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फिर करीब 5 मिनट तक भैया ने मुझे लॉलीपॉप जोर-जोर से चुसाया और लॉलीपॉप का सारा दूध मेरे मुँह में आगे तक डाल दिया, जिससे वो मेरे मुँह से बाहर न आए. हिंदी में न्यू सेक्सउसके बाद मैंने और प्रिया ने बहुत बार कालेज में चुदाई की।वो हरदम मेरा लण्ड लेने को तैयार रहती थी। बस ज़रा से इशारे की देर होती थी और वो तुरन्त अपनी चूत में मेरा लंड घुसवाने के लिए मेरे कमरे में आ जाती थी.

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एक दिन तो मैं सीधा बेड से उठकर अंडरवियर में ही उसके सामने वॉशरूम में गया.फिर देखते ही देखते रात से सुबह भी हो गयी, मगर ना तो शायरा ने मुझसे ऊपर आकर बात की और ना ही मैंने खुद जाकर उससे बात की.

वो कभी मुँह में ही पूरा लिंग दबा लेती, मानो अंदर से वीर्य खीचना चाहती हो और इधर मेरी जीभ उसको नितंब उछालने पर विवश कर रही थी।मेरे अण्डकोषों को धीरे-धीरे सहलाकर वो मुझे उसकी योनि को दाँतों से काटने पर मजबूर कर देती थी। मैं भी उसकी योनि के दोनों होंठों को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा. देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ यदि औरत नहीं होती तो आदमियों का जीवन बेकार होता, इसलिए मैं औरत की दिल से इज्जत करता हूँ.

संगीता- आ गए तुम दोनों?स्नेहा अपनी मॉम को पीछे से हग करते हुए- आपको क्या लगता है?संगीता- चलो जल्दी हाथ मुँह धोकर कपड़े बदल लो, मैं तब तक खाना लगाती हूँ.

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आपा कामुक सिसकारियां लिए जा रही थी- आहह भाई … और तेज चोदो आहह बहुत मजा आ रहा है अपने भाई से चुदा कर … अम्मी कसम भाई. मैंने उससे उसके ऑफिस से छूटने का टाइम पूछा तो मेरे वापस आने के टाइम से मैच हो गया. मेरे लोअर में लण्ड का उभार अभी भी बना हुआ था और लोवर पर चूत और लण्ड के प्रीकम के गीले निशान बने हुए थे.

अब जब बंगलौर में भाई रहता हो तो बहन हॉस्टल में क्यों रहे?मैं और सोनल एक ही फ्लैट में रहते हैं, दिन में वो कॉलेज में रहती है और मैं अपने ऑफिस!रात हमारी एक ही बिस्तर पर कटती है. संजू इससे थोड़ा चिंहुक गई और बोली- क्या कर रहे हो विक्रम … छोड़ो वो जगह. पर डॉक्टर ने बताया कि भाभी को कुछ दिक्कत होने की वजह से कुछ दिनों तक अस्पताल में ही रहना होगा.

उनका एक 23 साल का लड़का था। जब मैंने उस लड़के को पहली बार देखा तभी से वह मुझे आकर्षक लगने लगा था. चाची गेट बंद करके साथ में क्रीम ले आईं और फिर से मुझे लोवर उतरने के लिए बोलीं. अदिति ने अपना एक पैर मेरी जांघों पर रख लिया और मेरा लंड अपनी जांघों में पकड़कर मुझसे सटकर लेट गयी.

मैं आहिस्ता आहिस्ता लंड अन्दर बाहर करने लगा और अदिति से बोला- अदिति दिल करता है कि मेरा लंड हमेशा तुम्हारी चूत में ही पड़ा रहे. वो अपना हाथ नीचे ले जाकर मेरा लंड आगे पीछे करने लगी … और मुझको अपने करीब खींच कर, दीवार से चिपकते हुए मेरा लंड अपनी चूत के ऊपर से रगड़ने लगी.

मैंने उसकी योनि की दोनों दीवारों को थोड़ा सा खोला अंदर की ओर, योनि गुलाबी रंग की होती जा रही थी।हल्के काले बाल उसकी योनि को और कामुक बना रहे थे.

उस समय मेरी नजरें उसके मस्त मम्मों पर पड़ीं तो लंड ने अपना कमीनपन दिखा दिया.

चूत फट जाती होगी इतने दमदार हथियार से?कितनी लौंडियां अभी तक चोदीं? दस पंद्रह तो होंगी. पत्नी की चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरी बीवी की ताऊ की मृत्यु पर वो मायके में रह गयी. वाईन पीने के बाद ऐसा लग रहा था, जैसे हम लोग सर्वशक्तिमान हो गए हैं.

फिर चादर ठीक करने के लिए जैसे ही उसने लैपटॉप उठाया तो उसमें पोर्न पिक्चर लगी हुई थी. कमरे में पंखा चलने पर भी हम पसीने से तर थे और मैं भाभी के शरीर का पसीना भी चाट रहा था. इस समय मेरे दिमाग में फिर से वो सब घूमने लगा और मैंने तुरंत रूबी की कमीज ऊपर उठा दी.

पांच मिनट तक उसकी तरफ़ से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला तो मैं उठ कर चलने लगा.

मैं विजय को और तड़पाना चाह रही थी इसलिए मैं बैग की तरफ गई और जानबूझ झुककर बैग में से अपनी ब्रा पेंटी निकालने लगी. मैं सोच रहा था कि मौका अच्छा है, भैया भी नहीं हैं तो क्यों न भाभी की चुदाई कर दी जाये?अब मैं मौके की तलाश करने लगा. ममता- कौन अप्सरा?मैं- अरे … शायरा, जिसका ये घर है, उसे तो शायद तुम भी जानती होगी?ममता- कौन शायरा? कहीं तुम‌ उस बैंक वाली‌‌‌ लड़की‌ की तो‌ बात नहीं‌ कर रहे हो?मैं- हां वही शायरा.

मैं भी सलमान की जवान बीवी को पूरी नंगी करके उसकी चूत का रस चाट चुका था. मैं तो उसका लौड़ा देख कर दंग रह गयी और सोचने लगी कि पता नहीं अब क्या होगा. मुझे रूपा भाभी की कही हुई बात याद आ गई कि एक दो बार नानुकर करने के बाद, वो जो करे … उसे करने देना.

आंटी की चूत पर एक भी बाल नहीं था। मैंने उसकी चूत में उंगली घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगा.

मेरा घर अगले तीन दिनों के लिए खाली हो गया था और चूत गांड लंड लेने के लिए गर्मा गई थी. ये सब कैसे हुआ?पाठको, मैं संजू आपको अपनी शादीशुदा सहेली अंकिता के साथ हुई घटना को सेक्स कहानी के रूप में लिख रहा था.

देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ करीब आधा घंटे बाद हम दोनों संतृप्त होकर वापस कपड़े पहन कर गाड़ी में आ गए. ‘वो अगर ज़्यादा पूछे तो?’तभी भाभी के बेटे ने आवाज देते हुए कहा- मम्मी आपको पापा बुला रहे हैं.

देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ मेरी बेटी की चुत की कहानी के पहले भागमेरा दोस्त मेरी बेटी की चूत का प्यासामें अब तक आप पढ़े चुके थे कि मेरे ठरकी दोस्त सुरेश ने पैसे उधारी देने के बदले में मेरी बेटी की चूत मांग ली थी. मतलब ऊपर वाले ने मेरी चुत के लिए लंड का इंतज़ाम एकदम पक्का करके रखा था.

मेरे हर झटके से उसके स्तन झूले की तरह हिल जाते और एक दो बार मैंने लिंग उसके गुदाछिद्र में भी डाल दिया.

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उसको मना करने के बाद मैंने खुद भी उसको कोई अपना काम नहीं बताया।मैंने खुद भी उससे दूरियां बना लीं।इन बातों को सिर्फ 10 दिन ही बीते होंगे और उससे मुझको देखे बिना नहीं रह गया।वह मुझसे मिलने के लिए घर पर आ गया।मेरे हस्बैंड जॉब पर गए हुए थे।मैंने उसे देखते ही कहा- तुम यहां क्या कर रहे हो?वो बोला- आपको देखने मिलने ही आया हूं. उसने ब्रा नहीं पहनी थी, तो उसके कड़क निप्पल्स मेरे सीने पर चुभ रहे थे. गांव की देसी लड़की हो तो चूत चाटने और लंड चुसवाने का मजा डबल हो जाता है.

मैंने अनन्या को बोला हुआ था कि डिनर तुम यहीं करोगी, इसलिए वो ऑफिस का काम खत्म करने के बाद हमारे यहां चली आई. सनी का लंड मेरी गांड में पूरा उतर गया और वो नीचे से जोर जोर के धक्के देने लगा. वो मुझे देखती रह गयी और शायद उसे पता चल गया था कि मैं ऐसा क्यों बोल रहा था.

अपना एक हाथ उसकी चिकनी कमर पर रख कर उसको अपनी ओर खींच कर अपनी बांहों से लगा लिया.

मगर यह कैसे दो तरफा वाले प्यार की कहानी में बदल गई, उसी को लेकर इसे लिखा गया है. जैसे ही मैंने उनके हाथ के ऊपर हाथ रखा, उन्होंने मुझे एक चुम्बन कर दिया. और जैसे ही विजय ने मुझे इस रूप में देखा और मेरे अधनंगे बूब्स को देखा उसका मुंह खुला का खुला रह गया, उसके मुंह से केवल ओह्ह शालू …!”इतना ही निकल पाया.

हम दोनों के पास एक ही बर्थ थी तो उसने उसी पर एक साइड में बैग को लगा लिया. अब हम पूर्णरूप से संतुष्ट हो चुके थे मगर साथ ही थक भी चुके थे। मैंने कपड़े पहनने शुरू किए. तब जाकर संजू की नींद खुली और वो हम लोगों को देख कर गुडमॉर्निंग बोली.

जिससे चाची जोर जोर से कामुक सिसकारियां भरने लगीं और हम दोनों 69 की पोज़िशन में एक दूसरे को चाटने लगे. मेरे जानवर जैसे बर्ताव से रेशमा बेहोश होने के कग़ार पर थी, आंखें बंद करके उसने अब छटपटाना बंद कर दिया था.

वो हम दोनों को देखते हुए अपनी चूत में तेजी से खीरे को अन्दर बाहर करने लगी. सोनी से जब कभी पूछा जाता तो वो लड़के की उम्र का हवाला देकर रिश्ते के लिए मना कर देती. मैं इतना तो नहीं जानता था कि उसके मन में क्या बात चल रही थी … लेकिन इतना बता सकता हूं कि वंदना की मनोदशा देख कर मुझे लगने लगा था कि उन दोनों के बीच में आज तक कभी सेक्स नहीं हुआ होगा.

समीना इस समय एकदम नंगी होकर अपनी चुत का पानी निकालने की कोशिश कर रही थी.

मैं उसकी इस कामुक इच्छा के आगे झुक गया और उसकी वर्जिन पुसी चूमने के लिए आगे बढ़ा ही था कि तभी कमरे की घंटी बज गई. नमन को अचानक से अपने सामने देख आकर मॉम पहले तो चौंक गईं फिर वो नमन से चिपक कर चूमाचाटी करने लगीं. इस पोजीशन में उसने अपनी चूत मेरे मुँह की तरफ कर दी और खुद डॉगी सी बन कर अनामिका को अपने चूचे पिलाने लगी.

[emailprotected]जवान भाभी की कहानी का अगला भाग:चचेरे भाई की दिलकश बीवी- 2. फिर प्रियंका यूं ही बैठी बैठी मेरे गले से लग गई और बोली- जीजू … यार आप सच में बहुत चोदू हो … स्वर्ग का सारा मजा इसी धरती पर दे रहे हो.

इसका मतलब साफ था कि सुरेश के लण्ड की गर्दन दबी हुई थी मगर सुरेश फिर भी सोनी को चोदने में लगा हुआ था. मेरे दोस्त ने मेरी बीवी को अपनी ओर खींचा और अपने बगल में नंगी ही सुला लिया. अदिति नीचे से गांड उठाकर मेरे लंड को अपने चूत में लेती हुई बोली- हां हर्षद, मैं भी यही चाहती हूँ.

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मैं बस अपना मोबाइल निकाल कर अपने जिस्म को देख कर केक साफ़ कर रही थी.

उसने मेरे कान में कहा- चूसोगी नहीं क्या?लंड चूसने के लिए मैंने मना कर दिया. सनी बोला- देख क्या रहा है साले गांडू? तेरी गांड की सर्विस करेंगे आज हम. इस घर्षण से हम दोनों इतने मदहोश हो गए थे कि हर दर्द हमें खुशियां दे रहा था.

मुझसे ये मतवाली चूचियों को देख कर रुका ही न गया … मैंने किसी भूखे जानवर की तरह उसकी चूचियों पर टूट पड़ा. न मुझे पलंग की जरूरत थी न किसी बर्तन वगैरह की।बेडरूम में एक शानदार डबल बेड और एयर कंडीशनर सभी कुछ तैयार था। मुझे पूरा भरोसा हो गया कि उनको पता था कि मैं जरूर यहाँ रहने के लिए मान जाऊँगी। इसलिए उन्होंने पहले से ही सारा इंतजाम कर दिया था।मुझे वहाँ रहते दो दिन ही हुए थे कि सुबह सुबह उनका फोन आया और उन्होंने बताया कि वो किसी जरूरी काम से बाहर गए हैं और वापस आते ही मेरे साथ कुछ समय बिताएंगे. दया का नंबर चाहिएये अच्छा ही हुआ क्योंकि मेरे वापिस आने के आधा घंटे बाद ही अशोक आ गया और बोला- फ्लाइट कुछ जल्दी ही शुरू हो गई थी.

वो बगल से हाथ नीचे लाकर मेरे बूब्स को जोर जोर से मसलते हुए भींचने लगा और मुझे चोदता रहा. संजू बड़े चाव से वीर्य को पी गई, लग रहा था कि संजू को भी अब वीर्य पीने में मजा आने लगा था.

अपने दोनों हाथ रेशमा की नर्म पीठ पर घुमाते हुए मैंने उसे कस कर अपने गले से लगा कर रखा. मेरा पल्लू पूरा ऊपर तक नहीं था और उसको मेरी चूचियों का उभार हल्का सा दिख रहा था. चुदाई का दौर पूरी मस्ती से चला और आधी रात तक उसने तीन बार चोद कर मेरी चुत की पूरी हजामत कर दी.

अगले दिन से मेरी ये हालत हो गई थी कि मुझे क्लास में कोई न कोई चोद देता. चार पांच मग पानी डालकर उसने पूछा- अब कैसा लग रहा है हर्षद?मैंने उसे अपनी बांहों में कसकर कहा- अब मेरे लंड का दर्द कम हुआ है अदिति. उसी रात को करीब 9 बजे मेरे पास व्हाट्सएप पर एक अन्जान नम्बर से हैलो का मैसेज आया।मैं देखते ही समझ गया कि ये पक्का उसी का नम्बर है लेकिन फिर भी मैंन अन्जान बनते हुए पूछा- कौन हो?फिर उसने अपने बारे में बताया और हमने बातें कीं.

मैंने फिर से उसके होंठों को किस किया और कुछ मिनट तक हम दोनों एक दूसरे की जीभ को चूस कर अपनी वासना को और अधिक भड़काते रहे.

उसकी किसी और के साथ मिलने की बात सुन कर मुझे लगा कि उसका कोई आशिक़ पहले से है. जवानी से चरमराई अर्चना चुदाई से इतना मगरूर हो गई थी कि पांच मिनट में ऐंठने हुए गांड उठाने लगी और झड़ गई.

दूसरे दिन जब रचना नींद से उठी तो मुझसे बोली- बेबी, क्यों न हम दोनों हनीमून के लिए बाहर कहीं चलें और वहीं अपना चुदाई कार्यक्रम शुरू करें?मैं- जानू हम बाहर घूमने के लिए जरूर जाएंगे, पर हमारी पहली चुदाई घर में ही होगी. जब भी मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत पर रगड़ खाता तो वो लम्बी लम्बी सांसें लेने लगती. मैं राजी हो गया और शेखर जी को पेमेंट करने की बात कही मगर वो मना कर गये.

नहीं तो मेरी‌ ऐसी किस्मत कहां? पर देखो ना उसका नाम लेते ही ये कैसे खड़ा हो गया है. जो जो मेरे साथ हुआ है, वही आपको लिख कर बता रहा हूँ।भाभी तो चाची से भी मस्त शरीर वाली है. आगे मैं बताऊंगा कि भैया ने मेरे साथ क्या क्या मजे किये और उनके बाद उनके दो दोस्तों ने भी मुझे लॉलीपॉप का दूध चुसाया.

देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ लौड़ा मुँह में लेने में या गांड में लेने के मज़े से वह अब तक अनजान थी. मैंने पीहू को सो जाने के लिए बोला तो उसने थोड़ी देर में सोने का कह दिया.

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मैंने उसे चूमते हुए कहा- मैंने तुम्हारे लिए एक और चुत का इंतज़ाम कर रखा है. खुले आसमान में उड़ने की ख़्वाहिशों को दफ़न कर वो जमीं पर चलने में ही संतोष किये हुए थी. उनकी बात सुनकर मेरे निप्पलों की साइज बढ़ गई थी, जिसका मैंने इज़हार भी किया था.

चोदते चोदते मैंने पूछा- भाभी मुझे आपकी गांड भी मारनी है?तो उन्होंने कहा- यार, पहले मेरी चूत को शांत कर दो. वो सिसकारियां लेते हुए बोली- कब डालेगा?मैंने कहा- अभी डालने के लिए ही तैयार कर रहा हूं तेरी चूत को मेरी जान … बस दो मिनट और!वो सिसकारते हुए बोली- जल्दी कर ना … बहुत तरस गयी अब. सेक्सी फिल्म वीडियो बिहारीउसकी चड्डी में उसका लौड़ा पूरा गर्म होकर रॉड के जैसा सख्त हो चला था.

मैंने भी उससे हां बोल दिया और उससे उसकी टिकट के बारे में पूछा- क्या तुमने अपनी टिकट बुक करवा ली हैं?उसने कहा- अभी नहीं.

और वैसे भी रात को ब्रा पैंटी पहन कर सोने से बॉडी में रेड मार्क्स पड़ जाते हैं. स्नेक्स और नट्स केक के साथ थोड़ी बीयर सबने मिलकर पी, फिर म्यूजिक सिस्टम पर डांस करने लगे.

अब आगे Xxx हिन्दी फॅमिली सेक्स कहानी:मुझे चुदाई करते देख कर अदिति भी नीचे से अपनी गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी. मेरे दोस्त ने मेरी बीवी को अपनी ओर खींचा और अपने बगल में नंगी ही सुला लिया. उसने पीछे मुड़कर देखा और मुस्करा दी। उसने मानो मौन स्वीकृति दे दी थी.

मैंने अंकल से कहा- मुझे अब फार्म हाउस में रह कर ही सारे इंतजाम करने होंगे.

मगर मैंने चाची की एक ना सुनी और अपना लौड़ा चाची की चुत में धकापेल अन्दर बाहर करने लगा. अपने होंठों को रास्ता दिखाते हुए उसके मम्मों के बीच की रेखा में अपने होंठ और अपनी नाक घुसेड़ दी. वो बोली- ओह हर्षद, बहुत सुकून मिल रहा है … तुम्हारी गर्म पेशाब से बहुत मजा आ रहा है हर्षद.

छोटे वाला वीडियो सेक्सीयकीन ना हो तो एक बार करके देखें और फिर मुझसे अपना एक्सपीरियंस शेयर करें. उनके गर्म गर्म होंठ जैसे ही मेरे लंड पर लगे, मैं तो जन्नत में पहुंच गया था.

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इधर सुरेश की आँखें आनंद में बंद थीं और उसका चेहरा अब सोनी की गांड के बीच में था. यह बात उस दूसरे आदमी को पता थी, तो वह हम दोनों के बीच में आने की कोशिश करता था. मैं बाथरूम में गया और बाथरूम का दरवाज़ा सिर्फ़ चिपका कर पूरी तरह नग्न होकर नहाने लगा.

उस दिन भी मैंने जानबूझकर धोती पहन ली थी, जिसके नीचे मैंने कुछ नहीं पहना था. वापस आते समय मैंने अपनी ड्रेस उतार दी और मैं अब केवल ब्रा और पैंटी में थी. अब मैं उनका लंड चूस रही थी और वो मेरी चूत चाट रहे थे।मैं भी उनके लंड के साथ साथ उनके टट्टे भी चाट रही थी.

मैंने करीब 20 और झटके मारे होंगे कि वो एकदम से मेरे हाथों को नौंचते हुए अपना पानी छोड़ बैठी … और उस पर बेहोशी छा गई. जब तक रोटी नजर ना आए … तो भूखे को भूख लगी होने पर भी इंतजार करना पड़ता है. फिर एक धक्का दिया तो घप्प … से उनका सुपारा मेरी नाजुक बुर छेद में घुस गया.

मैं उसके एकदम करीब हो गयी और बोली- क्या मैं तुमको अच्छी लगती हूँ?वो बोला- हां बहुत ज़्यादा. फिर तो उसके मुंह से आनंद की सिसकारियां निकलने लगीं- आह्ह … और करो … आह्ह … मजा आ रहा है … और करो।कुछ ही देर में वो झड़ भी गयी.

दोस्तो, मेरी पिछली कहानियों की नायिकाओं के साथ कभी कभी फोन पर बात होती थी.

वो बोली- क्या?मैंने उसे खींच कर अपनी बांहों में भर लिया और उसकी गांड दबाते हुए अपने तने हुए लौड़े को उसकी जांघों पर रगड़ने लगा. 20 ఇయర్స్ సెక్స్ వీడియోస్मैं कहानी तो रेशमा की बता रहा था लेकिन चूत मुझे शगुफ्ता की दिखाई दे रही थी. गांव का हिंदी सेक्सफिर इस दौरान मेरे मामा के घर में एक फंक्शन आ गया तो मैं दो दिन के लिए वहां चला गया. क्या पता चाची की जगह आज भाभी की चूत मिल जाये!इस वक़्त तो मुझे सिर्फ चूत और गांड चाहिए थी.

मुझे थोड़ा होश आया, तब मैं जाकर पीछे वाली सीट पर बैठ गया और उसके बारे में सोचने लगा.

वो मेरा लंड अपनी चूत में अन्दर बाहर देखती हुई बोल रही थी- हर्षद अभी तो लंड दो इंच और बाहर है. मैंने कहा- नहीं, मुझे कुछ नहीं चाहिए।मैं उसकी आंखों में देख रही थी और वो मेरी आँखों में देख रहा था. एक पल का इंतजार किए बिना रेशमा ने लंड मुँह में भर लिया और चूसना चालू कर दिया.

संजीव देखने में बहुत भोला था और इस वजह से मेरे मन में उसके लिए एक स्नेह वाली भावना आ गयी थी. अब मैं भी उसके लण्ड को खोजने लग गई और नेकर के ऊपर से उसके तने हुए लण्ड को पकड़ना चाह रही थी. अगर ये ऑर्डर मिल गया, तो डॉलर में पैसा आएगा … और अमेरिका, लंदन तक हमारा बिजनेस फैलेगा.

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वो मेरी चूत इतनी अच्छी तरह से चाट रहे थे कि मैं तभी उनके मुंह पर अपनी चूत मारते मारते झड़ गयी. चलो अभी तो अपने कपड़े उतारो, मैं तुम्हारी चुत का पूरा इंतज़ाम करके ही आई हूँ. फिर सबने नाश्ता किया और मनीष उठते हुए बोला- अच्छा भाई, मैं तो चला अपने काम पर.

अभी तक की मेरी पहली चुदाई की कहानीघर का किराया मेरी बुर ने चुकाया- 1में आप लोगों ने पढ़ा कि किस तरह से मुंबई शहर में मुझे नौकरी मिली.

ये सब मेरे लिए एकदम नया था, तो उनको देख कर मुझे ज़्यादा मज़ा आने लगा.

उसके निप्पलों को चूसने के साथ साथ दोनों हाथ से दोनों दूध को दबाता रहा. मेरी तो समझ में नहीं आ रहा था कि जॉब मिलने की खुशी मनाऊं या उसकी शादी की बात फाइनल होने का गम?हम दोनों की हालत एक जैसी थी. इंग्लिश सेक्स डॉट कॉममैं फिर से गुर्राई- इनको अच्छे से साफ करो, कुत्ते कहीं के! चाटो इनको!वो थोड़ा हिचकने लगा.

तुम्हारा भाई मुझे रोज 2 या 3 बार चोदता है, तब जाकर मेरी चुत की आग ठंडी होती है. हम दोनों को जब मौका मिलता तो कभी ललिता भाभी मेरे रूम में आ जाती, तो कभी मैं उसकेघर जाकर जमकर चुदाईकर देता. कशिश दीदी इन्द्रेश अंकल का लंड अपने मुँह में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगीं.

फिर चुदते हुए मैं अपनी उत्तेजना के चरम पर आ गयी और एकदम से चीखती हुई झड़ने लगी. सरिता जाते हुए बोल गई- तुम अपना सामान ले आओ और जबतक खाने का कुछ बंदोबस्त नहीं होता तबतक खाना नीचे ही खा लेना.

हम दोनों ही बिना बोले चुपचाप एकदूसरे को समझते हुए मज़ा लेने देने लगे.

लगभग 15 मिनट गांड मारने के बाद धीरू अंकल के झटके और ज्यादा तेज हो गए तो ही मैं समझ गई कि धीरू अंकल झड़ने वाले हैं. वो मेरी आंखों में आंखें डालकर बोली- हां मेरी कुंवारी चुत में अपना लंड डालकर मुझे चोद दो. भाभी की चूत पानी से लबालब भरी हुई थी जिसे मैं जीभ से चाट चाट कर साफ़ कर रहा था।साथ ही साथ भाभी के चूचों को दबाये जा रहा था।भाभी ने कहा- दीपू, प्लीज अब चोद भी दो यार! अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा.

दांतों की बीमारी कुछ देर जांघों को चूमने के बाद मैं उनकी चूत को चड्डी के ऊपर से ही किस करने लगा और चूत सूँघने लगा. मैंने कहा- इस लॉलीपॉप में से दूध भी निकलता है?उन्होंने कहा- हां इसमें से दूध निकलता है और वह दूध तुम्हें पीना है, जिससे तुम्हें नींद आ जाएगी.

इस छत के चारों तरफ एक तो वैसे ही काफी ऊंची-ऊंची दीवारें हैं ऊपर से एक कोना ऐसा है कि वहां कुछ भी होता रहे किसी को कुछ नहीं पता चलेगा. मैं पास में बैठ गया।आंटी बोली- राज, कुछ खाएगा?मैं बोला- बहुत कुछ खाऊंगा।इस बात पर आंटी ने मेरी ओर अजीब सी निगाहों से देखा और फिर हल्के से मुस्करा दी. मैंने अपने दोनों हाथों को लाकर नीचे से उसकी गांड को कस कर थाम लिया और अपने पूरे शरीर का वजन मैंने उस पर ही डाल दिया ताकि वो इधर उधर न हो.

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उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया तो मैंने भी उनका लंड सहलाना शुरू कर दिया. फिर मैंने एक दूसरा बर्फ का टुकड़ा लिया और उसकी सफ़ेद ब्रा के ऊपर से बर्फ रगड़ने लगा. उसकी बड़ी बहन स्वीटी की भी चूत और गांड चोदी। दोनों बहनों को अपने लन्ड की गुलाम बनाकर अपनी रंडी जैसे खूब चोदा.

कुछ ही पलों में हॉट देसी भाबी भी मस्त होकर चुदाई का मज़ा लेने लगीं. रेशमा की गांड नंगी करके मैं उसको सहला ही रहा था कि तभी हमारे कूपे के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी.

अब बस एक महीने के आराम के बाद मुझे भाभी की चुदाई का मजा मिल जाएगा, ये तय हो गया था.

उसने सीधे मेरी पैंट में हाथ डाल दिया और मेरे लौड़े को पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया. पता नहीं उसे कितने पैसों की जरूरत थी और क्यों!मगर मैंने फिर भी पूछा- तुमको पैसों की आवश्यकता क्यों है? कोई परेशानी है क्या?मगर उसने बस ‘नहीं’ शब्द ही कहा।उसकी आँखों से आँसू लगातार बहे जा रहे थे।अब मुझसे उसके आँसू देखे नहीं गए और मैंने कार सड़क के बगल में खड़ी कर दी. कभी मैं उनकी चूचियों को ब्रा के ऊपर से दबा देता, कभी दांत से काट लेता तो आंटी मादक सीत्कार भरके अपनी उत्तेजना जाहिर कर देतीं.

उसने मॉम को 5 मिनट और चोदा और कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ, कहां लेगी माल?मॉम ने कहा- मुँह में. मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया, पर मेरे लंड में भी बड़ा जोर का दर्द होने लगा. मुझे उसके घर में एंट्री मिल गयी थी और मेरी उससे बातचीत भी होने लगी थी.

पहले तो मैंने पीछे से उनके चूतड़ों में मुँह घुसाया और चूत को एक बार किस किया.

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मैंने आज तक बहुत सारे लंड लिए है लेकिन आज पहली बार इतना लंबा और मोटा लौड़ा मेरी चूत में उतरा था तो दर्द की तो कोई सीमा ही नहीं थी. जीभ को उसके गुदाद्वार से योनिछिद्र तक फिराना शुरू कर दिया और जैसे ही जीभ योनिछिद्र के अंदर जाती, वो कांप उठती. उस दिन मैंने ऑफिस से यह कह कर कि मेरी बुआ का लड़का आया हुआ है … मुझे कुछ काम है … छुट्टी ले ली.

उस कपल में जो भैया थे … वो मार्केटिंग की जॉब में थे ओर कंपनी के काम से दूसरे सिटी जाते रहते थे.

हम दोनों ही बिना बोले चुपचाप एकदूसरे को समझते हुए मज़ा लेने देने लगे. उसका लंड खड़ा हो गया था और फिर उसने मुझे नीचे बिठाकर मेरे मुंह में लंड दे दिया और मेरे मुंह को चोदने लगा. मैंने एक बार थोड़ा पीछे हट कर झट से एक हाथ से अपना लोअर का इलास्टिक नीचे किया और मोटे लण्ड को निकाल कर सीधा आँटी की जांघों में स्कर्ट के ऊपर से ही चूत के ऊपर अड़ा दिया.