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मेरा भाई कॉलेज में रहता है दिन में और पापा खेती के काम में बिजी रहते हैं. वो सब मेरे बॉस ने किया था मगर क्योंकि नौकरी करनी है तो सब कुछ सहना पड़ता है.

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मैंने स्कूल कॉलेज की लाइफ में केले, खीरा और ककड़ी से चुत की खाज मिटाने का का पूरा मजा लिया.

अब मैं धीरे धीरे उसके दोनों मम्मों के दूध को पीने लगा और मजा लेने लगा. तभी वैशाली बोली- हम तीनों बचपन से एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, इतने अच्छे दोस्त हैं, तुम से क्या शर्माना!मैं- लेकिन मुझे तो शर्म आती है ना… तुम दोनों 2 मिनट के लिए बाहर जाओ प्लीज़!और वो भी मेरा कहना मान कर चली गई. मैं बड़ी चाची को चोदने की अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और छोटी चाची के चूचों को मुँह में लेने लगा.

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मामी बोलीं- अरे मेरे राजा, तनिक आराम से, धीरे धीरे… तुम तो यार किसी एक्सप्रेस की तरह भागे जा रहे हो! जरा छोटे स्टेशन्स का व्यू भी लेते जाओ!तो मैंने थोड़ी शांति पकड़ी और अपना एक हाथ उनकी योनि पर ले गया. थोड़ी देर की और मेहनत और दर्द को सहन करते हुए अब लंड आरुषि की थोड़ी देर की और मेहनत और दर्द को सहन करते हुए अब लंड आरुषि की गांड में अपनी जगह बना चुका था और अब आसानी से अन्दर बाहर होने लगा था. फिर भी मैंने अपने आपको रोका और उसके साइड में लेट कर उसे किस करने लगा.

वो नीचे बनियान नहीं पहने था तो लालजी सिर्फ अब अंडरवियर में मेरे सामने हो गया. तुम मेरा किसी तरह से पानी निकाल देना, तब मैं संतुष्ट होने के बाद नहीं चोदूँगा. मैंने उसके गले पर अपनी जीभ से किस करना चालू कर दिया, तो उसने मुझे अपने हाथों से जोर से दबा लिया.

शुरू शुरू में हाय हैलो से बात हुई, फिर पता चला कि वो अहमदाबाद की ही है.

अपनी योजना को लेकर एक दिन मैं क्लास में नहीं गया और छुप कर उनके नहाने का वेट करने लगा. अब तक भाभी बहुत ही ज्यादा गर्म हो गई थीं, जो उन्होंने बाद में बताया.

उनके पति बहुत कम घर में रहते हैं, कई बार तो एक एक महीने तक बाहर रहते हैं. मैं अब क्या करूं, रूकूँ या जाऊं; मेरे समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था. वो पूरे दिन वो मेरी बांहों से अलग नहीं हुईं और फिर हम साथ साथ सो गए.

गाड़ी जब मैंने अपने घर पास रोकी, तो आंटी बोलीं- पहले मेरे घर चलो, वहाँ मुझे कुछ काम है. मैं बोला- क्यों झूठ बोल रहा है यार तू?तो बोला- अरे नहीं… सच में ऐसा होता है! अगर यकीन नहीं तो इस बार कोई मिले तो तू उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा देना, फिर देखना क्या होता हैं।मैं बोला- ठीक है, देखता हूँ. भाभी भी नीचे से कमर उचका उचका कर धक्के लगा रही थीं और मेरा भरपूर साथ दे रही थीं.

बीएफ चोदाचोदी बीएफ मेरे लंड ने दो तीन बार और बची-खुची बूंदों से भाभी की चूत को अपना रसपान करा दिया. वो लंड डाल कर कुछ देर रुक जाता था और बिना हिले डुले लंड को चुत में घुमाता था… जिससे चुत को बहुत मजा आता था.

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उसने मेरे बारे में पूछा, मैं बोली- मैं मेरे घर में अकेली रहती हूं, मेरे पति बिजनेस के सिलसिले में बाहर रहते हैं!तो उसने स्माइल की और बोला- मैं भी अकेला रहता हूं।इस तरह दोनों की बातों बातों में बात बहुत आगे तक चली गई और हम दोनों ने मिलने का प्लान बना लिया. अंदर गयी तो देखा कि मेरी सखी मधु अपने प्रेमी राज को अपने निप्पल चुसाने में व्यस्त थी, गोल गोल टाईट चूचियां थी मधु की… राज उन्हें बारी बारी से अपने मुंह में लेकर चूस रहा था और उसका एक हाथ दूसरी चुची को दबा रहा था. बापू नहीं चाहता था कि उसके सिवाए कोई और मर्द उन मुलायम जिस्म के हिस्सों को छुए.

मैंने कहा- मुँह से मत चूसो, मुझे पेशाब करनी है, वीर्य नहीं निकालना है. मुझे नहीं पता था कि उसकी माँ नीलू दरवाजे के पास से मुझे देख रही थी. চোদাচুদি বই দাওसच में मुझे अगर तुम्हारे जैसी दुल्हन मिल जाए तो मेरी जिंदगी बन जाए.

मैंने पूछा- घर के लोग कहाँ गए?उन्होंने बताया- दोनों बच्चे स्कूल गए हैं, हस्बैंड शॉप पर गए हैं, काम वाली काम करके चली गई है, अतः घर पर हम दोनों के अतिरिक्त कोई नहीं है.

वो कार से बाहर निकली, सर्दी की वजह से ओवर कोट में थी। वो उस समय गज़ब की हूर लग रही थी … एक कुछ पल तो मैं उसे देखता ही रह गया. मैंने उससे कहा कि मैं अभी तो दिल्ली जा रहा हूँ, आपको लौटकर अपनी सर्विस दे पाऊँगा या फिर आप किसी और की सर्विस ले लीजिए.

अच्छा मैं भी तो चख कर देखूँ कि मेरा ये शब्बो” फल कितना मीठा है?” मैं ये कहते हुए उनको अपनी बांहों में भरने के लिए उनकी तरफ चल दिया. मेरी इस नजर को वो भी भरपूर एन्जॉय कर रही थी और बिना मुझे टोके वो मेरी तरफ अपने हुस्न का दीदार कराती रही. मैंने कहा- मैं मतलब नहीं समझी?उसने कहा- तुमने देखा नहीं था सुबह मेरे होंठों का क्या हुआ था.

मैंने उनकी दोनों टांगों को फैला कर एक पैर को अपने कंधे पर डाला और अपना साढ़े छह इंच का लंड उनकी चूत पे लगा कर एक ज़ोर का धक्का दे दिया.

पीयूष भी अंडरवियर और ऊपर शर्ट में था, तो वह भी अपने शर्ट की बटन खोलने लगा और उसने भी शर्ट को उतार दिया. चूँकि मैं अभिलाषा से पूरी तरह से खुल चुका था, अतः मैंने अभिलाषा से पूछा- आज मेरा सामान कहां है?अभिलाषा ने कहा- सर, लगता है जूली को आपने पूरी रात सोने नहीं दिया, आज सुबह ही उसका मेरे पास फोन आया था, वह कह रही थी कि मैंने आपके गेस्ट को खुश कर दिया है और मैं इतनी थक चुकी हूँ कि आज मैं होटल नहीं आ सकती तो मैंने भी उसे छुट्टी दे दी. जीभ चूत के अन्दर डालते ही वो एकदम से गनगना उठी और मेरा सर तेजी से दबाने लगी.

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अब मेरे सामने नई मुसीबत खड़ी हो चुकी थी, संजू चाहता था कि मैं उसकी बीवी मंजू को उसके सामने चोदूँ और मंजू चाहती थी कि जब संजू न हो तब मंजू को चोदूँ!समझ नहीं आ रहा था करना क्या है!तभी कैम्प वाले ने हमें बोला- राफ्टिंग करने जाना है तो तैयार हो जाओ!हम तीनों राफ्टिंग के लिए चल पड़े. राशिद ने कमरे की मेन बत्ती पहले ही बुझा रखी थी, बस कंप्यूटर की स्क्रीन की रोशनी हो रही थी।अब सब लोग कपड़े उतारो।” राशिद ने कपड़े उतारने की पहल करते हुए कहा।मम-मैं क्यों?”क्योंकि तुम्हें भी मजा लेना है। मुझसे शर्माओ मत. मनोरमा ने उससे कहा- जब भी दिन के टाइम का रखूंगी तो तुमको बोल दूँगी.

मैंने मुँह बाँध कर निकलना शुरू कर दिया था और इस तरह से निकलते वक्त मैं गहरे गले का टॉप पहनती थी ताकि मेरे मम्मों की घाटी लोगों का लंड खड़ा कर दे. बापू ने फिर से पद्मिनी को चूमना शुरू किया और उसकी चूचियाँ दबाने लगा. विमला आंटी जो मेरी पड़ोसी थीं, एक दिन उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया.

शरीर एकदम अकड़ गया और योनि जैसे बह चली। लेकिन यहाँ वह अहाना की तरह थमा नहीं बल्कि उसे अपना भी निकालना था तो चलता रहा और थोड़ी देर के बाद मैंने महसूस किया कि उसकी मुनिया फूल रही थी और कुछ गर्म-गर्म मेरी योनि में भरने लगा।वह मेरे ही ऊपर गिर कर भैंसे की तरह हांफने लगा।यह हमारे पहले राउंड का अंत था जहाँ हम तीनों ही अपनी मंजिल तक पहुंचे थे. मनोहर बोला- वन्द्या, तेरी चूत बहुत चुदासी है और मेरा लौड़ा भी पागल हो रहा है, अब मैं तेरी चूत में लंड घुसा रहा हूं. आई लव यू पापा … मेरी जान … मेरे राजा … फाड़ के रख दो मेरी चूत अपने लंड से.

एक तो मैं उनकी भूख शांत करता हूँ और पूरी गोपनीयता भी बनाए रखता हूँ. वो मुस्कुराई, बोली- अच्छा! तो सुबह तक ऐसे ही वेट करने का इरादा था क्या?मैं बोला- हां शायद!वो बोली- अच्छा जी, तो मेरे बेड पे क्यूँ आए?मैं बोला- तुम्हारी खूबसूरती निहारने!वो बोली- क्यूँ? कल ही तुमने बोला, सही नहीं हुआ तो अब क्यूँ आए?मैं बोला- तुम्हारा बिहेवियर रयूड था दिन भर मेरे साथ.

एक दिन वह दरवाजे पर खड़ा था, मैं कमरे से बाहर निकली तो उसने स्माइल की, मैंने भी स्माइल की, इस तरह दोनों में धीरे धीरे बात का सिलसिला प्रारंभ हो गया.

तभी ज्योति की नजर अपनी चूत और उस चादर पर पड़ी, जिस पर खून का एक बड़ा सा घेरा बन चुका था, जिसे ज्योति बड़ी ही हैरत से देख रही थी. पोर्न सेक्सीजब वो चलती हैं तो एकदम कयामत ढाती हैं जब चाची के चूतड़ ऊपर नीचे ऊपर नीचे होते हैं तो!मेरी चाची होने की वजह से हम दोनों में अच्छी बातचीत होती रहती है. भाभी देवर का सेक्सीअब आगे:उसने सीमा के घर के पास में ही गाड़ी खड़ी की, मैं गाड़ी से उतरी, वह पीछे से बोला- मैं आप को सात बजे लेने को आऊंगा. आपको कैसा लगी मेरी कहानी? और मेरे लिए कोई सुझाव या मुझसे कोई शिकायत हो तो मेल के द्वारा बताएं मेरा मेल है[emailprotected]धन्यवाद.

”मैं जल्दी से नहा कर जैसे ही दरवाजा खोल कर देखा कि कोई नहीं है तो मैं पूजा को बाहर करने लगा.

मैं अपने हाठों से उसे रोक रहा था मगर उस साली की ताकत भी ज्यादा थी मैं उसे अपने बस में नहीं कर पा रहा था. उसके चाचा के लड़के की शादी थी और घर में कोई न होने की वजह से दीदी उसके साथ नहीं जा पाई थी. मुझे भी न जाने क्यों उसके द्वारा बुलाए जाने में एक ख़ुशी सी मिली थी.

इस तरह मैं उनको चोदता रहा और काफ़ी टाइम बाद उनकी गांड में ही झड़ गया. इस सबके बाद अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर चुसवाता था और जब उसका लंड मेरे थूक से पूरा गीला हो जाता, तो अपने थूक को मेरी चुत में डाल कर दोनों की चिकनाई हो जाने पर अपना लंड चुत में डाल देता था. उसकी माँ की चुत को गीली देख कर मैं सीधा मुठ मारकेमाँ की चूतचाटने लगा.

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एक बार मैं उसके घर गया हुआ था और किसी काम से दोपहर में झुंझुनू शहर आया. नमस्कार दोस्तो, मेरी पिछली कहानीचाची की चूत में खाता खोलामें आपने मेरे चाची व मैडम के बारे में जाना!अब मेरे साथ परेशानी क्या हो गई थी कि मुझे दोनों का ख्याल रखना था जबकि ये दोनों अलग-अलग शहरों में रहतीं थीं. वो भी अब बहुत गर्म हो चुकी थी और बार बार कह रही थी- अब रहा नहीं जाता.

मुझे नींद सी आ गई और मुझे पता नहीं चला, मैं कब उसकी गोद में पहुंच गया.

वो मेरी चूत को देखने के बाद मेरी चूत को सूंघ रहा था और बोल रहा था- आह.

लेकिन उस हालत में भी मैं लगा रहा, थोड़ा बहुत लिंग और थोड़ा बहुत अपने हाथ मुंह से मैंने उनका भी पानी निकलवाया. मैं हमेशा सोचता रहा हूँ कि अपनी कहानी भेजूँ लेकिन किसी न किसी कारणवश भेज नहीं पाता हूँ. सेक्सी पिक्चर इंग्लिश में नंगीअगले दिन ड्राइवर को, जिसका नाम रतन था, बुलाया और पूछा कि उसके पास ढंग के कपड़े हैं, या नहीं.

जाते जाते वो अपने घर पद्मिनी को यह बताने गया भेजा कि वह देर से घर वापस आएगा. हम दोनों इस बारे में सोच ही रहे थे कि इतने में उन्होंने कहा- मैं नहाने जा रही हूँ, तुम वहाँ आ जाना, हो सके तो वहीं कर लेंगे, नहीं तो बेडरूम में आकर कर लेंगे. वहाँ पर उसे कोई नई लड़की मिल गई थी, जिसके मां बाप कनाडा में रहते थे और उसको पढ़ने के लिए भारत में भेजा था.

फिर मैंने बड़ी चाची से कहा- अब तेरे ताले का नम्बर है कुतिया… बहुत आग है तेरे ताले में साली अभी बताता हूँ रंडी. मैंने उसके होंठों को चूमा जो काफी रसीले थे, उसकी गर्दन पर किस किया.

उसका बिहेवियर बाकी दिन जैसा ही था, ना कुछ बातचीत, ना हाय हेलो… सारा दिन में उसी के बारे में सोच रहा था.

मैंने उससे कहा- मुझसे शादी करोगी?उसने कहा- इसके बारे में बाद में बात करेंगे. उन्होंने मुझे अपनी ओर खींचा और मेरे होंठ पे अपने होंठ रख कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगीं. दिमाग की नसें खिंचने लगीं और सारे शरीर में एक अजीब आनंददायक लहर दौड़ने लगी।और जब मेरी बर्दाश्त से बाहर हो गया तो मुझे भी अहाना की तरह आखिर बोलना ही पड़ा- करो अब.

સેકસ વિડિઓ वो शायद जल्दी में थी या कोई और भी उसके पास था, तो उसने रात में बात करने का बोल कर फ़ोन रख दिया. गलती से पिछली रात को सेक्स टॉय यूज करने के बाद मैंने उसे हॉल में ही छोड़ दिया था.

मुझे चुत चोदने का मन तो बहुत कर रहा था, लेकिन कोई चुत नहीं मिल रही थी. मेरा लण्ड बुरी तरह से अकड़ने लगा।मैंने धीरे से प्रिया को अपने से दूर किया और उनके माथे पर किस किया फिर दोनों आँखों पर किस किया।प्रिया ने आँखें बंद कर ली. ”मैंने पूछा कि मैडम जी क्या क्या नहीं समझ में आया आप बोलिये तो मैं समझा दूंगा.

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उसने अपने चूचुक मेरे मुंह से लगाये और धीरे से बोली- चल राजे, अब जल्दी से मेरे दूध को दबा दबा के चूस… पूरी मुंह में लेकर ज़ोर से दांत गाड़ दे इनमें. तभी मैंने दूसरा झटका लगाया और इस बार मेरा पूरा लंड भाबी की चूत में घुस गया. दोस्तो! मुझे हमेशा कुंवारी लड़की की बजाये 35-40 साल की चुदी हुई लेडीज़ को चोदना ज्यादा पसंद है, क्योंकि वे मजा लेती भी हैं, और देती भी हैं.

मैंने उसके लंड हो हल्के से अपने दांतों से दबाया वो आआह बोला- सासू जी, काटो मत, निकल जायेगा।जब मैंने उसके लंड को हाथ में पकड़ का अपनी जुबान का सिरा उसके मोटे लंड के सुपारे पर रखा और उसको चाटने लगी. बुआ के मुँह से ऐसा सुनकर मैंने उनसे कहा कि तो बुआ मुझे ही बना लो ना.

मैंने उनसे उनके परिवार के बारे में जाना, तो पता चला वो 5 साल से अपने पति से अलग रह रही हैं.

फिर मैं उनके पास गया और पूछा- खाला, ये सब क्या है?खाला बोली- आमिर, आज तुम्हारा इम्तेहान है. तभी जीजा ने एक प्लेट में इडली निकाली और गलास में कोल्ड ड्रिंक और सामने रखे, मैं बोली- मुझे खाने की इच्छा नहीं!तो जीजा अपने हाथ से लेकर मेरे मुंह में डालने लगे और बोले- मेरी खूबसूरत साली वन्द्या, तुम यह मेरे हाथ से खाओ!मैं खाने लगी. उन्होंने जल्दी से अपने मम्मों पर अपनी साड़ी लपेट ली और ब्रा और ब्लाउज़ उठाते हुए अन्दर बेडरूम में जाते हुए अपने बेटे से बोलीं- आ रही हूं बेटा.

मगर उसने कहा- मुझे सभी दोस्तो ने बता दिया था कि जब पहली बार चूत में लंड जाएगा तो उसमें से खून निकलेगा मगर थोड़ी देर बाद दोनों को पूरा मज़ा आएगा. सुकन्या रानी भी मूड में आकर बोली- बातें बहुत करते हैं आप!इस बार मेरा एक हाथ सीधे उसके पल्लू पर गए और मैं उसकी स्लीवलेस ब्लाउज को उतारने लगा, उतारने क्या लगा, फाड़ने लगा. दोस्तो ऐसे ही मैंने भाभी की कई बार चुदाई की और वो भी काफ़ी अवस्थाओं में चुदाई की.

रेखा रानी ने कहा- राजे अब तेरी रेखा रानी तुझे इनाम देगी… तूने बहुत मस्त कर दिया अपनी रेखा रखैल को… अब चुप चाप बिना हाथ पैर हिलाए पड़ा रह और इनाम का मज़ा लूट.

बीएफ चोदाचोदी बीएफ: मैंने यह कहते हुए फोन बंद कर दिया कि ठीक है… मगर याद रखना जो मैंने कहा है. उन्होंने ही मुझसे धमकी देकर कहा था कि अगर जान सलामत चाहते हो तो सुबह आकर बीवी को ले जाना.

फिर उनके बॉडी की आइस क्रीम को मैं चाटने लगा, पहले बूब्स पे लगी आइस क्रीम को चाट गया और फिर चूत के अंदर अपनी जीभ पे आइस क्रीम रखकर जीभ चूत के अंदर डाल दी. कहानी के अगले भाग में आप प्रभा के बाकी बेटियों के साथ की चुदाई, मम्मी के गर्भवती होने एवं शीतल से मेरे विवाह की कहानी पढ़ेंगे!तो यह कहानी कैसी लगी आपको?मुझे मेल कर के जरूर बतायें![emailprotected]धन्यवाद!कहानी का अगला भाग:मेरी मम्मी रंडी निकली-4. मम्मी आ गई थीं, भाभी ने थोड़ी देर मम्मी से बात की और मुझे अपने घर आने का इशारा करके चली गईं.

क्योंकि जब तक भाभी अपने मुँह से आई लव यू…” नहीं बोलतीं, मुझे चैन मिलने वाला नहीं था.

थोड़ी देर के बाद मेरे लंड ने पिचकारी मारनी चालू कर दी और भाभी की चुत अपने रस से भर दी. तो उसने मुझे बताया कि वह ग्रेजुयेशन कर रही है और साथ ही सिविल सर्विसेज़ की तैयारी भी कर रही है. मैंने अपने लंड पर थोड़ी वैसलीन लगाई और सोनिया की दोनों टांगें ऊपर उठाकर चुत के छेद पर लंड सैट करके जोरदार धक्का लगा दिया.