बीएफ देसी दिखाइए

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सभी लोग शो का मज़ा ले रहे थे लेकिन मैं अपनी सुधबुध खो चुका था; मेरे दिमाग़ में बस उसके कसे हुए चूतड़ ही घूम रहे थे.मेरे मुँह से मस्त मादक आवाजें निकलने लगीं- आआह … ऊऊह … साले सांड की तरह चुत चोद रहा है … आआह … ऊऊऊईई … उउउह … मजे लेने लगी.

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हालांकि अभी भी उसकी चूचियां पानी के अन्दर थीं, लेकिन पानी साफ था तो मुझे सब कुछ साफ ही दिखा.

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फिर आकृति आंटी ने मेरे मुँह में मुँह लगा कर अपना सारा थूक मेरे मुँह में डाला और कमर हिला कर लंड को चुत से फैटने लगीं. इतने में मंजू ने मेरी पैंट की ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाल लिया और उसको चूमने लगी. नीचे लेटी हुई के निप्पल एकदम नुकीले होकर उसकी चूचियों पर साफ देखे जा सकते थे।मामा उसके निप्पलों को चूसने लगे। मीनू अब सिसकारियां लेने लगी.

मेरी बीवी मुझसे सॉरी बोलती रही कि मुझसे ग़लती तो हुई है, पर ये सब शादी से पहले हुआ था. फिर मैंने अपने हाथों को नीचे ले जाकर जेठजी के पैंट का बटन खोल दिया और उसे नीचे सरका दिया. जब शाम को रिट्ज का मेरे पास फ़ोन आया, तो वो बोली- क्या बात हुई मम्मी से?मैंने बोला- आपकी मम्मी बोल रही हैं कि आप किसी और के साथ चली जाओ, लेकिन उन स्कूल के दोस्तों के साथ नहीं जाओ.

उसकी आंखें तो ऐसी हैं कि एक बार नजरें मिला कर बात कर ले, तो कोई भी मर्द उसका दीवाना हो जाए.

कुछ ही देर में उसने मेरी शर्ट का बटन पूरा खोलकर मेरी ब्रा के ऊपर से चूचियों को दबाना शुरू किया. थोड़ी देर बाद जब अंजुमन के शरीर में हरक़त होने लगी तो मैंने लंड को चलाना शुरू कर दिया. आंटी मेरी तरफ पीठ करके लेटी थीं और मैं पीछे से उनकी गांड चोदते हुए उनके मोटे मोटे चुचे दबाता जा रहा था.

वो अपनी गांड उठाते हुए अपनी चुत की दरार में लंड का सुपारा घिसने लगी. तभी आंटी मुझे गले लगा कर बोलीं- नौटंकी … लेकिन मैं आज ये लंड खा जाऊंगी … तेरे लिए सिर्फ लंड चूसना कर रही हूँ. नासिर जी की बात सुनकर मुझे मेरी चूत में खुजली होने लगी क्योंकि मैं एक बेवा हूँ और पति के जाने के बाद मैंने दुबारा शादी नहीं की.

फिर बातें होते हुए काफी समय बीत जाने पर मैंने उससे मिलने का प्लान बनाने के लिए कहा. वाइफ स्वैप सेक्स कहानी दो सहेलियों और उनके पतियों की अदला बदली करके चुदाई करने की है.

जब मैं जाने लगी तो ससुर जी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोले- कुछ देर बैठ जा बहू. मैं ये बोलते हुए भाभी के मम्मों की ओर देखने लगा और तय किये हुए दाम मैं उनको देने लगा. सत्यम से चुदवा कर मुझे दो बेटियां भी पैदा हुईं, जिनको मेरे हस्बैंड अपनी बेटियां समझते थे कि ये उनकी औलादें हैं, लेकिन ये तो मुझे मालूम था कि इन दोनों बेटियों के पापा सत्यम हैं.

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इसी तरह मेरे दोस्त के रूखे रवैये के चलते मेरी उसकी गर्लफ्रेंड से नजदीकियां बढ़ती जा रही थीं. फिर वो खुद ही कहने लगी- मिथुन को बुला ले … फिर तुम दोनों एक साथ मेरी चुदाई कर लेना.

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उस दिन मैं मॉम की इस बात को कई बार सोचा और अंदाजा लगा लिया कि कुछ न कुछ तो मॉम के दिमाग में भी चल रहा है या उनकी चुत में कीड़ा काट रहा है.

इसी तरह मेरे दोस्त के रूखे रवैये के चलते मेरी उसकी गर्लफ्रेंड से नजदीकियां बढ़ती जा रही थीं. आह कसम से … उसके लाल लाल होंठों को देखकर मैं अपने होश खोने लगा और इच्छा तो ऐसी हुई कि अभी ही उसके सुर्ख और जबरदस्त सेक्सी होंठों को अपने दांतों से चबा जाऊं. मैंने कहा- मैं आज तुम्हारी चुत का भोसड़ा बना कर ही छोडूंगा, ताकि किसी से फिर न चुदवा पाओ.

मैंने उससे बोला- देखो मुझे भी तुम अच्छे लगे और पसंद हो, लेकिन हम दोनों की उम्र इस तरह की नहीं है कि हम ये सब करें. मैं उनकी नीचे पड़ी अपनी दोनों टांगें हवा में उठा कर उनके लंड का स्वाद ले रही थी. तिरपल सेक्स वीडियोफिर मेरी बॉडी अकड़ने लगी और मैंने अपने लंड का पानी भाभी की चूत में निकाल दिया और भाभी के साइड में गिर गया.

शांत होने के बाद मैंने दीदी से पूछा- आपका पानी भी निकला था क्या?वो बोली- मैं दो बार झड़ चुकी हूं. सबकी नज़र बचा कर मैं उसके सामने नहा कर आ जाता और कई बार तौलिया ऐसे खोल देता, जैसे तौलिया गलती से खुल गया हो.

मनीष की एक गर्लफ्रेंड थी, वो उसके साथ काफी मजे करता और उसके साथ की सेक्स कहानी को सुना कर मुझे जलाता. मेरी चुत पर ठंडा ठंडा जूस गिर रहा था जो मेरी चुत की आग से ठंडे से गर्म में तब्दील होकर नीचे उसके मुँह में जा रहा था. काफी दिनों बाद मैंनेमेरी पत्नी की चूतको अपने माल से सराबोर कर दिया था.

जब मैं उनके घर गया तो उन्होंने बताया कि आज रिट्ज का जन्म दिन है और उन्होंने सोचा है कि आज उसको घर ही में एक सरप्राइज पार्टी दी जाए. मैं लगभग निराश हो गया था, लेकिन अगली शाम को छत पर आते ही देखा कि वो पहले से ही मौजूद थी. तुम्हारी ये सेक्सी और मखमली चूत पर से तो नजर ही नहीं हट रही है जान!ये कहते हुए मैंने अपने प्यासे होंठ को उस मखमली चूत पर रख दिए.

उसमें से उसकी मासूम सी गुलाबी चूत निकल कर मुझे और भी मस्त करने लगी.

फिर मैं उसको लेकर बेड पर धच्च से गिर गया और उसके होंठों का चुम्मा लेता रहा. इस तरह से हम दोनों एक दूसरे को कामुक बातें सुनाते हुए चुदाई का मजा लेने लगे.

वो मेरा लंड पकड़ते ही चौंक गयी और उसके मुँह से निकला- बाप रे बाप … इतना मोटा!लंड बिल्लो रानी के हाथ में क्या गया उसकी तो मानो लॉटरी खुल गई थी. मेरी एक टांग नीचे करके मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत में एक ही झटके में अपना मोटा लौड़ा घुसा दिया. मैं ठंड में थोड़ा कांप रहा था और मेरे पास पहनने के लिए कुछ था ही नहीं.

तो उन्होंने बोला कि बेटा सत्यम के लंड से अपनी गांड चुदवाना मत भूल जाना. उसकी इस अदा से मैं एकदम से कामुक हो गया और सुहैला को अपनी गोद में उठा कर बेडरूम में ले गया. फिर मैंने अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर एक ही झटके में उसकी चूत में डाल दिया और तेज़ी में चोदने लगा.

बीएफ देसी दिखाइए अब तुम मेरे पूरे शरीर को खा जाओगे क्या … मेरी बगलों को कौन चाटेगा?मैं उसकी बगल चाटने लगा और बालों की खुशबू लेने लगा. उसने सारे कपड़े उतार लिए और अपनी पैंटी को जैसे ही उतारना चाहा, उसे गीलापन महसूस हुआ क्योंकि वह तो मैंने ही गीली कर दी थी.

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आज मैं आपको अपनी दो चचेरी बहनों की चुदाई की कहानी बताऊंगा कि कैसे मैंने उनको थका थकाकर चोदा. मेरी इंग्लिश काफी अच्छी थी और इस बात को कॉलोनी के सभी लोग जानते भी थे. अब कमल ने उसकी चूत चूम-चाट कर उसको मना ही लिया कि वो मना नहीं करेगी.

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दोस्तो, ये मेरी चुदाई की कहानी जैसी घटी थी ठीक वैसी ही आपके सामने लिख दी है.

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थोड़ी देर बाद बहन बोली- भाभीजान की याद आ रही है?मैंने धीमे से कहा- हां. फिर क्या हुआ?रानी से अफेयर चलते हुए कई महीने हो चुके थे, लेकिन अभी तक हमें ऐसा कोई मौका नहीं मिला था कि हम टूट कर एक दूसरे से प्यार कर सकें. उसके ब्लाउज से ब्रा की हल्की सी स्ट्रिप नजर आ रही थी, जो यह बता रही थी कि मेरी इस सेक्सी डार्लिंग ने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी हुई है.

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शायद जब पापा के दोस्त गए थे, तो मैंने बाहर का दरवाजा बंद नहीं किया था. अब वो गांड आगे पीछे करके लंड लेने लगी। मैं उसके बूब्स दबाने लगा और वो खुद लंड पर गांड चलाने लगी।मैंने उससे पूछा- क्या तुम्हारे पति नहीं चोदता?वो बोली- चोदता है लेकिन मेरी आदत हो गई नये नये लंड लेने की!अब मैं उसे और तेज़ तेज़ झटकों से चोदने लगा मैं समझ गया कि इसको जमकर चोदना पड़ेगा।मैंने उसे लंड मैं बैठ कर चुदवाने को कहा. नवाब ने जल्दी जल्दी चार पांच बार लंड चुत में अन्दर बाहर किया तो इस धकापेल से उसका लौड़ा मेरी बच्चेदानी से टच हो गया.

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मैं भी सत्यम के साथ ही झड़ गयी थी और उसी वजह से पानी और भी ज्यादा बहने लगा था. [emailprotected]हॉट आंटी चुदाई कहानी का अगला भाग:मां बेटी की चुदास मेरे लंड से मिटी- 4. नमस्कार पाठको, आप लोगों ने तो शायद हमारे बिंदास ग्रुप की कहानियां पढ़ी ही होंगी.

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जब मैंने पूछा तो …इस सेक्स कहानी में मेरी बीवी का किसी गैर मर्द के साथ सेक्स हुआ था. लेकिन कैसे देख सकती हूँ?मैं भाग कर भाई वाले रूम में गया, जहां किस्मत ने मेरा साथ दिया.

मैंने पूछा- भाभी, आप तो पहले टेस्ट करने वाली आइटम हो, तो ये गलती कैसे हो गई?उन्होंने आंख दबाते हुए कहा- उसके पास माल बहुत है.

और तभी मेरे लौड़े ने वीर्य छोड़ दिया।मैं उसके ऊपर लेट गया और दोनों चिपक कर लेट गए. नंगी वीडियो हिंदीमेरा मन कर रहा था बस इन चूचियों के साथ ही खेलता रहूं।लेकिन मुझे इसकी चूत का भी तो स्वाद चखना था आज!इसलिए मैं उसके पूरे शरीर पर हाथ चलाता और किस करता रहा।थोड़ी देर बाद वह हल्का सा पीछे की ओर घूमी तो मेरा लंड पूरी तरह से उसकी गांड की दरार के बीच में आकर पैंट के ऊपर से उसकी चूत को टच करने लगा. हिंदी चोदाखैर मुझे प्रिया पसंद थी इसलिए उसकी चुदी हुई चूत से मुझे ज्यादा कुछ लेना नहीं था. मैं सत्यम के मुँह की तरफ पीठ करके लंड पर बैठी थी और वो मेरे दोनों चूतड़ों को पकड़ कर उठा उठा कर मेरी चूत को चबूतरा बनाने लगा.

मैं और मेरी वाइफ भी बड़े दिनों बाद मिले थे, इसलिए वो भी सेक्सी अंदाज से ताड़ रही थी.

उस दिन भी मैंने दो खिलौने खरीद लिए और उसकी मादक जवानी को अपनी कामुक आंखों से चोद कर आ गया. फिर मेरी बॉडी अकड़ने लगी और मैंने अपने लंड का पानी भाभी की चूत में निकाल दिया और भाभी के साइड में गिर गया. जैसे ही जेठजी ऊपर की ओर झटका देते, मैं भी अपनी कमर से नीचे की ओर झटका दे देती ताकि उनका लंड जल्दी मेरी चूत में जड़ तक घुस जाए.

वो मेरी पीठ सहलाते हुए बोली- यार कसम से आज जैसा मजा मुझे आज तक नहीं मिला … और सच कहूं तो आज तक मेरी चूत किसी ने नहीं चाटी. मेरे ममेरे भाई और बहन शहर में रहकर पढ़ाई करते थे और बड़े मामा दूसरे मकान में रहते थे।गर्मियों का मौसम था। घर में मेरे नाना-नानी थे लेकिन वो लोग नीचे सोये हुए थे. वो आगे बोली- जब तेरा लंड मेरी चूत में पूरा घुस जाये तो तू चाहे तो रुक सकता है.

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थोड़ी देर जेठजी के सीने से एक प्रेमिका की तरह चिपकी हुई मैंने अपना चेहरा ऊपर किया और जेठजी को वासना भरी अधखुली निगाहों से देखा और अपने सुर्ख थरथराते हुए होंठों को हल्का सा ऐसे खोल दिया … मानो मैं अपने जेठ को चुम्बन करने का खुला निमंत्रण दे रही हूँ. कमल ने वैसलीन लगा कर सारा की चूत में घुसे लकी के लंड के बराबर से ही अपना लंड भी पेल दिया. उसको पहली नजर में देखते हुए ही मुझे अपने लौड़े में कुछ कुछ होने लगा था.

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बीएफ देसी दिखाइए: [emailprotected]सेक्सी सुहागरात की कहानी का अगला भाग:मेरी दूसरी सुहागरात- 2. मेरे ससुर के हाथ मेरी चूचियों पर आ गये थे और वो मेरी नाइटी के ऊपर से मेरी चूचियों को जोर जोर से दबा रहे थे.

वो अपने दांतों से मेरी अंडरवियर को नीचे खींच रही थी और उसने कुछ ही पलों में मेरी पूरी अंडरवियर को नीचे कर दिया. फिर मैंने उसके गालों को सहलाना शुरू किया तो उसने भी मेरा हाथ चूम लिया. काफी देर तक रगड़ने के बाद मेरा लंड बुरी तरह से अकड़ गया और मैं आहें भरते हुए झड़ गया.

फिर कुछ देर बाद हमारा मूड बना, तो हम दोनों ने एक दूसरे के होंठों को चूमने से शुरूआत की.

ये ओल्ड फ्रेंड सेक्सी कहानी मेरी और मेरे स्कूल की पुरानी फ्रेंड मंजू की है और आज से 2 साल पहले की है. मैंने रमेश से कहा कि हम लोग बाज़ार चलते हैं और उधर से मटन ले आते हैं. जेठानी के मुँह से ये सब सुनकर मैंने मन में सोचा कि चलो यह तो अच्छा हुआ कि जेठानी को पता चल गया और अब तो उनकी मर्जी भी है कि मैं उनके पति से चुदूं.