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12 साल पहले मेरी पत्नी की मृत्यु हो गई थी और उसके बाद से मैंने किसी महिला के साथ यौन सम्बन्ध नहीं किया. ब्लू फिल्म सेक्सी वीडियो पंजाबीपरन्तु ठरक से अन्धा राजू अड़ियल सांड की तरह काबू में आई हुई नई कबूतरी रीटा को बालों से पकड़ रीटा का मुँह कारपेट पर लगा दिया तो रीटा की गाण्ड अब छत की तरफ उठ गई और राजू ने चीखती चिल्लाती रीटा के अन्दर अपने लण्ड को थौड़ा सा बाहर खींच कर दुबारा पूरा का पूरा ठोक दिया.

मैंने सोचा कि इससे पूछ लेता हूँ कि फिर कब मिलोगी?लेकिन जो उसने बोला उसे सुनकर तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ. सेक्स रंडी सेक्समुझे लगा कि चलो उन्हें मेरी बात बुरी नहीं लगी।उन्होंने कहा- ज़रा यह तेल मेरे सर पर लगा दोगे? अगर तुम्हें ठीक लगे तो !मैंने हाँ में सर हिलाते हुए बोतल उठाई और चालू हो गया… अब मैं उनके बूब्स आसानी से देख रहा था।उन्होंने कहा- वाह रिचर्ड, तुम्हारे हाथ में तो जादू है.

मैं- हाँ, पढ़ तो सकते है लेकिन!चाची- लेकिन क्या विशाल?मेरे जवाब देने से पहले चाची ने फ़िर पूछा- देख विशाल, तेरी पसन्द में कोई और हो तो बता दो वरना!मैं- नहीं, मुझे कोई पसन्द नहीं है.एक्स एक्स वाला बीएफ: वहाँ पहुँच कर मैंने देखा वो गाड़ी वहीं पर खड़ी थी और वो औरत गाड़ी के पास खड़ी होकर सडक पर चलने वाली दूसरी गाड़ियों की तरफ़ हाथ हिला कर मदद की उम्मीद कर रही थी पर कोई भी गाड़ी उसकी मदद के लिये नहीं रुक रही थी.

मुझे मालूम है कि इसे पढ़कर आपको कुछ ख़ास उत्तेजना नहीं आई… लेकिन यह वास्तविक घटना है… घटनायें बहुत सारी हैं पर एक बार में सारी नहीं बता सकता हूँ.तभी पूजा का शरीर अचानक से सिकुड़ने लगा, उसकी आँखें बंद होने लगीं और पूजा मुझे अपनी टांगों के बीच में कसने लगी.

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प्रेषक : सुनील कश्यपमुझे महसूस हुआ कि वह अब झड़ने वाली है। अब वह बोलने लगी- सुनील, मैं झड़ रही हूँ, हे भगवान् ! आह.वो दिन था और आज का दिन है, हर दूसरे तीसरे दिन मैं उसकी चुदाई करता हूँ और बदले में मैं कभी कभार कुछ पैसे उसे दे देता हूँ.

आह्ह… धीरे… अह्हाआ !!” इतने समय बाद उसके मुँह से ये दो शब्द निकल पाए थे।मैंने उसका रिरियाना नज़रंदाज़ कर दिया, चोद लेने दो वरुण. एक्स एक्स वाला बीएफ दोनों मेरे लंड को मुँह में बारी बारी से ले लेकर चूसने लगी, कुछ देर में मैंने कहा- रुको !और मैं अपना लंड हाथ में ले मुठ मारने लगा और थोड़ी देर में मैंने अपना सारा पानी दोनों के चेहरे पर गिरा दिया और बेड पर जाकर लेट गया.

आप जब भी कहोगे, जहाँ भी कहोगे, मैं चुदने के लिए हमेशा तैयार रहूँगी…मैं उसे लगातार चोद रहा था और वो मज़े ले रही थी। काफी देर तक इस तरह मैंने उसे चोदा.

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मेरे साथ वही करना। मेरा दिल तो अब भी सेक्स करने को कर रहा है।रमेश बोला- बस कुछ दिन की बात है, मैं तुम्हारी चूत की आग को ठंडी कर दूँगा।रानी ने लम्बी आह भरी- अब तो एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है।रमेश ने कहा- रानी, तुमने कभी लंड चूत में तो नहीं लिया?तो रानी ने कहा- नहीं. उतना खाइए !उस समय टीवी पर सावधान इंडिया आ रहा था, तो हम दोनों देखने में मस्त हो गए।तभी ब्रेक के बाद मैं बोला- गीता जी चलें, आपको देर न हो जाए !तो उसने कहा- अभी 4. मेरी उम्र 18 साल है और कद 5’7″ और मेरे लन्ड का साईज सामान्य है, दूसरे लेखकों की तरह नहीं कहूँगा कि मेरा लन्ड 8″ का है या 10″ का है.

क्योंकि उनको पता था कि मैं डांस बहुत अच्छा करता हूँ और खास तौर पर राजस्थानी।मैं राजस्थानी गाने पर डांस करने लगा. ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत में पहुँच गया होऊँ।अब वो गपागप मेरा लण्ड चूस रही थीं और मैं उनकी चूत चचोर रहा था, बीच-बीच में मैं जीभ अन्दर-बाहर भी कर रहा था।तभी उन्होंने पानी छोड़ दिया और झड़ गईं।मेरा भी माल उनके मुँह में ही निकल गया और उसे वो पूरा चूस गईं और बोली- अहा. मैं एक हाथ से उसकी चूचियाँ दबा रहा था और एक हाथ कविता की चूचियों पर था, उसने एक दो बार आना कानी की, फिर मान गई, आराम से दबवाने लगी.

‘बेबी पहले कभी किसी से ऐसा करवाया है क्या?’ राजू ने रीटा के पत्थर से कठोर निप्पल को चुटकी में मसला तो रीटा मज़े से दोहरी हो कर चिंहुक के राजू से बुरी तरह से लिपटती और लज्जाती बोली- सीऽऽऽ नहीं भईया पहली बार करवा रही हूँ ये सब! हायऽऽ ये आप क्या कर रहे हो?‘मजा आ रहा है ना?’ राजू चूचों को पीसता बोला. !मैं सुनन्दा को प्यार भरी नजरों से देखता रहा, वो बोली- क्या देख रहे हो मालिक?मैंने कहा- तुम्हें देख रहा हूँ. रीटा के जाने के बाद ठरकी राजू आँखें बंद किये सैक्सी रीटा के बारे सोच सोच कर घण्टों मुठ मारता रहता था.

ऐसा कुछ नहीं होगा तुम समय से उसको कमरे में ले जाना, बाकी मेरा काम है, बस मैं तुझे एक रण्डी की तरह दो लौड़ों से चुदते देखना चाहता हूँ. बाप रे…!’‘क्यों भाभी, भैया आपके साथ ये सब नहीं करते हैं?’‘तुझे क्या मतलब…? और तुझे शादी से पहले ऐसी फ़िल्में नहीं देखनी चाहिए।’‘लेकिन भाभी अगर शादी से पहले नहीं देखूँगा तो अनाड़ी न रह जाऊँगा। पता कैसे लगेगा कि शादी के बाद क्या किया जाता है।’‘तेरी बात तो सही है.

फिर उसने अपने घर का पता मुझे मेसेज किया…मैं भी इस पते पर जाने के लिए तैयार हो गया… मैं अच्छे से तैयार होकर उसके घर जाने को निकल गया.

और वो हंसने लगी, इसके बाद स्वाति बोली- सायरा खान, यह हार की शर्म या सरेआम दो लड़कों के सामने हम सबको अपनी नंगी जवानी दिखाने की शर्म है.

!मैंने उसे फिर से प्यार से चूमा और कहा- मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूँगा।बीस-पच्चीस धक्के लगाने के बाद मैं चरम सीमा पर पहुँच गया। मैंने ज़ोर-ज़ोर से पूरी ताकत से चोदना शुरू किया।वो ‘आ. इसके बाद हम दोनों ने पुश अप करने शुरू कर दिए, शुरुआत में तो हम दोनों ही काफी अच्छा कर रही थी, लेकिन 30 के बाद तो बस मेरी जान ही निकलने को तैयार थी, मैं यही सोच रही थी कि सोनिया हार मान जाये. और ऐसे में उनकी चूत का छेद एकदम गीला… और गांड का गुलाबी छेद… मैंने पीछे से लंड को उनके चूतड़ों पर घुमाया……और गांड के छेद पर लगाया…वो एकदम उछल कर खड़ी हो गई.

सो जाओ!मैं कुछ देर सोचती रही फिर उससे पूछा- क्या हुआ था?उसने कहा- जाने दो, कुछ नहीं हुआ।मैंने जोर देकर फिर से पूछा तो उसने कहा- तुम्हारे बगल में हेमा और कृपा चुदाई कर रहे थे।मैंने उसे कहा- तुम झूठ बोल रहे हो, कोई किसी के सामने ऐसा नहीं करता. आप टेन्शन क्यों लेते हो ! जाओ स्कूल, क्या पता आज क्या बात है!जीतेंद्र- बात क्या होगी, वही हमेशा का भाषण सुनना पड़ेगा. क्योंकि मैं खुद उनके सोने का इंतजार कर रही थी।काफी देर बाद मैं पेशाब करने उठी मेरे पीछे हेमा भी चली आई और कहा- तुम सोई क्यों नहीं अब तक?मैंने उससे कहा- नींद नहीं आ रही क्या करूँ, तुम जो मर्ज़ी चाहे करो मैं किसी को बताउंगी नहीं.

Rubi ki Seal Tod di-2मुझसे सहा नहीं जा रहा था, मैंने कहा- अब और बर्दाश्त नहीं होता… तू सीधी होकर अपनी टाँगें फैला कर लेट जा.

सच सच बता दे नहीं तो मैं तुझे मारूँगी…मैं- नहीं मामी, सच में आज पहला ही दिन था…मामी- पहले ही दिन कोई भी लड़की चुदवाती नहीं है… मुझे सब कुछ सच सच बता…मामी की आवाज़ में रौब था और मैं डर गया… मैंने तो रोना ही चालू कर दिया…तब मामी भी थोड़ी सी घबरा गई और मेरे पास आकर बैठ गई. खफा होगी या नहीं?मैंने हंसते हुए कहा- हराम की ज़नी, सीधे सीधे नहीं कहेगी की राजे मेरी गांड मार ले… बहन चोद यह कहेगी कि लंड को गांड में महसूस करना है… रुक ज़रा अभी कराता हूँ तुझे सब महसूस… साली रंडी की गंडमरी औलाद…शिखा रानी खुश होकर बोली- राजे… तू कितनी मस्त मस्त गाली देता है साले… एक बात बता. ’ की आवाजें निकालने लगी।चूँकि बस चल रही थी इस कारण आगे वाली सीट पर बैठे लोगों को हमारा यह खेल न तो सुनाई दे रहा था और न दिखाई दे रहा था। उसकी चूचियाँ भींचने पर मेरा मन उन्हें चूसने का भी कर रहा था।इसके बाद मैंने उसे अपने कन्धों पर झुका लिया और उसकी गर्दन पर अपनी जीभ और होंठों से चूमने और चाटने लगा, वह मदहोश हो गई।मैंने अपना हाथ उसकी सलवार पर रख दिया और उसकी चूत को मसलने लगा।वो बोली- ओ माय गॉड.

!मैं तो बस पागल हो गया था और उसकी चूत में अपना लण्ड तेज़ी से अन्दर-बाहर कर रहा था और बार-बार बस यही कहे जा रहा था- ओह पूजा. अगर बोलती हूँ तो मेरे पापा की छवि खराब होती है और ना बोलूँ तो पक्की सहेली से बुराई होती है। सो उसने तय कर लिया कि चाहे जो भी हो वो डॉक्टर नेहा से ज़रूर बात करेगी।तभी चाय आ गई, चाय पीते हुए रश्मि ने धीरे से कहा- यार मैं जो बोलने जा रही हूँ… उसे अपने पास तक रखना और मुझसे मज़ाक मत करना, पर मैं चाहती हूँ कि तुम एक सही निर्णय बताओ।नेहा- तुम बताओ तो सही।रश्मि- ओके. बस हल्का सा सब्र रखो…!फिर मैंने अपने लण्ड का सुपारा उसके चूत के दरवाजे पर सटा कर हल्का सा धक्का दिया। चूत चिकनी होने के कारण मेरा सुपारा ‘गप्प’ करके उसकी चूत के अन्दर चला गया और वो चिहुंक उठी, उसने कहा- निकाल लो.

क्या भाभी अब दादाजी से भी चुदवायेंगी?कैसा लगेगा जब 80 साल का एक बुड्ढा इतनी मस्त जवानी को पेलेगा…!!!???कहानी जारी रहेगी।.

तेरा काफ़ी मोटा है, मैं अब सारा दिन तेरी ही हूँ!तो मैंने आराम से अन्दर डालना शुरू किया उनकी चूत ज्यादा खुली हुई नहीं थी, तो उनसे पूछने पर उन्होंने कहा- तेरे अंकल का पतला सा है. मेरे अन्दर नहीं जाएगा।तब मैंने अपना अंडरवियर उतारा और अपना खड़ा हुआ लंड उसके सामने कर दिया और कहा- जान किस करो न.

एक्स एक्स वाला बीएफ नेहा तो नहीं जा रही है, बोल रही है कि अगर कोई दिक्कत ना हो तो आपे ऑफिस में रह जाऊँ?सुरेश जी बोले- नेहा आप कहीं भी रह सकती हो. मुझे तो कुछ समझ में नहीं आया कि वो क्या करना चाहती है, सोनिया ने आगे कहा- सायरा, तुझे पता है कि अगर कोई एक गाल पर थप्पड़ मारे तो दूसरा गाल भी आगे कर देना चाहिए.

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कितने बड़े हैं?’‘कैसे बताऊँ?’‘अपने मुँह से ही बता दो?’ मैं अपनी हंसी नहीं रोक पाया।‘मैं 28 नंबर की ब्रा पहनती हूँ पर वो भी ढीली रहती है।’‘ओह… ऐसे नहीं !’‘तो कैसे समझाऊं?’‘संतरे जितने हैं?’‘नहीं !’‘आम जितने?’‘नहीं !’‘तो क्या नीबू जितने हैं?’‘नहीं उससे तो थोड़े बड़े ही लगते हैं.

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!मैंने कहा- ठीक है!अब जब मैं हाथ-मुँह धोकर बाहर आया तो मैंने देखा कि भाभी ने साड़ी उतार दी थी और सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं और क्या बताऊँ. वो साला रामदीन तुमको क्या बोला?मैं सोचने लगी कि अंकल को सब कुछ बता देना चाहिए या नहीं। फिर मुझे रामदीन पर गुस्सा आने लगा, उसी की वजह से मैं अभी से ही एक औरत बन गई थी।‘क्या होता?. बहादुर फुसफुसाता सा बोला- परंतु बेबी, तुम्हारी तो फट चुकी है?‘ओह, कम आन बहादुर, अभी मेरी पिछली पड़ोसन तो अभी एकदम तन्दरूस्त और तरोताजा है.

एक भी बाल नहीं था।मैंने झट से उनकी चूत को मुँह में ले लिया और चाटने और चबाने लगा। वो लगातार सिसकारियाँ लिए जा रही थीं।भाभी- हाय मेरे चोदू राजा. ओह…’करके कसमसा कर चचाजी झड़ गये। उनके घी जैसे वीर्य से मेरा मुँह भर गया। मैं चख चख कर खाने लगा और साथ ही उनका सुपारा जीभ से रगड़ता रहा।‘बस बेटे… बस. पर मैं तो कभी आपसे नहीं मिला।फिर मेरे पति ने मेरी तरफ देखा तो मैंने भी कह दिया- मैं भी नहीं जानती!तब उसने बताया- नहीं.

शराबी पति-1बगल में मर्द सो रहा था, इस अहसास से चूत में खुजली होने लगी, नींद नहीं आ रही थी, जवानी की आग भड़क रही थी, रमेश ने कई दिनों से मुझे नहीं चोदा था.

पर मैं हूँ असल में बहुत बड़े कमीने टाईप का।और हम दोनों हँसने लगे।हमने तीन घंटे में और दो राउन्ड और खेले. तेरे चूतड़ बहुत मस्त हैं।’ मेरी गाण्ड पर थपकी लगाते हुए बोला।एकदम से दोनों चूतड़ फैला कर गाण्ड देखने लगा, ‘इसमें भी एक बार फिर से करने का मन है।’‘आपको जो ठीक लगा. मैं बाथरूम में पेशाब करने बैठी तो प्रिया ने मेरी टाँगें चौड़ी करके खोल दीं ताकि वो ठीक से मेरी नंगी चूत से पेशाब निकलते हुए देख सके.

नेहा तो नहीं जा रही है, बोल रही है कि अगर कोई दिक्कत ना हो तो आपे ऑफिस में रह जाऊँ?सुरेश जी बोले- नेहा आप कहीं भी रह सकती हो. !मैंने तुरंत पूछा- आप कौन हैं?मेरी आईडी कहाँ से मिली, तो उत्तर में उन्होंने कहा- अन्तर्वासना पर आपकी कहानी पढ़ी थी/ वहाँ से पता लगा और हम लोग मैसेंजर पर आ गए और बात करने लगे।उनसे पूछा- आप लोग कौन हैं अपने बारे में बताएं. और मैं धीरे धीरे लण्ड ऊपर नीचे करने लगा, उसे भी थोड़ा मज़ा आने लगा। लण्ड अभी पूरा अंदर नहीं गया था इसलिए धीरे धीरे छेद को चौड़ा करने लगा.

मुझे शर्म आती है !-1भाई बहन की चुदाई की इस कहानी के पिछले भाग में अभी तक आपने पढ़ा कि बहन ने अपने भाई को मुठ मारते देखा. शिट’ यह मेरे मुँह से क्या निकल गया, मुझे उसे बेबी नहीं कहना चाहिए था।वो बोला- अब थोड़ा अच्छा महसूस कर रहा हूँ।फिर मैंने उसके लिए जो नाश्ता बनाया था, वो उसे खिलाया और उसके पास बैठ गई।वो मुझसे बातें करने लगा, मेरे बारे में, मेरे भूत के बारे में पूछने लगा, फिर अपनी बीती जिन्दगी के बारे में खुद ही बताने लगा।उसकी पूर्व पत्नी तो सच में बहुत ही बुरी स्त्री थी।‘शी वाज़ आ सुपर बिच यार.

हेमंत खाना लेकर आ गया, हम दोनों हेमन्त के घर गए, दोनों बच्चे वहीं थे, सबने खाना खाया और बच्चों को सुला दिया. पर या तो चिकनाई ज्यादा थी या जीजी का छेद सही नहीं बैठ पा रहा था, उनका लिंग फ़िसल गया।जीजी ने अपना हाथ बढ़ाया और अपने हाथ से उनके लिंग को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर फिर रखा और फिर से नीचे दबाने को कहा… पर इस बार फिर लिंग नाभि की तरफ़ चला गया. विनायक ने मेरा एक निप्पल मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और दूसरे को एक हाथ से दबाना शुरू कर दिया।मैं तो जैसे स्वर्ग में पहुँच गई थी और पूरी बेशर्मी से उसे उकसा रही थी.

अभी भी सो रही है।मम्मी ने कहा- चल ठीक है, मैं खाना बना देती हूँ, फिर तेरे पापा आ जायेंगे तो उनके आते ही जाना है और चल तू भी खाना बनाने में हेल्प कर !मैंने कहा- ठीक है.

!तो रीना ने मुझसे पूछा- क्या तुमने कभी किसी के साथ किया है?तो मैंने ना बोल दिया, क्योंकि मैंने इससे पहले कभी किसी के साथ चुदाई नहीं की थी।मुझे तो पता ही था कि आज मुझे कुँवारी चूत मिलने वाली है।वो मुझसे पूछती- क्या तुमने ऐसी मूवी पहले कभी देखी है?तो मैंने बता दिया- देखी है तीन चार-बार. तुम्हारी बुर का गर्म अहसास बहुत अच्छा लगा रहा है, तुम्हारी बुर बहुत गर्म और कोमल है।मैंने उसे यूँ ही कुछ देर लेटा रहने दिया फिर उसे उठाया और अपनी बुर साफ़ की और कपड़े ठीक करके सो गई।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. पहले तो वो कुछ छिपाते थे, पर जब उनको भी पता चल गया कि मैं जान चुकी हूँ तो मेरे सामने ही शराब चलने लगी.

थप’ की बड़ी जोर-जोर की आवाज़ें आती थीं।इस बीच रिंकी का बदन और दो बार झटके खा चुका था।अब मैंने लंड अन्दर ही रखते हुए उसे फिर उठा कर बिस्तर पर पटक दिया।पूरे शरीर का भार उसके नाजुक बदन पर डाल कर मैंने उसे अब रौंदना शुरू किया।लंड प्रचंड गति ले चुका था और पूरे 8-9 इंच लम्बा झटका ले रहा था।एक-दो बार तो लंड पूरा बाहर आकर फिर घुस गया. क्या चूसती है ये हरामजादी रंडी… अरे तेरी चाची को भी सीखने में महना लग गया था, दम घुट कर गों गों करने लगती थी.

फ़िर उसने अन्दर से दरवाजा बंद कर लिया, जैसे ही वो मेरे पास आई, मैंने उसे एक गुलाब का गुलदस्ता दिया जो मैं रास्ते में से उसके लिये लाया था और उसे फ़िर से बधाई दी. और साथ ही साथ आंटी को खुश भी किया और उनकी रसीली गांड को और भी रसीली बना दिया।आंटी भी अब और ज्यादा मस्त लगने लगी हैं।. ’उसने जल्दी से मेरी टी-शर्ट और पैन्ट को उतार दिया और मेरी जॉकी अन्डरवियर के ऊपर से लण्ड को सहलाने लगी थी।मेरा लण्ड भी खड़ा हो गया था और कोमल ने मेरी जॉकी को उतार दिया और लौड़े को अपने होंठों से चूसने लगी।मैं भी सिसकारी लेने लगा- आहह.

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’ की आवाजें निकल रही थीं।काफी देर तक चली इस चुदाई में मैं झड़ने वाला था जबकि वो दो बार झड़ चुकी थी।मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल कर उसके मुँह में पेल दिया और झड़ गया। वो भी मेरे साथ साथ तीसरी बार झड़ गई।उस रात मैंने उसकी तीन बार चुदाई की और सुबह अपने पैसे लेकर चला गया।आपको मेरी यह सच्ची घटना कैसे लगी, ज़रूर बताना।अभी और भी कहानियाँ हैं जो आगे लिखता रहूँगा।आप अपने ईमेल यहाँ भेजें।[emailprotected].

फ़िर मैंने उसे उसके कन्धों से पकड़ कर उठाया और उसके होंठों पे होंठ रखकर चूमने लगा, उसने भी खुलकर मेरा साथ दिया वो कभी अपनी जीभ मेरे अन्दर डालती और कभी मेरी जीभ को अपने मुँह के अन्दर तक ले जाती. अब इन्तजार लण्ड के सम्पूर्ण रूप से सलोनी की चूत में समाने का था…10-12 बार यही सब चलता रहा, वो सलोनी को नीचे करता और सलोनी ऊपर उठ जाती… और एक बार भक्क की आवाज आई. मैंने अपनी हिम्मत बढ़ाई और अनिता के पेट पर अपना हाथ बढ़ा दिया और धीरे-धीरे पेट को सहलाते हुए दोनों जांघों के बीच ले गया.

एक दिन उसने मुझे यह कह कर मेरा मोबाइल नंबर माँगा कि अगर वह किसी कारणवश किसी दिन पढ़ने के लिए आने को असमर्थ होगी तो वह मुझे पहले ही मेरे मोबाइल पर बता देगी. कुछ देर बाद वो फ़िर से गर्म होने लगी और मैं यह देखकर हैरान हो गया कि अबकी बार उसने पहल की, उसने मुझे हाथ पकड कर बैड के नीचे खड़ा किया और खुद मेरे सामने घुटनों के बल बैठकर मेरी पैन्ट खोलने लगी, उसने मेरी पैंट मेरी टाँगों से अलग कर दी, फ़िर उसने कुछ देर मेरे लंड निहारा और अपनी आँखें बंद करते हुए उसे अपने हाथ में पकड़ कर चूम लिया. বিএফ পিকচারधीरे-धीरे वह संदेशों के बदले मुझसे फ़ोन पर शुभ-प्रभात और शुभ-रात्रि कहने लगी और इस तरह हम दोनों की बातचीत का सिलसिला भी शुरू हो गया!पहले तो हम दोनों की सामान्य बातें ही होती थी लेकिन बाद में यह सामान्य बातें सेक्स की तरफ बढ़ने लगी.

उसको बिना चोदे छोड़ा हो…और अब दोनों मेरे सामने ऐसे एक्टिंग कर रहे हैं… अगर कुछ हुआ होगा तो जरूर कुछ न कुछ तो बात करेंगे ही…जहाँ इतना अपनी नींद की कुर्बानी दी है, वहाँ कुछ और भी कर सकता हूँ।हालाँकि नींद मेरे ऊपर हावी होती जा रही थी…पता नहीं क्या हुआ? और होगा????कहानी जारी रहेगी. दीदी कैसे बात की आपने?दीदी ने बताया- उसका पति फ़ौज में है और शादी को आठ या नौ महीने हुए हैं। इन महीनों में वो सिर्फ़ दो बार ही घर आया है। जब बातों-बातों में मैंने उससे पूछा कि सेक्स का दिल नहीं करता.

राजू को पीठ के बल चित कर राजू की पैंट में फंसे हुऐ पप्पू को जब अपनी चूत से पीटती और रगड़ती तो राजू शदाई हो जाता था. बहादुर ने एक झटके से ही अपना लोकी सा लण्ड पारो की फूलगोभी सी चूत में घुसेड़ दिया तो पारो कराह कर बोली- आहऽऽऽ! अरे मेरे यार, तेरा लण्ड है या कुतबमीनार! हायऽऽऽ चोद मेरे माईया चोद उफ रेए, आज किसी मादरचोद से पाला पड़ा है, सीईईई ले राजा पाड़ के रख दे अपनी पारो को!यह कह कर पारो अदा से अपने पांव के अंगूठे पकड़ लिये. !फिर मैं उसको सड़क तक छोड़ने गया और फिर मिलने का वादा किया।मैं बैंगलोर में 18 महीनों तक रहा और उसके साथ-साथ उसकी सहेलियों के साथ भी चुदाई की। वो सब कैसे हुआ, ये फिर कभी अपनी अगली कहानी में बताऊँगा।मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताना, मेरी मेल आईडी है।[emailprotected].

जब झाडू लगाने के लिये झुकती थी, तो उसका उसके पपीते जैसे दूध मेरे दिल में एक सुरुर सा पैदा कर देते थे. उसे मॉडर्न लड़कियों का चस्का है, मैंने उसे फोन पर बात करते सुना था। अब तक अपनी कंपनी की करीब 8-10 लड़कियाँ पटा कर चोद चुका है वो. मोनिका ने बताया की उसे अकंल लोगों और अपने से छोटे लड़कों के साथ छुप छुप कर चौदम-चुदाई का खेल खेलने में बहुत मजा आता है.

अब मैं दीदी को रोज नहाते देखता और दीदी की कातिल जवानी को याद करके मुठ मारता, यह मेरा रोज का काम हो गया.

मैंने नंगी होकर सबको खाना परोसा और खुद भी खाया, मैं नंगी थी इसलिए मुझसे कहा गया कि मैं दोनों लड़कों के बीच में खड़े होकर खाना खाऊँगी. क्योंकि उनको पता था कि मैं डांस बहुत अच्छा करता हूँ और खास तौर पर राजस्थानी।मैं राजस्थानी गाने पर डांस करने लगा.

वो एक नई दुल्हन की तरह बैड पर बैठ गई, उसने अन्दर काला ब्लाऊज और काला पेटीकोट पहना हुआ था जिसमें उसका गोरा बदन कोयले की खान में हीरे की तरह चमक रहा था. मैंने उससे कहा कि लिंग से अपना हाथ हटा ले, तो उसने कहा- फिर से फिसल गया तो? थोड़ा सा अंदर जाने दो, फिर मैं अपना हाथ हटा लूँगी…मैंने अपनी आँखें बंद करके हल्का सा धक्का दिया तो इशानी की एक दबी सी चीख निकल गई…मैंने एक और धक्का दिया तो इशानी दर्द से दोहरी हो गई. मुझे मज़ा आने लगा। मैं इसी स्वाद के लिए तड़प रहा था। मेरी जीभ उसकी गाण्ड के मुहाने के निचले कोने पर हरकत करती, फिर लपलपाती हुई ऊपर तक चली जाती।वरुण किसी बकरे की तरह कराह रहा था जिसे हलाल किया जा रहा हो। फर्क सिर्फ इतना था कि उसका कराहना मस्ती भरा था-अहह.

राजू को सोफे पर बैठा कर नेलपालिश की शीशी ढूंढती हुई बोली- कहाँ मर गई मेरी नेलपालिश की शीशी? मंमऽऽऽ वो रही!यह कह कर रीटा सहारा लेकर झुकने के बहाने लापरवाही से राजू के अकड़े लण्ड को पकड़ लिया और बिना घुटने मोड़े ही नेलपालिश की शीशी उठाने को झुक गई. मेरी चाची का फ़ीगर क्या बताऊँ दोस्तो, वो कद में मुझसे छोटी है पर दिखने में किसी कयामत से कम नहीं! मेरी और चाची की बहुत जमती थी और चाचा एक बिजनेसमैन हैं, चाचा मुझे बड़े बेटे की तरह कम और दोस्त ज्यादा रखते थे. !यानि कि दोस्तो, ‘फोन-सेक्स’ चल रहा था और यह सब सुन कर मेरा भी 8 इंच का लंड लोहे की छड़ बन गया था और मैं अपने लंड को सहलाने लगा।तभी मैंने देखा की दीदी झड़ गईं और ‘आआआअ अहह’ करने लगीं। मेरे लंड ने भी थोड़ी देर बाद पिचकारी मार दी और मेरा पूरा अंडरवियर गीला हो गया।आज मेरे लंड से कुछ ज़्यादा ही पानी निकला और मुझे भी बहुत मज़ा आया।तभी मैंने दीदी को कहते सुना कि मनोज तुम्हारा लंड तो बहुत मज़ा देता है.

एक्स एक्स वाला बीएफ मैं तुम्हें ऐसे ही समझा दूँगा।मैं पहले तो समझा नहीं कि उसने क्या कहा है, जब वो मेरे साथ घर गया, तो हमने अपने कपड़े बदले और हाथ धोकर खाना खाया और घूमने चले गए।मेरे पास मोटरसाइकिल भी है।उसने कहा- किसी कैमिस्ट के पास चल।वहाँ जाकर उसने एक डिब्बी कंडोम की ख़रीदी और हम घूम कर घर आ गए। कमरे में आकर मूवी देखने लगे।उसने कहा- कोई सेक्सी मूवी लगा. साले तूने पागल कर दिया है !” उसने ज़बरदस्ती मुझे बिस्तर पर धकेला और अपने जिस्म की ताकत से मुझे अपने नीचे लिटा कर मसलने लग गया, कभी होंठों को चूमता कभी मम्मों को दबाता, निप्पल चूसता !साले छोड़ दे.

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मैंने एक फिर उसे रोकने की कोशिश की, पर उसने लगभग जबरन मेरी पेंटी उतार ली, अब मैं भी बगैर चुदे नहीं रह सकती थी, और कोई रास्ता भी नहीं था, बूबे दब चुके थे, पेंटी उतर चुकी थी. ! मैं कई दिन की प्यासी हूँ यह मादरचोद अफजल तो शीघ्रपतन का रोगी है! दो मिनट में ही झड़ जाता है!फिर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा, पर वो अन्दर नहीं जा रहा था। मैंने थोड़ा सा थूक लगाया और जैसे ही धक्का मारा वो चिल्लाई- आईईईईई मर गई… प्लीज़ धीरे से करो. थोड़ा आराम से करो।’फिर उन्होंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए और धीरे-धीरे अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया।मैं चिल्लाए जा रही थी- बालू, नहीं पेल अब रुक जा.

आलोकअन्तर्वासना के सभी पाठकों को आलोक का नमस्कार एवं अभिनन्दन। आप सभी के ढेरों ईमेल आए कि मेरी अगली कहानी कब आ रही है, तो मित्रों नई कहानी प्रस्तुत है।यह मार्च की बात है मैं नेट पर देर तक रहता हूँ इसमें एक मुझको मेरी याहू आईडी पर एक सीधा सा मैसेज आया- मुझे आपसे मिलना है. और फिर हम लोगों ने खाना साथ में ही खाया फिर थोड़ी देर बातें करने के बाद सोने की तैयारी होने लगी।मामी बोलीं- तुम भी यहीं सो जाना. रंडी सेक्सी वीडियो!’ बोल रही थी, पर अपनी कमर हिला रही थी। उसको मज़ा आ रहा था।मैं 69 की स्थिति में उसकी चूत चाट रहा था। अचानक मुझे ऐसे लगा जैसे मेरा लण्ड उसके मुँह के पास था। मैंने अपने लण्ड को उसके मुँह में महसूस किया वो मेरा लवड़ा चूस रही थी।यह मेरा पहला अनुभव था बहुत मज़ा आ रहा था। फिर दस मिनट के बाद मैं अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा और साथ-साथ उसकी टी-शर्ट और ब्रा एक साथ निकाल दिए।अय हय.

मैंने सोचा भी कि यह मैं क्या कर रहा हूँ, मैडम है मेरी, ऐसा नहीं करना चाहिए मुझे।वो जब आई तब उनके बाल खुले थे और मुझे कहा- अभी काम बढ़ जाने के कारण काफी थकान हो जाती है रिचर्ड.

करने लगी और मैं उसकी चूत को अब जोर से चूसने लगा।तभी अचानक वो मुझे खड़ा होने के लिये बोली, फ़िर उसने मेरी शर्ट निकाल दी और मेरी पैंट भी उतार दी।मैंने अपनी चड्डी भी उतार दी और अब मेरा लण्ड आज़ाद था।जैसे ही मेरा 6. वो रो रही थी। जब मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला तो उस पर खून लगा था, उसकी सील टूट चुकी थी।मैंने अब उसे चूमना शुरू कर दिया, थोड़ी देर बाद उसके आंसू रुक गए, मैंने फिर अपना लंड धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया। अब वो भी मेरा साथ दे रही थी।अब मेरा झड़ने वाला था, मैंने उसको बोला- मेरा निकलने वाला है।वो बोली- प्लीज.

करने लगी।मैं पीछे से उसके लटकते चूचों को दबाने लगा और तेजी से उसे चोदने लगा।थोड़ी देर बाद कहने लगी- मैं अब दुबारा झड़ने वाली हूँ…. लण्ड के सामने पानी-पानी हो गई।अब हम दोनों आराम से पड़े हुए थे।संस्कृति उठी अपनी चूत और बिस्तर को देख कर घबरा गई। उसकी चूत, गांड और बिस्तर खून में सने हुए थे।मैंने उससे बताया कि पहली बार ऐसा ही होता है. फिर हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे, वो कहने लगी- वीर, तुम्हारे साथ बहुत मजा आया, उतना मुझे पहले नहीं आया था, पता नहीं कोई और दे भी पायेगा कि नहीं.

वह बोले- क्या मेरा सारा रस तुम मुफ़्त में पी जाओगी और एवज मुझे कुछ नहीं दोगी? उठो और बेड के ऊपर आकर लेटो ताकि मैं भी तुम्हरी महारानी का रस पी सकूँ.

जब मेरी कहानी ‘जीजा मेरे पीछे पड़ा’ आई तो एक रोहित नाम के लड़के ने मुझे मेल किया और फिर तो जैसे उसकी मेल की लाइन लग गई. वहाँ उसने मुझे वो स्कार्फ और मेरा लिंग दिखाया जो उसके योनि रक्त से पूरा लाल हो चुका था…मैंने बोला- यह स्कार्फ धो डालो !लेकिन उसने मना कर दिया, कहा- नहीं, यह हमारे प्यार की निशानी है, मैं इसे मरते दम तक संभाल कर रखूंगी…यह सुन कर मैं भी बहुत भावुक हो गया… हम दोनों ने फिर से एक दूसरे को आलिंगन किया और खुद को साफ़ करके मैंने उसे अपने कमरे में सुला दिया. हेमंत ने कहा- मैं बाजार से खाना लेकर आता हूँ, तुम यहीं रमेश के पास रहो!रमेश को होश नहीं आ रहा था, वो नशे में धुत्त था, मेरे घर में केवल एक रसोई और एक बड़ा कमरा है.

हिंदी में ब्लू फिल्म भेजिएआज इतने उतावले क्यों हो रहे हो?’‘मेरी जान, कितने दिन से तुमने दी नहीं… इतना ज़ुल्म तो ना किया करो मेरी रानी…!’‘चलिए भी, मैंने कब रोका है, आप ही को फ़ुर्सत नहीं मिलती। राजू का कल इम्तिहान है, उसे पढ़ाना ज़रूरी था।’‘अब श्रीमती जी की इज़ाज़त हो तो आपकी बुर का उद्घाटन करूँ?’‘हाय राम. !उसी वक्त मैंने एक हल्का सा झटका दिया तो मेरा टोपा उसकी चूत में चला गया और उसकी चीख निकल गई।मैंने एक और झटका दिया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत के अन्दर घुस गया और फिर एक और झटका दिया तो पूरा उसके अन्दर घुस गया और वो चीखने लगी- बाहर निकालो.

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मैं क्या कर सकती हूँ।रणजीत- सीमा तुम जिस मकसद से आई थी, वो तो पूरी हो गई। पर जो कर रही थी, वो पूरी नहीं हुई. मेरा नाम आकाश है, मैं उदयपुर में रहता हूँ, मैं नौकरी और पढ़ाई दोनों करता हूँ, मैं दिखने में सांवला हूँ, सेहत भी ज्यादा नहीं है. मैंने पैन्टी को सूंघा, बहुत मस्त अहसास था, मैंने अपना लोवर आधा नीचे किया और लण्ड को मुठियाने लगा।मेरा मन इतना मस्त हो गया कि मुझे याद ही नहीं रहा कि मैं कहाँ हूँ।तभी मेरा पानी निकल गया, मैंने पैन्टी को देखा, वो मेरे रस से भीग गई थी। मैं पैन्टी को रख कर पीछे मुड़ा तो देखा कि भाभी बाथरूम निकल कर दरवाजे पर खड़ी थीं।मेरे होश उड़ गए.

उसने भी मुझे मुस्कुराते हुए देखा और मेरी योनि को फिर से चूमा और मुझे उल्टा लिटा दिया, फिर मेरे कूल्हों को प्यार करने लगे. !मुझे कुछ अजीब सा लगा। जैसे वो मेरे ब्रा के स्ट्रैप ढूँढ रहे हों।मैं वहाँ से जाने लगी तो बोले- तुझसे बोला था घूँघट करने की ज़रूरत नहीं. !मैंने बहुत गन्दी फिल्में देखी थीं, इसलिए मैंने उसे जोर से पकड़ा हुआ था। वो छटपटा रही थी, पर मैंने उसे छूटने का मौका नहीं दिया। कुछ देर में वो शांत हुई तो मैंने अपना लण्ड थोड़ा निकाल कर फिर से एक जोर का धक्का लगाया, लण्ड थोड़ा और बुर में समा गया। फिर बाहर निकाल कर एक और धक्का लगाया तो लण्ड काफी अन्दर घुस गया।वो तड़पने लगी और गन्दी-गन्दी गालियां देने लगी- मादरचोद.

अपने हाथो में पानी लीजिए औए इसे बूंद बूंद करके गिराइए- टिप टिप टिप !बॉस- इससे क्या होगा?संता- टिप टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई !इस आग से सिगरेट जला लीजिए !संता- आगे सुनिए!आप एक सिगरेट की तारीफ करनी शुरू कर दीजिए. और पता नहीं कब नींद आई !सुबह 5 बजे मुझे दोनों ने उठा दिया मैंने दोनों को बाहों में लेकर किस किया, कपड़े पहने और घर से बाहर आ गया. !संगीता की पूरी कहानी सुन कर एक बार तो मुझे उस पर दया आई और साथ ही यह विचार भी कि इतना खुल कर संगीता का मुझे सब कुछ बताना कहीं मुझे आमंत्रण तो नहीं।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected].

उन्हें थोड़े काम से जाना था अपनी सहेली के यहाँ !अब मैं थोड़ा जोश में आ गया और मैंने उसका चेहरा अपने हाथों में लेकर चूम लिया. सुकून नहीं मिलता।अब तन को सुकून देना तो फ़ोन पर संभव नहीं था। हम और बेताब होते चले गए।कहानी जारी रहेगी।आपके विचारों का स्वागत है।.

फ़िर मैंने अपने होंठ उसके एक कान पर रखे और जीभ थोड़ी सी बाहर निकाल कर उसके कान के सुराख में घुमाने लगा, उसके मुँह से तो बस सिसकारियाँ निकल रही थी और लम्बी-लम्बी साँसें ले रही थी, उसके दोनों हाथ अपने आप मेरे सिर पर आ चुके थे.

!तभी ससुरजी ने मेरी एक चूची बड़ी ज़ोर से दबा दी, मेरे मुँह से फोन पर ही चीख निकल गई- ओफ़फ्फ़…अताउल्ला घबरा गए, पूछने लगे- क्या हुआ?मैंने ससुर जी से हाथ जोड़ कर इशारा किया कि प्लीज़ मुझे बात करने दो, तब जाकर उन्होंने मेरी चूची छोड़ी।मैं नंगी ही बेड से उठ कर बोली- कुछ नहीं सब्ज़ी काट रही थी, थोड़ा सा लग गया. राजस्थानी वीडियो xxxवो फट ही चुकी है।मैं अपने पैरों को बिस्तर पर पटकने लगी, कभी घुटनों से मोड़ लेती तो कभी सीधे कर लेती।इतनी बार अमर सम्भोग कर चुका था कि मैं जानती थी कि वो इतनी जल्दी वो नहीं झड़ सकता इसलिए मैं कोशिश कर रही थी कि वो मुझे छोड़ दे।अमर भी धक्के लगाते हुए थक चुका था. लंबा लैंड सेक्सी वीडियोसाली गाली देती है मादरचोद ले आ उह उह…!तेज झटकों की बौछार आरोही की चूत और गाण्ड पर होने लगी। वो बर्दाश्त ना कर पाई और झड़ गई। वो दोनों भी झड़ गए थे। अब सुकून में आ गए थे।इधर राहुल इन लोगों की चुदाई देख कर बहुत ज़्यादा उत्तेज़ित हो गया था। उसने लौड़े पर थूक लगाया और जूही की गाण्ड में ठोक दिया। जूही को दर्द हुआ तो उसकी आँख खुल गई। तब तक राहुल झटके मारने लगा था।जूही- आ आ. कल एक नहीं दो-दो चूतों के दर्शन होंगे। सबसे आख़िर में हम दोनों निकले।मैंने उसकी गाण्ड को दबाते हुए धीरे से कहा- तू तो चालू आइटम है मेरा पूरा फायदा उठाएगी।खैर.

अमर मेरे कूल्हों से खेलने में मग्न हो गए और मैं कभी उनके मुँह में अपने स्तनों को देती तो कभी चूमती हुई धक्के लगाने लगती.

उससे पहले मैंने फिर उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और उसके शरीर पर अपना हाथ धीरे-धीरे सहलाने लगा।मैं उसे गर्म कर चुका था और जानता था कि आदमी का लंड जब चोदने के लिए खड़ा हो जाता है, तो औरत की चूत भी तो लंड चाहेगी ही।मेहनत की फल जरूर मिलता है, यह सोचकर मैं उसे किस पर किस करता रहा।अब उसने खुद ही बताया कि मैं सिर्फ इतना जानती हूँ कि जब हम नंगे हो जाएंगे और तुम अपनी नुन्नी मेरी बुर में डालोगे. पर यह बता कि तूने कब देख ली इसकी कच्छी? क्योंकि कलर तक तो सही था पर नेट भी पता होना संदेह में डालता है?वो जोर से हंसा, बोला- हाँ, अभी जब आया था. उस समय मुझे ऐसा लगा मानो भैया स्वयं कामदेवता बन कर मेरी चूत को चाट रहा हो और वे मेरी नस-नस में कामसुधा-रस भर रहा था।मेरी चूत के होंठ चुदास की प्रबलता से कांपने लगे थे, मैं भैया से लगभग भीख माँगते हुए बोली- प्लीज़ भैया.

उसकी साँसें और शरीर में बैचेनी सी होने लग रही थी मानो जैसे तड़फ रही हो।मैं कंधे से उसके वक्ष पर आ गया, उसके चूचों को मसलने लगा तो वो छटपटाने लगी। मैंने उसके एक निप्पल को अपने मुँह में लिया तो उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी और हम दोनों की मादक तेज़ चलती साँसों से कमरे में उफ़ान आ रहा था. हमारे ऊपर गिर रही थी।मैं उठा तो देखा श्री नहा कर तैयार हो कर खड़ी थी।मुझे जगा कर बोली- आलोक मुझे तुमसे जो मिला. दीदी की ज़ोर से आवाज़ निकली तो उसने पूछा- दर्द हो रहा है क्या?तो दीदी ने ‘हाँ’ बोला लेकिन बोली- तुम रुकना मत, पूरा लंड चूत में डालो.

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!तो मैंने कहा- जल्दी ही मिलेंगे।फिर मैं उसे बिना बताए दो दिन बाद देहरादून पहुँच गया। मैंने उसे फ़ोन किया कि मैं देहरादून आ गया हूँ।तो उसने कहा- ठीक है मैं आधे घंटे में लेने आती हूँ।तो वह आधे घण्टे बाद स्टेशन लेने आई।जैसे ही मैंने उसे देखा तो दोस्तो, मैं उसे देखता ही रह गया। क्या गज़ब की लग रही थी. वैसे सब को नहीं देता मेरा सैंया, बड़ी संभाल कर रखता है चचाजी !चचा ने मुँह में उंगली ले कर गीली की और मेरी गांड में उंगली करने लगे, मैंने गांड सिकोड़ ली। वाह. अब तक मैं यह तो समझ गया था कि मेरी दीदी यहाँ 5 दिन बिना चुदे नहीं रह पाई तो अपनी ससुराल में भी कई लंड पटा रखे होंगे।तो मैं चल दिया अपनी रंडी बहन के राज खोलने.

हम तो बस जरा मस्ती कर रहे हैं।तो वो बोली- मैंने सुना है कि इससे दर्द भी होता है।तो मैं तपाक से बोला- किसमें?वो बोली- ज़्यादा बनो मत.

क्या बात है?मैंने काले रंग की एक जालीदार नाइटी पहनी थी, जिसमें मेरा बदन साफ दिख रहा था। मैंने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था।रानी- वो पापा विजय ने लाकर दी है.

r*****1992 के नाम से के नाम से एक चैट रिकुएस्ट आई।‘हेलो सर, आपने मुझे पहचाना?’‘नहीं, प्लीज अपने बारे में बताओ?’‘मैं पलक हूँ !’‘कौन पलक?’‘सर, मैंने आपको 3-4 मेल्स किये थे और आपने मेरे एक मेल का जवाब भी दिया था पर बाद में आपका कोई मेल नहीं आया?’‘ओह. !अंत मैं मैंने अब मूठ ना मारने का निर्णय किया और अपने घड़ी में समय देखा। अब डेढ़ घंटे बीत चुके थे, शायद उसे आना ना था, कामदेव को कुछ और ही मंज़ूर था। उसके ना आने से मन थोड़ा उदास था, मगर खुशी भी थी, इसलिए कि ऐसे रोमान्टिक तरीके से मूठ मैंने पहली बार मारा था। मैं सीधे उसके घर गया और उसको छोड़कर सबसे बातें की।मेरी नाराज़गी उसे पता चल गई, घर से आते वक़्त उसने पूछा- नाराज़ हो?मैं- हाँ. सेक्सी पिक्चर सेक्सी पिक्चर ब्लू पिक्चरवो चुप हो गई फिर मैं धक्के देने लगा, कुछ ही देर बाद उसे भी अब मजा आने लगा और अब वो बोले जा रही थी- लकी मुझे चोद दो.

कुछ खेला खेली हो जाए?रानी और रणजीत अपने काम में लग गए।पहले रणजीत ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया और चूमने लगा, साथ ही साथ उसकी गोल चूचियों को भी दबाने लगा।चूची क्या थीं जबरदस्त मस्त संतरे थे।चूची दबाने से रणजीत का काला कोबरा जाग गया।अब रानी को दिक्कत करने लगा यानि उसकी गाण्ड में हलचल होने लगी, उसने अपने नीचे एक हाथ डाल कर उसे पकड़ लिया और कहा- बदमाश. मैंने उसे चूम कर ‘आई लव यू माय वाइफ’ कहा तो उसने भी ‘आई लव यू टू माय हसबंड’ कहा और उसके बाद में उसे उसके घर छोड़ने निकाल पड़ा. मोनिका हमेशा अपनी चूत पर हल्का सा रूज़, लिपस्टिक और लिपग्लॉस का मेककप करके चूत पर चार चाँद लगाये रखती थी.

इस लिए मैंने सोचा मैं ही क्यूँ ना तेरी कोरी चूत को फाड़ने का मज़ा ले लूँ !’फिर मेरे मन में जो डर बैठा था वह मैंने रामदीन को बताया- अगर मेरे बच्चा हो गया तो क्या करेगा. मैंने एक फिर उसे रोकने की कोशिश की, पर उसने लगभग जबरन मेरी पेंटी उतार ली, अब मैं भी बगैर चुदे नहीं रह सकती थी, और कोई रास्ता भी नहीं था, बूबे दब चुके थे, पेंटी उतर चुकी थी.

अंदर चेक करने के लिए तो हैलमेट पहना पड़ेगा… हा हा हा… हो हो हो…दोनों पागलों की तरह हँसते हुए सलोनी को रगड़ रहे थे.

अच्छा लग रहा है !दूध को मसलते हुए मैं लंड को हलके-हलके अन्दर-बाहर कर रहा था।अब गीता को भी मजा आ रहा था, उसने कहा- प्रेम. मैंने ये सब आंटी को सुनाने के किए किया था, उसका असर यह हुआ कि आंटी ने कहा- हाँ समीर, तुम वहाँ परेशान हो जाओगे, तुम हमारे घर जाकर सो जाओ, वहाँ कोई नहीं है!और यह कहकर उन्होंने घर की चाबी मेरे हाथ में दे दी. सच सच बता दे नहीं तो मैं तुझे मारूँगी…मैं- नहीं मामी, सच में आज पहला ही दिन था…मामी- पहले ही दिन कोई भी लड़की चुदवाती नहीं है… मुझे सब कुछ सच सच बता…मामी की आवाज़ में रौब था और मैं डर गया… मैंने तो रोना ही चालू कर दिया…तब मामी भी थोड़ी सी घबरा गई और मेरे पास आकर बैठ गई.

देहाती बफ सेक्सी वीडियो !उसने फिर से चुम्बन किया, उसके चुम्बन मुझे दीवाना बना रहे थे।फिर वो बोला- एक बात पूछूँ?मैंने कहा- पूछो ना मेरे राजा. उसने भी दे दिया।फिर मैंने अपने कमरे में आकर उसे फ़ोन किया और उससे बातें कीं और बातों के दौरान ही उससे बोल दिया- रात में 12 बजे दरवाजा खोलना.

वैसे तो आज वो मेरे साथ नहीं है, क्योंकि वो अपनी माता पिता को दुःख पहुँचाना नहीं चाहती थी इसीलिए उसने मुझसे नाता तोड़ दिया. दीदी की मुँह से चीख निकल गई, दर्द के मारे दोहरी हो गई और आँखों में आँसू आ गए लेकिन दीदी ने कहा- प्लीज़ रुकना नहीं, डाल दो एक ही धक्के में पूरा लंड. दीदी बोली- भाई भर दो मेरी चूत में अपने लण्ड का सारा रस और मुझे अपने बच्चे की माँ बना लो और तुम मामा और पापा दोनों बन जाओ… आहह भाई मैं गईईई…!यह बोलकर दीदी नीचे लेट गई और मैंने अपनी गति बढ़ा दी.

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!’ मैंने भी बेशर्मी से कहा, बिना अपने रिश्ते की मर्यादा का ख़याल रखे।‘जूते पड़ेंगे जूते… और ये सारी चाट-चटाई भूल जाओगे. !उस वक़्त हमारे अलावा उस रेस्टोरेंट में बहुत कम लोग थे और लगभग सभी के पास खाना था। मुझे यह समझने में देर नहीं लगी कि यह ऑर्डर उसका ही है।मैं खाने की प्लेट लेकर उसके पास गया और बोला- शायद यह आपका ऑर्डर है. देख राजू, मोटे-तगड़े लंड की कीमत एक औरत ही जानती है। इसको मोटा-तगड़ा बनाए रखना। जब तक तेरी शादी नहीं होती मैं इसकी रोज़ मालिश कर दूँगी।’‘आप कितनी अच्छी हैं भाभी, वैसे भाभी इतने बड़े लंड को लवड़ा कहते हैं।’‘अच्छा बाबा, लवड़ा.

फिर दोनों चूचियों पर थूक लगाकर एक को मसलते हुए दूसरी को चूसने लगा, निप्पल को उंगली और अंगूठे से चुटकी में ले रहा था, जिससे मैं जन्नत में थी।तभी सुरैया उस अजनबी के बदन से अलग हुई और वो दोनों नीचे हम लोगों के पास आ गये।उस अजनबी का लंड अभी भी सख्त था और उस पर सुरैया की चूत का गाढ़ा सफ़ेद रस लगा था।कहानी जारी रहेगी।. यार साहिल आराम से डाल ना देख कैसे आँखों में आँसू आ गए बेचारी के…!नीचे से सचिन धका-धक चोदने में बिज़ी था।सचिन- उह उह आ.

!इस पर उन लोगों ने शुक्रवार के दिन की कहा और सुबह ही आने को बोला और अपन घर का पता दिया।मैं बोला- ठीक है आ जाऊँगा.

आपका स्वागत है।तभी सुनील बोले- आप लोग एन्जॉय करो मैं और आकाश चलते हैं।उन लोगों के जाने के बाद दरवाजा अन्दर से बंद करके मैं राज के पास आ गई।राज जी बोले- नेहा तुम्हारी चर्चा जब से सुनी है. खेली खाई पारो अपने गालों पर हाथ रख खुशी से बच्चों की तरह उछलती और दबी आवाज में बोली- हाय मांऽऽऽ! क्या तुम्हें ये सब पता है?बहादुर पारो के बिना बरेजरी के स्तनों को ज़ोर ज़ोर से खींचता बोला- तू मुझे मर्द औरत के बारे में बताना और में तुझे औरत औरत के बारे बता दूँगा. तो मैंने खुश होते हुए कहा- हाँ जरूर!वो उठ कर बाथरूम चली गई और दस मिनट बाद वो साड़ी पहन कर बाहर आई तो मैं उसे देखता ही रह गया.

मैंने कहा- और कितनी देर तक नहीं झड़ना चाहते आप? एक बार मेरे ऊपर चढ़ते हो तो मेरी हालत जब तक खराब न हो जाए तब तक तो रुकते नहीं हो, आज क्या मुझे मार डालने का इरादा है?उन्होंने हँसते हुए कहा- अरे मेरी जान आज सुहागरात है न, देर तक मजा लेना है. सारिका कंवलउसने कहा- आज रात मैं तुम्हें खुले में चोदना चाहता हूँ !मैंने तुरंत कहा- यह नहीं हो सकता, यह गाँव है किसी ने देख लिया तो तुम्हें और मुझे जान से मार डालेंगे !तब उसने कहा- गोदाम के पीछे तो जंगल सा है और अँधेरा है और इतनी रात को उधर कौन आएगा !मैंने कहा- बिल्कुल नहीं. रीना तेरा ये जिस्म तो किसी का भी घायल कर दे मगर मेरी जवानी बस मेरे राजकुमार को ही दूँगी… हाय-हाय कब आएगा मेरा राजकुमार… कब मेरे चूचों को दबाएगा… कब मेरी बुर को चाटेगा… उफ्फ.

मज़ा आ जाएगा।मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और जीभ से ही उसकी चूत को चोदने लगा।वो मस्ती में सिसियाए जा रही थी- चाट.

एक्स एक्स वाला बीएफ: वो हैरानी से मुझे देख कर बोली- प्लीज कर लो! मेरे लिए ही नहीं तो वो सब तो कह देगी, मैं बदनाम हो जाऊँगी. आप बिल जमा करा दीजिएगा!तो मैंने उसे कहा- आप शाम को एक बार मुझे याद दिला दीजिएगा ताकि मैं आराम से बिल का भुगतान कर सकूँ।वास्तविकता में तो बिल एक बहाना था, मुझे तो उस खूबसूरत बला की आवाज सुनना था, तो उसने कहा- जैसा आप कहें सर.

मैं उसके स्तनों को चूमते हुए और नीचे आ गया और उसके पेट से होते हुए उसकी नाभि पर अपना प्यार न्यौछावर करने लगा. 5 इन्च है। मैं एक डिजाईनर हूँ।अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है, बात दो हफ़्ते पहले की है, बिल्कुल सच्ची घटना है।रविवार को मेरी आधे दिन की छुट्टी होती है, तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं दोस्त को मिलने चला जाऊँ।मैंने अपने दोस्त को फोन किया उसका नाम अमित है जो सूरत में ही रहता है।मैंने उससे कहा- अमित तू कहाँ पर है?तो उसने कहा- मैं घर पर ही हूँ।मैंने उससे कहा- ठीक है. बस सुहागरात को तेल लगा कर उसकी चूत में लौड़ा घुसाया था, मगर उसकी सील बचपन में खेल-कूद में टूट गई थी, तो खून तो नहीं आया.

अब वो और तेज़ी से मेरे लंड को चूसती जा रही थी, जैसे लॉलीपॉप चूस रही हो।करीब 15 मिनट चूसने के बाद मैं उनके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा माल पी गई।वो कहने लगी- तुम्हारा माल तो बहुत मस्त है मेरी जान.

बाद में सब ठीक हो जाता है।उसे चलने में दिक्कत हो रही थी, तो मैंने उससे पेनकिलर दी और उसे उसके हॉस्टल छोड़ कर आ गया!तब से अब तक मैंने उसे 3 बार चोदा है।कैसी लगी मेरी गाथा, दोस्तो, प्लीज़ अपने विचारों का अचार जरूर दें![emailprotected]. ओह आआह्ह्ह…’ की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी।मैंने ऐसा थोड़ी देर ही किया था कि उसने कहा- अर्पित मेरी चूत से कुछ निकलने वाला है. अपने कपड़े ठीक कर लीजिए!मैंने तपाक से अपने कपड़ों की ओर देखा तो सब कुछ ठीक लगा, फिर भी मैंने उन्हें संवारने की कोशिश की।तब उसने कहा- उधर नहीं पीछे!मैंने तुरंत अपना हाथ पीछे किया तो मेरी कमीज ऊपर उठी हुई थी। शायद जब मैं गिरने वाली थी और उसने मुझे बचाया तब हो गया होगा।मैंने उसे जल्दी से ठीक किया और दूसरी तरफ देखने लगी और सोचने लगी कि इसने तो मेरा सब कुछ देख लिया होगा पर मैं करती भी क्या.