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बोल?कल छुट्टी करने पर मेरा क्या हाल हुआ था, वो सोच कर मैं फिर काँप गई और चुपचाप सोफे पर बैठ गई।मैं नज़रें झुका कर बैठी थी और धीरे-धीरे मैंने ससुर जी के साथ नाश्ता कर लिया।उन्होंने अपना दूध का कप भी मेरे आगे कर दिया और कहा- चलो पियो इसे!वो मुझे ऐसे नाश्ता करा रहे थे, जैसे कोई बच्चे को कराता है।ससुर जी बोले- बहू.आह्ह… धीरे… अह्हाआ !!” इतने समय बाद उसके मुँह से ये दो शब्द निकल पाए थे।मैंने उसका रिरियाना नज़रंदाज़ कर दिया, चोद लेने दो वरुण.

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हम दोनों बेड के नीचे छुपे हुए थे… तभी दानिश का हाथ मेरे पैर पर पड़ा… धीरे धीरे मेरी जाँघों तक अपना हाथ ले गया वो !मैं नहीं रोकती तो न जाने कहाँ तक ले जाता… मैंने उसका हाथ पकड़ के हटा दिया.इतनी मदद तो कोई भी करता है!यह कह कर मैं उसके पास गई और उसके माथे पर हाथ रखा, बुरी तरह तप रहा था, मैंने पूछा- दवाई ली?तो बोला- मैंने अभी तक डॉक्टर को नहीं दिखाया है!फिर मैंने बोला- मैं अभी आती हूँ!कह कर मैं अपने घर आई और कुछ दवाइयाँ लाकर उसको दीं और पूछा- किस डॉक्टर को दिखाते हो?तो वो बोला- नहीं.

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मेरा भेजा सटक जाता था और हाथ लौड़े पर चला जाता था।उनका हमारे घर आना-जाना था, तो मुझे बहुत मज़ा आता था। जब मैं घर पर होता और भाभी आतीं, मैं उनको देख कर मुस्कुरा देता था, वो भी मुस्कुरा देती।मैं उनकी ब्लाउज को फाड़ कर बाहर आने को आतुर चूचियों को देखता था, वो भी इस बात जानती थीं।उनके पति कई-कई दिनों तक बाहर रहते थे, ऊपर से उनकी मदमस्त जवानी.

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भाईजान ने वीडियो कैमरा उठाया और भाभी ने ऐलान किया- आदिल, नजमा को बेड पर ले चलो!उसने मुझे गोद में उठाया और चल पड़ा. मैं उसके चेहरे पर एक संतुष्टिभाव दिख रहा था… जैसे उसको सब कुछ मिल गया हो…फिर वो मेरी बाहों में समा गई… कुछ देर बाद मैं उठ कर अपनी जगह पर चला गया।वो सुबह मुझसे मिली, वो आज भी बहुत खुश थी. मिरजापुर जिले के एक गाँव की अनिता जो मेरे दूर के रिश्ते में मुझे भैया कहा करती है, उसके पापा एक राजनीतिज्ञ हैं और जाने-माने नेता हैं.

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मैंने सोचा कि पूजा के कमरे में जाकर उससे मिलना चाहिए, अब वो अकेली भी है, फिर मुझे लगा कि कहीं उसे इस तरह बुरा ना लगे. गांव में रहने और खेतीबाड़ी करने तथा गांव के शुद्ध वातावरण के कारण उनका शरीर बहुत गठीला था और इस आयु में भी वह एकदम 28-30 साल के जवान लगते थे.

अब मुझे मुठ मार कर माल निकालना ही पड़ेगा।चाची- आज मैं मार देती हूँ तेरी मुठ ! मुझसे मुठ मरवाएगा?मैंने कहा- तुम्हें आता है लंड की मुठ मारना?चाची- मुझे क्या नहीं आता? तेरे चाचा का लगभग हर रात को मुठ मारती हूँ। सिर्फ हाथ से ही नही… किसी और से भी.

आ तुझे एक चीज़ दिखाती हूँ !गीता- क्या है यार?रीना- यह देख आज मैंने एक स्टोरी पढ़ी है, बड़ी मस्त है यार और इसकी राइटर कोई पिंकी है जो मेल का रिप्लाई भी देती है। बड़ा अच्छा लिखती है।मेरी तो बुर रिसने लगी, आ तू भी पढ़ ले मज़ा आएगा !गीता- यार, एक बात बता तू.

बाद में सब ठीक हो जाता है।उसे चलने में दिक्कत हो रही थी, तो मैंने उससे पेनकिलर दी और उसे उसके हॉस्टल छोड़ कर आ गया!तब से अब तक मैंने उसे 3 बार चोदा है।कैसी लगी मेरी गाथा, दोस्तो, प्लीज़ अपने विचारों का अचार जरूर दें![emailprotected]. तू अन्दर से…वो मेरी चूत के दाने को बुरी तरह चाटने लगे।मुझ से रुका नहीं गया और मैं उनके सिर को अपने अन्दर की तरफ दोनों हाथों से दबाने लगी और मेरे मुँह से- ह…! उफ्फ़… नहीं… प्लीज़. ? अगर जानबूझकर लिया था तो अधूरा क्यूँ छोड़ दिया था और अगर गलती से हो गया था तो गलती की सजा भी मिलने चाहिए ना !!” मैंने उनके चेहरे से बिल्कुल सटकर कहा।वो…वो.

तब मैंने उसको गौर से देखा, वो एक बहुत ही सक्सी औरत थी, जिसका हर एक अंग अपने आप में भरा पूरा था, उस का कद 5’4′ होगा, वो गोरी चिट्टी एक खूबसूरत शादीशुदा औरत लग रही थी, उसकी चूचियाँ उभरी हुई थी, चूतड़ बड़े-2 थे और नए फ़ैशन व नए मिजाज वाली हाउस वाईफ़ लग रही थी. मैंने सोचा इतना पैसा वाला आदमी दीदी के घर में क्या कर रहा है !मुझे देखते ही दीदी बोली- नमस्कार भाई साहब, आप अचानक? कैसे आना हुआ? ओह, किराया लेने आए होंगे महीने पर. चूत की सारी गहराइयों को भिगोती हुई अन्दर चली गई।इस तरह मेरे लंड ने कोई 8-10 बार आग उगली और फिर मैं उसके बदन पर ढेर हो गया।‘तुम मेरे देवता हो.

खोलकर बैठ गया और ज़ीनत खाना बनाने में लग गई।खबरें सुनने के बाद आमिर खाने की मेज पर बैठा तो करेले की सब्जी़ देखकर उसको हैरत हुई। बहुत दिनों बाद ज़ीनत ने फिर गुडद़ार करेले बनाए थे। इस बार आमिर ने पूरी सब्जी खाई। खाने के बाद भी वो कुछ देर टी.

आगे तो देखो… कितना मजा आने वाला है।अब मुझे उसकी आँखों में वासनामय उत्तेजना दिखने लगी थी।मैं- चलो अब तुम्हारी बारी।मेघा- बारी. धच’ लण्ड के ऊपर अपने आप को पटकते चली गई।सुरेश चोदते हुए बोला- गालियाँ देती हुई बहुत प्यारी लग रही है. लेकिन पिछले 6 माह से चुदाई नहीं की है इसीलिए मैं तुम्हारे साथ यहाँ आई हूँ ताकि अपनी प्यास बुझा सकूँ, पर तुमने कोई शुरुआत ही नहीं की 5 दिनों से।मैं अपने आप को कोसने लगा कि मैंने 5 दिन बर्बाद कर दिए।हम लोग फिर से गरम हो चुके थे, तब तक तो मैंने वक्त जाया ना करते हुए उसके टाँगें चौड़ी कीं और पूछा- किस तरह से चुदना पसंद करेगी?तो बोली- जैसे तुम्हें चोदना है.

माल है साली माल… अब इस माल को मैं कैसे गपागप कर जाता हूँ देखना… इतना चोदूँगा आज कि मेरे बिना किसी का नाम नहीं लेगी बाद में… और तू क्यों मुठ्ठ मार रहा है वहाँ नालायक… आ जा. !और वे भी हँसने लगीं। फिर उन्होंने अपने हाथों से अपने मम्मे दबा कर ब्रा को पहन लिया और मुझसे बोलीं- ज़रा तेरे पीछे ब्लाउज पड़ा देना तो…!मैंने पीछे देखा और लाल रंग का ब्लाउज था, जो उनको दे दिया।वो अपना ब्लाउज पहनने लगीं, पर उसके एक ऊपर का और एक नीचे का बटन टूटा हुआ था।मैंने कहा- भाभी इसके बटन तो टूटे हुए हैं. मेरे अन्दर नहीं जाएगा।तब मैंने अपना अंडरवियर उतारा और अपना खड़ा हुआ लंड उसके सामने कर दिया और कहा- जान किस करो न.

बदमाश बिल्लो, गुन्डी गुलाबो, जालिम जुबेदा, चिकनी चमेली, लरजाती लाजो, रन्डी रानी, सुडौल सबीना, छुईमुई छमिया, शानदार शिल्पा, निगोड़ी निम्मो, अनाड़ी अनारो और शरारती शब्बो आदि कई लड़कियाँ अब भी बहादुर के लण्ड के गुनगान गाते नहीं थकती थी.

मैंने कहा- हम आज ही मिले हैं और आज ही तुमने अपने प्यार का इज़हार कर दिया !तो उसने कहा- जल्दी करने में ही भलाई है, वरना क्या पता तुम्हें अपने कॉलेज की कोई लड़की पसंद आ जाती तो मैं तो मर ही जाती…अब हम आपस में काफी खुल गए थे।कुछ देर बातें करने के बाद मैंने उससे कहा- रात बहुत हो गई है और तुम अब सो जाओ. एस भी करने लगे।कुछ महीने ऐसे ही चलता रहा और हफ्ते में हम एक दो बार मिल लिया करते थे।कभी कभी मैं उसको गंदे एस.

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प्रेषक : रॉकीहेल्लो दोस्तो, मेरा नाम रॉकी है। मैंने अन्तर्वासना पर हजारों कहानियाँ पढ़ी हैं। यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है।मैं वड़ोदरा (गुजरात) के सरकारी विभाग में एक अच्छे पद नौकरी करता हूँ। मैं छः फुट लम्बा और कसरती बदन का मालिक हूँ। मैं सिख परिवार से हूँ तो लड़कियाँ मुझे देखते ही फ़िदा हो जाती हैं। एक बार मेरा लैंड लाइन बी.

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दीदी बोली- भाई भर दो मेरी चूत में अपने लण्ड का सारा रस और मुझे अपने बच्चे की माँ बना लो और तुम मामा और पापा दोनों बन जाओ… आहह भाई मैं गईईई…!यह बोलकर दीदी नीचे लेट गई और मैंने अपनी गति बढ़ा दी. करने लगी।मैं पीछे से उसके लटकते चूचों को दबाने लगा और तेजी से उसे चोदने लगा।थोड़ी देर बाद कहने लगी- मैं अब दुबारा झड़ने वाली हूँ…. दीदी की ज़ोर से आवाज़ निकली तो उसने पूछा- दर्द हो रहा है क्या?तो दीदी ने ‘हाँ’ बोला लेकिन बोली- तुम रुकना मत, पूरा लंड चूत में डालो.

मैंने पूजा को अपने ऊपर से हटाने की कोशिश की पर नाकाम रहा, उसने मेरे मुँह को अपनी टांगों के बीच कस कर जकड़ा हुआ था और लगातार अपनी चूत मेरे मुँह पर रगड़े जा रही थी. भैया रुक जाओ ना… दुख रहा है!भाई बोला- बस ॠदिमा थोड़ी देर में मज़ा आने लगेगा!और फिर धीरे-धीरे भाई ने अपना पूरा लवड़ा अपनी बहन की छोटी सी चूत में घुसेड़ दिया और सुकून से बोला- बस ॠदिमा पूरा अन्दर है अब देख चुदाई शुरू होगी!भाई ने पहले मेरे निपल्स चूसे फिर धीरे-धीरे अपना लंड खींच कर फिर से धीरे से घुसा दिया…! इस तरह बड़ी ही धीरे-धीरे अपनी प्यारी बहना को चोदने लगे।‘उन्न्ह. मेरा तो यह हाल था कि मेरी चूत का पानी भी निकलने लगा था, जिसे पापाजी बड़े मजे से पी रहे थे और डकार भी नहीं ले रहे थे.

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!मैं समझ गया कि यग कुछ नहीं करेगी, मैंने ही आगे की रासलीला चालू कर दी। मेरा हाथ उसकी चूत को मसल कर, सहला कर, उंगलियों से उसकी गहराई का अन्दाजा लगा रहा था।फ़िर मैंने उसकी मैंने टाँगें ऊपर उठाईं और चूत के ऊपर से पर्दा हटा दिया। अब उसके बदन के ऊपर एक कपड़े के नाम पर एक धागा भी नहीं था।उफ़. ‘कौन सा खेल बेबी?’ राजू रीटा की उसे बाहों में और जोर से भींचता अलबेली रीटा की मखमली रानों को सहलाता बोला. वहाँ छोड़ते हुए चले जाना।बस इस तरह चाय वगैरह बनाने के बाद अमित चला गया।अब कमरे में हम लोग अकेले थे।अन्नू बहुत घबरा रही थी, थोड़ी घबराहट मेरे मन में भी थी।मैंने उसे अन्दर बेडरूम की तरफ आने को कहा। जैसे ही वो आने लगी.

मैं इधर-उधर देखने लगा, मुझे यहाँ पार्टी जैसा कोई माहौल नहीं लग रहा था और मैं मन ही मन सोच कर खुश हो रहा था कि जो मैं घर से सोच कर चला था आज वो ही होने वाला है. !मैंने भी तेजी से चोदना चालू कर दिया और दस मिनट बाद उनका शरीर अकड़ने लगा और वह झड़ गईं।मैंने भाभी से पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?तो उन्होंने कहा- मेरी चूत में ही झड़ जा. राजा मेरी फ़ुद्दी को मसल डाल… चूत फ़ाड़ दे मेरी।’मैं अनाप-शनाप बकते हुए चुद रही और चुदाई का भरपूर मजा ले रही थी।‘आह, मेरी रानी तेरी चूत का चोद आज मेरा लौड़ा मस्त हो गया.

!तो राहुल बोला- आज तेरी चूत और जवानी का मज़ा लूँगा साली, साली कुतिया, चुद… चुद यहीं पे चुदक्कड़ रांड चुद, ले इसे लौड़े को अपने अंदर. पता नहीं शोएब ने क्या ऐसा किया था, पर उस दिन तो पूरा हॉस्टल खाली था।अपनी आइटम को अपने रूम में लेकर आ गया, अब वो साली मेरे से बातें चोदने लगी!संस्कृति- वैसे बाबू, तुम्हारी उमर क्या है?मैं- मैं 19 साल का हूँ…!संस्कृति- झूठ मत बोलो जान…!मैं- सच जानू…!संस्कृति- तुम तो मेरे से एक साल छोटे हो.

भाभी- और सुनाओ समीर, कोई मिली या नहीं?मैंने भाभी को अपने पेशे के बारे में कुछ भी नहीं बताया कि मैं एक जिगोलो बन गया हूँ, उनकी नज़रों में मैं अब भी एक सीधा-सादा इंजीनियरिंग का छात्र था. मैं आपको मेरी अगली कहानी में बताऊँगा। तब तक के लिए मेरा नमस्कार।तो मित्रो, मेरी यह कहानी आपको कैसी लगी मुझे जरुर बताना।मुझे आपके मेल का इंतजार रहेगा।[emailprotected]. लण्ड व गाण्ड की लड़ाई की घचर पचर और रीटा की गाण्ड पर राजू के मन्ज़ी तोड़ घस्सों की धपाधप की आवाज ने रीटा के बचे खुचे होश उड़ा दिये.

चाची… ओह चाची… !’ कहकर मैं झड़ गया।‘मजा आया ना बेटे? अब सो जा। आज ही सब जोश ठंडा न कर, कल के लिये बचा के रख !’ चाची ने मुझे सीने से लगा लिया और थपथपा कर छोटे बच्चे जैसे सुला दिया।कहानी चलती रहेगी।2872.

अब मेरे पति को अमरीका गए लगभग सात माह हो चुके हैं और इन सात माह में से पहले दो माह तो मुझे एक बार भी सेक्स करने को नहीं मिला था इसलिए मैं इतनी बेचैन रहती थी और सारा दिन सेक्स के लिए तड़पती रहती थी. अरे साले चचा के बच्चे… घुसेड़ ना और अंदर… और चाची माल है तो मेरा ये सैंया इमरान ! क्या कम है… चाची का माल इसे. तो फोन कर देना, मेरी मौसी तुम्हारे मोहल्ले से थोड़ी दूर रहती हैं, मैंने अपने घर पर बता दिया है कि मैं वहाँ जा रही हूँ, मैंने मौसी को भी फोन कर दिया है, तो साथ-साथ चलेंगे!शाम को वो ओर मैं एक साथ बस में बैठे, सीट मिल गई, बहुत दिनों के बाद हम साथ में थे।वो धीरे से बोली- कल सुबह मौसी से ऑफिस में जल्दी बुलाया है यह कह कर जल्दी तुम्हारे पास आ जाउँगी.

!मेरी हालत खराब होने लगी।मैंने कहा- बाबूजी प्लीज़… मुझे पता है आप क्या करना चाहते हैं… प्लीज़ ऐसा मत करिए… ये बहुत लंबा है…. मिरजापुर जिले के एक गाँव की अनिता जो मेरे दूर के रिश्ते में मुझे भैया कहा करती है, उसके पापा एक राजनीतिज्ञ हैं और जाने-माने नेता हैं.

ऋज़ू ने भी बिना सोचे उसके लण्ड को अपने मुख में भर लिया…अब मैंने हिम्मत करके सलोनी की ओर देखा… वो दोनों आदमी अभी भी सलोनी से मस्ती में लगे थे…मैंने ऋज़ू के हाथ से अपना लण्ड छुड़वाया और सलोनी की ओर गया…वाओ… जैसे ही मैंने देखा. एक दिन एक बाग़ में मैंने उसे उसके चहेरे को पकड़ कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और हम लोग एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे. बहुत ही मस्त लग रहे थे।वो ब्रा नहीं पहने हुए थी, सलवार का नाड़ा पकड़ कर खोला। तो उसने शरमा कर आँखें बंद कर लीं।मैं बोला- डियर अब काहे की शरम.

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मगर यह सब एक पल के लिए ही हुआ …सलोनी ने पूरी ताकत लगा फिर से ऊपर उठ गई और एक बार फिर लण्ड की दूरी बढ़ गई… चूत उसकी पहुँच से बच कर निकल गई…ये सब एक चूहे बिल्ली वाला खेल बहुत रोचक और मजेदार हो रहा था, कभी पकड़ में आ रही थी और कभी बच कर निकल जा रहे थी.

पहले बता देते तो छत पे ही अपने हाथों से खिला देती।” प्रिया ने बड़े प्यार से एक तोतली आवाज़ में मेरे सर पे हाथ फेरते हुए मुझे अपने पास खींच कर अपने गले से लगा लिया।ह्म्म्म…. देखने के बहाने में ढूंढने लगा।जैसे ही वो रसोई में चाय बनाने लगी तो मैं चुपके से पीछे पहुँच गया और उसके नितम्बों पर एक चिकोटी काटी, वो उछली- ऊऊई… क्या कर रहे हैं आप?‘अपनी खूबसूरत बीवी से छेड़छाड़. मैंने इतनी शर्म पहले कभी महसूस नहीं की, मैंने देखा कि अंकुर और दीपक टकटकी लगाए बड़े गौर से मुझे देख रहे थे.

मुझे और मेरे पति को सेक्स बहुत पसंद है और शादी के बाद कोई दिन भी ऐसा नहीं था जब हम एक बार या उससे ज्यादा बार चुदाई ना करते हों. तो आपने चूत नहीं दिलवाई और आज चूत दिलवाई तो मूठ मारने का मौका नहीं दिया। कहीं ऐसा ना हो कि मैं नेहा से पहले झड़ जाऊँ। कैसी लीला कर रहे हैं आप मेरे साथ. कक्षा बीएफ!उसने लिंग को एक हाथ से पकड़ कर मेरी योनि की छेद पर सुपारे को भिड़ा दिया और फिर मुझे कंधों से पकड़ कर कहा- तैयार हो जाओ मेरी जान!मैंने भी उसके कमर को हाथों से पकड़ अपनी कमर उठा दी, उसका गर्म सुपाड़ा मेरी योनि के मुख में था, तभी उसने जोर से झटका दिया, मैं कराह उठी- उई माँ.

यह देख कर रीटा की ऊपर की सांस ऊपर और नीचे की नीचे रह गई- साला! मां का लौड़ा! लड़की चौद! चूतीया मेरी चूत देख रहा है? और वो भी मूतते हुए?शर्म और गुस्से से लाल, पैर पटकती राजू को बिना बताये घर वापिस आ गई. शादी के पहले ही मैं माँ नहीं बनना चाहती।तब मैंने उसे बिस्तर पर लिटाकर, उसके बाजू में लेटकर उसके दूध को धीरे-धीरे से दबाते हुए विस्तार से आधे घंटे तक चुदाई के बारे में समझाया।उसे पूरी तरह समझाया कि कैसे झड़ने पर आनन्द मिलता है और फिर उस आनन्द से निकले हुए शुक्राणु और अंडाणु के मेल से गर्भ ठहरता है।अब मैंने उठकर उसकी चूत.

अमर से ऐसा कहने के बाद तुरंत ही अपना लिंग एक धक्के में घुसा दिया, जो मेरे बच्चेदानी में लगा और मैं चिहुंक उठी. तुम्हारी सभी हो गई हैं।अमित- पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च… जानेमन इच्छाओं का अंत कभी नहीं होता… और मेरी तो केवल 3-4 ही हैं।सलोनी- अह्हहाआआआ 3-4… अहा… कितनी सारी तो मैंने ही पूरी की… बस्स्स्स्स्स्स ना. !मैंने उसकी चूत पर लण्ड रगड़ा, फिर बहुत सारी वैसलीन मुँह में ले ली और थूक मिला कर जब वो पानी जैसी हो गई तो उसकी चूत और मेरे लण्ड पर लगाई और लण्ड को धीरे से अन्दर किया।थोड़ा सा अन्दर गया, मैं रुक गया पर वो बोली- डालो न.

पूजा मेरे मुँह के उपर टांगें चौड़ी करके अपनी चूत दिखाने लगी- देखो समीर, तुमने मेरी चूत का क्या हाल बना दिया है, बेचारी कितनी रो रही है अब इसे पुचकार तो दो…इतना कहकर पूजा ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी और रगड़ने लगी. ’ शरारती रीटा ने मुस्कुरा कर आँख मार कर अपने रसीले होंट को हल्का सा उचका कर सायलन्ट किस मार कर पलटी और चूतड़ मटकाती हल्के से लंगडाती सी स्कूल के गेट की तरफ चल दी. आज तो रीटा किसी भी पहलवान के लौड़े को अपनी चूत की नींबू नीचौड़नी में निचौड़ कर लौड़े का रस्सा बना सकती थी.

बस अभी आया।’और फोन कट गया।करीब 15 मिनट के बाद रणजीत एक बाइक से आया क्योंकि ड्यूटी ऑफ हो चुकी थी और वो एक सिविल ड्रेस में था।आते ही सीमा से हाथ मिलाया, उसके बाद दोनों ने इधर-उधर की बात की, फिर सीमा ने रानी से परिचय कराया।रणजीत ने पहले तो उसे ऊपर से नीचे देखा, फिर मुस्कुरा कर ‘हैलो’ कहा।कहानी जारी रहेगी।आपके ईमेल का इन्तजार रहेगा।.

यह कहानी शायद आपको एक सेक्सी और कामुक कहानी ना लगे, क्योंकि यह कहानी एक औरत की इच्छाओं पर आधारित है, ऐसी बहुत सी औरतें होगी जिन्हें यह कहानी अपनी सी लगेगी!यह एक लंबी और धीमी गति से चलने वाली कहानी है. इससे पहले मैंने कभी इतनी सुन्दर लेडी नहीं देखी।उन्होंने मुस्कराकर ‘धन्यवाद’ दिया और सोफे पर मेरे पास ही आकर बैठ गईं और रूचि से बोली- राहुल को लाकर कोल्डड्रिंक दो… अभी विनोद भी आता ही होगा.

इतना कहते ही सोनिया ने सबके सामने मेरे गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा, मेरे तो शर्म से बस आँसू ही निकल गए, आज तक मुझे स्कूल में भी कभी किसी टीचर तक ने भी थप्पड़ नहीं मारा था और आज!तभी मुझे याद आया कि मुझे अपना दूसरा गाल भी आगे करना है, एकदम से सोनिया बोली- साली कुतिया! कुछ भूल रही है तू!और उसने मेरे दूसरे गाल पर भी थप्पड़ मार दिया. !मैंने देर नहीं की और फटाक से अपना पूरा लण्ड चूत में पेल दिया और उसकी कमर को कस कर पकड़ लिया और जोर-जोर से चूत चोदने लगा।पहले तो वो तड़प रही थी, पर अब उसको मज़ा आ रहा था और उसके मुँह से ‘उह्ह… अह्ह्ह. उसे बहुत अच्छा लग रहा था, वो मेरे सर को पकड़ कर जोर से अपने वक्ष पर दबाने लगी। अब मैं धीरे धीरे नीचे आने लगा, पर भाभी ने एकदम से करवट बदल ली और भाभी मेरे ऊपर चढ़ गई, मुझे चूमने लगी।हम दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे.

! अच्छा हुआ मैंने पहली बार तुमसे चुदवाया, नहीं तो मेरी सहेली ने मुझे बहुत डराया था कि पहली बार में तो लड़की दर्द से बेहोश ही हो जाती है, जबकि मुझे तो तुम से भी ज़्यादा मज़ा आया…!चुदाई के बाद हम दोनों होटल से अपने अपने घर चले गए।उसके बाद तो उसको कई बार चोदा। अब उसकी और कामनाएँ भी थीं जो मैं आपको फिर कभी लिखूँगा, फिलहाल तो मुझे आपके ईमेल का इन्तजार है।[emailprotected]. मुझे ध्यान नहीं रहा।फिर कार आगे अपनी मंजिल की ओर बढ़ी जा रही थी। मैंने उसे जंगली भालू दिखाया जो रोड पर हमारी कार के आगे चल रहा था। उसे देखकर वह भी रोमांचित हो उठी। कुछ देर में भालू जंगल की ओर चला गया।तो कोमल बोली- क्या यहाँ पर ऐसी कोई जगह है जहाँ हम बैठ सकते हैं?‘हाँ’ करते हुए मैंने कहा- है ना. ’ मैंने मुस्कुराते हुए कहा।वो वाकयी में बेलन लेकर झूठ-मूठ मारने के लिए मेरे पीछे आई, मैं दूसरे कमरे में भागा।उसने एक बार बेलन मारा भी।‘आआहहह.

बीएफ फिल्म हिंदी फिल्म बीएफ थोड़े पागल किस्म के लोग हैं वो लोग चुदाई की हर हद पार कर चुके हैं मगर पैसे भी खूब देंगे…पापा की बात सुनकर मैं एकदम सन्न रह गई क्योंकि चुदाई के चक्कर में अब ना जाने मेरे साथ क्या-क्या होने वाला था। पापा ने तो मुझे सचमुच की रंडी बना दिया था।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार मेल करें।. के बाद कुछ दिन घर पर छुट्टी बिताने आया था।मेरी बहन घर में टाइट सूट और सलवार पहनती थी, जिस में उस के खड़े मम्मे और उठी हुई गाण्ड बहुत मस्त दिखाई देते थे। उन्हें देख कर मेरा लंड हमेशा खड़ा रहता था।दोस्तो, जैसा कि कहानियों में लिखा होता है उतनी आसानी से माँ या बहन नहीं पटती, उसे पटाने के लिए मैंने भी बहुत पापड़ बेले और दिन उसे पटा ही लिया। अब मैं बताता हूँ कि मैंने कैसे उसे चोदा.

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मुझे मजा आने लगा सहलाते सहलाते उसने अपनी अंमगुली मेरी चूत में डाल दी, मेरे मुँह से चीख निकली तो भाभी पास आई, बोली- बेटे थोड़ा आहिस्ता करो!फ़िर आदिल ने मेरी पेंटी निकाली ओर मेरी टांगों को फैलाया, मेरी चूत को जीभ से चाटने लगा. आज मैं भी लंड पीना चाहती हूँ।मैंने खड़े होकर अपना पैन्ट उतार दिया। उसने अपने हाथों से मेरे अंडरवियर को उतारा और लॉलीपॉप की तरह मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया।हाय. !’ उसने दूसरा झटका मारा।काफी दिनों बाद बड़ा लंड अन्दर गया था, कुछ दर्द भी हुआ, बाकी बच्चे को उकसाने के लिए मैंने नाटक किया।‘हाय फट गई मेरी…!’‘ले साली.

उसकी मेल पढ़ कर मेरी चूत में गुदगुदी होने लगती पर अजनबी से चुदवाना मुझे कुछ सही नहीं लग रहा था इसीलिए मैं उसको टालती रहती. अचानक मेरे मुँह पर गीलापन सा आने लगा और वो एकदम उछलने लगी, मैं समझ गया कि उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया है।मैं उसकी चूत को चाटने लगा. बंदर वाली बीएफआते जाते लोगों के फ़िकरे मुझे सुनाई पड़ने लगे, क्या लड़के, क्या अधेड़ सभी मुझे घूरते थे, ऐसा जान पड़ता था कि बस खा ही जायेंगे पर अपनी माँ की इज्जत और परेशानी को ध्यान में रखते हुए मैंने कभी किसी को लिफ्ट नहीं दी, मैं एक शरीफ लड़की की जिंदगी जी रही थी.

और मैं धीरे धीरे लण्ड ऊपर नीचे करने लगा, उसे भी थोड़ा मज़ा आने लगा। लण्ड अभी पूरा अंदर नहीं गया था इसलिए धीरे धीरे छेद को चौड़ा करने लगा.

मैं भी बड़े प्यार से उनके लिंग को चूमा, सुपाड़े को खोल कर बार-बार चूमा फिर जुबान फिरा कर उसे चाटा और अंत में मुँह में भर कर काफी देर चूसा. वह जो कुछ कर रहे थे, केवल ऊपर-ऊपर से कर रहे थे !‘तू अभी बच्ची है और नासमझ है। मैं दो साल से उस हरामी की आँखों में तुझे चोदने की हवस देख रहा हूँ, तेरा हरामी अंकल कल नहीं तो आज तेरी चूत ज़रूर फाड़ देता.

ऐसे घबराओगे तो सब को शक हो जाएगा। जैसा रेहान जी कह रहे हैं करो ओके…!साहिल- ये क्या काना-फूसी हो रही है?अन्ना- कुछ नहीं जी हम सब समझ गया हिरोइन चेंज होना जी. मैंने नाटक करते हुए बोला- एक शर्त पर तुम दोनों की करतूत नहीं बताऊँगा… अगर इस खेल में मुझे भी शामिल करो तो !यह सुन दीदी बोली- नहीं. लेकिन राज हमें ही देख रहा था और मैं महसूस कर रही थी कि जिस तरह जॉय मेरे बदन को छू रहा था, राज को अच्छा नहीं लग रहा था।म्यूज़िक बज रहा था और जॉय के हाथ बेरोकटोक मेरे बॉडी के एक्सपोज़्ड हिस्सों पर घूम रहे थे।तब तक उसे काफ़ी चढ़ चुकी थी तो अब उसके हाथ मेरे बदन पर उस जगह भी फिर रहे थे जहाँ उन्हें नहीं पहुँचना चाहिए था.

गीली चूत की फचर-पचर, रीटा की मधुर ईस्सऽऽऽऽऽ ईस्सऽऽऽ सिसकारियाँ और बहकी बहकी बेतरतीब साँसें कमरे के वातावरण को रंगीन बनाने लगी.

बिना स्वर्ण रस पिये?मैं बोला- सलोनी रानी, माफ करो मेरे समझने में भूल हो गई… मैं समझा कि चोदने से पहले पीना है।‘क्यों मैं क्या फारसी में बोली थी…सबसे पहले का मतलब सबसे पहले…’‘अच्छा रानी माफी दे दो…. बहादुर ने एक झटके से ही अपना लोकी सा लण्ड पारो की फूलगोभी सी चूत में घुसेड़ दिया तो पारो कराह कर बोली- आहऽऽऽ! अरे मेरे यार, तेरा लण्ड है या कुतबमीनार! हायऽऽऽ चोद मेरे माईया चोद उफ रेए, आज किसी मादरचोद से पाला पड़ा है, सीईईई ले राजा पाड़ के रख दे अपनी पारो को!यह कह कर पारो अदा से अपने पांव के अंगूठे पकड़ लिये. ।पर मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो दोनों पिछले एक घंटे से अन्दर कर क्या रहे हैं, पर मैंने सोचा जो भी करें मुझे क्या.

नंगे बीएफ वीडियोउसने मुझे पैंट की चैन बंद करते देख लिया था, फिर वो मेरे जवाब का इंतजार किए बिना मुस्कराकर नीचे भाग गई. साली शादीशुदा है। साड़ी पहने कमाल की लग रही है।धन्यवाद की आवशकता नहीं है आरतीजी !”नहीं मैं पिछले आधे घंटे से देख रही थी, किसी ने मेरी हेल्प नहीं की।”कोई बात नहीं… यह तो मेरा फ़र्ज़ था।” मैंने मुस्कुरा कर कहा।आप कहाँ रहते हैं?”मैं पास में ही शकुंतलम् मार्ग पर निकुंज अपार्टमेंट में रहता हूँ.

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सुलेखा भाभी दरवाज़े के सामने कुर्सी पर बिल्कुल नंगी बैठी हुई थी और अपनी टांगों को फ़ैला कर अपनी चूत को उंगली से चोद रही थी. उसकी इस हरकत पर मेरी आँख खुली तो देखा कि वो अपनी चूचियों को दबवाने में मेरा पूरा साथ दे रही थी और अपना मुँह ऊपर कर के सिसकारियाँ ले रही थी. !आरोही- भाई ये सब रेहान का कमाल है, जादूगर है वो ये देखो…!इतना बोलकर आरोही चादर खींच लेती है और वो दोनों नंगे उनकी आँखों के सामने आ जाते हैं। जूही शरमा जाती है और अपने पैर मोड़ कर चूत छुपा लेती है और हाथों से मम्मों को ढक लेती है।राहुल- वाउ यार.

लेकिन जब मैंने कहा कि इससे कोई हानि नहीं होगी बल्कि तुम दोनों का बदन और चूत दर्द ठीक हो जाएगा तब दोनों ने बियर को पीया. राजू सम्मोहित सा फ़ैली हुई गोरी चिट्टी रीटा की बला सी खूबसूरत लबालब रस से भरी नन्ही सी सुडौल आमन्त्रण देती फुद्दी और रबड़ बैंड सी कसी गुलाबी गाण्ड का आँखों ही आँखों में चोदने लगा. जैसे ही राजू अंदर घुसने लगा, शरारती रीटा ने अपनी अधनंगी व अकड़ी हुई छातियाँ राजू से भिड़ाती हुई बोली- आऊचऽऽऽ, आई एम सारी भईया.

आप मुझे स्टेशन छोड़ दीजिए, वरना मेरी ट्रेन छूट जाएगी।मैंने पूछा- आप को कहाँ जाना है?तो उसने बताया- मेरा घर दुर्ग में है, मैं डेली अप-डाउन करती हूँ !मैंने कहा- पर ट्रेन तो हर एक घंटे में है और बस भी चलती है ! अगर आप को कोई प्रॉब्लम ना हो तो आप मेरे साथ घर चलो, मैं जल्द ही कुछ खाकर आप को स्टेशन छोड़ दूँगा।तो उसने कहा- मैं आपके घर कैसे चल सकती हूँ. तो जैसे तुम अपने ससुर जी रंडी की तरह से चुदवा रही थीं वैसे ही मैं भी आपको चोदना चाहता हूँ। मेरी दिल की बहुत दिन से बड़ी तमन्ना है।’‘अच्छा ऐसा क्यों सुरेश जी. उसके बाद मैंने तुरंत अपने सारे कपड़े उतार दिए और भाभी जैसे अपने कपड़े उतारने लगीं तो मैंने मना किया और मैंने कहा- मैं हूँ न.

!मैंने अब उसकी चूत पर हाथ फिराना शुरू कर दिया और धीरे से उसकी जीन्स निकाल दी, उसने अपनी पैन्टी खुद ही निकाल कर फेंक दी।वो बार-बार कह रही थी- मेरी चूत को चाटो और चाटो. बस वैसे ही थोड़ा सा उदास सा हो गई थी।मैंने पूछा- अगर आप मुझे अपना दोस्त मानती हो तो मुझे अपनी उदासी का कारण बता सकती हो।तो उन्होंने कहा- हाँ लव.

जिसके साथ सोई न हो। जिसका उसने लिया न हो? 4 दिन घर से गायब रही थी, मुझे मालूम है गोवा में आरिफ और अनुज के साथ थी, फोटो देखे हैं मैंने तेरी बहन के चड्डी में और नंगे भी, गोवा के बीच पर.

वैसे सब को नहीं देता मेरा सैंया, बड़ी संभाल कर रखता है चचाजी !चचा ने मुँह में उंगली ले कर गीली की और मेरी गांड में उंगली करने लगे, मैंने गांड सिकोड़ ली। वाह. एक्स एक्स एक्स बीएफ भाभी की चुदाईवो एक नई दुल्हन की तरह बैड पर बैठ गई, उसने अन्दर काला ब्लाऊज और काला पेटीकोट पहना हुआ था जिसमें उसका गोरा बदन कोयले की खान में हीरे की तरह चमक रहा था. भाभी की बीएफ वीडियो मेंशराबी पति-1बगल में मर्द सो रहा था, इस अहसास से चूत में खुजली होने लगी, नींद नहीं आ रही थी, जवानी की आग भड़क रही थी, रमेश ने कई दिनों से मुझे नहीं चोदा था. सीधे मेरे पास आ गई… तेरे भाई ने मज़ा नहीं दिया क्या…!आरोही- आज तो पता नहीं भाई को क्या हो गया… बहुत मज़ा दिया मुझे…!जूही- सच्ची दीदी… भाई ने मज़ा दिया आपको…!राहुल बड़े प्यार से जूही के मम्मों को सहलाता हुआ बोला- मेरी रानी अब मज़ा लेने की तेरी बारी है, देख कैसे तुझे चोदता हूँ आराम से…!जूही शरमा कर अपना हाथ चेहरे पर लगा लेती है।राहुल- हय हय… तेरा ये शरमाना.

आशा- अच्छा वो जो स्मेल आ रही थी और माल भी गिरा हुआ था उसका? देख कुछ जुगाड़ करवा उससे नहीं तो सब टीचरों को बता दूंगी.

मैं तो मज़ाक कर रही थी और तू सीरियस ही हो गया?मैं- मैम प्लीज़ एक बार सिर्फ़ एक बार प्लीज़…मैम- मैं तुझे ऐसा करते नहीं देख सकती।मैं- तो आप आँखें बंद कर लीजिए न. फिर भाभी ने कहा- चल अब देर ना कर! जल्दी से इस बेचारी की सील तोड़ दे! अगर कोई आ गया तो बेचारी तड़पती रह जाएगी. कहानी का चौथा भाग :एक कुंवारे लड़के के साथ-4अब आगे :एक बार मनीष ने मुझे फोन करके मिलने की इच्छा की। मैंने उसे शाम को मिलने के लिये जगह बता दी।शाम को कोई 07.

मैंने उसको देखा मेरा हथियार तो फिर खड़ा हो गया।मैंने बोला- आप बहुत सुन्दर लग रही हो!पहली बार मैंने उसे ऐसी बात कही थी, मेरी गाण्ड फट रही थी, वो मुस्कुरा दी, मेरी हिम्मत बढ़ी।मैं बोला- आप बाल खुले रखा करो, अच्छे लगते हैं!वो और खुश हुई, पर जैसा मैं सोच रहा था कि मैं लाइन मार रहा हूँ और वो ले रही है, ऐसा कुछ नहीं था।लड़कियों को कोई नहीं जान सकता. ‘बट भईया आई लाईक दि स्टफ वैरी मच!’ गुन्ड़ी रीटा शर्ट के कपड़े की तरफ इशारा कर अपने चुच्चे हवा में राजू की तरफ उछालती बोली- भईया, फील करके देखो, बहुत ही मजेदार और साफ्ट साफ्ट है. अब उसने फ़िर से मेरे लौड़े को पकड़ लिया, उसने इतनी जोर से मेरा लंड पकड़ा था कि मुझे दर्द हो रहा था।फ़िर वो उसे हिलाने लगी और बोली- चल मेरे राजा.

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इंस्पेक्टर- तो जा पहले सबूत लेकर आ… साले हमको बेवक़ूफ़ समझता है… पति पत्नी रात को इस समय नंगे घूमते हैं. अगले दिन कॉलेज में उसने मुझसे अच्छे से बात नहीं की। उसकी सहेली को भेजा पूछने के लिए कि वो ऐसा क्यों कर रही है मुझसे…उसने पूछा- कल क्या हुआ था अंजलि के घर?मैंने कहा- कुछ नहीं, काफी पीकर वापिस आ गया !और वो भी मुँह फेर कर चली गई, जाते हुए वो बोली- तुम पूरे पागल हो, जाओ अपना काम करो. वही मेरी गुरु है। तब मैं 12 वींक्लास में था। फिर मैं और भी कई भाभियों और बहनों को चोदा फिर तो ऐसा हो गया कि चूतें खुद ही मेरे पास चल कर आती थीं औरमेरे लंड के नीचे सोती थीं और मेरी भी ये आदत हो गई।सीमा- तुम्हारी पत्नी कुछ नहीं कहती?रणजीत- नहीं.

क्या जवाब है तुम्हारा?’मैं चुप रही।‘अरे यार अब तरसाओ मत, बता दो ना, क्या मैं तुम्हारी चुप को ‘यस’ समझूँ!’मैंने मुस्कुरा कर सिर हिला दिया, तो उसने खुश होकर मुझे अपनी बाँहों में भर लिया।‘उफ़फ्फ़, क्या आनन्द आया.

मैंने पूजा को अपने ऊपर से हटाने की कोशिश की पर नाकाम रहा, उसने मेरे मुँह को अपनी टांगों के बीच कस कर जकड़ा हुआ था और लगातार अपनी चूत मेरे मुँह पर रगड़े जा रही थी.

साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और तू रंडी साली एक बहुत ही चुदासी औरत है। तू और तेरी चूत आह. वो उठ कर चल दी तो उसके जाने के बाद मैंने सोचा ऐसे किसी अनजान घर में हूँ तो कपड़े पहन लूँ, इसलिए लाइट ऑन करने के लिए स्विच खोजने लगा. मां बेटे वाला सेक्सी बीएफआप लोगों को तो पता ही होगा कि छुप कर सेक्स करने से घबराहट के कारण गला कुछ सूख सा जाता है और आवाज़ दबी-दबी सी निकलती है.

कुछ देर तक चूचियों को अदल-बदल कर चूसता रहा और फिर नाभि और पेट पर चुम्बन करता हुआ नीचे पहुँच गया और पेंटी की नीचे सरका दिया. फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरु किया, वो मेरे लंड को गपागप चूस रही थी और मेरे मुँह से कामुक आवाज़ें निकल रही थीं… आअह्ह्ह ओह्ह्हा आह्ह और चूस मेरी जान मेरे लंड को पूरा मुँह में ले. मैं स्वयं मालिनी मेरी उम्र अब 27 साल, रंग गोरा, कद 5’6″, वजन 55 किलो है, दिखने में सेक्सी दिखती हूँ, मुझे देख कर किसी का भी दिल मुझ पर आ सकता है, कोई भी मुझे बांहों में लेने को मचल सकता है, मेरे उरोज मध्यम आकार के हैं, और चूतड़ मोटे हैंlरमेश मेरा पति है, जिससे मेरी शादी आज से 4 साल पहले हुई थी, इनका रंग भी गोरा है, 6′ वजन 68 किलो है, अच्छे हैंडसम आदमी हैं, इनकी उम्र 29 साल है.

कुछ दिन बाद हमारी फोन पर भी शरारत भरी बातें भी होने लगी, जैसे क्या पहना है, क्या साइज़ है कितने बड़े है, किस रंग का है, और भी बहुत कुछ! इसमें यह भी मालूम चल गया की गाँव में उसका एक बॉय फ्रेंड भी बन गया था, और एक बार चोद कर छोड़ दिया था. सम्पादक – इमरानअच्छी तरह से मूतने के बाद वो हसीना उठने ही वाली थी कि उसको सलोनी और मेहता अंकल की चुदाई की सिसकारियाँ और आवाजें सुनाई दी, वो संभालकर ही अपने लहंगे को पकड़े हुए कमोड से उठी, उसे तो यही लग रहा था कि वो बाथरूम में अकेली है, उसने अपने लहंगे को नहीं छोड़ा, ऊपर ही पकड़े रही या फिर उसको इस बात का ख्याल ही नहीं रहा क्योंकि वहाँ चुदाई कि आवाजें ही ऐसी आ रही थी.

फिर मैं ऊपर कमरे में आ गया और दरवाज़ा बंद कर लिया लेकिन कुंडी नहीं लगाई क्योंकि अगर पूजा को इस तरह दरवाज़ा बंद मिलता तो उसे शक हो सकता था कि कुछ गड़बड़ है.

!नारायण ने उससे गोद में उठाया और मधु के होंठों से अपने होंठों को चूमने लगा। अब नारायण मधु की गाण्ड को हाथों से सहला रहा था। फिर उसने मधु को घोड़ी बना दिया और उसके पीछे से डालने लगा, लेकिन वो जा नहीं रहा था, क्योंकि मधु थोड़ी मोटी थी।नारायण ने मधु को बोला- जान. अगले पन्द्रह मिनट में उसने तीन बार अपना पानी छोड़ा और फिर मेरे नीचे आकर लेट गई और मुझे उसे चोदने के लिए कहा. कहानी का पिछला भाग:एक दूसरे में समाये-1हम दोनों के कमरे के लिए कॉमन बाथरूम था जिसका दरवाजा दोनों कमरों से ही था।अगले दिन सुबह वो चाय लेकर मेरे पास आई, मैं उस वक़्त सो रहा था.

सेक्सी बीएफ हिंदी चुदाई सेक्सी यह इतनी लम्बी साड़ी…अंकल- अरे हाँ बेटा, जब चाहे बुला लेना…अंकल चले गये…सलोनी- हाँ जानू, चलो कहीं बाहर चलते हैं खाने पर. !उसके दूध चूसने के बाद मेरी जीभ उसके नंगे बदन पर दौड़ लगाने लगी। पहले उसका पेट उसकी, गर्दन सब कुछ मैंने कुछ ही मिनट के अन्दर जाने कितनी बार चूम डाला।वो लगातार आँखें बन्द करके ‘उम्ह्…उम्ह’ कर रही थी। मेरा हाथ सरकता हुआ उसकी सलवार के अन्दर होता हुआ उसकी चड्डी में मुख्य गुफ़ा को तलाशने लगा।वो गुलाबी छेद मिलते ही मेरी उंगली उसमें घुस कर गहराई का अन्दाजा लगाने लगी।क्या चिकनी थी… उसकी चूत.

!’पम्मी खिसक कर पीछे हुई और बिस्तर के बीच में चली गई। मैंने अपने जूते उतारे और बेड पर पम्मी से उलट डायरेक्शन में लेट गया यानी कि मेरा सर उसकी टाँगों में था और उसका सर मेरी टाँगों के पास था।इसी पोज़ मैंने उसे अपने ऊपर लेटा लिया और उसकी चूत मेरे मुँह के ऊपर आ गई और उसने अपना सर मेरे लंड पर टिका लिया जो मेरी पैन्ट में क़ैद हुआ फुँफकार रहा था।खैर. यह वक्त रुक जाए और सारी जिंदगी बस इस चुदाई में ही बीत जाए। मैंने अपनी सहेलियों से सुना था कि जब वीर्य की धार अन्दर निकलती है तो बहुत ठंडक मिलती है। मैंने अपने हाथों से उनकी कमर पकड़ ली। अब तो मेरे नितंब और कमर भी अपने आप उछलने लगे थे। सच कहूँ तो मैं अनूठे आनंद में डूबी थी।थोड़ी देर चोदने के बाद ताऊजी बोले, बेटी संभालना… आह्ह…. उसके मुँह से ‘जान आई लव यू सो मच… बहुत मजा आ रहा है जानू… तुम पहले क्यों नहीं मिले जान… आह… ओह्ह्ह… आअह… और ज़ोर से करो’ की आवाज़ें आने लगी.

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कितनी कसी हुई गांड है !”उसने ज़ोर-ज़ोर से लौड़ा पेलना चालू कर दिया। जब वह अन्दर टकराता, मुझे बहुत ही मजा आता।करीब पांच मिनट ऐसे ही फाड़ने के बाद उसने घोड़ी बनाया और लगा पेलने और पेल और पेल… करीब पांच मिनट उसने वैसे चोदा और वह झड़ने लगा। मेरी गाण्ड उसके रस से भर गई क्यूंकि इतनी उतावली हो गई थी लौड़ा लेने के लिए कि कंडोम ही नहीं पहना।पहली ट्रिप लगाने के बाद वह बोला- मैं रात को यहीं रुकूँगा. तो रमेश के लंड से तो तुम मर ही जाती।एक-दो मिनट के बाद उसको भी मज़ा आना शुरू हो गया तो वो नीचे से हिलने लगी, तब मैंने भी आहिस्ता-आहिस्ता झटके देने शुरू कर दिए और उसके मुँह से ‘आआआ आआहह ऊऊऊहह और ज़ोर से. आपी ने कहा- क्या कर रहा है?मैंने धीरे से बोला- गलत से लग गया!फिर मैं कमर पर मालिश करने लगा, फिर धीरे धीरे उनके कूल्हों पर मालिश करने लगा.

उ…!रेहान ने जल्दी से लौड़ा गाण्ड से निकाला और जूही की चूत में पेल दिया।जूही- आइ आइ कितना चुदवा कर भी आ आपका लौड़ा तो चूत में आ. ’ वो बोली।उस रात उसे मैंने और सुनील ने पूरी रात चोदा था, जब मैं थक जाता सुनील उसे चोदता, जब सुनील थक जाता तो मैं निभा को चोदता, उसके मुँह में लंड भी हमने सैकड़ों बार दिया था।उसके बाद जब मन करता था हम दोनों सुनील को बुला लेते थे और निभा को रंडी बना देते थे।आपको यह कहानी कैसे लगी, बताइयेगा जरूर।.

!मैं भी तो यही चाहता था। हम दोनों ने 2-2 पैग पिए। मैं तो नॉर्मल था, पर उसे काफी चढ़ चुकी थी। मेरे मना करने पर भी उसने तीसरा पैग ले ही लिया।फिर उसने मुझे अपने पास बुलाया और कहा- एक बात बताओ.

चुलबुली पारो मुड़ी और बल खाती नागिन सी अपने फुटबाल से चूतड़ों को ठुमक ठुमक मटकाती बहादुर के कमरे की तरफ चल दी. बावली रीटा पटाक की अवाज़ से चुम्बन तोड़ती और हाँफते हुई राजू के कान में फुसफुसाती बोली- भईया आपको छोटी-छोटी स्कूल गर्ल्स से ऐसी बाते करते शर्म नहीं आती?‘बेबी अब तुम जवान और समझदार हो गई हो!’ राजू रीटा के नंगे मम्मों पर चुम्बन ठोकता और स्कर्ट के नीचे हाथ आगे बढ़ाता बोला. मैं काफ़ी देर तक उसे देख़ता रहा, मेरा ध्यान तब टूटा जब उसने मुझे चाय लेने को कहा, तब जाकर मुझे होश आया कि वहाँ सभी बैठे हुए थे.

उसने मेरी आँखों में देखा और मुस्कुरा कर चली गई।वो जाकर अपनी जगह पर बैठ गई।फिर मैंने उसे ध्यान से देखा. इसके बाद जब भी वो मुझे चोदता, घोड़ी जरूर बनाता!मेरा पसंदीदा स्टाइल यह था कि मैं हेमंत को चित लेटा देती और उसके पेट पर नंगी बैठ जाती. चल मेरा मूत पियेगी क्या?मैं उसकी बात सुन आश्चर्यचकित था मगर मुझे सलोनी की चिंता हो रही थी, मैंने कसकर श्याम को झकझोर दिया- अरे उसको छोड़.

मैंने कहा- इस जमाने में भी ऐसी है वो!तब उसने कहा- क्या करूँ बदलने की कोशिश करता हूँ पर बदलती नहीं और ज्यादा जोर देने पर माँ-बाप से कह देती है इसलिए खुद ही सब कुछ करता हूँ।तब मैंने पूछा- आप कितने पढ़े-लिखे हैं?उसने जवाब दिया- जी एम.

बीएफ फिल्म हिंदी फिल्म बीएफ: अब हम रोज ही चुदाई करेंगे।यह सुन कर मुझे भी बहुत खुशी हुई, उसके बाद माँ गाँव से चाचा को देख कर दस दिन बाद आईं, तब तक हमारी रासलीला जारी रही।उसके बाद मुझे जब भी मौका मिलता मैं उसे चोद देता।एक बार मैंने उसकी गान्ड भी मारने की कोशिश की, लेकिन उसे ज्यादा ही दर्द हुआ तो मैंने उसकी गान्ड नहीं मारी।तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी सच्ची कहानी? मुझे जरुर मेल करें।. औरत बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं होती!उसे मेरी बात का शायद बुरा लगा और कहा- देखिए आप गलत समझ रही हैं.

!मैंने गौर किया तो मुझे हल्का सा दिखा कि हेमा का हाथ उसके टांगों के बीच में है, तो मुझे समझ में आया कि वो कृपा का लिंग पकड़ कर उसे अपनी योनि में घुसाने की कोशिश कर रही है।फिर हेमा की आवाज आई- तुम बस सीधे रहो. वी देख रही थी।फिर मैंने अपना हाथ उसकी जांघों पर रख दिया और सहलाने लगा। उसकी तरफ देखा तो वो लगातार मुस्कराते हुए टी. लंड अन्दर फ़व्वारे पे फ़व्वारे छोड़े जा रहा था जब तक लंड ने अपने अन्दर की एक-एक बून्द उसकी गांड के अन्दर ना छोड़ दी.

बाकी अब आप लोग खुद ही समझ लो कि आगे क्या-क्या हुआ।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, जरूर मेल करना।मैं कसम खाता हूँ कि सिर्फ सच्ची कहानियाँ ही लिखूँगा।.

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी और मेरी वैदेही की चुदाई कथा? मुझे तो खूब मजा आया अपनी गर्लफ्रेंड को चोद कर!आप अपने सुझाव मुझे अपने मेल में जरूर लिखें. बस फिर तो ऐसा लगा कि जंग जीत ली, क्योंकि पापाजी मेरी चूचियों को मसलने लगे, पर उनमें से दूध न निकलने लगे इसलिए उन्होंने डोडियों को नहीं मसला. ? रूबी को पूरी तरह से मस्त होते देख कर मेरा हौसला बढ़ गया।मैंने कहा- रूबी मेरी जान… मज़ा आ रहा है ना?‘हाँ जान.