हिंदी चुदाई वाली बीएफ

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धारा 8/20 क्या है: हिंदी चुदाई वाली बीएफ, अब बताओ कौन है वो और क्यों आया था यहाँ पर और कैसा सरप्राईज…!रेहान- जान वो सचिन था, जिस फिल्म में आरोही काम कर रही है उसका सेकेंड हीरो, उसके लिए मैंने तुम्हें हिरोइन चुना है और तुम हो कि शक कर रही हो…!जूही- क्या रियली वो हीरो था.

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?मनोज- इसमें दगा की क्या बात थी यार? तुम तो हमेशा से खुले माइंड की रही हो… ऐसे तो अब भी तुम अपने पति से दगा कर रही हो…सलोनी- क्यों ऐसा क्या किया मैंने… ऐसी मस्ती तो तुम पहले भी किया करते थे. सेक्सी मराठी मे!!”दोस्तों एक भूल कर के मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई थी, तुम लोग ये भूल मत करना! किसी को मुझसे हमदर्दी है तो मुझे मेल करें।[emailprotected].

साजन के अंग पे चढ़-चलकर, मैं सुख के शिखर तक जा पहुँची,अंगों के घर्षण-मर्दन से, तन में ज्वालायें कई-कई धधकीं,मैं जैसे ही स्थिर हुई सखी, साजन ने नितम्ब-क्रम चला दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. सास और ससुरचूमत-चूमत, चाटत-चाटत साजन पंजे पर बैठ गएमैं खड़ी रही साजन ने होंठ नाभि के नीचे पहुँचाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

पर अगले दिन से उसकी फिर से वही हरकतें चालू… तो मैंने बोला- इस सन्डे को हॉस्टल से छुट्टी ले ले, कहीं चलते हैं…तो सन्डे को हम दोनों कॉलेज के बाहर मिले। वो पूरी माल लग रही थी.हिंदी चुदाई वाली बीएफ: मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ.

?मैं बोला- मेरा नाम लिया करो…!फिर उसने थोड़ा नॉटी सा चेहरा बनाते हुए पूछा- भैया कहने में क्या खराबी है?मैं समझ रहा था कि वो सब जानबूझ कर कर रही है…!और मैंने झट से कह दिया- तुम मुझे अच्छी लगती हो.!”सुनील ने भी कहा- ठीक है, चलो फिर मैं अभी तुम्हें हॉस्टल छोड़ देता हूँ।फिर उसने बाइक स्टार्ट की और मुझे हॉस्टल छोड़ा और अपने फ्लैट चला गया। मैं रविवार का इंतज़ार करने लगी और सोचती रही राहुल कैसा दिखता होगा, जिम में ट्रेनर है लोगों की बॉडी बनवाता है, तो उसकी खुद की बॉडी कितनी मस्त होगी।मैं दो दिनों तक दिन-रात यही सोचती रही।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected].

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और मैं आते चाची को अपने बाहों में भर लिया और फिर चाची इठलाती हुई अपनी बातें करनी लगी।अब हालात ऐसे थे कि मैं एक मर्द की तरह अपनी औरत के साथ चिपक लेटा हुआ था.कभी नाम नहीं सुना उसका और उसकी हरकतें भी ठीक नहीं थी। आपके कहने पर मैं चुप थी और उसकी बातें भी नहीं समझ आईं कि अभी कच्ची है, पकाओ वगैरह वगैरह.

जय- ओह वाओ! ब्यूटीफुल! तुम्हारे निप्पल तो पिंक हैं, आई लव यू!मैंने देखा जय भी एक हाथ अपनी पैंट में घुसाया हुआ था. हिंदी चुदाई वाली बीएफ साली ने मुँ में लेकर काटना-खाना शुरू कर दिया।मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसे जा रही थी कुतिया रंडी साली ! पूरे लंड को मुख में लेकर खा रही थी साली, चूस चूस के लंड का पानी निकाल दिया और मैंने अपना पानी उसके मुँह में छोड़ दिया.

मेरे लौड़े से तो बूँदें टपकने लगीं…!जूही के मुँह में लंड था, उसको हँसी आ गई। उसने और ज़ोर से लौड़े को चूसना शुरू कर दिया।साहिल- आ.

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!पर जीजाजी कहाँ मानने वाले थे। उन्होंने कामिनी की गाण्ड के छेद पर लण्ड लगाया और एक जबरदस्त शॉट लगाया और लण्ड गाण्ड के अन्दर दनदनाता हुआ घुस गया।कामिनी चीख उठी, उई माँ. मेरी रानी।” वो नीचे की तरफ सरके और मेरी चूत पर ऊँगली फेरी, दाने को छेड़ा, मैं तड़प उठी। ऊँगली से चूत के होंठों को अलग किया और जुबान रख दी।हाय राकेश. कामसूत्र के पैकेट को देखते ही सलमा अचानक बोल उठी- अरे? तो क्या शादी के बाद भी कोंडोम इस्तेमाल करन पड़ेगा?***सलमा और इरफ़ान की सुहागरात थी.

!और मेरी कमर से मुझे पकड़ कर मेरे गालों पर चूम लिया और मुझे कसके गले लगाकर मेरी गर्दन पर चूमा, मेरी चूचियाँ उनके सीने से दबने लगे, मुझे बहुत अच्छा लगा।फिर उसने मुझे बिस्तर पर बैठने के लिए कहा, मैं बैठ गई और पूछा- तुम्हारे दोस्त कहाँ हैं. यह देखो साली कैसे चूत को सेंक रही है…!साहिल ने एलईडी को ऑन करके जूही को लाइव देख कर बोला।रेहान- ओके… मैं जाता हूँ तुम ध्यान रखना कोई गड़बड़ ना होने पाए…!इतना कहकर रेहान बाहर निकल कर नीचे चला गया।कमरे में आकर रेहान बीयर की बोतल खोल कर पीने लगा।रेहान- जान क्या कर रही हो. आह’ कर रही थी।फिर मैंने उसके मम्मे पकड़ लिए और चोदने लगा। मैं उसकी गर्दन पर चूम रहा था और उसकी कमर पर हाथ फिरा रहा था। उसे गुदगुदी भी हो रही थी। अब वो भी मेरे धक्कों से कदम मिला रही थी। जब मैं आगे होता वो पीछे होकर पूरा लंड लेती।मैंने दोबारा उसके मम्मे पकड़ लिए और उसका मुँह पीछे करके उसका चुम्बन लेने लगा। मैं बिल्कुल उससे चिपका हुआ था। यह आसन कितना सेक्सी होता है, यह मैं ही जान सकता हूँ दोस्तों.

लेखक : जोगी यारामैंने पहली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम साईट को चार साल पहले देखा था। पहली बार लिखने को मन किया क्योंकि अब मुझे हिंदी लिखना आ गया है और जिसके बारे में कहानी है वो अब इसे नहीं पढ़ सकती है।मेरा नाम रवि है, पंजाब के एक दूर दराज के गांव का रहने वाला हूँ, यह कहानी राधा की है, वो भोली-भाली कतई नहीं थी बल्कि यूँ कहिये कि मैं चूतिया था. बस इसी सोच में उसकी आँख लग गई और वो भी सो गया।दोपहर दो बजे नौकरानी ने राहुल को जगाया कि लंच तैयार है, आप कर लेना।दोस्तो, मैंने आपको बताया था न. मैं एक दिन अपनी भाभी के घर पर आया हुआ था, भाई काम के सिलसिले में रामपुर गए थे और भाभी घर में अकेली थीं.

टी रोड पर ढाबा है वहाँ खाना खाकर देखेंगे।मैंने चाहते हुए भी अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे उसको मेरे गांडू होने का हिंट मिले. खूब अच्छे से चुदाई हुई थी।भरपूर चुदाई के आनन्द के बाद हमने सोचा कि अब वापस चलना चाहिए तो दोनों ने कपड़े पहने और एक-दूसरे को खूब प्यार किया और वादा किया कि हम फिर मौक़ा मिलते ही इस सब को फिर से करेंगे और बार-बार करेंगे।अब जब भी मेरे पति बाहर जाते हैं, शिशिर चोदने की जिद करता है। मैं भी कभी-कभी उसे मौक़ा देती हूँ, पर बाकी मेरे ढेरों और यार भी तो हैं… उनको भी तो अवसर देना होता है न…!खैर आप आइएगा.

गुड अब यह भी बता दो कभी सेक्स किया है किसी के साथ या नहीं?आरोही- कैसी बातें करते हो रेहान, आप भी हटो न… मुझे शर्म आ रही है….

!बाद में पापा ने मुझे जूनागढ़ पढ़ाई करने भेज दिया। मुझे आज भी लगता है कि प्रिया मेरे साथ ही है।लव यू प्रिया.

मैं- स्मार्ट बॉय, अब बताओ क्या देखोगे अपनी श्रेया की? चूची या पूसी?जय- दोनों! पहले अपनी फ़ुद्दी दिखाओ. कुछ हलचल हुई, मैं चौंक गई, साजन को परे हटाय दियारात में मिलूँगी साजन ने, सखी मुझसे वादा धराय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. किसने रोका है…!रेहान- ऐसे नहीं, मैं आरोही को अपने साथ ले जाना चाहता हूँ दो दिन उसको मेरे पास रहना होगा। मैं आराम से करना चाहता हूँ !राहुल- क्या.

उसने मेरा पानी भी पिया फिर पूछा- अब बताओ क्या ख्याल है?मैंने कहा- तुमको रोज चोदने का!वो बहुत खुश थी, हम दोनों साथ नहाये और फिर बाहर आकर कपड़े पहने!मैं उसका बदन पाकर खुश था और वो मेरा लंड पाकर!उसको चलने में थोड़ी तकलीफ थी तो मैंने उसको उसके घर के पीछे तक छोड़ दिया और जल्दी मिलने का वादा किया. लेकिन एक दिन ऐसी घटना हुई कि मैं उसे पाने के लिए बैचैन हो गया।दरअसल एक दिन दोपहर को मैं उसके कमरे में गया. मैं चाची को छेड़ते हुए बोला- क्यूँ चाची अब तो मर्द मानती हो ना?चाची बोली- क्या लल्ला? कैसे मर्द बनते हो.

आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी, जरूर ईमेल करना!और बहुत कुछ है जो आपको बताना है, पहले आपके ईमेल का इन्तज़ार रहेगा.

तो उसने फिर पूछा- नहीं…कुछ तो बात है?मैंने कहा- कुछ नहीं बस ऐसे ही।शालू हँसते हुए- कहीं गर्ल-फ्रैंड की याद तो नहीं आ रही है।मैं- नहीं… मेरी कोई गर्ल-फ्रैंड नहीं है।शालू- या आप हमें बताना नहीं चाहते? प्लीज बताइए ना. और अभी यह संभव नहीं है कि हम कुछ कर सकें… तो प्लीज मुझे जाने दो और तुम भी जल्दी से तैयार होकर ऊपर आ जाओ, सब तुमसे मिलना चाह रहे हैं।” इतना कहकर प्रिया ने मुझे ज़बरदस्ती अपने ऊपर से उठा दिया और मेरे लंड को एक बार फिर से सहलाकर जाने लगी।प्रिया के जाते जाते मैंने बढ़कर उसकी एक चूची को जोर से मसल दिया… यह मेरी उत्तेजना के कारण हुआ था।उफ़…ज़ालिम कहीं के. मज़ा आ रहा था।तुम कभी आए तो अपुन ऐसे ही चुदाई करेंगे बाथरूम में…!खैर चुदाई जारी थी, फिर हम दोनों झड़ गए। शिशिर नहा कर बाहर निकल गया, मैं नहाती रही।शिशिर मुझे नहाते देख रहा था, तभी वो बोला- भाभी तुम्हारे चूतड़ तो बहुत मस्त हैं यार….

चाय बना कर ननदोई जी को जगाया, फिर चाय पीते पीते वो फिर मूड में आ गए।मैंने मना कर दिया कि दिन भर थकान रहेगी, रहने दो, फिर कभी. !मैंने उसकी गाण्ड के नीचे एक तकिया लगाया और उसके पैरों को फैला दिया। फिर मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत पर रखा, तो उसकी चूत का छेद पूरा ढक चुका था।मैंने धीरे से लौड़े को उसकी दरार में दबाया, तो उसके मुँह से चीख निकली, आआआ… आआआ. उसकी आँखों में वासना के डोरे नज़र आने लगे पर मौके की नजाकत को समझते हुए अपने हाथ वहाँ से हटा लिया और उसके हाथों को अपने ऊपर से हटा दिया।अब मेरा ध्यान वहाँ के नजारों पर गया, रास्ते बहुत ही घुमावदार थे, पर सच में यों ही इसे पहाड़ों की रानी नहीं कहा जाता, पहाड़ों के शिखर को बादलों ने अपनी आगोश में भरा हुआ था, ऐसा लग रहा था मानो ये रास्ते जमीन से जन्नत तक ले जाते हों…हम लगभग एक घंटे बाद मसूरी पहुँचे.

मेरी आँखों में तो आँसू थे, साजन ने आँखें चूम लईआँखों से गिरी हीरों की कनी, होंठों की तुला में तोल दईहर हीरे की कनी का साजन ने, चुम्बन का अद्भुत मोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

और चूसने लगा।फिर मैंने अपना एक हाथ उसके चूची पर रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा।वो गर्म होने लगी, फिर मैंने उसकी साड़ी उतार दी, अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में थी। मेरा लंड भी दोबारा खड़ा होने लगा।मैंने उसका ब्लाउज और पेटीकोट भी उतार दिया और उसके चूचियों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा।दस मिनट ऐसे ही चुसवाने के बाद वो काफ़ी गरम हो चुकी थी।चाची- अब चोद भी दो मेरे राजा. उसके हाथ में एक बहुत नए स्टाइल की ब्रा थी… जिसे वो चारों ओर से देख रही थी…फिर उसने ब्रा को मेज पर रखा ओर एक बार पर्दों को देखा… फिर अचानक उसने अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected].

हिंदी चुदाई वाली बीएफ और मैं अपनी इच्छा से तो कुछ भी कर सकती थी… पर श्रेया को कैसे कहूंगी?मैंने उनसे कहा- श्रेया को मैं जबरदस्ती तो नहीं कर सकती ना !वो बोले- सजा तो सिर्फ़ तुम्हारी है, श्रेया अपनी इच्छा से इस खेल में शामिल होने चाहे तो ठीक है। लेकिन अगर दोनों मिल कर यह कारनामा करेंगी तो मज़ा दस गुना हो जायेगा।श्रेया नहा कर तैयार थी, मैंने उसकी पसंद की पनीर की सब्जी बनाई. !मुझे क्या एतराज हो सकता है और चमेली की माँ से भी बात कर लेंगे, पर…!”कामिनी बोली- बस तू देखती जा, कल की कॉकटेल पार्टी में मज़ा ही मज़ा होगा.

हिंदी चुदाई वाली बीएफ ई।”मैं चूत चाटने लगा मैं चूत के दोनों होंठों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दाने पर जीभ रगड़ने लगा तो कविता ‘उफ. वो कोई छोटा-मोटा आदमी नहीं है बड़ी-बड़ी हिट फ़िल्में बनाई हैं और रही उसकी हरकत की बात, तो मैंने पहले ही कहा था इस लाइन में ये सब आम बात है। वो तुमको आजमा रहा था, अगर तुम कुछ बोलतीं, तो वो मना कर देता ! समझी?आरोही- आजमा रहा था.

अगर मैंने तुमको टच भी किया तो वो मेरी लाइफ बर्बाद कर देगा जी।जूही- मन तो करता है, तुझे अभी जान से मार दूँ, पर तेरे जैसे गंदे आदमी के खून से मेरे हाथ ही गंदे होंगे। अब बाहर जाकर तेरे जो मन में आए वो झूट बोल और यहाँ से निकल जा.

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बेतरतीब सी पीली साड़ी में अपने आधे बदन को दिखाती हुई और अपने प्रेमी के साथ बारिश में भीगती हुई, उससे लिपटती हुई एक लड़की ! क्या आपका मन रोमांस से नहीं भर जाता?और फिर आपने यह गाना भी जरूर सुना होगा:जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात”…. ! उस सीडी को लगाने की मेरी अब हिम्मत नहीं है, उसे देख कर यह मानेगा क्या?” मैं उनके लौड़े को पकड़ कर बोली।आप भी कमाल के आदमी हैं चुदाई से थकते ही नहीं. ग़लती से दीपाली मुँह से निकल गया।विकास ने तब तक लोवर ऊपर कर लिया था उसका लौड़ा अभी भी तना हुआ था।प्रिया- आप मुझे दीपाली ही समझ रहे थे.

! जहाँ चूत देखी पिल पड़े… अब जब मेरी बुर में घुसा ही दिया है तो देखूँगी कि तुम्हारे लौड़े में कितना दम है… चोदो राजा चोदो इस बार चुदाई का पूरा सुख उठाऊँगी… हय मेरे चुदक्कड़ जीजा फाड़ कर लाल कर दो इस कमीनी बुर को … और ज़ोर से कस-कस कर धक्का मारो … ओह अहह इसस्स्स्सस्स बहुत मज़ा आ रहा है. ।” उसने मेरे होंठों में होंठ डाले। होंठ चूसते साथ साथ जुबानों का एक-दूसरे से मिलन हो रहा था।मुझे उसकी चुम्मी ने आग लगा डाली। मेरे मम्मे मसलने लगा, उसने मेरी टी-शर्ट उतारी।तुम ऐसे सुंदर दिखते हो. हाँ ! मैंने तुम्हें समझाया था ना कि पहले तेल मालिश और फिर कुछ कसरत फिर वो जल थेरेपी तुम्हें समझाऊँगा।उसे तो कुछ समझ ही नहीं आया उसने असमंजस में मेरी ओर ताका।‘ओह.

चलो चलो चलते हैं…!रेहान जूही को अपनी बाँहों में भर कर जाने लगता है। राहुल और आरोही उनको देख कर मुस्कुराते हैं।जूही- बाय बाय.

इस समय उसने सिगरेट अपने हाथों के पीछे की हुई थी… और वो साइड में होकर… झुककर देख रहा था।सलोनी ने होने होंठ अब मेरे गर्दन पर रगड़ते हुए मेरे कानों के निचले भाग पर पहुँचने की कोशिश की…वाकई सेक्स के मामले में वो जबरदस्त थी, उसकी इस कोशिश से मेरा लण्ड पूरा खड़ा होकर उसकी चूत पर टकराने लगा।बहुत गरम और मस्त अहसास था… मेरा लण्ड ज्यादा बड़ा तो नहीं, परन्तु 5. ऊपर से मैं इतना डर भी गई थी कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आया।‘फिर क्या हुआ?’ मैंने पूछा।रूचि एक कौर मेरे मुँह में मुस्कराते हुए डालते हुए बोली।रूचि- फिर अंकिता ने मेरे बाल खींचे और मुझे उठा कर अपने करीब लाई और मेरे होंठों को अपने होंठों से सी कर मेरे होंठ काटने लगी. मेरी छीनाल बीवी, कभी तो अपनी चूत को आराम दे, तेरी बातें सुन कर मैं भी गर्म हो रहा हूँ !इशरत- बस दूर रहते हो, तो बड़े गर्म रहते हो, बिस्तर में आते ही सारी गर्मी छूमंतर हो जाती है.

सलोनी ने ना केवल मधु का हाथ मेरे लण्ड पर रखा बल्कि उसको वहाँ पकड़े भी रही कि कहीं मधु जल्दी से हटा न ले…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. अरे यह तो बोरोप्लस की खुशबू थी…इसका मतलब मधु ने रात को बोरोप्लस भी लगाया… इसने एक बार भी मुझे अपने दर्द के बारे में नहीं बताया…मुझे उसके इस दर्द को छुपाने पर बहुत प्यार आया… मैंने उसके होंठों को चूम लिया. इनका लण्ड भी बाकियों के मुकाबले बहुत लम्बा होता है और ये जल्दी गिरते भी नहीं, इनका बहुत स्टैमिना होता है।मैं समझ गई सविता ने लगता है खूब चखा है इसका स्टैमिना।मैं झट के पूछा- ओ हैलो डियर.

कोई तो बात है जो आप मुझसे छुपा रहे हो…!रेहान बीयर की बोतल मुँह से लगा कर गट-गट पीने लगता है।दोस्तो, रेहान तो फँस गया कि अब क्या जवाब देगा यह !चलो इसको बीयर पीने दो, उसके बाद शायद ये जूही को सच बताए !हम आरोही के पास चलते हैं, उन दोनों की चूमा-चाटी बन्द हुई या नहीं अब तक…!राहुल बेड पर लेटा हुआ था और आरोही उसके लंड को चूस रही थी।राहुल- आ आ. वो बहुत ज़्यादा गर्म हो चुकी थी…तभी उन्होंने लंड अपनी चूत रानी के मुहाने पर रखा और फिर मेरे कूल्हों को हाथों से दबा कर घुसने का इशारा किया.

साजन की उँगलियाँ अब मैंने, नितम्बों पे फिरती अनुभव कीमैं समझ गई अब साजन की, आँखों से उड़ी झूठी निंदियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. जब वह शांत हुई तो मैंने अपनी उँगलियों को निकाल कर देखा जो कि उसके कामरस से सराबोर थी।तभी मेरे दिमाग में न जाने कहाँ से एक फिल्म का सीन आ गया. !मैंने बोला- कुछ नहीं बस अपने काम के अलावा मूवी देखता हूँ।उसने कहा- कोई नई पिक्चर है क्या? मैंने बोला- हाँ… धूम-2 है।उसने बोला- दिखाओ न.

पिंकी सेनहैलो दोस्तो, क्या हाल है आप सबके मेल आए, बड़ा अच्छा लगा मन को अब आपके लिए आज का यह भाग लाई हूँ उम्मीद है, यह भी आपको अच्छा लगेगा, तो अब आप आनन्द लीजिए।अब तक आपने पढ़ा…सब के सब चुदाई का मज़ा लेते हैं। राहुल और आरोही घर चले जाते हैं। साहिल और रेहान भी चले जाते हैं। तब रेहान जूही को अन्ना के राज़ के बारे में पूछता है।अब आगे.

पहली रात यानि सुहागरात को जब मैं अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ संभोग करने लगा तो जैसे ही मैंने लिंग उसकी चूत में घुसाया, यह सीधा अंदर चला गया. मैं सिर्फ़ हल्के-हल्के से करूँगा दर्द नहीं होगा। मुझे ऐसा करना अच्छा लगता है।हम दोनों थोड़ी देर तक यूँ ही एक-दूसरे का शरीर टटोलते रहे और चुम्बन लेते रहे। जब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया, तो हमने एक-दूसरे के कपड़े उतारने शुरू कर दिए।हिमानी बोली- ओफ़्फ़ोह पहले लाईट तो बुझा दो. संजीव ने मुझे इस हालत में देखा तो उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया और फिर उसने मेरे होंठ पर अपने होंठ रख कर मुझे किस करने लगा और अपने हाथो से मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए थे.

जैसा आप को ठीक लगे कर लीजिए।रेहान ने आरोही पर पानी का स्प्रे मार कर एकदम गीला कर दिया तो अब उसके भीगे हुए मम्मे साफ दिख रहे थे और उसकी चूत भी नज़र आ रही थी। उस हालत में एक-दो फ़ोटो लेकर रेहान ने उसको स्टाइल बताने के बहाने से पीछे से पकड़ लिया और उसके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !आरोही- ओके रेहान जी. थोड़ा डांस हो जाए…!राहुल अपने साथ आरोही को ले गया और रेहान जूही को।जूही नशे में थी, उसके पैर लड़खड़ा रहे थे। इस बात का फायदा उठा कर रेहान उसके मम्मों और गाण्ड से खेल रहा था।जूही- उहह.

!मैं- और आप बताइए शैलेश भैया, आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है?मेरी आँखे बार-बार शैलेश भैया के गमछे में जा रही थीं। गमछे के ऊपर से ही उनका लंड का शेप पूरा पता चल रहा था। उनके ऊपर का जिस्म तो पूरा गोरा था।मगर पता नहीं क्यूँ आज ऐसा लग रहा था कि बस उनके गमछे को हटा दूँ और उनका लंड चाट लूँ।शैलेश भैया- मुझे उतना पढ़ने लिखने में दिल नहीं लगता. मगर आज तो सुबह आते ही यह कार्यक्रम सेट हो गया था…इसीलिए हद हो गई यार…पहले मदन लाल नीलू के कपड़े देख गया…ना जाने क्या क्या सोच रहा होगा…और अब बिल्कुल नई स्टाफ, वो भी शादीशुदा. मैंने कब मना किया ! उसको मिलवाया भी असली आदमी से है। अब तुम कहते हो तो बनवा दूँगा। अब मैं जाता हूँ… ओके रात को कॉल करके बताता हूँ कि कल कब जाना है।राहुल- अच्छा यार तू जा.

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!!अपने ख्यालों में उसकी शूशू करती हुई तस्वीर लिए मैंने बाथरूम का दरवाजा पूरा खोल दिया और…कहते हैं कि यह मन बावला होता है…यह प्रत्यक्ष प्रमाण मेरे सामने था…एक मिनट में ही मेरे मन ने रोज़ी के ना जाने कितने पोज़ बना दिए थे… और दरवाजा खोलते ही ये सब के सब…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]hmamail.

मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ. एक लड़की बोली- क्या तुम शादीशुदा हो?इरफ़ान डरते हुए बोला- हाँ, लेकिन तुम कौन हो?लड़की बोली- साले तेरी गर्लफ्रेंड हूँ. और ढेर सारा वीर्य झाड़ कर आ गया।करीब 2 बजे फिर से इशरत का फोन आया।इशरत- जानू आप कब आओगे, मेरा दिल नहीं लग रहा.

मुझे तुमसे बात करनी है।दोनों जल्दी-जल्दी कपड़े पहनती हैं। जल्दबाज़ी में ब्रा-पैन्टी नहीं पहनती, बस टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन कर दरवाजा खोल देती हैं।राहुल- क्या कर रही थीं दोनों. उसकी आवाजें सुन कर डॉक्टर ने गति बढ़ा दी… वैसे ही उसने जोरसे मेरा लंड चूसना शुरू किया…तभी हरीश ने लंड बाहर निकलते हुए उसका मुंह खीचते हुए लंड मुँह में ठूंस दिया… मैंने मौका पाकर मीरा की चूत पेलनी शुरू की। हरीश ने सारा माल उसके मुँह में डाल दिया और वो मजे से पीने लगी।इधर मैं धक्के पे धक्के मारे जा रहा था. सेक्सी मूवी कामैंने कहा- नहीं, मैं खुद सब कर लूंगी, सन सामान ऊपर जाऊँगी, तुम बस मेरे साथ खाना खाना पूरे कपड़े पहन कर !सब बर्तन एक जगह पर रख कर मैंने गहरी सांस ली और एक झटके में अपना काला गाउन उतार दिया.

!मेरी सारी श्रम और झिझक खत्म हो चुकी थी और उसके बाद मैंने उसे अलग-अलग पोजीशन में 3 बार और चोदा। सच में बहुत मज़ा आया।दोस्तो, मेरी सेक्स स्टोरी पर आपके मेल का इन्तजार है।[emailprotected]. अगली सुबह हम तीनों बहुत खुश थे, फिर हम अपने अपने काम पर चले गये।हम कई बार कुछ ऐसे ही नजारा सोच कर रोल प्ले करते हैं।जी हाँ ! यह कोई धोखा नहीं, पहले से सोचा समझा रोल प्ले सेक्स था.

सच क्या है प्लीज़ यार…!रेहान- जान मैं तुमको सरप्राईज देना चाहता था, पर तुम हो कि नहीं मानोगी…! तुमने सही कहा वो आदमी रूम में आया था और जानती हो वो कौन है…!जूही- मैंने कहा था न. !”वो तो बहुत ही बड़ी वाली थी, बोली- साले तू दस मिनट में क्या कर लेगा…! मैं गरम तो हो जाऊँगी फिर ठंडा क्या तेरा बाप करेगा. सिर्फ इंतज़ार था।देवर जी कमरे में आए, मुझे देखते ही उनकी लार टपक पड़ी।मैंने कहा- कल यही देखना चाहते थे न… आप.

!मैंने भी हामी भर दी और लग गया प्रैक्टिस करने, वो बहुत खुश थी।मैंने उसको उसके कूल्हे पर से पकड़ लिया तो वो बड़े प्यार से बोली- नीचे से पकड़ न. और पीछे से उस आदमी का लंड इशरत की गाण्ड की दरार की बीच से होता होता हुआ चूत में घचागच घुसे जा रहा था. बस मैं उसी वक्त ये सोच चुकी थी कि अब किसी भी तरह दीपक को फंसाऊँगी और अपनी चूत का मुहूर्त उसी से करवाऊँगी।दीपाली- यार सुबह कुछ नहीं कहा उसने.

!इतना बोल कर आरोही को अहसास हुआ कि उसने यह क्या बोल दिया, वो मुँह घुमा कर मुस्कुराने लगी।रेहान- अच्छा तो मेरी जान… सेक्सी वीडियो भी देखती हैं.

मैं अपने आप को गाली देने लगा। और जिस शरीर को मैं सबसे ज्यादा पसन्द करता था आज उसी से नफरत हो रही थी। ना मेरा ऐसा शरीर होता और ना ही मैं किसी से मार-पीट करता।मेरी मार-पीट की आदतों की वजह से गीत के घर वालों ने मुझे पसन्द नहीं किया और गीत ने आत्म हत्या कर ली। परन्तु मैं गीत से बहुत नाराज हूँ वो मुझे. प्रेमशिर्ष भार्गवटिप–टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई…आग लगी दिल में तो, साजन तेरी याद आई !तेरी याद आई तो, जल उठा मेरा भीगा बदन…मैं क्या करूँ….

अंकल आंटी और हैप्पी शादी में चले गए।मैं शाम को स्कूल से आते ही सोचने लगा कि गुरविन्दर की जवानी के मजे कैसे लूँ…मैंने अपने एक दोस्त से ब्लू-फिल्म की सीडी मँगवाई।उसके घर जाते ही मैंने वो सीडी उनकी बाकी सीडी के बीच में रख दी।घर पहुँचते ही हम दोनों बातें करने लगे. आज तेरी खुजली का पक्का इलाज कर दूँगा।दीपाली ने सोचने का नाटक किया और मन ही मन बोलने लगी।दीपाली- बुड्डे. वो तड़पने लगी और मुझसे लिपट कर बोली- मत जाओ मुझे ऐसे छोड़ कर! चोद डालो मुझे!मैंने कहा- क्या फ़ायदा? तुम कुछ बोलती ही नहीं! ऐसा लग रहा है जैसे जबरदस्ती कर रहा हूँ.

सबके लंड 7-8 इंच के बीच थे!फिर संजीव ने मेरे चूतड़ों के नीचे तकिया लगाया और मेरी चूत पर थूक लगा कर अपने लंड का सुपारा रगड़ने लगा. तो उसने फिर पूछा- नहीं…कुछ तो बात है?मैंने कहा- कुछ नहीं बस ऐसे ही।शालू हँसते हुए- कहीं गर्ल-फ्रैंड की याद तो नहीं आ रही है।मैं- नहीं… मेरी कोई गर्ल-फ्रैंड नहीं है।शालू- या आप हमें बताना नहीं चाहते? प्लीज बताइए ना. अपनी देख वहाँ भी कितनी गीली है…शायद सलोनी जैसी समझदार पत्नी बहुत कम लोगों को मिलती है… मेरा दिल कर रहा था कि जमाने भर की खुशियाँ लाकर उसके कदमों में डाल दूँ…मेरे लण्ड और मधु की चूत के गीलेपन की बात से ही वो समझ गई कि हम दोनों अब क्या चाहते हैं… उसने बिना कुछ जाहिर करे मधु को एक झटके से अपने ऊपर से पलटकर मेरी ओर कर दिया और खुद मधु की जगह पर खिसक गई।फिर बड़े ही रहस्यमयी आवाज में बोली-.

हिंदी चुदाई वाली बीएफ इच्छा तो एक बार और उसकी मारने की हो रही थी पर क्या करें सुबह हो गई थी, मैंने उसे कपड़े पहनाये और किस किया. आपके सर इस काबिल नहीं है जो मुझे तन का सुख दे सकें क्योंकि शादी के बाद एक एक्सीडेंट की वजह से उनकी सेक्स करने की क्षमता कम हो गई और मैं इसके लिए तरसती रहती हूँ.

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मैं बोला- ठीक है, चाची बंद क़र देता हूँ!मैंने टीवी बंद क़र दिया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, कमरे में छोटा बल्ब जल रहा था. मैं बोला- क्या हुआ चाची उठ क्यों गई?चाची मेरी तरफ़ थोड़ा बनावटी गुस्सा दिखाते हुए बोली- अरे कबीर, तू एसी हरकत करेगा तो नींद कैसे आयगी?मैं बोला- कैसी हरकत?वो मेरे लोड़े की तरफ़ देख क़र बोली- तू बार बार खड़ा होगा तो मैं कैसे सो पाऊँगी. जब कहेगा तेरे लंड के आगे कुतिया बन जाऊँगी और तू कुत्ते की तरह मेरे ऊपर चढ़ जाना। आज के बाद रोज तेरी बहना तेरा बिस्तर गर्म करेगी और जी भर कर चोदना अपनी बहन को भाई।हाँ मेरी बहना अब तेरी चूत में मेरा लंड ही लेते रहना, तू इसी तरह अपने भाई से चुदवाती रहना।”उसने मुझे कुतिया बनने को कहा।मैं उसके सामने कुतिया बन गई।मेरा भाई मुझे किसी कुत्ते की तरह ऊपर चढ़ कर चोद रहा था।आहह.

!मैंने उसे ज़मीन पर बिठाया और अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। उसे ठीक से चूसना नहीं आ रहा था, तो मैंने उसके बाल पकड़ कर उसे आगे-पीछे करने लगा।कुछ देर बाद उसने खुद मेरे हाथ हटा दिया और चूसने लगी। फिर उसने लौड़ा निकाल कर मुझसे पूछा- तुम नहीं चूसोगे…??तो मैंने कहा- ठीक है. मज़ा करो, पर उससे कोई सवाल मत करना। मैंने उसका माइंड ऐसे बना दिया है कि अब वो खुलकर तुम्हारे साथ मस्ती करेगी, पर तुम उसको अहसास मत होने देना कि तुम्हें पता है और रात को हम दोनों मिलकर उसको चोदेंगे… वादा याद है ना…!राहुल- हाँ यार मुझे याद है. भाभी की चुदाई की सेक्सी पिक्चर!वो बोलीं- अभी तो मैंने तो प्यार में चुम्बन किया !मैं बोला- मैंने भी प्यार से चुम्बन किया।तो वो मुस्कुराते हुए बोलीं- कौन सा वाला प्यार? दीदी वाला प्यार या ‘वो’ वाला प्यार?यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मैं शर्मा गया और बोला- पता नहीं.

अगले दिन इरफ़ान ने अपनी जेब में 200 रुपये देखे तो उसकी आँखें फटी की फटी रह गई, वो सीधा ठेके पे गया और बोला- ये ले पैसे और आज तो एक अँग्रेज़ी का पव्वा दे दे, साला देसी पी पी कर तो गाण्ड में दर्द होने लगा है!***एक बार सन्ता समुद्रतट पर नंगा होकर उल्टा लेटा था.

!संजू उसका कमीज़ निकाल देता है। गोरे बदन पर ब्लैक ब्रा क्या मस्त लग रही थी। उसके 32″ के नुकीले मम्मे बाहर निकालने को बेताब थे और सेक्स की गोली ने भी अपना काम चालू कर दिया था। सिमरन के निप्पल एकदम खड़े ब्रा में से भी साफ दिख रहे थे।सिमरन- प्लीज़ उउउ भगवान के लिए मु. !”ह्म्म्म्म… बोलो”आज आप बहुत ही मूड में लग रही हो? क्या बात है?”बस यूँ ही… तुम्हारा ख्याल आ गया।”कैसा ख्याल आंटी?”मैं सोच रही थी कि इतने दिनों तक एक मर्द खुद को चुदाई के बिना कैसे रख पाएगा? इसलिए मैंने सोचा कि आज तुम्हें…!”मेरा बहुत ख्याल रखती हो आंटी।”हाँ बेटा.

वो बोली- क्या बात है तुममें! कमाल की कला है बिस्तर में औरत के साथ खेलने की! मैं एक अरसे से इस सपने के साथ जी रही थी, जो आज पूरा होने जा रहा है. छप’ की आवाज गूंजने लगी। करीब दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना पानी उसकी गरम बुर में ही छोड़ दिया।दोस्तो, मेरी सच्ची कहानी कैसी लगी आपको, जरूर बतायें।अगली बार रुबीना भाभी ने गांड कैसे मरवाई, यह बताऊँगा।तब तक के लिए आपके मेल का इन्तजार रहेगा।[emailprotected]. एक हाथ से उसने सुन ओ सखी, स्तन दबाये और भींच लियामैंने गर्दन को ऊपर कर, उसके हाथों को चूम लियादोनों बाँहों से भींच मुझे, साजन ने करीब और खींच लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

उससे पूछा- क्या बात है मन्जू? तुम मुझसे खुल कर कहो तुमको क्या दिक्कत है?उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे.

वो लड़की तो उछल उछल कर बोलने लगी-मैं तो परी बन गई !मैं तो परी बन गई !!वहीं खड़ा एक लड़का इरफान यह सब तमाशा देख रहा था. एक आदमी अपने गुनाह कबूलने के लिए चर्च में गया…आदमी- फादर, मैं अपने गुनाह कबूल करना चाहता हूँ…फादर- उस कन्फेशन बॉक्स में जाकर सब कह दो…आदमी कन्फेशन बॉक्स में जाकर बोलना शुरू करता है. उसके बाद तुम दोनों भी मज़ा लेना और हाँ हम उसका वीडियो बना लेंगे ताकि उसको दिखा सकें कि देख तूने खुद कही, तब ही ये सब हुआ…ये सब इंतजाम में मेरी तो साली गाण्ड फट गई.

अनुष्का शेट्टी नंगीमेरा मुँह बंद था और मेरी चीख किसी को सुनाई नहीं पड़नी थी।अंकिता ने उसे एक बार चूसा और फिर मेरी गाण्ड पर एक जेल लगा कर रख दिया। उधर आशीष बिना रुके धक्के मारे जा रहा था और मेरी गाण्ड पर रखा डिल्डो अंकिता ने झटके से अन्दर घुसा दिया। मैं कुछ नहीं कर पाई क्योंकि मेरे हाथ बंधे हुए थे। उस वक़्त का दर्द मैं बयान नहीं कर सकती. वो गाने के बोल सुन मुस्कुराने लग गई, मैं उसके करीब गया और उसकी गोद में मैंने अपना सर रख दिया, फिर उसकी तरफ देखने लगा, वो भी मेरी तरफ देख रही थी।काफी देर बाद उसने अपनी मीठी सी आवाज़ में कुछ कहा.

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! मैं आता हूँ।इतना बोलकर रेहान बाहर निकल जाता है। आरोही को कुछ समझ नहीं आता है।बाहर आकर रेहान किसी को फ़ोन करता है कि अन्दर आओ।एक आदमी अन्दर आ जाता है। रेहान उसको कमरे के पास खड़ा कर देता है और उसको समझा देता है कि इनको बाहर मत आने देना और खुद अन्ना को फ़ोन करता है।रेहान- कहाँ हो अन्ना? अब तक आए नहीं. !मैं एकदम से हिल गया। कतराते-कतराते कहा- ठीक हूँ और तुम कैसी हो?वो बोली- कुछ खास नहीं, पर सब ठीक है।फ़िर हल्की आवाज में कहा- पर मुझे भी बदला लेना है।मैंने कहा- क्या. !मैं तो हक्का-बक्का रह गया था, मैंने कहा- यार यहाँ तो सारे जहाँ की खूबसूरती मेरा इंतजार कर रही है और मैं बाँटने की सोच रहा था।तो रुबीना ने कहा- बाँटना है तो बाँट लो तुम्हारी फट जाएगी.

आपके सर इस काबिल नहीं है जो मुझे तन का सुख दे सकें क्योंकि शादी के बाद एक एक्सीडेंट की वजह से उनकी सेक्स करने की क्षमता कम हो गई और मैं इसके लिए तरसती रहती हूँ. आरोही ने गुलाबी जालीदार टॉप पहना हुआ था, जिसमें से उसकी काली ब्रा भी साफ दिखाई दे रही थी और उसका गोरा बदन भी दिख रहा था।नीचे एक काले रंग की शॉर्ट-स्कर्ट जो जरूरत से कुछ ज़्यादा ही छोटी थी। यूँ समझो कि बस चूत से कोई 2-3 इंच नीचे तक. आप इसे मेरी कहानी न समझें दरअसल मुझे एक महिला मित्र ने फेसबुक पर चैट के दौरान मुझसे कहा था कि यदि मैं उसकी इस फैंटेसी को कहानी बना कर लिखूँ तो उसको अच्छा लगेगा.

क्या किया डॉक्टर ने…सलोनी अपने चेहरे को नीचे कर खाते हुए ही आँखें ऊपर को चढ़ा हम दोनों को घूर रही थी… उसके चेहरे पर कई भाव आ जा रहे थे…उसके चेहरे के भाव देख मुझे लग रहा था कि जरूर कुछ अलग राज़ खुलने वाला है… क्या डॉक्टर ने मेरे पीछे सलोनी की चुदाई की थी… वो भी मधु के सामने???क्या इसीलिए सलोनी मधु को मेरे इतना पास ला रही है…मैंने अपने सीधे हाथ से मधु की नंगी. जब ध्यान दिया तो वो मेरी भाभी का पैर था, जो अपने पैर से मेरा पैर रगड़ रही थी, मैं ऐसे ही लेटा रहा और कुछ बोला नहीं. ”मैंने इस मेल को एक बार पढ़ा फिर दोबारा पढ़ा, फिर कम से कम सात बात पढ़ा और मैं सोच में पड़ गया कि क्या जवाब दूँ इसका.

संता: चल यार बस कर, अब बोर हो रहे हैं…बंता: हाँ, अब वैसे भी मेरे पास बस एक हाथी और तेरे पास केवल एक घोड़ा बचा है…!(हंसो मत ! अभी चुटकुला खत्म नहीं हुआ!). चूस साली उफ्फ चूस इतने सालों में कभी इस लौड़े ने इतने मज़े नहीं किए, जितने इन कुछ दिनों में कर लिए कककक आ काट मत रंडी…आराम से पूरा मुँह में ले.

!अन्ना- हम थोड़ा समय बाद आता जी यहाँ थोड़ी गड़बड़ हो गई है, आकर बताता हूँ। अभी फ़ोन रखता हूँ।रेहान सीधा नीचे जाता है।रेहान- साहिल तुम ऊपर के रूम में जाओ। मुझे जूही पर शक है वीडियो में देखो, उसने यहाँ कुछ सुना तो नहीं न.

लण्ड-चूत की कुश्ती जारी थी। मुझे रम ने हिला दिया था, साली रम मेरी खोपड़ी पर सवार हो चली थी, थकान-वकान तो कुछ थी ही नहीं सो नीचे से शब्बो की चूत में वो टापें पड़ रही थीं कि शब्बो की चूत ने रोना शुरू कर दिया था उसका बदन ऐंठने लगा था, ऊ ओ. सेक्सी मूवी का गानावो मुझसे दूर होकर मुँह फेर कर बैठ गई। कुछ देर तक कुछ नहीं बोली। मैंने सोचा कि शायद चुपचाप बैठना ही ठीक है. मोटे आदमी की सेक्सी वीडियोहमेशा की तरह…मुझे देख मुस्कुराई…मैं भी उसको चूमकर- …अच्छा जान मैं भी फ्रेश हो लेता हूँ…सलोनी- ओ के जानू…मैं बाथरूम में चला गया।मैं बाथरूम में जाकर नहाने की तैयारी कर ही रहा था कि मुझे दरवाजे की घण्टी की आवाज सुनाई दी…. देखकर ही बोला था।’‘इतनी जल्दी सब कुछ देख लिया?’बोला- देखने वाली चीज़ें पलक झपकते आँखों में कैद हो जाती हैं।ओह तो यह बात है?”हाँ जी ! तुम्हारी सासू माँ नजर नहीं आ रही हैं, कहाँ गईं?” वो सोफे पर बैठते हुए बोले, क्या घर में नहीं हैं?”मैं रसोई में गई.

ओह सही जा रहे हो… ऐसे ही अपनी जीभ मेरी चूत पर फिराते रहो और चूसो मेरी चूत को…मैंने चूत के होंठों को अपने होंठों से मिला दिया और चूत के दाने को अपने होंठों में दबा कर थोड़ी देर तक चूसा, फिर उनके पनियाई हुई चूत के छेद में अपनी जीभ को नुकीला करके पेल दिया और तेज़ी के साथ अपनी जीभ को नचाने लगा।कहानी जारी रहेगी।इस कहानी के सम्बन्ध में आप अपने विचार व्यक्त करने के लिए मुझे लिखें-[emailprotected].

अपना काम कर… वो बाथरूम में है…मदन लाल- व्व… व…व…वो साब यहाँ उनके कपड़े…??कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]hmamail. अगली सुबह हम तीनों बहुत खुश थे, फिर हम अपने अपने काम पर चले गये।हम कई बार कुछ ऐसे ही नजारा सोच कर रोल प्ले करते हैं।जी हाँ ! यह कोई धोखा नहीं, पहले से सोचा समझा रोल प्ले सेक्स था. या या या उईईइ आह आह आई एम कमिंग आ आह ह…!राहुल स्पीड से लौड़ा चूत में पेलने लगा आरोही की बातों से उसका जोश बढ़ गया।आरोही भी गाण्ड को पीछे धकेल रही थी लौड़ा पूरा चूत की गहराई तक जा रहा था।राहुल- उहह उहह उ र सो सेक्सी आ ई फक यू आ ले ले ले आ.

मैंने भी अपने धक्कों की रफ़्तार को तेज़ कर दिया, अपनी उँगलियों से उसके होठों को छेड़ रहा था और अपने मुख में उसके स्तनों को भर लिया था। इसी अवस्था में जब मैंने फिर से कसाव सा महसूस किया तो अब पूरी रफ़्तार से मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए। उसके चरम पर पहुँचते ही मैं भी उसके साथ साथ चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया. बीच बीच में मौक़ा पाकर मेरी कोहनी अंग्रेज़न ज़ेनी की चूची से टकरा जाती थी, जिससे वो जानकर भी अनजान बनी रहती थी. मधु- व्वव… व्वव… वो भाभी तो मनोज सर की गोद में बैठी हैं…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मैं सारा किस्सा एकदम से समझ गया… दिल चाह रहा था कि भागकर वहाँ पहुँच जाऊँ…मैंने मधु को निर्देश दिया- सुन मधु फोन ऐसे ही वहीं खिड़की पर रख दे.

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तो छोटा सा है। वो इतनी देर में तो दो बार झड़ जाता है।वो मेरे शरीर को चूमती रही और वो दो बार झड़ गई। अब मैंने उसे कुतिया बना लिया और पीछे से लण्ड डाला। मैंने उसके दोनों दूध पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के देना चालू कर दिए।वो चिल्ला रही थी- चोद मुझे. ‘हाँ…पर बाथरूम में कुछ पिनें पड़ी थीं तो लगा लीं!’ दीदी कह कर घूम गई जिससे मैं उनकी स्कर्ट पर लगी पिनें देख सकूँ. शहजादा सलीम- हमारी अम्मी, अब्बू हमसे इतना प्यार करती थी कि हमें सुलाने के लिए वो सारी रात जागते रहते थे और फिर भी हम नहीं सोते थे….

उन्होंने अपनी आँखों को बंद कर लिया क्यूंकि वो मेरे सामने अब सिर्फ ब्रा और पेंटी में थीं। उन्होंने काली ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी.

!”अब जीजा जी का ध्यान कामिनी की तरफ गया। चमेली की गाण्ड से लण्ड निकाल कर वे कामिनी के पीछे आए।कामिनी समझ गई अब उसके गाण्ड की खैर नहीं पर बचाने के लिए बोली- जीजाजी मैंने कभी गाण्ड नहीं मराई है, अभी रहने दीजिए, जब एक लौड़े का इंतजाम और हो जाएगा तो दोहरे मज़े के लिए गाण्ड भी मरवा लेंगे.

सखी साजन ने जल के अन्दर, मुझे पूर्णतया निर्वस्त्र किया,हाथों से जलमग्न उभारों को, कई भांति दबाकर छोड़ दिया,जल में तर मेरे नितम्बों को, कई तरह से उसने निचोड़ दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. साली अब थोड़े ही अपनी मर्ज़ी से शॉट देगी। अब तो जबरदस्ती ही करनी पड़ेगी।आरोही रोने लगती है और रेहान से पूछती है, आख़िर मैंने किया क्या है?”रेहान- चुप साली तूने मेरी सिम्मी को मुझ से छीन लिया, अपनी जलन में तू अंधी हो गई थी… हाँ अब देख तेरा क्या हाल करता हूँ मैं।सिम्मी का नाम सुनकर आरोही का मुँह खुला का खुला रह गया।आरोही- स. गांड का सेक्सीजब दीपक का लंड खड़ा हो गया तो हम 69 की पोजीसन में आ गए और फिर मैं दीपक का लंड चूसने लगी और वो मेरी चूत चूसने लगा.

साजन ने बैठकर बिस्तर पर, मेरे कंधे सहलाए सखीगालों पर गहन चुम्बन लेकर, अंगिया की डोर को खींच दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !मैंने उस का लंड अपने हाथ में लिया और उसे सहलाने लगी।आनन्द को मजा आ रहा था। कुछ देर बाद उसने मेरी टांगों को खोला और मेरे ऊपर लेट गया और चूत के बाहर अपना लंड रगड़ने लगा।उसके लंड का टोपा चूत के पानी से गीला हो गया। उसने चूत पर अपना लंड रखा और दबाने लगा। जैसे ही उसका लंड चूत में गया तो हम दोनों के मुँह से आवाज आई, आ…आह… आ…!”मैंने उससे कहा- धीरे से डालो न. !यह सब मैं मोनी को बुलाने के लिए कर रहा था।तभी आंटी चिल्लाते हुए बोलीं- मोनी तू अभी तक भैया का खाना बनाने नहीं गई.

!रेहान- जान, यह कपड़ा बीच में आ रहा है तुम कहो तो हटा दूँ…!आरोही पर सेक्स का खुमार चढ़ चुका था। उसके सोचने की ताक़त ख़त्म हो चुकी थी।आरोही- आह निकाल दो. मैंने कहा- जैसे तुम्हारा नाम अच्छा है, वैसे ही तुम भी बहुत सुंदर हो!वो मेरी बातों से शरमा रही थी और चुप थी.

मेरी शादी हाल ही में हुई है, मेरी शादी के तुरंत बाद मेरी पत्नी को मासिक धर्म आरंभ हो गए।मैंने पिछले दिनों माहवारी के दौरान ही अपनी पत्नी से सेक्स किया है।कृपया बताएं कि क्या मासिक धर्म के दौरान सेक्स करना ठीक है?यह भी बताएं कि क्या इस अवधि में बिना कंडोम के भी सेक्स किया जा सकता है?क्या ‍पीरियड के दौरान सेक्स करने से गर्भ ठहर सकता है?.

!’ऐसा कह कर उन्होंने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैला दिया, मैं उनकी चूत को चाटने लगा।अजीब सी गन्ध आ रही थी।करीब दो मिनट चाटा होगा कि चाची ने मेरा मुँह झटके से अलग कर दिया, मेरा मुँह गीला हो गया था।कहानी जारी रहेगी, मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. तो आंटी ने मुझे रात को उनके घर सोने के लिए बोला।मेरे दिल की मुराद पूरी होती दिख रही थी तो मैंने झट से ‘हाँ’ कर दी।आख़िर वो समय आ ही गया. मैं भी ये समझ नहीं पाई थी कि ये इतना ज्यादा ओवर-रियेक्ट क्यों कर रही है। लेकिन इसका जवाब भी मुझे कल ही मिला है.

আফ্রিকান সেক্স वरना बहुत भारी पड़ेगा…अब माहौल चाची-भतीजे के मज़ाक से, एक औरत आदमी के बीच जलती हुई आग का रूप ले रहा था।चाची ने मेरी चुनौती का मज़ाक उड़ते हुए मेरी दूसरी निपल को ज़ोर से दबा दिया. ऊँगली के आने-जाने से, अब काम पिपासा बड़ी सखीउस पर नटखट उस जिह्वा ने, अन्तरंग में आग लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!”मैं बाथरूम से निकल कर बाहर आने वाली थी, तभी सोचा, देखें ये लोग क्या करते हैं।मैं दरवाजे के शीशे के प्रतिबिम्ब से इन दोनों को देखने लगी।जीजाजी बोले- आँख क्यों बंद करूँ. इस समय उसने सिगरेट अपने हाथों के पीछे की हुई थी… और वो साइड में होकर… झुककर देख रहा था।सलोनी ने होने होंठ अब मेरे गर्दन पर रगड़ते हुए मेरे कानों के निचले भाग पर पहुँचने की कोशिश की…वाकई सेक्स के मामले में वो जबरदस्त थी, उसकी इस कोशिश से मेरा लण्ड पूरा खड़ा होकर उसकी चूत पर टकराने लगा।बहुत गरम और मस्त अहसास था… मेरा लण्ड ज्यादा बड़ा तो नहीं, परन्तु 5. ?मैं- अरे उसकी भरी हुई जांघें… ये मोटे मोटे चूचे… और फूले हुए चूतड़ !रेवती- बहुत सुन्दर है क्या??मैं- हाँ बहुत सुन्दर…फिर मैं उसकी जांघें फैला कर अपना लण्ड घुसेड़ने लगा।रेवती- ई.

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मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ. तो दीपाली की काली पैन्टी में उसकी फूली हुई चूत दिखने लगी। दीपाली के होंठों पर क़ातिल मुस्कान थी।अब बस ब्रा-पैन्टी में खड़ी वो. करते हुए ढीली हो गई।पर उसने मेरी कमर पकड़े रखी और अब उसने ज़ोर-जोर से झटके मारने शुरु किए, उसका लंड मेरे पानी में फिसलने लगा जिससे पच…पच…की आवाज़ आने लगी।मुझे बहुत सालों बाद इतना आनन्द मिला होगा। मैं चरमोत्कर्ष के नशे में डूब गई थी और एकदम ढीली पड़ गई पर प्रथम मेरी कमर को पकड़ के झटके मारता रहा.

मेरा नाम आर्यन है। मैं कानपुर में रहता हूँ। यह मेरी काम-कथा है जो 2007 में घटित हुई, जब मैं अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था।मैं एक रूम किराये पर लेकर रहता था। वहाँ पर और भी कई परिवार रहते थे लेकिन मैं मोनी नाम की एक लड़की को देख कर अपना कण्ट्रोल खो बैठता था।वो बहुत मस्त माल थी, लेकिन जब वो मुझे ‘भैया’ बोलती थी तो मुझे उस पर बहुत गुस्सा आता था, पर कर भी क्या सकता था. और अभी यह संभव नहीं है कि हम कुछ कर सकें… तो प्लीज मुझे जाने दो और तुम भी जल्दी से तैयार होकर ऊपर आ जाओ, सब तुमसे मिलना चाह रहे हैं।” इतना कहकर प्रिया ने मुझे ज़बरदस्ती अपने ऊपर से उठा दिया और मेरे लंड को एक बार फिर से सहलाकर जाने लगी।प्रिया के जाते जाते मैंने बढ़कर उसकी एक चूची को जोर से मसल दिया… यह मेरी उत्तेजना के कारण हुआ था।उफ़…ज़ालिम कहीं के.

मैंने उनकी चूत को खोला तो वो पूरी लाल थी, मैंने अपनी जीभ से चाटना शुरू किया और उनका चिल्लाना और तड़पना!मैं कैसे बताऊँ कि जितनी देर तक चाटा, वो फिर पानी छोड़ती रही जैसे की महीनों से उन्होंने पानी न झारा हो.

जूही अब बस भी कर आ चल, अब तेरी चूत का स्वाद चखने दे, मेरे लौड़े को।जूही को लेटा कर राहुल अपना लौड़ा चूत पर टिका देता है, वो भी एकदम गर्म थी एक ही झटके में राहुल पूरा लौड़ा चूत में घुसा देता है।जूही- एयाया आआआ… मर गई उ. पर मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था मैं पूरी तेज चोद रहा था…चाची को भी धीरे-धीरे मजा आने लगा और वो भी नीचे से दम लगा क़र धक्का मार रही थी. !तो उसने कहा- ठीक है।अब मैं आपको अपनी दिव्या के बारे में बता दूँ, मुझे यकीन है, उसके बारे में जान कर आप आप अपनी मुठ्ठ मारना नहीं भूलोगे।दिव्या देखने में एकदम माल लगती है, उसकी चूची एकदम मस्त हैं, मन करता की मुँह में भर लूं और बाहर ही ना निकालूँ। उसकी चूची का साइज 30 है। उस पर वो जब काली ब्रा पहन लेती है, तो अय.

!मैंने भारती को चोदना जारी रखा, वो खूब मजे ले-ले कर मुझसे चुदवाती रही। लगभग एक घंटे तक चोदने के बाद मैं भारती की चूत में ही झड़ गया।इस दौरान वो 4 बार और झड़ चुकी थी।भारती की चूत में पूरा पानी निकालने के बाद मैं हट गया। भारती ने इस बार मेरा लंड अपनी जीभ से चाट-चाट कर साफ किया, साबुन से नहीं. मैंने दरवाजे पर कान लगाया तो मैं हैरान हो गई, सुमित अलीशा से कह रहा था- अलीशा, निधि को पहले बुलाओ आज. मैं घर में खाना पका रही, साजन पीछे से आ पहुँचे,मैं देख भी न पाई उनको, बाँहों में मुझे उठाय लिया,उस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

तभी मुझे सलोनी के कमरे में आने की आवाज आई…उसके पैरों की आवाज आ रही थी…मैंने जल्दी से मधु को चादर से ढका और बाथरूम में घुस गया…सलोनी कमरे में आकर- अरे आप कहाँ हो जानू…मैं- बोलो जान… बाथरूम में हूँ…सलोनी- ओह ठीक है.

हिंदी चुदाई वाली बीएफ: !मैं अब तक चुदवाने के लिए पागला चुकी थी। मैंने उनको पूरी तरह नंगा कर दिया और अपने सारे कपड़े उतार कर उनके ऊपर आ गई। बुर को उनके लौड़े के सीध में करके अपने यौवन-द्वार पर लगा कर नीचे धक्का लगा बैठी लेकिन चीख मेरे मुँह से निकली- ओह माँ. !राहुल की आँखों में एक चमक सी आ गई और ना चाहते हुए भी उसका हाथ अपने आप लंड पर चला गया, लेकिन जल्दी ही वो संभल गया।राहुल ने खाने का ऑर्डर कर दिया, दोनों ने आराम से खाना खाया और कुछ इधर-उधर की बातें करने लगे।लंच के बाद वो वहाँ से घर के लिए निकल पड़े।घर पहुँच कर आरोही ने एक मादक अंगड़ाई लेते हुए कहा- ओह भाई बहुत खाना खा लिया.

मेरी रोशनी!हम दोनों खूब मज़ा लेते रहे। इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी। अब तक मुझे 45 मिनट हो चुके थे, उसका पानी एक बार फ़िर निकलने वाला था।वो और ज़ोर से चिल्लाने लगी- फाड़ दे. बहुत मज़ा आएगा तुझे हा हा हा हा…!रेहान की बात सुनकर राहुल भी हँसने लगा और आरोही भी हँसने लगी।राहुल- यार एक बात तो है, मैंने सुना है गलियाँ देकर सेक्स करने में बहुत मज़ा आता है।रेहान- हाँ आता है, इसी लिए तो दे रहा हूँ। अब चल और तुम दोनों भी अपनी रासलीला बन्द करो, सीधी लेट जाओ. ऊँगली के आने-जाने से, अब काम पिपासा बड़ी सखीउस पर नटखट उस जिह्वा ने, अन्तरंग में आग लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

क्योंकि कावेरी ने मेरे लौड़े पर दाँत से काट लिया था।मैंने उसको एक गाली बक दी, साली क्या कर रही है…?”कहने लगी, तेरे से एक बार और चुदना है.

!अब आप कहानी का आनन्द लीजिए।अब तक अपने पढ़ा रेहान और आरोही अन्ना के पास आ जाते हैं, वहाँ शूटिंग चल रही थी और अन्ना गुस्से में उस फिल्म की हीरोइन को निकाल देता है और एक नई लड़की के लिए सोचने लगता है।अब आगे…आरोही की आँखों में चमक आ जाती है और वो रेहान की तरफ देखने लगती है।रेहान- अन्ना बुरा ना मानो तो, आरोही को ले लो इस फिल्म में. ! शिट साली… साहिल का ले लिया मुँह में उफ्फ मज़ा आ रहा था…!सचिन से बर्दाश्त नहीं हुआ, तो वो नीचे लेट गया और लौड़ा चूत में डाल दिया। अब जूही उकडूँ बैठी चुद भी रही थी और लौड़े चूस भी रही थी।जूही- आह आआआ. जैसे लंबी बेहोशी के बाद होश में आई हो।अब विकास से नज़रें मिला पाना उसके लिए मुश्किल हो रहा था, उसने नजरें झुका लीं।ओह.