सुशील बीएफ

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बीएफ बनाने वाले का नंबर: सुशील बीएफ, मैं चल तक नहीं पा रही थी, उसने वैसे ही सहारा देकर उठा कर मुझे बेड पर लिटाया, मेरी टाँगें भी हिल नहीं रही थी, शायद अब भी आइस बेबी अंदर था।पर उसने कहा- सब पिंघल गया है…मैंने चुपचाप आँखें मूंद ली… काफ़ी दर्द हो रहा था, ऐसा लग रहा था कि मैं कोई गर्भवती थी, अभी मेरा प्रसव हुआ है और मेरा बच्चा मेरे दोनों निप्प्ल चूस रहा है…नाक अब भी लगातार बह रही है, कहानी टाईप करते करते भी.

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पूरा का पूरा अंग उसका, सखी मेरे अंग के अन्दर था,कमर के पार से हाथ लिए, नितम्बों को उसने पकड़ा थाअंग लम्बाई तक उठ नितम्बों ने, अंग उतना ही अन्दर ठेल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. बीपी हिंदी सेक्सी पिक्चरकुछ ही पलों में मैं आराम से सीट पर अपने पैर पसारे बैठा था और नीलू रानी मेरा लण्ड चचोर रही थी। सीमा ने मुझे और शबनम को पानी दिया फिर मैंने उससे एक स्माल पैग भी माँगा और उसने मुझे एक पैग और एक सिगरेट सुलगा कर दी.

साली अब थोड़े ही अपनी मर्ज़ी से शॉट देगी। अब तो जबरदस्ती ही करनी पड़ेगी।आरोही रोने लगती है और रेहान से पूछती है, आख़िर मैंने किया क्या है?”रेहान- चुप साली तूने मेरी सिम्मी को मुझ से छीन लिया, अपनी जलन में तू अंधी हो गई थी… हाँ अब देख तेरा क्या हाल करता हूँ मैं।सिम्मी का नाम सुनकर आरोही का मुँह खुला का खुला रह गया।आरोही- स. xxx देवर और भाभीपर तू कुछ करता ही नहीं था…‘चाची आज सब कुछ क़र दूंगा… मैं भी आपकी चूत के लिए बहुत तरसा हूँ! मैंने तो पहली बार जब मुठ मारी थी तो आपको ही सोच क़र मारी थी कि आपकी टांगों पर इतने बाल हैं तो आपकी चूत पर कितने बाल होंगे, मैंने आज तक जितनी बार मुठ मारी है उनमें से 98% आपको सोच क़र मारी है…!’चाची बोली- ओहो मेरे आशिक, चल अब मजे लेते हैं.

लेखक : इमरानसॉरी दोस्तो, रिकॉर्डिंग ने धोखा दे दिया… लगता है यहाँ तक बैटरी थी…उसके बाद बैटरी खत्म !मगर इतना कुछ सुनकर मुझे यह तो लग गया था कि सलोनी को अब रोकना मुश्किल है.सुशील बीएफ: अब तक उन्होंने भी मुझे कपड़ों से अलग कर दिया था और मेरे बदन पर सिर्फ मेरा अंडरवियर ही बचा था !!तभी उन्होंने अपने नाज़ुक हाथों से मेरे लण्ड को पकड़ा और उसे सहलाने लगी.

एक हाथ से कमर को भींचा, दूजे से स्तन दाब रहेऐसा लगता था मुझे सखी, ये क्षण हर पल आबाद रहेस्तनाग्रों पे उँगलियाँ वीणा सी ऊपर-नीचे सरकाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.फिर अपने आप ढूंढ़ना बंद कर देगा…सलोनी- जी नहीं, यहाँ नहीं है इसका छेद… इसको कहीं और घुसाओ…मनोज- अरे यार, कम से कम इसको छेद दिखा तो दो… बेचारा कब से परेशान है…सलोनी- अच्छा जैसे पहले कभी देखा ही नहीं हो… अब तो रहने ही दो…मनोज- अरे यार तब की बात अलग थी… तब तो मैं दोस्त का माल समझ कुछ ध्यान से नहीं देखता था.

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मेरे कैबिन में एक तरफ़ा दिखने वाले शीशे लगे हैं जिनसे मैं स्टाफ पर नजर रखता हूँ… वैसे तो उन पर परदे पड़े रहते हैं पर नीलू को चोदते समय मैं ये परदे हटा देता हूँ.खूब चाटो मेरे जानू… तुम बहुत अच्छे से चाटते हो और चाटो आह…मैं और जोर-जोर से चाटने लगा।थोड़ी देर बाद वो खुद बोली- अमित, अब तुम मुझे, मेरी बुर को चोदो !मैं- नहीं पगली, मेरा लण्ड बहुत बड़ा और लम्बा है.

अरे और बहुत कुछ बाकी है।फ़िर उसने पैन्टी भी निकाल दी। अब मैं उसके सामने पूरी नंगी थी।उसने अपनी एक ऊँगली मेरी योनि में घुसा दी। मैं चिल्लाई. सुशील बीएफ मैंने कहा- दीदी, जीजाजी ने तुमको चोदा हुआ है, फिर भी ऐसे चिल्ला रही हो जैसे पहली बार चुदवा रही हो!तो बोली- एक तो तुम्हारा मोटा है, दूसरा तुम्हें पता है कि उनका लंड कितना बड़ा है, जरा धीरे करो ना!मैंने कहा- ठीक है!तो फिर मैं फिर से धक्का लगाने लगा और उनकी चूची चूसने लगा.

अब वो चुदने को तैयार थी, मैंने उसकी टांगों को फ़ैला कर उसकी चूत में धीरे धीरे लंड को घुसाना शुरू किया, उसे काफ़ी तकलीफ़ महसूस हो रही थी.

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नितम्बों को वह हाथों से पकड़े स्पंदन को गति देता थामेरे दबाव से मगर सखी वह खुद ही नहीं हिल पाता थामैंने तो हर स्पंदन पर दुगना था जोर लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. और दिल किसी की यादों की गहराईयों में था !मैंने जल्बाजी से काम न लेते हुए थोड़ा इंतज़ार करना ही बेहतर समझा, अपना फ़ोन निकाल उसमें गाना लगा दिया. मैं विस्मित सी, सुन री ओ सखी, साजन की बाँहों में सिमटी रहीसाजन ने नख से शिख तक ही होंठों से अति मुझे प्यार कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

! पाँच बार लंड का पानी निकल कर एकदम बेजान कर लो और फिर इस गाण्ड पर निगाह करो अगर लौड़ा झटके ना खाने लगे तो मेरा नाम बदल देना. तुम मेरे उतारो।मैंने झट से उसके कपड़े उतार दिए और उसके चड्डी तम्बू बनी हुई थी, तो राज बोला- उसे भी उतार दो. आप मम्मी से फोन पर बात कर लें।उसने झट अपने घर फोन मिला कर मम्मी को पकड़ा दिया।मेरी मम्मी कुछ देर उसकी मम्मी की आवाज़ सुनती रहीं फिर बोलीं- ऐसी बात है, तो चमेली को कल रात रुकने के लिए भेज दूँगी.

अपने स्तन निर्वस्त्र किये, साजन के होठों में सौंप दिएगहरी-गरम उसकी सांसों ने, मेरे स्तन स्वतः फुलाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !राहुल ने घड़ी की तरफ देखा, सुबह 7 बज रहे थे, वो जल्दी से बाथरूम गया और शॉवर ऑन करके खड़ा हो गया।15 मिनट में फ्रेश होकर, वो तौलिया बाँध कर आरोही के कमरे के पास आया, वो बन्द था, तो राहुल ने आरोही को आवाज़ लगाई, तब उसकी आँख खुली।राहुल- आरोही, जल्दी उठो 7. फिर कुछ देर बाद मैंने उसको धक्के लगाने को कहा तो उसने धक्के मारना शुरू कर दिए और मेरे मुँह से आह… आह… की आवाजें आने लगीं.

ठीक है ठीक… सुधा प्रोग्राम बना कर आपको बता देगी… चमेली तो जाएगी ही … नमस्ते भाभी।” कह कर मम्मी ने फोन रख दिया।मम्मी मुझसे बोलीं- कामिनी की मम्मी तुम सब को कल अपने घर पर बुला रही हैं। तुम सब को वहीं खाना खाना है, उन्हें कल रात अपने मायके जागरण में जाना है, भाई साहब कहीं बाहर गए हैं, कामिनी घर पर अकेली होगी, सो वे चाहती हैं कि तुम सब वहीं रात में रुक जाओ. मैंने कभी मना किया? मेरी मुन्नी के आस पास ही… और काफी खुजली भी हो रही है…मैं- अच्छा तो वो खुजली सही करनी होगी.

फिर मेरी शादी पक्की हो गई, पर हमारा चुदाई का प्रोग्राम यूँ ही चलता रहा पर गर्भ रोकने वाली पिल्स ले लेती थी.

जिह्वा उसकी अंग के अन्दर, और अन्दर ही जा धंसती थीमदहोशी के आलम में उसने, सिसकारी लेने को विवश कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

साजन ने शरारत करी सखी, पेटीकोट की डोरी खोल दियाकमर के नीचे नितम्बों पर, उँगलियाँ कई भांति फिराय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. और कुछ देर बाद आँख खुली और देखा तो श्याम के 7:45 बज गये थे… हम दोनों बाथरूम में गये और वहाँ साथ में शावर का मज़ा लिया. सलोनी- हा हा हा हा… मुझे पता है तुम्हारे के एल पी डी का मतलब… और ज्यादा हिलाओ मत… कहीं यन मेरी जींस में छेद ना कर दे…मनोज- हा हा… तो दे दो ना इस बेचारे का छेद इसको.

मैंने कहा- क्या हुआ?तो कहने लगी- पिछले दो महीनों से चुदी नहीं मैं! मैं प्यासी हूँ, मेरी प्यास बुझा दो!फिर मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, आज मैं तुम्हारी प्यास बुझा कर रहूँगा. मैं फिर भाभी के पैरों के बीच में आया और एक ही झटके में पूरा लंड घुसा दिया तो आह्ह्हह्ह” करके चिहुंक गईं, बोलीं- थोड़ा धीरे मेरे राजा. !तो मेरा चेहरा भी खिल उठा, फिर हम तैयार होने अपने-अपने रूम में चले गए, मेरा और उसका रूम आमने-सामने था। फिर हम लोग जब पार्टी में जा रहे थे, तो संयोगवश लिफ्ट में हम अकेले ही थे।उसने मौका देख सामने शीशे में देख कर कहा- आज तो सिर्फ तुम्हीं तुम दिख रही हो.

मुझे अब चूत में मीठी मीठी गुदगुदी होने लगी, मेरे मुँह से निकल गया- शाहनवाज… लगा ना जोर से धक्का… और जोर से… अब फ़िर मजा आ रहा है.

एक्सीलेंट…ऐसे बहुत सारे भद्दे कमेंट्स पढ़ कर मुझसे रहा नहीं गया।मैंने सलीम से पूछा- ये सब क्या हो रहा है?वो हँसने लगा और मुझसे बोला- डियर तेरे लिए एक अच्छा मर्द ढूँढ़ रहा हूँ। threesome के लिए।मैं बोली- ये threesome क्या है?वो बोला- मेरे सामने कोई और मर्द तेरे साथ चुदाई करेगा और मैं मज़े से देखूँगा।मैं यह सुन कर गुस्सा हो गई और बोली- छि:. हां !तभी लोरिया की चूत में से पानी की धारें बहने लगी और लोरिया के पानी ने मेरी जांघें तक भिगो दी, लोरिया की चूत से निकल रहे गर्म रस से मुझे मज़ा भी आ रहा था।करीना लगातार लोरिया की जीभ को चूस रही थी और उसके मम्मों को दबा रही थी। मैं भी दोनों राण्डों को गालियाँ देता हुआ चोद रहा था- चु. आज तो आपका लौड़ा बहुत अच्छा लग रहा है…!आरोही उसके पास आकर बैठ गई और लंड को चूसने लगी।राहुल- आ आ उफ्फ, कितने नरम होंठ हैं तेरे आ मज़ा आ गया उफ्फ…!आरोही मस्ती में लौड़े को चूस रही थी और राहुल मज़ा ले रहा था।पाँच मिनट के बाद राहुल से सब्र नहीं हुआ और उसने आरोही के बाल पकड़ कर उसको खड़ा कर लिया और उसके कपड़े निकालने लगा।आरोही- आऊच.

मैं उन्हें देख क़र पूरे जोश से उनकी चूत को काटने लगा,चाची अहाहा हाह सीईईएईईइ अआजह्हा आहा अह्हह ओह्ह्ह हूह्ह ह्म्म्म अह्हह क़र रही थी, उन्हें पूरा आनन्द आ रहा था. मेरी चूत जल रही है ! ऊऊहह मर जाऊँगी मैं… बस अब नहीं रहा जाता… मुझे छोड़ बहनचोद ! मेरी चूत को लंड चाहिए…उफफफ्फ़… शीना मादरचोद मुझे छोड़ !!!मैंने उसके उरोजों को ज़ोर से मसलते हुए उसके चुचूक चूस लिए और फिर उसके होंठों पर अपने होंठ टिका कर चुम्बन लेना शुरू कर दिया। वो मुझ से लिपटने लगी और मेरे होंठ चूसने लगी। मैंने अपनी ज़ुबान उसके मुख में घुसेड़ दी. !मुझे चुम्बन करने लगी। कुछ देर हम ऐसे ही एक-दूसरे से चिपके रहे, फिर वो नीचे चली गई।आगे मैंने इसी मकान में रह कर मोनी को कई बार चोदा साथ में उन भाभी को भी चोदा जो पड़ोस में रहती थीं।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे[emailprotected]पर जरूर बताएं।.

किसी का खयाल मन में आया तो अपने आप खड़ा हो जाता है !’ मैंने हंस कर कहा।‘बहुत ही हलकट हो तुम किसना !’ वो मेरे पास आ गई और लंड हाथ में लेकर बोली- किसना, अरे बहुत बड़ा हो गया है तुम्हारा ये? उसने बरतन नीचे रखा और झटसे मेरी चड्डी नीचे खींच दी, मेरा 8 इंच का लंड उसके सामने सलामी ठोकने लगा.

!उसके 2 मिनट बाद राज सीधा हुआ और मैंने अपने पैर पूरे फैला दिए और राज ने मेरी दोनों टाँगों के बीच में आकर मेरी कमर के नीचे एक तकिया लगाया और अपना थूक मेरी बुर पर लगा कर लण्ड रगड़ने लगा।तो मैं बोली- अब जल्दी करो न. !रेहान- हाँ यार कुछ पिक लिए, पर आरोही बहुत शातिर है, जल्दी हाथ में नहीं आएगी इसलिए एक डायरेक्टर से बात की है। उसको उससे मिलवा कर ही आगे का प्लान सोचूँगा।राहुल- ओह वाउ.

सुशील बीएफ हम स्कूल में हैं… भाभी की जॉब लग गई है… वो अंदर हैं…मैं- क्यों? तू बाहर क्यों है?मधु- अरे अंदर उनका इंटरव्यू चल रहा है… वो कुछ समझा रहे थे !मैं- ओह… मगर तू उसका ध्यान रख… देख वो क्या कर रही है?मधु- हाँ भइया… पर क्यों?मैं- तुझसे जो कहा, वो कर ना…मधु- पर वो अपने कोई पुराने दोस्त के साथ हैं. चलो चलो चलते हैं…!रेहान जूही को अपनी बाँहों में भर कर जाने लगता है। राहुल और आरोही उनको देख कर मुस्कुराते हैं।जूही- बाय बाय.

सुशील बीएफ आगे मेरे साथ क्या हुआ, पति के बारे में भी बताऊँगी कि वो कैसे ‘गे’ बने। आपको यदि मेरी कहानी पसंद आई तो मैं आपको सब लिखूँगी। तब तक के लिए विदा।. भाई आपका तो बहुत बड़ा है…!राहुल बेड पर चढ़ गया और आरोही के मम्मों को दबाने लगा।राहुल- बहना डरो मत बड़ा है, तो क्या हुआ.

!रेहान- अरे यार, तुम्हें कोई माँ का रोल करना है क्या जो 6 मीटर की साड़ी चाहिए? एक सेक्सी हीरोइन का रोल करना है.

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थोड़ा और बढ़ा तो हाथ किसी गरम तपती हुई चीज से टकराया वो उसके चूत के ऊपर की पेंटी थी जो गीली हो चुकी थी और मेरे हाथों में कोई चिपचिपाती चीज लगी और मैं ऊपर से ही चूत को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा तभी मुझे उसकी हल्की सिसकारी सुनाई देने लगी. दोस्तों रेहान निप्पल चूसने में बिज़ी था तभी दरवाजे पे नॉक होती है और रेहान जल्दी से उठ कर दरवाजे खोल देता है। एक आदमी अन्दर आ जाता है जूही तो नशे में थी। उसे कहाँ होश था कि कौन आया है। रेहान ने दरवाजे बन्द कर दिया और वो आदमी अन्दर आ कर खड़ा जूही को देखने लगता है।रेहान- यार सचिन क्या बात है, यहा क्यों आ गए…!सचिन- अरे यार क्या बताऊँ मुझ से रहा नहीं गया. आपके मेल का बेसब्री से इन्तजार रहेगा मुझे जल्दी से[emailprotected]पर मेल कीजिए न… और बताइए कि आज के भाग के बारे में आपकी क्या राय है?.

सखी साजन ने मुझको अपनी, निर्मम बाँहों में उठा लिया,और ला के किनारे तट पे मुझे, हौले से सखी बिठाय दिया,खुद वो तो रहा जल के अन्दर, मुझे जांघों से पकड़कर खीच लिया. ?बन्ता- अबे तेरी घरवाली तेरा घर बेच देगी।सन्ता- तू पागल हो गया है ! वो घर क्यूँ बेचेगी भला?बन्ता- देख, फूलवाली फूल बेचती है, सब्जीवाली सब्जी बेचती है, दूध वाली दूध बेचती है, तो. !उसने कहा- ऋतु जैसा तुम्हें अच्छा लगे।और वो मेरी चू्चियां चूसने लगा, अब मैं जन्नत में थी, और फिर थोड़ी देर बाद मैं उसे अपनी चूत में लोड़ा घुसाने को कहा और काफ़ी देर बाद मेरा भी पानी टपक गया और उसका भी.

उसकी चूत एकदम साफ और चिकनी थी… मुझे उस दिन की याद आई और मैंने सीधा उसकी चूत पर मुँह रख दिया… इधर मैं चूत और उधर हरीश मम्मे चूस रहा था.

जाओ पहले मेरे नाग को तैयार करो जी।आरोही अन्ना के लौड़े पर हाथ रख देती है, तभी डोर पर नॉक होती है।अन्ना- क्या हुआ जी?रेहान- डोर खोलो जल्दी से…!अन्ना मूड ऑफ करके डोर खोल देता है।रेहान- तुमने ठीक से बताया नहीं कि राहुल कहाँ है, ठिकाने लगा दिया का मतलब कहीं तुमने उसको मार तो नहीं दिया न. जब कंडक्टर ने बस रुकवाने के लिए ‘टिंग – टिंग’ किया तो इरफ़ान का लंड शांत हो गया और वो बस से उतर कर अपने घर आ गया. भाभी ने मेरे चूतड़ पकड़ लिए पर मैंने लण्ड को चूत में पेलना जारी रखा, वे बोलीं- ठहरो जरा, लौड़े को ऐसे ही चूत में थोड़ी देर रखो, बहुत मजा आता है.

वो वासना की आग में जल रही थीं। वो इतनी गर्म हो गईं कि कमरे में पहुँचते ही उन्होंने मुझे बुरी तरह चाटना शुरू किया और एक झटके में मेरे लंड को मेरे अंडरवियर से आज़ाद कर दिया।मैंने भी उन्हें जोर से जकड़ लिया. ! बहुत देर लग गई?मैं बोला- पूरे पैसे वसूल कर रहा था।उसके बाद कई बार रण्डी चोदी पर वो मजा नहीं आया। मैं और भी अपने अनुभव बताऊँगा। अगर आप को मेरी यह कहानी पसंद आई हो तो मुझे ईमेल अवश्य कीजिएगा।आपका आर्क।[emailprotected]. बिट्टू आते से ही हालचाल पूछने लगी- कैसा है, और कब आया?’बिजली ना होने का कारण हम सब लोग बोर हो रहे थे.

एक तो साली ये गोली भी बहुत मुश्किल से मिली है…दीपक- प्लान तो अच्छा बनाया मगर साले ये जबरदस्ती ही हुआ ना. मैंने चाची के पैर छुए और फिर खड़ा हुआ और बोला- चाची, कितने साल हो गये थे आपसे मिले, और आप तो हर दिन और सुंदर होती जा रही हो !इतना कहते ही मैंने चाची को अपनी बाहों में भर कर गले लगा लिया.

नीलू- हाँ, मैं तो रास्ते में सबसे दबवाती हुई आ रही हूँ… आपने तो मुझे ना जाने क्या समझ रखा है??मैं- अरे नहीं जानेमन… मेरा वो मतलब नहीं था. मैं राज ! याद आया दोस्तो, मैं आपका शुक्रगुजार हूँ अपने उन दोस्तो का जिन्होंने मेरी कहानी पढ़ी और पसन्द की।अब नील की शादी हो गई थी। जब नील शादी के बाद नील का मेरे पास फ़ोन आया !नील- हेलो ! पहचाना मुझे?मैं- ओ ई सी… हाय नील ! कैसी हो और कहाँ हो?नील- मैं भी यही पूछ रही हूँ कैसे हो और कहाँ हो. क्या मस्त गांड है करके चिल्ला रहे हैं…सलोनी- अब तुझे पकड़ू या स्कर्ट, तू तो भगा जल्दी और इन सबसे पीछा छुड़वा…पारस- ओके भाभी… ये लोऊऊऊ…ओ… आआआआआ………पारस- अब तो ठीक है ना भाभी, जरा देखो पीछे, अब तो नहीं आ रहे…सलोनी- हाँ अब तो कोई नहीं दिख रहा… थैंक्स गॉड.

***कुछ सवालों के मज़ेदार जवाब पप्पू के मुख से:छिपकली क्या होती है?पप्पू- छिपकली गरीब मगरमच्छ की औलाद होती है जिसे बचपन में बोर्नविटा वाल दूध नहीं मिला पीने के लिए…पिज्जा क्या होता है?पप्पू- पिज़्ज़ा वो परांठा है जो अपनी पढ़ाई के लिए विदेश चला गया था…***पप्पू भागते भागते घर आया और अपनी मम्मी प्रीतो से बोला- मम्मी मम्मी, अभी थोड़ी देर में आपको बहुत मज़ा मिलने वाला है.

उनको बहुत नीचे से पहनते हैं और वह छोटी होकर कम से कम भाग जो आवश्यक है, को ढक कर रखती हैं, साथ में उसने बनियान दीं, जो थोड़ा लम्बी थीं. अरे और बहुत कुछ बाकी है।फ़िर उसने पैन्टी भी निकाल दी। अब मैं उसके सामने पूरी नंगी थी।उसने अपनी एक ऊँगली मेरी योनि में घुसा दी। मैं चिल्लाई. !मुझे पसीना आने लगा। सरिता ने अपने पेटीकोट उठा कर मेरा माथे पर पसीने को पोंछने लगी और चुंबन देने लगी।पूरे 10 मिनट मैंने खूब चुदाई की, बाद में बोला- सरिता मैं आ रहा हूँ.

हमने वहाँ भी चूमना चालू किया और उसको वहाँ भी आधे घंटे तक किया, वो झड़ गई और इस बार मैंने उसके मुँह में दे दिया और मुँह में ही झड़ गया. पप्पू वापिस मुड़ने लगा तो बिल्ली बोली- अबे काम पे चला जा, तेरी तो शादी हो चुकी है, अब इससे बुरा क्या होगा?***शिक्षक इरफान- हमें मच्छरों को पैदा होने से रोकना है…विद्यार्थी पप्पू- वो तो मुश्किल है सर.

ह…ह… की जोर से आवाज निकली और मैं अपनी योनि से ढेर सारा पानी छोड़ते हुए शाँत हो गई।कुछ देर बाद महेश जी भी चरम पर पहुँच गये उन्होंने मेरे शरीर को कश कर पकड़ लिया और अआह. !सचिन- मैं ले आऊँगा यार, वो मुझे जानते हैं कई बार उनके साथ हरामीपन्थी की है, एक नम्बर के लड़कीबाज हैं साले… बड़े आराम से ले आऊँगा उनको…!साहिल- फिर भी यार साथ जाने में क्या हर्ज़ है…!रेहान- नहीं बोला ना. तुम हमेशा मेरे पास रहतीं, पर अफ़सोस तेरी किस्मत बहुत खराब है तुमने मेरे साथ जो किया है उसका इतना भयानक बदला लूँगा कि तेरी रूह भी कांप जाएगी। अब तूने जो किया है इसका अंजाम तो तुझे भुगतना ही होगा। अब देख मैं तेरे साथ क्या-क्या करता हूँ। तुझे मैं कठपुतली की तरह नाच नचाऊँगा.

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कितना दम है तुझमें !उसने मेरी मर्दानगी को ललकारा।मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर लगाया और जितना ज़ोर था धक्का मारा। उसके मुँह से फिर चीख निकल गई।मेरे मुँह से अपने आप गालियाँ निकलने लगीं, ले रंडी ले.

कहानी का पिछला भाग :चूत चाटने का मजा-1उसके बुर में छेद पर से उंगली से झाग हटाया, नहीं तो रेज़र से उसकी बुर कट जाती. ले…!”उसके मुँह से आआआहह उउम्म्म्मम” की आवाजें निकलने लगीं। पूरे कमरे में फ़च-फ़च की आवाजें गूँज रही थीं। करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद वो ज़ोर से चिल्लाने लगी, आह. अब तो जैसे जैसे मैं जीभ को उसके योनि छिद्र से सटाता और अलग करता वैसे वैसे उसके नितम्ब भी लयबद्ध हो नृत्य कर रहे थे मानो.

अभी थोड़ा फ्रेश हो जाऊँ उसके बाद खाना भी बनाना है।दोस्तो, अब यहाँ बताने को कुछ नहीं बचा उधर दीपाली भी घर जाकर पढ़ने बैठ गई।चलो सोनू के पास चलते हैं. आज तो मेरी जान… मेरी जी भर कर चुदाई कर दो…!बस मैंने सरिता को दोनों हाथों से उठाया और बेड पर पटक दिया और सरिता का होंठों पर चुंबन करने लगा। फिर दोनों मम्मों को हाथों से पकड़ कर बहुत जोर से मसला, उसके चूचुकों को मुँह में लेकर खूब चूसा।अब तो सरिता बहुत चुदासी हो गई और बोली- अभय मेरी जान, अब मेरी चूत चाटो न. ચોદ મ ચોદमैंने अपना एक हाथ नीचे उसकी टांगों की तरफ बढ़ाया उसकी गोरी खूबसूरत टाँगें जिन पर बालों का नामोनिशान नहीं था, वो मुझे मदहोश करने लगी.

ग़लती से दीपाली मुँह से निकल गया।विकास ने तब तक लोवर ऊपर कर लिया था उसका लौड़ा अभी भी तना हुआ था।प्रिया- आप मुझे दीपाली ही समझ रहे थे. !”और वो झड गई। कुछ देर बाद करीब मैं परेशान हो गया था कि मैं झड़ क्यूँ नहीं रहा था। भाभी को फिर तो मैंने अलग-अलग आसनों में अलग-अलग तरीके से खूब चोदा। उन्होंने भी खूब मजे से चुदवाया। मुझे भी खूब मजा आ रहा था। दस मिनट बाद मैंने उनकी चूत में गरम-गरम रस डाल दिया और इस दौरान वो भी दोबारा झड गई थीं। मेरा लंड अभी तक उनकी चूत के अन्दर था, थोड़ी देर बाद हम अलग हुए।मैंने कहा- भाभी मन नहीं भरा है.

!मैंने कहा- हाँ भाभी रात में बहुत नींद आ रही थी, इसलिए ये चुदाई अधूरी रह गई पर अब उसे पूरा करने का टाइम आ गया है।तो भाभी ने कुछ नहीं कहा और हल्का सा थूक लिया और मेरे लंड और अपनी चूत पर लगाया। भाभी अभी भी रात के नशे में थीं। उन्होंने कहा- अर्पित हो जाओ शुरू. करीब आधे घंटे तक की चुदाई-रगड़ने के बाद वो झड़ गई और मैं अपने पप्पू को बाहर निकाल कर उसके पेट पर झड़ गया।हमने गेस्ट हाउस छोड़ा और मॉल में घूमने चल दिए…खूब घूमने के बाद शाम को 8 बजे आये तो उसने बाइक से उतर कर मुझे किस किया और मेरा हाथ पकड़ा और उसी टोइलेट में ले गई जहाँ मैंने उसे पहली बार सेक्स करते देखा था. भूल गए क्या मुझे?”मैं समझ गया कि यह वही लड़की है जो मुझे बस में मिली थी, मैंने उससे ‘हैलो-हाय’ किया और पूछा- कैसी हो.

!”इधर जीजाजी कस-कस कर दो-चार धक्के लगा कर साथ-साथ झड़ गए। सचमुच इस चुदाई से मेरी मुनिया बहुत खुश थी, क्योंकि उसे लौड़ा चूसने और प्यार करने का भरपूर सुख मिला था।कुछ देर बाद जीजाजी मेरे ऊपर से हट कर मेरे बगल में आ गए। उनके हाथ मेरी चूचियों, चूतड़ को सहलाते रहे। मैं उनके सीने से कुछ देर लग कर अपनी साँसों पर काबू प्राप्त कर लिया।मैंने जीजाजी को छेड़ते हुए पूछा- देवदास लगा दूँ?अरे. साजन की साँस धौंकनी सी, पसीने से तर उसका था बदनसत्तावन पर सखी साजन ने, हिचकोले खा लम्बी आह लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. अब बोल ऐसा कौन सा जरूरी काम है जो तूने अर्जेंट बुलाया है?राहुल- अरे यार तू गाड़ी चला, बस मैं बताता हूँ सब.

क्या हुआ…!सचिन- वो दोनों तुम्हारे रूम की ओर आ रहे हैं।रेहान- ओके बाय।रेहान ने पास पड़ा तौलिया लपेट लिया।रेहान- जान, राहुल और आरोही आ रहे है तेरा हाल-चाल पूछने उन्हें वापस भेज देना ओके.

उफ्फ…!रेहान- क्यों साली राण्ड अभी तो चुसवा और चुदवा कर आई है अपने भाई से… वो अच्छा नहीं चूसता क्या…!जूही- अई उफ्फ भाई अई आप तो बड़े बेसबरे अई उई हो. सोनू की चूत से अपने भीगा हुआ लण्ड निकाल कर मैंने बिट्टू की चूत में पेल दिया सोनू लेटी हुए थी, मैं बिट्टू को चोद रहा था.

और चूसने लगा।फिर मैंने अपना एक हाथ उसके चूची पर रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा।वो गर्म होने लगी, फिर मैंने उसकी साड़ी उतार दी, अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में थी। मेरा लंड भी दोबारा खड़ा होने लगा।मैंने उसका ब्लाउज और पेटीकोट भी उतार दिया और उसके चूचियों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा।दस मिनट ऐसे ही चुसवाने के बाद वो काफ़ी गरम हो चुकी थी।चाची- अब चोद भी दो मेरे राजा. !रूपा- मैंने स्कर्ट पहना था, गरमी की वजह से मैंने पैंटी नहीं पहनी थी। रात को भईया मेरी बुर में दो घंटे तक अपनी उंगली पेलते रहे…मैं- फिर. क्लिनिक पहुँच कर मैं मालविका का इन्तजार करता रहा लेकिन वो समय पर नहीं आई।बाहर मौसम भी बारिश का हो गया था तो मैंने उसे फोन करना ठीक समझा… क्लिनिक से ही मैंने उसका नंबर निकाला और उसको फोन किया तो उसने मुझे बताया कि वो रास्ते में ही कहीं रुक गई है और बारिश के कारण थोड़ी देर से आ पायेगी.

फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए, वो मेरी चूत को बड़े ही प्यार से चूसने लगा और मैं भी उसका लंड चूस रही थी. चाची बोली- बहन के लोड़े, इतनी देर से मेरे मुँह के सामने मुठ मार रहा था और अब तुझे डर मार रहा है?फ़िर चाची हंसने लगी- डर गया? अरे मेरे प्यारे पहलवान, तुझे मैं अपनी देकर धन्य हो जाऊँगी. कुछ देर बाद मुझे पेशाब आ रहा था तो मैं उसके बाथरूम में फ्रेश होने के लिए गई जोकि मेरे फ्रेंड के रूम के अन्दर ही था.

सुशील बीएफ वकील बोला- क्यूँ? अभी कुछ दिन पहले ही तो मैंने तुम दोनों का तलक करवाया है ! फिर दोबारा उसी सन्ता से शादी क्यों?प्रीतो बोली- असल में कल मैंने देखा कि वो सन्ता तलाक के बाद से बहुत खुश दिख रहा है… और मैं यह बर्दाश्त नहीं कर सकती. पर मैंने उसको मना लिया और बाजू में पड़ी तेल की बोतल से ढेर सारा तेल मैंने अपने लंड पर लगा दिया और ढेर सारा उसकी गाण्ड पर लगा दिया, अच्छे तरह से उसकी गान्ड में ऊँगली से अंदर तक लगा दिया.

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!फिर हम बाथरूम में नहाने चले गए। आगे की कहानी फिर कभी आपको सुनाऊँगा।जैसा हुआ वैसा ही मैंने आप लोगों का सुना दी। मुझे मेल करो।[emailprotected]. !”सुनील ने भी कहा- ठीक है, चलो फिर मैं अभी तुम्हें हॉस्टल छोड़ देता हूँ।फिर उसने बाइक स्टार्ट की और मुझे हॉस्टल छोड़ा और अपने फ्लैट चला गया। मैं रविवार का इंतज़ार करने लगी और सोचती रही राहुल कैसा दिखता होगा, जिम में ट्रेनर है लोगों की बॉडी बनवाता है, तो उसकी खुद की बॉडी कितनी मस्त होगी।मैं दो दिनों तक दिन-रात यही सोचती रही।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. नीलू तैयार नहीं हुई, फिर मैं निकल आया और अपनी चड्डी उतार कर दूसरी पहन ली और कपड़े पहन कर कार में आ गया.

उसने कहा- आज मजा आ गया, मैं सोच रही थी कि देखूँ तू इसमें क्या करता है, और तुमने मेरा दिल बाग़-बाग़ कर दिया. मैंने वहाँ पर राधिकाजी को मेरे बेडरूम में हमारे पलंग पर सोते हुए पिछली रात की मेरी अंडरवियर और सुनीता की पेंटी को चूसते हुए पाया. मामी और भांजे कीवो फ्रिज में से कोल्ड ड्रिंक ले आई और सीडी देखने लगी।पहले उसने अपनी मन पसन्द मूवी ‘कैरी ऑन जटा’ देखी.

मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ.

बात यूँ शुरू हुई!एक दिन मैं सुबह सुबह जॉगिंग कर रहा था कि तब अचानक एक लड़की को मैंने देखा, उसने टाईट टॉप और जींस पहनी है और वो भी जोगिंग के लिये आई है. आप को मेरी कहानी कैसी लगी? मैं अपने जीवन की और भी बहुत सी घटनाएँ आपसे शेयर करूँगा, फिलहाल इतना ही काफ़ी है.

मेरे अंग में धाराएँ फूटीं, दोनों का तटबंध था टूट गयामेरा सुख निस्सारित होकर, उसके सुख में था विलीन हुआस्पंदन के सुखमय योगों ने, परमानन्द से संयोग कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।दोस्तो, बीच में आने के लिए सॉरी। मैं आपको बता दूँ कि अंकित तो सारी बात शॉर्ट में ही बता रहा है, इतना डीप में नहीं। मगर आप लोगों को चुदाई का भरपूर मज़ा मिले इसलिए वहाँ क्या हुआ, ये मैं आपको विस्तार से बता रही हूँ ओके…एंजाय…!अंकित आपने कपड़े निकाल देता है। उसका 7″ का लौड़ा आज़ाद हो जाता है।सिमरन- उउउ आ. वो मूत कर उठी तो उसकी गांड मेरी ओर थी, मैं पीछे से जाकर चिपट गया और बोला- मुझे भी साफ़ कर दो!फिर उसने मेरा लंड धोया और मैंने उसकी चूत!इस सब पर मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैं कुछ और भी चाहता था, इसलिए पूछा- कैसा लगा?तो बोली- अब से रोज चुदने आऊँगी तुमसे!पर मैंने कहा- मैं नहीं चोदूँगा क्योंकि मुझे लंड चुसाना पसंद है जो तुम नहीं करती!इतना कहने की देर थी, मेरा लंड उसके मुँह में था और मस्त चूस रही थी.

!मैंने दीदी से गाण्ड ढीली छोड़ने को कहा।गाण्ड ढीली होने पर मैंने जीभ अन्दर डाल दी और अन्दर से चाटने लगा। जीभ को चारों तरफ घुमा कर मैंने 15 मिनट तक गाण्ड चाटी फिर मैंने पीछे से सर अन्दर डाल कर चूत को मुँह में भर लिया।और दीदी से बोला- दीदी थोड़ा मेरे मुँह में सुसू करो ना.

अब वो बर्दाश्त ना कर सकी और चिल्ला उठी- निकाल लो बाहर! बहुत दर्द हो रहा है!मैंने नीचे हाथ लगया तो पता लगा उसकी चूत से खून निकल रहा है. हेलो दोस्तो, पुणे वाला रोहित फिर से आ गया है ‘मेरी दीदी के कारनामे’ की अगली कड़ी लेकर !दोस्तो, मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि मेरी लिखी हर कहानी सच्ची है। यह जो सिरीज़ आप पढ़ रहे हैं, यह मेरी एक सेक्स मित्र की ज़िंदगी की कहानी है. तभी मेरे अंदर का शैतान जागा और मैंने चाची के पेट पर हाथ फेरते हुए फिर से आशिकाना अंदाज में कहा- हाय चाची जान, आप तो बिल्कुल ठंडी हो गई हैं.

कविता भाभी की सेक्सी फिल्मपेशाब करने के बाद शीशे में देखा तो मेरी चूत बहुत ही खुली हो गई थी, यूँ लग रहा था की अभी भी सुमित कामोटा लंड मेरी चूत मेंफँसा है. मैं आपको उठाने ही आई थी…उसकी आवाज में कहीं कोई नाराजगी या कुछ अलग नजर नहीं आया… वो हर रोज की तरह ही व्यवहार कर रही थी…मुझे बहुत सुकून सा महसूस हुआ… फिर मुझे लगा कि शायद वो मधु को उठा रही है…अब ये सब मैं नहीं देख सकता था… क्योंकि बाथरूम से केवल बाहर का कमरा या रसोई ही देखी जा सकती है… बैडरूम में नहीं…हाँ मैं दरवाजा खोल देख सकता था मगर मैंने इसमें कोई रूचि नहीं ली.

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!उसने कहा- तुम आगे-आगे देखना… कितना मज़ा आता है तुझे…मैंने स्कर्ट पहने हुई थी। उसने मेरी स्कर्ट ऊपर की और मेरी चूत को अपनी जीभ से बुरी तरह चाटने लगा मानो कोई कुत्ता किसी हड्डी पर टूट पड़ा हो और साथ ही मेरे चूचों को अपने हाथों से हल्के-हल्के दबाने लगा।मैं ‘अयाया अया उम्म्म्मह उंह ष्ह हा. फिर बोली- क्या हुआ? कुछ नहीं हुआ? तू इतना हट्टा कट्टा है!फिर चाची ने मेरे लंड को पकड़ लिया धीरे धीरे मेरा लंड बड़ा हो गया और चाची ने मेरा लोअर नीचे करके चाची मेरा लंड को पकड़ क़र दबाने लगी. ! और उससे बोला- अब मैं तुम्हें डॉगी-स्टाइल में चोदूँगा।वो बोलीं- कैसे?मैंने कहा- अरे पागल आज तक ऐसे नहीं करवाया तो क्या मस्ती मिली रे.

इरफ़ान बोलने लगा- हाँ तो मैं कह रहा था कि एक पुरुष और एक महिला…लेकिन पप्पू ने फिर से बेताबी से हाथ हिलाना शुरू कर दिया. एक रात मैं दीदी के कमरे में झांक रहा था तो जो देखा उससे मेरे रोंगटे खड़े हो गए! दीदी टीवी पर ब्लू फिल्म देख कर अपनी चूत को जोर जोर से अपने हाथों से रगड़़ रही थी! मेरा लण्ड एकदम से तन कर खड़ा हो गया, मुझसे रहा न गया और मैंने वहीं खड़े खड़े मुठ मार कर उसे शांत किया. ! इतना चिकना सा और मोटा सा। कुछ भी कहो बिल्कुल ऐसा लग रहा है जैसे किसी कुंवारी चूत में लंडफंसा हो… ऊह्ह्हू ऊऊ…वऊऊओ.

अगले सन्डे हम मिलने वाले थे, मुझे पता था कि जय में सेक्स की आग लगी पड़ी थी, बाइस साल के किसी लड़के में सेक्स की कैसी भूख होती है, आप लोगों को तो पता ही होगा, मेरी उम्र अभी तीस हो गई है और ऐसे लड़कों को कैसे सम्भालना है, मुझसे अच्छा कौन जानता होगा. अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। यह कहानी है मेरी और शोना की। जब मेरी कहानी ‘प्रेम अध्याय की शुरुआत’ का प्रकाशन हुआ तब एक कन्या ने मुझसे फेसबुक पर संपर्क किया। मेरे दिल के तार भी बजने लगे। मैंने उससे बात शुरू की वो किसी मेडिकल कॉलेज की छात्रा थी। हमारा संवाद कुछ इस प्रकार हुआ. सब बताओ…!आरोही उसे सारी बात बता देती है कि कैसे उसने रेहान के साथ चुदाई की और हेरोइन बन गई है। सब कुछ बता दिया। बस राहुल के साथ जो किया वो नहीं बताया।जूही- ओह माय गॉड फिल्म साइन कर ली और मुझे पता भी नहीं चला दीदी प्लीज़ मुझे भी हिरोइन बनना है.

ये सब देख कर संजीव के दोस्तों से नहीं रहा गया तो उसका एक दोस्त मेरे पास आकर मेरे स्तनों को मसलने लगा और फिर उसके दूसरे दोस्त ने अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और मैं उसके लंड को चुदते हुए चूसने लगी. क्या टाइट गाण्ड थी साला पानी जल्दी निकल गया, मज़ा खराब हो गया।अंकित- कोई बात नहीं राजा, अभी देख लौड़ा कैसे डालते है।संजू- हाँ देख हम दोनों साथ में डालते हैं आगे और पीछे.

जिसे मैडी ने लपक लिया और उसकी खुश्बू सूंघने लगा। दीपाली के जिस्म की महक उसको और पागल बना गई थी।अब दीपाली ने स्कर्ट को नीचे करना शुरू किया। जैसे-जैसे स्कर्ट नीचे होरहा था.

सच दोस्तो, क्या बताऊँ क्या क़यामत चुदाई चल रही थी कि तभी वो मुझसे चिपक गई और मेरे कंधे पर काटने लगी और दीदी ने अपने नाखून मेरी पीठ में चुभा दिए. एक्सएक्सएक्सएक्सएक्सएक्सएक्सी वीडियोमैं चाची को छेड़ते हुए बोला- क्यूँ चाची अब तो मर्द मानती हो ना?चाची बोली- क्या लल्ला? कैसे मर्द बनते हो. बीएफ सेक्सी हिंदी में लड़कियों कीअब तो जैसे जैसे मैं जीभ को उसके योनि छिद्र से सटाता और अलग करता वैसे वैसे उसके नितम्ब भी लयबद्ध हो नृत्य कर रहे थे मानो. ! वे बुर को धोते हुए अपनी तसल्ली करने के बाद उसे चूमते हुए बोले- वाकयी तुम्हारी बुर का कोई जवाब नहीं है।और वे मेरी बुर को चूसने लगे। मैंने अपने पैरों को फैला दिया और उनका सर पकड़ कर बुर चुसवाने लगी, ओह जीजाजी… क्य्आअ कार्रर्ररर रहीईई हैं… ओह …!”तभी कॉल-बेल बजी।मैं जीजा से अपने को छुड़ाते हुए बोली- बर्तन माँजने वाली चमेली होगी.

!मम्मी ने मुझे डांटते हुए कहा- छिनाल कहीं की, चूत और लंड का खेल देखकर पेलवाने की तुम्हारी हवस जाग उठी, लेकिन यह नहीं जानती हो कि मर्द को क्या पसंद आता है.

उसकी एक-एक फांक की आराम से मालिश की, अब उसका पानी निकाल रहा था, जो तेल में मिलकर उसको थोड़ा भरी कर रहा था. मेरे बेडरूम में है… पर उसको देखने से पहले तुम्हें अपनी आखें बन्द करनी पड़ेगीं।” मैंने उससे कहा।उसने कहा- हाँ. दिल बाग़-बाग हो गया। मैंने भी तुरन्त जबाब दे दिया, आई लव यू टू”।अब हमारे प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी रोज ही आँखों में मस्ती होती थी। मैं अपने सजने-संवरने पर विशेष ध्यान देने लगी थी। अपने मम्मों को उठा कर चलने लगी थी और पीयूष को मम्मों की झलक आराम से मिले ऐसी कोशिश करने लगी थी।एक दिन पीयूष ने मुझे मैसेज भेजा, अब रहा नहीं जाता है मुझे सब कुछ करना है.

!मैं अपना लंड आधा से ज़्यादा अन्दर-बाहर करके चुदाई करने लगा। पूरी 10 मिनट चुदाई की और सरिता का बदन अकड़ने लगा। वो मुझे बहुत जोर से पकड़ कर झटके लेने लगी।मैंने आहिस्ते-आहिस्ते चुदाई चालू रखी।दो मिनट तक सरिता का शरीर अकड़ता रहा और वो जोर जोर से सीत्कार करने लगी, आह आ ओह ई ई ई …!”फिर वो अपना दोनों हाथ बेड पर फैला कर झड़ गई और नशीली आवाज में बोली- माय गॉड. समझ में नहीं आ रहा था कि वो मुझे चोद रही है या मैं उसे चोद रहा हूं! वो ऐसे ही दो बार झड़ गई और बोली- बस, अब और नहीं!तो मैंने कहा- कोमल अभी तो तुम्हारा ही हुआ है मेरा नहीं. क्या रूई सी मुलायम गांड थी चाची की !ओइइ माँ…!” चाची के मुँह से हल्की चीख निकल गई और बोली- यह क्या कर रहा है लल्ला.

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!रेहान- साहिल जाओ तुम उसको लेके आओ और जहाँ सब हैं वहीं उसको ले जाओ, साथ में आदमी लेके जाना, कहीं भाग ना जाए कुत्ता…!साहिल- हाँ जाता हूँ सचिन आओ तुम साथ चलो।दोनों वहाँ से चले जाते हैं।रेहान- अच्छा ये बताओ ये जूही को जानते हो तुम?अन्ना- न. !रेहान- जानेमन… नंगी होने की जरूरत नहीं पड़ेगी, अन्ना ऐसा कुछ नहीं करेगा, मैं जानता हूँ उसको और मानेगा क्यों नहीं, थोड़ा भी ना नुकुर करे तो साले के लंड पर हाथ रख देना। साला ‘ना’ को भी ‘हाँ’ बोलेगा. लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected].

स्पीकर उनकी तरफ रखना… और तू वहीं खड़े होकर देखती रह…मधु ने तुरंत ही यह काम कर दिया और मुझे आवाज आने लगी…मनोज- सच सलोनी.

चाचू ने एक और ज़ोर का धक्का दे दिया, मैं और ज़ोर से चिल्लाई…पर चाचू बिना रुके धक्के मारते रहे और चाचू का पूरा लण्ड मेरी गाण्ड को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया.

चलो चलो चलते हैं…!रेहान जूही को अपनी बाँहों में भर कर जाने लगता है। राहुल और आरोही उनको देख कर मुस्कुराते हैं।जूही- बाय बाय. !लगभग 15 मिनट तक ऐसे ही गाण्ड मारता रहा, फिर मैं उसकी गाण्ड में ही झड़ गया।पूरे दिन चाची की 3 बार और गाण्ड मारी। अगले दिन नहाते समय भी बाथरूम में चाची को चोदा। वो कभी फिर बताऊँगा।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।. विलेज देसी सेक्सी वीडियोमेरे स्तन बारी बारी उसने वस्त्र सहित ही चूम लिएअंगिया का आवरण दूर किया और चुम्बन से उन पर दबाय दियाहर कोने में स्तनों को री सखी, हाथों से उभार कर चूम लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मम्मी ने कहा- ठीक है तुम चले जाओ, पर तुम्हारे पास ट्रेन का रिजर्वेशन भी नहीं है और तुम मन्जू को कैसे ले जाओगे? उसको यहीं रहने दो, वैसे भी घर का खाना आदि का काम भी कैसे हो पायेगा?वह मान गया और मन्जू को छोड़ कर चला गया. तभी सुनील ने मेरी कमर पकड़ी और मुझे अपनी गोद में खींच लिया और बोला- आज तो देख ही लिया जाए, तुम आगे-पीछे, ऊपर-नीचे से कितनी अच्छी हो. चूस साली उफ्फ चूस इतने सालों में कभी इस लौड़े ने इतने मज़े नहीं किए, जितने इन कुछ दिनों में कर लिए कककक आ काट मत रंडी…आराम से पूरा मुँह में ले.

मैं बोला- ठीक है, चाची बंद क़र देता हूँ!मैंने टीवी बंद क़र दिया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, कमरे में छोटा बल्ब जल रहा था. करीब 20-25 मिनट के बाद चाचू का पानी निकलने वाला था, तो चाचू ने लण्ड मेरी चूत से निकाला और मेरे मुँह में घुसेड़ दिया और मेरे मुँह को चोदने लगे और फिर सारा माल मेरे मुँह में ही डाल दिया.

! क्या देख रहे हैं?कामिनी को देख कर वे हड़बड़ा गए। कामिनी रिमोट उठा कर सीडी प्लेयर बंद करती हुई बोली- ये सब रात के लिए रहने दीजिए, कल शाम को मेरे घर आपको आना है, मम्मी ने डिनर पर बुलाया है, सुधा और चमेली भी वहाँ चल रही हैं.

!”इस बीच जीजाजी बुर को सहला-सहला कर उसे पनिया चुके थे।अब वे मेरी टाँगों के बीच आ गए और अपना शिश्न मेरी यौवन-गुफा में दाखिल कर दिया।मैं चुदाई का मज़ा लेने लगी। नीचे से चूतड़ उचका-उचका कर चुदाई में भरपूर सहयोग करने लगी।हाय मेरे चोदू-सनम तुम्हारा लौड़ा बड़ा जानदार है तीन-चार बार चुद चुकी हूँ, पर लगता है पहली बार चुद रही हूँ…! मारो राजा धक्का… और जोर से. सी ने कहा था। तब उस डिब्बे में कोई भीड़ नहीं थी, मैं एक खिड़की वाली साइड बैठ गया। मेरी गांड गीली गीली सी हुई थी, उसको देने के बाद जल्दी से लोअर पहन लिया था।बैग को ऊपर रखा और मैं बाथरूम में घुस गया, रुमाल से अपनी गांड को साफ़ किया और वापस सीट पर बैठ गया।करते करते ट्रेन जालंधर पहुँच गई, वहाँ से काफी सवारियाँ चढ़ी, मुझे काफी डर भी था, बैठ तो गया, अब क्या सेवा पानी लेकर टी. आप को मेरी कहानी कैसी लगी? मैं अपने जीवन की और भी बहुत सी घटनाएँ आपसे शेयर करूँगा, फिलहाल इतना ही काफ़ी है.

ब्लू बीएफ एचडी मूवी जब भी वे आते हैं तो अपने काम में ही बिजी रहते हैं। जब मैं कुछ कहती हूँ, तो मुझसे झगड़ पड़ते हैं। आजकल तो फोन भी नहीं करते हैं।इतना कहकर वो रोने लगीं।मैं उनके करीब गया और उनके कंधे पर अपना हाथ रखकर उन्हें चुप करने लगा और उनके आंसुओं को पोंछने लगा। कुछ देर बाद वो चुप हो गईं और अपने कमरे में चली गईं।अगले दिन जब मैं उनके कमरे में गया, तब वे टी. मैं समझ चुका था कि वो जानबूझ कर ये सब कर रही है, क्योंकि जब मैं उसे नहाते हुए देखता था तो वो बड़ी चालाकी से मुझे देखती थीं कि मैं वहाँ पर हूँ या नहीं.

अब सहन नहीं हो रहा।देर ना करते हुए हम बेड पर आ गए। मैं उसकी टांगों के बीच बैठ गया और चूत को निहारने लगा। उसकी चूत के बाल चूत पर भा रहे थे। चूत कली जैसी लग रही थी।लंड उसकी चूत पर रखते ही मनु की सिस्कारी निकली, मैंने थोड़ा दबाया तो मनु की चीख निकली।मैं धीरे-धीरे अन्दर घुसाने लगा, मनु ‘आह. इतना नाटक नहीं करना जी वरना अन्ना तुमको बहुत तकलीफ़ देगा जी अब चुपचाप हमारा बात मान लो, वरना वो पेपर मेरे पास होना जी. खा लीजिये जनाब, हमारी मम्मी सबको इतना प्यार नहीं देतीं… आप नसीब वाले हैं।” प्रिया ने शरारत भरे लहजे में कहा और हम सब उसकी बात पर खिलखिला कर हंस पड़े।मेरी नज़र बगल वाली साइड की सीट पर गई जो अब भी खाली पड़ी थी… मैं उसे खली देख कर खुश हो गया, हल्की हल्की ठंड लग रही थी और मन कर रहा था कि प्रिया को अपनी बाहों में भर कर ट्रेन की सीट पर लेट जाऊँ.

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!तो उसने कहा- मैं कोशिश करूँगी।एक रात हमने मिलने का प्लान बनाया, वो भी उसके घर पर, जबकि उसके घरवाले घर पर ही थे।उसने कहा- जब सब सो जाएं तो रात को 11 बजे आ जाना।मैंने कहा- ठीक है. अब बोल ऐसा कौन सा जरूरी काम है जो तूने अर्जेंट बुलाया है?राहुल- अरे यार तू गाड़ी चला, बस मैं बताता हूँ सब. अब सहन नहीं हो रहा।देर ना करते हुए हम बेड पर आ गए। मैं उसकी टांगों के बीच बैठ गया और चूत को निहारने लगा। उसकी चूत के बाल चूत पर भा रहे थे। चूत कली जैसी लग रही थी।लंड उसकी चूत पर रखते ही मनु की सिस्कारी निकली, मैंने थोड़ा दबाया तो मनु की चीख निकली।मैं धीरे-धीरे अन्दर घुसाने लगा, मनु ‘आह.

मैं बहुत खुश हूँ।वो तो कहोगी ही।”मुझे लगा शायद आज कुछ न कुछ होने वाला है, तभी मौसा जी लॉबी से गिलास उठा लाए। उसमें शराब थी।बोले- पी लो थोड़ी सी. थोड़ी देर बाद वो बोली- अकेले हो?मैं- हाँ!फिर वो बोली- मेरे साथ चलोगे?मैं- कहाँ?तो उसने बताया- सेक्स करने!मैं उसकी ओर देखता ही रह गया.

राज मोरेवो शरमाते हुए अपने बदन को ढकने लगी।मैंने कहा- अब क्यों शरमा रही हो?वो कुछ ना बोलते हुए चादर ओढ़ कर वैसे ही पड़ी रही। इतने में थोड़ी ही मेरा समाधान होने वाला था सो मैंने उसके ऊपर हाथ रखते हुए बोला- कैसा लग रहा है?वो बोली- ठंडा लग रहा है।मैं बोला- गर्म कर दूँ.

तो उसका लौड़ा भी खड़ा होकर तेरी चूत को सलामी देने लगे।दीपक ने बिस्तर के करीब आकर दीपाली को बिस्तर पर लिटा दिया।सोनू और मैडी भूखे कुत्ते की तरह लार टपकाते हुए बिस्तर पर चढ़ गए और दीपाली के मम्मों को दबाने लगे।वो दोनों दीपाली के आजू-बाजू लेट गए. अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। यह कहानी है मेरी और शोना की। जब मेरी कहानी ‘प्रेम अध्याय की शुरुआत’ का प्रकाशन हुआ तब एक कन्या ने मुझसे फेसबुक पर संपर्क किया। मेरे दिल के तार भी बजने लगे। मैंने उससे बात शुरू की वो किसी मेडिकल कॉलेज की छात्रा थी। हमारा संवाद कुछ इस प्रकार हुआ. आपको कितनी मेमोरी चाहिए…भट्टी जी हाथ के इशारे से कहते हैं- कि इतनी बड़ी हो जाए ! वैसे आप कितने किलो के हिसाब से देती हैं…?सेल्सगर्ल- सर, आप लैपटॉप खरीदने आए हैं या तरबूज…भट्टी जी नाराज हो जाते हैं।सेल्सगर्ल- सॉरी सर, वैसे आपको कैसा लैपटॉप चाहिए?भट्टी- सस्ता और टिकाऊ जो मेरी कपड़ों से मैच करता हो…इतना सुनते ही सेल्सगर्ल दुकान बंद कर भाग गई…!!!.

कान के साथ लण्ड भी खड़ा हो गया था…मधु- भैया… भाभी अंदर कमरे में हैं… यहाँ उनका कोई दोस्त ही बड़ा सर है… वो क्या बताया था… हाँ मनोज नाम है उनका…मैंने दिमाग पर ज़ोर डाला… उसने बताया था कि कॉलेज में उसके विनोद और मनोज बहुत अच्छे दोस्त थे, दोनों हमारी शादी में भी आये थे।मैंने मधु को कमरे में देखने को बोला. !”और दोनों एक साथ झड़ कर एक-दूसरे में समा गए।जीजाजी चमेली के ऊपर थे उनका लौड़ा चमेली के बुर में सिकुड़ रहा था, मदन की गाण्ड कुछ फैल गई थी। मैंने पीछे से जाकर जीजाजी की गाण्ड में अपनी चूची लगा दी।जीजाजी समझ गए बोले- क्या करती हो. लाओ मैं करती हूँ।उसने तौलिया से खुद पैन्ट साफ़ करनी शुरू कर दी। मेरा 8 इंच का लण्ड पैन्ट फाड़कर बाहर आने को था। कामिनी की नज़र भी उस पर थी और वो थोड़ा हँस दी।मैंने पूछा- आप हँसी क्यों.

!मैंने दीदी से गाण्ड ढीली छोड़ने को कहा।गाण्ड ढीली होने पर मैंने जीभ अन्दर डाल दी और अन्दर से चाटने लगा। जीभ को चारों तरफ घुमा कर मैंने 15 मिनट तक गाण्ड चाटी फिर मैंने पीछे से सर अन्दर डाल कर चूत को मुँह में भर लिया।और दीदी से बोला- दीदी थोड़ा मेरे मुँह में सुसू करो ना.

सुशील बीएफ: भाई आपका तो बहुत बड़ा है…!राहुल बेड पर चढ़ गया और आरोही के मम्मों को दबाने लगा।राहुल- बहना डरो मत बड़ा है, तो क्या हुआ. !अब मैं रोज दिव्या को पढ़ाने उसके घर जाने लगा। पहले मैं दिव्या को इस नजर से नहीं देखता था, लेकिन एक दिन जब मैं जब दिव्या से उसके पेपर के बारे में जानने उसके घर पहुँचा, तो उस वक्त उसकी मासिक परीक्षा चल रही थी।उस वक्त दोपहर के दो बजे थे, मैंने घन्टी बजाई, दिव्या ने दरवाजा खोला।मैंने कहा- दिव्या मम्मी कहाँ हैं।उसने कहा- सो रही हैं। आप दो मिनट रुकिए मैं कपड़े बदल कर आती हूँ।मैंने कहा- ठीक है.

!वो यह सुन कर मुस्कुरा दी और अपने बालों से रबड़ निकल के बाल खोल दिए और मेरे साथ ही मेरे अन्दर का जानवर भी खुल गया।मैंने उससे पूछा- तुम्हारी कमर का साइज़ क्या है?तो उसने कहा- पता नहीं।मैंने कहा- मैं बता सकता हूँ. जो करना है कर लो…!राहुल जल्दी से बेड की तरफ बढ़ता है।आरोही- रूको भाई ऐसे नहीं तुम भी अपने कपड़े निकाल कर आओ, तब प्यार का मज़ा आएगा।राहुल तो पता नहीं कौन सी दुनिया में खो गया था, उसके मुँह से आवाज़ ही नहीं निकल रही थी। वो भी जल्दी से नंगा हो गया, उसका लौड़ा तना हुआ था, जो करीब 6″ का होगा और ज़्यादा मोटा भी नहीं था।आरोही- ओह. ??नीलू को पहले भी ऑफिस में मैंने कई बार चोदा था…मगर हमेशा दोपहर के बाद या फिर शाम को…मैं हमेशा यह ध्यान रखता था कि अब कोई नहीं आने वाला है, और सभी कार्य निबटने के बाद ही उसको चोदता था.

तो उसने फिर पूछा- नहीं…कुछ तो बात है?मैंने कहा- कुछ नहीं बस ऐसे ही।शालू हँसते हुए- कहीं गर्ल-फ्रैंड की याद तो नहीं आ रही है।मैं- नहीं… मेरी कोई गर्ल-फ्रैंड नहीं है।शालू- या आप हमें बताना नहीं चाहते? प्लीज बताइए ना.

!तो मैंने मना कर दिया और कहा- मैं तुम्हारा शरीर रोशनी में देखना चाहता हूँ। वो बोली- मुझे शरम आती है।तो मैंने उसे कहा- जिसने की शरम उसके फ़ूटे करम और जो भी कुछ हो मैं लाईट ऑफ़ नहीं करूँगा। रोशनी में ही चोदूँगा। यह कह कर मैंने उसके कुर्ती के बटन खोलने शुरू कर दिए। बटन खोलने के बाद मैंने उसकी कुरती झटके से उतारनी शुरू कर दी।हिमानी बोली- क्या मेरे कपड़े फाड़ने का इरादा है, जरा आराम से उतारो ना. ”मैं भी जोश में बोला- हाँ भाभी आज आपकी चूत का कर्ज जरूर पूरा करुंगा… ले ले मेरा पूरा लन्ड अपनी चूत में. !”मैंने उनके गाल पर गीला चुम्बन लिया और वे जाग गए, उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में समेट लिया।चमेली चहकी, वाह जीजाजी.