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जब 2013 में जून के महीने में मैं छुट्टियां बिताने अपने गांव आया था, तो मैंने देखा कि गांव में मेरी उम्र के लड़के बहुत कम ही थे. ब्लू फिल्म मां बेटे कीआआ उम्म्ह… अहह… हय… याह… मम्म्मम्… रोमीईईई … इस तरह की सिसकारियां लेते हुए वो मेरे मुंह को अपनी चूत में दबाने लगी.

मैं उनकी उंगलियों को सहलाने लगा उनकी उंगलियों को सहलाते सहलाते मैं उत्तेजित हो गया. एक्स एक्स एक्स देसी कॉममैंने वो कागज उठाया, तो उसमें लिखा था कि कल अनुषी भाभी ने तुम्हें देख लिया था और मुझे भी.

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ऐसे ही रहा करो, अच्छा लगता है।और बोली- बेटा, मैं दो दिन के लिए कानपुर जा रही हूँ, घर का ध्यान रखना.ये सुनकर मोनिषा ने एक पल की भी देरी नहीं की और मेरा एक हाथ पकड़ कर अपनी चुचियों पर रख दिया.

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उनका फ़िगर एकदम सेक्सी … भरे हुए मम्मे, पतली कमर, सफ़ेद रंग, भरी और उठी हुई गांड मैंने पार्क में नोटिस की थी और उनका कामुक फिगर सोच कर मुठ भी मारी हुई थी.मैंने अपनी चाटने की स्पीड और बढ़ा दी और उसके क्लीट को भी चूसने लग गया.

उसके हाथ का टच होते ही मेरे शरीर में सनसनी दौड़ गई उसकी आंखों में देखने लगी. एक्स एक्स एक्स सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ पहले तो मैं ऐसे ही बियर पीता रहा … लेकिन तभी मेरे दिमाग का शैतान जगा.

शायद ये मेरा वहम था या हक़ीक़त, जो भी था बहुत हसीन था।उसके बाद फिर हमने पूरा रूम साफ किया और वहीं बैठ कर बातें करने लगे थोड़ी देर बात करने के बाद उसने कहा- चलो अंदर चलते हैं।मैंने कहा- हम अंदर तो हैं.

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मैंने मम्मी को बोला- मेरा पेट दर्द कर रहा है, मुझे थोड़ा आराम करना है. परीशा- पापा बस भी करो; मुझे कुछ हो रहा है।मुकुल- क्या हो रहा हैं बता ना? क्या तेरी चूत गीली हो गयी है? हां शायद यही वजह है. तभी अचानक किसी वाहन के आने की आवाज हुई तो मैं तुरंत खड़ा हो गया और उसकी साड़ी नीचे कर दी और चूचा साड़ी के द्वारा ढक दिया और हम दोनों वापिस बाइक पर बैठ गए.

कीर्ति ने ही जूस पीने के लिए मुझे बोला था और उसी ने पेमेंट भी किया. मैंने फ़ोन किया और पूछा- बियर पियोगी न?भाभी बोली- बस तुम आ जाओ, इधर सब है … हस्बैंड का स्टॉक रहता है … कभी कभी हम दोनों पीते हैं. वो दर्द से बिलबिला उठा, चिल्लाने लगा- उम्म्ह… अहह… हय… याह… ये क्या कर रहा है … निकाल बे.

बात तब की है, जब मैं किसी कंपनी में जॉब कर रहा था और छुट्टी लेकर घर गया हुआ था. ये तो मुझे बाद में पता चला कि मेरी माँ को सारी बात पता थी और वह अपने भाई को खुश रखने के लिए यह सब करती थी ताकि भाई उसे पैसा देता रहे. फिर वो फुसफुसा कर बोली- क्या देख रहे हो?मैंने कहा- कुछ नहीं बस वीडियो देख रहा हूँ.

भावना भाभी के बारे में मैं क्या बताऊं, वो इतनी हॉट माल थी कि बस दिन रात मेरे सपनों में उसकी 36-28-38 फिगर ही घूमती रहती थी. कुछ ही देर बाद हम दोनों चरम पर आ गए और मैं सुमन भाभी की चूत के अन्दर ही झड़ गया.

मैं जोर जोर से भाभी की चूत को पेलने में लगा हुआ था और भाभी भी अपनी चूत को उछाल-उछाल कर मेरे लंड का पूरा जोश निचोड़ने की कोशिश कर रही थी.

तेजी से उसकी चूत में जीभ को अंदर-बाहर करते हुए मैंने उस हसीना को फिर से गर्म कर दिया.

हम दोनों बालकनी में बिल्कुल नंगे एक दूसरे से चिपके वासना का खेल खेल रहे थे. वो बोलीं- मैंने जबसे तुम्हारे कड़क लंड पे नज़र डाली है, मैं भी तुम्हारे लंड को लेने को बेताब हूँ. मैं पहले भी सेक्स कर चुकी हूँ और जो सेक्स कर लेता है उसको सेक्स का मजा पता चल जाता है.

यह कच्छी भी उतनी ही छोटी थी और बड़ी मुश्किल से भाभी की चूत को ढक पा रही थी. मैंने भाभी से मिलने से पहले ही ठान लिया था कि आज भाभी को बहुत मज़ा दे कर ही उनकी बुर में लंड पेलूंगा. मुझे समझ में तो कुछ नहीं आया, लेकिन जैसा वो कहती जा रही थी, मैं करता जा रहा था.

मैं उसे किस करते हुए ऊपर को जाने लगा और उसके हिप्स से होते हुए पीठ तक जा पहुंचा.

मैंने देखा कि वहाँ पर और कोई नहीं है, सिर्फ मैडम हैं जो एक जालीदार नाईटी में खड़ी हैं. मैंने जब उनसे पूछा, तो वो बोले- आज मैं सामान खरीदने शहर जा रहा हूँ. ऐसे ही 1 जनवरी 2018 की सुबह सुबह मैं ऑफिस के लिए तैयार हो रही थी कि तभी बॉस का फ़ोन आया और मुझे अपने फार्म हाऊस आने को बोले.

जिस कारण नताशा वहां और रुकने की इच्छा जाहिर कर रही थी, मैं उसकी बात मान गई हूँ. बिस्तर पर लेटते ही दोपहर का वही सब नजारा मेरी आंखों के सामने आ गया कि कैसे सीमा भाबी अपने चूचों को बाहर निकाले सो रही थीं. अब अजय उसकी दोनों टांगों को खोल कर उसकी टांगों के बीच में अपना मुंह डालकर उसको जीभ से चाटने लगा.

मैं उससे बाहर से बार बार कह रहा था- जल्दी निकलो यार, मुझे नहाना है.

वो मेरे ऊपर मेरे लंड पर बैठने लगी और धीरे धीरे दर्द से आंखों में आंसू और दांतों को भींचते हुए लंड पर बैठ गयी. वो मेरी गर्दन में बांहें डाले झूल गई और मेरी कमर में अपनी टांगें लपेट कर मेरे बदन से चिपक गयी.

एक्स एक्स एक्स सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ वहीं मैं उसकी चूत और गांड चाट रहा था और साथ ही साथ चूत और गांड में उंगली भी कर रहा था।जैसे ही मैंने अपनी 2 उंगलियाँ डालीं और उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा तो कुछ पल में ही उसकी चूत का पूरा पानी छूट गया जिसे मैंने अच्छे से चाट लिया। इतना झड़ने के बाद भी वह बिल्कुल जंगली शेरनी की तरह हो गयी और झट से खड़ी हो कर घोड़ी बन गयी. वैसे तो मेरा साइज 36 का है लेकिन मैं 32 के साइज की ब्रा पहनती हूँ क्योंकि टाइट ब्रा में से चूचे बाहर निकलने को हुए रहते हैं जिनको देखकर मुझे बहुत मजा आता है.

एक्स एक्स एक्स सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ मैंने कहा- भाभी आज ही मिली हो, आज ही सुहागरात और आज ही प्रेगनेंट कैसे कर दूँ. मैंने पूछा तो कुछ लोगों ने बोला कि ट्रक वालों से भी पूछ लो, वे भी ले जा सकते हैं.

यूं तो उसके पेट पर काफी चर्बी थी मगर भाभी के साथ मैं इतना गर्म हो चुका था मेरा इन सब बातों पर ध्यान नहीं जा रहा था.

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”मोहरे जैसी कोई बात नहीं वसुन्धरा जी! सभी, आप के मम्मी-पापा और मैं भी, मैं खुद भी चाहता हूँ कि आप एक खुशहाल और भरी-पूरी जिंदगी जियें. मैंने आज से पहले उसे कभी गलत नजरों से नहीं देखा था, लेकिन आज उसे देख कर मेरा मन ही बदल गया. फिर उंगली को अपनी जीभ से लगाकर नशीली आंखों के साथ बोली- मेरी चूत भी तैयार है तुम्हारे लंड को निगलने के लिये, इसको मामूली मत समझो, चाहे तुम्हारा लंड जितना अकड़ कर इसके अन्दर चला जाए, लेकिन जब यह छोड़ती है … तो निचोड़कर और निठ्ठला करके छोड़ती है.

मैंने देखा कि जैसे ही ताऊ जी चाची के पास जाकर बैठे, चाची सीधी हो कर बैठ गईं और बोलीं- अरे आप आ गए?ताऊ जी ने बोला- हां, मैं आ गया. अब उसने उत्तेजित हो कर अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबाना शुरू कर दिया. अदिति टैक्सी में भी बात करती रही और बीच बीच में वो अपनी ही बात पे हंस देती.

ज्योति- तुम्हारा बहुत बड़ा लण्ड है, मुझे काफी पसंद आया ये!मैं- आज इसी लण्ड से तुम्हें चोद-चोद के जन्नत की सैर करवाऊंगा।ज्योति- शुभ काम में देरी किस बात की जान!मैंने ज्योति की गर्म चूत की दोनों फांकों को अलग किया और अपना पत्थर सा लण्ड धीरे-धीरे उसकी चूत में डालने लगा.

आखिर उसके सब्र का बांध टूट ही गया, वो तेज तेज सिसकारियां लेने लगीमैं नीचे बैठा था और वो सोफे पर लेटी थी. ” मैंने उसे याद दिलाते हुए कहा।जब वह जान गयी कि अब उसका राज़ खुल चुका है तो उसका चेहरा उतर गया और वो डर गयी। लेकिन वो कुछ कहे इतने में मैंने उससे कहा- देखो तुम डरो मत, मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा।कंचन ने मेरी तरफ अविश्वास की नजरों से देखा. उसने ऐसा ही किया, फिर क्या था, उसके सिर को पकड़कर चुदाई शुरू की, तो नम्रता ने भी मेरी जांघ को पकड़कर अपना बैलेंस बना लिया ताकि मैं अच्छे से उसके मुँह को चोद सकूं.

उसे भी जीजा जी के कभी कभी मिलने वाले लंड से मेरा मोटा लम्बा लंड ज्यादा पसंद आ गया था. और फिर मुझे उसने वो बताया जिसका मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मेरी किस्मत अब इतनी भी मेहरबान भी हो सकती है। उसने बताया कि वो अभी तक वर्जिन है. जब उसकी दो उंगलियां मेरी गांड में आराम से चली गईं, तो उसने मौका देखकर तीसरी भी डाल दी.

जबकि उसके निप्पल मेरे चुटकियों के बीच में थे … और मेरे लंड को नम्रता अपनी मुट्ठी में लेकर मसल रही थी. मैंने अन्दर जाकर दरवाजा अन्दर से लॉक किया और पलट कर देखा तो सारा रूम रोशनी से भरा था.

उसने सफेद रंग का गाउन पहन रखा था जिसके अंदर से उसकी लाल ब्रा और काली पेंटी दिखाई दे रही थी. दीदी मुझसे बड़े ही प्यार से बोली- जा तू जाकर मुठ मारकर आ!इतना कह कर वो दुबारा हंसने लगी. वह तेजी के साथ मेरे लंड पर मुंह चलाने लगी थी लेकिन अब मैं उसकी चूत के मजे लेना चाहता था.

मैंने अपना सिर उसके पैरों की तरफ कर लिया। मैंने उसकी कैपरी उतारी फिर पैंटी … फिर उसकी चूत पे किस करने लगा.

मुस्कान अपनी एक दूसरी सहेली के साथ पार्लर गयी थी और वो मुझे भी ले जा रही थी, लेकिन मैं उसके साथ नहीं गयी थी. मेरे कुछ देर समझाने पर वो मान गयी और मेरे गले लग गयी और मेरी हिंदी सेक्स कहानी बनाने का रास्ता साफ़ हो गया. जैसे जैसे बटन खुल रहे थे, वैसे वैसे मेरी किस्मत के ताले खुल रहे थे.

मैंने आपको इतनी बारिश में बुलाया, पर मेरे पास दूसरा कोई ऑप्शन ही नहीं था।”अरे! नहीं नहीं मेडम, इट्स ओके, और वैसे भी कस्टमर को जरूरत के समय सर्विस देना तो तो हमारा काम है। आप गाड़ी का बोनट खोलिए ना मैं देखता हूं प्रॉब्लम कहां पर है।”मैंने कहा- ओके!और वह गाड़ी के आगे बोनट की तरफ गया और बोनट खोल कर देखने लगा, बाहर हल्का हल्का अंधेरा होने लगा था और मुझे जल्दी से जल्दी अपने पीहर पहुँचना था. वो कोई न कोई जुगाड़ जरूर कर लेगी राज के लंड को मानसी की चूत तक पहुंचाने के लिए.

जैसे ही उसका कुछ दर्द कम हुआ, मैंने लंड हल्का हल्का अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. चाची- मैं तुम्हारी कामयाबी से बहुत खुश हूं … मेरे घर में रहकर इतने अच्छे अंक लाए हो. मेरे नीचे पता नहीं अजीब सी इचिंग होने लगती है, जब भी मैं वो लम्हा याद करती हूँ, जिसमें तुम नताशा की चुत चाट रहे थे.

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इतनी कम उम्र में इतनी फैल गई है तेरी चूत … मगर मेरी रांड तू ये नहीं जानती कि मेरा लौड़ा इन उंगलियों से दस गुना ज्यादा बड़ा है.

मानसी बोली- ऐसा क्या पता चला दीदा आपको?हेतल ने आगे बताया:उस दिन घर पर कोई नहीं था. जब मैं उसको देख कर स्माइल करता था तो वो भी मुझे देख कर स्माइल करने लगी थी. ये मेरा पहली बार था, तो मुझे चूत का स्वाद थोड़ा अजीब सा लगा, पर काफी मजा आया.

आपके जज़्बात की कदर करती हूँ, पर जो नहीं हो सकता, वो कभी नहीं हो सकता. उसने एक साड़ी दी, मैंने भी खुश होते हुए साड़ी ले ली और ‘थैंक्स कहना शरद को …’ ऐसा कहा. सेक्सी भाभी एचडी वीडियोपर मैंने अपनी इस सोच को दिमाग से निकाला और आँख मूंदे दर्द का बहाना किये कराहती हुई सी इस पहली पहली चुदाई का भरपूर लुत्फ़, मज़ा उठा रही थी.

मैंने कभी भी उसे चुदाई की नजर से देखा ही नहीं था और कभी उसके नाम की मुठ भी नहीं मारी थी. मैंने कहा- हीना यही साहिल है जिससे मैंने तुम्हारी फोन पर बात करवाई थी.

फिर दिशा अपनी गांड मटकाती हुई और मम्मों को एक दिलकश अंदाज में हिलाते हुए वापस गेम में शामिल हो गई. अब तक मैडम के अंदर से भी डर चला गया था तो वो भी एन्जॉय करने लगी और कहने लगी- और चाटो … पूरी जीभ डालकर चाटो. वो सुबह सुबह और शाम को पीने का पानी लेने हमारे घर आता था, क्योंकि हमारा घर सामने ही था और वो मेरे शौहर का दोस्त भी बन गया था.

इधर मैं भी उसके बालों को वैसे ही पकड़े हुए उसके उसके कंधे पे लगी पसीने की बूंदों को जीभ से चाट रहा था. जैसे ही मैंने उनकी चुत पर अपना मुँह रखा, वो एकदम से उछल पड़ीं और उन्होंने मेरा मुँह अपनी जांघों में दबा दिया. मैंने वो कागज उठाया, तो उसमें लिखा था कि कल अनुषी भाभी ने तुम्हें देख लिया था और मुझे भी.

बॉस- क्या लोगी मेरा पीछा छोड़ने का?रीना कुछ देर सोचते हुए- अच्छा ठीक है, दो लाख दे दीजिए, चली जाऊँगी.

मैंने कपड़े उतारे और अंडरवियर बनियान में बितर पर सोने को गया तो अम्मी के खर्राटे सुन कर मुझे कुछ अहसास हुआ, मैंने मोबाइल की लाईट चालू करके देखा तो वहां पर मेरी अम्मी सो रही थी. रात को 11 बजे कॉल आया कि भाभी जी आप दरवाजा खोल के रखो, मैं आ रहा हूँ.

वैसे मैं बहुत व्यस्त रहता हूँ, मुझे सिर्फ अपने सेक्स के अनुभव शेयर करना पसंद हैं, इसलिए कहानी लिखता हूँ. मेरी रंडी छिनाल, गुलाम बनी है, तो फिर तुझे अपने मालिक का हुकुम तो मानना ही पड़ेगा ना. एक दिन की बात है जब भाभी मुझे पढ़ा रही थी और भैया अपने कमरे में लेटे हुए थे। रात के दस बजे का समय हो रहा था। इतने में भैया ने आवाज दी- कंचन और कितनी देर लगेगी? जल्दी आओ न!भाभी भी मेरे पास से जाना नहीं चाहती थी लेकिन भैया के बुलाने पर उनको जाना पड़ा।भाभी उठते हुए बोली- बाकी पढ़ाई कल करेंगे क्योंकि तुम्हारे भैया आज ज्यादा ही उतावले लग रहे हैँ.

अंकल जी का वीर्य अपनी चूत में फील करते ही मुझे एक बार फिर से उत्तेजना का ज्वार उठा और मैं फिर से झड़ गयी. पहले तो उसने थोड़ा विरोध किया, शायद सिगरेट की गंध उसे बुरी लगी हो, लेकिन मैंने उसे एक लम्बा किस किया. ” युवराज बोला।उनके डबल मीनिंग वाले शब्दों ने मेरे अंदर की वासना को जगा दिया था.

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जब वो वापस आई तो मैं उसे देख कर काफी खुश हो गई और मैंने उसका हाल-चाल पूछा. पहले तो वो मना करने लगी लेकिन फिर बाद में उसने कहा कि वो सोनल को ही बोल देगी कि वो अपना नम्बर मुझे (रोमी) दे दे. मैं विक्की के ऊपर ही लेट गयी और कुछ देर बाद विक्की का लंड सिकुड़ कर बाहर आ गया.

वो मेरे लंड को पहले तो पकड़ नहीं रही थी लेकिन फिर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया. सुबह से ही आसमान में काली घटाओं का आना-जाना लगा हुआ था और तेज़ हवाओं के कारण धूप-छाँव की आँख-मिचौली जारी थी. राजस्थानी सेक्सी ब्लू पिक्चरमैं- क्या मेरा लंड चाचा से भी बड़ा है?चाची- तुम्हारे, चाचा का भी कोई लंड है? लंड तो तुम्हारा है.

मैं तुम्हारे अलावा किसी और के साथ अपनी वर्जीनिटी लूज़ नहीं करना चाहती.

मैंने ऑफिस के बाद उसे एक चैक से पेमेंट दे दिया, वो थैंक्स कहकर चली गयी. फिर मैंने वीर्य का स्वाद लेते हुए अपने होंठों पर जीभ घुमाई और पूछा- कैसा लगा?तो वो दोनों शर्मा गए.

मेरे ये कहने पर कि मैं दीदी को आज ही ले जाने आया हूँ, जीजा जी का मूड ऑफ़ हो गया था. रीना- क्या मतलब? मैं समझी नहीं!बॉस- अरे बाबा! छोड़ो ना … बताओ कैसा लग रहा है? शिमला पहले कभी आयी हो पति के साथ?रीना- कहाँ सर … इनका तो शॉप है कंप्यूटर की … आजकल पूरा वक़्त उसी में दे देते हैं. मैं बोला- हां चाची मेरा भी होने वाला है, मैं अपना वीर्य कहां निकालूं?वह बोलीं- मेरे अन्दर ही कर लो, अब तुम्हारा सब कुछ मेरा है.

उसने मेरे टॉप के अंदर अपना हाथ डालना चाहा पर उसके मोटे हाथ के लिए जगह नहीं थी तो उसने मेरे गले के पास टॉप को पकड़ के नीचे खींच दिया उससे मेरा एक दूध बाहर आ गया.

इसके बाद चूमा चाटी हुई और उन्होंने मेरी ब्रा और पैन्टी निकाल कर मुझे नंगा कर दिया. उसके बाद मैंने तेजी से उंगली करनी शुरू की तो सोनू पांच मिनट के अंदर ही झड़ गई. अंकल आंटी के बच्चे अपनी नाना नानी के साथ रहते थे और कभी कभार ही शहर आते थे.

चुदाई कहनीइधर खेत में आराम से चोदने की जगह नहीं थी, तो मैंने उसे खड़ा होने को कहा. फिर एक दिन मैं फ्लैट में सो रहा था, तो मैंने सोचा चलो बाहर से कुछ खाकर आता हूँ.

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मैंने नहाकर आज शरद की दी हुई साड़ी पहनी और मेरे मिनी लैपटाप पे ये कहानी लिख दी. अक्सर हमारे घर आने लगी, मुझसे बातें भी करती और लटके झटके भी दिखाती. वो वही एकदम शांत होकर अपने पापा की बांहों में पड़ी रहती है, उसकी धड़कनें बहुत ज़ोर ज़ोर से चल रही थी और साँसें भी कंट्रोल के बाहर थी।बड़ी मुश्किल से वो अपनी साँसों को कंट्रोल करती है और अपनी आँखें बंद करके अपने पापा के लबों को चूम लेती है.

उसने एक उंगली की जगह दो उंगलियों से मेरी गांड के छेद को फैला दिया था. मैंने कहा- दिशा मैं चाहता हूं कि तुम अपना कुरता निकालकर कैट वाक करो. मेरी इस हरकत से आंटी बहुत उत्तेजित हो गईं और मादक सिसकारी लेते हुए हांफने लगीं.

फाड़ डाल मेरी चूत को … आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दे … और जोर से चोदो … और जोर से चोद।बेजन्ता आंटी के भावों से मैं समझ गया कि वह झड़ने वाली है. मुझे बार बार अंकल का लंड, उनके सीने पर के बाल और आंटी का चिल्लाना याद आ रहा था. मेरा लंड इस वक्त फनफना रहा था।मैं सब समझती हूँ, चालाक बनने की कोशिश मत कर.

मौसी के आने के बाद पता चला कि वो पार्टी के प्रचार के लिए अब 6 महीने यहीं पर रहने वाली हैं. उनके मेरे लंड पर बैठते ही मेरा 6 इंच का लंड उनकी चुत को फाड़ता हुआ पूरा का पूरा भाबी की चुत में फंस गया, जिससे भाबी को थोड़ा दर्द होना शुरू हो गया.

उन्होंने तो मेरे लंड के दर्शन कर लिये थे लेकिन मैंने उनकी चूत अभी तक नहीं देखी थी.

मौसी ने कहा- हां बेटा बता?मानसी बोली- मौसा से तलाक लेने के बाद आपको अकेलापन तो महसूस होता होगा न?मौसी बोली- होता तो है लेकिन उन्होंने मेरी बात मानी भी तो नहीं. ब्लू फिल्म सेक्स का वीडियोमैं किसी तरह से बाथरूम में गई और बैठने की कोशिश की तो बैठ नहीं पा रही थी. बीपी एचडी ओपनमैं देख रही थी कि कैसे बबीता उसके मोटे लंड से चुद कर मजे ले रही है. मैंने अपना सर तकिये पर रख लिया और गांड उठा कर वंश के लंड के लिए खोल दी.

मैं उसके नंगे नितम्बों को मुँह में लेकर चूसने लगा और अपने हाथों से उसके शरीर के नाजुक अंग सहलाने लगा.

हम दोनों एक साथ कितनी जगहों पर अकेले गए और आज भी हम दोनों एक ही बिस्तर पर लेटे हैं. मैं हमेशा भाभी के सेक्सी बदन को ताड़ता रहता था और अपनी नजरों से ही उसके जिस्म का नाप लेता रहता था. मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि केवल 15 मिनट में एक चलते टैंपू में एक चूत का जुगाड़ हो जाएगा.

10 मिनट के बाद वो मेरे कंधों की तरफ वापस आ गया और मुझे फिर से मजा सा आने लगा. मैंने पूछा- आप भी ड्रिंक लेती हैं?तो उसने कहा- हां कभी-कभी ले लेती हूं. पहले अदिति ने मेरी तरफ देखा … और फिर अपने तपते होंठ मेरे होंठों पे रख दिए.

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मैं तुम्हारे अलावा किसी और के साथ अपनी वर्जीनिटी लूज़ नहीं करना चाहती. उसका पति पहले से ही नंगा हो चुका था और उसका लंड ऐसा था जैसे किसी हाथी का लंड हो. वो चहकते हुए बोली- अरे वाह … जल्दी बताओ कहां और कैसे सेलिब्रेट करना है?मैंने कहा- ऐसा कुछ ख़ास सेलिब्रेशन नहीं करना है, बस मैं इस दिन को तुम्हारे साथ बिताना चाहता हूँ.

मैं तो उसके चेहरे में ही खोया था, जिसे अदिति भी नोटिस कर रही थी … पर वो बोली कुछ नहीं.

थोड़ी देर बाद अंकल के घर के पास कुछ हलचल सुनाई दी, खिड़की से देखा तो अंकल दरवाजे के लॉक खोल रहे थे.

मैंने कभी किसी लड़की की चूत पर ऐसे अपनी आंखों के सामने व्हीस्पर लगा हुआ नहीं देखा था. अब मेरे अब्बू की पुत्रवधू की नंगी जांघें और छोटी सी पेंटी से ढकी चूत उनके सामने थी. सीएनएक्सएक्स hindiजब मैंने अपना लंड उसके सामने निकाला, तो मधु उसे देख कर और पागल हो गयी.

फिर उसके लंड से जब पानी निकलने को हुआ तो उसने लंड को बाहर निकलवा दिया. मैं कैसे भी करके अपनी जिस्म दिखा कर अपने पति से रोज एक बार तो चुदवा ही लेती थी. वह उठी और मैंने अपना लण्ड लोअर से बाहर निकाल लिया और उसको बिठा लिया.

उसके मुंह में लंड को घुसेड़ कर मैंने अपने लंड को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया. हम दोनों लोग जल्दी जल्दी एक दूसरे का साथ देने लगे और उसके बाद हम दोनों लोग जल्दी जल्दी सेक्स करते करते झड़ गए.

हमारे फ्लैट के सामने वाले फ्लैट में एक लड़की रहती थी, उसका नाम अर्चना था.

मैंने चुपके से अपने बाएं हाथ की चारों उंगलियाँ वसुन्धरा के ढीले इज़ारबंद में से पेटीकोट के अंदर सरका दी और धीरे-धीरे वसुन्धरा के पेट के परले सिरे की ओर खिसकानी शुरू कर दी. उसका भारी भरकम शरीर अपनी आंखों के सामने नंगा देख कर मैं उसके चूचों पर टूट पड़ा. मेरे पति को ऑफिस के काम से फुर्सत ही नहीं थी, लेकिन फिर भी कैसे भी करके मेरी सेक्स लाइफ ठीक चल रही थी.

बीपी फिल्म ब्लू फिल्म बस बेटा, जो दर्द होना था हो गया … अब और नहीं होगा, चल अब चुप हो जा!” अंकल जी ने मुझे प्यार से सांत्वना दी जिससे मेरी रुलाई और जोर से फूट पड़ी. लेकिन अब मेरी चूत को कौन शांत करेगा?वो बोला- मेरा ये लंड ही तेरी चूत को शांत करेगा.

लेकिन अभी मुझे तो मजे लेने दे इस मस्त माल के। लेकिन तू नहीं होता तो ये आइटम मुझे भी नहीं मिल पाती. पर मैं क्या करती … जो हो रहा था वो अनैच्छिक था, उस पर मेरा कोई बस नहीं चल रहा था. फिर उस रात जब वो मुझे पढ़ाने के लिए आई तो मैंने देखा कि उन्होंने एक सेक्सी सी नाइटी पहन रखी थी.

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खाना खाते समय मैंने देखा कि ताऊ जी की नजर अधिकतम समय खाना पर कम, कोमल के ऊपर ज्यादा टिकी थीं. मेरी बहन की खूबसूरती सच में किसी की भी नज़र उस पर रोकने में बखूबी सक्षम थी. मैंने कहा- क्यों?उसने कहा कि तुम्हारे जैसा बड़े लंड वाला मुझे अब तक कोई नहीं मिला.

हालांकि वो लोग गांव में ही रहते थे लेकिन उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं थी. बस अब जिंदगी भर चुदाई के मजे लूटना अब कभी कोई दर्द नहीं होगा तुझे!” अंकल जी ने मुझे समझाया.

( कहो मैं तुम्हारी जिंदगी भर के लिए रंडी हूँ)उसने वैसा ही बोला- यस विशाल, आई विल बी योर परमानेंट स्लट फॉर लाइफ टाइम.

फिर मेरे पूरे जिस्म को चूमते हुए नीचे की तरफ आयी और मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में भर लिया और मुठ मारने लगी. उस दिन के बाद जब भी मौका मिलता है सुमन मुझे बुला लेती है और जब उसकी चुदने की इच्छा होती है तो कंप्यूटर पर टाइपिंग सिखने के बहाने मेरे घर आ जाती है और हम चुदाई करते हैं. भाभी ने मुझसे कहा कि ये सब छोड़ दो, नहीं तो वो घर में सबको बता देंगी.

फिर उसके बाद जब भी मैं मामा के घर जाता और हमें मौका मिलता तो हम दोनों एक-दूसरे को खुश कर दिया करते थे. वो बोली- क्या हुआ … रुक क्यों गए?मैंने ना में सिर हिलाया और अपनी तरफ खींच के उससे फिर से प्यार से किस करने लगा. मैं समझ गया कि वो आदमी मामी से डबल मीनिंग वाले शब्दों में बात कर रहा था.

थोड़ी देर ऐसा करते रहने के बाद मैं अलग हुआ और नम्रता से बोला- जान, अब तुम नीचे बैठ जाओ … तो मैं तुम्हारे तीसरे छेद को भी चोद दूं?वो पलटी और घुटने पर आ गयी, मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाला, तो वो उसको चूसने लगी.

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भाभी बोली- मेरा एक काम करोगे राज?मैंने कहा- जी भाभी बोलिये?मैं आंखें नीचे करते हुए ही बोल रहा था. आज मैं आपको एक मजेदार कहानी बताने जा रहा हूँ, जिसे सुनकर आपके पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ उठेगी. घर जाकर मैंने सोनू के साथ हुई थियेटर वाली घटना को याद करके लगातार दो बार मुट्ठ मारी तब जाकर मुझे कहीं थोड़ी बहुत शांति मिली.

सुमन भाभी हंस कर कहने लगीं- अगर तुम्हें कोई दिक्कत ना हो, तो क्या तुम मेरे पांव दबा सकते हो?मैं- अरे इसमें दिक्कत की क्या बात है भाभी … मैं आपके पैर ज़रूर दबा सकता हूँ.

उसकी चूत में उंगली को फिराने लगा तो वह चुदासी हो गई और बोली- मेरी ब्रा को भी खोल दो रोहन. मेरी चूत ने पहला पहला लण्ड छू लिया था आनन्द के मारे मेरी आँखें मुंद गयीं. मेरी नंगी छाती पर उसके नंगे चूचे अब टच हुए तो सेक्स की आग और भड़क गई.