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तभी सिराज आया और अपने हाथ आग पे सकते हुए उसने पूछा- क्यों मैडम, हो गयी दिल की मुराद पूरी या अभी भी बाकी है?मैंने बोतल मुँह से लगाई, लंबा सा घूंट भरा और कहा- अगर सिराज में दम है तो मैं तो अभी भी तैयार हूँ!सिराज ने अचम्भे से मेरी तरफ देखा और अपने हाथ जोड़ते हुए कहा- मेरी माँ, बस कर अब, साली पांच पांच को निचोड़ गयी और अभी भी ठरकी बनती है.

मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था, कुछ देर तक इसी तरह उसकी चूचियों को लंड से चोदता रहा.

मैंने उसकी चूत का हर हिस्सा अच्छे से चूसा था। कुछ देर में उसका चिकना पानी मेरे मुँह में भर गया और मैं भी उसे पूरा चाट गया।चूत के दाने पर ही मैं बहुत देर तक डटा रहा था।मेरा औसत से बड़ा लण्ड देखकर उसने कहा- प्लीज इसे अन्दर मत डालना। मुझे अभी अपना कौमार्य भंग नहीं करवाना है।मैंने भी उसे प्रॉमिस किया- जब तक तुम खुद नहीं चाहोगी. जब वो शांत हो गईं, तब मैंने फिर से घोड़ी बनाते हुए एक और झटका मारा. पापा जी, जो बात इस सीने में है वो लंड में कहां!” वो मेरे बायें निप्पल को मसलते हुए बोली.

वो हद से ज्यादा पगला उठी और उसके मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं ‘आअहह हुउऊ. अब बारी थी कुछ और करने की तो हम 69 हुए और एक दूसरे को फिर से एग्ज़ाइट करने लगे. इस दौरान मुझे मालूम हो गया था कि मेरी बुआ की बेटी, मेरी बहन अंजलि बहुत बड़ी चुदक्कड़ थी, वो मेरे लंड पर बैठ कर ऐसे कूदती थी जैसे घुड़सवारी कर रही हो!इतनी बड़ी चुदक्कड़ होने के बावजूद कुतिया ने मेरा लंड नहीं चूसा मेरे बार बार जोर देने के बावजूद भी लेकिन साली अपनी चूत बड़ा मजा ले ले के चटवाती थी.

मैंने अपनी बीच की उंगली पर उसकी चूत का पानी लगाया और धीरे से उंगली अन्दर खिसका दी.

”अब तो मेरी कामोत्तेजना शिखर पर थी और मैं मम्मी को उनके नाम से गालियां दे रही थी. मम्मी फूफा के लंड को सहलाते हुए बोलीं- लगता है आज मेरी चूत फट जाएगी. फसल नहीं आई?तो भाभी समझ गईं और हंस कर बोलीं- भैया तो आते हैं, खाना खाते हैं.

थोड़ी देर बाद महेश ने मुझे सीधा किया और मेरे पैरों को मोड़ कर बीच में बैठ गया. इतना कह कर मैंने अपने होंठ भाभी के गुलाबी होंठों पर रख दिए और उन्हें पागलों की तरह चूमने लगा. मैंने देखा कि टेबल पर शानदार खाना रखा है, जिसमें पूरी, सब्जी और काफ़ी पकवान व खीर… जो मेरी सबसे पसंद की चीज़ है.

वो मानने को राजी नहीं था।अंततः मेरे लौड़े ने मधु की गाण्ड में अपनी नोक लगा दी। जिदगी में पहली बार मेरे लौड़े ने इतना सुख पाया था। मुझे मधु बहुत हसीन लग रही थी।हम दोनों कुछ देर यूं ही पानी में खेलते रहे और जब वापस किनारे पर आये तो मधु उतर कर चलने को हुई। लेकिन मेरा लौड़ा अब भी तन्नाया हुआ था.

”ब्रायन ने अब मम्मी को बेड पर कुतिया बना दिया और उनकी टांगों को फैला कर चूत को खोल दिया. वह बोली- क्या देख रहे हो?मेरे मुंह से निकल पड़ा- एकदम पटाखा माल देख रहा हूँ!वह बोली- अच्छा!मैं- हां जी, क्या माल लग रही हो! क्या किया इतने दिन में!वह- कुछ खास नहीं!फिर मैंने उसे डांटना शुरू कर दिया- कितने टाइम से रुक कर इन्तजार कर रहा हूँ.

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उसने मुँह बनाया तो मैंने उससे कह दिया कि मैंने सिर्फ़ 2 पैग लगाए हैं. मैं फिर हर एक बन्दे के गले लगी, जिसका मन किया, उसने एक बार फिर मेरे होंठ चूसे।आखिर में मैं सिराज के पास गयी, मुझे एक लंबा सा किस करने के बाद उसने पूछा- फिर मिलोगी कभी?मैंने पलट कर जवाब दिया- सच कहूं तो नहीं”. फिर थोड़ी देर बाद मैंने उन्हें अपने ऊपर ले लिया और मैं नीचे लेट गया.

मेरे लंड का साइज ठीक ठाक है, मैं झूठ नहीं बोलना चाहता कि मेरे लंड का साइज बहुत बड़ा है.

फिर उसने खुद ही बोला कि सिर्फ मुझे नंगा करोगे, अपना कुछ नहीं दिखाओगे?उसके इतना कहते ही मैंने भी अपनी टी-शर्ट खोल दी और उसकी लैगीज को उसके पैरों से निकाल दिया. फिर उसने कुछ कहा तो मुझे कुछ समझ नहीं आया, मैंने उसे कहा- क्या?और उसने कहा- आपको नहीं!अरे माफ़ करना दोस्तो, मैंने उसका तो नाम ही नहीं बताया, उसका नाम उसने पूनम बताया था मुझे बाद में!उसकी उम्र भी मेरे जितनी ही थी, 19 साल और वो पुणे अपने भाई से मिलने जा रही थी. एक दिन शायद फरवरी का आखिरी सप्ताह था, मैंने उसे अपने रूम में आने को कहा तो वो आने को मान गई.

इतने देर में बॉस ने मुझे टेबल पर झुका दिया और पीछे बैठ कर मेरी गांड का छेद चाटना शुरू कर दिया. आह्ह्ह अह्ह मर गईई!” मैंने कहा- जल्दी अपना काम कर लो, कोई आ जायेगा. धीरे से मैंने धीरे से भाभी की जाँघों को सहलाते हुए पैंटी के अन्दर हाथ डाल दिया.

क्या मिल कर खुश नहीं हो?मैं- नहीं ऐसी बात नहीं है, मैं तो ऐसे ही रहती हूँ और मेरे पास कोई इतनी अच्छी ड्रेस भी नहीं थी, तो सोचा कि यही पहन लूँ. भाभी की पैंटी के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत की फाँकों को सहलाते हुए अपने दो उंगलियों को उसकी चूत के अन्दर घुसा दिया.

फिर मैंने उन्हें बता दिया कि मेरा मेरी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया है. दो महीनों के बाद छाया ने मुझे फोन करके बताया- बधाई हो, आप पापा बनने वाले हो. मैंने जैसे ही उसका पजामा उतारा, उसकी मक्खन सी जांघें मेरे हाथों को टच हुईं.

मगर एक दिल तो ये भी कह रहा था- पांच जने चोदने वाले है तो जिंदगी बन गयी यार! अपने आप मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगी.

मैं भी घर से पूरा रेडी होकर निकल गया और होटल पहुंच कर रूम नंबर 5 का दरवाज़ा खटखटाया. बीस मिनट तक कमरे के कुछ चक्कर लगाने के बाद दीदी उतर गईं और उन तीनों को रिहा किया. अंकित ऊपर की ओर उठा और माया का एक चुच्चा अपने मुँह में भर के चूसने लगा.

कुछ देर में पदमा ने नशे में हो गई और शराब के पैग को थोड़ा थोड़ा जूठा करके उनको वापस पिला दिया. अब बॉस का एक हाथ मेरे पीछे मेरे गांड को सहला रहा था और बॉस का दूसरा हाथ मेरी नंगी चूत सहला रहा था.

मुझे समझ नहीं आया रवि?वो- चाची जी मैंने फिल्म में देखा था कि लड़की के दो छेद होते हैं।मैंने उससे कहा- चाचा मेरे आगे वाले में डालेंगे. वो मनहूस मेरी सहेली अलका जिसने मुझे बिगाड़ा था… उसकी चूत में कीड़े पड़ें साली के… मुझे ऐसी घिनौनी लत लगा गई थी कि मैं चाह कर भी सुधर नहीं सकती थी. मम्मी ने पूछा- क्या हुआ? तबियत नहीं सही है क्या?तो मैंने बोला- नहीं, वो सपना देख रहा था तो डर गया!माँ बोली- कोई बात नहीं, खाना खाकर मेरे पास ही सो जाना यदि डर लग रहा हो तो!मैं बोला- नहीं माँ, अब ठीक है!और खाना खाने लगा.

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मैंने भी दीदी को किस करना शुरू कर दिया और उनके मम्मों और गले पर किस करने लगा.

मैं जब भी छुट्टियों में घर आता, पायल भाभी हमारे घर ज़रूर आतीं और मुझसे मेरी कॉलेज और पढ़ाई के बारे में पूछतीं. रज़ाई एक ही थी काफ़ी बड़ी थी। रात को सोने से पहले मैंने सबको फोन करके बता दिया कि हम दोनों होटल में रुके हैं. क्या मेरा लंड तुम्हारी चूत की गहराई में छिपी ज़न्नत का मजा पा पाएगा या नहीं.

उसके मुँह से ये सुनकर अजीब सा लगने लगा कि इतने दिनों में उसने अपने दुखों का कभी जिक्र ही नहीं किया था. मैं फ्रेश होने लगी और तभी अवी ने एसएमएस किया कि खाना मत बनाना और जल्दी से तैयार हो जाओ, मैं अभी थोड़ी देर में आ रहा हूँ ओके मेरी जान!मैंने भी कह दिया- ठीक है आओ मैं तैयार ही होने जा रही हूँ. सबसे खतरनाक भूतउस रात भैया घर में नहीं थे, वो अधिकतर रात में काम से बाहर ही रहते थे.

उसने अन्दर एक रूम दिखाते हुए कहा कि ये मेरा रूम है, जाओ और तैयार हो जाओ. पिंकी अपनी स्कर्ट आधी खोल के झुक गई और बोली- उसके आने से पहले एक बार मुझे जल्दी से चोद दो.

लगभग 5 मिनट के किस के बाद मैंने देखा कि मोना मुझे खाने की नजर से देख रही है. बियर ख़त्म होते ही सिराज ने बोतल फेंक दी और बिना किसी वार्निंग मेरे दोनों पैरों के बीच आकर अपना मूसल मेरी चुत में जड़ तक घुसा दिया। और अगले ही पल वो तेज रफ़्तार रेल के माफ़िक़ मेरे अंदर बाहर होने लगा. मैंने भी नीचे से कमर उछाल कर चूत चोदना चालू कर दिया।अब तक मैं चुदाई के साथ ही छोटी का पूरा जिस्म सहला रहा था लेकिन अब मेरे हाथ उसके कमर पर आकर रुक गये और उन्हें कस कर जकड़ लिया और नीचे से ही चुदाई की गति बढ़ा दी।प्रेरणा ने छोटी को इसी मुद्रा में पीछे की ओर झुका दिया जिससे छोटी की चूत में तेजी से आगे पीछे होता मेरा लंड साफ नजर आने लगा.

मुझको पता था कि इसके लिए पहले मुझको उसकी चूत को पानी निकाल कर चिकना करना था सो मैं उसके उसके बगल में लेटा और उसके शरीर को सहलाने लगा. इस दौरान ओमार ने अपनी पोजीशन चेंज कर ली, और वो नताशा की चूत मारने लगा, और जमैका ने अपना चमचमाता हुआ लंड मेरी भार्या के मुंह में डाल दिया. इधर रमेश एक हाथ से काजल की चूत पर हमला किया जा रहा था और दूसरे हाथ से उसने उसकी एक चुची को संभाल रखा था.

मैंने काफी जगह अपने रेज़्यूमे दिए थे, जिस वजह से मुझे कुछ दिन बाद एक मधुरा नाम की लड़की ने फोन किया.

अब मैंने उन्हें उठाया और खड़ा करके उसके पैर को मेरी कमर से लगा कर मेरे लंड को उनकी चूत में दे मारा. उस दिन मैंने ब्रा पहनी तो बहुत टाइट हो गई थी, तो जो अमित ने ही दूसरी ड्रेस दी थी, मैंने उसी को पहन लिया.

लेकिन वो अपनी ज़िद पर अड़ा रहा।वो- तो दीदी, अपनी गाण्ड मरवा लो प्लीज़।मैं- नहीं. मैं ऐसे ही नीचे बैठे और उसके बूब्स को दबाने लगा। फिर मैंने उसे लिटा दया और बोला- मैं तुम्हारी चूत को टेस्ट करना चाहता हूँ. वे बिना कुछ बोले मेरे बेड रूम में लेट गए।अपना सारा काम निपटा कर मैं कुछ देर बाद उनके साथ बेड पर ही बैठ गयी।‌‌तभी मेरे समधी जी ने मुझे पकड़ कर लिया और अपने साथ बिस्तर पर लिटा दिया, अपने होंठों से मेरे नर्म होंठों को चूसने लगे, मैं भी उनका साथ दे रही थी।उन्होंने मेरे पल्लू को हटा दिया और मेरी बड़ी चुचियों को पिंक ब्लाऊज के ऊपर से पकड़ कर दबाने लगे.

उन्होंने गांड फाड़ कर रख दी, मेरा मुँह बंद कर लिया था इसलिये चिल्ला नहीं पाया था. इससे उनको हल्की सी गुदगुदी हो रही थी, लेकिन लगता था कि उन्हें मजा आ रहा है. हमने जल्द से जल्द अपना घर आफिस सब बेच दिया और सब कुछ लेकर दुबई आ गए.

थ्री एक्स बीएफ एचडी मैंने अंजलि को कोई दो ढाई साल बाद देखा था, इन दो ढाई सालों में वो एकदम बदल गई थी, उसकी जवानी खिल कर निखर गई थी. मैं चुपचाप अपने कमरे में आ गया और खुश होने लगा कि अब काम बन जाएगा क्योंकि चाची भी चुदाई की प्यासी हैं.

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ऐसा नहीं कि यह परिवार शुरू से इस हालत में था, यह खाता पीता परिवार था, मंजरी के नाना की हरियाणा के एक गाँव में जमीन थी और वे गाँव के जाने माने वैद्य थे तो अच्छी खासी आय हो जाती थी. मैंने जब उसे देखा तो वो मुस्करा कर शरमाने लगी और बोली- सीधे रहिए ना. मटका वीडियोशायद वो भी मेरी बहन की तरह सब छोटी छोटी बात पर बखेड़ा करती होंगी, बात बात पर गांड जलाती होंगी इसलिए इनके जिस्म में भी मांस की कमी थी.

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मेरे पास करण के फ़्लैट की चाबी थी तो मैं उसका मेन डोर खोल कर अंदर आ गई थी और उन दोनों को पता भी नहीं चला था.

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कंडोम यूज़राहुल मोना की चुत के सामने बैठ गया और उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया. कुछ देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और सीधा उसकी चूत में आराम आराम से डालने लगा.

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सुबह मैं जब अस्पताल के लिए जाने लगा, तो भाभी के हस्बैंड का कॉल मेरे पापा के पास आया और भाभी को दिखवाने के लिए कहा कि आप जैस को बोलो कि वो ज़ायरा को दिखवा दे. उन्होंने अपने पैरों को मेरे कमर पर लपेट लिया और अपने बदन को ऐंठने लगीं और झटके खाने लगीं. पुलकित के आने से आज नानी अपने आप ही ड्राइंग रूम में बिछे दीवान पर सो गई.

दीदी मेरी बात समझ गई कि मैं क्या बोल रहा हूँ, मेरा मतलब था कि मैं दीदी की मर्ज़ी के बिना उनकी चूत में लंड नहीं डालूँगा. प्रिय दोस्तो, मेरा एक गे दोस्त था शाकिर, गोरा माशूक था, पर बहुत चालाक एकदम कमीना था. फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपने रूम में जाकर पहली बार भाभी को याद करके मुठ मारी.

शुरू शुरू में जोश तो रहता ही है, उसकी नई नई शादी थी और उसने हर तरीके से सेक्स एन्जॉय किया था. मैं कस कस के झटके दिए जा रहा था और वो उतनी ज़ोर से चिल्ला रही थीं- आह… आईईईई… ज़ोर से… और तेज… आह… करते रहो… आह…मुझे भी जोश चढ़ गया और मैंने तुरंत भाभी को दीवार से हटकर बेड पर आधा लेटा दिया. उसने बोला- क्या मेरी साथ दुकान में जाने में शर्म आती है?मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं.

मैंने अपनी जेब से कॉंडम निकाला तो मेरी गर्लफ्रेंड ने मेरे लंड पर कॉंडम चढ़ाया. उसने अपना एक हाथ पैन्ट पर रखा था।मैंने झट से अपने ऊपर तौलिया ले लिया.

उनकी गर्दन के नीचे सहलाते हुए मैंने अपना हाथ थोड़ा नीचे की तरफ बढ़ाने लगा तो उनका पेटीकोट मेरे हाथ से थोड़ा नीचे की ओर खिसकने लगा और उनकी चुचियां धीरे धीरे नंगी होने लगीं.

मैंने भी उनका सारा पानी भी लिया और बची-खुची बूंदें अपनी जीभ से चाट कर साफ कर दीं. लड़की ब्लू फिल्मअब हम इसी तरह से हर 3-4 दिन पर बाहर मिलने लगे और टाइम स्पेंड करने लगे. साउथ अफ्रीका ब्लू फिल्मभाभी ने झूठ मूठ का नाटक करते हुए कहा- यह क्या कर रहा है?भाभी ने मुझे धक्का दिया और खुद बेड से खड़ी होकर कोने में चली गई- हरामी बताती हूँ तेरी माँ को रुक. मैं- क्या बोलती हो दीदी? इसको चूसना है या फिर मैं जाऊँ यहाँ से?दीदी ने एक बार मुझे देखा और फिर एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और फिर मेरी तरफ देखने लगी.

पुलकित ने पहले मंजरी को बेड पे बिठाया, उसके पाँव नीचे ही लटक रहे थे, फिर उसने मंजरी को लेटा दिया.

मैंने अपना चेहरा साफ किया और कमल के पास आ गई, उसने मुझे गले लगा लिया और मेरे कान को अपने दांतों से चुभलाते हुए बोला- सरिता आई लव यू. उधर दीपक भैया उसकी टांगों को चौड़ी करके चुत और गांड में मुँह डाल कर चूसते रहे. आह सच में क्या रसीली गद्देदार फांकें थीं, जैसे मुझे चूसने के लिए बुला रही हों.

मन कर रहा था कि अभी बहू के लबों को चूम लूं मैं… लेकिन मैंने सब्र किया… मन में मैंने सोचा कि अभी कुछ देर मैं इन लबों को चूम लेने की लालसा को मन ले लिए तड़पता रहूँगा, इस तड़प में मुझे और ज्यादा आनन्द मिलेगा. चाचा शादीशुदा थे लेकिन मैं उनको पसंद करने लगी थी क्योंकि वो मेरी बहुत देखभाल करते थे और कभी कभी वो मुझे अपने पैसों से मेरी जरूरत की चीजें मुझे लाकर देते थे. मैंने पूछा- क्या हुआ?तो कहने लगी कि मैंने भी कभी गांड नहीं मराई है.

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उसकी चूत एक सूरजमुखी के फूल जैसी खुल गई और मेरे तने हुए लंड की तरफ देखने लगी. थोड़ी देर बाद बेबी फिर से सो गया तो मैंने कहा- चलो फिर से शुरू करते हैं. सलवार और पैंटी के ऊपर से ही पता चल गया कि दीदी की चूत में पानी आ गया था, सलवार और पैंटी गीली हो गई थीऔर चूत का पानी मेरे हाथ की उंगलियों में लग गया था.

मैं उस पर से उतर कर उलटी होकर अपनी गांड हाथों से फाड़कर बोली- अब इसे भी शांत करो.

मैंने मौका देखा और दीदी के हाथ को अपनी चेस्ट पर रखा और अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चेस्ट पर घुमाने लगा.

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धीरे धीरे उसने मेरे होंठों को अपने होंठों के बीच में ले लिया और दबाये रहा. वैसे तो हम काफी अरसे से अच्छे फ्रेंड थे, हमारी दोस्ती बहुत गहरी थी. और मैं वीजा के लिए देखो कल जाकर आवेदन कर दूंगी, एग्जाम बाद आने की तैयारी कर लेना और वहां तुमको पूरा एक महीने रुकना है.

bp कम करने के घरेलू उपाय ” कह कर चिल्लाने लगी और अपनी दोनों टाँगों को उठा के एड़ी से मेरी पीठ पे दे मारी. मैंने उसके होंठों पर होंठ रख कर, लंड चूत पर रख कर उसके चुचों को पकड़ कर जोर से झटका मारा तो एक ही बार में लंड आधे से ज्यादा घुस गया और उसकी चीख मेरे मुंह में दब गयी.

आप लोगों तक मैंने अपनी सच्ची घटना को पहुंचाने की कोशिश की है, धारा प्रवाह में गलतियां हों, तो उसे मिला कर पढ़ने का कष्ट करें. एक दिन दिव्या के मोबाइल से मैंने अमित से मेसेज से बात की और उससे पूछा- क्या हुआ अब तो मिनी को गले से लगाने का मन नहीं करता है क्या?अमित- करता है यार… पर अब वो दूसरे की अमानत है और उसे अब वो भी गले लगा चुका होगा. मैंने अब उसे चित लेटाया और अपना लंड उसकी चुत पर रख कर उससे बोला- यार प्रिया, थोड़ा दर्द होगा तुम्हें… तो सह लेना.

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पर यह मेरी पहली सेक्स स्टोरी है, इसमें मेरा सेक्स का पहला अनुभव है, अगर कोई गलती हुई तो कृपया उसे नजरअंदाज कर दीजियेगा. मैं अपने आप को शान्त करके नाश्ता बनाने लगी, तब तक संजय भी नीचे आ चुका था और हॉल में मेरी बेटी के साथ खेल रहा था. हाँ…”मेरे मन में तो लड्डू फूटे… आहिस्ता आहिस्ता मैंने उसकी गर्दन को चूमना चालू कर दिया.

कुछ देर सांस लेने के बाद मैंने आँख खोली तो उन पाँचों को अपनी तरफ ही देखता पाया।मैं जैसे तैसे उठ कर बैठी, सबसे पहले मैंने अपने बूट निकाल कर फेंक दिये, बगल में पड़ी बोतल उठा कर तीन चार तगड़े घूंट भरे, शराब गले से लेकर पेट टेक सब कुछ जलती हुई अंदर गयी. क्योंकि बाल गीले होने के कारण उनकी नाईटी हल्की भीग सी गई थी और शरीर से चिपक गई थी.

अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो मैंने बोला कि मैं तुम्हें घोड़ी बनाकर चूत मारूँगा, तुम घोड़ी बन जाओ.

तेरी माँ भी बोल रही थी कि आजकल तू बड़ा चुपचाप रहता है किसी से ठीक से बात नहीं करता, क्या हुआ है? मुझे बता, शायद मैं तेरी कोई मदद कर सकूं. हालांकि पहली नज़र में मुझे उसके प्रति कोई गलत भाव नहीं थाफर्स्ट फ्लोर में सिर्फ़ हम दोनों के रूम होने की कारण हमारा एक दूसरे के घर आना जाना चल रहा था. अब वो मेरा लैंड चूसने लगी और मैंने धीरे धीरे उनकी चूत चाटनी शुरू की.

फिर अगले ही पल माया ने मादक स्वर में कहा- ओके सुमित तुम एक मिनट के लिए बाहर जाओ, मैं तुम्हें उतार कर देती हूँ. अब मैं उनकी में फंसे हुए मस्त रसीले मम्मों पर टूट पड़ा और उन्हें ज़ोर से दबाने लगा. उसके बड़े और मोटे लंड के सुपारे के घुसते ही मेरे मुँह से कराह निकल गई- आउच.

मैंने उससे पूछा- इधर कहां रहती हो?उसने कहा- भार्गव नगर में!उसने मुझे पूछा- आप कहां रहते हो?मैंने उसे अपना ठिकाना बताया.

थ्री एक्स बीएफ एचडी: मैंने उसके होंठों से अपने होंठ चिपका दिए और अपनी जीभ से उसके मुँह का मुआयना किया. उसने बेड पर लिटाकर मेरी टांगें खोल दीं और मेरी चड्डी को साइड करके मेरी मासूम सी चूत को अपने मोटे मोटे होंठों से चाटने लगा.

मेरा गांव थोड़ा दूर था और पिछड़ा हुआ था तो हम दोनों (मैं और भैया) बाइक से घर के लिए निकले. विवेक ने कामिनी को अपनी जाँघों पर बिठा रखा था और वो दोनों एक ही गिलास से सिप कर रहे थे. मेरा लंड एकदम से टाइट हो गया और निक्कर से बाहर आने को कोशिश करने लगा, मैं अपने हाथों से उसे दबाने लगा.

संजय ने अपने धक्के और तेज कर दिए, जिससे मैं समझ गई कि वो भी अब झड़ने वाला है.

मैं- फिर तो दीदी मैं ही सील खोलूँगा आपकी गान्ड की…दीदी- ना बाबा, मुझे मरना नहीं है, चूत की चुदाई करनी है, तो ठीक लेकिन गान्ड को हाथ भी नहीं लगाने दूँगी. वह बोली- क्या देख रहे हो?मेरे मुंह से निकल पड़ा- एकदम पटाखा माल देख रहा हूँ!वह बोली- अच्छा!मैं- हां जी, क्या माल लग रही हो! क्या किया इतने दिन में!वह- कुछ खास नहीं!फिर मैंने उसे डांटना शुरू कर दिया- कितने टाइम से रुक कर इन्तजार कर रहा हूँ. अब मुझे लगा कि अमित दो गिफ्ट देकर हमेशा ही गले लगाने के प्लान में शुरू हो गया था.