बीएफ इंडिया बीएफ

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इसलिए मैं नेहा के कमरे से बाहर आ गया और प्रिया से मिलने के लिए सीधा ड्राईंगरूम में चला गया. आंटी फोटोज taslima sheik full full hdचाची के विशाल चूतड़ों को दोनों हाथों से मसलते हुए मैं शान्ति चाची को धकापेल चोदने लगा.

उसकी कमर मेरी जीभ के साथ चलने लगी, उह आह … की आवाजें कमरे में गूंजने लगीं. इंग्लिश सेक्सी व्हिडिओ गेमजगत अंकल कान में फिर बोले- चिंता नहीं करो वन्द्या … कुछ नहीं होगा चुपचाप बैठी रहो, किसी को कुछ पता नहीं होगा … तुम बेफिक्र रहो, ये मेरी जवाबदारी है.

उसकी शादी को 9 साल हो गये हैं लेकिन फिर भी अभी तक वो इतनी हॉट लगती है कि उनको देखकर मैं हमेशा उनकी तरफ आकर्षित होता रहता हूँ.बीएफ इंडिया बीएफ: मैं पिछली फरवरी में अपनी बहन की ससुराल गया, तो सुनीता वहीं बैठी थी.

क्योंकि मुझे अकेले ड्रिंक करने की आदत नहीं है।मैंने उसे ‘हाँ’ कर दी।वो दो ड्रिंक ले के आई.उसने चुदास भरे स्वर में कहा- डार्लिंग अब बस भी करो … और जल्दी से अपना मूसल मेरी चुत में डाल दो.

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मेरी सहेली का पति मेरी चूची चूसने के बाद मेरे नाभि को चाटने लगा था.मैं आने रूम में आ गया, लेकिन बड़ी देर तक सोचता रहा कि भाबी मुझे सिग्नल दे रही है या गुस्सा है.

वैसे तो उन्होंने कल रात को उसकी चुदाई की थी, पर वो आज उसे अच्छे से देख पा रहे थे. बीएफ इंडिया बीएफ मालती ने मुझसे कहा- अगर घर पर जाने के बाद भी कुछ महसूस हो, तो बोल देना कि मॉल में सीढ़ियों से गिरने लगी थी कि पैर में चोट लगी मगर अच्छा हुआ कि मैं बच गई.

मैंने चाची की ब्रा को उतार कर उसके एक चूचे को तो मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

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ऊषा अलग रूम में रहती थी, तो वो चुपके से मेरे पास आ जाती और हम रात भर खूब चुदाई करते. जाते वक़्त चाची की आंखों में एक अजीब सी उदासी और खिंचाव महसूस हो रहा था, जैसे उन्हें मेरा जाना ठीक नहीं लग रहा हो. मेरी बातें सुनकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा, वह दौड़ कर मेरे पास आए और मुझे किस कर लिया.

मैं अपने सहेली के भाई से नार्मल बात करती थी, लेकिन मुझे ये पता था कि वो मुझे पसंद करता है. मैंने भाभी को अपनी बांहों में भींच कर उसकी चूत की जड़ में पिचकारी मार दी. उसने मुझे इतने जोर से पकड़ा था कि उसके नाख़ून मेरे पीठ में चुभ गए थे.

मुझे पहले तो काफी दर्द हुआ लेकिन बाद में उसके लंड से चुदकर मेरी गांड खुल गई और मैं उसकी चुदाई का आनंद लेने लगी. मेरी आँखों के सामने मेरी सपनों की रानी मदमस्त जवानी से भरी हुई चाची खड़ी थी, जिसके 40 के साइज़ के चूचे उसके ब्लाउज़ में कसे हुए थे. वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था, ऐसा लग रहा था कि वो सेक्स करने में बहुत अनुभवी चोदू है.

मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ तो एक दिन मेरे बॉस ने कहा कि तुम्हें कल ही कोलकाता के लिए निकलना पड़ेगा. तभी मैंने महसूस किया कि आंटी का हाथ अपने आप मेरे ट्रैक पैंट के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगा था.

फिर मैंने रूपा को अपने पास खींच कर बेड पर लिटा दिया और मैं उसके पैरों की तरफ आ गया.

वो सीधे मेरे घर में आ गए और हॉल में कोई न दिखने पर उन्होंने किचन की तरफ देखा तो अरुणा सिर्फ एक टॉवल में खाना बना रही थी.

मैं उससे बोला- यह फर्स्ट टाइम था और इस टाइम खून आता ही है, इसमें डरने की कोई बात नहीं है. मैक ने भी अपनी पोजीशन बनाई और उसने मेरे छोटे-छोटे दूधों को अपनी हथेली में पकड़कर जमकर दबाकर भरा और मेरी चूत को अपने हाथों की हाथों से थप थप किया. सुबह 7 बजे जब आँख खुली तो देखा हम दोनों पूरे नंगे एक दूसरे से लिपटे सो रहे थे, मैंने उसे हिलाया और उसके होंठों को चूमते हुए कहा कि सुबह हो गयी.

हम दोनों के घर भी थे, पर आस पास के लोगों को शक हो सकता था कि कोई स्त्री अथवा पुरुष इतनी देर घर के भीतर क्या कर रहा था. प्रमिला भी ड्रिंक लेने गई थी, तो ये बात उसे भी नहीं सुनी और फिर हम सबने साथ में डांस किया, बाहर ही खाना खाया और हम घर आ पहुंचे. फिर तौलिये से एक दूसरे के बदन के एक एक अंग को पौंछा और बिना कपड़ों के बेडरूम में आ गए.

साथ ही साथ मैं अपने हाथों से चाची के निप्पलों को खींच कर दबा रहा था.

अगर कोई आपसे काम के लिए कहता है या मजबूरी में आपको करना पड़ता है, तो बात अलग होती है. इससे मैम को अच्छा लगा और उन्होंने एक बार फिर मेरे लिए तारीफ़ वाले शब्द कहे. मेरी छाती के उभार लड़कियों जैसे ज्यादा बड़े नहीं थे, पर फिर भी छोटी चुचियां थीं.

मेरी चूत इस वक्त बहुत चिकनी हुई पड़ी थी, जिससे जीजा जी का लंड मेरी चूत में एक इंच घुस गया. मैंने अपने कपड़े निकाल कर अपने लंड को आजाद किया और गुड़िया की चिकनी बुर पर किस किया. तब मूछों वाले अंकल ने फिर राज अंकल को बोला- राज भाई, आप होके आ जाओ, मेरा अभी मन नहीं है, मैं यहीं कार में बैठा हूं.

वो बुरी तरह से थक गई थी तो मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा और पीछे से जोरदार चुदाई करने लगा.

भाभी- नहीं गुस्सा क्यों होऊंगी … आप तो मेरे देवर हो ना!मैं- हां वो तो है … मैं आपका देवर हूँ और वो भी बड़ा केयर करने वाला आपका देवर. कुछ देर बाद फिर से उत्तेजना बढ़ गई और चुदाई का खेल फिर से शुरू हो गया.

बीएफ इंडिया बीएफ मैं उसके अहसास को महसूस करने लगा था और मेरा लण्ड पैंट में तनाव में आना शुरू हो चुका था. मुझे जाने क्या सूझी, सोचा कि कंडोम लेकर बस में मुठ मारूँगा और कंडोम फेंक दूंगा.

बीएफ इंडिया बीएफ तभी मेरी पत्नी ने मुझको बोला- अब अपने लंड को इसकी कुंवारी बुर में थोड़ा आगे बढ़ाओ!जैसे ही मैंने अपने लंड को पायल की बुर में थोड़ा आगे बढ़ाया, वह चीख उठी, उसको दर्द हो रहा था. चाची मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी और मुझे गज़ब का मज़ा आने लगा.

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उस दिन के बाद से हम दोनों हमेशा एक दूसरे से फ़ोन पर बातें करते रहे और इस बीच हमें जब भी मौका मिलता था, तो हम दोनों एक दूसरे को किस कर लेते थे. बीस मिनट की धुआंधार चुदाई के बाद हम दोनों बेड पर ढेर हो गए और एक दूसरे से चिपक कर सो गए. वो सीधा होकर मुझसे लिपट गया, अब उसका बहुत बड़ा मोटा लंड मेरी चूत में टच होने लगा.

उसने हंसते हुए कहा।मैं बेशर्म होते हुए बोला- यार कैसे शांत करती हो चूत को … चूत को तो लंड ही शांत कर सकता है. मैं बाइक के छोटे से पैरदान पर बड़ी मुश्किल से अपने दोनों पैर रखकर खड़ा हो पाया था. अब नीरू और मेरी पत्नी दोनों ने उसकी टांगों को चौड़ा किया और उसकी कुंवारी बुर की दरार को खोल कर मुझे दिखा कर बोली- देखो राजा जी, बिनचुदी बुर के दर्शन करो … कितनी मस्त लग रही है पायल की बुर … हम आपके लंड के लिए बंद और नई बुर लेकर आए हैं.

इस चोदन कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि चंढ़ीगढ़ में मैंने एक रूम किराये पर लिया मगर साथ में ही मिली दो गर्म भाभियां, दोनों ही हुस्न की मल्लिकाएँ थीं और शायद एक दूसरी से जलती थीं.

उसके घर-परिवार के बारे में भी जानता हूँ। उसकी शादी तो हो चुकी है और उसके पति भी बहुत बड़े आशिक हैं. मैंने भी अब फिर से धक्के लगा‌कर अपने‌ लंड को‌ सुलेखा‌ भाभी‌ की चुत के अन्दर बाहर करना‌ शुरू कर दिया, जिससे अब फिर से भाभी के मुँह से‌ सिसकारियां फूटनी शुरू हो गईं. तेरी स्मार्टनैस और बॉडी देखकर सच में उसी दिन ट्रेन में ही सोच लिया था, तेरे से चुदने के लिये.

मेरी कहानी किसी के लिए झूठ साबित हो सकती है या कोई ऐसा भी हो सकता है कि किसी ने उसे सच में जिया हो. जब मैं उसका लंड अपने चूतड़ से रगड़ रही थी मैंने ऐसा किया कि मेरी चूत का पानी भी निकल गया. कुछ ही मिनट की चुदाई में ही मनीषा पहली बार झड़ गयी और उसका शरीर ढीला पड़ गया.

इस धक्कमपेल से हम दोनों की ही सांसें अब फूल गयी थीं और बदन पसीने से भीगकर तर हो गए थे. करीब 10 मिनट एक-दूसरे को चाटने के बाद मेरी बहन मेरा लौड़ा चूत में लेने को तैयार थी, मैंने मालिनी को लिटाया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया.

मैं उठने लगी तो अंकल ने तुरंत मेरे कंधे पकड़ कर जोर से दबा दिया और एक ही झटके में जगत अंकल का लंड मेरी चूत को चीरता हुआ पूरा अन्दर समां गया. इस तरह के अवसर जब बार बार पड़ने लगे तो मैं और मेरी सहेली के पति में अच्छी दोस्ती हो गयी. जब आखिर में मेरा देवर मेरी चूत को अपने लंड से चोद रहा था, तो मैं उसको जकड़े हुए थी क्योंकि वो बार बार लंड बाहर निकाल कर चूत चूसने लगता था.

जिनकी शादी नहीं हुई थी … उनमें से एक ने कहा- साला कल मुझे होटल में ले गया और पूरा 7 इंच का अन्दर डाल दिया.

मेरी उम्र 28 साल है, मैं एक मिडल क्लास फैमिली से बिलोंग करता हूँ और अपनी फैमिली के साथ ही रहता हूं. आनन्द को पूजा ने घास में धकेला और उसके लंड पर बैठ गई और अगले ही पल ऊपर नीचे करके चुदने लगी. थोड़ी देर में वो थक गयी, तो मैंने उसे नीचे लिटाया और धकापेल चोदने लगा.

बातों ही बातों में कब उसका हाथ मेरे हाथ के ऊपर आया, पता भी नहीं चला. पर पियू बोली कि वो कुछ नहीं खाएगी, उसे उल्टी होने से अच्छा नहीं लग रहा, वो थोड़ी देर और आराम करेगी.

उसके पवित्र रस से भरे होंठों को अपनी गिरफ्त में ले लिया मैंने और जी भर के रस पीने लगा. मैंने सिर्फ ब्लू फिल्मों में कुछ अंग्रेजों और नीग्रो के लंड देखे थे. उसके बाल कंधे तक खुले हुए थे, बालों में शेड भी किया हुआ था, तो वो गजब की खूबसूरत लग रही थी.

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मैं समझ गया कि जोश में मैंने कुछ ज्यादा ही तेज़ उसके निप्पल को काट लिया है.

मैंने उसे तुरन्त ही अब अपने मुँह में भर लिया और जोरों से चूसने लगा. दोस्तो, किसी शादीशुदा औरत को देखकर मुठ मारने में भी बहुत आनन्द आता है. अचानक वो मेरे पास आई और मुझसे बोली कि आशु क्या तुम मेरी स्टडी में मेरी मदद कर सकते हो?मैं मन ही मन खुश हुआ, जिसे मैं हर रात अपने सपनों में चोदता था, आज वो ही मेरे पास आई है.

इसलिए मेरे लंड के अन्दर बाहर होने के कारण उसमें से अब तेज फच …फच …” की आवाजें निकल‌ने लगी थीं. मैं दर्द से चिल्लाने लगी, पर वह उनका बंगला था और शायद साउंडप्रूफ कमरा था. क्लासिक मिशनरी का अर्थमैंने जोश में आकर मीना के मुंह को अपनी तरफ कर लिया और उसके होठों पर किस करने लगा.

उसने मुझे बैठने का इशारा किया, तो मैं कन्फर्म हो गया था और उसने अपने आपको थोड़ा उठाया और मेरा लंड बाहर निकाल कर लंड पर बैठ गई. बातसाफथी, सलोनीकोमैंपसंदथाऔरज्यादाविरोध कीउम्मीदनहींथी,मेरेहाथोंकादबावउसकीकमरपरबढ़गया.

रानी तेरी फोटो जबसे देखी है, तभी से मेरा लंड तेरी चूत के लिए खड़ा है. उन्होंने फिर मुझे अपने ऊपर आने को कहा और मैं उनके ऊपर आकर उनकी टांगों को उठाकर चूत पर लंड रगड़ने लगा. फिर रात को 9 बजे मुझे नेहा ने जगाया और बोला- चलो खाना खा लेते हैं, नामित और विराट भी आ गए हैं.

इस आसन में वो मुझे अपने ऊपर लाया और उसके बाद मुझे अपने लंड पर बैठा कर मुझे चोदने लगा. प्रमिला ने बड़ी हैरानी से मेरी तरफ देखा और बोली- अच्छा … मैं नहीं मानती?एकता ने कहा- अच्छा … तो आज रात आजमा कर देख लो. फिर मैंने अपने दोनों हाथ पीछे से आगे को लिए और उसके मम्मों को छूना चालू कर दिया.

तुझे चुदना ही पड़ेगा आज …” सर ने कहा और मेरी जांघों को फैलाकर फिर से मुझ पर झुकने लगे.

ये मुझे थोड़ा अजीब लगा, पर मैंने सोचा जाने दो, सबकी अपनी अपनी जिंन्दगी है … अपना अपना स्वाद है. जहां तक तुम्हारी बात है तो मुझे ऐसा लगता है कि तुम्हारी उम्र की औरतें जैसा मजा दे सकती हैं वैसा कोई जवान औरत नहीं दे पाती.

मैंने अपने लंड को उसके पेटीकोट से पोंछ कर साफ किया और लुंगी बांध कर रसोई में जा कर चाय बनाने लगा. मैंने अपने सर की तरफ खड़े महेश का कमर पकड़ ली तो महेश सीट पकड़कर झुक गया और उसने अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया. मैंने पैन्ट की चेन खोलकर अपना लंड निकालकर उसके हाथों में दे दिया।वो मेरे लंड से खेलने लगी.

उसने फिर सवाल किया- देखनी है?मैंने हां में सिर हिलाया तो उसने अपनी साड़ी ऊपर की, पैंटी हटाई और मुझे अपनी चूत दिखा दी. आते ही मैंने सोनू से फिर हाथ मिलाया और कहा- तो फ्रेंडशिप पक्की!सोनू ने अपना सिर हाँ में हिलाया. अब सोनल दादाजी की तरफ मुँह कर के बैठ गयी, दादाजी ने उसके नंगे चुचों को हाथों में पकड़ कर मसलने लगे और सोनल भी उनके सीने पर के सफेद बालों में उंगलियां घुमाने लगी.

बीएफ इंडिया बीएफ मेरी दीदी बोली- कोई बात हो गई क्या घर पर … जो इतनी जल्दी जाने की कह रहा है?मैंने कहा- नहीं कोई बात नहीं हुई … बस काम है मुझे. जीजा जी ने धीरे धीरे करके मेरी चूत तक अपना हाथ रख दिया और वे चूत के ऊपर अपना हाथ फेरने लगे.

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बस अब उन तीनों को एक साथ एक ही बिस्तर पर चोदने की तमन्ना बाकी रह गई थी. पर थोड़ी देर बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा और वो भी गांड उछाल कर मेरा साथ देने लगीं. मैंने नेहा की चूची को चूसते हुए उसके निप्पल को दांतों से हल्का सा दबा दिया.

मैंने फिर से और एक जोर का धक्का लगाया, तो मेरा लंड पूरा अन्दर घुसता चला गया. अब आपकी मीता को लंड का खून लग चुका था क्योंकि 5 मिनट तक नकली मोटा लंड मेरी चूत में भी रह कर गया था, इसलिए चूत की खुजली बहुत बढ़ गई थी. गाड़ी वाला दिखा दोराज अंकल बोले- हां चलना है … थोड़ा उतर के होकर जल्दी से आ जाते हैं.

अब जैसे ही नेहा ने मेरे लंड को बाहर निकाला ढेर सारा वीर्य नेहा के मुँह से निकलकर मेरी जांघों पर फैल गया.

क्या होंठ थे, इतने दिनों बाद किसी स्त्री के बांहों में होना मुझे तरन्नुम दे रहा था. साथ ही मैंने अपने एक हाथ से उनके चुचों को भर लिया और उनको नींबू की तरह निचोड़ने लगा, उनके निप्पल को उंगलियों से रगड़ने लगा.

ऐसी सेक्सी गांड वाली भाभी को तो मैं किसी भी कीमत पर चोदने के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ. करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने कहा- जानेमन आ जाऊँ अंदर ही?वो बोली- आ जाओ मेरे राजा, मैं भी तुम्हारे साथ आ रही हूँ. हम लोग रात में रोज चुदाई करते थे और कभी कभी तो मेरे पति मुझे दिन में भी चोद देते थे.

इससे पहले भी मैंने बहुत सारे लंड देखे और चूसे थे लेकिन उसके लंड की बात ही मुझे निराली लगी.

फिर वो नीचे की तरफ झुक कर मेरे लंड को मुंह में लेने के लिए राज़ी हो गई और मेरे लंड को अपने गर्म मुंह के अंदर लेकर चूसने लगी. वो मुझसे बोला- साली कुतिया कहां से आई है तू … तेरी तो बहुत मस्त गांड है. कुछ देर रुक कर अजय ने एक और जोरदार झटका मारा और उनका सारा लंड मेरी चूत में समा गया और मैं दर्द के मारे चिल्ला उठी.

फादर्स डे 2021फिर पूरे लंड को उसकी चूत पे ऊपर से नीचे तक रगड़ा और फिर अपना सुपारा उसकी चूत पे टिकाकर एक जोर का शॉट लगाया. आंटी ने कहा- क्या?मैंने थोड़ा डरते हुए कहा- आप मुझे बहुत ही अच्छी लगती हैं और मैं आपको बहुत प्यार करता हूँ.

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दस बजे पूजा का फोन आया और उसने बताया कि मैं ट्रेन सही समय से है और मैं आधा घंटे में पहुंच जाऊंगी. तभी चाची का फोन आया, उन्होंने बोला- तू श्वेता के यहाँ खाना खा लेना, मैं सुबह आऊँगी. मैंने जोर जोर झटके देना शुरू किया और चुचियों को दबाते हुए उनके चूतड़ों पर थप्पड़ मारने लगा.

लंड डालने के बाद मैंने उसके घुटनों को मोड़ दिया और उसकी दोनों छातियों को पकड़कर भींचने लगा. तो क्या हुआ, मैंने भी तो बताया था कि तुम भी उसकी बहन ही हो, नेहा‌ नहीं तो तुम ही सही. मैंने हाथ बढ़ाकर दरवाजे की कुंडी लगाई और सोनू को अपनी बाहों में भरकर ऊपर उठा लिया.

तब भी कौशल्या को देख कर लगता ही था कि वो अपने यौन जीवन से काफी असंतुष्ट है. मैंने सफ़ेद रंग की मॉडर्न ब्रा पहनी हुई थी, जिसमें से मेरी चूची एकदम साफ़ तनी हुई दिख रही थीं. उसकी चूत चुसाई से मेरी चूत ने एकदम से पानी छोड़ दिया और मेरी चूत का सारा पानी मेरे देवर ने पी लिया.

पांच मिनट तक मेरी चुत चोदने के बाद फिर से अपना लंड मेरी गांड में डालकर मेरी गांड मारने लगे. मेरी शादी भी हो चुकी है लेकिन बुआ की लड़की सपना की चूत मेरे लंड से ही शांत होती है.

मैंने उसकी चूची को चूसते हुए अपने दोनों हाथ नीचे किये और घाघरे के ऊपर से उसके भरे हुए मासंल नितम्बों को सहलाने लगा.

अगले दिन मेरे दोस्त घर पर आ गए और ज्योति के बारे में पूछने लगे। मैंने उनको बता दिया कि वो मेरी भाभी की बहन है. लंबे बालों की कटिंगअब तक आपने पढ़ा कि सुनील और महेश मुझे अपनी फोरचूनर गाड़ी में डाल कर मेरी जवानी को टच कर रहे थे. ताजा ताजा दूधउसने रूम के छज्जे से मुझे गाड़ी दिखा दी।फिर मैंने अपना पर्स उठाया, तन्वी मेरे पास आई और बोली- जा सुहानी जा … जी ले अपनी ज़िंदगी।और हंसने लगी।मैं चुपचाप सीधा गाड़ी में आ के बैठ गयी। उसमें बस ड्राईवर था. मैंने उसको बोला- मेरा ऑफिस रेलवे स्टेशन के पास में है, मैं सिर्फ 5 मिनट में आपके पास आता हूँ.

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मेरा पति मेरी नज़रों में बिल्कुल चूतिया था और आज भी वैसा ही है।उस दिन भी मैंने उसको बड़ी ही आसानी से चकमा दे दिया. इसके बाद उसने मेरी जीन्स की चैन खोल कर मेरा लंड निकाला और हिलाने लगी. मैं उनके दोनों निप्पलों को बारी बारी से अपने मुँह में गपागप चूसे जा रहा था.

उसको पॉर्न फिल्मों के बारे में कोई नॉलेज नहीं थी, मैंने उसे ऐसी फ़िल्में दिखाना शुरू किया. हमारे सामने दो सीट खाली थी। मेरा तो लंड खड़ा होने लगा था मानसी को अपने साथ अकेली पाकर! अन्धेरा भी होने लगा था।मानसी- मुझे डर लगता है झूला नीचे आने के वक्त!मैं- हम हैं ना, हम क्या तुमको गिरने देंगे. उस वक्त मेरे दिमाग़ में आया कि आज ट्रेन के अंधेरे में इसकी चुदाई का मौका बन सकता है.

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मैं सोच रहा था कि अभी उनके पास चला जाऊं और उनकी मैक्सी उठा कर उनकी गांड में अपना लंड डाल दूं. उससे मुझे रगड़ते हुए पहले मेरी नाभि और पेट को सहलाया, फिर पीछे तरफ से ही हाथ को सीधे ऊपर किया, जहां से अंकल ने अपने हाथ इस हाथ को मेरी समीज के ऊपर से मेरे मम्मों पर पहुंचा दिया और धीरे से एक को दबा दिया. जब मैं अंदर गया तो मैंने उससे कहा- क्या जान, इतनी भी क्या जल्दी है जो तुमने अपने कपड़े भी बदल लिये?उसने कहा- बहुत टाइम से चुदी नहीं हूं नीलेश, और आज तो वैसे भी मुझे दो लंड के साथ चुदना है.

मेरी बहन अब पूरी तरह गर्म हो चुकी थी, उसने लपक कर मेरा लौड़ा पकड़ लिया और उसे चाटने लगी.

मेरी बड़ी बहन की शादी थी, उस समय वंदना हमारे घर जवान होने के बाद पहली बार आई थी.

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शायद मेरे मन में ऐसा चल रहा था कि सन्नी ने मुझसे बहुत बड़ी बेवफ़ाई की है. उनके मोटे लंड देख कर मेरी चुत की आग भड़क उठी और मैंने सोचा कि इन्हीं लोगों से चुदाई करवा लेती हूँ. आशा करता हूँ कि यह मेरी पहली सच्ची कहानी ‘मेरी गर्लफ्रेंड के चुत में दो लंड …’ आपको पसंद आएगी.

ये सब देविका मैडम के जीवन का भी पहला अनुभव था जब उसने किसी गैर मर्द को अपना आशिक बना लिया था. अगले हफ्ते फिर पति चले गए, तो उस रात भी बहुत सी बातें हुईं और फ़ोन रखने से पहले उसने मेरे और मेरे पति के बीच सम्बन्धों के बारे में पूछने चाहा.

मैंने हंस कर कहा- सच भाभी तेरी यह मस्त खड़ी चूची, चूतड़ बहुत सेक्सी और सुन्दर लग रहे हैं.

इतना सोचने के बावजूद भी न जाने क्यों मेरे दिमाग में सरोज चाची को चोदने की बात नहीं आई थी, जबकि मैंने कई कई बार उनको गांड हिलाकर मटक मटक कर चलते देख कर मुठ मारी थी. अब मुझमें इतनी भी हिम्मत नहीं बची थी कि मैं उठ कर बाथरूम में जाकर अपनी चूत को साफ़ करके अपने कपड़े पहन सकूं. मेरा रूम, मकान की चौथी मंजिल पर था और मेरे घर के सामने वाले घर में एक आंटी रहती थीं, जो इस कहानी की नायिका हैं.

लेडीस और डॉग की सेक्सी मगर उसने मना कर‌ दिया और बोली- रहने दे … मुझे कोई परवाह नहीं है … जिसे देखना है देखने दो!शायद प्रिया को भी पता चल गया था कि नेहा ने हमें देख लिया है, इसलिए ही उसने ये बात थोड़ा जोर से कही. दोनों आपस में किस कर रही थीं और एक दूसरे के मम्मों को भी चूसना चालू रखे हुए थीं.

सभी 5 आदमियों में से 3 आदमी मेरी बहन को चोद कर आगे वाली सीट पर नंगे बैठ गए थे. अब वे मुझसे बोले- नीतू रानी, आज मेरी बहुत दिनों की इच्छा पूरी हो गई. कुछ ने कुत्ता बनाकर मारी है, कुछ ने गोद में उठाकर पेला है, कुछ ने पुराने अंदाज में गांडमारी का खेल खेला है.

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दोस्तो, मैं नेहा गुप्ता आप लोगों के लिए एक नई कहानी लेकर आई हूँ जो मेरी आपबीती है। कहानी की शुरुआत करने से पहले मैं बता दूँ कि मेरी उम्र 21 साल है और मेरी फिगर 32-28-34 है।मैंने अपनी बारहवीं की परीक्षा पिछले साल ही पास की थी और मैंने उसके बाद कॉलेज में दाखिला ले लिया था. अपनी चूत से दबा दबा कर लंड का पानी चूत में निकालने के थोड़ी देर बाद नेहा मेरी तरफ मुस्करा के देख कर बोली- क्यों राजू मज़ा आया कि नहीं. उसने अन्दर आने से पहले मुझसे पूछा- सर, क्या मैं अन्दर आ सकती हूँ?मैंने कहा- यस कम इन.

मैंने सिर्फ नैना से दोस्ती इसलिए की थी कि वो खुश रहे और उसकी गृहस्थी ठीक से चलती रहे. मेरी दीदी को चोद कर उसे बीवी बनाने की कहानी अभी बाकी है, जिसे मैं अगले भाग में लिखूंगा.

5 इंच के लगभग होगी।वर्तमान में मैं एक अध्यापक हूँ लेकिन आज से 7 साल पहले दिल्ली के एक बहुत बड़े अस्पताल में बिलिंग विभाग में काम करता था। यह घटना तभी की है और यह मेरे जीवन की पहली सेक्सुअल बहुत ही प्यारी घटना थी.

उसके शरीर के अंदर जो चीज़ मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई वह थी उसके मोटे-मोटे हिप्स. ठाकुर अंकल ने मेरी चूत में हाथ लगाया और अपनी एक उंगली मेरी चूत में पेल दी. जब मैं वहां पहुंचा, तब उसने काले रंग की गहरे गले वाली नाइटी पहनी हुई थी, जिसमें से उसकी रक्तिम वर्ण की चोली यानी लाल रंग की ब्रा साफ देखी जा सकती थी.

दोस्तो, मैं बता नहीं सकता कि वो क्या मस्त सीन था, इतनी सुंदर, खूबसूरत और सेक्सी हेमा मेरे लंड पर बैठकर खुद चुदाई कर रही थी. उसके बाद हमने इस बात को छोड़ दिया और दूसरी बात करने लगे, लेकिन अब हमारे बीच थोड़ी-थोड़ी एडल्ट और सेक्सी बातें होने लगी थीं और हम एक-दूसरे को एडल्ट जोक्स भी भेजने लगे थे। फिर कुछ दिन के बाद फिर हम फोन पर चैट करते हुए बात कर रहे थे, जो कुछ ऐसी थी-मैं- तुमने ड्रिंक की है कभी?नेहा- ना कभी नहीं, तुमने?मैं- हाँ, मैंने तो बहुत बार की है. मैंने सोनू से पूछा- तुम्हारी हॉबीज क्या-क्या हैं?तो सोनू ने बताया- पिक्चर देखना और पहाड़ों पर घूमना फिरना मेरी हॉबी है.

मैंने उसकी लेगिंग को उतारने के लिए कहा क्योंकि वहां पूरे कपड़े उतारना संभव नहीं था.

बीएफ इंडिया बीएफ: मुझे तुम लोग अच्छे लगते हो, तो मैं बिल्कुल आपके घर आऊंगा … तुम्हें कोई परेशानी है … तो बताओ?मैंने तुरंत डरते हुए कहा- ठीक है. वह अब जोर से लंड चूस रही थी, मेरा हाथ भी उसके स्तन जोर से दबा रहा था.

वह कोई न कोई बहाना बनाकर बाहर निकलती थी और मेरे कमरे की ओर देख कर वापस चली जाती थी. कमाल की बात ये थी कि पहली बार इस पूरी गांड चुदाई में मेरा लंड न जाने क्यों नहीं खड़ा हुआ. एक दिन सोनू की मम्मी मेरे कमरे में आई और मुझसे पूछने लगी- सोनू की पढ़ाई कैसी चल रही है?मैंने कहा- बहुत अच्छी चल रही है.

बता उसको … कैसा लग रहा है?” सर ने घूर कर पिंकी की ओर देखते हुए कहा और फिर मेरी ओर देखने लगे.

इतने दिन मैं उनका तिरस्कार कर रही थी, इतने दिन मैं उनके बड़े मूसल का फायदा नहीं उठा सकी, इसलिए मैं खुद को कोस रही थी. मैंने उन दोनों को बताया कि मैं मॉम को रंडी बनाने के बाद चोदना चाहता हूँ. मुझे बहुत राहत मिली कि मेरी चूत आज बहुत दिन के बाद लंड की चुदाई से झड़ गयी.