बीएफ एक्स एक्स एक्स मूवीस

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सुरेश जी मेरी जाँघों पे आके बैठ गए और मेरी गांड के छेद पर देर सारा थूकने लगे.

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हम दोनों की काम वासना पूरी तरह से जाग गयी थी और एक दूसरे के ऊपर कंट्रोल नहीं रहा. हमारा मुँह आमने सामने होने से हमारी सांसें एक दूसरे को महसूस होने लगी.

मैं- हैलो, हू इज़ देयर?सुधा भाभी- मैं तुम्हरी मैडम बोल रही हूँ?मैं- यस मैडम, इट इज़ सच ए प्लेज़ेंट सर्प्राइज़. मुझसे थोड़ी देर बात करने के बाद उसने अपने हाथों को मेरी जाँघों पर रख दिया. इस दौरान हम दोनों ने धीरे धीरे एक दूसरे के कपड़ों को शरीर से आजाद कर दिए थे.

उसने पूछा कि रूम क्यों बुक कराया है?मैंने कहा- मैं थक गया हूँ, थोड़ा आराम करके चलेंगे.

मैं तुम्हारे सामने तुम्हारी पिक्चर डिलीट कर देती हूँ और मैंने कोई मेल भी कहीं पर नहीं की. उन्होंने अन्दर सफ़ेद रंग की ब्रा बहनी थी, जिसके बीच में एक फूल बना था. मैं अपनी बहन के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचता था और ना ही कभी ऐसा ख्याल आया था.

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राहुल ने एक ही झटके से अपना 6 इंच का मोटा लंड मेरी चूत में पेल दिया. फिर क्या था, अनुप्रिया को मैंने सीट पर लिटा लिया और उसके बूब्स को चूसने लगी. अब मेरा बांया पैर बीवी के दोनों पैर के बीच में था और दांया पैर उठाकर बिस्तर पर बीवी की कमर के बाजू में रखकर बीवी की चुत चोदने लगा.

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फिर कमलेश सर ने समीज को भी ऊपर किया तो मेरे छोटे छोटे चूचे सर के सामने नंगे हो गए.

अब तक व्हिस्की भी खत्म हो चुकी थी क्योंकि टाइम भी बहुत हो चुका था, सो शॉप भी बन्द हो चुकी थी. फिर सोते वक्त मौका देखकर उन्होंने अपना फोन देते हुए कहा कि जल्दी से नम्बर सेव कर दो. हम दोनों लोग ऑफिस में एक साथ काम करते थे, तो हम दोनों लोग की हमेशा एक दूसरे से बातें होती रहती थीं.

फिर वो मुझसे अपनी टिकट दिखाते हुए पूछने लगी कि ज़रा देखो मेरा रिज़र्वेशन पक्का है कि नहीं?मैंने देखा उसका टिकट अभी कन्फर्म नहीं हुआ था. मैंने जूली को कहा- जैसे मैं तुम्हें मज़ा दे रहा हूँ, ऐसे किया था?जूली ने बताया- उसने तो बस फटा फट मेरी पैंट उतार कर एकदम अन्दर घुसेड़ दिया था और मेरी फट गई थी. xxx ब्लू फिल्मउसने नीचे हाथ लगाया तो देखा हल्का सा ब्लड लगा था, जो उसकी चूत की साइड की स्किन कटने से निकला था.

अब पम्मी के ऊपर भी वासना छा चुकी थी, जिसने उसकी झिझक को पछाड़ दिया था. फिर बोली- सरताज, मुझे तुम्हारी हर बात मंजूर है, लेकिन मुझे छोड़ना मत!मैंने कहा- कब?उसने कहा- जब तुम चाहो!उसके बाद हम लोग मौके की तलाश में रहने लगे और फ़ोन पर सेक्स की बातें करने लगे.

उसने उसी पल अपना मुँह ऊपर उठाकर मुँह खोला और आवाज निकाली- आ… आ…हा… ओह… अम… गई…फिर वो मेरे सीने पर गिर गई, गिरते ही वो तीन बार थरथराई. उस दिन मुझे इस बात का एहसास तो हुआ कि मैं किसी को कुछ किये बिना ही खुश रख सकता हूँ. तब सबने भैया से पूछा कि क्या सच में इसने चोद दिया?तब उन्होंने बताया- हां बे, और इसको बीच में डिस्टर्ब भी किया हमने, तब भी साला चुदाई में लगा रहा.

एक बार मैं मौसी के घर गया हुआ था और वो भी छुट्टियां मनाने घर आयी हुई थी। एक बात आप लोगों को बता दूँ कि अर्चना दीदी बहुत सीधी सादी लड़की है और इसी वजह से उसका किसी के साथ कोई चक्कर नहीं है।उस दिन हमने बहुत बातें की और मस्ती की. अन्तर्वासना के प्यारे पाठको, आपको मेरी हिन्दी सेक्स कहानी कैसी लग रही है? मुझे मेल करके बतायें![emailprotected]कहानी का अगला भाग:ट्रेन में मिली महिला की सेक्स की प्यास-2. ट्रेकिंग की वजह से मैं उस सारे इलाके से बहुत अच्छे तरह से वाकिफ था, इसलिये अब कोई खतरा नहीं था.

उनके चलने का ढंग, उनके बातें करने का तरीका, उनकी हर अदाएं मैं बिल्कुल सही से कर रहा था.

मैं चुदास से भर उठी और बोली- हां चल फोन लगा और बोल कैसे भी जल्दी से आधे घंटे के अन्दर मेरे घर पहुंच जाए. यह सब डेढ़ साल के आसपास चलता रहा था कि उनके 2 साल पूरे हो गए और सुरेश जी हमेशा के लिए नासिक चले गए.

फिर मैंने उन्हें पूछा- आपका रांची में घर है?तो उन्होंने कहा- हां!फिर मैंने पूछा- आप फिर कहां जा रही हो?तो उन्होंने कहा- पटना में मेरे कुछ रिलेटिव हैं, इमरजेंसी कुछ काम आ गया तो उसी सिलसिले में मैं वहां जा रही हूं इसीलिए टिकट भी कंफर्म नहीं ले पाई. उसे फिर से दर्द हुआ और चीखने लगी लेकिन मेरी किस की वजह से उसकी चीख वहीं सिमट गयी. जैसे ही वो मेरी चुत पर पहुँच कर अपना मुँह मारने को हुआ, तो मैंने उससे कहा- यह कहाँ का इंसाफ़ है.

मैंने उसका स्कर्ट सही किया और अपना लंड पैन्ट में अन्दर कर लिया और अपनी बहन निशा को फिर सही से गोद में बिठा लिया. खाने के बाद मैंने जूली को फिर से अपनी गोद में बिठा लिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा, उसकी चूचियाँ भी दर्द करने लग गई थी. फिर प्रीति ने मुझे कहा- रमनजीत, यह सब तुमने अन्तर्वासना से सीखा है ना?तो मैंने मना कर दिया- मैं किसी अन्तर्वासना को नहीं जानता!तो उसने कहा- भाई, झूठ मत बोलो… मैंने ओपेरा मिनी पर तुम्हारी सारी हिस्ट्री पढ़ी है.

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मैं टीवी देखने लगी, तो मेरी बुआ का लड़का भी साथ में टीवी देखने आ गया. मैं बैडमिंटन खेलती हूँ, योगा करती हूँ, कसरत करती हूँ, बचपन में साइकिल भी चलाती रही हूँ. जब मेरा लंड लोहे की रॉड की तरह खड़ा हो गया, तो सोनम ने मेरी पेंट और निक्क़र निकाल दी और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

पर क्या करूं रोज सेक्स किए बिना भी रहा नहीं जाता।मैं- समझ नहीं आ रहा है यह समस्या है या खुशी की बात… किंतु यह इतना भी बुरा नहीं है क्योंकि सेक्स में तुम मजे तो ले रहे हो। अच्छा यह बताओ सीमा इस पर क्या कहती है?श्लोक- सीमा अभी तक समझ नहीं पाई है कि वह खुश हो या दुखी। शुरुआत के आधे घंटे तक वह जमकर मजा लेती है और जमकर मजा देती है. मैंने कहा- क्या बात कर रहे हैं सर आप?वो बोला- जिससे तुमको बदला लेना है, उसी का इंटरव्यू है. पोर्न स्टार सनी लियोनहाय अन्तर्वासना के चाहने वालो,मेरी गर्म कहानी के पहले भागचुदाई की कहानी शबनम भाभी की-1में आपने पढ़ा कि मैंने अपनी पड़ोसन शबनम भाभी को उनके कहने पर डिल्डो मंगा कर दिया.

उसने भी अपने भाई को 20 रूपये दिए और अपने भाई को मेरे 10 रूपये वापस करने के लिए भेजा है.

इसके बाद धीरे धीरे हम एक दूसरे से काफी क्लोज होते गए और सभी तरह की बात करने लगे. अब की बार वह नीचे लेट गया और रितु उसके लंड पर बैठ गयी, जेम्स ने मेरी नंगी पत्नी के दोनों बूब्स को पकड़ लिया और रितु उसके लंड पर ऊपर नीचे होने लगी.

एक बार झड़ जाने के बाद हम दोनों ही मानो चुदाई के आधे नशे से चूर हो हो गए थे, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाक़ी था. ऐसे ही करती जा…बापू ने पद्मिनी के हाथों को अपने लंड पर फेरते हुए उससे यह सब कहा. पीछे से श्लोक ने आकर उसकी चूत में उसका लिंग डाल दिया और जोरदार झटके देने लगा। अब सीमा अपनी चूत में लिंग खाते हुए मेरे लिंग को चूस रही थी, श्लोक के जोरदार झटके मुझे सीमा के मुंह के जरिए अपने लिंग पर महसूस हो रहे थे।थोड़ी देर बाद श्लोक बाथटब पर बैठ गया, सीमा ने उसका लिंग अपने मुंह में ले लिया तथा घोड़ी बनी हुई सीमा की गांड में मैंने अपना लंड पेल कर उसकी गांड की चुदाई की.

वो तो पागलों की तरह मेरे सर को अपने चुत के अन्दर डालने लगी और कहने लगी- आज तक कोई ने भी इस चुत को नहीं चाटा.

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उसके बाद मैं नीचे पीठ के बल लेट गया और उसने मेरे लंड पर आकर अपने छेद को फिट करके धीरे से मेरा लौड़ा पूरा अन्दर खा लिया. मैंने दरवाज़ा खोला तो शॉक रह गयी क्योंकि सामने एक बैग लिए एक लड़का खड़ा था, उसने मुझे विश किया और अपना नाम विक्की बताया. रितु ने सिसकारी भरना शुरू कर दिया था, वह बोल रही थी- जेम्स प्लीज फ़क मी, जल्दी से अपना मूसल लंड मेरी चूत में डाल दो.

उससे कहना कि वो तो सारा दिन ऑफिस रहती हैं, इसलिए पूरे दिन में जब भी उसे मौका मिले तो वो आए. कुछ नहीं बेटा, तुझे इस रूप में आज पहली बार देखा तो नीयत खराब हो गयी. अगले दिन रात के नौ बजे थे, मेरी दरवाजे की बेल बजी, देखा तो आंटी सामने थी.

आधे रास्ते निकल जाने के बाद सोनम ने बोला- पहले मेरी फ्रेंड के रूम पर चलो. मैं- प्रिय श्लोक, हम चारों नई उम्र के वैवाहिक जोड़े घर में अकेले रहते हैं, चारों को एक दूसरे से प्रेम है, एक दूसरे से दोस्ती है और एक दूसरे को पसंद करते हैं. फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि तुमने उसके साथ कुछ किया है?तो मैं अनजान बनने की एक्टिंग करते हुए बोला- क्या मतलब?इस बात पर भाभी ने अपनी जांघ खुजाने का बहाना करते हुए अपनी बेबी डॉल को और ऊपर तक चढ़ा लिया.

उन्होंने मुझसे बोला- क्यों खटिया में मज़ा नहीं आएगा क्या?ये कह कर अंकल ने मुझे किस कर लिया. ये कहते हुए अनीता दीदी ने लैपटॉप पे चुदाई वाले फोल्डर को मेरे सामने ही ओपन कर दिया.

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किसी बात का ख्याल ही नहीं था, सिर्फ एक दूसरे में व्यस्त और मस्त थे. इंडियन पोर्नआप बोलिए तो मैं आपके आगे अपनी नाक रगड़ देता हूँ मगर प्लीज़ यह पिक्चर डिलीट कर दो. जंगली एक्स एक्स एक्सफिर मुझे याद आया कि उसने अपने कमरे में बहुत से नंगी तस्वीरें रखी हुई हैं. वो बोली- अंदर ही निकाल दे बहनचोद, मैं भी बस आई।और एक मिनट बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया और वो भी साथ झड़ गई।और हमारी हालत अब खराब थी, मैंने उसे उठाया तो देखा नीचे तकिया खून में लाल पड़ा है वो डर गई मैंने उसे समझाया कि अब तू फ्री हो गई है सील टूटी है तेरी!हम भाई बहन एक दूसरे को कामुक नजरों से देख रहे थे।मैं उसे बाथरूम में ले गया, पेशाब कराया, उसे दर्द बहुत हो रहा था.

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उसने पूछा- आप मैरिड हैं या अनमैरिड हैं?मैंने कहा- मैं अनमैरिड हूँ और मैं उसी होटल में रहना पसंद करता हूँ जहां पर मेरा यह इंतजाम हो जाता है. तभी उसने वो पेपर मेरी तरफ़ फेंक दिया तो मैंने भी झट से उसी के अंदाज उस कागज के टुकड़े को अपनी अंडरवियर में डाल के हिलाने लगा और उसी में अपना सारा मुठ निकाल कर रस से गीला करके उसकी और फ़िर से फेंक दिया. जितना मैं चूसता, उतने जोर से वह अपनी चूची मेरे मुँह में ठेल रही थी.

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कुछ देर बाथरूम में मस्ती करने के बाद मैं रचना को अपनी गोद में उठा कर बेड पर ले गया. मैं तो अपने होश खो बैठी थी, मुझे तो यह भी याद ना रहा कि मैं कहां हूँ. फिर मैंने उन्हें पूछा कि आपके हस्बैंड क्या करते हैं?तो उन्होंने कहा कि वे बिजनेस करते हैं.

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उसने मेरी चूत को इतना अधिक चाटा कि उसको लंड लीलने के लिए फैला सा दिया था. इधर मैं नहाने के लिये बाथरूम के लिए उठी तो मुझसे चला भी नहीं जा रहा था. मैंने खाला को कहा- नूरी खाला आप मुझे बिल्कुल मुमताज लगती हैं!तो वे बोली- मेरे शाहजहां, मैं आपकी मुमताज ही हूँ! आप आगे से मुझे मुमताज ही कहें!अब मैंने उसका मांग टीका हटा दिया, उनकी नशीली आंखें मुझे नशे में कर रही थी। फिर मैंने उनकी दोनों नशीली आँखों पर एक चुम्मा दिया.

मेरा मन तो कर रहा था कि बस चूमता, चाटता रहूँ और अपनी बांहों में जकड़ कर मसल डालूँ और जिंदगी भर ऐसे ही पड़ा रहूँ!फिर अपनी जीभ उनकी चूत पर लगाकर उनकी चूत को चाटने लगा तो वो उछल पड़ी और मेरे बालों को अपने हाथ में लेकर सिसकारी भरने लगी और बड़बडाने लगी- आमिर मैं 10 साल से तेरे बड़े होने का इंतज़ार कर रही थी, मेरी 30 साल की कुँवारी चूत की प्यास तूने आज और भड़का दी है.

बीएफ एक्स एक्स एक्स मूवीस: मेरी कामुक बीवी कुतिया बन गई और मैं बीवी के पीछे आकर उसके दोनों पैरों के बीच घुटनों पर खड़ा हो गया. तो अंकित बोला- क्या हुआ?मैं बिल्कुल पागल हो गई थी, मुझे कुछ होश नहीं था.

मेरे घर पर भी बड़े अच्छी तरह से उसका आना जाना था और राहुल मॉम डैड को भी काफ़ी अच्छा लगता था. ”ओह्ह… तो ये बात है… मतलब आप का भी मन करने लगा है अब लंड से मजे लेने का?”हट पागल… अब इस उम्र में लंड लेकर मैं क्या करुँगी. ललिता मैडम ने बॉस का लौड़ा अपने मुँह में ले रखा था और बॉस चेयर पर पेंट उतारे पड़े थे.

मैंने उनकी चूत की तरफ नजर मारी तो शायद आंटी को अहसास हो गया था कि मैं उन्हें ही देख रहा हूँ.

एक और आदमी अन्दर आ गया, लल्लन ने उसे देख कर कहा- आजा तेरी क़िस्मत खुल गयी. दोस्तो, क्या बताऊँ कितना मस्त था वो उसकी आँखें, उसके होंठ, पूरा का पूरा ही बिल्कुल वरुण धवन जैसा दिखता था. उससे पूछने पर पता चला कि वो बिना बुकिंग के बैठी है और वो अकेली ही थी.