा ने तुरंत अपने झटके मारते हुए अपने लंड को नताशा की धधकती हुई भट्टी समान मुंह में घुसेड़ दिया और दोनों हाथों से उसका सिर पकड़ कर अपने लंड को मुंह की पूरी लम्बाई में घुसेड़ते, और बाहर निकालते हुए चुदाई करने लगा. मैंने भाभी को दोनों हाथ से पकड़ कर उठाया और सहारा देकर अपने बिस्तर पे बिठा दिया. धीरे धीरे मुझे भी लंड चूसने में आनन्द आ रहा था, पर उनका मोटा लंड मेरे मुँह में पूरा नहीं घुस पा रहा था.

अशोक ने अपने हाथ से मयूरी की चूत को सहलाया और वो उसकी गुलाबी चूत को देखकर एकदम उस पर मोहित हो गया. मैं जानबूझ कर तौलिया ऐसे बाँधती थी ताकि वो किसी दिन उसके सामने नीचे गिर जाए और वो मेरी चूत और मम्मों के दर्शन कर ले.

मेरी इस इस हरकत से वो एकदम से सिहर गई और उसके मुँह से आह … निकल गई.

कुछ देर बाद मानसी ने मुझे अपने ऊपर से हटाया और बाथरूम में जाने को उठी।मैं- चल रंडी … इसे चाट के साफ कर! जाती कहाँ है?वो अब आँखें फाड़ कर मेरे लंड को देख रही थी, बोली- तुम तो राक्षस हो। मैं तो तुम्हारे इस घोड़े जैसा लंड का मज़ा लेना चाहती थी मगर तुमने तो मेरे ऊपर थोड़ा भी रहम नहीं किया.

मयूरी पीछे से जाकर अपने माँ को गले लगाती है जैसे बच्चे अपनी माँ में लाड़-प्यार से चिपक जाते हैं. अब तक की सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि मेरी गांड में राजीव अंकल का लंड घुस चुका था और मुझे मजा आने लगा था. इस बात पर वो हँसने लगीं और मेरे करीब आकर बोलीं- इतने साल से तो कुछ कर नहीं पाया.

फ़िर मैंने एक तेज झटका मारा तो मेरा 3 इंच लंड आंटी की चुत में अन्दर चला गया. मैंने मुस्कान से पूछा कि गांड की चुदाई में मजा आ रहा है?तो मुस्कान अपने मुँह से मस्ती भरी आवाज में बोली- ओह्ह यश. मैंने 2-3 बार बोला, तो वो मान गईं और बोलीं- तुमको मुझे एक हफ्ते तक गोल गप्पे खिलाने पड़ेंगे.

मैंने उसके टॉप को उतार दिया और ब्रा भी निकाल कर उसके चुचों को आजाद कर दिया.

उन्होंने मुझसे बैठने को कहा तो मैं वहीं अन्दर पड़ी एक कुर्सी पर बैठ गया. उसके कूल्हे के बगल से जाती वो पेंटी की रबर और उसकी पीठ पर बँधी उसकी ब्रा की पट्टी और उसका हुक मैं साफ़ देख सकता था. उसका फायदा वह उठाने लगा और सीधे मेरी चूत में अपना हाथ रख कर मेरी चूत में अपनी उंगली जल्दी-जल्दी डालने लगा, निकालने लगा और ऐसे जकड़ लिया था कि मैं कुछ कर नहीं सकती थी, और जोर दो-तीन मिनट ऐसे रगड़ा मेरी चूत को कि जो मुझे गुस्सा आ रहा था जिसके कारण मैंने उसके कंधे पर अपने दांतों से काट भी दी थी, वह गुस्सा अब मेरा न जाने कहां गायब होने लगा, मुझे इस खेल में मजा सा आने लगा.

और मुझे पिंकी कहते हैं, तुम?मैंने अपना नाम पीटर, दिल्ली का रहने वाला बताया।तो पिंकी बोली कि वह भी दिल्ली में ही रहती है और किताब मेरे हाथ से छीन ली।पढ़ते पढ़ते ही हम लोग बातचीत में भी मशगूल रहे और परिचय बढ़ा लिया। उसने पूछा कि क्या मैं उसका दोस्त बनना पसंद करुंगा?तो मैंने कहा- कोई बेवकूफ ही इतना अच्छा आफ़र ठुकरा सकेगा. मैंने सिगरेट उठाई तो उसने मेरी सिगरेट ले ली और खुद ही लाइटर से जला कर बड़ी दिलकश अंदाज से कश खींच कर सिगरेट मेरी तरफ बढ़ा दी. उसके शरीर की गर्मी महसूस करते ही मेरे अन्दर वासना हिलोरें भरेने लगी.

परंतु सभी लोग मेरी मम्मी को बहुत अच्छे से जानते थे, मुझे देखकर बोलते थे कि यह तुम्हारी बेटी बड़ी हो गई.

उसकी आंखों में सन्तुष्टि के भाव मैं साफ‌ देख सकता था साथ ही हल्की सी शर्म भी उसकी आंखों में दिखाई‌ दे रही थी. वो नम्बर देने में बहाने बनाने लगी तो मैंने भी बोल दिया- क्या तुम्हें मुझ पर भरोसा नहीं है?तो अंत में उसने भी नंबर दे ही दिया.

एशिया का बीएफ मैं थोड़ा सा होश में आया और मैंने उसे रोकने के कोशिश की, तो वो अब कहां मानने वाली थी. मैं बोला- मैंने क्या किया जी?प्रिया बोली- सब कुछ तो लेकर चले गए और अब यहां मैं अकेले में तड़प रही हूँ.

एशिया का बीएफ और वो मुझे पागलों की तरह चूमने लगी और बोली- मैंने इस रात का बहुत बेसब्री से इंतजार किया है. अब तक वो अपनी बेटी की इस खूबसूरत काया और जवानी का पूरी तरह कायल हो चुका था.

जैसे ही मैंने उनकी गर्दन को चूमा, भाभी की चुदासी सी सिसकारियां निकलने लगीं और वो अपनी चूत उठाकर पटकने लगीं.

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मैंने सूट सलवार पहना हुआ था क्योंकि मैं अपने गांव से आ रही थी और उधर इससे ज्यादा ढंग की ड्रेस नहीं पहनी जाती थी. वो मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में ले चुके थे और मज़े से चूस रहे थे. बात ही खुशी की थी उन्नीस बरस की गांव की कड़क जवान हसीन लौंडिया राजी खुशी अपनी चूत देने को तैयार थी तो कौन खुशी से पागल न हो जाय.

फिर मैं उसके ऊपर आ गया और 10 से 15 मिनट मैंने भी उसकी चूत में लंड डालकर चोदना शुरू किया. इतनी देर में मयूरी हांफ सी गयी, फिर भी वो अपने इस पिता-पुत्री की चुदाई के खेल में रुकना नहीं चाहती. बहुत मस्त माल है, देखो कैसे लेटी है नंगी और ऐसे नंगी कितनी मस्त लग रही है.

मगर शायद वो सब कुछ अलमारी में बंद कर के रखता था या बिस्तर के नीचे ताकि मैं ना देख सकूँ.

डीके को अपनी ओर खींच कर उसने अपने ऊपर पेट के बल लिटा दिया और उसे चूमने लगा. जिन चुचियों को ब्लाउज के ऊपर से देखा करता था, आज वो दोनों कठोर मम्मे मेरी आंखों के सामने चमचमा रहे थे. लेकिन तुम सब कुछ प्यार से करते हो!फिर एक दिन उसने, जब हम चुदाई कर रहे थे, कहा- मेरी एक सहेली है, बेचारी बहुत दुखी है, क्या तुम उसके एक बार चुदाई कर सकते हो?मैंने कहा- चलो … अगर तुम चाहती हो तो मैं बस एक बार करूंगा! लेकिन उस दिन तुम्हारे साथ भी करुंगा!ओके, ठीक है … मैं कहीं भागी नहीं जा रही, मेरे साथ भी कर लेना लेकिन एक बार तो उसको चोद कर उसकी तसल्ली कर देना.

उसके बताये टाइम पर चाची आई और हमें चुदाई करते देखकर बोली- वाह जी, यहां पर तो ये काम किया जा रहा है. तो भाभी मुझसे चिपक गयी और बोली- थोड़ा सब्र करो!फिर हमें बाजार से लौटते हुए काफी रात हो गयी. कॉलेज के लगभग दो महीने पूरे हो गए थे, सब लोग दूसरे को समझने लगे थे.

इसलिए वो शेविंग क्रीम और रेज़र ले कर आया और मेरी चूत की शेव करने के लिए जब मेरी चड्डी नीचे की, तो उसे महकी हुई सेंट की महक मिलने लगी. पिंकी किसी भी तरह का विरोध नहीं कर रही थी बल्कि उसका पूरा साथ दे रही थी.

मयूरी के ऐसा करने से रजत का हाथ मयूरी के गांड पर और भी जोर से पकड़ बना रहा था. मेरा खड़ा लंड देख कर मौसी ने बोला- ये क्या है?यह कहते हुए उन्होंने मेरे लंड को मेरे पजामे के ऊपर से ही पकड़ लिया और उसे धीरे धीरे हिलाने लगीं. वो हंसते हुए अपने पल्लू को गिराते हुए और भी ज्यादा कामुकता दिखाने लगीं और बोली- वैसे सिर्फ़ बातें ही करता है या अब तक कोई शानदार काम भी किया है?इतना कह कर आंटी मेरे खड़े होते लंड की ओर देख कर हंसने लगीं.

शीतल के मुँह से आह निकल गयी पर विक्रम ने इस पर जरा भी ध्यान नहीं दिया, वो अपने काम में लगा रहा अपने होंठ और जबान से अपनी माँ की चूत का रसपान करने में!शीतल के हाथ विक्रम के सर पर थे, उसने उत्तेजना की वजह से विक्रम के सर को अपनी चूत पर जोर से दबा दिया.

प्रिया को ये बहुत अच्छा लगा और वो अपनी गांड को हिलाते हुए बोल रही थी- आह … ऐसे ही और जोर जोर से चाटो … हां हां ऊऊह … ओह्ह …प्रिया अब पूरी तरह से चुदने को तैयार हो चुकी थी. इसलिए थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने बैठ कर चाचा जी का हलब्बी लंड अपने मुँह में फिर से ले लिया और मस्ती से लंड चूसने लगी. और पूजा भी कहती है- तुम जैसी चुदाई मेरी पूरी रिश्तेदारी में कोई नहीं करता! मैंने सभी अपनी सहेलियों और बहनों से यह पूछा है, सब कहती हैं कि उनके पति तो बस 2-4 मिनट में ही झड़कर दूर जाते हैं.

ये सुनते ही मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर उसके टमाटर जैसे गालों को चुम्मी करना, काटना शुरू कर दिया और होंठों पे होंठ रख के फ्रेंच किसिंग शुरू कर दी. ” कहते हुए उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रखकर चूमना शुरू कर दिया।आर यू रेडी टू फ्लाई इन दी एयर बेटा?” उन्होंने मुझे कामुकता से देखते हुए पूछा.

छोरी कम नहीं थी … इतना समझ आ गया मुझे! और अब मुझे कम्मो को चोद पाने की अपार संभावनाएं नजर आने लगीं थीं. यह थी मेरी कहानी रेशमा के साथ!और मुझे नहीं पता था कि उसकी नौकरानी के साथ भी मुझे चुदाई करने का अवसर मिलेगा. मुझे पहले लगा कि मैं घूम के लिपट जाऊं अंकित से और उसको गले लगा कर उससे जमके चोदन करवा लूं.

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फिर उसने मुझे अपने ऊपर लिया और बोली- भितोर ठेलो (मतलब अन्दर डालो)मैंने गौरी की चूत पर लंड का निशाना लगाकर धक्का लगाया तो फिसल गया और साइड में चला गया.

तो भाभी मुझसे चिपक गयी और बोली- थोड़ा सब्र करो!फिर हमें बाजार से लौटते हुए काफी रात हो गयी. मैं उसे उठा कर बाहर रूम में ले आया और उसे और खुद को तौलिये से सुखाया. तब उसने बताया कि वो भी उस साइट पे है और मेरे मित्रों की सूची में भी है, पर उससे केवल एक बार बात हुई थी, जिसमें उसने ये बात कही थी, जो आज मुनीर ने उसके साथ किया.

मैं उनसे लिपटी ही हुई थी, उन्होंने चुदाई की हालत में मुझे और अंकित को देखा तो अंकित घबरा गया, उसने जल्दी से अपना लन्ड मेरी गांड में से निकाला तो भी मुझे बहुत दर्द हुआ. मैंने एक बड़ी लम्बी सांस ली और अपने आधे खड़े लंड से उसका मुँह चोदने लगा. देसी सेक्सी हॉट वीडियोरजनी जी ने कहा- पर किसी ने देख लिया तो?फूफा जी समझ गए कि इनको चुदना तो है.

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को जॉर्डन का प्यार भरा नमस्कार।मेरी कहानी के पिछले भागअनजानी दुनिया में अपने-3में आपने पढ़ा कि मैं दिव्या की मां कामिनी की कामवासना को संतुष्ट कर चुका था और हम दोनों साथ साथ लेटे बातें कर रहे थे. मैंने छेद से देखा कि मनीषा उसी ब्लैक पेंटी पे लगा मेरा माल चाट रही थी.

मैंने नोटिस किया कि मनीषा पहले की तरह मुझसे बात करने में शर्मा नहीं रही थी, वो मुझसे पहले की तरह खुल कर बातें कर रही थी. अब मयूरी अशोक के सामने लेटी हुई थी, अशोक ने उसके स्कर्ट को थोड़ा ऊपर किया जिस से वो उसकी चूत के दर्शन कर पाए. मैंने कहा- मैं उसे दिल से प्यार करता था और शादी के बाद सब करने के सोचा था.

फिर अशोक ने फिर से उसकी गांड और अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया और अपना लंड अपने बेटी की मखमल जैसी गांड पर रखकर सेट करके पूछा- बेटी, तुम तैयार हो?मयूरी- कब से पापा… मैं तो हमेशा से चाहती थी कि आप मेरी गांड उसी तरह मारें जैसे आप मम्मी की मारते हो. मैंने लण्ड को उसकी निक्कर के ऊपर से ही उसकी चूत पर रगड़ा तो वह मुझसे लिपट गई. अब आगे:उसके कुछ दिन बाद सुबह के करीब दस बजे पूर्वी मैडम का फिर से कॉल आया मुझे- हेलो आर्यन!मैं- हाँ … बोलिए मैडम?पूर्वी- आज दोपहर को फ्री हो क्या?मैं- हाँ मैडम, मैं फ्री हूँ आज … बोलिए कहाँ मिलना है?पूर्वी- आज घर पर नहीं मिल सकते, कुछ प्राब्लम हैं मिल कर बताती हूँ.

मैंने अपना लौड़ा जूही की चूत पर रखा और उसकी गांड को पकड़ का नीचे से एक झटका मारा और पूरा लौड़ा जूही की चुत में पेल दिया।मैंने जूही की गांड पकड़ लिया और दोनों हाथों से ऊपर नीचे करने लगा, उसकी बड़ी गांड जब मेरे लौड़े पर ऊपर नीचे हो रही थी, ये देख कर चोदने का मजा बढ़ता जा रहा था.

इसके बाद मैंने पूछा कि अब भी आपको लगता है कि आपमें और हम में कोई भेद है?वो बोलीं- आपके व्यवहार ने तो मेरे दिल को ही जीत लिया है और मुझे कुछ भी कहने के लिए नहीं छोड़ा. मैं अब उसके ऊपर लेट गया और फिर से उसके होंठ चूसने लगा; वो मेरी पीठ बेसब्री से जल्दी जल्दी सहलाने लगी फिर वो अपने हाथ नीचे की तरफ ऐ गयी और अपनी सलवार उसने खुद और नीचे सरका दी.

पर मैं जानती थी कि वो ज्यादा देर शांत नहीं रुकेगी, जब तक उसके सामने मर्द गिर ना जाए. वो तो खुद ही मुझे बोल कर मुझसे कह गए थे कि तुम हमेशा के लिए भूल जाना कि कभी मैंने तुम्हें चोदा था, इसी में तुम्हारी और मेरी भलाई है. नमस्कार पाठको, मैं राजदीपक आप के साथ अपनी फर्स्ट सेक्स स्टोरी शेयर कर रहा हूँ.

कुछ ही मिनट में मयूरी की चूत से ढेर सारा पानी निकल गया जिसको अशोक ने चाट-चाट कर साफ कर दिया. उनके घर पहुँचते ही उन्होंने मुख्य द्वार बंद कर दिया और बोलीं- आज जैसी चाहो, होली मना सकते हो. मैंने भी उनका भरपूर सहयोग किया, मैं भूल गया था कि मैं एक छोटे से कस्बे से निकलकर भोपाल पढ़ने आया हूँ.

एशिया का बीएफ इसलिए मैं भी तुमको पूरा नंगा देखूंगी… फिर मुझे बराबर लगेगा… तुम समझ रहे हो न?रजत घबरा भी रहा था और शर्मा भी रहा था. मयूरी- वो कुछ दिनों से मुझे सेक्स करने का बहुत ज्यादा मन होता है…माँ बेटी लेस्बियन सेक्स की कहानी जारी रहेगी.

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मैंने पायल की कमर को पकड़ लिया और दबाव बनाया तो चुत का छेद धीरे धीरे फैलने लगा, पर अब भी उतना नहीं फ़ैल सका था कि लंड का टोपा घुस सके. बैठते हुए उसने अपनी नाइटी को नीचे से उठाकर अपनी जाँघों तक ऊपर कर दिया जिससे उसकी दोनों गोरी-गोरी मांसल टाँगें नंगी हो गयी. तभी फूफा जी ने उनकी चुत पर हाथ से सहलाना शुरू कर दिया और उनकी नाइटी को ऊपर कर दिया.

जब मनीषा हल्की शांत सी हो गई तो मैंने फिर से उसकी नाइटी को हल्का सा ऊपर उठाना चालू किया. और मेरे हस्बैंड भी बिजनेस के सिलसिले में किसी फॉरेन टूर पर गए हुए हैं. राजस्थानी चुदाई राजस्थानी चुदाईकुछ देर तक प्रिया वैसे ही पड़ी रही और फिर धीरे से उसने करवट बदल कर अपना मुँह मेरी तरफ कर लिया.

लेकिन दूसरी ओर उसके अनछुए यौवन का भोगने की लालसा भी मुझे उकसा रही थी.

मेरा स्कूल एक ग्रामीण क्षेत्र में है, इसलिये इस प्रकार की कोई बात होने पर अभिभावक अपनी लड़कियों को स्कूल से निकाल लेते थे. अब हम तीनों फिल्म देखने आ गए, वो रीना के कंधे पे हाथ डालकर बैठा था और जब थोड़ा अंधेरा हो जाता तो वो उसके मम्मों को दबा देता था.

मैंने अपने लंड के सुपारे को उसकी चूत की दोनों फांकों के बीच में लगाकर पहले तो धीरे धीरे घिसकर उसकी चुत को सहलाया और फिर धीरे से सुपारे को उसके प्रवेशद्वार पर लगा दिया. कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं कम्मो को धर्मशाला के कमरे में ले आया था. फिर मैंने उनका पज़ामा भी खोल दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में थीं.

उसी रात को दीपक अपना सामान लेकर मेरे घर पर आ गया और बोला- अब यहाँ से तो मैं निकलने वाला हूँ नहीं.

कुछ देर बाद बाद वो भी मुझे देख रहे थी, पर उसके साथ एकहम उम्र औरत और थी वो उन दोनों लड़कियों के साथ बातचीत में व्यस्त थी. आज यह रात मेरे लिये जन्नत कर दो भाई। मैं थोड़ा फ्रेश होकर आती हूँ। बिलकुल भर गयी है पानी से।” उसने उठते हुए कहा।बाथरूम कमरे से निकल के था. भाभी ने बताया कि वह हमारी सारी सेक्सी मैगजीन देखती रहती है, उसके पास एक पतला सा प्लास्टिक का चाइनीज़ डिल्डो भी है, जिसे वह यूज़ करती है.

सेक्सी वीडियो गांव की चुदाईमेरी चूत एकदम साफ़ थी क्योंकि मैंने आज ही अपने चूत को बाथरूम में जाकर साफ़ किया था. पर अब पेटीकोट खराब होने का डर था तो मैंने साड़ी के साथ पेटीकोट ऊपर कमर तक उठा दिया, पर जैसे ही ठंडी हवा लगी.

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मैंने कुछ लड़कों की भी गांड मारी और चालीस साल की औरत जो रंडियां हैं, उनकी भी गांड मारी. इधर मेरे बदन में खून की रफ़्तार तेज हो गयी मेरी कनपटियां तपने लगीं और लंड धीरे धीरे अकड़ने लगा. स्नेहा ने गति बढ़ा दी क्योंकि वो आनन्द की चरम सीमा पर पहुंचने वाली थी और अब सब उसके कण्ट्रोल में था.

यह बात आज से लगभग 5 महीने पहले की है, जब मैं अपना एक एग्जाम निपटा के कुछ दिन के लिए अपने गाँव आया था. कुछ मिनट बाद ही मैंने उसके सर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और जोर जोर से उसके मुँह की चुदाई करने लगा. चाची झट से चाचा का मोटा काला लंड पकड़ कर मसलते हुए चूमते बोले जा रही थीं- हे भगवान क्या लंड दिया है मेरे पति को आह… कितना मस्त लंड है.

मेरा भाई अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोद रहा था और मैं इस बात से खुश थी कि अब तो मुझे घर में ही लंड मिल जाया करेगा चुदवाने के लिए!मैं अपने भाई को अपने ऊपर लेकर उससे चुदवा रही थी. भाभी बोलीं- क्या देख रहे हो?मैंने कहा- भाभी ये इतनी खूबसूरत होती है… तभी तो सारी दुनिया के मर्द इसके पीछे पड़े रहते हैं. क्या बताऊं यारो … वो इतनी प्यारी लग रही थी कि मन मचल रहा था कि बिना इन्तजार किये बस अभी ही लंड डाल दूँ इसकी चूत में … लेकिन मैंने अपने पर काबू किया.

मैंने पहले तो अपनी उंगली को प्रेमद्वार पर गोल‌ गोल घुमाया और फिर उंगली को प्रेमद्वार पर रख कर हल्का सा दबा दिया, जिससे मेरी उंगली का लगभग आधा पौरा उसमें धंस गया और प्रिया के मुँह से एक जोर की सिसकारी निकल गयी- उइइईईई … इश्श्श्श्श … अह … ओह … उय्य्य्य …उसने मेरे हाथ को जोर से अपनी चुत पर दबा लिया और फिर से अपनी कमर को ऊपर हवा में उठा लिया. मेरा लौड़ा चड्डी में टाइट होने लग गया था और थोड़ा थोड़ा गीला भी होने लगा था.

उसने अपनी चड्डी भी उतार दी और बोला- ये लो दीदी… हो गया मैं भी एकदम नंगा… अब तुम्हें अच्छा लग रहा है?मयूरी- हाँ… बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है… और तुम्हें?ऐसा कहते हुए मयूरी रजत के एकदम करीब आ गयी और उसके लंड को गौर से देखने लगी.

कुछ देर बाद मौसी नाश्ता ले कर आईं और मेरे बाजू में बैठ कर बातें करने लगीं कि मेरी पढ़ाई कैसी चल रही है. ट्रिपल एक्स मराठी सेक्सीतो इतना ही मजा आया था?मुस्कान थोड़ा चुप हो कर बोली- नहीं यार उसको बस मेरी चूत में लंड डाल कर जल्दी जल्दी किया और कुछ ही पलों में वो शांत हो गया था. सेक्सी पोर्न वीडियो दिखाइएहम दोनों सोफे पर बैठे और चाची पानी लेकर आईं, हम दोनों ने पानी पिया और उनकी तरफ देखने लगे. बारिश इतनी तेज होने लगी थी कि सभी जगह पानी भर गया था और मुझे लगने लगा कि इतने तेज बारिश में पायल अब नहीं आएगी.

मैं इतना परेशान हो गया कि त्यागपत्र दे दिया जो कि मेरी परेशान हो चुकी जिन्दगी का सबसे बड़ा उदाहरण हुआ.

अभी मैं ये सब सोच ही रहा था कि भाभी ने अपने पैर से पीछे से मुझे टच किया और अपने ऊपर आने का इशारा किया. ”जी!” पूजा ने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा।मैंने चलने को कहा तो और जैसे ही दरवाजे की तरफ चला तो पूजा की मीठी सी आवाज कानों में पड़ी- प्लीज आप थक गए होंगे … चाय पी कर जाइये. किसी पुरुष से शारीरिक संबंध के बाद उसका प्रेम और अपनत्व अत्यंत प्रगाढ़ हो जाता है.

जितना कामोत्तेजक प्रिया का रस्खलन हुआ था, उसे देखकर लग रहा था कि वो कम से कम अगले तीन चार मिनट तक होश में नहीं आयेगी. देखा कि हमारा नाती (बड़े भाई साहब की लड़की का बेटा) जो कि दो साल का है, खड़ा था. फिर वो पूछने लगे कि मुझे उन टीचर की याद आती है?तो मैंने कह दिया- हां, कभी कभी आती है.

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चाची की झांटें बुरी तरह भीग चुकी थीं, जिसे देख कर मैं और पगला गया था. यह तो वही जाने लेकिन नितम्ब से नीचे उसकी गोल पुष्ट टांगे जांघों से ही नंगी थीं और ऊपर कंधे, बांहों के साथ सीना भी इस हद तक तो खुला था कि उसकी क्लीवेज दिख रही थी।चलो शुरू करो. मैंने आज का प्लान पूछा तो उसने बताया- आज हम एक बजे के करीब मोहाली जाएंगे.

वो पीछे से आए और अपने लंड को पूरा अन्दर तक मेरे मुँह में घुसेड़ दिया.

फिर वो हल्की नाराज़गी सा मुँह बना के मुस्कुराने लगी, मैं समझ चुका था कि बात बन चुकी है.

भाभी मेरे ऊपर टांग रख कर लेटी हुई थीं और अपने हाथों से मेरे लंड को सहला रही थीं. मैं बिना वक्त गंवाए, उनकी पेंटी पर अपना लंड रगड़ने लगा और फिर मुठ मार के बाहर निकल आया. हिंदी में सेक्सी ब्लू फिल्ममैंने मुस्कान की टांगों की तरफ आते हुए अपना मुँह उसकी चुत पर टिका दिया.

क्योंकि मैं लड़की को पूरा गर्म करके बेकाबू करके अपने काबू में लेता हूँ. उसने मेरा पूरा पानी किसी रंडी की तरह पी लिया और लंड को चूसचूस के साफ करने लगा. मेरी उम्र 20 साल की है, औसत दुबला सा शरीर है और मैं बाइसेक्सुअल हूँ.

बाहर से उसको शीतल (उसकी माँ) की रजत से बातचीत की आवाज़ आ रही थी तो वो समझ गयी कि माँ आ गयी है. इस धमाकेदार चुदाई में वो भी कसकस के नीचे से अपनी गदरायी गांड को उठा उठाकर चुदवा रही थीं.

एक दो बार मैंने उनकी तरफ देखा तो मुझे उनकी आँखों में मेरे लिए वासना दिखी.

फिर मयूरी ने बातचीत शुरू की- पापा…अशोक- हाँ बेटा?मयूरी- आपको अफ़सोस है ना कि मैं आपको मेरी कुंवारी चूत के साथ नहीं मिली… और आप मेरी चूत का सील नहीं तोड़ पाए?अशोक- ऐसी बात नहीं है… पर हाँ, अगर ऐसा होता तो मुझे और मजा आता. अशोक- क्या बक रही हो?मयूरी- क्यूँ? आप अपनी बेटी को चोद सकते हो तो वो अपने बेटों से नहीं चुदवा सकती?अशोक- म… मतलब वो कैसे?मयूरी- माँ ने तो एक बार मेरे साथ भी सेक्स किया था… लेस्बियन…अशोक- मतलब त… तुम माँ-बेटी?मयूरी- हाँ पापा…और फिर मयूरी ने अपनी माँ और अपने बीच हुई चुदाई से लेकर उनके दोनों बेटों से चुदाई की पूरी दास्ताँ सुना दी. उसके चूची दबाने से और किस करने से मुझे भी सेक्स चढ़ गया और मैं भी अपनी दीदी के देवर को किस करने लगी.

गूगल पोर्न वीडियो लेकिन शायद उनका मूड ऑफ हो गया था और वो टॉप पजामा पहनकर सोने चली गयी।तभी मेरे दिमाग़ में एक आईडिया आया और मैंने अपना लेपटॉप उठाया और प्रीति के पास जाकर बैठ गयी। प्रीति से मैंने सॉरी कहा तो उन्होंने कहा- कोई बात नहीं!अब मैंने उनसे पूछा- आप कौन सी साईट देख रही थी?लेकिन वो कुछ नहीं बोली।तो मैंने कहा- प्लीज बताइए ना. वहां एक बड़े से हाल में, जिसे शायद दीवाने आम या दीवाने ख़ास कहते होंगे, एक बड़ा से तख़्त जिस पर पीतल की नक्काशी थी उसे देख कर कम्मो उसी पर जा बैठी.

इसलिए मैंने सिर्फ अपना लंड उसकी प्यारी सी चूत पर एक बार घुमाया और लंड की नोक से उसके दाने को सहला दिया. चाची झट से चाचा का मोटा काला लंड पकड़ कर मसलते हुए चूमते बोले जा रही थीं- हे भगवान क्या लंड दिया है मेरे पति को आह… कितना मस्त लंड है. तभी रशीद बोला- पायल जी, पूरे शहर में पानी भर गया है, शहर की बिजली भी चली गयी है, अब आप घर कैसी जाओगी?मैं बोला- पायल डोंट वरी … कुछ प्रॉब्लेम हो, तो यहीं रुक जा.

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अंकित नहीं हटा और मेरी सू-सू छूट गई, अंकित बिल्कुल मुंह नहीं हटाया मेरी चूत से और पूरी मेरी सू-सू गटक गया. हम दोनों ने दूसरी बार भी जमकर चुदाई की, वो पीछे से मेरी चूत में लंड डाल कर धक्के मार रहा था और मैं आगे से पीछे को अपने चूतड़ धकेल कर अपनी चुदाई करवा कर मजा ले रही थी. वो अपने दोनों हाथों से और बहुत मस्त तरीके से मेरे मम्मों को दबाने लगा.

तभी किसी ने पीछे से बोला- एवर हैड दैट इन रियल? (कभी सच में भी कुछ किया है?)मतलब तो आप सब समझ ही गए होंगे. ऐसा लगता था कि वो पहले ही एक बार झड़ चुका था, इसलिए उसको दोबारा झड़ने में समय लगेगा.

मैं चिल्लाने को हुई तो उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रखा और बोले- रानी पहली बार चुद रही हो क्या.

वो सोच रहा था कि कहीं ऐसे तो नहीं कि मयूरी को अपनी सुबह की घटना पर पछतावा हो रहा हो और वो अब आगे ऐसा कुछ नहीं करने देगी. उसकी गोरी गोरी जांघों पे मैंने हाथ फेरना शुरू कर दिया और उसके पेट पर चूमने लगा. अब तक हम बस झूलने के बारे में सोच रहे थे, पर अचानक मेरी नजर हमारे पीछे खड़ी एक औरत पर गयी.

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एशिया का बीएफ: मैंने हल्के से अपने रूम का डोर खोला और दबे पांव मनीषा के रूम में चला गया. अब परिवार में भाई-बहन, पति-पत्नी, पिता-पुत्र, पिता-पुत्री, बहु-ससुर सबके बीच का सम्बन्ध बिल्कुल बदल चुका था.

उसे पता नहीं क्यों, मेरे जाने की बात से बुरा सा लगा और वो फिर उदास सी हो गई. उनके एकदम पास जाकर उनकी चोटी को अपने एक हाथ से पकड़कर उनके होंठों पर अपने होंठों को रखकर किस करने लगा और दूसरे हाथ से उनके शरीर को सहलाने लगा. तुम चुपचाप उसके लैटर मुझे दे दो वरना मुझे तुम्हारे पिता जी को स्कूल में बुलाना पड़ेगा और हो सकता है तुम्हारा नाम भी काटना पड़े.

मेरा कोई विरोध ना होने के कारण उसने अपने हाथ से मेरी गांड को सहला दिया.

चूंकि चुदास भी जोर मार रही थी सो कमरे के अन्दर आते ही वो मेरे से चिपक गई और मेरे गालों पे किस करने लगी. दोनों एक साथ झड़ गए, चाचा का समूचा वीर्य चाची की चूत के अन्दर ही पिचकारी छोड़ते हुए निकल गया. पर थोड़ा टोपा अन्दर जाते ही पायल जग गई और उसके मुँह से हल्की सी चीख निकल गई.