पंजाबी सेक्सी बीएफ चुदाई

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साथ देखने की हिम्मत अभी तक नहीं थी…उसी दौरान उसकी दादी का देहांत हो गया वो तीन दिन तक स्कूल नहीं आया…सभी मुझसे पूछते थे. सेक्सी बीएफ वीडियो हिंदी भोजपुरीथोड़ी देर में हम फिर गर्म हो गए और मैं फिर उसके चूचे चूसने लगा तो वो बोली- भैया, रहा नहीं जाता अपना लंड अंदर डाल दो!उसकी चूत कुंवारी थी और मैं उसको दर्द नहीं पहुंचाना चाहता था इसलिए मैंने थोड़ी वेसलिन लेकर उसकी चूत की मालिश कर दी.

रात ज्यादा होने के कारण मैंने अनिल को रात वहीं पर रुकने के लिए कहा तो वो मान गया और मैं और अनिल योगी के कमरे में आकर सो गए.पंजाबी सेक्सी बीएफ चुदाई: वो उसके ऊपर से मेरे बूब्स को दबा रहा था… उसके हाथों में भी पूरा रस लग चुका था।वो मेरे चूचुक मसल रहा था… फिर उसने एक ही झटके में पूरा लंड अंदर डाल दिया और चोदने लगा….

ले…पूरा ले मुँह में रांड……ले ले मेरे लौड़े को !” मैं बोला।उसके बाद हमने कपड़े पहने और फिर उसे उसके घर छोड़ दिया।इस घटना के बाद मैंने कई बार कोशिश की उससे मिलने की, मगर वो कहीं नहीं मिली………आप बताइए, आपको मेरी कहानी कैसी लगी?.मम्मी ने अंकल से कहा- डार्लिंग, जल्दी से इसे मेरे हवाले कर दो!और अंकल मम्मी की टांगों को फैला कर उनके ऊपर चढ़ गए.

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इसका मतलब वो तुम्हे गांड नहीं मारने देती ?चलो ऐसा ही मान लो !तुम भी एक नंबर के लोल हो ?वो कैसे ?गुरूजी कहते हैं जिस आदमी ने अपनी औरत की गांड नहीं मारी समझो उसका यह जन्म और अगला जन्म तो बेकार ही गया। अगर ऐसे मस्त नितम्बों वाली औरतों की गांड नहीं मारी जाए तो वे उभयलिंगी बन सकती हैं और अगले जन्म में तो शर्तिया वो खच्चर या किन्नर बनती हैं तो सोचो दोनों ही जन्म व्यर्थ गए या नहीं।ओह ….तभी राज अंकल ने अपना मुँह चूची से हटा कर बाजी के मुँह पर लगा दिया जिससे उसके मुँह का दूध बाजी के मुँह में चला गया और बाजी उसके मुँह को अपने मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी.

ढीले कर ना?मैं तो उसके मुंह से ऐसी रंडी वाली भाषा सुनकर दंग रह गया। साली पूरी रंडी ही बन चुकी थी। बड़े बेफिक्र होकर पैंट से सिगरेट निकाली और जला कर कश लेने लगी। उसके सामने धुंआ फेंका और उसके शर्ट को पकड़ा।सुनीता- चलता है क्या? नहीं तो भाग यहाँ से. पंजाबी सेक्सी बीएफ चुदाई हेल्लो दोस्तो, मेरी पिछली कहानी में आपने मेरे पति के पाँच दोस्तों के साथ मेरी चुदाई का किस्सा देखा.

पुराने वाले टीटी जिसका नाम मुझे अभी तक पता नहीं था उसने अपने साथी से मुझे मिलवाया ‘मैडम ये है मेरा दोस्त वी राजू.

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” राहुल ने कहाहाय रे… यानि रीता साहिल के पास और मैं राहुल के पास… ” कामिनी ने आह भरते हुए कहा. 20 साल की उम्र में शादी के बाद मेरी जिंदगी बहुत खूबसूरत रही थी, ऐसा लगता था कि जैसे यह रोमान्स भरी जिंदगी यूं ही चलती रहेगी. भाभी की चूत कुँवारी नहीं थी मगर फिर भी भाभी चिल्ला उठी और उनकी चूत से खून आने लगा.

तुम तो प्यारी सी हो!” उसके उभार देख कर एक बार तो मेरा मन ललचा गया गौरी एक दम से सोफ़े में से उठ कर मेरी गोदी में बैठ गई. तैयाऱ होकर वो बाहर चले गए। थोड़ी देर में ही बाकी घरवाले भी आ गए।उसके बाद मैं 12 दिन वहाँ थी। रोज़ किसी ना किसी बहाने से हम एक दूसरे के करीब आते और 4-5 बार वो मुझे चोद भी चुके थे। वो पल भूलते नहीं। लोगों के लिए यह गलत हो सकता है, पर हम दोनों के लिए बहुत खास एहसास था।अपनी राय मुझे इस पते पर भेजें।. की आवाज़ निकली। मैं उसकी गर्दन और कंधे मसल रहा था। वो थोड़ा सा कसमसाई।अब मैंने उसकी साड़ी को उसके वक्ष से पूरी तरह हटा दिया। वो हल्का विरोध कर रही थी.

कि अनिरुद्ध का एक्सिडेंट हो गया है…अनिरुद्ध के हाथ पाँव टूट चुके थे उस दिन के बाद तीन महीने तक वो कॉलेज़ नहीं आया…!!!अब मेरे और वेदांत के रिश्ते में भी स्पष्टता आ गई… आखिर उसने अपने प्यार का इज़हार जो कर दिया था. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कैसे उसे ठीक करूँ…मुझे फिर वही तरकीब याद आ गई…उद्यान में सामने ही काँटों वाला पौधा था, उस पर गुलाबी रंग के फूल लगे थे…मैं फूल तोड़ने गई. मैंने गांड फैला कर उसके छिद्र में थूका और ऊँगली को घुमाते हुए धीरे धीरे ऊँगली अन्दर करने लगा। आधी ऊँगली अन्दर जाते ही उसने कहा.

मैंने उत्तर दिया- ब्रा एक तरह की बनियान होती है… अब और कुछ मत पूछियो इससे ज्यादा मुझे भी नहीं पता…वो बोला- इतना भड़क क्यों रही है. ‘दीदी लो बाहर आ गई प्यार की कुछ बूंदें… ‘फिर गोमती झुकी और मेरी योनि से उसने अपने अधर चिपका दिये.

वो बार-बार मेरे चुचूकों को काट रहा था उसकी यह हरकत मुझे बेचैन करने लगी मेरे स्तनाग्र सख्त होने लगे और उसका असर चूत पर भी होने लगा.

परन्तु बहादुर की स्पीड जरा भी कम नहीं हुई और वह जंगली जानवर की तरह रीटा की मारता रहा, हर ठप्पे पर बहादुर के अण्डे रीटा गाण्ड का दरवाज़ा खटखटा देते थे और अंदर घुसने की नाकाम कोशिश करते.

फिर माँ ने मेरे लंड पर हाथ रखा और पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगी, उन के स्पर्श से मेरे पूरे शरीर में मानो एक करन्ट सा लगा, किसी ने पहली बार मेरे लंड को छुआ था और मैंने उन के स्तनों को पूरे जोर से निचोड़ दिया जिस से उन की चीख निकल पड़ी- अ आअ आह. अब मेरे सामने दिक्कत यह थी कि इसे उतारूँ कैसे!मेरे दिमाग में एक विचार आया, मैंने कैंची ली और उसकी ब्रा को काट दिया. मैंने अपने हाथ उसकी कमर में डाल दिए और उसने अपने दोनों हाथ मेरे गले में ! और हम एक दूसरे की आँखों में आँखे डाल कर हल्के-हल्के डांस करने लगे.

‘भाभी, एक बात कहूँ, बुरा मत मानना और ना भी मत कहना!’‘क्…क्… कहो, पर दूर तो हटो!’‘भाभी आज चुदवा लो, प्लीज, मना मत करो, देखो मेरा लौड़ा कितना उतावला हो रहा है!’‘आ… आ… ये क्या बदतमीजी है भैया… हट जाओ!’ तभी मुझे गोमती नजर आ गई. शालू- 32″मैं- कभी दबवाई हैं या नहीं?वो ही जबाब जो हर रण्डी भी देती है- नहीं!फिर मैं अपना हाथ धीरे धीरे उसकी नाइटी में डालने लगा तो उसने मना कर दिया. अब मैं सोचने लगी कि यदि अब कोई आकर दरवाजा खटखटाए तो हम दोनों को इस तरह अकेले देखकर क्या सोचेगा.

उसने अपना लंड निकाला और मेरे हाथ में दे दिया- सहलाओ इसको!प्लीज़ छोड़ दो! यह गलत है!कुछ गलत नहीं है!बाहर अचानक कोई चीज़ गिरी तो हम अलग हुए.

मैंने जब मना किया तो वो बोली- अगर मैं तुम्हें यह सब सिखा दूँ तो कैसा रहेगा?मैं उसकी बातें सुन कर कुछ भी नहीं बोल पा रहा था, बात घुमा कर मैंने उसे कोल्ड ड्रिंक के लिए पूछा तो वो बोली- जैसे मैं चाहूंगी, वैसे ही पिलानी पड़ेगी!मैंने हाँ कह दी. जिससे मेरी चूत को ही नहीं गाण्ड को भी दर्द हो रहा था… जैसे चूत के साथ साथ गाण्ड भी फट रही हो…मेरा पानी फिर से निकल गया… तभी उसका भी ज्वालामुखी फ़ूट गया और मेरी चूत में गर्म बीज की बौछार होने लगी… उसका लण्ड मेरी चूत के अन्दर तक घुसा हुआ था इसलिए आज लण्ड के पानी का कुछ और ही मजा आ रहा था…हम दोनों वैसे ही जमीन पर गिर गये। मैं नीचे और वो मेरे ऊपर…उसका लण्ड धीरे धीरे सुकड़ कर बाहर आ रहा था. ‘हाय, म्हारी बाई रे… यो तो मन्ने मस्त मारी देगो रे… ‘ उसे मसल कर उसने मेरे लण्ड की खूबसूरती को निहारा और अपनी चूत की दरार पर घिसने लगी.

दोनों में आसानी से बुला सकता हूँ !!” (फिर नाटकीय ढंग से उसका नाम एक बार प्यार से और एक बार गुस्से से लेकर दिखाओ। वह ज़रूर हँस पड़ेगी)तुम हँसती हुई ज्यादा अच्छी लगती हो …. मैं कुछ नहीं बोला और कुछ देर बाद बोला- भाभी, आखिर क्या चाहिए?तो वो बोली- रंजन, मुझे वो ख़ुशी चाहिए जो तुम्हारे भैया से बहुत कम मिलती है. और मेरी चूत चाटने लगा उसकी ये अदा मुझे बहुत पसंद आई क्यूँकि मेरे बॉस ने अपना लण्ड मुझसे बहुत बार चुसवाया था मगर मेरी चूत चाटने से मना करते थे.

नाज़ुक-नाज़ुक नर्म हाथ और पांव, छातियाँ खूबसूरत और जवानी से सरशार जैसे मौसम-ए-बाहर में कोई ताज़ा कली अपना सिर उठाए तन कर ठंडी हवा में झूमती है ऐसे ही मेरी नाज़ुक और हसीन छातियाँ ज़रा सी जिस्मी तहरीक पर जाग उठती और तन कर यूँ खड़ी हो जाती जैसे कह रही हों कि.

मैं उनके सीने से लग गई, उन्होंने मेरे माथे पर चूमा, मेरे चूतड़ों को हल्के-हल्के हाथों से दबाने लगे, मैं बेहाल होती जा रही थी. मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार चूत को इतनी पास से देखा था। चूत पर छोटी छोटी झांटें….

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पंजाबी सेक्सी बीएफ चुदाई प्रेषिका : गुड़ियासंपादक : मारवाड़ी लड़कासभी पाठकों को और गुरूजी को मेरा सप्रेम प्रणाम !मुझसे तो आप सब अब भली भांति परिचित हो ही गए होंगे! मैं हूँ मस्त पंजाबन ! आप सबके प्यार ने ही मुझे अपने फूफाजी और मेरे बीच के रिश्ते को उजागर करने को मजबूर किया है !तो पेश है आगे की कहानी. मम्मी ने कहा- बहन जी, मेहरबानी कैसी? यह भी तो आपके बेटे जैसा है!मम्मी ने मुझे आवाज़ लगाई, कहा- हैरी, तुम आंटी के घर जा कर सो जाया करो कुछ दिन! आंटी की तबीयत ठीक नहीं है.

मुकेश अब मेरी चूत में लौड़ा घुसाने लगा लेकिन लौड़ा अन्दर नहीं जा रहा था, वो बार बार चूत के मुँह पर लौड़ा टिकाता और जोर से धक्का मारने की कोशिश करता लेकिन मेरी चूत छोटी होने के कारण लौड़ा बार बार फिसल जाता.

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मैं उसकी क्लास में जा पहुंची और उसकी अध्यापिका के पास जाकर बोली- वेदांत को मिस मोनिका बुला रहीं हैं…!!!वो मेरे साथ बाहर आया. शगुन की रात से एक रात पहले सभी नाच रहे थे, लड़के अलग, लड़कियाँ अलग!नाचते-नाचते बहुत थक गई, पसीने से कुर्ती भीग गई. मगर मैंने कभी उसकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया था क्योंकि वैसे ही मेरे आगे पीछे कॉलेज की काफी लडकियाँ घूमती थी.

‘अब आँखें चोदेगी क्या…?’दोनों मुस्करा दी और फिर धीरे से आँखें बन्द करके सपनों की दुनिया खो चली. अंकल मम्मी से बात करते करते उन्हें कुछ इशारा कर रहे थे पर मैं समझ नहीं पाया कि दोनों में क्या इशारेबाज़ी चल रही है. अब मुझसे टांग मोड़ी नहीं जा रही थी, एक बार बैठने के बाद खड़े होने में तकलीफ होती, सुबह स्कूल के लिए तैयार होने में भी बहुत परेशानी हो रही थी, जैसे कैसे मैं तैयार हो घर से बाहर निकली, वेदांत बस्ता और पानी की बोतल लिए दरवाजे के पास ही खड़ा था.

फिर एक दिन स्कूल बस खराब होने की वजहा से रीटा के डैडी ने अपने नये चपड़ासी को साईकल से रीटा को स्कूल छोड़ने और लाने की ड्यूटी लगा दी.

पिस्स्स्स ! करती लगभग डेढ़ या दो फ़ुट तो जरूर लम्बी होगी।कम से कम दो मिनट तक वो बैठी सू-सू करती रही। पिस्स्स्स…. मैंने पूछा- क्या हुआ?तो वो बोली- मैं तो गई!इस पर मैंने कहा- अभी तो शुरुआत है!तो वो हंसने लगी और बोली- अब तू धक्के लगा!फिर क्या था, मैंने पल्टी लगाई और उसको नीचे दबा लिया. सब मिलकर मुझसे सुख भोग रहे थे …सर ने सुमित से कहा- अपने कपड़े खोलकर और सिर्फ अंडरवीयर पहन कर इसके ऊपर चढ़ कर घस्से मारो!सुमित ने वही किया … मेरी जांघों को फैलाया और घस्से मारने लगा …सर- ऐ कभी लड़की नहीं चोदी क्या.

फिर मैं धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा और बीच-बीच में हल्के धक्के मार देता जिससे उसकी चीख निकल जाती. मैं प्रश्न पूरा कर पाता उससे पहले भाभी नीचे जाने वाली सीढ़ियों की ओर जा चुकी थीं।वह सीढ़ियाँ उतरते-उतरते बोलीं- स्त्रियाँ अपने विफल प्यार के किस्से नहीं सुनाया करतीं।मैं अवाक खड़ा रह गया था।बाजे की आवाज अब पास आती जा रही थी. आज मेरा भी सपना सच हो गया मैं कब से उसे ख्यालों में चोद रहा था, कब से उसके नाम की मुठ मार रहा था, आज वो चूत मेरी होने वाली थी.

”चाची के मुँह से सारी सचाई जानकर दुल्हन के मन को बड़ी तसल्ली हुई। उसने आगे बढ़कर अपनी सासू माँ के पैर छू लिए और उनके गले से लग कर रोने लगी।एक रोज दुल्हन यूँ ही पूछ बैठी,”चाची जी, आपकी चुदाई का खेल क्या चाचा जी को मालूम है? उन्हें पता है कि उनके प्यारे भतीजे उन्हीं की पत्नी को चोदते हैं…. ऐसे घुट घुट कर प्यार करने से क्या मजा आएगा।मैं भी अब अपने आप को रोक नहीं सकती थी…मैंने अपनी बांहें उसके गले में डाल दी… फिर तो जैसे वो पागल हो कर मुझे चूमने चाटने लगा…मैं बहुत दिनों से प्यासी थी… मुझे भी ऐसे ही प्यार की जरूरत थी जो मुझे मदहोश कर डाले और मेरी चूत की प्यास बुझा दे.

करीब आधा घंटा की चुदाई के बाद अब वो अकड़ने लगी और अब मैं भी झड़ने वाला था। दस पन्द्रह झटकों के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए।उसके बाद मैंने उसे कई तरीकों से चोदा, वो फिर कभी बताऊंगा…. तभी मुझे एक आईडिया आया, और मैं गिरने की एक्टिंग करने लगा, तो उसी बहाने मैंने उसकी कमर पकड़ ली और फिर ठीक से खड़ा हो गया. मैं तान्या के बारे में ज्यादा नहीं जानता था मगर उसकी हरकतों को देखकर लग रहा था कि उसे पहले भी यह सब करने का अनुभव था.

मैंने कंडोम पहन लिया और उसको पीछे से जाकर चूत में लण्ड डाल दिया।और 20-22 झटके के बाद हम दोनों एक साथ जड़ गए… मैंने उसको अपनी बाँहों में भर लिया और उसके माथे को चूमने लगा.

उसकी चूत ने भी पानी छोड़ दिया।हम दोनों संतुष्ट हो चुके थे… अब रात के करीब साढ़े नौ बज रहे थे… मैंने उसे चुम्मी देकर फोन पर बात करने का वादा किया और उसके घर से निकल आया…आज मेरी और उसकी सिर्फ बातें होती है…आपका अपना विक्की. मैं देखना चाहता था कि आखिर ये दोनों करते क्या हैं?मैं जब अंकल के घर के पास पहुँचा तो घर का दरवाजा अन्दर से बंद था पर अन्दर से बात करने की आवाज़ आ रही थी. उसके बाद तान्या अपनी चूत में अपनी उंगली डालने लगी उसको ये करते देखकर तो मैं पागल हो गया और बिना कंडोम पहने ही उसके ऊपर लेट गया.

‘हाय रेएए में तो गईईईई!’ यह कह रीटा राजू को अपनी गोरी गोरी टांगों और बाहों में दबोच कर राजू से बुरी तरह से चिपक गई और जंगली बिल्ली की तरह राजू के कन्धे में दाँत गड़ा दिये और भूखी चूत की दीवारों को लण्ड पर पूरे जोर से कस दीं. वो बेचारा मेरी ब्रा में हाथ डालने में डर रहा था इसलिए मैंने उसको इशारा किया और बोली ‘हाँ.

रात के तीन बज़े तक उधर संगीत चला, इधर चुदाई!इतने में उसने मुझे तीन बार चोदा, पहली चुदाई में ही तीन बार चुदी. हाय क्या नज़ारा था!पीले रंग की साड़ी और उस पर अधखुला ब्लाऊज! उस ब्लाऊज से निकला हुआ पिंकी का कोमल दूधिया स्तन!माया ने दोनों हाथ से उसके स्तन को थाम रखा था और अपने पतले होठों से निप्पल चूस रही थी. और जोर से चोदो… अ आ आया अह हह हह…उसकी स्पीड बढती जा रही थी अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था और मेरी बुर से सर सर करता हुआ सारा पानी बाहर आ गया… राहुल रुकने का नाम नहीं ले रहा था… मेरी बुर के पानी की वजह से उसके हर धक्के से कमरे में फत्च फच की आवाज़ आने लगी.

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रीटा को लण्ड की पिटाई से रीटा की ठरक सातवें आसमान पर पहुँच गई, कभी कभी रीटा बहादुर के लण्ड को लपक कर मुँह में लेकर चुमलाने में सफल हो जाती, कभी हिसंक हुई रीटा बहादुर के लण्ड में दांत गड़ा देती तो बहादुर रीटा को बालों से पकड़ कर उसके चुच्चे को मरोड़ देता तो रीटा चीख कर उसका लण्ड छोड़ने पर मज़बूर हो जाती.

हील वाले सेन्डिल के अलावा रीटा अब बिल्कुल नंगधड़ंग थी और बेइन्तिहा सैक्सी लग रही थी. डालना…’राजू ने गांड के छेद पर निशाना लगाया और एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया लेकिन उसका लंड मेरी चूत के पानी से चिकना हो रहा था इसलिए फिसल गया और नीचे चला गया. यह सभी कुछ हम बारिश में गीली छत पर ही कर रहे थे और मुझे लगा काम को आखिरी अंजाम देने के लिए हमे बेड पर जाना ही पड़ेगा.

चूत की मल्लिकाओ और लण्डों के पुजारीआज तुम्हारा भोंसड़ा फाड़ने की बारी है हमारीजहाँपनाह के दरबार मेंचूत सजी भयानक काले लण्ड के इन्तजार में…सर्दियों का दौर था, चारों तरफ हमारे लण्ड का शोर था. मैं और वो सुबह सोकर उठे, मैंने सोचा कि चिंकी मम्मी से मेरी शिकायत करे, उससे अच्छा है कि मैं इससे माफ़ी मांग लूँ. ट्रिपल एक्स भोजपुरी बीएफलेकिन मैंने उसकी बात ना सुन कर अपना एक हाथ उसकी स्कर्ट में डाल दिया और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा.

मैं वहीं बैठ गया और रोते हुए सोचने लगा कि भैया के रहते हुए भाभी को इसकी क्या जरूरत पड़ गई. मैं भी भाभी को घुमाने के लिए मेट्रो वाक मॉल ले गया लेकिन भाभी के दिल की बात जानने के लिए मैंने कार जापानी पार्क की तरफ ले ली.

? स्कूल नहीं गया क्या…?बबलू झुंझला कर बोला- अन्दर भी आने दोगी कि नहीं मम्मी, मेरे सिर में जोर का दर्द हो रहा है!बोलते हुये वो अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर लेट गया. क्या हुआ सर ?कुछ नहीं चलता हूँ श्रेया …मैंने कहा- कुछ पियेंगे ??उसने कहा- हाँ दूध. ’कहते हुए मैंने बहुत जोर से अपना लंड उसकी चूत की गहराई में धकेल दिया जड़ तक और उसे दबा कर पिचकारी से मेरा लावा उसकी चूत में डालने लगा.

वो कितनी देर तक मुझे नोचता खसोटता रहा, मुझे नहीं मालूम था, मैं तो नींद के आगोश में जा चुकी थी. दोनों के जिस्म एक बार फिर से एक होने लगे… कमरे में हलचल होने लगी… सिसकारियाँ गूंजने लगी…एक दूसरे में फिर से डूबने लगे…[emailprotected]. मैंने कहा- पर मोना के होते हम कैसे मिल सकते हैं?तो वो मुस्कुराई और बोली- मोना को भी मैंने इसी शर्त पर माफ़ किया है.

निष्पाप, निष्काम, पहला आकर्षण…आज भी दिल में महसूस होता है…!!!पहला भाग समाप्त…[emailprotected].

फ़िर उसके बालों को पकड़ कर मैंने अपने मुंह की तरफ़ खींचा और चूसने लगी उसके होठों को. वो इतना बड़ा था कि मेरे मुँह में पूरा आ ही नहीं रहा था।मैं उसे जोर जोर से चाटने लगी, खूब हिलाती, खूब चाटती.

तब हड़बड़ा कर उन्होंने कहा- यह अभी-अभी सोया है, कच्ची नींद में है इसलिए इसे अभी यहीं सोने दे. अनचुदी और कोरी गांड की पहचान यही है की उसके चारों तरफ काला घेरा नहीं बना होता। अच्छा बताओ मधु की गांड कैसी है ?ओह मधु की तो बहुत गोरी है. वो कह रही थी- पी जाओ मेरा सारा दूध! जोर जोर से चूसो! ओह्ह्ह उईईईए मीईईए अह्ह्ह्ह सीईईई!मैंने फिर एक हाथ को उसके पेट से सरकाते हुए उसकी सलवार को उतारा और पेंटी के ऊपर से ही हाथ फ़िराने लगा, वो मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही सहला रही थी.

!”नहीं, अभी अभी तो तुम कह रहे थे कि तुम अकेलेपन के शिकार हो और 15 दिनों से बेरोज़गार हो. इस तरह बैठने से उसकी चूंचिया ठीक मेरे होंठो के सामने आ गई। मैंने दोनों चूचियों को अपनी हथेलियों में भर लिया और उसके निपल मुँह में लिए. दादी मेरी मम्मी का … मम्मी मेरी चाची का और चाची मेरा लिंग चूसने लगी। फिर थोड़ी देर के बाद सब एक दूसरे की गांड चाटने लगे।थोड़ी देर बाद सबकी गांड नरम हो गई। दादी ने मुझे कुतिया बनाया और अपना लिंग मेरी गांड में डाला। डालते ही मुझे स्वर्गीय सुख का आनंद आने लगा।उधर मैंने देखा कि मेरी चाची मेरी मम्मी पर अपना जौहर दिखा रही थी। मैं भी गांड उठा उठा कर दादी की मदद करने लगा.

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एक घंटे के बाद मैंने उनको कॉल किया और कहा- मैं अभी भी ऍफ़ सी रोड पर ही हूँ, अगर घर चलना हो तो बता दो. उसने मुझे अपने लंड पर बैठने को कहा तो मैंने हाथ नीचे ले जाकर ठिकाने पर सेट किया और उसको अपने अन्दर ले लिया. मतलब वो भी चुदाई का मज़ा लेने लगी थीं।तो मैंने भी एक बार में पूरा लंड बाहर खींच कर वापस एक ही झटके मे पूरा ठोक दिया।30 मिनट की ज़ोरदार चुदाई में भाभी 4 बार झड़ीं।अब जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने भाभी से कहा- भाभी मैं झड़ने वाला हूँ.

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उनके हाथ मेरे सर पर थे और वो मेरे सर को दबा कर मेरा मुँह अपनी चूत के और पास ले जाने की कोशिश कर रही थी.

पर मैं फिर से झड़ने वाली थी और वो भी मेरे साथ ही झड गए!आज मेरे पति ने मुझे दूसरे लिंग का अहसास कराया. करीब 6-7 मिनट के बाद मैंने अनु का सर पकड़ कर उसकी स्पीड बढ़ा दी। अब मेरा हथियार अनु के गले तक जा रहा था। अनु की आँखे बाहर आने को तैयार हो गई।फिर मैंने उसे कहा- मेरा वीर्य छूटने वाला है.

बहादुर रीटा की मलाई सी चिकनी टाँगों पर हाथ फ़ेर रात को मुठ मारने का सामान बना रहा था. मैंने देखा कि अंकल मम्मी को चूम रहे हैं और मम्मी उनको अपनी बाहों में लेकर किस करवा रही हैं. मुझे समझते देर न लगी और मैंने खिड़की से झाँका तो मैंने जो सोचा था उससे ज्यादा देखने को मिला.

एक बात और बताओ !क्या ?उसकी ज्यादा याद आ रही थी क्या ?क्या मतलब ?तुम भी एक नंबर के गैहले हो !क्या मतलब ये गैहला क्या होता है ?तुम निरे लोल हो अब लोल का मतलब मत पूछना !ओह ….

‘हिच, मां की लौड़ी, तेरी चूत मारूँ… चिकनी है भाभी…!’ अब उसकी गालियाँ मुझे बहकाने लगी थी. और इसमे इतना मजा है यह मुझे पता ही नहीं था।’ कहते हुए उसने मुझे चूम लिया।‘तुम खुश हो न संजय? तुमने जो चाहा, वो मैंने तुम्हें दिया. देवर ने देखा तो उसने मुझे बेड पर लिटाया और हथेली से उस निशान के ऊपर मालिश करने लगा.

बीएफ निकाल०० बजे :हेल्लो !हाय मैं बोल रही हूँ !हेल्लो मधु ?बिल्ली को तो ख़्वाबों में भी बस छिछडे ही नज़र आते हैं ?क… कौन ??ओह लोल… भूल गए क्या ? मैं तुम्हारी नई मैना बोल रही हूँ !ओह. बस एक बार प्रकाश, मुझे प्यार कर लो, देखो, ना मत कहना!” उसकी गुहार और मन की कशमकश को मैं समझने की कोशिश कर रहा था.

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पिछला भाग:जीजू के साथ मस्त साली-1जीजू मेरी गांड मारने लगे, मैं बोली- जीजू, रहम करो! आप मेरी गांड को बख्श दो, मेरी फ़ुद्दी चोद लो!मुझ बावली को क्या पता कि मेरा जीजा तो चाहता ही यह था. खैर, जहाँ चाह वहाँ राह!वीना आंटी ( अमित की पत्नी ) कुछ दिनों के लिए अपने मायके गई. मैं- विश्रांती तुझे पता है रेशमा तो इसे आइसक्रीम से भी अच्छा प्यार करती है…विश्रांती- वाह रे बदमाश! अपनी विश्रांती को लंड मुँह में लेने बोल रहा है….

प्रेम गुरु की कलम सेअच्छा चलो एक बात बताओ जिस माली ने पेड़ लगाया है क्या उसे उस पेड़ के फल खाने का हक नहीं होना चाहिए ? या जिस किसान ने इतने प्यार से फसल तैयार की है उसे उसके के अनाज को खाने का हक नहीं होना चाहिए ? अब अगर मैं अपनी बेटी को चोदना चाहता हूं तो क्या गलत है ?”…. मैंने अब तक बहुत सब्र से काम लेते हुए अपने लौड़े को कुँवारी चूत में घुसाया था, पर अब मेरा सब्र साथ नहीं दे रहा था और मैंने उसकी चूत में धक्का-पेल चूदाई शुरू कर ही और उसको बाँहों में कस के जकड़ कर उसकी चूचियों को करीब करीब चबाते हुए खूब चोद डाला. मम्मी अपनी बात जारी रखते हुए : बेटा कौन से स्कूल में पढ़ते हो? कहीं ट्यूशन भी लगा रखी है क्या.

इतने में मैंने फिर से पाना लण्ड जाकर ज्योति में मुँह में रख दिया और वो उसको बड़े मजे से चूसने लगी. पूर्व कथा : मीना के साथ बिताये रंगीन पल-1मीना के जाने के बाद मैं सोचता रहा कि अब क्या होगा. कहाँ है…? दम है तो सामने आ !!मुस्तफा- मुझको पकड़ने का ख्वाब देखती हो तो देखती रहो ! तुम्हारे इतने करीब होकर.

पापा… कभी कोई इच्छा नहीं होती है क्या?”होती तो है… पर क्या कर सकता हूँ… सुमन तो छूने पर ही गन्दी गालियाँ देती है. मेरी दीदी की शादी हो गई है लेकिन अब भी जब हमें मौका मिलता है, दीदी मुझसे चुदवा ही डालती हैं।अब आप सब बताये कि इसमें मेरा कुसूर कहाँ है? अगर मैं नहीं चोदता तो दीदी कहीं और चुदाने जाती.

पर मेरे मन में तो पाप था, मेरी नजरें तो हमेशा उसके अंगों को निहारती रहती थी, शायद अन्दर तक देखने की कोशिश करती थी.

तो मेरे दिल में ख्याल आया- कौन पागल लड़का है जो इतनी सुन्दर और अमीर बाप की इकलौती लड़की को छोड़ सकता है!मगर शायद वो तान्या के नखरों से तंग आ गया होगा. ससुर बहू की बीएफ फिल्में!!सिपाही- महारानी जी, क्षमा करें, महाराज का आदेश है…!!!तब तक मैंने महारानी के वस्त्र पहन लिए थे और खिड़की की तरफ मुँह करके खड़ी हो गई और थोड़ा सा घूँघट भी निकाल लिया. बीएफ पिक्चर चालू करोमुझे सोचने तो दे…मेरी बात काटते हुए …वो बीच में बड़बड़ाने लगा।मैं चिल्ला के : तू चुप करेगा. अपनी गांड को हिला-हिला कर चुदाई को और मस्त कर रही थी …मैं बीच बीच में उसके स्तनों को दबा देता, मुँह में ले लेता….

ह्म्‍म्म्ममममम उम्म्म्मम जन्नन टच इट विद योर फिंगर प्लज़्ज़्ज़्ज़शशांक : फिर मैंने झीभ से ही उसे ऊपर मोड़ दिया, फिर नीचे….

उसने डरते डरते मेरे लंड को पजामे के ऊपर हाथ में लिया तो मैं समझ गया कि वो पहली बार कर रही है और डर भी रही है…तो मैंने पजामा उतार के उसके हाथ को अपने से पकड़ के लौड़े को कस कस के मसलने लगा तो वो डर के बोली- इतनी ज़ोर से?तो मैंने कहा- मजा तो आ रहा है ना…?मैंने उसको बोला- चाँदनी, देख मैं तेरे सामने बिना कपड़ों के नंगा पड़ा हूँ तो तू भी तो कपड़े उतार के दिखा. अच्छा चलो… तुम रीता पर लाइन मरो और मैं कामिनी पर… आप क्या कहती हैं… कामिनी जी… ” राहुल ने अंधेरे में तीर छोड़ा. मुझे दर्द हुआ मगर मैंने फिर भी उसका पूरा लौड़ा अपनी चूत में घुसा लिया।मैं ऊपर-नीचे होकर उसके लौड़े से चुदाई करवा रही थी, सुनील मेरे मम्मों को अपने हाथों से मसल रहा था।अनिल भी नीचे से जोर जोर से मेरी चूत में अपना लौड़ा घुसेड़ रहा था। इसी दौरान मैं फ़िर झड़ गई और अनिल के ऊपर से उठ गई मगर अनिल अभी नहीं झड़ा था तो उसने मुझे घोड़ी बना लिया और अपना लौड़ा मेरी गाण्ड में ठूंस दिया.

मेरी एक उंगली उनकी चूत में अंदर-बाहर हो रही थी और वो अपने हाथों से मेरे लंड से मुठ मार रही थी. दीपाली के होंठ बहुत रसीले थे… मुझे सबसे ज्यादा मजा उसके होंठों को चूमने में आया।फिर मैं उसके चुचे दबाने लगा। उसके स्तन बहुत बड़े थे और मुझे भी बड़े ही पसंद हैं. मैं थोड़ा हैरान हुई!उसने कहा- सेक्स में यह सब करना पड़ता है! तेरा पति भी करवाया करेगा!मुझे उसका चूसना अच्छा लगने लगा.

मम्मी बेटे की बीएफ

चुदाई करते हुए रात के ग्यारह बज चुके थे और सन्नाटे में घपच-घपच और घुच-घुच की आवाज़ आ रही थी. न्न्न्नमेरे दोस्तों और दोस्तानियो ! क्या आपका और आपकी पड़ोसन का भी हो गया ?अगर हो गया तो मुझे मेल करो ना जल्दी ?[emailprotected]. मगर एक बात की दाद देना चाहूँगा कि नीना ने बिल्कुल निडर होकर अपनी मस्ती की सच्चाई को कबूल कर लिया.

वाकई उसका लंड गज़ब का मोटा था मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन उसने मेरी एक भी नहीं सुनी और धक्का लगाना चालू रखा.

आंटी ने एक जोर की चीख मारी- उईईईए माँ! मर गई!मैं आंटी की चूचियों को सहलाने लगा ताकि उनका दर्द कम हो जाये.

देखने के बाद मैंने डिम्पल से गुड नाईट कहा और सोने चला गया, दरवाजा बन्द किया। आज मैंने पानी नहीं लिया क्योंकि मुझे मालूम था कि कल की तरह मुझे लाइव शो देखने को मिलेगा।और मैं एक बजने का इंतज़ार करने लगा।जैसे ही घड़ी में 12. फाड़ डालो मेरी चूत को ! बहुत मज़ा आ रहा है ! आज जी भर के चोदो मुझे, सारी रात चोदो. सेक्स बीएफ मेंमैं आनंद-विभोर होकर कहते जा रहा था- वाह रसगुल्ले सरीखी बुर !फिर मैंने सम्भोग की इज़ाज़त मांगी !आंटी ने कहा- चोद ले.

वो बिल्कुल पागल सी होती जा रही थी।मैं उसकी चूचियों को चूसता हुआ एक हाथ से चूची दबा भी रहा था और जब भी मैं उसके चेहरे को देखता तो उसकी आँखे बंद थी और बस वो आहें भर रही थी!!!!!!!!!!!!!!!!फिर जब मैंने उसके पेट को चाटते हुए उसकी सलवार का नाड़ा खोला तो उसने कोई विरोध नहीं किया. मेरा नाम पुनीत है मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ, उम्र 24 साल है और दिखने में भी अच्छा हूँ। लंबाई 5 फुट 8 इंच है, मेरा लंड 6 इंच लम्बा है और 2. वो बाइक के पीछे बैठी, वो दोनों पैर एक तरफ करके बैठी लेकिन मैंने उसे लड़कों के जैसे बैठने के लिए कहा.

!” लड़की ने इतनी तीखी उपेक्षा के साथ कहा कि मेरी भावुकता चटख गई। लगा कि एक लार्ज और पीना चाहिए।अपमान का दंश और शराब की इच्छा लिए, लेकिन मैं उठ खड़ा हुआ और रतन का हाथ थाम बाहर चला आया।पीछे, अंधेरे कोने वाली मेज पर, चिली चिकन की खाली प्लेट के नीचे सौ-सौ के तीन नोट देर तक फड़फड़ाते रहे- उस लड़की की तरह।बाहर आकर गाड़ी के भीतर घुसने पर मैंने पाया- उस लड़की की गंध भी मेरे साथ चली आई है।. ‘ऐसे मत देखो देवर जी! आपने देखो ये क्या कर दिया?’मेरे निर्वस्त्र शरीर के अंगो को वासनामयी दृष्टि से निहारता हुआ बोला- भाभी, आप इतनी सुन्दर है, यह तो होना ही था!’ उसकी नजरें अभी भी मेरी चूत पर ही टिकी हुई थी.

आलोक का हाथ धीरे धीरे अब मेरी पूरे हाथ और कलाई पर रेंग रहा था।‘हाँ! मैं हफ्ते में दो बार ब्यूटी पार्लर जाती हूँ…’मुझे अब आलोक का सहलाना और अच्छा लग रहा था.

मोना कहाँ मानने वाली थी!अभी दस मिनट भी नहीं बीते होंगे, वो फिर से मेरे लण्ड को सहलाने लगी. अभी तो मैं बच्चा हूँ” निखिल ने हंसते हुए जवाब दिया।हाँ साले… इतना चिकना जवान लौंडा हो गया है, और खुद को बच्चा कह रहा है?” इतना कहकर राहुल ने निखिल के चूतड़ पर चिकोटी कट ली।अरे. मैंने अपना लंड उसकी गांड की दरार में रख दिया उसे अपने शरीर से चिपका कर उसके चूचे दबाने लगा.

बीएफ मूवी सेक्सी ब्लू पिक्चर अगली बार इस से भी खतरनाक चुदाई के लिए तैयार रहें और अपने अपने चूत और लंड की मालिश करते रहें. मेरी दादी और चाची ने बहुत कोशिश की थी कि मेरी मम्मी उन दोनों से गांड मरा ले पर मेरी मम्मी मानती नहीं थी। इस पर उन्होंने कसम दिलाई कि अगर मैं साड़ी में उनकी गांड मार लूं तो वो चाची या दादी से गांड मराएंगी.

यह कह कर उसने मेरा सर पकड़ा और अपने स्तनों को लगा दिया। फिर क्या मैंने उसे चोदना चालू किया।अब हर शनिवार, रविवार या फिर माँ घर पर नहीं होती तब मैं उसे चोदता हूँ। अब तक लगभग 200 कंडोम, 50 गर्भ निरोधक गोलियाँ सेक्स के लिए ख़त्म कर दी। मेरे सारे पैसे कंडोम खरीदने में जाने लगे हैं। हा हा हा हा. मैं जीजू से बोली- जीजू, मजा आ गया!जीजू बोले- मजा तो तब आएगा जब तू रंडी की तरह गालियाँ देने लगे!मैंने कहा- मुझे तो गालियाँ आती नहीं हैं. मुझे संगीता ने कभी नहीं कहा कि वो इतना मजा लेती है!’उसके चेहरे पर आश्चर्य झलक रहा था।मैंने कहा ‘रानी.

बांग्लादेश बीएफ एचडी

दोस्तों के साथ बात करते वक़्त पैंटी गीली हो जाया करती …जोजो मुझे साईट पर मिला थाउस रात मैंने जोजो को बोल ही दिया- तुम फोने सेक्स करते हो! चोदोगे कब ? मेरा बदन तड़प रहा है. अनिल ने उठकर ज्योति को पकड़ लिया मगर ज्योति ने उसे झटक दिया, शायद ज्योति मेरी वजह से शरमा रही थी. कोई भी परेशानी हो तो आप मुझे आवाज़ लगाइएगा, मैं तुरंत आ जाऊँगा।ज़ाहिरा हँसते हुए बोली- हैं.

मैंने भी स्वाति दीदी की पेंटी निकाल दी और उनको बाहों में लेकर उन्हें चूमने लगा जिससे उन्हें भी जोश आ गया और वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी. मेरे नाखून उसे गड़ रहे थे। मेरा लंड पूरा उसकी गहराई तक जा रहा था। रागिनी अब मस्त हो चुकी थी.

ज्योंही मम्मी की बुर पर अंकल ने अपना लंड रखा, मम्मी जोर से फुसकारी मारते हुए बोली- अब मुझे न तरसाओ यार! अब चोद दो!अंकल ने भी फुर्ती से अपने लंड को जोरदार धक्का लगाया और उनका लंड मम्मी की चूत में जा घुसा.

क्या लग रही थी साली! क्या चूत थी कुतिया की!फिर मैं ऊपर हुआ और अपना लौड़ा जबरदस्ती उसके मुंह में दे दिया और उसकी हलक में उतार दिया और 5 सेकिंड तक लौड़ा उसके हलक में ही रखा. उसकी नज़र बार बार मेरे लंड पर जा रही थी और मेरी उसकी दोनों चूचियों और चूत पर !मैंने सोच लिया कि मैं आज उसकी चूत के चिथड़े उड़ा दूंगा !और शायद उसकी भी यही इरादे थे………. मेरी बुआ के घर में एक किराएदार रहते थे उनकी एक लड़की थी नाम था अमिता! वो बहुत सुन्दर थी, मैं उसे चोदना चाहता था.

‘बहुत जोर मार रहा है ना, ला मैं इसका रस निकाल दूँ!’कह कर भाभी लपक कर मेरे ऊपर गाण्ड को मेरी तरफ़ करके चढ़ गई और मेरे लण्ड को जोर जोर से मुठ मारने लगी, फिर उसे अपने मुख में ले लिया. अब ये आ गये- क्यों जानू? कैसा लगा मेरे भाई के साथ सेक्स?मैंने कहा- मजा आ गया! पर अब तुम्हारा छोटा पड़ेगा!मैंने ऐसे ही मजाक में कहा था. मैं नाइटी तो उतार दूँ ?”मैंने अपनी नाइटी निकाल फैंकी। वह तो पहले से ही नंग-धड़ंग था, उसने झट से मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो मेरे मम्मों को चूसने लगा और अपना एक हाथ मेरी लाडो पर फिराने लगा। मैं अभी उसका लण्ड अपनी लाडो में लेने के मूड में नहीं थी।आप हैरान हो रहे हैं ना ?कहानी अगले भागों में जारी रहेगी।आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना).

मर गई ईईईईईईईई !”मुझे लगा जैसे कोई मूसल मेरी फूलकुमारी के अंदर चला गया है, मुझे लगा ज़रूर मेरी फूलकुमारी का छेद बुरी तरह छिल गया है और उसमें जलन और चुनमुनाहट सी भी महसूस होने लगी थी। मुझे तो लगा कि यह फट ही गई है। मैं उसे परे हटाना चाहती थी पर उसने एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया।मेरी जान….

पंजाबी सेक्सी बीएफ चुदाई: और मेरा दुर्दांत लंड कहीं दिख न जाये…लंड शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। जब लहरें उठी मैंने गोता लगाया…ऊपर आने ही वाला था कि मेरे लंड पे एक किसी के हाथ का कसाव महसूस हुआ। ऊपर आकर देखा कोई नज़र नहीं आया…. मैं पहली मर्तबा जीती जागती चूत के अन्दर अपने लंड को महसूस कर रहा था…वो अनुभूति अभी भी मुझे याद है…चूत की गीली, नर्म, गर्म सतह से लंड के जकडे होना ऐसे लग रहा था जैसे कि मैं सातवें आसमान में पहुँच चुका हूँ और आनंद के समुन्दर में गोते लगा रहा हूँ…धीरे धीरे कशिश का दर्द गायब हो गया…और वो मेरा साथ देने लगी.

तभी शर्मा अंकल की आवाज आई- अरे राणा तू चल अब अन्दर, मेरी बारी आ गई।अचानक आई आवाज से हम लोग डर गये, हमें पता ही नहीं चला था कि कोई आ रहा है।फिर राणा अंकल चले गये और शर्मा अंकल मेरे होंठ चूसने लगे. वो उठा और बोला- ये लो नेहा जी, जैसी आपकी मर्ज़ी !और इतना कहते ही उसने अपना काला मोटा 8 इंच का लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ दिया। मेरी चूत चरमरा उठी…। मैं कराह उठी. मैंने सोचा इससे पहले कि गांड का बाजा बज जाये, मुझे जीजू का लौड़ा चूत में डलवा लेना चाहिए, फटेगी तो फट जायेगी! कम से कम गांड तो सही-सलामत रह जायेगी.

सचमुच की रांडों जैसी हो गई थी कि तभी पहलवान छूटने लगा और दोनों हाथों से मेरे चूचों पर जो माल गिरा था उसे मेरे चूचों पर मसलने लगा…महामंत्री खड़े खड़े तमाशा देख रहा था.

रीता ने उसके चूचुक खींचने और घुमाने चालू कर दिए।कामिनी का मुंह खुलने लगा… आहें बढ़ने लगी। अचानक ही उसने रीता का हाथ हटा दिया और राहुल को खींच कर अपनी बाहों में भींच लिया,” मैं गई मेरे राज़ा… गई आआह… ” उसने अपने होंठ भींच लिए. मैंने उसको दोपहर के खाने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कुछ भी बना लो पर दो बजे से पहले उसको डिस्टर्ब ना करूं. मैं दिखने में स्मार्ट लगता हूँ और कोई भी जवान लड़का मुझे देखे तो मेरी गाण्ड मारने के लिए बेताब हो जाये।अब आप ही सोचो कि मै कैसा लगता हूंगा !यह बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं कक्षा में पढ़ता था। तब मेरी उम्र थी 18 साल और कद 5′.