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मुँह से मादक सीत्कार अपने आप बाहर निकलने लगी आआ आअह्ह्ह् ओओह्ह ऊह …”मैं अपना सर जोर जोर से अलट पलट रही थी. एचडी सेक्स एचडीनताशा- तुम इधर क्या करने आए हो?तभी मैंने खड़ा होकर नताशा को पीछे से बांहों में ले लिया और हम दोनों आईने की ओर देखने लगे.

मैंने भी मौके पर चौका मारा और कहा- वैसे कवाब में हड्डी बनने का शौक हमें भी नहीं है संजय बाबू!इस पर संजय ने भी बड़े अंदाज में कहा- तुमको हड्डी समझने वाला कोई गधा ही होगा, तुम तो पूरी कवाब हो, वो भी लजीज. वेब कैमरादोस्तो, मैं आप सबके सामने अपनी पिछली कहानीकमसिन कुंवारी चूत को उसके घर में चोदा-2प्रीति के बड़े पिताजी का एक्सीडेंट हो गया था तो घर वालों ने सबको बुलाया था.

रूपाली की गांड को पकड़ कर मैंने दबा लिया और पूरा जोर लगा कर उसकी गांड में लौड़े को घुसा दिया.हिंदी में बीएफ सी: इस पर वो बोली- हम्म … चल अब जल्दी से मार दे झटके … मैं सहन कर लूँगी.

वो फिर दर्द से कराह उठी और इतनी जोर से ‘उईई आह माँ आह आह मर गयी’ चीखी कि उसके चिलाने की आवाज़ से नीतू नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गयी.आप खुद एहसास करके देखो कि जब एक लड़की के कोमल हाथ में जब किसी मर्द का सख्त लंड आता है, तो क्या अहसास होता है.

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इतना कह कर उसने रवि की सिगरेट से एक सुट्टा मारा और छल्ले छोड़ती हुई रसोई में चली गयी.मैंने झट से स्वीटी आंटी का सामान ले लिया और उन्हें प्लेटफार्म से बाहर ले आया.

नमस्कार, मेरा नाम लेखा वाघ है, मैं पुणे महाराष्ट्र की रहने वाली हूं. हिंदी में बीएफ सी वो बार बार मेरे सीने को सूंघती और मर्दाना गंध को महसूस करते हुए आंखें बंद कर लेती.

इस पर नीरज बोला- क्या करूं बहना, तुम्हें देखकर बर्दाश्त ही नहीं होता है.

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मेरी चुचियों को दबाते दबाते उसने अपना अंडरवियर और मेरी पैंटी उतार दी. मैं चिल्लाई तो उसने मेरे मुंह पर हाथ रख लिया और मेरी चीख को अंदर ही दबा लिया. लेकिन जो गलती सोनू की है, उसका इल्जाम मैं अपने ऊपर क्यों लूँ?”मैं समझा नहीं?”मैं क्षमा चाहते हुए बोल रही हूं, आप बुरा मत मानियेगा।”नहीं बेटा, मैं बुरा नहीं मानूंगा।”पापाजी, मैं अपनी जिस्मानी भावना को अगर मार भी दूं पर कल को हमारा बच्चा नहीं हुआ तो आपके और हमारे दोस्त और रिश्तेदार ही मुझे बांझ बोलेंगे.

धीरे-धीरे नवीन के हाथों की उंगलियां उस लड़की की चूचियों के नीचे पहुंच गयी थीं. तो यह थी कहानी अधूरी प्यास के मिलन की, जिसमें पत्निभक्त राजन भी परनारी के वश सम्भोग के लिए विवश हो गया. चूंकि मुझे गांड मराने की आदत थी इसलिए कुछ ही देर में मेरी गांड ने उसके लंड को झेल लिया … मगर दर्द अब भी हो रहा था.

मैं ये सब देख कर अपना लंड हिला रहा था, तभी प्रियंका बोली- जीजा जी … आइए न हम आपकी कुछ मदद कर देते हैं. मैं बस उनकी चुत तक पहुंचने ही वाला था कि तभी अचानक स्वीटी आंटी उठीं और बोलीं- मुझे एक जरूरी कॉल करना है, मैं अभी आती हूं. अब मैं कुछ ज्यादा ही हाथ को आगे ले जाते हुए उसके बदन को मसाज देते हुए उसके चूचों को टच करने लगा था.

उसने कहा- मैडम हमारे पास सिगरेट नहीं है, आप अपनी सहेली से कहिये ना सिगरेट के लिए. एक दिन मैंने जालान आंटी से पूछा- आंटी परसों सुमन आ रही है, मेरा उससे मिलना सुमन के हित में है या नहीं?आंटी मेरा तंज समझ गईं और बोलीं- बेटा, अब सुमन कोई बच्ची तो है नहीं, तुम जानो और वो जाने.

मेरी गांड चुदाई के बारे में सोच सोच कर मेरी चूत से कामरस निकलने लगा था.

उस समय अनिषा बोली- भाभी क्या बात है … आपके चेहरे पर बहुत निखार आ गया है, लगता भाई कुछ ज़्यादा ही रात को खुश कर रहे हैं?मैंने कहा- नहीं यार … आज कल आपके भैया के बिजनेस पर ज़्यादा ख्याल दे रहे हैं … और तू बता … तेरा कैसा चल रहा है.

विक्की ने जाते हुए अपने दोस्त से कहा कि यार मुझे जरूरी काम आ गया है. तभी दिव्या ने मेरे कान में कहा- साली पागल हो गई है क्या, मेरी चूत यहां तड़प रही है तू इनको जाने के लिए कह रही है!तभी उन लड़कों में से जो दिव्या के साथ था वो दिव्या को गोद में उठा कर दूर चला गया. अब मैं एक गृहणी हूं। मेरे हस्बैंड ने सुहागरात वाले दिन ही मेरी चूत और गांड दोनों मारी थी।वे मुझे बहुत ज्यादा चोदते हैं।उन्हें चोदते वक्त गालियां देना बहुत पसंद है तो मुझे चोदते वक्त साली रंडी, साली कुतिया, साली छिनाल के साथ माँ बहन की गन्दी गालियां निकालते हैं.

इसमें क्रिया 3 बार झड़ी और मैंने वियाग्रा खाई थी तो 25 मिनट झड़ने में लगे मुझे।क्रिया- आह ह्म्म … ऐसे ही करते रहो. थोड़ी देर में ही मीना मछली की तरह तड़पने लगी क्योंकि ऊपर तो कुणाल ने बारी बारी से उसके मम्मे चूस चूस कर लाल कर दिए थे और नीचे रवि ने अपनी जीभ से उसकी चूत को अंदर तक छोड़ दिया था. लेकिन उसने मुझसे प्रॉमिस लिया कि गांव में हम दोनों कू फ्रेंडशिप के बारे में किसी को भी पता न चले.

धीरे धीरे वो लड़का मेरे करीब आ गया और मेरे बदन से चिपकने की कोशिश करने लगा.

कुछ देर तो मुझे अजीब सा लगा लेकिन पांच मिनट के बाद ही लंड फिर से फनफनाने लगा. और उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।आंटी बोली- तुम्हें आने में तकलीफ तो नहीं हुई? और कैसा हुआ तुम्हारा पेपर?मैंने कहा- ठीक हुआ!वो बोली- जाओ फ्रेश हो लो, तुम पसीने में भीगे हुए हो. मीना अब अपने एक हाथ से अपने मम्मे भी दबा रही थी … अब कुणाल ने उसके मम्मों पर अपनी जीभ लगा दी और नीचे रवि ने भी अपनी जीभ उसकी चूत में घुसा दी.

लड़की- ये क्या होता है?लड़का- अरे … तुम ये भी नहीं जानती?लड़की- नहीं यार. उसकी सिल्क की साड़ी और उस साड़ी में वो ‍मखमली बदन … जैसे ही मैंने हाथ रखा मेरे तो लंड में बढ़ोतरी सी होने लगी. चाची आगे आगे गांड हिलाती हुई जा रही थीं और मैं उनके पीछे पीछे उनकी गांड को देखता हुआ चल रहा था.

सी … मर गयी मैं … ओह … सी … सी … सी … ईं … ईं … ईं … !!”मैंने अपने हाथ को जरा सा वसुंधरा की नाभि की ओर किया और वापिस नीचे की और ले जाते हुए रिफ्लेक्स-एक्शन में ही अपनी उँगलियों को वसुंधरा के पेट पर दबा कर अपना हाथ वसुंधरा की पैंटी का इलास्टिक के नीचे से पैंटी के अंदर ले गया.

उन्होंने बोला कि शिवाजी नगर तक जाकर आना है … लेकिन याद है ना, मोबाइल बंद और नो पिक. मैं करीब 15 मिनट में झड़ गया और पूरा पानी चाची के मुंह में छोड़ दिया.

हिंदी में बीएफ सी मैं उनको पकड़ कर उनके गले में किस करने लगा और उनके गले में किस करते हुए मैंने उनकी साड़ी को निकाल दिया. अगले कुछ पलों के बाद मेरी सुहानी मेरी नीचे नंगी लेटी थी और मैं नंगा, उसके ऊपर चढ़ कर चुत में लंड डालने वाला था.

हिंदी में बीएफ सी मैं उनको पकड़ कर उनके गले में किस करने लगा और उनके गले में किस करते हुए मैंने उनकी साड़ी को निकाल दिया. कुणाल जैसे ही अपना सर ऊपर उठाया, मीना ने उसके होंठों पर एक चुम्बन जड़ दिया.

इस वजह से रोजी की चुदास और भी भड़कने लगी।रोजी अब अपनी गांड उचकाकर खुद धक्के मारने लगी तो मैंने भी धक्के मारने शुरू कर दिए.

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एक लंबे स्मूच के बाद उसने मुझे अलग किया और बोली- चलो अब और कुछ नहीं करना. मैंने पहले उसकी चूचियों को पीया और फिर उसकी चूत को चाटने की कोशिश की लेकिन सीट के आगे जगह कम थी इसलिए चूत चाटने का हो नहीं पाया. मैंने अपनी एक सीनियर से पूछ लिया- ये दोनों तरफ करते हैं क्या?उन्होंने बताया- हां पीछे भी एन्जॉय करने के लिए करते हैं, इससे बच्चे होने का डर भी नहीं रहता और मजा भी बहुत आता है.

शायद हसन भी हिन्दी समझता था, उसने भी एक बार में अपना पैग खत्म किया और सिगरेट तो पी ही नहीं, वहीं रख दी. मैं मन ही मन सोच रहा था कि काश ये अंकल मुझे मिल जाएं, तो मुझे जन्नत का सुख मिल जाएगा. मैं भी गांड चुदाई की भूखी थी इसलिए मैंने अपनी गांड के छेद को फैला दिया और उसके लंड पर बैठ गई.

मेरी ज़िन्दगी बिलकुल नार्मल चल रही थी।लेकिन इस बीच एक ऐसा हादसा हुआ मेरे साथ जिसे मैं आप सबके साथ शेयर करना चाहती हूँ.

लेकिन साथ में माता जी के होने की वजह से मैं खुल के रेनू से बात नहीं कर पा रहा था. स्वीटी आंटी झट से मेरे कमरे में अन्दर आईं और उन्होंने दरवाज़ा बंद कर दिया. पिछली सेक्स कहानी में आपने पढ़ा था कि मैंने कैसे अपनी बीवी को एक दूध वाले कमसिन लड़के रोहित से चुदवाया था.

उस वक्त मुझे अपने उसी दोस्त की बात याद आ रही थी कि भूमिहार की लड़की का जैसा बदन और हॉट माल कोई रंडी भी नहीं होती है. फिर मेरी टांग फैलाई और अपने लंड को बुर पर रगड़ कर अपना टॉप गीला किया. आह आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… हाय हाय … राजे ज़ोर से ठोक कमीने … उई उई … माँ … बना दे हरामी बेबी रानी को बेबी रंडी … तेरी रखैल बनी रहूंगी … अब ज़ोर से चोद ना मादरचोद.

दिन में तो कहीं भी जाया जा सकता था, पर संजय ने रात को ही बुलाया था. मैंने कहा- क्या हुआ … मेरी बात से बुरा लगा क्या?वो बोली- नहीं … मैं ये पूछ रही थी कि तुम्हारा ये हथियार अन्दर समय कितना लेता है.

मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था कि कही आंटी ने मज़ाक ना किया हो, ये किसी और का घर हो।लेकिन फिर आंटी का वो आग लगा देने वाला फ़िगर मुझे याद आ गया. फिर एक निश्चित तिथि को मैंने जयपुर में 5 दिन के लिए होटल का कमरा बुक कर दिया. मैं भी रुका नहीं और चुत को हल्के हल्के से चाटते हुए उसके दोनों पैरों को दूर कर दिया.

इधर अब नीलू ने मुझे किस करना शुरू कर दिया तो मैंने उसे लेकर दीवार से सटा कर उसकी एक टांग हवा में उठा दी और लंड चूत में डाल कर चोदना शुरू कर दिया.

मैं- और तुम क्या करती हो?अलीना- ज्यादा खास नहीं मेरे पति एक कंपनी में मैनेजर हैं. इस वक्त दीदी को देख कर कोई नहीं कह सकता था कि वो इतनी बड़ी रांड है वो … इतनी बड़ी छिनाल है कि अभी अभी अपने भाई से चुद कर आई है. उसने हम दोनों को एक बेहतरीन होटल में छोड़ दिया।वहां होटल में उन्होंने अपना नाम बताया और मुझे अपनी पत्नी बताया और हम दोनों को एक रूम मिल गया।दोस्तो, इसके आगे की कहानी आप अगले भाग में जरूर पढ़ें.

हामरे साथ 1 लड़की थी तनु सिंह … वो मुझसे बोली- तुम बहुत सीधी और शरीफ लगती हो. मैंने पूछा- पापा के लिए?उसने कहा- पापा के लिए कुछ हल्का फुल्का ले आना.

बड़ी मस्त बुर थी उसकी … आखिर अभी अभी मेरे सामने तो उसकी सील टूटी थी. मैंने एक ही धक्के में अपना 9 इंच का लंड उसकी चूत में पेल दिया और आगे पीछे करने लगा. पीठ के निचले हिस्से पर नितम्बों की फांक के ऊपरी सिरे को छूते ही वसुंधरा का न सिर्फ़ पूरा जिस्म थरथरा गया बल्कि वसुंधरा मुझ से और भी कस कर लिपट भी गयी और मेरे होंठों पर एक चुम्बन भी जड़ दिया.

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करीब पांच मिनट ऐसे ही करने के बाद वो अपनी गांड उठाते हुए मेरे मुँह में ही झड़ गईं.

मैं- क्यों ना हम अपनी-अपनी बहन को अपना पार्टनर बना लें!अविनाश- आजकल तुझे अपनी दीदी पर बहुत प्यार आ रहा है. मेरे निप्पल पर जब उसकी जीभ लगती तो मैं उसका सिर जोर से अपनी चूचियों पर दबा देती थी. उन्होंने मुझे बताया कि तुम्हारी गांड बहुत जबरदस्त लगती है, मुझे सिर्फ तुम्हारी गांड मारनी है.

जो उसने मुझे बताया … सुनकर मुझे धक्का लगा क्योंकि मैं सच में उससे प्यार करता था।दोस्तो, बाकी की कहानी में मैं बताऊंगा कि मेरे से पहले मेरी गर्लफ्रैंड के साथ क्या हुआ था।तब तक के लिए विदा. सरीना बस आहह हहह उफ़्फ़ उईई ईई आहह हहह उहह ओहहह हह … चोदो … मुझे रंडी बना लो अपनी … जानू चोद … उम्म्ह… अहह… हय… याह… जोर से चोदो भोसड़ी वालो … तुम्हारे लन्ड में दम नहीं है क्या?यह सुनकर अक्षय और मैंने और जोर जोर से झटके देने शुरू कर दिए. एचडी में सेक्सी हिंदीजब मम्मी डैडी जॉब पर चले जाते थे, तब हम दोनों कॉलेज और स्कूल से आने के बाद घर पर बहुत मस्ती करते थे.

आगे की कहानी में स्वीटी आंटी की चुदाई से पहले क्या क्या हुआ, वो सब अगले भाग में लिखूँगा. चूत से निकल रही एक मदभरी सी आवाज कमरे में फैल रही थी ‘फच फच …’उनका पूरा लंड मेरी चूत की गहराइयों में उतर रहा था.

फिर हम दोनों ने अपनी जगह बदल ली और बदली हुई गांड को बिना रुके चोदने लगे. परमीत ने मेरी चूत को जी भरके चाट लेने के बाद मेरे जिस्म के हर हिस्से को चूमा और चाटा और फिर मेरे उरोजों से अपने उरोजों को भिड़ा कर रगड़ने लगी. इसके बाद उसके दोनों हाथ साइड में बांध कर उसके ऊपर बैठ गई और उसे किस करने लगी.

जैसे ही मैंने मामी की चुत को पैंटी के ऊपर से टच किया, एकदम उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ से दबा दिया जो कि बहुत देर से मेरे लंड के ऊपर रखा हुआ था. मैं आपका दोस्त अनिकेत आपके लिये पड़ोसन चाची की चुदाई कहानी का दूसरा भाग मतलब दूसरे दिन रात की चुदाई कहानी लेकर आया हूं।आपनेपहले वाले भाग मेंतो पढ़ा ही है कि मैंने किस तरह रात में उन्हीं के घर उन्हीं के बेड पर चाची की चुदाई का आनंद लिया था. मेरी निगाहें उसके मम्मों पर गईं, जो उसके सांस लेने से ऊपर नीचे हो रहे थे.

राजन ने ममता की साड़ी के अंदर हाथ डाला तो ममता ने रोक दिया, बोली- अभी नहीं.

मैंने सर उठाकर जेठजी को देखने का सोचा, पर जैसे ही मैंने अपना चेहरा उनके चेहरे की तरफ किया. अंशी और मेरा, हम दोनों का चुदाई करने का बहुत मन हो रहा था, पर कहीं मौका नहीं मिल रहा था.

तो मैंने उससे कहा- आप ज्यादा मस्का ना लगाओ।उसने कहा- सच में भाभी … मैं मस्का नहीं लगा रहा! आप सच में बहुत खूबसूरत हो।फिर मैंने उससे पूछा- तुम चाय लोगे या कॉफी लोगे?उसने मुझसे कहा- नहीं भाभी, मैं कुछ नहीं लूंगा. मैंने उनकी एक चूची के निप्पल को अपनी दो उंगलियों में दबाते हुए जोर से मसल दिया, जिससे चाची के मुँह से कराह निकल गई और उनका मुँह खुल गया. मैंने आंटी की चूत पर लंड को रख दिया और उसकी चूत पर लंड को रगड़ने लगा.

उनके बीच में काले झाँट, झाँटों के बीच में लटकता उसका मस्त लंड और उस पर लिपटा लाल लंगोट देख कर मैं तो अपने होश जैसे खो बैठा था. साथ ही मेरे दाहिना हाथ की पांचों उंगलियों के पोर वसुंधरा की पीठ पर, वसुंधरा की ब्रा के स्ट्रैप के आसपास गश्त लगाने लगे. वो भी बड़े मजे से चुसवा रही थी चूची अपनी … और बीच बीच में बोल रही थी- काटो मेरी चुचियों को मेरी जान! चूस डालो इनको!मैं भी मसल मसल के चूस रहा था चुचियाँ उसकी.

हिंदी में बीएफ सी पति को कुछ काम से बाहर जाना था … और सास ससुर जी रिश्तेदार के घर पर गए हुए थे. लेकिन तू है कमाल … !” तभी बाहर आँखें चौधियां देने वाली बिजली कौंधी और ज़ोर से बादल दहाड़े और इस के साथ ही लाइट चली गयी और सर्वत्र अँधेरा छा गया.

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सेक्स कहानी लिखने से पहले मैं, हमारे बारे में फिर से आप लोगों को परिचित करवा देता हूँ. उसकी उम्र 35 वर्ष थी, लेकिन अभी भी वो 25 वर्ष की लड़की को फेल कर रही थी. दीदी- आह राज, बहुत मोटा लंड है ये … आज तो तू मेरी चुत फाड़ ही दे भोसड़ी के … अपनी बहन की चुत का भुर्ता बना दे.

फिर उन्होंने मुझे नीचे लिटाकर पहले मेरी नाभि पर और फिर चड्डी की ऊपर से मेरे लंड पर बर्फ फिराने लगी. आंटी ने खुद मेरा पूरा लंड मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी। आंटी बहुत अच्छी तरह से मेरा लण्ड पूरा अंदर ले लेके चूस रही थी।मैं आंटी की चूत चाट रहा था और वो मेरा लण्ड लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी. लिफ्ट मशीनसिल्क ने मेरे सीने पे सर रख कर और एक टांग मेरे लण्ड पे रख कर मुझे बांहों में भर लिया.

मेरे सारे कपड़े उतरते ही मेरा लंड उसके सामने था … जिसे देख कर वो थोड़ी निराश हुयी, जो सोते हुए किसी बच्चे का जुज्जी की तरह लग रहा था.

और फिर मैंने सुमन को चोदा जिसने मुश्किल से 2 से 3 मिनट में पानी छोड़ दिया और वो दोनों निढाल हो कर लेट गयी. मैंने गुस्से में कहा- तू मेरी ब्रा और पैंटी क्यों लेकर गया है? तुम्हें शर्म नहीं आती है क्या? मुझे मेरी ब्रा और पैंटी वापस करके जाना.

हम दोनों सुंदर बालाओं को इस तरह देख कर रजत और हसन ने बिना किसी आदेश के ही अपने ब्रीफ उतार फेंके. मैंने उसकी पहुंच अपने पेट तक होने का अनुमान लगाया ही था कि रजत के लहराते हुए लंड ने बरबस ही अपनी ओर ध्यान खींच लिया. खूब कस के एक दूसरे को चूस रहे थे, उसके हाथ मेरे पीठ पर जम गए थे और टाँगें मेरी टांगों पर लिपट गयी थीं.

जितना मैंने सोचा था उससे कहीं ज्यादा हो! मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे आपके जैसी भाभी मिल सकती है.

मैंने उसको नोयडा से लिया और गाड़ी को ग्रेटर नॉएडा एक्सप्रेस-वे पर दौड़ा दिया. मगर तीन-चार लड़के तो जिम की मशीनों को ऐसे तोड़ने में ऐसे लगे हुए थे जैसे ओलम्पिक में मेडल इन्हीं को मिलेगा. उसने कहा- तो फिर ये क्या कर रहा था?मैंने कहा- बैक में पेन हो रहा था.

खतरनाक सेक्सी व्हिडीओक्योंकि काफी देर हो चुकी थी और उसके मम्मी पापा भी आने वाले थे।हम अब जब भी मौका मिलता है तब सेक्स कर लेते हैं।उसकीगान्ड मारने की अनोखी दास्तांआपको जल्द ही सुनाऊंगा।मुझे मेल जरूर कीजिएगा। मेरा ईमेल आईडी है-[emailprotected]आप मुझसे hangout पर भी जुड़ सकते हैं व instagram- navnitsharma869 है मेरा।. गीत के हर अंग में कटाव था, सुडौल शरीर और सुंदर मन की मलिका, अपने हुस्न की अदाओं की बिजली गिराने लगी.

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आशा करता हूं कि जिस तरह पिछली कहानीदोस्त की गर्लफ्रेंड को उसके घर पर चोदामें आपका प्यार मिला था, इस बार भी मिलेगा. वो अपनी चूत को ऊपर उठा रही थी और मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थी. वो मेरी तरफ गर्दन घुमा के बोली- अंदर ही निकालना!मेरी सांसें भी तेज होने लगी, आवाजें भी निकलने लगी- ओह्ह्ह सिल्क आह मैं आआआ ररर हां हां हां हूँ न न न न!कहते हुए कोई चार- पांच तेज धक्कों के साथ पूरा लण्ड उसकी चूत में धंसा दिया.

मैंने पीछे से ही उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी ब्रा उसके तने हुए मम्मों पर फंस कर रह गई. आप सभी की सलाह मानकर मैंने अपनी कुछ सहेलियों से संपर्क किया और वो अपनी सेक्स जिंदगी की कहानी बताने के लिए तैयार भी हो गई हैं. उसने हम दोनों को एक बेहतरीन होटल में छोड़ दिया।वहां होटल में उन्होंने अपना नाम बताया और मुझे अपनी पत्नी बताया और हम दोनों को एक रूम मिल गया।दोस्तो, इसके आगे की कहानी आप अगले भाग में जरूर पढ़ें.

वहां उनके दोस्त (जिनका वहीं पर घर है) बाकी सब संभाल लेंगे।मैंने हामी भर दी।इतवार को सुबह सुबह अब्बू ने हमें बस पर बैठा दिया, हम अपने पते पर रवाना हो गए।चूंकि लम्बा सफर था तो पहुँचते हुए दोपहर हो गयी। छह घंटे का सफर था तो लम्बा … पर हम सकुशल पहुंच गए।वहां अब्बू के दोस्त मिले. मगर वो मुझे देख नहीं पा रहे थे … क्योंकि मेरी छत पर अन्धेरा था … और उनकी छत पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी आ रही थी. वो भी गांड हिला हिला के साथ दे रही थी और गालियां दी रही थी- बहनचोद अब चोद भी दे! 5 महीने से चुदी नहीं हूँ।फिर मैंने उसके बाल पकड़ के एक जोर का धक्का मारा.

ममता की तो जान ही निकल गयी, अगर ये रात को आ जाता तो?खैर वो प्रकाश को लेकर अंदर आने लगी और जान बूझकर गेट बंद नहीं किया. अब जैसे जैसे मैं आशा की चूत में लंड पेल रहा था, वैसे वैसे नीतू के मोम्मे मेरी कमर से टकरा रहे थे.

मैंने उनकी लेगिंग्स और टॉप उतारने की कोशिश की, तो उन्होंने मुझे मना नहीं किया.

जब मैं घर में भीतर पहुंच गया तो उसने मुझे देखा और निकल कर घर का अन्दर वाला दरवाजा बंद कर दिया. ಇಂಡಿಯನ್ ತ್ರಿಬಲ್ ಎಕ್ಸ್ ವಿಡಿಯೋइसी चक्कर में मैंने उसके लंड को अपने हाथ की दो उंगलियों के बीच में हल्के से पकड़ लिया. महेशी की दवाहालांकि दिल्ली की लड़कियां भी मस्त होती है लेकिन वहां की लड़कियों की बात ही कुछ और थी।खैर हम वहाँ रात के 1 बजे तक घूमते रहे और मज़े लेते रहे. पर उससे ज्यादा बड़ा सवाल था कि क्या इसे कल के बारे में भी पता चल गया? कि कल मैं इसके पति और पति के दोस्त के साथ?मैं यही सब सोच रही थी कि उसने बोला- लगता है मैं गलत समय आ गयी हूँ.

मैं उनकी चूत में पूरे लंड को जड़ तक पेलते हुए जोर जोर से अन्दर बाहर कर रहा था.

इसे भांप कर परमीत ने डिल्डो को थोड़ा बाहर खींचा और पूरा जोर लगा कर चूत की गहराईयों में तब तक पेला, जब तक डिल्डो में बना कृत्रिम अंडकोश मेरे शानदार गोरे मांसल नितंबों से ना टकरा गया. कैसे भी कंट्रोल करके मैं प्रीति के साथ खाना बनाने में हाथ बंटाने लगा. परमीत खुद मदहोश हुए जा रही थी और इसलिए उसने स्पीड को किसी रेल की भांति तेज कर दी.

नतीज़तन मेरा लिंग वसुंधरा की योनि से एक-आधा इंच और ज़्यादा बाहर आ जाता और जैसे ही मैं अपने लिंग को वापिस योनि में आगे डालता, वसुंधरा अपने नितम्बों को ज़ोर से आगे की ओर धकेलती, इस से वसुंधरा की योनि में धंसता हुआ मेरा लिंग, हर नए धक्के में वसुंधरा की योनि में एक-आध सेंटीमीटर और ज्यादा गहरा धँसने लगा. नाईट बल्ब की रोशनी में मैंने जो देखा, उसको देखकर मैं पागल सा होने लगा. वो बोली- शुभम, तुम वियाग्रा की गोली ले आओ … आज पूरी रात बस चुदाई का मजा लूंगी.

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कुछ समय बाद उसकी आंख खुली और मेरा हाथ अपनी जांघों पर देखा, पर वो कुछ ना बोली. मेरे गुलाबी निप्पलों को बारी बारी से अपने मुँह में डाल कर मस्ती से चूसने लगे. दूर से देखने पर ऐसे लग रहा था जैसे वो उसकी गांड में लंड को घुसा रहा हो.

धीरे-धीरे मिताली भाभी पूरी तरह गर्म हो गईं और मुझसे कहने लगीं- रोहन अब तुम भी अपने कपड़े उतार दो.

मैं संजू के ऊपर से हट गया और संजू से पूछा- कैसा लग रहा है?वो आंखें मूंदे ही बोली- आह … एक नया अनुभव और नया अहसास हो रहा है.

कुछ देर लंड चुसवा कर मैंने नताशा को खड़ा करके बेड पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़कर उनके होंठों पर किस करने लगा. मैं तो पहले से ही सुन्न पड़ गयी थी और चुपचाप सिर नीचे झुकाकर खड़ी थी. बंगाली ओपन सेक्सीज…य … न करो!”मैंने आंटी की बहू की चूत चाटना जारी रखा तो उसकी चूत के होंठ फड़कने लगे.

एक कुत्ते की माफिक जीभ से जो मैंने रानी के पैर चाटे कि हरामज़ादी ने मस्ती में बौखला कर नीचे से चूतड़ उछालने शुरू कर दिए. कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला।शाम को जब नींद खुली तब क्रिया बेड पर भी नहीं थी. और मैं भी उस दूसरी महिला का … जिसके लिए मैं आया था।अरे यार … यह तो छोटा है.

तुम बहुत शरीफ इंसान हो, तुमसे मिलने के बाद मुझे नई जिंदगी का अहसास हुआ. मैं- वो तब मन नहीं था … लेकिन तुम लोगों को देखकर हमें भी ड्रिंक्स करने का मन हो गया.

संजू ने आज तक गांड नहीं मरवाई थी, सो मैं भी ये सीन देख कर गर्म हो गया.

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कॉलेज वाली सेक्सी पिक्चर दीदी ने डिल्डो को जितना पकड़ा था, सिर्फ उतना ही बाहर बाकी रह गया था, उसके अलावा पूरा डिल्डो परमीत की चूत ने आसानी से गटक लिया था. उसी दिन करीब चार बजे शाम को संजना मूवी के लिए तैयार हो गई और बोली- चलिए.

जब मैं पानी पी कर एक बोतल पानी लेकर वापस आया, तो देखा कि वे दोनों अभी भी किस करने में ही लगी हुई थीं. मनु ने बहुत सा कामरस रूपी प्रसाद मुँह में भर लिया और मेरे पास आकर मुँह मे किस करने लगी, जिससे मुझे भी प्रसाद प्राप्त हो गया. उसके मम्मों का दबना होता था और मेरा लंड तो मेरा मानो पैन्ट को फाड़ कर बाहर आने को हो जाता था.

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फिर धीरे से उठ कर मेरे लण्ड में चूत की दरार पर रख कर दबा दिया और … अपने जिस्म को मेरे बदन से चिपका कर अपना नंगा जिस्म मेरे नंगे जिस्म से रगड़ने लगी. मैंने दोनों हाथों से चादर को जकड़ लिया और अपने आप मेरी गांड हवा में उठ गई. फिर मैंने उनसे कहा- अब मेरी बारी है तुम सीधी होकर लेट जाओ और अपनी टांगों को फैला लो.

अब शालिनी के करीब आने से उनकी आखिरी उम्मीद भी ख़त्म हो गयी थी क्यूंकि शालिनी सबकी बॉस थी. मेरी भाभी की चुदाई कहानी आपको कैसी लगी? मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा.

दोस्तो, आप प्लीज अपने कमेंट और मेल करके मुझे जरूर बताएं, कहानी कैसी लगी.

मैं करीब 15 मिनट में झड़ गया और पूरा पानी चाची के मुंह में छोड़ दिया. मैं एक 28 साल का युवक हूँ और मेरे लंड की साइज़ भी इतनी मस्त है कि ये किसी भी लड़की या भाबी को चुदाई का पूरा मज़ा दे सके. न … न करो! … नई … ईं … ईं … ईं … ईं … ! तुम्हें मेरी कसम … सी … ई … ई … ई … !”हा.

तभी मेरी उसी चाहत ने मुझे फिर से झंझोड़ दिया और मेरा मन चुत पर किस करने का हो गया. इस दौरान मैंने दीदी के गर्दन पर लव बाइट का निशान छोड़ दिए, जिससे दीदी छटपटाने लगीं, लेकिन उन्होंने मुझे कुछ नहीं कहा. अपने एक हाथ से उसने मेरे हाथों को जकड़ा हुआ था दूसरे हाथ से वो मेरी टांगों को चौड़ी करने लगा.

दिन भर के सफर के बाद मुझे शाम 7 बजे अपने स्टेशन पर पहुँचना था, मुझे भी कोई परेशानी नहीं महसूस हो रही थी। पता नहीं क्यों मगर ट्रेन में ज्यादा भीड़ नहीं थी.

हिंदी में बीएफ सी: वो एक मिनट के किस के बाद मुझे अलग करते हुए बोली- भूल गए? तीन दिन से मैं एम. तभी उसने एक हाथ मेरी पीठ पर रखा और मुझे टेबल पर झुका दिया और मेरी साड़ी को पेटीकोट के साथ पकड़ कर कमर तक उठा दिया.

हमारा रूम बहुत ही सुन्दर सजा हुआ था और हमारी सेज़ भी सजी हुई थी, जिस पर आज रात मेरी जमकर चुदाई होने वाली थी. ब्रा में से झांकते दीदी के आधे नंगे चूचे, भारी भारी, गोल गोल ऐसे दिख रहे थे, जैसे 2 कबूतरों को पिंजरे में क़ैद करके रखा गया हो. ये बोल कर वो मेरे लंड को शावर जैल से धोने लगी और फिर उसने हैंड टॉवल से उसे ठीक तरह से साफ कर दिया.

एक दिन की बात है जब मैं उनके घर कोचिंग करने के लिए कुछ जल्दी ही पहुंच गया था.

मेरा एक हाथ उसके बालों को सहला रहा था और मेरा दूसरा हाथ सुहास के लंड को सहला रहा था. संजू थोड़ी मायूस हुई, वो किसी भी कीमत पर झड़ना चाह रही थी, परंतु नीरज का लंड मुरझा चुका था. उन्होंने लंड सहलाते हुए कहा- बोलो क्या समझना है?मैंने कुछ नहीं कहा और आंखों को उनके लंड पर ही गड़ाए रही.